Wednesday, September 30th, 2026

Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

हैदराबाद के होटल में बैंककर्मी महिला का शव मिलने से हड़कंप, साथ ठहरा युवक फरार

Monthly Archives: September 2026

हैदराबाद के होटल में बैंककर्मी महिला का शव मिलने से हड़कंप, साथ ठहरा युवक फरार

हैदराबाद- हैदराबाद के एसआर नगर स्थित एक होटल में 34 वर्षीय बैंककर्मी महिला का शव मिलने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है। मृतका की पहचान विकाराबाद जिले के नगासमुद्रम निवासी बी. सिरिशा के रूप में हुई है। वह बैंक में कस्टमर-केयर एक्जीक्यूटिव के तौर पर काम करती थीं। पुलिस ने उनके साथ होटल में ठहरे ए. श्रीनिवास की तलाश शुरू कर दी है।

जुबली हिल्स के डीसीपी ए. रमना रेड्डी के मुताबिक, सिरिशा ने 24 सितंबर को श्रीनिवास के साथ गोकुल प्राइड होटल में कमरा लिया था। पुलिस जांच में सामने आया कि होटल में प्रवेश के दौरान दोनों ने कथित तौर पर फर्जी नाम और पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। होटल के रिकॉर्ड में श्रीनिवास ने अपना नाम गणेश और सिरिशा का नाम दुर्गा दर्ज कराया था। दोनों कमरा नंबर 10 में ठहरे थे।

मंगलवार तड़के करीब 3:30 बजे श्रीनिवास होटल से निकल गया। उसने रिसेप्शन पर बताया था कि सिरिशा सुबह नाश्ता करने के बाद चेक-आउट करेंगी। काफी देर तक कमरे से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने और फोन का जवाब नहीं आने पर होटल कर्मचारियों को संदेह हुआ। पुलिस को सूचना देने के बाद मास्टर चाबी से कमरा खोला गया, जहां बेड पर सिरिशा का शव मिला।

पुलिस ने बीएनएस की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को महिला के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि किसी भारी या नुकीली वस्तु से हमला किया गया होगा। पर्दे की रॉड के इस्तेमाल की आशंका भी जताई जा रही है, लेकिन मौत की वास्तविक वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी।

पुलिस की क्लूज टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट समेत अन्य फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए हैं। होटल के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपी की गतिविधियों और घटनाक्रम की जानकारी मिल सके। श्रीनिवास की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें लगाई गई हैं।

पुलिस होटल के दस्तावेजों में दर्ज नाम ‘दुर्गा’ और अस्पताल के रिकॉर्ड में दर्ज सिरिशा नाम के अंतर की भी जांच कर रही है। साथ ही महिला के पति द्वारा पूर्व में कथित रूप से किए गए हमले और वर्तमान घटना के बीच किसी संभावित संबंध की भी पड़ताल की जा रही है।


बेगूसराय होटल में महिला से दुष्कर्म और वीडियो वायरल करने के मामले , दोनों आरोपी गिरफ्तार

बछवाड़ा – बेगूसराय में महिला से दुष्कर्म, जानलेवा हमला और घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने के मामले में पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, एक आरोपी विक्रम कुमार को एफआईआर दर्ज होने और वीडियो वायरल होने के बाद ही पकड़ लिया गया था, जबकि मुख्य आरोपी रोहित कुमार फरार चल रहा था।

पुलिस लगातार रोहित की तलाश में उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। इसी दौरान जानकारी मिली कि वह नेपाल भागने की तैयारी में है। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी और समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर से उसे गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम उसे बेगूसराय लेकर लौट रही थी। रास्ते में रोहित ने पेशाब करने की बात कही। पुलिस के मुताबिक, वाहन की रफ्तार धीमी होने पर वह गाड़ी से कूद गया, जिससे उसका पैर फ्रैक्चर हो गया। इसके बाद उसे इलाज के लिए बछवारा पीएचसी ले जाया गया।

रोहित भगवानपुर थाना क्षेत्र के दामोदरपुर वार्ड संख्या चार निवासी उपेंद्र सहनी का पुत्र है। वहीं दूसरा आरोपी विक्रम कुमार लोहियानगर निवासी अरुण सहनी का पुत्र बताया गया है। दोनों आपस में साला-बहनोई हैं।

पीड़िता ने सोमवार शाम नगर थाना पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, एक युवक ने लोन दिलाने का भरोसा देकर उसे ब्लू डायमंड होटल ले गया था। वहां दूसरा युवक भी पहुंच गया। आरोप है कि दोनों ने चाकू का भय दिखाकर महिला के साथ दुष्कर्म किया और घटना का वीडियो बना लिया। बाद में वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मनीष के निर्देश पर कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस ने जांच के दौरान दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।


देहरादून में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, आशारोड़ी से मोहब्बेवाला तक सुरक्षा उपाय मजबूत

देहरादून – देहरादून में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की कवायद शुरू की है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई, जिसमें दुर्घटना संभावित क्षेत्रों, सड़क सुरक्षा साइनेज, स्ट्रीट एवं ट्रैफिक लाइट, मसूरी में रेस ड्राइविंग और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत समेत कई मुद्दों की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित कर वहां पर्याप्त संख्या में स्पष्ट और प्रभावी जागरूकता साइनेज लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने आशारोड़ी टनल के आसपास सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर सड़क सुरक्षा के जरूरी इंतजाम प्राथमिकता से करने को कहा।

आशारोड़ी क्षेत्र में अब तक 58 साइन बोर्ड, 485 मीटर रंबल स्ट्रिप्स, 1,880 मीटर मीडियन मार्कर और 500 मीटर सोलर स्टड्स लगाए जा चुके हैं। इन उपायों का उद्देश्य वाहन चालकों को सड़क पर मौजूद संभावित खतरों के प्रति पहले से सचेत करना है।

बैठक में शहर की खराब स्ट्रीट और ट्रैफिक लाइटों का भी संज्ञान लिया गया। जिलाधिकारी ने स्मार्ट सिटी के माध्यम से खराब लाइटों की तत्काल मरम्मत कराकर उन्हें चालू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था जरूरी है, इसलिए लाइटों के रखरखाव में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

मसूरी क्षेत्र में रेस ड्राइविंग की घटनाओं पर भी प्रशासन ने सख्ती के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई करने और अधिक यातायात वाले संवेदनशील मार्गों पर निगरानी बढ़ाने को कहा।

मानसून और निर्माण कार्यों के कारण क्षतिग्रस्त हुई नगर निगम क्षेत्र की 92 सड़कों को गड्ढामुक्त कराने के लिए 46 जिला स्तरीय अधिकारियों की तैनाती की गई है। नामित अधिकारी अपने-अपने मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर गड्ढों, क्षतिग्रस्त हिस्सों और जरूरी मरम्मत कार्यों को चिन्हित करेंगे। निरीक्षण के दौरान फोटो सहित रिपोर्ट तैयार कर संबंधित सड़क विभाग और कार्यदायी संस्था को कार्रवाई के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।

सभी अधिकारियों को निरीक्षण पूरा कर दो दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, देहरादून को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए यातायात नियमों के पालन के साथ सुरक्षित सड़क संरचना, पर्याप्त रोशनी, स्पष्ट साइनेज, निगरानी और समयबद्ध मरम्मत भी जरूरी है। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्राथमिकता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी मुख्यालय रविन्द्र ज्वांठा, पुलिस मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा, क्षेत्राधिकारी यातायात, अधीक्षण अभियंता लोनिवि ओमपाल सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी अनिता चमोला, अधिशासी अभियंता लोनिवि दीपक यादव एवं भृगु द्विवेदी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार सहित एनएच, एनएचएआई और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


रेंजर ग्राउंड में 5 अक्टूबर से सजेगा सरस फूड फेस्टिवल, 200 से ज्यादा स्टॉलों पर दिखेगा पहाड़ी स्वाद

देहरादून – देहरादून के रेंजर ग्राउंड में 5 से 11 अक्टूबर तक सात दिवसीय ‘सरस फूड फेस्टिवल’ आयोजित किया जाएगा। महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे। आयोजन में उत्तराखंड के पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों के साथ हस्तशिल्प, हथकरघा और स्थानीय स्वदेशी उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री की जाएगी।

महोत्सव की तैयारियों को लेकर विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी विभागों को तय समयसीमा में तैयारियां पूरी करने और आयोजन को भव्य स्तर पर आयोजित करने के निर्देश दिए।

फेस्टिवल में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न विभागों के माध्यम से 200 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों पर पहाड़ी पकवानों के अलावा स्थानीय हस्तशिल्प, हथकरघा और अन्य स्वदेशी उत्पाद लोगों के लिए उपलब्ध रहेंगे।

आयोजन के दौरान फूड स्टॉल संचालकों के बीच प्रतियोगिता भी कराई जाएगी। स्वाद और प्रस्तुतिकरण के आधार पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले पहले तीन स्टॉल संचालकों को नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके साथ ही कृषि, उद्यान, उद्योग, पर्यटन, रेशम और सेवायोजन विभाग अपने लाभार्थियों के साथ निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गोष्ठियां और संवाद आयोजित करेंगे।

सीडीओ ने पुलिस प्रशासन को रेंजर ग्राउंड के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन बेहतर रखने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम को पूरे परिसर में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने, जबकि फूड सेफ्टी और फायर सेफ्टी विभागों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। महोत्सव के दौरान प्रत्येक शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

बैठक में परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, जिला पर्यटन विकास अधिकारी जसपाल चौहान समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


साधुराम इंटर कॉलेज में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, 153 मरीजों ने उठाया लाभ

देहरादून। यूपीएचसी सीमाद्वार द्वारा जीएमएस रोड स्थित साधुराम इंटर कॉलेज में एक दिवसीय नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में पहुंचे कुल 153 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें नि:शुल्क दवाइयां और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया गया।

इस दौरान 125 लोगों की एनसीडी स्क्रीनिंग, 30 लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड, 20 की आभा आईडी (ABHA ID), 53 लाभार्थियों की लैब जांच तथा 114 मरीजों का एक्स-रे किया गया। इसके अलावा बीपी, शुगर और हीमोग्लोबिन की जांचें भी नि:शुल्क की गईं। शिविर के दौरान 02 दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने स्वास्थ्य शिविर के संबंध में कहा कि स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और नि:शुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि आमजन को सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाने के लिए विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इस प्रकार के शिविरों का आयोजन निरंतर जारी रहेगा ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर इलाज और जांच सुविधाएं पहुंच सकें।

शिविर में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रदीप राणा, यूपीएचसी सीमाद्वार से डॉ. सुषमा दत्ता, पीएचएम वैष्णवी, फार्मासिस्ट इरफान, एएनएम मीना, अर्चना, मूनी, आरज़ू तथा एक्स-रे तकनीशियन जितेन्द्र सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम उपस्थित रही।

सहसपुर ब्लॉक के आईटीआई झाझरा में नि:शुल्क स्वास्थ्य एवं परामर्श शिविर आयोजित

सहसपुर ब्लॉक के अंतर्गत राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) झाझरा में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के दौरान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) टीम द्वारा 39 बच्चों की आरबीएसके स्क्रीनिंग की गई और उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श (काउंसलिंग) प्रदान किया गया। इसके साथ ही कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) द्वारा संस्थान के 15 शिक्षकों की गैर-संचारी रोगों (NCD) के लिए स्क्रीनिंग एवं स्वास्थ्य जांच की गई। शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को समय पर स्वास्थ्य जांच और विभागीय योजनाओं का नि:शुल्क लाभ उपलब्ध कराना रहा।


आपदा प्रभावित परिवारों के क्षति का आंकलन करेगी उच्च स्तरीय टीम: डॉ धन सिंह रावत

क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों व पेयजल लाइनों की तत्काल मरम्मत के निर्देश

कहा, पाबों में भू-धसाव का टीएचडीसी से कराया जाएगा स्थलीय सर्वेक्षण

देहरादून: श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के पाबों विकासखंड के 29 आपदा प्रभावित परिवारों के क्षति की उच्च स्तरीय कमेटी द्वारा जांच की जायेगी, इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग को कार्यवाही करने के निर्देश दे दिये गये हैं। इसके अलावा क्षेत्र में आपदा से क्षतिग्रस्त मोटरमार्गों, पुलों व पेयजल लाइनों को शीघ्र मरम्मत करने के निर्देश भी विभागीय अधिकारियों को दिये।

सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों में आपदा से हुये नुकसान को लेकर विभिन्न विभागों की बैठक ली। जिसमें आपदा प्रबंधन विभाग, लोक निर्माण विभाग, पेयजल निगम, जलसंस्थान, पीएमजीएसवाई तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में डॉ रावत ने पाबों ब्लॉक के 29 आपदा प्रभावित परिवारों के क्षति का आंकलन किया जायेगा, इसके लिये उच्च स्तरीय समिति गठित कर जांच के निर्देश आपदा प्रबंधन विभाग को दे दिये गए हैं।

इसके अलावा प्रभावितों को आपदा नीति के तहत शीघ्र उचित मुआवजा मुहैया करने को कहा। अलावा उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आपदा से क्षतिग्रस्त विभिन्न मोटरमार्गों का शीघ्र पुनर्निर्माण कर आवागमन बहाल करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। साथ ही उन्होंने पाबों में हो रहे भू-धसाव का टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कार्पोरेशन (टीएचडीसी) से स्थलीय सर्वेक्षण कर ट्रीटमेंट करने के निर्देश दिये। डॉ रावत ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-309 (बुआखाल-बैजरों) कई जगहों पर क्षतिग्रस्त होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके अलावा उन्होंने लोक निर्माण विभाग व पीएमजीएसवाई के अंतर्गत क्षतिग्रस्त सड़कों को भी शीघ्र मरम्मत कर आवाजाही बहाल करने के निर्देश दिये।

बैठक में आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को ठीक कर पेयजलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये साथ ही भिड़ाहस्यूडी, विडोलस्यूं एवं ढिक्वाल गांव पेयजल पम्पिंग योजना को शीघ्र पूरा कर क्षेत्र में पेयजलापूर्ति बहाल करने के निर्देश दिये।

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष लोक निर्माण विभाग राजेश चंद्र शर्मा, मुख्य अभियंता उत्तराखंड पेयजल निगम संजय सिंह, मुख्य वन संरक्षक (वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन) वन विभाग सुशांत पटनायक, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान मनीष सेमवाल, मुख्य अभियंता एन.एस. बिष्ट, अधीक्षण अभियंता पेयजल निगम मोहम्मद मीसम, अनुपम रतन, राजेश सिंह, मोहित उनियाल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

 


वाहन चोरी का खुलासा, 4 शातिर वाहन चोर गिरफ्तार

नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी किए थे दोपहिया वाहन, बेचने की फिराक में थे आरोपी

देहरादून। थाना प्रेमनगर पुलिस ने वाहन चोरी की दो अलग-अलग घटनाओं का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और एक स्कूटी बरामद की है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर वाहन चोरी की घटनाओं के खुलासे के लिए पुलिस टीम गठित की गई थी। टीम ने घटनास्थल और आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। पुलिस के अनुसार, पूर्व में इस प्रकार की घटनाओं में सामने आए आरोपियों की भी जानकारी जुटाई गई।

इसी दौरान 28 सितंबर 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने विशान्त्री पुल के पास चेकिंग के दौरान चार आरोपियों को चोरी के वाहनों के साथ गिरफ्तार किया।

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नशे के आदी हैं और नशे की जरूरत पूरी करने के लिए वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। चोरी किए गए वाहनों को बाहर ले जाकर बेचने की तैयारी थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपी

अमन राजपूत, उम्र 19 वर्ष, निवासी श्यामपुर, प्रेमनगर, देहरादून।

पवन सिंह रावत, उम्र 32 वर्ष, मूल निवासी पिथौरागढ़, हाल निवासी श्यामपुर, प्रेमनगर।

सागर पाल, उम्र 27 वर्ष, निवासी शिवपुरी कॉलोनी, प्रेमनगर, देहरादून।

मनप्रीत, उम्र 24 वर्ष, निवासी जनरल विंग, प्रेमनगर, देहरादून।

बरामद वाहन

मोटरसाइकिल UP-35-BJ-7650 (स्प्लेंडर)

स्कूटी UK-07-BU-7059

मामले में थाना प्रेमनगर में धारा 303(2) बीएनएस के तहत दर्ज दोनों मुकदमों के संबंध में कार्रवाई की गई है। पुलिस टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक संजय रावत, उपनिरीक्षक प्रद्युम्न सिंह नेगी, अपर उपनिरीक्षक सुरेंद्र सिंह, अपर उपनिरीक्षक जगदीश रावत सहित पुलिसकर्मी शामिल रहे।


चीड़बासा स्लाइडिंग जोन में SDRF ने संभाला मोर्चा, करीब 9,000 यात्रियों को सुरक्षित कराया आर-पार

रुद्रप्रयाग। गौरीकुंड–आज दिनांक 29/09/26 को श्री केदारनाथ पैदल मार्ग पर स्थित चीड़बासा हेलीपैड के समीप स्लाइडिंग जोन में लगातार यात्रियों की आवाजाही को सुरक्षित बनाए रखने के लिए SDRF की टीम द्वारा राहत एवं सुरक्षा कार्य किया गया।

पोस्ट सोनप्रयाग से उप निरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में SDRF टीम द्वारा लैंडस्लाइड प्रभावित क्षेत्र में मोर्चा संभालते हुए यात्रियों को सुरक्षित तरीके से स्लाइडिंग जोन पार कराया गया। अभियान के दौरान लगभग 9,000 यात्रियों को सुरक्षित रूप से मार्ग के आर-पार कराया गया।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी चीड़बासा स्लाइडिंग जोन में यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए SDRF द्वारा लगातार राहत एवं रेस्क्यू कार्य किया गया है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों और प्रभावित मार्ग के बावजूद SDRF जवानों ने यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गयी।


शहीद सैनिकों की पुण्य आत्माओं की शांति के लिए आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के समापन कार्यक्रम में प्रतिभाग करते सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी

देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज नाइन पाम वेडिंग प्वाइंट, जोगीवाला में शहीद सैनिकों एवं राज्य आंदोलनकारियों की पुण्य आत्माओं की शांति के लिए आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के समापन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अमर बलिदानियों की आत्मा की शांति एवं सद्गति के लिए विधिवत आहुति अर्पित की।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण भी किया तथा व्यासपीठ पर विराजमान कथा वाचक आचार्य श्यामसुंदर जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मंत्री गणेश जोशी ने आयोजन के लिए संस्था के पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शहीद सैनिकों और राज्य आंदोलनकारियों का बलिदान प्रदेश की अमूल्य धरोहर है। उनके त्याग और संघर्ष के कारण ही आज हम स्वतंत्र एवं सुरक्षित वातावरण में जीवन जी रहे हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से हम अपने अमर बलिदानियों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हैं और उनकी पुण्य स्मृतियों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड वीरभूमि है और यहां के हर परिवार का सेना से भावनात्मक जुड़ाव है। सैनिकों के सम्मान और कल्याण के लिए राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। शहीदों की स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखने के साथ-साथ उनके परिवारों के हितों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है। मंत्री जोशी ने कहा कि उत्तराखंड की देवभूमि की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराएं समाज को सदैव सेवा, त्याग, संस्कार और मानवता का संदेश देती हैं। श्रीमद्भागवत कथा जैसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देते हैं।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, सुभाष भट्ट, लक्ष्मण सिंह बिष्ट, बलवंत सिंह, ईरा कुकरेती, वंदना रावत, अनुज रावत, उमाकांत भट्ट सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।


आपदा न्यूनीकरण के लिए रिवर ड्रेजिंग पर जोर, टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश

01 अक्टूबर से शुरू होगा खनन सत्रः अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस

खनन क्षेत्रों में सीसीटीवी और एंटी माइनिंग टास्क फोर्स होगी 24 घंटे एक्टिव

वाहनों में रेडियम और फॉग लाइट अनिवार्य, स्टोन क्रेशरों में लगेगा धर्मकांटा

पर्यावरण पहल- स्टोन क्रेशरों के लिए 1000 पौधे लगाना अनिवार्य-डीएम

देहरादून।  जनपद में आगामी खनन सत्र 2026-27 आगामी 1 अक्टूबर से प्रारंभ होने जा रहा है। खनन कार्य को सुचारू, नियमित और पारदर्शी ढंग से संचालित करने के लिए मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में जिला खनन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाने तथा शासन एवं न्यायालय के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि आबादी वाले क्षेत्रों में जनसुरक्षा और आपदा के प्रभाव को कम करने के लिए नदियों में रिवर ड्रेजिंग और चौनलाइजेशन का कार्य बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ है। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा संभावित क्षेत्रों का तत्काल चिह्नीकरण कर उपखनिज की मात्रा का सही आंकलन किया जाए। साथ ही, नए चिन्हित लॉटों के लिए नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने अवैध खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तहसील स्तर पर गठित एंटी माइनिंग टास्क फोर्स को सक्रिय करने तथा खनन क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों को क्रियाशील रखते हुए नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने खनन क्षेत्रों में वाहनों की फिटनेस, वाहन चालकों की पहचान तथा खनन कार्य में लगे श्रमिकों की सुरक्षा एवं सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने को कहा।

उन्होंने खनिज वाहनों में रेडियम एवं फॉग लाइट अनिवार्य रूप से लगाने, स्टोन क्रशरों में धर्मकांटा की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा घोड़े-खच्चरों एवं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की नियमित जांच के निर्देश दिए। साथ ही खनन क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण एवं बच्चों की शिक्षा से जुड़े प्रावधानों का भी गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने स्टोन क्रशर संचालकों को कम से कम एक हजार पौधे लगाने के निर्देश जारी करने को भी कहा।

30 लॉटों पर खनन कार्य, 31.26 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त
जिला खनन अधिकारी ने बताया कि जनपद में निजी नाप भूमि के 03, वन विकास निगम के 04, गढ़वाल मंडल विकास निगम लिमिटेड के 08, ई-निविदा के माध्यम से स्वीकृत 01 तथा मैसर्स कैलाश रिवर बैंड एलएलपी के 14 खनन पट्टे आवंटित किए गए हैं। इन लॉटों के अंतर्गत कुल 659.81 हेक्टेयर खनन क्षेत्र निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि कुल 69 लॉट में से वर्तमान में 30 लॉटों पर खनन कार्य संचालित है, जिससे अब तक 31.26 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। अन्य लॉटों में आवश्यक कार्रवाई गतिमान है।

जिला खनन समिति की बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशा) स्मृता परमार, एसपी स्वतंत्र सिंह, एसडीएम विनोद कुमार, एसडीएम रविन्द्र ज्वांठा, जिला खनन अधिकारी ऐश्वर्य शाह, प्रबंधक जीएमवीएन कुसुम चौहान, सीओ विवेक सिंह, आरटीओ से रोशनी पंत वर्चुअल माध्यम से सभी एसडीएम सहित खनन समिति के अन्य सदस्यगण एवं अन्य संबन्धित अधिकारीगण मौजूद थे।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp