Tuesday, September 29th, 2026

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विधानसभा चुनाव-2027 की प्रारंभिक तैयारियों की समीक्षा, चिन्हित मतदान केंद्रों पर आश्वस्त सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा

Monthly Archives: September 2026

विधानसभा चुनाव-2027 की प्रारंभिक तैयारियों की समीक्षा, चिन्हित मतदान केंद्रों पर आश्वस्त सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा

डीएम ने निर्वाचन कार्मिकों का डाटाबेस तैयार कर समयबद्ध तैनाती के दिए निर्देश, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता पर जोर

पौड़ी- आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के दृष्टिगत जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में जिला स्तरीय इंटेलिजेंस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में निर्वाचन की तैयारियों, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, कानून-व्यवस्था, मतदाता जागरूकता, मतदान केंद्रों पर सुविधाओं, कार्मिक व्यवस्था तथा विशेष गहन पुनरीक्षण सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई।

बैठक में संवेदनशील एवं क्रिटिकल मतदान केंद्रों तथा व्यय संवेदनशील बूथों को लेकर आवश्यक तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पिछली निर्वाचन प्रक्रिया के आंकड़ों एवं अनुभवों के आधार पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने चिन्हित संवेदनशील एवं क्रिटिकल मतदान केंद्रों पर निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुरूप सभी आवश्यक आश्वस्त सुविधाएं समय से उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने मतदान केंद्रों पर बिजली, पेयजल, शौचालय, रैंप, फर्नीचर, छाया सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का पूर्व से सत्यापन करने तथा जहां भी कमी हो, उसे समय रहते दूर करने के निर्देश दिए। मतदान केंद्रों तक पहुंच एवं परिसर की स्थिति का भी निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निवारक कार्रवाई को प्रभावी बनाने तथा अवैध शराब, मादक पदार्थों एवं अन्य अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने शस्त्र लाइसेंसों के सत्यापन के लिए विशेष अभियान चलाते हुए इसे आगामी एक माह के भीतर पूर्ण करने को कहा। सभी उपजिलाधिकारियों को संबंधित क्षेत्राधिकारियों एवं आबकारी निरीक्षकों के साथ समन्वय बैठक कर अपने-अपने क्षेत्रों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सीमावर्ती तहसीलों में विशेष सतर्कता बरतने तथा संबंधित गतिविधियों की नियमित समीक्षा के साथ प्रतिमाह रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा गया।

जिलाधिकारी ने मतदाता जागरूकता के लिए जिला स्वीप कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा भारत निर्वाचन आयोग के मैनुअल ऑन स्वीप-2024 के अनुरूप जागरूकता गतिविधियां संचालित करने को कहा। उन्होंने निर्वाचन संबंधी प्रचार-प्रसार के लिए आवश्यक सामग्री तैयार करने तथा विभिन्न माध्यमों से मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

बैठक में निर्वाचन के लिए आवश्यक कार्मिकों की उपलब्धता एवं तैनाती की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर कार्मिकों का विस्तृत डाटाबेस पहले से तैयार रखने तथा आवश्यकतानुसार श्रेणीवार कार्मिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने मतदान एवं मतगणना से जुड़ी व्यवस्थाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी करने तथा 3 अक्टूबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अनुपस्थित, स्थानांतरित एवं मृत मतदाताओं से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए आवश्यक सत्यापन एवं नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा।

बैठक में निर्वाचन व्यय की दृष्टि से संवेदनशील विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों एवं स्थानों के चिन्हीकरण, संवेदनशील क्षेत्रों की वल्नरेबिलिटी मैपिंग, निवारक कानून-व्यवस्था संबंधी कार्रवाई तथा फील्ड स्टाफ से प्राप्त सूचनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों एवं मतदान केंद्रों के संबंध में निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट तैयार करने तथा आवश्यकतानुसार संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में एसएसपी सर्वेश पंवार, सीडीओ अशोक जोशी, एडीएम एफ.आर. चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, सीटीओ नमिता सिंह, राज्य कर अधिकारी वरुण रावत, बिलाल खान, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मयंक शर्मा, सहायक निर्वाचन अधिकारी एस.एल. शाह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


एसआईआर विवाद के बीच स्मृति ईरानी का कांग्रेस पर हमला, बोलीं- लोकतंत्र को निशाना न बनाएं

चुनाव आयोग के बचाव में उतरीं स्मृति ईरानी, कांग्रेस से पूछा- डुप्लीकेट नाम हटाने का विरोध क्यों?

नई दिल्ली। चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसकी विश्व स्तर पर पहचान है। स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर चुनावी हार की समीक्षा करने के बजाय चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने का आरोप लगाया।

‘प्रधानमंत्री पर हमला करें, लोकतंत्र पर नहीं’

स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2019 में कांग्रेस के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि खराब करने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी स्पष्ट किया था कि राजनीतिक विरोध के तहत उन पर व्यक्तिगत हमले किए जा सकते हैं, लेकिन इसका इस्तेमाल संवैधानिक संस्थाओं और लोकतंत्र को निशाना बनाने के लिए नहीं होना चाहिए।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का नेतृत्व लगातार संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग को सवालों के घेरे में लाने के लिए अपने कार्यकर्ताओं की गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है।

मतदाता सूची में दोहरे और मृत लोगों के नाम पर उठाए सवाल

एसआईआर को लेकर जारी विवाद के बीच स्मृति ईरानी ने मतदाता सूची में दोहरे नाम और मृत व्यक्तियों के नाम दर्ज होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि यदि किसी मतदाता का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज है या किसी मृत व्यक्ति का नाम सूची में मौजूद है, तो ऐसे नामों को हटाने की प्रक्रिया का विरोध क्यों किया जा रहा है?

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाए रखना चुनावी प्रक्रिया का आवश्यक हिस्सा है। वहीं, विपक्षी दल एसआईआर की प्रक्रिया और इसके तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की आशंकाओं को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।

हिमाचल, पंजाब, केरल और कर्नाटक का भी किया जिक्र

स्मृति ईरानी ने उन राज्यों का उदाहरण भी दिया, जहां भाजपा सत्ता में नहीं है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल और कर्नाटक का जिक्र करते हुए कांग्रेस से पूछा कि क्या इन राज्यों में भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं या वहां आयोग के कामकाज को सही माना जा रहा है।

उन्होंने कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग को लेकर पार्टी का दृष्टिकोण सभी राज्यों में एक जैसा होना चाहिए।

चुनाव आयोग के फैसलों पर भी जारी है विवाद

एसआईआर को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच चुनाव आयोग के आंतरिक कामकाज को लेकर भी चर्चाएं सामने आई हैं। विभिन्न रिपोर्टों में दो चुनाव आयुक्तों की ओर से कुछ फैसलों पर आपत्ति जताए जाने की बात कही गई थी। हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि आंतरिक बैठकों में अलग-अलग विचार और सुझाव सामने आना सामान्य प्रक्रिया है। आयोग के अनुसार, एसआईआर सहित उसके अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

लाहौर अधिवेशन का हवाला देने पर भी कांग्रेस पर निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्मृति ईरानी ने कांग्रेस द्वारा लाहौर अधिवेशन का उल्लेख किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस के इतिहास और स्थापना से जुड़े संदर्भों का जिक्र करते हुए एओ ह्यूम की भूमिका पर ध्यान दिलाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की स्थापना के पीछे ब्रिटिश शासन से जुड़ा संदर्भ रहा है।

स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस को इतिहास का हवाला देते समय अपने गठन से जुड़े तथ्यों पर भी विचार करना चाहिए। इस तरह उन्होंने एसआईआर और चुनाव आयोग के मुद्दे के साथ-साथ कांग्रेस के ऐतिहासिक संदर्भों को लेकर भी पार्टी पर निशाना साधा।


दून में नशा तस्करों पर पुलिस का शिकंजा, महिला समेत तीन गिरफ्तार; 34.75 ग्राम स्मैक बरामद

देहरादून। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दून पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए महिला समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से कुल 34.75 ग्राम स्मैक बरामद की है, जिसकी अनुमानित कीमत 10 लाख रुपये से अधिक बताई गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ जिलेभर में चेकिंग और कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में रायपुर, पटेलनगर और डोईवाला क्षेत्र में पुलिस टीमों ने यह कार्रवाई की।

रायपुर में 15.52 ग्राम स्मैक बरामद

रायपुर पुलिस ने 29 सितंबर को गुरुद्वारा रोड के पास चेकिंग के दौरान मंगलु पुत्र पप्पूनाथ को गिरफ्तार किया। उसके पास से 15.52 ग्राम स्मैक बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 4.50 लाख रुपये बताई गई है। आरोपी के खिलाफ थाना रायपुर में मुकदमा संख्या 401/2026 के तहत धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज किया गया है।

पूछताछ में मंगलु ने पुलिस को बताया कि वह हरिद्वार के एक स्थानीय नशेड़ी से कम कीमत में स्मैक खरीदकर लाया था और इसे देहरादून के स्थानीय नशेड़ियों को अधिक कीमत पर बेचकर मुनाफा कमाने की फिराक में था। गिरफ्तार आरोपी की उम्र 24 वर्ष है और वह शांति विहार सपेरा बस्ती, थाना रायपुर का निवासी है।

पटेलनगर क्षेत्र से 9.43 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तारी

दूसरी कार्रवाई में पुलिस ने 29 सितंबर को पटेलनगर क्षेत्र से शुभम चौहान उर्फ पिंकू पुत्र जोनेन्द्र सिंह को गिरफ्तार किया। डालनवाला निवासी 34 वर्षीय आरोपी के कब्जे से 9.43 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब तीन लाख रुपये है। उसके खिलाफ कोतवाली पटेलनगर में एनडीपीएस एक्ट के तहत अभियोग दर्ज किया गया है।

डोईवाला में महिला तस्कर गिरफ्तार

डोईवाला पुलिस ने 28 सितंबर को केशवपुरी बस्ती के पास मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए किरन पत्नी मगंना को पकड़ा। उसके पास से 9.80 ग्राम स्मैक बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब तीन लाख रुपये बताई गई है। आरोपी महिला के खिलाफ कोतवाली डोईवाला में मुकदमा संख्या 292/2026 के तहत धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट में अभियोग दर्ज किया गया है। किरन की उम्र 26 वर्ष है और वह केशवपुरी बस्ती, डोईवाला की निवासी है।

पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपित जल्दी पैसा कमाने के लालच में मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल हुए थे।


मंदार पहाड़ पर युवती से बदसलूकी मामले में एक और नाबालिग पकड़ा गया, मध्य प्रदेश से लाया जाएगा

बौंसी । मंदार पहाड़ पर युवती के साथ बदसलूकी और मारपीट का वीडियो प्रसारित होने के मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है। विशेष जांच टीम (एसआइटी) ने मंगलवार को मामले में फरार चल रहे एक नाबालिग आरोपित को मध्य प्रदेश से पुलिस संरक्षण में लिया है। उसे बुधवार तक बांका लाए जाने की सूचना है।

पुलिस के अनुसार, मामले में फरार एक अन्य आरोपित की तलाश में भी अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। सोमवार को गिरफ्तार किए गए तीन आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इससे पहले दो नाबालिग आरोपितों को बाल सुधार गृह भेजा जा चुका है।

पुलिस अब मामले से जुड़े सभी आरोपितों के खिलाफ साक्ष्य जुटाकर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है। पुलिस के मुताबिक, अब तक मामले में छह आरोपितों में से तीन की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि एक अन्य आरोपित के फरार होने की बात सामने आई है। गिरफ्तार आरोपितों में तीन नाबालिग बताए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, तीन जून को मंदार पहाड़ पर कुछ युवकों ने युवती के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया था। आरोप है कि युवती को डराकर उससे ऑनलाइन 1500 रुपये लिए गए थे। इसके बाद अतिरिक्त रुपये की मांग पूरी नहीं होने पर घटना का वीडियो प्रसारित कर दिया गया।

22 सितंबर को मामला पुलिस के संज्ञान में आने के बाद छह से सात आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान आरोपितों की पहचान की गई और मामले में चार अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गईं।

एसपी अमितेश कुमार ने बताया कि एक नाबालिग को मध्य प्रदेश से पुलिस संरक्षण में लिया गया है, जबकि दूसरे फरार नाबालिग की तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि आरोपितों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर सजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।


मालदेवता में देर रात हुड़दंग और मारपीट, पुलिस ने पांच युवकों को किया गिरफ्तार

देहरादून। रायपुर थाना क्षेत्र के मालदेवता में देर रात सार्वजनिक स्थान पर शोर-शराबा और आपस में मारपीट कर रहे पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। घटना 28/29 सितंबर 2026 की देर रात की है। कंट्रोल रूम के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली थी कि मालदेवता क्षेत्र में कुछ लोग सार्वजनिक स्थान पर हंगामा करते हुए आपस में झगड़ रहे हैं।

सूचना मिलते ही रायपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पूछताछ में पता चला कि किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे शांत होने के बजाय एक-दूसरे के साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की करने लगे।

मौके पर शांति व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों के पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपितों में अपर नेहरूग्राम रिंग रोड निवासी 25 वर्षीय सक्षम खत्री पुत्र सतेन्द्र सिंह, अपर तुनवाला रायपुर निवासी 24 वर्षीय रिशू पुत्र रविन्द्र सिंह, साकेत कॉलोनी कण्डोली रायपुर निवासी 19 वर्षीय हर्ष जितलवान पुत्र अजय सिंह, एमडीडीए कॉलोनी डालनवाला निवासी 20 वर्षीय देव सिंह रावत पुत्र धीरेन्द्र सिंह और अमन विहार रायपुर निवासी 21 वर्षीय ध्रुव तोमर पुत्र प्रताप सिंह शामिल हैं।


ओएनजीसी में इंडिया एनर्जी वीक-2027 का कर्टेन रेजर, ऊर्जा सुरक्षा और नवाचार पर जोर

देहरादून। ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड (ओएनजीसी) के देहरादून स्थित केडीएमआईपीई परिसर में इंडिया एनर्जी वीक-2027 के कर्टेन रेजर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान कोलकाता व वेबकास्ट भी दिखामें हुए मुख्य कर्टेन रेजर समारोह का लाइया गया। इंडिया एनर्जी वीक-2027 का मुख्य आयोजन 28 से 31 जनवरी 2027 तक कोलकाता के न्यू टाउन कन्वेंशन सेंटर में प्रस्तावित है।

कार्यक्रम में वैश्विक स्तर पर तेजी से बदल रहे ऊर्जा क्षेत्र, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी बदलाव, अनुसंधान और नवाचार जैसे विषयों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों के बढ़ते प्रभाव के बीच ऊर्जा क्षेत्र को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और युवा पेशेवरों को अनुसंधान व नवाचार पर ध्यान देना होगा। बढ़ती ऊर्जा मांग को देखते हुए पारंपरिक स्रोतों के साथ स्वच्छ और वैकल्पिक ऊर्जा के विकास को भी महत्व देने की जरूरत बताई गई।

कोलकाता में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर कहा कि इसका दायरा केवल तेल और गैस की उपलब्धता तक सीमित नहीं है। युद्ध, आपूर्ति मार्गों में व्यवधान, कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक संकटों के बीच अर्थव्यवस्था को सुचारु बनाए रखना भी ऊर्जा सुरक्षा का हिस्सा है।

पुरी ने कहा कि पश्चिम एशिया में संकट और हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े व्यवधानों के बावजूद भारत ने कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों का सामना किया। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में भारत ने कच्चे तेल की खरीद के स्रोतों में विविधता बढ़ाई है। क्रूड सोर्सिंग वाले देशों की संख्या 27 से बढ़कर 41 हो गई है। रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण क्षमता 5.33 मिलियन टन तक पहुंच गई है, जबकि रिफाइनिंग क्षमता 215 मिलियन टन से बढ़कर 267 मिलियन टन प्रतिवर्ष हो गई है।

केंद्रीय मंत्री ने पश्चिम बंगाल में तेल और गैस क्षेत्र की परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 17,600 करोड़ रुपये की परियोजनाएं चल रही हैं। हल्दिया रिफाइनरी की क्षमता 2.5 मिलियन टन प्रतिवर्ष से बढ़कर 8 मिलियन टन प्रतिवर्ष हो चुकी है और वित्त वर्ष 2025-26 में यहां करीब 8.5 मिलियन टन का प्रसंस्करण किया गया।

उन्होंने अशोकनगर में वर्ष 2018 में हुई तेल खोज का भी जिक्र किया, जो अब व्यावसायिक उत्पादन के चरण में पहुंच चुकी है। ओएनजीसी के अशोकनगर क्षेत्र से कच्चे तेल की पहली खेप अगस्त 2026 में हल्दिया पहुंची थी। परियोजना में करीब एक हजार करोड़ रुपये के निवेश का उल्लेख किया गया।

इंडिया एनर्जी वीक-2027 को वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र के प्रमुख मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है। आगामी आयोजन में 75 हजार से अधिक ऊर्जा पेशेवरों और 700 से ज्यादा प्रदर्शकों के शामिल होने की उम्मीद है। पिछले संस्करण में 120 से अधिक देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। इस बार तेल एवं गैस के साथ हाइड्रोजन, जैव ईंधन, नवीकरणीय ऊर्जा, एलएनजी, डिजिटलाइजेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नेट-जीरो, ऊर्जा संक्रमण और तकनीकी नवाचार जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

देहरादून के कार्यक्रम में ओएनजीसी के निदेशक (मानव संसाधन) मनीष पाटील, कार्यकारी निदेशक एवं प्रमुख GEOPIC सुश्री नेबुला बागची, कार्यकारी निदेशक एवं प्रमुख KDMIPE तरुण कुमार माथुरिया, कार्यकारी निदेशक एवं प्रमुख IDT अजय रतन और कार्यकारी निदेशक सुभोजित बोस समेत विभिन्न संस्थानों एवं निदेशालयों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में निगमित संचार एवं सीएसआर के उपमहाप्रबंधक एवं प्रभारी विशाल शर्मा भी शामिल हुए। इसके अलावा ओएनजीसी के वरिष्ठ अधिकारियों, विशेषज्ञों और पेशेवरों के साथ ग्राफिक एरा तथा यूपीईएस के शिक्षाविदों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान इंडिया एनर्जी वीक-2027 से संबंधित वीडियो प्रस्तुति, वरिष्ठ अधिकारियों के संबोधन और ‘समुद्र मंथन’ सहित ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न पहलों व तकनीकी गतिविधियों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, ऊर्जा पेशेवरों और अन्य हितधारकों को बदलते ऊर्जा क्षेत्र से जोड़ना तथा अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी सहयोग को लेकर संवाद को बढ़ावा देना रहा। इसके बाद प्रतिभागियों ने कोलकाता से प्रसारित इंडिया एनर्जी वीक-2027 के मुख्य कर्टेन रेजर कार्यक्रम का लाइव वेबकास्ट देखा।


एमईएस में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी, 46 फर्जी नियुक्ति पत्रों के साथ दो गिरफ्तार

बनबसा । आर्मी के मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) में नौकरी लगवाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से रकम ऐंठने वाले गिरोह का बनबसा पुलिस और एसओजी ने खुलासा किया है। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के मुख्य आरोपित धीरज सक्सेना और उसके सहयोगी गणेश बहादुर को गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से 46 फर्जी नियुक्ति पत्र समेत बड़ी संख्या में कूटरचित दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, मिलिट्री इंटेलिजेंस बनबसा, मुख्यालय लखनऊ से मिली सूचना के आधार पर टनकपुर निवासी गुरु शरण सिंह ने 28 सितंबर को बनबसा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि धीरज सक्सेना और गणेश बहादुर ने एमईएस में नौकरी दिलाने के नाम पर उससे पांच हजार रुपये नकद और 1.40 लाख रुपये यूपीआई के माध्यम से लिए थे।

बताया गया कि 28 सितंबर को धीरज ने पीड़ित को नियुक्ति पत्र देने और बायोमेट्रिक प्रक्रिया के लिए कमल पथ आर्मी एरिया बनबसा के पास बुलाया था। वहां पहुंचने पर पीड़ित को कई अन्य अभ्यर्थी भी मिले। पुलिस जांच में सामने आया कि सोनिया जोशी, कविता जोशी, उमेश भारद्वाज और धारा सिंह बैरवा समेत अन्य लोगों से भी नौकरी दिलाने के नाम पर रकम ली गई थी।

इन अभ्यर्थियों को भी फर्जी नियुक्ति पत्र देकर बायोमेट्रिक के नाम पर बुलाया गया था। लोगों के मौके पर पहुंचने के बाद धीरज अपने साथी गणेश के साथ स्कूटी से वहां से फरार हो गया।

मामला दर्ज होने के बाद थानाध्यक्ष बनबसा के नेतृत्व में पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम बनाई गई। पुलिस ने देर रात धीरज सक्सेना को उसकी स्कूटी के साथ गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 35 अभ्यर्थियों के जॉइनिंग लेटर, एमईएस की दो मोहर, स्टांप पैड, फोटो, कूटरचित दस्तावेज और मोबाइल बरामद हुए।

वहीं, गणेश बहादुर के पास से 11 अभ्यर्थियों की फाइलों में रखे नियुक्ति पत्र व अन्य दस्तावेज, मेडिकल प्रमाण पत्र, मोबाइल फोन और फर्जी मोहर मिली। पुलिस के मुताबिक धीरज के मोबाइल की जांच में लाखों रुपये के लेनदेन की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और ठगी गई कुल रकम का पता लगाने में जुटी है।

धीरज से रियलमी मोबाइल, स्टांप पैड, एजीई (एमईएस) बनबसा की मोहर, फोटो और कूटरचित दस्तावेजों का फोल्डर बरामद हुआ। गणेश के पास से वीवो मोबाइल, जीई पिथौरागढ़ की मोहर, फोटो और अन्य दस्तावेज मिले। इसके अलावा टीवीएस वेगो स्कूटी संख्या यूके07एसी-3133 भी पुलिस ने बरामद की है।

कार्रवाई करने वाली टीम में एसआई विनय मित्तल, एसआई कमलेश भट्ट, एएसआई धीरेंद्र बिष्ट, हेड कांस्टेबल महेंद्र डंगवाल, कांस्टेबल रविंद्र वर्मन, ललित चौधरी, मदन सिंह और कुलदीप सिंह समेत पुलिसकर्मी शामिल रहे।


सुबह खाली पेट कच्चा लहसुन खाना कितना फायदेमंद? जानें फायदे, नुकसान और सही तरीका

लहसुन भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाली ऐसी चीज है, जिसे स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ पारंपरिक रूप से सेहत के लिए भी उपयोगी माना जाता रहा है। हाल के दिनों में सुबह खाली पेट कच्चा लहसुन खाने को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। इनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने से लेकर ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और वजन को नियंत्रित करने तक की बातें शामिल हैं।

हालांकि, किसी भी खाद्य पदार्थ को चमत्कारी उपाय मानना उचित नहीं है। लहसुन में मौजूद कुछ सक्रिय यौगिक स्वास्थ्य के लिए संभावित रूप से उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन इसका असर व्यक्ति की सेहत और सेवन के तरीके पर निर्भर कर सकता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि खाली पेट कच्चा लहसुन खाने से वास्तव में क्या फायदे हो सकते हैं और किन परिस्थितियों में इससे सावधानी बरतनी चाहिए।

लहसुन में कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं?

लहसुन में सल्फर युक्त कई सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं। इनमें एलिसिन प्रमुख है, जो लहसुन को काटने या कुचलने के बाद बनने लगता है। इसके अलावा इसमें कुछ विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट यौगिक भी मौजूद होते हैं। यही कारण है कि लहसुन का इस्तेमाल लंबे समय से भोजन और पारंपरिक स्वास्थ्य उपायों में किया जाता रहा है।

क्या ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है?

कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में लहसुन या उससे तैयार सप्लीमेंट्स के सेवन के बाद ब्लड प्रेशर में मामूली कमी देखी गई है। हालांकि, इसका प्रभाव सभी लोगों में एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति में केवल लहसुन के भरोसे रहना या डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं को बंद करना उचित नहीं है।

कोलेस्ट्रॉल पर कितना असर?

लहसुन और कोलेस्ट्रॉल के बीच संबंध को लेकर भी कई शोध किए गए हैं। कुछ अध्ययनों में कुल और एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल में मामूली बदलाव की बात सामने आई है, लेकिन सभी शोधों के नतीजे एक जैसे नहीं रहे हैं। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि रोज सुबह खाली पेट कच्चा लहसुन खाने से कोलेस्ट्रॉल निश्चित रूप से सामान्य हो जाएगा।

क्या लहसुन खाने से वजन कम हो सकता है?

लहसुन को वजन घटाने का कोई जादुई उपाय नहीं माना जा सकता। वजन कम करने के लिए संतुलित आहार, कैलोरी का संतुलन, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और स्वस्थ जीवनशैली ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। लहसुन को डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है, लेकिन केवल इसके सेवन से वजन घटने की उम्मीद करना सही नहीं है।

खाली पेट कच्चा लहसुन खाने से हो सकती हैं ये परेशानियां

हर व्यक्ति का शरीर कच्चे लहसुन को एक तरह से स्वीकार नहीं करता। खासकर खाली पेट इसका सेवन करने पर कुछ लोगों को पेट में जलन, गैस, पेट दर्द, मतली या सीने में जलन की शिकायत हो सकती है। इसके अलावा लहसुन की तेज गंध के कारण मुंह से दुर्गंध भी आ सकती है।

अगर खाली पेट लहसुन खाने के बाद बार-बार पाचन संबंधी समस्या होती है, तो इसे भोजन के साथ लेने पर विचार किया जा सकता है। परेशानी लगातार बनी रहे तो इसका सेवन रोककर चिकित्सक से सलाह लेना बेहतर है।

इन लोगों को लहसुन के सेवन में बरतनी चाहिए सावधानी

जो लोग खून पतला करने वाली दवाएं लेते हैं, उन्हें ज्यादा मात्रा में कच्चा लहसुन या लहसुन से बने सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। किसी सर्जरी की योजना हो तो चिकित्सक को लहसुन या इसके सप्लीमेंट के सेवन के बारे में जानकारी देना भी जरूरी है।

रोज कितनी मात्रा में लहसुन खाना सही है?

हर व्यक्ति के लिए लहसुन की कोई एक निश्चित मात्रा तय नहीं की जा सकती। इसे सामान्य भोजन का हिस्सा बनाकर सीमित मात्रा में लेना ज्यादा व्यावहारिक तरीका है। ज्यादा स्वास्थ्य लाभ की उम्मीद में बड़ी मात्रा में कच्चा लहसुन खाना जरूरी नहीं है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लहसुन को किसी बीमारी की दवा या इलाज का विकल्प न समझें। अगर आप ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज या किसी अन्य बीमारी से जूझ रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार जारी रखें।

नोट: यह लेख उपलब्ध मेडिकल रिपोर्ट्स और शोध में सामने आई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या नियमित दवा के साथ आहार में बड़ा बदलाव करने से पहले चिकित्सक की सलाह लेना उचित है।

(साभार)


मुख्य सचिव ने की मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा

सीएम घोषणाओं को प्राथमिकता पर लेते हुए निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के दिए निर्देश

यमनोत्री ट्रेक रूट के लिए सुधारीकरण की योजना की जाए तैयार- मुख्य सचिव

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री घोषणाओं को प्राथमिकता पर लेते हुए निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लम्बित घोषणाओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन घोषणाओं का विलोपन या मर्ज किया जाना है, उनके सम्बन्ध में समय से विलोपन अथवा मर्ज की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, घोषणाओं के मर्ज अथवा अन्य विभागों को हस्तांतरण से संबंधित मामलों में भी त्वरित कार्रवाई की जाए।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में कुल 4611 मुख्यमंत्री घोषणाओं में से 2852 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 1759 घोषणाएं लम्बित हैं और 447 का विलोपन या मर्ज किया गया है। लम्बित 1759 घोषणाओं में से 1397 पर विभिन्न स्तरों पर कार्यवाही गतिमान है, एवं इनमें से 59 आंशिक रूप से पूर्ण हो चुकी हैं। 303 घोषणाएं अभी भी लम्बित हैं। मुख्य सचिव द्वारा 11 अगस्त, 2026 की समीक्षा के समय 627 घोषणाएं लम्बित थी, जिनकी संख्या अब घटकर 303 रह गयी है।

मुख्य सचिव ने लम्बित घोषणाओं के सम्बन्ध में विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं के कार्यों में अनावश्यक विलम्ब न हो और विभिन्न स्तरों पर लम्बित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अगली समीक्षा बैठक अक्टूबर माह के मध्य में आयोजित किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न विभागों के मध्य आपसी तालमेल की कमी के कारण लंबित घोषणाओं को सम्बन्धित विभाग आपसी समन्वय के साथ पूर्ण करें। योजनाओं को समय से पूर्ण करने के लिए भूमि हस्तांतरण सहित अन्य प्रक्रियाओं के सम्बन्ध में विभागों के बीच निरन्तर संवाद एवं समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो, विभिन्न कार्यों को समानांतर रूप से प्रारम्भ किया जाए, ताकि समय की बचत हो और योजनाओं को निर्धारित समय में पूरा किया जा सके। उन्होंने विभागों को मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति को लगातार पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन विभागों के पास पोर्टल की यूजर आईडी एवं पासवर्ड उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सचिव एवं अपर सचिव स्तर के अधिकारियों को घोषणाओं की गंभीरता से मॉनिटरिंग करते हुए कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सम्पूर्ण यमुनोत्री ट्रैक रूट के सुधारीकरण की कार्ययोजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस सम्बन्ध में अगले 15 दिनों में विस्तृत प्रस्तुतिकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने ट्रैक रूट के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं की संभावनाओं पर भी कार्य करने को कहा। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर ईको पार्क आदि की घोषणाओं के सम्बन्ध में कहा कि परिसंपत्ति निर्माण के बाद उसके संचालन एवं रखरखाव की व्यवस्था पूर्व में ही निर्धारित की जाए, ताकि परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने पौड़ी शहर में मुख्य बाजार धारा रोड से एजेंसी चौक तक हेरिटेज स्ट्रीट के कार्य को आवास विभाग से पर्यटन विभाग को हस्तांतरित करने तथा मल्टीस्टोरी पार्किंग से सम्बन्धित आवास विभाग को भेजे गए प्रस्तावों पर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक ही क्षेत्र में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे अवस्थापना विकास एवं सौन्दर्यीकरण से सम्बन्धित कार्यों को आपस में समन्वित करते हुए एकीकृत रूप से किया जाए, ताकि सभी कार्यों का बेहतर प्रभाव दिखाई दे।

मुख्य सचिव ने फलों के भंडारण के लिए कोल्ड स्टोरेज निर्माण में भूमि की उपयुक्तता पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि अनुपयुक्त सरकारी भूमि पर कोल्ड स्टोरेज बनाने के बजाय आवश्यकता के अनुरूप उपयुक्त भूमि क्रय कर कोल्ड स्टोरेज का निर्माण किया जाए, ताकि उसका बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने प्रदेश के सभी शहरों में ओपन स्पेस, सिटी पार्क अथवा ईको पार्क जैसी सुविधाओं के विकास की दिशा में कार्य किया जाए। सरकारी भूमि की अनुपलब्धता की स्थिति में निजी भूमि क्रय कर ऐसी सुविधाओं के विकास की संभावनाओं पर भी विचार किया जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव रीना जोशी, मनुज गोयल, रोहित मीणा, नवनीत पाण्डेय, सम्बन्धित विभागों के सचिव, अपर सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों को लेकर प्रशासन सख्त, प्रमुख एवं आंतरिक मार्गों का होगा स्थलीय निरीक्षण

नामित अधिकारियों को दो दिन में गड्ढों एवं क्षतिग्रस्त हिस्सों की सूची तैयार कर फोटो सहित रिपोर्ट देने के निर्देश

देहरादून। मानसून के दौरान हुई भारी बारिश के कारण देहरादून की कई सड़कों को नुकसान पहुंचा है। प्रमुख मार्गों से लेकर आंतरिक सड़कों तक जगह-जगह गड्ढे होने से लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सड़कों की स्थिति सुधारने की कवायद शुरू कर दी है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर शहर और आसपास के क्षेत्रों की 48 प्रमुख एवं आंतरिक सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा।

प्रशासन ने निरीक्षण के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को अलग-अलग मार्गों की जिम्मेदारी सौंपी है। संबंधित अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्रों में जाकर सड़कों की स्थिति का जायजा लेंगे और क्षतिग्रस्त हिस्सों के साथ ही गड्ढों को चिह्नित करेंगे। इसके बाद संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से सड़कों की मरम्मत और गड्ढों को भरने की कार्रवाई कराई जाएगी।

देहरादून के इन प्रमुख मार्गों का होगा निरीक्षण

निरीक्षण के लिए निर्धारित मार्गों में देहरादून-मसूरी मार्ग, राजपुर रोड, हरिद्वार बाईपास, कांवली रोड, मातावाला से कारगी चौक, निरंजनपुर से रिमला बाईपास और बल्लीवाला चौक से आईएसबीटी तक के मार्ग शामिल हैं। इसके अलावा पटेलनगर, नेहरू रोड, धर्मपुर, रायपुर, सहस्रधारा रोड, जाखन, चकराता रोड, क्लेमेंटटाउन और प्रेमनगर समेत शहर के कई आंतरिक मार्गों का भी निरीक्षण किया जाएगा।

फोटो सहित दो दिन में देनी होगी रिपोर्ट

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण के दौरान सड़कों पर मौजूद गड्ढों, क्षतिग्रस्त हिस्सों और मरम्मत की आवश्यकता वाले स्थानों की विस्तृत सूची तैयार की जाए। सभी नामित अधिकारियों को अपने आवंटित मार्गों की स्थिति की रिपोर्ट फोटो सहित दो दिनों के भीतर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), देहरादून को उपलब्ध करानी होगी।

प्रशासन का उद्देश्य मानसून के बाद सड़कों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर मरम्मत कार्यों में तेजी लाना है। इसके तहत संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शहर की सड़कों को सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके। इससे वाहन चालकों और आम लोगों को आवागमन में होने वाली परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।


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