Tuesday, September 1st, 2026

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मामूली सर्दी-जुकाम समझकर न करें नजरअंदाज, ये लक्षण हो सकते हैं साइनस संक्रमण के संकेत

Monthly Archives: September 2026

मामूली सर्दी-जुकाम समझकर न करें नजरअंदाज, ये लक्षण हो सकते हैं साइनस संक्रमण के संकेत

बदलते मौसम में नाक बंद होना, छींक आना और सिरदर्द जैसी परेशानियां आम हैं। अक्सर लोग इन्हें सामान्य सर्दी-जुकाम मानकर घरेलू उपायों से ठीक होने का इंतजार करते हैं। हालांकि, अगर नाक बंद रहने के साथ चेहरे पर दबाव, गाढ़ा बलगम या सिर में लगातार दर्द बना हुआ है और समस्या कई दिनों तक दूर नहीं हो रही, तो मामला साइनस संक्रमण का भी हो सकता है। ऐसे लक्षणों को लंबे समय तक नजरअंदाज करना परेशानी को बढ़ा सकता है।

साइनस हमारी खोपड़ी के अंदर आंखों, नाक, माथे और गालों के आसपास मौजूद हवा से भरी छोटी-छोटी गुहाएं होती हैं। इनका संबंध सांस लेने और आवाज की गूंज से भी होता है। सामान्य स्थिति में इनकी अंदरूनी सतह बलगम बनाती है, जो छोटे मार्गों के जरिए नाक तक पहुंचकर बाहर निकल जाता है। लेकिन सूजन आने पर इन रास्तों में रुकावट पैदा हो सकती है और बलगम जमा होने लगता है।

कैसे शुरू होती है साइनस की समस्या?

साइनस संक्रमण की शुरुआत कई बार सामान्य वायरल सर्दी-जुकाम के बाद होती है। संक्रमण या एलर्जी के कारण नाक और साइनस की अंदरूनी परत में सूजन आ जाती है। इससे बलगम बाहर निकलने में परेशानी होती है और साइनस के भीतर दबाव बढ़ने लगता है।

अधिकतर मामलों में संक्रमण वायरस से जुड़ा होता है, जबकि कुछ परिस्थितियों में बैक्टीरिया भी इसकी वजह बन सकते हैं। इसके अलावा नाक की अंदरूनी संरचना में बदलाव, जैसे नाक की हड्डी का टेढ़ापन, भी बार-बार होने वाली साइनस की समस्या में भूमिका निभा सकता है।

किन संकेतों से पहचानें साइनस संक्रमण?

साइनस की परेशानी होने पर नाक और चेहरे के आसपास इसके लक्षण ज्यादा स्पष्ट नजर आ सकते हैं। नाक लंबे समय तक बंद रहना, गाढ़ा या ज्यादा मात्रा में नाक का स्राव, सिर में दर्द और चेहरे पर दबाव महसूस होना इसके प्रमुख संकेत हैं।

कुछ लोगों में गालों, माथे या आंखों के आसपास दर्द या भारीपन महसूस हो सकता है। इसके साथ सूंघने की क्षमता कमजोर पड़ना, गले में बलगम पहुंचना, खांसी और थकान जैसी शिकायतें भी हो सकती हैं। कभी-कभी स्वाद महसूस करने की क्षमता में भी बदलाव आ सकता है।

अगर लक्षण लगातार बने रहें, बार-बार वापस आएं या समय के साथ ज्यादा गंभीर होते जाएं, तो डॉक्टर से जांच और उचित सलाह लेना बेहतर रहता है।

किन लोगों में ज्यादा हो सकता है खतरा?

जिन लोगों को बार-बार सर्दी-जुकाम, एलर्जी या नाक बंद होने की शिकायत रहती है, उनमें साइनस से जुड़ी समस्या होने की संभावना बढ़ सकती है। नाक के रास्ते में लगातार रुकावट या उसकी संरचना से जुड़ी परेशानी भी जोखिम बढ़ा सकती है।

इसके अलावा धूल, धुआं और वायु प्रदूषण के संपर्क में ज्यादा रहने से नाक की अंदरूनी परत में जलन और सूजन हो सकती है। फफूंद, धूल या अन्य एलर्जेन से संवेदनशील लोगों में भी साइनस की समस्या दोबारा होने की आशंका रहती है।

बचाव के लिए किन बातों का रखें ध्यान?

साइनस की परेशानी से बचने के लिए शरीर को पर्याप्त हाइड्रेटेड रखना, व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना और धूल-धुएं तथा प्रदूषित वातावरण से यथासंभव दूरी बनाना उपयोगी हो सकता है। जिन चीजों से एलर्जी होती है, उनसे बचना भी जरूरी है।

नाक बंद होने पर कुछ लोगों को भाप लेने से थोड़ी देर के लिए राहत महसूस हो सकती है, लेकिन बहुत गर्म भाप लेने से त्वचा या सांस की नली को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। इसलिए घरेलू उपायों को इलाज का विकल्प नहीं मानना चाहिए। यदि लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं या बिगड़ रहे हैं, तो विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे उचित कदम है।

नोट: यह लेख उपलब्ध मेडिकल रिपोर्ट्स और सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लगातार बने रहने पर चिकित्सकीय सलाह जरूर लें।

(साभार)


गोरखपुर में पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़, सिपाही को लगी गोली; जवाबी फायरिंग में बदमाश घायल

गोरखपुर। पिपराइच थाना क्षेत्र के जंगल धूषण तिराहे पर मंगलवार तड़के संदिग्ध वाहनों की चेकिंग के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। आरोप है कि रोकने पर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से एक सिपाही घायल हो गया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के बाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।

एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब तीन बजे पिपराइच थाना पुलिस और एंटी थेफ्ट सेल की संयुक्त टीम जंगल धूषण तिराहे पर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान पादरी बाजार की ओर से स्कूटी सवार दो संदिग्ध आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया तो दोनों ने स्कूटी मोड़कर भागने का प्रयास किया। इसी दौरान स्कूटी अनियंत्रित होकर गिर गई।

पुलिस के अनुसार, टीम ने स्कूटी सवार को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन उसने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से सिपाही हनुमान घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें बदमाश के बाएं पैर में गोली लगी और वह मौके पर गिर गया। पुलिस ने उसे तत्काल हिरासत में ले लिया।

पकड़े गए बदमाश की पहचान मुमताज अहमद उर्फ राजू, निवासी निजामपुर, तिवारीपुर के रूप में हुई है। वहीं उसका साथी सरफराज पुत्र मासेउल्लाह, निवासी बक्शीपुर, थाना कोतवाली, अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला। पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है।

घायल मुमताज को प्राथमिक उपचार के लिए सीएचसी पिपराइच ले जाया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से 315 बोर का तमंचा, एक खोखा, एक जिंदा कारतूस, 2,200 रुपये नकद और स्कूटी बरामद की है।

पुलिस के मुताबिक, बरामद स्कूटी और अन्य सामान पिपराइच थाने में दर्ज तीन नकबजनी के मामलों से संबंधित हैं। गिरफ्तार आरोपित के खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में चोरी, लूट, चोरी का माल रखने, एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत 14 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब फरार आरोपित सरफराज की गिरफ्तारी के साथ ही मुठभेड़ और चोरी की घटनाओं से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।


गोरखपुर में आधी रात घर में घुसे 4 नकाबपोश, नौ माह की बच्ची की गर्दन पर चाकू रखकर लूटे 5 लाख के जेवर

गोरखपुर। पीपीगंज थाना क्षेत्र के तिघरा गांव में सोमवार देर रात चार नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर करीब पांच लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण लूट लिए। बदमाशों ने घर में मौजूद महिला की नौ माह की बच्ची को उसकी गोद से छीन लिया और उसकी गर्दन पर चाकू रखकर जान से मारने की धमकी दी। बच्ची की सुरक्षा को देखते हुए महिला ने विरोध नहीं किया और बदमाशों को घर में रखे जेवर सौंप दिए।

बताया गया कि सोमवार रात करीब एक बजे चार नकाबपोश बदमाश करन गुप्ता के घर में घुस आए। उस समय उनकी पत्नी पूजा अपनी नौ माह की बच्ची के साथ मौजूद थीं। बदमाशों ने बच्ची को मां की गोद से छीनकर उसकी गर्दन पर चाकू लगा दिया। इसके बाद महिला को धमकाते हुए घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण निकालने के लिए मजबूर किया।

डर के कारण पूजा ने आलमारी और बक्से में रखे जेवर बदमाशों के हवाले कर दिए। आरोप है कि बदमाशों ने महिला के शरीर से भी झुमके, नाक की कील और मंगलसूत्र उतरवा लिया। इसके बाद सभी बदमाश मौके से फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस रात करीब दो बजे मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है।

वहीं, सुबह करीब 10 बजे तक फोरेंसिक टीम के मौके पर नहीं पहुंचने को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए। पुलिस बदमाशों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आसपास के इलाकों में जांच कर रही है।


अल्मोड़ा में मकान ढहने से तीन लोगों की मौत, SDRF ने किए शव बरामद

अल्मोड़ा। सोमेश्वर थाना क्षेत्र के ग्राम वडयूडा में मंगलवार सुबह एक मकान अचानक ढहने से बड़ा हादसा हो गया। मकान के मलबे में दबने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही SDRF की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय पुलिस व ग्रामीणों के साथ मिलकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

जानकारी के अनुसार, सुबह डीसीआर/आपदा से सूचना मिली कि ग्राम वडयूडा में एक मकान ढह गया है और कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। सूचना मिलते ही सरियापानी पोस्ट से उपनिरीक्षक पंकज डंगवाल के नेतृत्व में SDRF टीम रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर पहले सड़क पर मलबा आने के कारण मार्ग बंद मिला। इसके बाद SDRF जवान आवश्यक उपकरण लेकर पैदल ही घटनास्थल तक पहुंचे। मौके पर पहुंचने के बाद टीम ने स्थानीय ग्रामीणों, फायर सर्विस और जिला पुलिस के साथ समन्वय कर मलबे में सघन तलाशी एवं रेस्क्यू अभियान चलाया।

काफी प्रयास के बाद SDRF टीम ने मलबे से तीन लोगों के शव बरामद किए। मृतकों की पहचान प्रेमा देवी (42), पत्नी राजेंद्र राम, कल्पना आर्या (19), पुत्री राजेंद्र राम और मनीष कुमार (18), पुत्र राजेंद्र राम के रूप में हुई है।

वहीं, परिवार का एक अन्य सदस्य गुलाब राम मकान से बाहर बने कमरे में सो रहा था। मकान ढहने के दौरान वह सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहा।

SDRF टीम ने बरामद तीनों शवों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है।


बड़ी फिल्मों के बीच चमकी ‘हनुमान अंश’, बॉक्स ऑफिस पर पार किया 40 करोड़ का आंकड़ा

फिल्मों की दुनिया में कई बार ऐसी फिल्में भी कमाल कर जाती हैं, जिनसे शुरुआत में किसी बड़े प्रदर्शन की उम्मीद नहीं होती। ‘हनुमान अंश’ भी इन दिनों कुछ ऐसी ही कहानी लिख रही है। 7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई यह फिल्म शुरुआत में दर्शकों और बॉक्स ऑफिस, दोनों पर खास असर नहीं छोड़ सकी। पहले दो हफ्तों में इसकी कमाई लाखों तक सीमित रही, लेकिन तीसरे सप्ताह में फिल्म के कलेक्शन ने अचानक रफ्तार पकड़ ली।

शुरुआती दो हफ्ते रहे बेहद कमजोर

नीम करोली बाबा के जीवन से प्रेरित इस फिल्म को करीब दो करोड़ रुपये के बजट में बनाए जाने की बात सामने आई है। रिलीज के बाद शुरुआती दिनों में फिल्म की कमाई उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। रिपोर्ट्स के अनुसार, पहले दो हफ्तों में फिल्म ने करीब 1.48 करोड़ रुपये का कारोबार किया। कम दर्शक संख्या के चलते कुछ सिनेमाघरों में इसके शो भी कम कर दिए गए।

हालांकि तीसरे सप्ताह में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। फिल्म को दर्शकों का समर्थन मिलने लगा और इसके कलेक्शन में तेजी देखने को मिली।

महाराज जी के किरदार में नजर आए शोभिनाव सत्या

विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी ‘हनुमान अंश’ में अभिनेता शोभिनाव सत्या ने महाराज जी की भूमिका निभाई है। फिल्म में विहान शेज, चंदन के. आनंद, पूर्णिमा तिवारी, अनिल रास्तोगी, गुलशन पांडे, भगवानदास पटेल और राजीव मिश्रा समेत कई कलाकार अहम भूमिकाओं में दिखाई देते हैं।

फिल्म को मिल रही प्रतिक्रिया से उत्साहित शोभिनाव सत्या ने सोशल मीडिया के जरिए दर्शकों का आभार जताया। उन्होंने लोगों से फिल्म देखने के साथ-साथ अपने परिचितों तक भी इसके बारे में जानकारी पहुंचाने की अपील की, ताकि ज्यादा से ज्यादा दर्शक इससे जुड़ सकें।

भंडारे और माउथ पब्लिसिटी ने बदली तस्वीर?

‘हनुमान अंश’ की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि फिल्म का प्रमोशन बड़े बजट वाली फिल्मों की तरह नहीं किया गया। मेकर्स ने पारंपरिक प्रचार के बजाय अलग तरीके से लोगों तक पहुंच बनाने की कोशिश की। कई स्थानों पर भंडारे आयोजित किए गए और बाबा नीम करोली से जुड़ा संदेश लोगों तक पहुंचाया गया।

माना जा रहा है कि इसी दौरान फिल्म को लेकर लोगों के बीच चर्चा बढ़ी और माउथ पब्लिसिटी ने इसकी पहुंच को मजबूत किया। धीरे-धीरे दर्शक सिनेमाघरों तक पहुंचने लगे और फिल्म के बॉक्स ऑफिस आंकड़ों में भी इसका असर दिखाई देने लगा। हालांकि फिल्म की सफलता की वजह को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं, लेकिन इतना जरूर है कि तीसरे सप्ताह में इसके प्रदर्शन ने सभी का ध्यान खींचा है।

फिल्म ‘हनुमान अंश’ सात अगस्त को रिलीज हुई थी। इसने अपने कलेक्शन से लोगों को चौंकाया है। शुरुआत में इसकी कमाई धीमी रही। बाद में इसकी कमाई में उछाल आया। 24वें दिन इसने सबसे ज्यादा 12.75 करोड़ रुपये की कमाई की। 25वें दिन इसकी कमाई घटी और इसने 5.15 करोड़ रुपये कमाए हैं। फिल्म का टोटल कलेक्शन 45.28 करोड़ रुपये हो गया है।

बड़ी फिल्मों के बीच बनाई अपनी जगह

‘हनुमान अंश’ ऐसे समय में सिनेमाघरों में आई, जब बॉक्स ऑफिस पर कई बड़ी फिल्मों का दबदबा था। बॉलीवुड की ‘बंटवारा 1947’ और ‘आवारापन 2’ जैसी फिल्मों के साथ हॉलीवुड की ‘स्पाइडर मैन 4’ भी दर्शकों की पसंद बनी हुई थी। इसके बाद पैन इंडिया फिल्म ‘टॉक्सिक’ ने भी सिनेमाघरों में दस्तक दी।

इन बड़ी फिल्मों के बीच सीमित बजट वाली ‘हनुमान अंश’ का धीरे-धीरे दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाना फिल्म के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इसकी कहानी यह भी दिखाती है कि मजबूत माउथ पब्लिसिटी और दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया कई बार बड़े स्टार्स और भारी-भरकम प्रमोशनल बजट वाली फिल्मों को भी चुनौती दे सकती है।

(साभार)


गोरखपुर रेलवे कॉलोनी में दिनदहाड़े चोरी, दो घंटे में घर का दरवाजा तोड़ नकदी-आभूषण ले गए चोर

गोरखपुर। रेलवे कॉलोनी में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। सोमवार को कौवाबाग पुलिस चौकी से कुछ दूरी पर स्थित रेलवे कर्मचारी के आवास में चोरों ने दिनदहाड़े वारदात को अंजाम दिया। महज दो घंटे के भीतर पीछे का दरवाजा तोड़कर चोर नकदी, आभूषण और घरेलू सामान लेकर फरार हो गए। घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवारों में दहशत का माहौल है। शाहपुर थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

वारदात रेलवे कॉलोनी स्थित आवास संख्या 565-बी में हुई। यहां रेलवे में कामर्शियल इंस्ट्रक्टर के पद पर तैनात पुरेंदु कुमार रहते हैं। उनकी पत्नी की तबीयत खराब होने के कारण रेलवे अस्पताल में इलाज चल रहा है। सोमवार सुबह करीब 10 बजे पुरेंदु कुमार पत्नी को देखने अस्पताल गए थे। करीब दोपहर 12 बजे जब वह घर लौटे तो पीछे का फाटक टूटा मिला।

घर के अंदर पहुंचने पर सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था। जांच करने पर करीब पांच हजार रुपये नकद, चांदी की पायल, बिछिया, चांदी का सिक्का, पीतल के बर्तन और कुछ सोने के आभूषण गायब मिले। इसके बाद उन्होंने पुलिस को घटना की सूचना दी।

पुलिस चौकी के बेहद करीब दिन के समय हुई चोरी की इस घटना ने रेलवे कॉलोनी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि कॉलोनी में इससे पहले भी चार आवासों में चोरी हो चुकी है। आरोप है कि इन घटनाओं का अब तक खुलासा नहीं हो सका है।

लगातार हो रही वारदातों के बीच दिनदहाड़े घर में घुसकर चोरी किए जाने से रेलकर्मियों की चिंता और बढ़ गई है। कर्मचारियों ने कॉलोनी की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और पूर्व की चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा करने की मांग की है।

शहर में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और उनका खुलासा करने के लिए एंटी थेफ्ट सेल का गठन किया गया है। शहर के उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग टीमें भी बनाई गई हैं। ऐसे में रेलवे कॉलोनी में लगातार चोरी की घटनाएं होने और पुरानी वारदातों का खुलासा नहीं होने से एंटी थेफ्ट सेल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि रेलवे कॉलोनी में हुई चोरी की घटना की जांच कराई जा रही है। पुलिस जल्द ही मामले का पर्दाफाश करेगी।


प्रेमनगर में बरसाती नाले के तेज बहाव में बही क्रेटा, दो की मौत

SDRF ने एक युवती को घायल अवस्था में किया रेस्क्यू

देहरादून। प्रेमनगर थाना क्षेत्र में देर रात तेज बरसाती बहाव की चपेट में आने से एक क्रेटा कार बह गई। हादसे के वक्त कार में एक युवक और दो युवतियां सवार थीं। सूचना मिलते ही SDRF की टीम मौके पर पहुंची और रातभर सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाया। अभियान के दौरान एक युवती को घायल अवस्था में सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि युवक और एक अन्य युवती के शव बरामद किए गए।

जानकारी के अनुसार, देर रात लोअर कंडोली-पौंधा रोड स्थित कंडोली पुल के पास क्रेटा कार संख्या RJ 13 CE 5641 तेज बरसाती बहाव में बह गई। घटना की सूचना मिलने पर डाकपत्थर से अपर उप निरीक्षक सुरेश तोमर के नेतृत्व में SDRF टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

मौके पर पहुंचते ही SDRF जवानों ने विपरीत परिस्थितियों के बीच सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। तेज बहाव और अंधेरे के बावजूद टीम ने आसपास के इलाके में लगातार तलाशी अभियान चलाया।

सर्चिंग के दौरान घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर सहज पुत्री गुलशन बवेजा घायल अवस्था में मिलीं। SDRF टीम ने उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाला और प्राथमिक कार्रवाई के बाद पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

इसके बाद तलाशी अभियान के दौरान कार में सवार अक्षय पुत्र मुकेश, उम्र 20 वर्ष, निवासी जयपुर, राजस्थान और एक अन्य युवती का शव बरामद किया गया। दोनों शवों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

SDRF टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में भी सर्चिंग अभियान चलाया। तेज बरसाती बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने पूरी रात लगातार रेस्क्यू और तलाशी अभियान जारी रखा।


244 ग्राम MDMA के साथ तीन गिरफ्तार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 25 लाख रुपये

टनकपुर। उत्तराखंड में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत STF की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की कुमाऊं यूनिट को बड़ी सफलता मिली है। STF और कोतवाली टनकपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 244.06 ग्राम MDMA बरामद हुई है। पुलिस के अनुसार बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत करीब 25 लाख रुपये आंकी गई है। इसे वर्ष 2026 में उत्तराखंड में अब तक की सबसे बड़ी MDMA बरामदगी बताया जा रहा है।

यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान के तहत पुलिस महानिदेशक के निर्देशों के क्रम में की गई। STF के वरिष्ठ अधिकारियों ने ANTF को मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने और राज्यभर में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

इसी क्रम में ANTF कुमाऊं यूनिट ने तकनीकी और मैनुअल इनपुट के आधार पर तस्करी से जुड़ी जानकारी जुटाई। सूचना की पुष्टि के बाद कोतवाली टनकपुर पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपितों को दबोच लिया गया। उनके पास से 244.06 ग्राम MDMA और एक TVS मोटरसाइकिल बरामद हुई।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों की पहचान इमरान, आशीष और अभिषेक, तीनों निवासी रुद्रपुर, ऊधमसिंहनगर के रूप में की है। आरोपितों से पूछताछ के साथ STF अब उनके फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज खंगाल रही है। इसका उद्देश्य MDMA की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों और पूरे तस्करी नेटवर्क का पता लगाना है।

बरामदगी:

  • 244.06 ग्राम MDMA
  • एक TVS मोटरसाइकिल

कार्रवाई में शामिल टीमें:
STF ANTF टीम में निरीक्षक पावन स्वरूप, SI विपिन जोशी, SI विनोद जोशी, SI जगदीप नेगी, HC किशोर कुमार, HC वीरेंद्र चौहान और आरक्षी इसरार अहमद शामिल रहे। वहीं कोतवाली टनकपुर पुलिस टीम में निरीक्षक चेतन रावत, SI जितेंद्र बिष्ट और HC कमल कुमार शामिल रहे।


SIR को लेकर CDO अभिनव शाह ने की समीक्षा बैठक

जिले में जारी नोटिसों के सापेक्ष 96 प्रतिशत से अधिक मामलों में सुनवाई पूर्ण

देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड के निर्देशों के तहत जिले में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मतदाता सूची से जुड़े एनोमली, नो मैपिंग, नोटिस और दावे-आपत्तियों के निस्तारण की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में बताया गया कि जिले की 10 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए कुल 11,90,805 मतदाताओं का ड्राफ्ट रोल तैयार किया गया है। इनमें 3,95,772 मतदाताओं के विवरण में एनोमली और 1,52,170 मामलों में नो मैपिंग सामने आई है। इन दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 5,47,942 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि जारी नोटिस के सापेक्ष अब तक 5.25 लाख से अधिक मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है। यानी करीब 96 प्रतिशत मामलों का निस्तारण सुनवाई के स्तर पर किया जा चुका है। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने शेष मामलों में भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुनवाई और आवश्यक कार्रवाई जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाना जरूरी है। खासकर नो मैपिंग और एनोमली से जुड़े मामलों में अभिलेखों का उचित सत्यापन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई करने को कहा गया।

59,978 दावे-आपत्तियां प्राप्त

बैठक में 15 जुलाई से 13 अगस्त 2026 के बीच प्राप्त प्रारूप-6, 7 और 8 के दावों एवं आपत्तियों की भी समीक्षा की गई। इस अवधि में कुल 59,978 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें प्रारूप-6 के 39,025, प्रारूप-7 के 10,235 और प्रारूप-8 के 10,718 आवेदन शामिल हैं।

मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी दावों और आपत्तियों का नियमानुसार परीक्षण कर उनका गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने क्षेत्र में तैनात कार्मिकों के कार्य की नियमित निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से प्रभावित न हो।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में निर्वाचन की शुचिता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम किया जाए, ताकि पात्र मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रहें।

बैठक में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र देवली के अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सीपीआई (एम) से अनंत आकाश, कांग्रेस से सुनील जायसवाल, बसपा से सतेंद्र सिंह, भीम राव और सतेंद्र चोपड़ा सहित संबंधित निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) ऑनलाइन माध्यम से बैठक में जुड़े।


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