Monday, September 28th, 2026

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वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता-2026 में उत्तराखंड का गौरवपूर्ण प्रदर्शन

Monthly Archives: September 2026

वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता-2026 में उत्तराखंड का गौरवपूर्ण प्रदर्शन

सानिया जोशी एवं पार्थ वोहरा ने भारत के लिए जीते रजत पदक

देहरादून। चीन के शंघाई में 22 से 27 सितंबर तक आयोजित 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता-2026 में भारत ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 6 रजत पदक एवं 20 मेडलियन फॉर एक्सीलेंस प्राप्त किए तथा वैश्विक स्तर पर 10वां स्थान हासिल किया। यह वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ वैश्विक प्रदर्शन है।

भारत की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि में उत्तराखंड के प्रतिभाशाली युवाओं ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उत्तराखंड की सानिया जोशी ने Retail Sales कौशल तथा पार्थ वोहरा ने Industrial Design Technology कौशल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए रजत पदक अर्जित किया।

विश्वस्तरीय मंच पर उत्तराखंड के युवाओं का परचम

वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता विश्व का प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कौशल मंच है, जहां विभिन्न देशों के युवा प्रतिभागी अपने तकनीकी कौशल, दक्षता, नवाचार, सृजनात्मकता एवं व्यावसायिक उत्कृष्टता का प्रदर्शन करते हैं। वर्ष 2026 की प्रतियोगिता में विश्वभर से लगभग 1,400 प्रतिभागियों ने 64 विभिन्न कौशल विधाओं में प्रतिभाग किया। ऐसे प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर उत्तराखंड के दो युवाओं की उपलब्धि प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

इंडिया स्किल्स से वर्ल्डस्किल्स के वैश्विक मंच तक

उत्तराखंड के इन प्रतिभागियों की सफलता की महत्वपूर्ण कड़ी इंडिया स्किल्स 2025-26 की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता एवं चयन प्रक्रिया रही। कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग तथा उत्तराखंड कौशल विकास समिति (UKSDS) द्वारा प्रदेश के युवाओं को विभिन्न कौशल विधाओं में प्रतिभाग करने तथा अपनी दक्षता प्रदर्शित करने के अवसर प्रदान किए गए।

इंडिया स्किल्स की राज्य, क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के माध्यम से उत्कृष्ट प्रतिभागियों को अगले स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। इसी प्रक्रिया के माध्यम से चयनित प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने तथा अंतरराष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिताओं के लिए आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होता है।

इसी क्रम में सानिया जोशी एवं पार्थ वोहरा ने अपनी-अपनी कौशल विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए वर्ल्डस्किल्स के वैश्विक मंच तक पहुंच बनाई और भारत के लिए रजत पदक अर्जित कर उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया।

यह उपलब्धि कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग तथा UKSDS द्वारा प्रदेश के युवाओं में कौशल उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है।


19 साल के रितेश पाल ने जीता ‘इंडियाज बेस्ट डांसर’ सीजन 5 का खिताब

‘इंडियाज बेस्ट डांसर’ सीजन 5 का खिताब जीतने वाले 19 वर्षीय रितेश पाल की कहानी सिर्फ एक डांस ट्रॉफी तक सीमित नहीं है। कभी इसी मंच से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा था। सीजन 2, 3 और 4 में लगातार असफलता मिलने के बावजूद रितेश ने अपना सपना नहीं छोड़ा। हालात यहां तक पहुंचे कि परिवार ने उन्हें डांस छोड़कर भाई के सैलून में काम करने की सलाह दी। इसके बावजूद रितेश अभ्यास में जुटे रहे और आखिरकार उसी शो के सीजन 5 में विजेता बनकर सामने आए।

जीत के बाद रितेश ने अपने संघर्ष, परिवार की नाराजगी, गुरु के भरोसे और भविष्य के सपनों को लेकर खुलकर बात की। उनका कहना है कि लगातार मिल रहे रिजेक्शन के बावजूद उन्होंने कभी डांस छोड़ने के बारे में नहीं सोचा।

परिवार चाहता था डांस छोड़कर सैलून में काम करें

रितेश के मुताबिक, जब उन्होंने डांस के लिए ऑडिशन देना शुरू किया था, तब परिवार का पूरा सहयोग नहीं मिल पाया। कई साल तक लगातार रिजेक्शन मिलने के बाद परिवार भी चिंतित हो गया था। घरवालों ने उन्हें भाई के सैलून में काम करने और पार्लर संभालने की सलाह दी।

रितेश ने बताया कि उन्होंने परिवार की बात को पूरी तरह नजरअंदाज भी नहीं किया। वह सप्ताह में छह दिन डांस की प्रैक्टिस करते थे और रविवार को भाई के सैलून में हाथ बंटाते थे। इससे उन्हें अपनी जेब खर्च के लिए कुछ पैसे भी मिल जाते थे। हालांकि, उनके मन में डांस छोड़ने का विचार कभी नहीं आया। उन्हें विश्वास था कि लगातार मेहनत के बाद एक दिन उन्हें सफलता जरूर मिलेगी।

गुरु मनीष का भरोसा बना बड़ी ताकत

रितेश की इस यात्रा में उनके गुरु मनीष का भी अहम योगदान रहा। उन्होंने बताया कि कई बार लगातार असफलताओं के कारण उनका अपना धैर्य कमजोर पड़ने लगा था, लेकिन गुरु मनीष हमेशा उनका हौसला बढ़ाते रहे।

रितेश के मुताबिक, उनके गुरु उनसे भी ज्यादा धैर्य रखते थे। वह हमेशा कहते थे कि एक दिन रितेश किसी बड़े शो में जरूर जाएंगे और जीतकर लौटेंगे। रिजेक्शन को भी वह तैयारी का हिस्सा बताते थे। गुरु के इसी भरोसे ने रितेश को लगातार अभ्यास करते रहने की प्रेरणा दी।

तीन बार रिजेक्शन के बाद भी नहीं मानी हार

‘इंडियाज बेस्ट डांसर’ के पिछले सीजन में मिली असफलताओं को रितेश ने अपनी मंजिल नहीं माना। उनका कहना है कि हर बार रिजेक्शन के बाद दुख जरूर होता था, लेकिन उन्होंने इसे डांस छोड़ने की वजह नहीं बनने दिया।

रितेश मानते हैं कि शायद उस समय वह उस सफलता के लिए पूरी तरह तैयार नहीं थे। हर ऑडिशन के बाद उन्हें अपनी कुछ कमियां नजर आती थीं और वह उन्हें सुधारने की कोशिश करते थे। उनके मुताबिक, अब पीछे मुड़कर देखने पर लगता है कि सीजन 5 में जीत उनके हिस्से में लिखी थी।

सीजन 6 का इंतजार कर रहे थे, सीजन 5 के बन गए विजेता

दिलचस्प बात यह है कि सीजन 5 के लिए रितेश खुद ऑडिशन देने के बारे में नहीं सोच रहे थे। वह अगले सीजन यानी सीजन 6 में किस्मत आजमाने का मन बना चुके थे। इसी दौरान उन्हें दोबारा ऑडिशन देने के लिए फोन आया।

रितेश ने एक और मौका मानकर ऑडिशन दिया और पहले ही राउंड में उनका चयन हो गया। जैसे-जैसे वह प्रतियोगिता में आगे बढ़ते गए, उनका आत्मविश्वास भी मजबूत होता गया। उन्हें उम्मीद तो बनने लगी थी कि इस बार अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने खुद भी नहीं सोचा था कि अंत में ट्रॉफी उनके हाथ में होगी।

प्रतीक उतेकर के साथ काम करने का सपना हुआ पूरा

रितेश की लंबे समय से कोरियोग्राफर प्रतीक उतेकर के साथ काम करने की इच्छा थी। शो के दौरान उन्हें उनके साथ काम करने का मौका मिला। रितेश के मुताबिक, प्रतीक उतेकर ने उन्हें सिर्फ डांस स्टेप्स पर ध्यान देने के बजाय किरदार और भावनाओं को समझकर प्रस्तुति देना सिखाया।

उनका कहना है कि पहले उनका ध्यान मुख्य रूप से मूवमेंट और स्टेप्स पर रहता था, लेकिन इस अनुभव से उन्हें समझ आया कि किसी किरदार को महसूस करना भी डांस का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

जीत की रकम से मां के लिए बनाना चाहते हैं घर

ट्रॉफी जीतने के बाद रितेश की पहली प्राथमिकता खुद के लिए कुछ खरीदना नहीं है। वह अपनी मां के लिए घर बनाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि इस घर का नाम वह ‘हरि दर्शन’ रखना चाहते हैं।

रितेश के मुताबिक, उन्होंने डांस की यात्रा शुरू करते समय एक सपना देखा था कि जब भी वह सफल होंगे तो सबसे पहले अपनी मां के लिए कुछ करेंगे। अब उनकी इच्छा है कि उनकी मां का अपना घर हो। वह कहते हैं कि मां के लिए कुछ करना उनके लिए खुद के लिए कुछ करने जैसा ही है।

अब अंतरराष्ट्रीय मंच और फिल्मों की ओर नजर

‘इंडियाज बेस्ट डांसर’ की ट्रॉफी जीतने के बाद रितेश की नजर अब नए लक्ष्यों पर है। उनका सपना अंतरराष्ट्रीय मंच पर डांस करने का है। वह चाहते हैं कि देश के बाहर भी लोग उनके डांस को देखें और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुति देने का मौका मिले।

डांस के अलावा रितेश अभिनय की दुनिया में भी कदम रखना चाहते हैं। उनका लक्ष्य फिल्मों में काम करना है। फिलहाल डांस उनकी पहली प्राथमिकता है, लेकिन भविष्य में वह अभिनय के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाने की इच्छा रखते हैं।

(साभार)


‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत नंदा की चौकी आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित हुआ ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम

आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां निभा रही सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका- रेखा आर्या

मंत्री रेखा आर्या ने लाभार्थियों को किया लाभान्वित

देहरादून। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने देहरादून स्थित आंगनवाड़ी केंद्र नंदा की चौकी में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने गर्भवती महिलाओं की गोद भराई कराई तथा लाभार्थी महिलाओं और किशोरियों को महालक्ष्मी किट, बेबी किट एवं पोषण किट वितरित किए।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी हैं। आंगनवाड़ी केंद्र केवल पोषण वितरण के केंद्र नहीं बल्कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, बच्चो के विकास और किशोरियों के स्वास्थ्य एवं पोषण को मजबूत करने का मजबूत माध्यम हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, नवजात शिशुओं तथा किशोरियों के पोषण और स्वास्थ्य के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने के साथ ही स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

विभागीय मंत्री ने कहा कि महालक्ष्मी किट, बेबी किट और पोषण किट जैसी योजनाओं के माध्यम से सरकार मातृत्व और बाल स्वास्थ्य को आवश्यक सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी पात्र परिवारों तक पहुंचाया जा रहा है और राज्य सरकार इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगातार काम कर रही है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं एवं किशोरियों से संवाद करते हुए उनकी जरूरतों और समस्याओं को सुना साथ ही उनके सुझाव भी प्राप्त किए।

विभागीय मंत्री ने कहा कि हमारी आंगनवाड़ी बहने दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वह बच्चों के पोषण, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की देखभाल और किशोरियों में स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने का काम करती हैं। कहा की सरकार आंगनवाड़ी बहनों के कार्य को और अधिक प्रभावी एवं सुविधाजनक बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में इन गर्भवती महिलाओं की कराई गई गोद-भराई

यमनोत्री, रचना, नीरज और महिमा

महालक्ष्मी किट से लाभान्वित महिलाएं

सुनीता, कुसुम

गर्भधात्री(बेबी किट) से लाभान्वित महिलाएं

चांदनी, पूनम और संजीदा

पोषण किट से लाभान्वित किशोरियाँ

सोनाली, दिव्या और मनीषा

इस अवसर पर निदेशक बंशीलाल राणा, डिप्टी डायरेक्टर विक्रम सिंह, राज्य परियोजना अधिकारी मोहित चौधरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार, नोडल अधिकारी उदय प्रताप सिंह, कार्यक्रम अधिकारी (निदेशालय) सरोज त्रिपाठी, आंगनबाड़ी कार्यकत्री रचना देवी सहित विभागीय अधिकारी, लाभार्थी महिलाएं, किशोरियां एवं नन्हे-मुन्ने बच्चे उपस्थित रहे।


दून पुलिस ने वांछित नशा तस्कर को दबोचा, परचून की दुकान की आड़ में स्मैक बेचने का आरोप

देहरादून। नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दून पुलिस ने रायवाला क्षेत्र से एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान सोनूपाल पुत्र राजपाल, निवासी वैदिक नगर तृतीय, रायवाला, उम्र 29 वर्ष के रूप में हुई है। आरोपी पर एनडीपीएस एक्ट के तहत आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं और वह पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में जेल जा चुका है।

पुलिस के अनुसार, 17 जुलाई 2026 को रायवाला बाजार में चेकिंग के दौरान शिवा तोमर नामक आरोपी को 7.30 ग्राम अवैध स्मैक के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ कोतवाली रायवाला में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पूछताछ के दौरान स्मैक की खरीद-फरोख्त में सोनूपाल की संलिप्तता सामने आई थी।

इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के साथ इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद ली गई और संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने 27 सितंबर 2026 को मुखबिर की सूचना पर वैदिक नगर ढाल के पास से सोनूपाल को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में पुलिस के मुताबिक सोनूपाल ने बताया कि वह रायवाला क्षेत्र में परचून की दुकान चलाता है और कथित तौर पर इसी की आड़ में स्मैक की तस्करी करता था। पुलिस के अनुसार, शिवा तोमर को स्मैक उसी ने उपलब्ध कराई थी। पैसों के लेन-देन के लिए आरोपी अपनी पत्नी के मोबाइल नंबर और गूगल पे अकाउंट का इस्तेमाल करता था।

पुलिस का कहना है कि शिवा तोमर की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद सोनूपाल अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग स्थानों पर छिप रहा था। 27 सितंबर को किसी जरूरी काम से वैदिक नगर पहुंचने के दौरान उसे पुलिस ने पकड़ लिया।

पुलिस के अनुसार, सोनूपाल के खिलाफ वर्ष 2020 से 2026 के बीच एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल सात मामले दर्ज हैं। इनमें धारा 8/21 और 8/21/60 एनडीपीएस एक्ट के मामले शामिल हैं।


पटेलनगर में नशे पर पुलिस का प्रहार, 4 लाख की स्मैक के साथ तस्कर गिरफ्तार

देहरादून। नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पटेलनगर पुलिस ने एक आरोपी को 13.33 ग्राम अवैध स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार बरामद स्मैक की अनुमानित कीमत करीब 4 लाख रुपये है।

एसएसपी देहरादून के निर्देश पर नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 28 सितंबर 2026 को कोतवाली पटेलनगर पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान मुकेश कुमार (29 वर्ष), निवासी ब्रह्मपुरी, थाना पटेलनगर को गिरफ्तार किया।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह जल्दी पैसा कमाने के लालच में मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल हुआ था। बरामद स्मैक को वह नशे के आदी स्थानीय लोगों को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में ऊंचे दामों पर बेचकर मुनाफा कमाने की फिराक में था।

आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

बरामदगी:

13.33 ग्राम अवैध स्मैक

अनुमानित कीमत: ₹4 लाख

पुलिस टीम:

उ0नि0 आशीष कुमार, चौकी प्रभारी बाजार

कां0 अनिल सालार

कां0 अनिल भंडारी


महिला बैंककर्मी को अश्लील मैसेज भेजने का आरोप, सपा नेता अलीगढ़ से गिरफ्तार

मथुरा। महिला बैंककर्मी को कथित तौर पर अश्लील संदेश भेजने और परेशान करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने सपा नेता सैयद राजन अहमद रिजवी को अलीगढ़ से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार दोपहर करीब पौने तीन बजे उसे धर्रामाफी गांव स्थित एक रिश्तेदार के घर से पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपित को न्यायालय में पेश किया।

महिला बैंककर्मी ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि राजन रिजवी ग्राहक बनकर स्टेट बैंक चौराहा स्थित बैंक में आता था और काफी समय से उसके आसपास रहने की कोशिश करता था। आरोप है कि उसने किसी माध्यम से महिला का निजी मोबाइल नंबर हासिल कर उससे संपर्क शुरू किया और अश्लील संदेश भेजे।

शिकायत के मुताबिक, महिला द्वारा विरोध किए जाने पर आरोपित ने सीडीआर निकलवाने की धमकी देकर उस पर मानसिक दबाव बनाने का प्रयास किया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी और उसके वाहन की तस्वीरें ली गईं। इसके अलावा रात के समय पारिवारिक आवास के आसपास संदिग्ध गतिविधियां देखे जाने और सुरक्षाकर्मियों व रसोइए से परिवार की गतिविधियों की जानकारी जुटाने के आरोप भी लगाए गए।

एसएसपी के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी। केस दर्ज होने के बाद सपा अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद शरील ने राजन रिजवी को संगठन के पद से हटा दिया था।

कोतवाल विनोद बाबू मिश्र ने बताया कि आरोपित को अलीगढ़ के क्वारसी थाना क्षेत्र के धर्रामाफी गांव से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।


दिल्ली-NCR की दुष्कर्म घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान, निर्भया कांड की यादें हुईं ताजा

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में हाल में सामने आए दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्वत: संज्ञान लिया। इनमें दिल्ली में चलती स्लीपर बस में 16 वर्षीय छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और सार्वजनिक पार्क में किशोरी के साथ हुई घटना भी शामिल है। कोर्ट ने इन मामलों को 2012 के निर्भया कांड की दर्दनाक यादों से जोड़ते हुए सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।

जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में सामने आ रही ऐसी घटनाएं कानून लागू करने वाली एजेंसियों और सार्वजनिक प्रशासन की व्यवस्था में खामियों को उजागर करती हैं। कोर्ट के मुताबिक पार्क और बस जैसे सार्वजनिक स्थानों को रोशनी, निगरानी और जरूरी प्रशासनिक सुविधाओं की कमी के कारण असुरक्षित नहीं बनने दिया जा सकता।

पीठ ने सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री को इस मुद्दे पर स्वत: संज्ञान से जनहित याचिका दर्ज करने और मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि केवल एकजुटता जताना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी तय करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत है।

मामला 4 अगस्त 2026 का बताया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के कश्मीरी गेट के बीच चलने वाली स्लीपर बस में 16 वर्षीय छात्रा के साथ चालक और कंडक्टर ने कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर बस को भी कब्जे में लिया है।

पीड़िता मैनपुरी की रहने वाली और 11वीं कक्षा की छात्रा बताई गई है। जानकारी के अनुसार वह 3 अगस्त को घर से बिना बताए निकली थी और नोएडा सेक्टर-63 में रहने वाले अपने चचेरे भाई के घर जाने वाली थी। मामले की जांच जारी है।


शादी के कुछ महीनों बाद 23 वर्षीय IT इंजीनियर की मौत, ससुराल पर दहेज प्रताड़ना का आरोप

पुणे। शादी के कुछ ही महीनों बाद 23 वर्षीय आईटी इंजीनियर वैष्णवी प्रवीण जरांडे की मौत का मामला सामने आया है। वैष्णवी ने अपने ससुराल में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया है।

वैष्णवी की शादी 9 मई को ओंकार संजय घिसारे से हुई थी। शादी के बाद वह पुणे स्थित ससुराल में रहने लगी थी। नौकरी के सिलसिले में कुछ समय बेंगलुरु में रहने के बाद जून के अंत में वह पुणे लौट आई और ससुराल से ही एक आईटी कंपनी में काम करने लगी।

मृतका के परिजनों का आरोप है कि शादी में उन्होंने करीब 45 लाख रुपये खर्च किए और 10 तोले सोना दिया था। इसके बावजूद पति, सास और ससुर की ओर से कार खरीदने के लिए मायके से 5 लाख रुपये लाने का दबाव बनाया जा रहा था। परिजनों के मुताबिक मांग पूरी नहीं होने पर वैष्णवी को लगातार परेशान किया जा रहा था।

शिकायत के अनुसार, 24 सितंबर की रात वैष्णवी ने अपनी मां को फोन कर ससुराल में हो रही कथित प्रताड़ना की जानकारी दी थी। उसी रात करीब 11:30 बजे उसके पति ने भी मायके वालों से फोन पर बात की। इसके बाद जब परिवार का वैष्णवी से संपर्क नहीं हो सका तो वे पुणे के लिए रवाना हुए। वहां पहुंचने पर उन्हें उसकी मौत की जानकारी मिली।

वैष्णवी के पिता की शिकायत पर पुलिस ने पति ओंकार संजय घिसारे, सास और ससुर के खिलाफ दहेज प्रतिषेध अधिनियम और आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस मामले से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


गोरखपुर में बातचीत के बहाने युवक को बुलाकर मारी गोली, तीन हिरासत में

गोरखपुर। माया बाजार चौराहे पर रविवार रात बातचीत के लिए बुलाए गए 29 वर्षीय नमन गुप्ता को गोली मारने का मामला सामने आया है। गोली चलने की आवाज सुनकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने घायल नमन को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत खतरे से बाहर है।

नमन की मां रीता देवी ने बक्शीपुर काली मंदिर के पास रहने वाले सचिन्द्र कुशवाहा उर्फ शनि, रीशू जायसवाल, राहुल गुप्ता और उनके अज्ञात साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि नमन को बातचीत के बहाने चौराहे पर बुलाया गया था। वहां बातचीत के दौरान उसे गोली मार दी गई और आरोपी मौके से फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने रीशू जायसवाल, राहुल गुप्ता और उनके साथी विशाल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस उनसे घटना की वजह, वारदात के समय मौजूद अन्य लोगों और मुख्य आरोपी के बारे में जानकारी जुटा रही है।

पुलिस घटनास्थल और आसपास लगे सीसी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। वहीं, मुख्य आरोपी सचिन्द्र कुशवाहा उर्फ शनि की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गोलीकांड किसी पुराने विवाद का नतीजा था या बातचीत के दौरान अचानक विवाद बढ़ने पर हमला किया गया।

सीओ कोतवाली ओंकार दत्त ने बताया कि घायल नमन की हालत खतरे से बाहर है। तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मुख्य आरोपी के पकड़े जाने के बाद घटना की वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।


कालिंदी ट्रेक पर फंसे 29 ट्रेकर्स का सफल रेस्क्यू, हेलीकॉप्टर से हर्षिल पहुंचाया

उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले के कालिंदी ट्रेक स्थित ओडिन कॉल क्षेत्र में फंसे ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए चलाया गया रेस्क्यू अभियान सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। अभियान के तहत ओडिन कॉल से कुल 29 ट्रेकर्स को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित रेस्क्यू कर हर्षिल पहुंचाया गया।

शासन से समन्वय स्थापित करते हुए सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी के दिशा-निर्देशन में रेस्क्यू ऑपरेशन संचालित किया गया। सेनानायक ने एसडीआरएफ कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे अभियान की लगातार निगरानी की और मौके पर तैनात टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

रेस्क्यू अभियान में एसडीआरएफ, जिला पुलिस, भारतीय सेना, स्थानीय प्रशासन और यूकाडा की टीमें संयुक्त रूप से शामिल रहीं। इन टीमों के समन्वित प्रयासों से ओडिन कॉल क्षेत्र में फंसे सभी 29 ट्रेकर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

रेस्क्यू के बाद सभी ट्रेकर्स को आर्मी बेस हर्षिल स्थित चिकित्सालय लाया गया है। यहां चिकित्सकीय टीम द्वारा सभी की प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की जा रही है। फिलहाल सभी 29 ट्रेकर्स सुरक्षित हैं और उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।


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