Tuesday, September 1st, 2026

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संभावित संक्रामक बीमारियों की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

Monthly Archives: September 2026

संभावित संक्रामक बीमारियों की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

देहरादून- आगामी दिनों में संभावित संक्रामक बीमारियों एवं उनके संक्रमण की रोकथाम तथा प्रभावी नियंत्रण को लेकर महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तराखण्ड डॉ. सुनीता टम्टा द्वारा आज प्रदेश के समस्त मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों (सीएमएस) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की गई।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान डॉ. सुनीता टम्टा ने सभी सीएमओ एवं सीएमएस को अपने-अपने जनपदों में संभावित संक्रामक बीमारियों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने तथा चिकित्सालयों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में संभावित बीमारियों एवं उनके संक्रमण की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा किसी भी प्रकार की असामान्य स्थिति सामने आने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

महानिदेशक ने सभी जनपदों के चिकित्सालयों, स्वास्थ्य केंद्रों एवं संबंधित स्वास्थ्य इकाइयों में आवश्यक दवाओं, जांच सुविधाओं, चिकित्सा उपकरणों एवं अन्य जरूरी व्यवस्थाओ की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों को संक्रमण की रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानियों एवं निर्धारित प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने हेतु निर्देशित किया गया।

उन्होंने कहा कि संक्रामक बीमारियों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए समयबद्ध निगरानी, त्वरित उपचार, प्रभावी सर्विलांस तथा जन-जागरूकता अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी स्थिति पर सतत निगरानी रखते हुए आवश्यकता के अनुसार तत्काल प्रभावी कदम उठाएं।

महानिदेशक ने आमजन से भी अपील की कि किसी भी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं उपचार करने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा चिकित्सालय में चिकित्सकीय परामर्श लें तथा संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों का पालन करें।

बैठक में निदेशक (चिकित्सा स्वास्थ्य) डॉ. शिखा जंगपांगी, संयुक्त निदेशक डॉ. प्रीति पंत, अपर निदेशक (प्रशासन) डॉ. मनु जैन, संयुक्त निदेशक डॉ. वी.पी. सिंह, सहायक निदेशक डॉ पंकज कुमार सिंह, सहायक निदेशक डॉ. जितेन्द्र जोशी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


टनकपुर में ‘खेल महाकुंभ 2026’ का भव्य आगाज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और खेल मंत्री रेखा आर्या ने किया शुभारंभ

टनकपुर (चंपावत)। उत्तराखंड को ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करने और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की छिपी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से मंगलवार को ‘खेल महाकुंभ-2026’ एवं मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी का भव्य आगाज हुआ। चंपावत जिले के टनकपुर स्थित स्व. कैलाश चंद्र गहतोड़ी स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित इस राज्य स्तरीय समारोह का औपचारिक शुभारंभ प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने दीप प्रज्वलित कर किया।

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने उत्कृष्ट खिलाड़ी गहना महर को मशाल सौंपकर प्रतियोगिताओं की शुरुआत की। इस दौरान प्रतिभागियों द्वारा योगासन और उत्तराखंड के पारंपरिक खेल ‘मुर्गा झपट’ की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं तथा खिलाड़ियों को पूर्ण खेल भावना की शपथ दिलाई गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “राज्य को देवभूमि के साथ-साथ एक मजबूत ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करना और युवाओं के स्वर्णिम भविष्य को संवारना हमारी सरकार का मुख्य संकल्प है।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने कहा, “न्याय पंचायत स्तर की यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों के करियर की सबसे बुनियादी और महत्वपूर्ण सीढ़ी है, जहाँ से सफलता प्राप्त कर ग्रामीण व दूरदराज क्षेत्रों के बच्चे ब्लॉक और जिला स्तर से होते हुए राज्य स्तरीय ‘मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी’ तक अपनी पहुँच बना रहे हैं। इस पूरी चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है, ताकि हर प्रतिभावान बच्चा बिना किसी सिफारिश के केवल अपनी क्षमता और हुनर के बल पर राज्य और राष्ट्रीय मंचों तक पहुँच सके।”

खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा, “राज्य सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और खेल सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर ऐतिहासिक कदम उठा रही है। नैनीताल के हल्द्वानी में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना और लोहाघाट में देश के पहले ‘गर्ल्स स्पोर्ट्स कॉलेज’ का निर्माण जैसे अभूतपूर्व निर्णय हमारी बालिकाओं और युवाओं के करियर निर्धारण में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था और ‘आउट ऑफ टर्न’ नियुक्तियाँ देकर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया गया है।”

उन्होंने खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा, “सभी युवा खिलाड़ी राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 के ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर तिरंगा लहराने का लक्ष्य निर्धारित करें।

राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने वाले खिलाड़ियों के लिए ₹1 लाख की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि घोषित की गई है। प्रतियोगिता में समग्र (ओवरऑल) चैंपियन बनने वाली टीम को मुख्यमंत्री ट्रॉफी के साथ ₹5 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी।”

चार चरणों में होगा प्रतियोगिताओं का आयोजन:

खेल महाकुंभ का चरणबद्ध शेड्यूल निर्धारित किया गया है:

न्याय पंचायत स्तर (स्थानीय जनप्रतिनिधि स्पर्धा): 01 से 10 सितंबर (अंडर-14 एवं अंडर-19)

विधानसभा स्तर (विधायक चैंपियंस ट्रॉफी): 11 से 20 सितंबर

संसदीय क्षेत्र स्तर (सांसद चैंपियंस ट्रॉफी): 21 से 30 सितंबर

राज्य स्तर (मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी): 10 से 30 अक्टूबर

इस बार महाकुंभ में आधुनिक खेल स्पर्धाओं के साथ-साथ पारंपरिक खेलों—जैसे मुर्गा झपट, पिट्टू, मल्लखम्ब, कंचा और रस्साकस्सी को भी विशेष रूप से शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के तहत महिला ओपन (20-25 आयु वर्ग) और दिव्यांगजन (महिला/पुरुष ओपन) श्रेणियों के लिए भी विभिन्न स्पर्धाएं आयोजित होंगी।

इस अवसर पर खेल विभाग के विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, खेल निदेशक दीप्ति सिंह, जिलाधिकारी मनीष कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी आदि उपस्थित रहे।


यूपी-112 डेटा और Google Map से वाहन चोर गिरोह का खुलासा, पांच गिरफ्तार; 12 वाहन बरामद

हाथरस। हाथरस पुलिस ने यूपी-112 के डेटा और Google Map के जरिए वाहन चोरी के हॉटस्पॉट चिन्हित कर एक अंतर्जनपदीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। SOG और कोतवाली नगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। उनकी निशानदेही पर चोरी की 11 मोटरसाइकिल और एक स्कूटी, यानी कुल 12 दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं।

एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा के अनुसार, पिछले तीन से चार महीनों में जिले में हुई वाहन चोरी की घटनाओं का यूपी-112 के रिकॉर्ड के आधार पर विश्लेषण किया गया। पुलिस ने जिन इलाकों में लगातार अधिक घटनाएं सामने आईं, उन्हें Google Map पर चिन्हित कर हॉटस्पॉट मैपिंग तैयार की।

इन संवेदनशील स्थानों पर पुलिस ने निगरानी बढ़ाने के साथ संदिग्ध लोगों और वाहनों की चेकिंग शुरू की। इसी दौरान पुलिस को वाहन चोरी गिरोह के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले। जांच आगे बढ़ने पर SOG और कोतवाली नगर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपितों ने पुलिस को बताया कि चोरी किए गए वाहनों को किला खाई क्षेत्र में छिपाकर रखा जाता था। इसके बाद वाहनों के पुर्जे अलग-अलग कर उन्हें कबाड़ में बेच दिया जाता था। पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर 11 मोटरसाइकिल और एक स्कूटी बरामद की है।

पुलिस अब बरामद वाहनों के आधार पर जिले और आसपास के क्षेत्रों में हुई अन्य वाहन चोरी की घटनाओं से इनके कनेक्शन की जांच कर रही है। साथ ही गिरफ्तार आरोपितों के आपराधिक इतिहास और गिरोह में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।


पुलिस की वर्दी और सर्विस रिवॉल्वर लेकर बनाई रील, सोशल मीडिया पर वायरल होते ही युवक गिरफ्तार

सूर्यगढ़ा (लखीसराय)। सुरक्षा ड्यूटी में तैनात पीटीसी (प्रमोशन ट्रेनिंग कोर्स) के पुलिस जवान की वर्दी और सर्विस रिवॉल्वर लेकर सोशल मीडिया पर रील बनाना एक युवक को भारी पड़ गया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपित युवक को गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तार युवक की पहचान नवादा जिले के रूपो थाना क्षेत्र के चहल गांव निवासी सुधांशु कुमार के रूप में हुई है। बताया गया है कि वह सुरक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिस जवान संतोष कुमार का साढ़ू का बेटा है और उनका वाहन भी चलाता है।

मामले को लेकर पीटीसी जवान सुमित कुमार ने थाने में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के मुताबिक, जिला अभियोजन कार्यालय के आदेश के तहत रामपुर गांव निवासी अरुण कुमार सिंह के पुत्र संतोष कुमार की सुरक्षा में 23 मई 2026 से पुलिस जवानों की प्रतिनियुक्ति की गई थी।

बताया गया कि संतोष कुमार 20 से 26 अगस्त तक आकस्मिक अवकाश पर थे। छुट्टी समाप्त होने के बाद ड्यूटी पर लौटने के करीब तीन दिन बाद पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया पर एक वीडियो के बारे में जानकारी मिली। वीडियो में सुधांशु कुमार पुलिस जवान की वर्दी पहने हुए और सामने सर्विस रिवॉल्वर रखकर रील बनाता दिखाई दे रहा था।

आरोप है कि युवक ने यह वीडियो ‘एएलओके राज’ नाम की इंस्टाग्राम आईडी से सोशल मीडिया पर प्रसारित किया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग की वर्दी और सरकारी हथियार के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया।

शिकायत के अनुसार, संतोष कुमार को जिला परिषद में लकड़ी की अलमारी रखने के लिए निर्देशित किया गया था। इस अलमारी की चाबी पीटीसी जवान सुमित कुमार के अलावा सुधांशु के पास भी रहती थी। आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर उसने कथित तौर पर चोरी-छिपे पुलिस की वर्दी और सर्विस रिवॉल्वर निकाल लिया और हथियार के साथ रील बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दी।

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सुधांशु कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।


ऋषिकेश में नाबालिग से दुष्कर्म का मामला, मुख्य आरोपी समेत होटल मैनेजर और संचालक गिरफ्तार

होटल के लाइसेंस निरस्तीकरण हेतु मजिस्ट्रेट को भेजी रिपोर्ट

ऋषिकेश। ऋषिकेश में 16 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समेत होटल मैनेजर और संचालक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, नाबालिग को बहला-फुसलाकर होटल ले जाया गया था, जहां उसके साथ मारपीट और दुष्कर्म किया गया। घटना के बाद तबीयत बिगड़ने पर पीड़िता को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस के अनुसार, 30 अगस्त को पीड़िता के परिजनों की ओर से कोतवाली ऋषिकेश में शिकायत दी गई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुजफ्फरनगर निवासी 21 वर्षीय सोफियान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

हरिद्वार में दबोचा गया मुख्य आरोपी

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर कोतवाली ऋषिकेश में पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी। इसी दौरान 31 अगस्त को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने सोफियान को हरिद्वार क्षेत्र में सिंहद्वार फ्लाईओवर के नीचे से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोटोरोला कंपनी का मोबाइल फोन भी बरामद किया। पुलिस का दावा है कि मोबाइल की जांच के दौरान घटना के समय पीड़िता की बनाई गई फोटो और वीडियो भी मिले हैं।

होटल प्रबंधन की भूमिका भी जांच में आई सामने

जांच और आरोपी से पूछताछ के दौरान पुलिस को होटल प्रबंधन की भूमिका से जुड़े कई अहम तथ्य मिले। पुलिस के मुताबिक, नाबालिग को होटल में बिना उचित पहचान और सत्यापन के प्रवेश दिया गया था। आवश्यक रजिस्टर में भी उसकी एंट्री नहीं की गई थी।

पुलिस का कहना है कि होटल प्रबंधन को घटना की जानकारी होने के बावजूद संबंधित पुलिस या सहायता एजेंसी को सूचना नहीं दी गई। इसके अलावा, पीड़िता को होटल से बाहर ले जाते समय होटल के सीसीटीवी कैमरे बंद किए जाने की बात भी जांच में सामने आई।

होटल मैनेजर और संचालक भी गिरफ्तार

जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने होटल मैनेजर वैभव गुप्ता और संचालक राहुल अग्रवाल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पूछताछ और विवेचना के दौरान दोनों की कथित संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट की अतिरिक्त धाराओं के साथ बीएनएस की संबंधित धाराएं भी बढ़ाई हैं। इस कार्रवाई के बाद इस प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है।

होटल का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि संबंधित होटल के लाइसेंस को निरस्त करने के लिए सराय एक्ट के तहत उप जिलाधिकारी ऋषिकेश को रिपोर्ट भेज दी गई है। मामले में पुलिस आगे भी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।

गिरफ्तार आरोपी:

सोफियान (21) — निवासी ग्राम गढ़ी, थाना जानसठ, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
वैभव गुप्ता (34) — होटल मैनेजर, ऋषिकेश
राहुल अग्रवाल (36) — होटल संचालक, ऋषिकेश

पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई करने वाली टीम में कोतवाली ऋषिकेश के प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट, वरिष्ठ उपनिरीक्षक नवीन जोशी समेत उपनिरीक्षक विकसित पंवार, राजकुमार, निखलेश बिष्ट, महिला उपनिरीक्षक ज्योति शर्मा और अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।


बिजली तार लूट की निकली फर्जी कहानी, कर्मचारी समेत 7 गिरफ्तार; 9.80 क्विंटल तार बरामद

बहजोई । कैलादेवी क्षेत्र में बिजली के तार की कथित लूट के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए कर्मचारी समेत सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि जिस कर्मचारी ने खुद को बंधक बनाकर गोदाम से करीब 30 क्विंटल तार लूटे जाने की सूचना दी थी, वही कथित तौर पर पूरी साजिश का मास्टरमाइंड था। सौदे में हिस्सा नहीं मिलने पर उसने अपने साथियों को फंसाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए लूट की झूठी कहानी रची।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के कब्जे से 9.80 क्विंटल कटा हुआ एल्युमिनियम तार, तार काटने के उपकरण और 25 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। मामले में छह अन्य वांछित आरोपितों की तलाश की जा रही है।

एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी के मुताबिक, गोरखपुर निवासी आनंद शुक्ला शकरपुर गांव के पास सड़क चौड़ीकरण और बिजली लाइन शिफ्टिंग का काम कर रही एक निजी कंपनी के गोदाम में कर्मचारी था। आनंद ने 28 अगस्त को पुलिस को सूचना दी थी कि 27 अगस्त की रात बदमाशों ने उसे बंधक बनाकर गोदाम से करीब 30 क्विंटल बिजली का तार लूट लिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच के लिए चार टीमें गठित कीं। जांच के दौरान आनंद के बयानों में कई विरोधाभास मिले। इसके बाद पुलिस का शक उस पर गहराने लगा। पूछताछ में कथित तौर पर उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।

पुलिस जांच के अनुसार, आनंद ने आठ अगस्त को संभल निवासी गौतम सिंह से संपर्क कर तार बेचने की योजना बनाई थी। गौतम ने दिल्ली के खरीदारों से सौदा तय कराया। 27 अगस्त की रात आनंद ने कथित तौर पर गोदाम से तार कटवाकर वाहनों के जरिए दिल्ली भिजवा दिया।

हालांकि, दिल्ली में माल की एंट्री नहीं मिलने के कारण सौदा रद्द हो गया और साथी तार लेकर वापस लौटने लगे। पुलिस के मुताबिक, सौदे में तय हिस्सा नहीं मिलने पर आनंद ने अपने साथियों को फंसाने के लिए खुद को बंधक बनाए जाने और तार लूटे जाने की कहानी गढ़ दी।

पुलिस ने लोकेशन ट्रैकिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एक सितंबर को भटौला अंडरपास के पास से सात आरोपितों को गिरफ्तार किया। इनमें अली खान, शमशुल, खुशनूद अली, गौतम सिंह, पुष्पेंद्र, अरशद और आनंद शुक्ला शामिल हैं।

जांच में यह भी सामने आया कि आनंद इससे पहले 24 जुलाई को अरशद को 27 हजार रुपये में दो क्विंटल तार बेच चुका था। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 9.80 क्विंटल कटा हुआ एल्युमिनियम तार, कटाई के उपकरण और नकदी बरामद की है।

पुलिस अब मामले में शामिल शेरे पठान समेत छह अन्य वांछित आरोपितों की तलाश में दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि बरामदगी और पूछताछ के आधार पर मामले की आगे की जांच जारी है।


बकरी पालन योजना में करोड़ों की ठगी का आरोप, सहायक प्रोफेसर समेत दो दर्जन लोग हुए शिकार

दुमका। बकरी पालन योजना में निवेश कर कम समय में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर डॉ. अंजुला मुर्मू समेत करीब दो दर्जन लोगों से लगभग 1.37 करोड़ रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर नगर विश्वविद्यालय ओपी पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और रंगदारी मांगने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्राथमिकी के अनुसार, दिसंबर 2025 में बिहार के नवादा निवासी विनोद कुमार सिंह, रंजीत शर्मा, मनीष कुमार सिंह और विवेक कुमार ने ‘रियल वर्ल्ड एसेट्स’ नाम की कंपनी की बकरी पालन परियोजना में निवेश का प्रस्ताव दिया। आरोप है कि निवेशकों को दो तरह के पैकेज की जानकारी दी गई। एक में 13 महीने में और दूसरे में महज आठ महीने में निवेश की रकम दोगुनी करने का दावा किया गया।

आरोपियों ने निवेशकों को करीब 5 प्रतिशत और 75 प्रतिशत रिटर्न का लालच दिया और 1,000 रुपये से लेकर 15 लाख रुपये तक का निवेश कराया। इसके साथ ही कई अन्य लोगों के नाम पर भी निवेश आईडी बनाए जाने की बात सामने आई है।

डॉ. अंजुला मुर्मू का आरोप है कि शुरुआती दौर में मुख्य आरोपी विनोद कुमार सिंह ने कई बैठकें कर लोगों को योजना में निवेश के लिए तैयार किया। आरोप है कि उनकी सामाजिक छवि और समुदाय में साख का इस्तेमाल कर अन्य लोगों को भी निवेश के लिए प्रेरित किया गया।

शिकायत में विलियम जैकब, सुष्मिता सोरेन और रीता की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि इन लोगों ने प्रोफेसर के नाम का इस्तेमाल करते हुए कई आदिवासी निवेशकों को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए योजना में फंसाया।

पीड़िता के अनुसार, 13 अगस्त को कंपनी का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अचानक बंद हो गया। इसके बाद मुख्य आरोपी विनोद ने मोबाइल फोन बंद कर दिया और फरार हो गया। कंपनी का प्लेटफॉर्म बंद होने के बाद खुद को पत्रकार बताने वाले विलियम जैकब ने व्हाट्सएप पर ‘रा पब्लिक’ नाम से एक ग्रुप बनाया, जिसमें 32 सदस्यों को जोड़ा गया।

आरोप है कि विलियम जैकब अब डॉ. अंजुला मुर्मू को कंपनी की निदेशक और सुमित नायक को सिस्टम ऑपरेटर बताते हुए निवेशकों का पैसा जमा नहीं करने का आरोप लगा रहा है। वहीं डॉ. अंजुला का कहना है कि वह और सुमित नायक खुद इस कथित ठगी के शिकार हैं।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि उन्हें झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर 60 लाख रुपये की रंगदारी मांगी जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब निवेश से जुड़े दस्तावेज, लेन-देन और आरोपितों की भूमिका की जांच कर रही है।


ड्राइंग व भाषण प्रतियोगिता में झलकेगा विकसित भारत का संकल्प- डाॅ. धन सिंह रावत

17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक सभी शिक्षण संस्थानों में आयोजित होंगे कार्यक्रम

सूबे के सरकारी, अर्द्धसरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों के 20 लाख छात्र करेंगे प्रतिभाग

देहरादून। प्रदेशभर के शासकीय, अशासकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं को रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने तथा उनमें विकसित भारत के संकल्प को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आगामी 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जिसमें विद्यालयी, संस्कृत, तकनीकी एवं उच्च शिक्षा संस्थानों के 20 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं प्रतिभाग करेंगे। इसके लिये सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को सभी तैयारियां पूरा करने के निर्देश दे दिये गये हैं।

प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर चारों विभागों की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने विभागीय अधिकारियों को आगामी 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक प्रदेशभर में संचालित होने वाले ‘सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 25 वर्ष’ अभियान में सभी शासकीय, अशासकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि उक्त कार्यक्रम के तहत आयोजित प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्र-छात्राएं चित्रकला तथा भाषण के माध्यम से विकसित भारत के प्रति अपने विचार, सपने और संकल्प को अभिव्यक्त करेंगे। विद्यालयों में उत्कृष्ट चित्रों एवं रचनात्मक प्रस्तुतियों की प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी, जिससे बच्चों की प्रतिभा को व्यापक मंच मिल सके।

डा. रावत ने कहा कि विद्यालय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं के बाद उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जायेगा और उन्हें जिला व राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में भेजा जायेगा। जिला स्तर पर जिला शिक्षा अधिकारी प्रतियोगिताओं का आयोजन कर उत्कृष्ट प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय मंच के लिये चयनित करेंगे। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री व खुद शिक्षा मंत्री पुरस्कृत करेंगे।

विभागीय मंत्री डाॅ. रावत ने कहा कि सभी जनपदों में कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारियों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दे दिए गए हैं। साथ ही विद्यालयी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ अभियान की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रत्येक शिक्षण संस्थान तक इसकी प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने को कहा गया है।

बैठक में सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक गैरोला, सचिव विद्यालयी शिक्षा डाॅ. ज्योति यादव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा आकांक्षा कोण्डे, अपर सचिव उच्च शिक्षा मनुज गोयल, निदेशक तकनीकी शिक्षा देशराज, निदेशक माध्यमिक शिक्षा वी.पी. सिमल्टी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


रूस के ताबड़तोड़ ड्रोन-मिसाइल हमले से दहला यूक्रेन, 12 लोगों की मौत

मृतकों में भारतीय नागरिक भी शामिल

कीव। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर बड़े हवाई हमले ने तबाही मचा दी है। रूस की ओर से यूक्रेन के कई हिस्सों में रातभर किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में एक भारतीय नागरिक के भी शामिल होने की जानकारी सामने आई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने मंगलवार को हमले की जानकारी साझा करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई।

जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि हमलों में बड़ी संख्या में जेट ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। कई आवासीय इमारतों और नागरिक ढांचे को नुकसान पहुंचा है। हमले के बाद प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। राजधानी कीव और आसपास के क्षेत्रों में करीब 350 राहतकर्मी स्थिति को संभालने में जुटे हैं।

बोरिस्पिल में आवासीय इमारत को नुकसान

यूक्रेनी राष्ट्रपति के मुताबिक, बोरिस्पिल में रूस के हमले से पांच मंजिला रिहायशी इमारत क्षतिग्रस्त हो गई। यहां से करीब 50 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हमले में शहर में चार लोगों की मौत हुई, जबकि 13 लोग घायल हुए हैं।

ओडेसा और आसपास के इलाकों में भी पिछली शाम से ड्रोन और निर्देशित हवाई बमों से हमले जारी रहने की बात कही गई है। इन हमलों के कारण बड़ी संख्या में परिवारों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था को जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सीमा चौकी और निर्यात ढांचा भी निशाने पर

जेलेंस्की ने दावा किया कि रोमानिया सीमा के पास स्थित एक सीमा चौकी को भी जानबूझकर निशाना बनाया गया। इसके अलावा निर्यात से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी दी गई है।

कीव में एक रेलवे डिपो पर हुए हमले में सात लोगों की मौत का दावा किया गया है। इसके अलावा खेरसॉन, दोनेत्स्क, जापोरिज्जिया, खारकीव, चेर्निहीव, जाइटोमिर, सूमी और द्नीप्रो समेत कई क्षेत्रों में भी हमले किए जाने की जानकारी सामने आई है।

रूस पर नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने रूस पर नागरिक आबादी को भारी नुकसान पहुंचाने के इरादे से हमले करने का आरोप लगाया। जेलेंस्की ने कहा कि रूस अपने हमलों की योजना इस तरह तैयार करता है कि लोगों की जान को अधिकतम नुकसान पहुंचे। उन्होंने यूक्रेन की वायु रक्षा क्षमता को मजबूत करने के लिए सहयोगी देशों से और सहायता देने की अपील की।

जेलेंस्की के मुताबिक, रूस के हमलों में होने वाली जनहानि को कम करने के लिए यूक्रेन को लगातार सैन्य और हवाई रक्षा सहायता की जरूरत है। उन्होंने उन देशों और सहयोगियों का आभार जताया, जो यूक्रेन की रक्षा क्षमता बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।

पुतिन पर लगाया और युद्ध बढ़ाने का आरोप

इससे पहले जेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर युद्ध को आगे बढ़ाने की इच्छा रखने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि यूक्रेन और उसके सहयोगियों से मिलने वाली खुफिया जानकारी तथा रूस की गतिविधियों से संकेत मिलता है कि रूसी नेतृत्व युद्ध समाप्त करने के बजाय इसे आगे बढ़ाना चाहता है।

जेलेंस्की ने यह भी कहा था कि रूस के भीतर बड़ी संख्या में लोग संपर्क रेखा पर युद्ध रोकने के पक्ष में हो सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद रूसी नेतृत्व की ओर से युद्ध जारी रखने के संकेत मिल रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति के दूतों से भी हुई बातचीत

जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ बातचीत की थी। इस दौरान संभावित अमेरिकी राष्ट्रपति यात्रा की तारीखों सहित युद्ध की मौजूदा स्थिति पर चर्चा हुई।

जेलेंस्की ने अमेरिकी प्रतिनिधियों को युद्ध के मोर्चे की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने दावा किया कि रूस को सीमित बढ़त ही हासिल हुई है और इसके लिए उसे भारी कीमत चुकानी पड़ी है।


देहरादून की सड़कें होंगी गड्ढामुक्त, 15 सितंबर से युद्धस्तर पर शुरू होगा काम

30 अक्टूबर तक सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य

देहरादून। देहरादून में बारिश के बाद खराब हुई सड़कों और स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने संबंधित विभागों को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंपते हुए काम पूरा करने की समयसीमा तय की है। मानसून के समाप्त होते ही 15 सितंबर से जिलेभर में सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान शुरू किया जाएगा। प्रशासन ने 30 अक्टूबर तक सभी सड़कों को बेहतर और आवागमन के लिए सुगम बनाने का लक्ष्य रखा है।

15 सितंबर से सड़कों की मरम्मत में आएगी तेजी

मानसून के बाद 15 सितंबर से जिले की सड़कों की मरम्मत का काम अभियान के रूप में चलाया जाएगा। निर्माणदायी एजेंसियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में खराब सड़कों का सर्वे पूरा कर लिया है, जबकि आवश्यक कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया भी जारी है।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि 30 अक्टूबर 2026 तक जिले की सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए। प्रशासन की ओर से कार्यों की प्रगति पर लगातार निगरानी भी रखी जाएगी।

1.14 लाख से ज्यादा स्ट्रीट लाइट, 40 टीमें मैदान में

शहर की प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम देहरादून ने भी विशेष अभियान शुरू किया है। नगर निगम क्षेत्र में करीब 1,14,171 स्ट्रीट लाइटें हैं। इनमें से 169 लाइटों के खराब होने की शिकायतें सामने आई हैं।

इन शिकायतों के निस्तारण के लिए नगर निगम ने 40 विशेष टीमें तैनात की हैं। टीमें अलग-अलग इलाकों में पहुंचकर खराब लाइटों की मरम्मत करने के साथ जरूरत पड़ने पर उन्हें बदल भी रही हैं।

मंगलवार को मसूरी डायवर्जन, बड़ोवाला, सर्वे ऑफ इंडिया कैंपस, कमला पैलेस-शिमला बाईपास, हरिद्वार बाईपास, सहस्रधारा क्रॉसिंग-आईटी पार्क रोड, आईएसबीटी-निरंजनपुर, दर्शनलाल चौक, सुभाष रोड-रेसकोर्स और फव्वारा चौक-नेहरू कॉलोनी समेत कई इलाकों में स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त किया गया।

रात में भी सड़कों और व्यवस्थाओं की निगरानी

शहर की व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जिला प्रशासन ने 20-20 अधिकारियों की अलग-अलग टास्क फोर्स गठित की है। ये टीमें स्ट्रीट लाइट, गार्बेज प्वाइंट, मोटर मार्ग, फूड सेफ्टी और विद्युत चोरी जैसे मामलों की निगरानी कर रही हैं।

अधिकारी रात के समय भी फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली खामियों की फोटो और गूगल लोकेशन संबंधित विभागों को तत्काल भेजी जा रही है, ताकि समस्या की पहचान और उसके समाधान के बीच अनावश्यक देरी न हो।

दैनिक रिपोर्ट के आधार पर होगा समाधान

टास्क फोर्स की ओर से रोजाना दी जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण कराया जा रहा है। प्रशासन की रणनीति दिन में सड़कों की मरम्मत और रात में जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की निगरानी करने की है। इसके जरिए देहरादून में यातायात व्यवस्था के साथ-साथ शहर की प्रकाश व्यवस्था को भी बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।


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