Tuesday, September 29th, 2026

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गुरुग्राम में दूध विक्रेता पर चाकू से हमला, 12 हजार रुपये लूटे; आरोपित गिरफ्तार

Monthly Archives: September 2026

गुरुग्राम में दूध विक्रेता पर चाकू से हमला, 12 हजार रुपये लूटे; आरोपित गिरफ्तार

गुरुग्राम। सेक्टर-7 मार्केट के पास सोमवार रात दूध सप्लाई करने वाले एक व्यक्ति पर चाकू से हमला कर 12 हजार रुपये लूटने का मामला सामने आया है। हमले में घायल व्यक्ति को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने उसका बयान दर्ज करने के बाद रात में ही एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

न्यू कॉलोनी निवासी नरेंद्र भड़ाना दूध सप्लाई का काम करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि सोमवार रात करीब नौ बजे वह रोजाना की तरह सेक्टर-7 मार्केट में दूध की डिलीवरी और कलेक्शन के लिए गए थे। काम पूरा करने के बाद उनके पास कलेक्शन के 12 हजार रुपये नकद थे।

वापस लौटते समय सुनसान स्थान पर एक युवक ने उन्हें रोक लिया और चाकू से हमला कर दिया। आरोपित ने नरेंद्र के पेट और सीने पर वार किए। उन्होंने बचाव करते हुए हमलावर को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह 12 हजार रुपये से भरा बैग लेकर मौके से फरार हो गया।

हमले में नरेंद्र गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद उन्हें नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया।

न्यू कॉलोनी थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घायल का बयान दर्ज किया और आरोपित की पहचान के बाद उसे रात में ही पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपित की पहचान कृष्णा कॉलोनी निवासी हरप्रीत सिंह उर्फ बॉबी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में वारदात के पीछे आपसी रंजिश की बात सामने आ रही है। मामले की जांच जारी है


ओडिशा में बाढ़ का कहर, चार दिन में 1.40 लाख लोगों को सुरक्षित निकाला गया

भुवनेश्वर। ओडिशा में बाढ़ की नई लहर से कई जिले प्रभावित हुए हैं। स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने पिछले चार दिनों में निचले इलाकों में रहने वाले करीब 1.40 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी के मुताबिक, राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं।

मंत्री ने बताया कि 1,360 ग्राम पंचायतों के तहत आने वाले 7,834 गांवों के निचले इलाकों से लोगों को निकाला गया है। इसके अलावा 38 शहरी स्थानीय निकायों के 219 वार्ड भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

हीराकुंड बांध से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के बाद महानदी में भी बाढ़ की स्थिति बनी है। जल संसाधन विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ दिलीप कुमार राउत ने बताया कि कटक के पास मुंडाली गेज स्टेशन पर नदी का बहाव करीब आठ लाख क्यूसेक दर्ज किया गया। उनके अनुसार, मुंडाली में 10 लाख क्यूसेक से अधिक पानी का बहाव बड़ी बाढ़ की स्थिति मानी जाती है।

बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कटक, खुर्दा, पुरी, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा जिला प्रशासन को अलर्ट किया गया है। अधिकारियों की आशंका है कि महानदी डेल्टा क्षेत्र के कई गांवों में पानी पहुंच सकता है। हालांकि, सरकार को उम्मीद है कि अगले 24 घंटे में स्थिति में सुधार शुरू हो जाएगा।

सबसे ज्यादा प्रभावित बालासोर जिले में सुवर्णरेखा, बुधाबलंग और जलका नदियों की बाढ़ से 11 ब्लॉक के 3.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित बताए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बालासोर, भद्रक और जाजपुर के कई गांवों में करीब तीन फीट तक पानी जमा है।

राउत ने बताया कि उत्तरी ओडिशा की कई नदियों का जलस्तर अब घट रहा है और वे खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। वहीं, हीराकुंड बांध के 30 स्लुइस गेट से पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन को स्थानीय बाढ़, जलभराव और जरूरत पड़ने पर शहरी अंडरपास बंद करने को लेकर तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके साथ ही भूस्खलन प्रभावित और जलभराव वाले क्षेत्रों में बागवानी फसलों तथा खड़ी फसलों को होने वाले नुकसान पर नजर रखने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।


20 साल पुरानी रंजिश में ग्रामीण की बांका से हत्या, वारदात के बाद आरोपित फरार

पीलीभीत। पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के बिलहरी गांव में मंगलवार सुबह पुरानी रंजिश के चलते एक ग्रामीण की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई। घटना के बाद आरोपित मौके से फरार हो गए। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस टीम गांव पहुंची और जांच शुरू कर दी। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है।

बताया गया कि बिलहरी निवासी वेदराम का करीब 20 वर्ष पहले गांव के ही कुछ लोगों से विवाद हुआ था। उस दौरान मारपीट और हमले की घटना में एक युवक की मौत हो गई थी। इसी घटना को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से रंजिश चली आ रही थी।

मंगलवार सुबह करीब आठ बजे वेदराम घर से खेत की ओर शौच के लिए जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनकी कुछ लोगों से कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर उन पर बांका से कई वार किए गए। गंभीर चोट लगने के कारण वेदराम की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलने पर कोतवाली इंस्पेक्टर पवन कुमार पांडेय पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की पड़ताल की। वारदात के बाद आरोपित फरार हो गए।

घटना के बाद गांव में दहशत और तनाव का माहौल है। पुलिस ने स्थिति को देखते हुए गांव में तैनाती कर दी है। ग्रामीणों ने शव उठाने से पहले आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की है।


अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की कार्रवाई, दो भवन सील

अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ लगातार जारी है एमडीडीए का अभियान

देहरादून – मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण और बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। प्राधिकरण की ओर से शहर और आसपास के क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों की निगरानी के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने वाले भवनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में देहरादून में दो अलग-अलग मामलों में भवनों को सील किया गया। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी और सचिव मोहन सिंह बर्निया के निर्देशन में प्राधिकरण की टीम लगातार ऐसे निर्माणों को चिन्हित कर कार्रवाई कर रही है, जो स्वीकृत मानकों और प्राधिकरण के नियमों के अनुरूप नहीं हैं। प्राधिकरण का कहना है कि अवैध निर्माण और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

माजरा में भवन निर्माण पर कार्रवाई
पहली कार्रवाई लाल बहादुर शास्त्री मार्ग, माजरा, देहरादून में की गई। यहां इकराम द्वारा संबंधित स्थल पर भूतल एवं प्रथम तल पर भवन निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण की ओर से इस निर्माण के संबंध में उत्तराखण्ड (उ.प्र.) नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 के संशोधन अधिनियम, 2009 की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।इस मामले को वाद संख्या आर-0439/एस-1/2022 के रूप में दर्ज किया गया था। प्राधिकरण के अभिलेखों में यह वाद आनन्द बसेरा के नाम से दर्ज है। नियमानुसार प्रक्रिया के बाद सोमवार को संबंधित भवन को सील कर दिया गया।

बंगाली कोठी में व्यावसायिक निर्माण सील
दूसरी कार्रवाई बंगाली कोठी, मोधरोवाला रोड, देहरादून में की गई। यहां एम.एस. रावत द्वारा संबंधित स्थल पर व्यावसायिक निर्माण कार्य किया जा रहा था। प्राधिकरण की ओर से निर्माण गतिविधि के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उत्तराखण्ड (उ.प्र.) नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 के संशोधन अधिनियम, 2009 की सुसंगत धाराओं के तहत वाद दर्ज किया गया। यह मामला वाद संख्या सी-03076/एस-2/2026 के रूप में योजित किया गया है। प्राधिकरण की टीम ने सोमवार को मौके पर पहुंचकर संबंधित निर्माण को सील कर दिया।

नियमों का पालन करने की अपील
एमडीडीए की कार्रवाई का उद्देश्य प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित और व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना है। प्राधिकरण की ओर से भवन स्वामियों और निर्माणकर्ताओं से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित स्वीकृतियां और मानचित्र की स्थिति सुनिश्चित करें। बिना अनुमति या स्वीकृत मानकों के विपरीत किए जाने वाले निर्माण पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।एमडीडीए अधिकारियों के अनुसार शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों की निगरानी जारी है। अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लाटिंग को लेकर प्राधिकरण की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन कर किए जा रहे निर्माण को किसी भी स्थिति में प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चिन्हित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। हमारा प्रयास है कि देहरादून का विकास सुनियोजित, सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप हो।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण की टीमें निर्माण गतिविधियों की लगातार निगरानी कर रही हैं। बिना स्वीकृति अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत किए जा रहे निर्माण पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि क्षेत्र में नियोजित विकास व्यवस्था को मजबूत करना भी है। अवैध निर्माण और प्लाटिंग के मामलों में नियमों के अनुसार आगे भी सख्ती बरती जाएगी।


मंडलायुक्त दीपक रावत ने तहसील कार्यालय रामनगर का किया निरीक्षण

दाखिल-खारिज से संबंधित अधिकांश पत्रावलियों के 35वें दिन निरस्त होने पर तहसीलदार का स्पष्टीकरण लेने के दिए निर्देश

दो वर्ष से अधिक समय से लंबित खुर्रे से संबंधित पटवारियों से भी स्पष्टीकरण लेने के दिए निर्देश

रामनगर: मंडलायुक्त कुमाऊँ दीपक रावत ने सोमवार को तहसील कार्यालय रामनगर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राजस्व अभिलेखों, न्यायालयीन प्रकरणों तथा जनसामान्य से संबंधित विभिन्न कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

मंडलायुक्त ने न्यायालय में लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी वाद अनावश्यक रूप से लंबित न रहे। सभी वादों की नियमित सुनवाई करते हुए नियमानुसार एवं समयबद्ध रूप से उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने तथा जिन मामलों में कार्रवाई अपेक्षित है, उनमें अनावश्यक विलंब न करने के निर्देश दिए।

उन्होंने भू-उपयोग परिवर्तन से संबंधित धारा-143 के लंबित आवेदन पत्रों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे सभी लंबित प्रकरणों का 10 दिन के भीतर नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसामान्य से जुड़े राजस्व प्रकरणों के निस्तारण में पारदर्शिता, नियमबद्धता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।

दाखिल-खारिज से संबंधित अधिकांश पत्रावलियों के 35वें दिन निरस्त होने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए तहसीलदार का स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दाखिल-खारिज के मामलों का नियमानुसार परीक्षण करते हुए समयबद्ध निस्तारण किया जाए। साथ ही, दो वर्ष से अधिक समय से लंबित खुर्रे से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित पटवारियों का भी स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।

मंडलायुक्त ने उप जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि तहसील स्तर पर लंबित सभी प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा आमजन को अपने कार्यों के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कार्यालयीय व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखते हुए राजस्व कार्यों के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त से शिष्टाचार भेंट कर तहसील में एक अहलमद की तैनाती की मांग की। मंडलायुक्त ने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर अहलमद की तैनाती की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने अधिवक्ताओं से म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) के मामलों में जन-जागरूकता बढ़ाने में सहयोग का आह्वान किया।

इस दौरान उप जिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान, तहसीलदार मनीषा मकराना सहित तहसील के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की मांग को अजय भट्ट का समर्थन, बोले—जनभावनाओं के साथ खड़ी है सरकार

हल्द्वानी। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिए जाने की लंबे समय से चली आ रही मांग को नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सांसद एवं पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट ने समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि बिंदुखत्ता की जनता की भावनाओं के साथ पूरी सरकार खड़ी है और इस दिशा में जल्द सकारात्मक परिणाम सामने आने की उम्मीद है।

सांसद अजय भट्ट ने बताया कि इस संबंध में उनकी वन मंत्री सुबोध उनियाल से दूरभाष पर वार्ता हुई है। वन मंत्री ने भी मामले में जल्द सकारात्मक कार्रवाई किए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही इसे कैबिनेट में लाकर प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की तैयारी कर रही है।

अजय भट्ट ने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने का मुद्दा वे पूर्व में लोकसभा सदन में भी उठा चुके हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों की मालिकाना हक को लेकर सरकार से की जा रही मांग जायज है और सरकार जनभावनाओं के अनुरूप इस मामले में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा इस मामले के समाधान के लिए वन मंत्री की अध्यक्षता में समिति तथा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक अन्य समिति गठित की गई है। दोनों समितियां मामले का परीक्षण कर सकारात्मक दिशा में कदम उठाएंगी।

सांसद ने कहा कि बिंदुखत्ता के ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग के समाधान के लिए सरकार गंभीरता से प्रयास कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इस मामले में ठोस और सकारात्मक निर्णय सामने आएगा।


उत्तराखंड में फंसे ट्रैकर्स-माउंटेनियर्स की सुरक्षित वापसी के लिए मुख्यमंत्री ने संभाली कमान

दिल्ली से लौटते ही सीधे राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे सीएम धामी

उत्तरकाशी और पिंडारी ग्लेशियर में फंसे 179 ट्रैकर्स-माउंटेनियर्स के रेस्क्यू ऑपरेशन की सीएम ने ली जानकारी

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने दिल्ली प्रवास से लौटते ही सीधे राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, आईटी पार्क पहुंचे और प्रदेश के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हाई एल्टीट्यूड ट्रैकिंग के दौरान फंसे ट्रैकर्स एवं माउंटेनियर्स के लिए संचालित राहत एवं बचाव अभियान की स्वयं समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने आपदा की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों से रेस्क्यू ऑपरेशन की अद्यतन जानकारी ली और फंसे हुए प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षित वापसी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न जनपदों में फंसे ट्रैकर्स एवं माउंटेनियर्स की संख्या, उनके वर्तमान लोकेशन, अब तक किए गए रेस्क्यू तथा शेष लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू ऑपरेशन में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और मौसम एवं भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए उपलब्ध सभी संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि राज्य के विभिन्न उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हाई एल्टीट्यूड ट्रैकिंग के दौरान कुल 179 ट्रैकर्स एवं माउंटेनियर्स के फंसे होने की जानकारी प्राप्त हुई थी। इनमें 136 लोग उत्तरकाशी तथा 43 लोग बागेश्वर जनपद के पिंडारी क्षेत्र में फंसे हुए थे।

मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी में संचालित रेस्क्यू ऑपरेशन की विशेष रूप से जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि उत्तरकाशी में फंसे 136 लोगों में से 40 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। वहीं, 40 लोगों ने फिलहाल रेस्क्यू कराने से इनकार किया है और अपनी यात्रा जारी रखने की इच्छा व्यक्त की है। शेष लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान पुनः प्रारंभ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रेस्क्यू अभियान के दौरान ट्रैकर्स, माउंटेनियर्स एवं पोर्टर्स की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखी जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त संसाधनों की तत्काल व्यवस्था की जाए और सभी संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करें।

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए कुल 8 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध हवाई संसाधनों का तत्काल उपयोग किया जाए। उन्होंने हेली एंबुलेंस को भी स्टैंडबाय मोड में रखने के निर्देश दिए, ताकि रेस्क्यू के दौरान किसी व्यक्ति को चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता होने पर उसे तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी से भी बात कर मौके की स्थिति की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि मौसम एवं परिस्थितियों को देखते हुए शेष ट्रैकर्स एवं माउंटेनियर्स को सुरक्षित निकालने के लिए सोमवार सुबह 6 बजे से रेस्क्यू ऑपरेशन दोबारा शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रेस्क्यू टीमों को सभी आवश्यक सहयोग एवं संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तथा अभियान की लगातार मॉनिटरिंग की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों के साथ ही उत्तराखण्ड आने वाले पर्यटकों, श्रद्धालुओं और ट्रैकर्स की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों एवं संबंधित विभागों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।

चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की भी मुख्यमंत्री ने की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में चारधाम यात्रा की वर्तमान व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने चारधाम एवं यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से चारधाम सहित सभी प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की पुख्ता एवं स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा और धार्मिक पर्यटन के बढ़ते स्वरूप को देखते हुए केवल वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवस्थाएं करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक एवं स्थायी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित विभाग आपसी समन्वय से ऐसी व्यवस्था तैयार करें, जिससे धामों एवं धार्मिक स्थलों की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और श्रद्धालुओं की सुविधा एक साथ सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की धार्मिक और प्राकृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए यात्रा एवं पर्यटन व्यवस्थाओं को और अधिक व्यवस्थित एवं टिकाऊ बनाया जाना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की परिस्थितियों में सरकार का प्रत्येक तंत्र पूरी तत्परता से कार्य करे और रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान किसी भी व्यक्ति की सुरक्षा में कोई कमी न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य संबंधित एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहें।

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप सहित आपदा प्रबंधन विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


बिना वैध लाइसेंस मांस बेचने पर एक व्यक्ति हिरासत में, विकासनगर पुलिस की कार्रवाई

देहरादून: अवैध रूप से पशु कटान, मांस की बिक्री और भंडारण करने वालों के खिलाफ दून पुलिस का अभियान लगातार जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर कोतवाली विकासनगर पुलिस ने क्षेत्र में मांस की दुकानों और प्रतिष्ठानों का सत्यापन करते हुए बिना वैध लाइसेंस/अनुमति के मांस का विक्रय एवं भंडारण करने वाले एक व्यक्ति को हिरासत में लिया।

पुलिस के अनुसार, 28 सितंबर को विकासनगर क्षेत्र में चलाए गए चेकिंग एवं सत्यापन अभियान के दौरान एक व्यक्ति बिना वैध लाइसेंस/अनुमति के मांस का विक्रय/भंडारण करता पाया गया। पुलिस ने संबंधित व्यक्ति को हिरासत में लेकर उसके विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की। साथ ही सक्षम प्राधिकारी से वैध लाइसेंस/अनुमति प्राप्त किए बिना मांस का विक्रय अथवा भंडारण नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई।

हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान इलियास उर्फ परवेज (38), पुत्र ताहीर, निवासी बस स्टैंड जीवनगढ़, कोतवाली विकासनगर, देहरादून के रूप में हुई है।

पुलिस के मुताबिक, इससे पहले 27 सितंबर 2026 को भी बिना वैध लाइसेंस/अनुमति के पशु मांस का विक्रय करने के मामले में तीन व्यक्तियों को हिरासत में लेकर वैधानिक कार्रवाई की गई थी।


कुष्ठ रोग मुक्त व्यक्तियों के लिए बहुउद्देशीय स्वास्थ्य शिविर आयोजित, 50 लोगों की हुई जांच

देहरादून: के.के.एम. कुष्ठ आश्रम, नालापानी, सहस्रधारा में कुष्ठ रोग मुक्त व्यक्तियों के लिए बहुउद्देशीय स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 50 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई।

शिविर में ईएनटी के 5, ऑर्थो के 12, नेत्र रोग के 11, महिला रोग के 15 तथा फिजिशियन के 10 मरीजों की जांच की गई। इसके अलावा हाई बीपी के 5 और मधुमेह के 2 मरीजों की भी जांच की गई।

शिविर के दौरान 50 लोगों के छाती के एक्स-रे किए गए, जिनमें 10 व्यक्तियों में टीबी के संदिग्ध लक्षण पाए गए। संबंधित व्यक्तियों को आवश्यक चिकित्सकीय जांच एवं आगे की कार्रवाई के लिए मार्गदर्शन दिया गया।

इस अवसर पर खाद्य आपूर्ति, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण और शहरी विकास विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। वहीं NIEPVD की असिस्टेंट प्रोफेसर श्रीमती सुनंदा राणा ने संस्थान द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं के बारे में जानकारी दी।

कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हितेश कुमार शर्मा, वरिष्ठ क्षय रोग अधिकारी डॉ. मनोज वर्मा, बाबूराम तोमर, बी.पी. शर्मा एवं सूरज सिंह उपस्थित रहे।

शिविर की व्यवस्थाएं सत्य साईं सेवा संस्थान के उपाध्यक्ष कैप्टन अजय स्वरूप के नेतृत्व में 30 सेवा दल सदस्यों द्वारा सुचारू रूप से संपन्न कराई गईं।


सपनों का भारत 2047 अभियान के तहत सीएनआई इंटर कॉलेज में रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित

देहरादून। समाज कल्याण मंत्री एवं प्रदेश संयोजक भाजपा उत्तराखंड तथा ‘सपनों का भारत 2047’ अभियान के संयोजक खजानदास ने सीएनआई इंटर कॉलेज, देहरादून में आयोजित सेवा कार्य, भाषण, चित्रकला, पेंटिंग प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित किए।

मंत्री खजानदास ने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा और उनके उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य युवाओं के मन में वर्ष 2047 तक भारत को सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने की सोच को मजबूत करना है। विद्यार्थियों ने चित्रकला और भाषण के माध्यम से विकसित भारत 2047 को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए। वहीं रंगोली और नुक्कड़ नाटक के जरिए महिला सशक्तिकरण सहित सामाजिक विषयों को भी रचनात्मक रूप से प्रदर्शित किया गया।

खजानदास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन में आत्मनिर्भरता, सेमीकंडक्टर निर्माण, रक्षा उत्पादन, हरित ऊर्जा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर है। इसके साथ ही आधुनिक हाईवे, मजबूत रेलवे नेटवर्क और डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और समान अवसरों के माध्यम से सामाजिक उत्थान पर भी बल दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में सीएनआई स्कूल की प्रधानाचार्य रीबिका, नगर निगम पार्षद अशोक डोबरियाल, विद्यालय के शिक्षकगण, नैन सिंह पंवार सहित अनेक कार्यकर्ता एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।


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