Tuesday, September 15th, 2026

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उत्तराखंड में सुरक्षा को लेकर DGP दीपम सेठ सख्त, चारधाम से चुनाव तक अलर्ट

Monthly Archives: September 2026

उत्तराखंड में सुरक्षा को लेकर DGP दीपम सेठ सख्त, चारधाम से चुनाव तक अलर्ट

देहरादून: पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने अभिसूचना एवं सुरक्षा मुख्यालय में समीक्षा बैठक कर आगामी विधानसभा चुनाव, चारधाम यात्रा, कुंभ मेला, VVIP कार्यक्रमों और त्योहारों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।

DGP ने भारत की पहली आतंकवाद निरोधी नीति ‘प्रहार’ को प्रभावी ढंग से लागू करने और पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े कट्टरपंथी गतिविधियों के इनपुट को देखते हुए जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा। साथ ही राज्य ATS को अन्य बड़े राज्यों के सफल ऑपरेशनों का अध्ययन कर पेशेवर स्तर पर अपग्रेड करने के निर्देश दिए।

चीन और नेपाल सीमा से लगे जिलों में संदिग्ध गतिविधियों और घुसपैठ पर प्रभावी रोक के लिए ITBP, SSB, सेना, IB, राज्य पुलिस और ATS के बीच उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित करने को कहा गया।

चारधाम यात्रा और आगामी कुंभ मेले के लिए ठोस सुरक्षा कार्ययोजना तैयार करने के साथ विधानसभा चुनाव, राज्य स्थापना दिवस, नवरात्र, दशहरा और दीपावली के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।

बैठक में Facebook, X, Instagram और WhatsApp पर 24 घंटे निगरानी रखने तथा भ्रामक खबरों, अफवाहों और डीपफेक वीडियो का तत्काल फैक्ट-चेक और आधिकारिक खंडन जारी करने पर भी जोर दिया गया।


अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का शिकंजा, झाझरा में पांच बीघा अनधिकृत प्लॉटिंग ध्वस्त

सेक्टरवार टीमों के जरिए लगातार कार्रवाई, विकासनगर, सहसपुर, ऋषिकेश, रायपुर और डोईवाला में विशेष अभियान

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण ने अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सेक्टरवार टीमों का गठन किया है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों और प्लॉटिंग से संबंधित मामलों की लगातार निगरानी कर रही हैं। वर्ष 2026 के शुरुआती आठ महीनों में एमडीडीए द्वारा अवैध निर्माणों और अनधिकृत प्लॉटिंग के विरुद्ध बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है। प्राधिकरण की कार्रवाई केवल छोटे स्तर के निर्माणों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वाली बड़ी इमारतों और व्यावसायिक निर्माणों के मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई की गई है। विकासनगर, ऋषिकेश, सहसपुर, रायपुर और डोईवाला सहित विभिन्न क्षेत्रों में अनधिकृत निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया है। एमडीडीए का स्पष्ट प्रयास है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र और निर्धारित नियमों के विपरीत होने वाले निर्माण एवं प्लॉटिंग पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए।

झाझरा में पांच बीघा अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई
इसी क्रम में प्राधिकरण द्वारा चरनपाल आदि के स्थल नन्दा एन्कलेव, सैनिक कॉलोनी, एलपी विलाश के सामने, झाझरा, देहरादून में कार्रवाई की गई। यहां करीब पांच बीघा भूमि पर डिमार्केशन करते हुए प्लॉटिंग का कार्य किया जा रहा था। प्राधिकरण की टीम द्वारा स्थल का निरीक्षण किए जाने के दौरान मौके पर स्वीकृत तलपट मानचित्र प्रस्तुत नहीं किया गया। प्राधिकरण स्तर से नियमानुसार मामले में वाद दायर किया गया। जांच एवं कार्रवाई की प्रक्रिया के बाद स्थल पर की जा रही समस्त अनधिकृत प्लॉटिंग को एमडीडीए द्वारा ध्वस्त कर दिया गया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि बिना स्वीकृति और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए की जा रही प्लॉटिंग को किसी भी स्थिति में अनुमति नहीं दी जाएगी।

सेक्टरवार निगरानी से तेज हुई कार्रवाई
एमडीडीए द्वारा अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सेक्टरवार टीमों को सक्रिय किया गया है। इन टीमों द्वारा संबंधित क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों की निगरानी के साथ ही बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माण और प्लॉटिंग की जानकारी जुटाकर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को अनधिकृत प्लॉटिंग और बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण से होने वाले संभावित नुकसान के प्रति जागरूक करना भी है। एमडीडीए ने आम लोगों से अपील की है कि भूमि खरीदने से पहले संबंधित भूखंड और ले-आउट की वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करें।

नियमों के उल्लंघन पर नहीं होगी ढिलाई
एमडीडीए द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के प्लॉटिंग, अनधिकृत निर्माण और नियमों का उल्लंघन करने वाली व्यावसायिक गतिविधियों के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। प्राधिकरण की टीमों को ऐसे मामलों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। एमडीडीए की कार्रवाई का उद्देश्य देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में नियोजित एवं व्यवस्थित विकास को बढ़ावा देना है, ताकि अनियोजित प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण के कारण भविष्य में यातायात, जल निकासी, सड़क, पार्किंग और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न न हों।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ प्राधिकरण की कार्रवाई लगातार जारी है। हमने सेक्टरवार टीमों को सक्रिय किया है, ताकि क्षेत्र में होने वाली निर्माण गतिविधियों की नियमित निगरानी की जा सके और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर समयबद्ध कार्रवाई हो। बिना स्वीकृत मानचित्र के की जा रही प्लॉटिंग न केवल नियोजन व्यवस्था को प्रभावित करती है, बल्कि भविष्य में आम लोगों के लिए भी परेशानी का कारण बन सकती है। झाझरा में करीब पांच बीघा क्षेत्र में की जा रही अनधिकृत प्लॉटिंग पर नियमानुसार कार्रवाई कर उसे ध्वस्त किया गया है। प्राधिकरण की कार्रवाई आगे भी पूरी गंभीरता के साथ जारी रहेगी।

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण के मामलों में एमडीडीए द्वारा नियमानुसार लगातार कार्रवाई की जा रही है। सेक्टरवार टीमें अपने क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों की निगरानी कर रही हैं। झाझरा में बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के करीब पांच बीघा क्षेत्र में की जा रही प्लॉटिंग के मामले में वाद दायर करने के बाद अनधिकृत प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। आमजन से भी अपील है कि भूमि खरीदने से पहले भूखंड और ले-आउट की स्वीकृति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।


देहरादून में कुष्ठ रोग मुक्त लाभार्थियों की हुई निःशुल्क स्वास्थ्य जांच

देहरादून। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 मनोज कुमार शर्मा के निर्देशों के क्रम में जनपद में कुष्ठ रोग मुक्त व्यक्तियों के उत्तम स्वास्थ्य और देखभाल के उद्देश्य से विभिन्न कुष्ठ आश्रमों में विशेष निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का सफल आयोजन किया गया। इन शिविरों के दौरान लाभार्थियों की गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, आंखों की जांच, निःशुल्क चश्मा वितरण एवं मानसिक स्वास्थ्य परामर्श संबंधी सुविधाएं प्रदान की गईं।

1. रैफल कुष्ट आश्रम

नेत्र जांच-19 (2 चश्मों का वितरण)

एनसीडी स्क्रीनिंग-19

मानसिक स्वास्थ्य परामर्श-19

2. रोटरी क्लब कुष्ट आश्रम भगत सिंह कॉलोनी

नेत्र जांच-20 (9 चश्मों का वितरण)

एनसीडी स्क्रीनिंग-20

मानसिक स्वास्थ्य परामर्श-20

3. राम मंदिर एवं इंद्रेश कुष्ट आश्रम

नेत्र जांच-24 (12 चश्मों का वितरण)

एनसीडी स्क्रीनिंग-24

मानसिक स्वास्थ्य परामर्श-24

4. केकेएम कुष्ठ आश्रम नालापानी

नेत्र जांच-23 (9 चश्मों का वितरण)

एनसीडी स्क्रीनिंग-23

मानसिक स्वास्थ्य परामर्श-23

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि विभाग द्वारा कुष्ठ रोग मुक्त व्यक्तियों के सर्वांगीण स्वास्थ्य सुधार हेतु इस प्रकार के विशेष अभियानों का आयोजन किया जाता रहा है, भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जायेगा।

शिविरों का संचालन अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी. एस. नेगी के कुशल मार्गदर्शन में किया गया। विशेषज्ञ टीम में डॉ. निशा सिंगला (मनोचिकित्सक), रजनी राणा (साइकैटरिस्ट नर्स), एवं अनिल टम्टा (दृष्टिमितज्ञ/ऑप्टोमेट्रिस्ट) बी. आर. तोमर, बी. पी. गौड़ (एमएनएस), सुभाष भट्ट, यूपीएचसी रीठामंडी की टीम से लीला पंवार, एनएनएम, सुश्री सिमरन चौहान (स्टाफ नर्स), तथा सुरेश रमोला एवं श्री संदीप उपस्थित रहे।


एसआईआर को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने समयबद्ध निस्तारण और पारदर्शिता पर दिया जोर

पौड़- निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 को लेकर मंगलवार को राजनीतिक दलों के जनपद स्तरीय पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गयी। बैठक की अध्यक्षता उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी एफआर चौहान ने की। बैठक में एसआईआर के तहत चल रहे पुनरीक्षण कार्य की प्रगति, प्राप्त दावे-आपत्तियों के निस्तारण तथा अंतिम प्रकाशन की तैयारियों पर चर्चा की गयी।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में जनपद की सभी छह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है। दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की अंतिम तिथि 28 सितंबर, 2026 निर्धारित है, जबकि निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन 3 अक्टूबर, 2026 को किया जाएगा।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्राप्त दावे एवं आपत्तियों का नियमानुसार परीक्षण करते हुए निर्धारित समय-सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से पुनरीक्षण कार्य में सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने बताया कि जनपद की छह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में एसआईआर के अंतर्गत कुल 1,39,967 नोटिस जनरेट किए गए थे। सभी नोटिस वितरित किए जा चुके हैं और उनकी सुनवाई की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। इनमें 2,626 प्रकरण अंतिम प्रकाशन के लिए शामिल नहीं किए जाएंगे, जबकि 1,37,341 प्रकरण अंतिम प्रकाशन के लिए रखे गए हैं।

बैठक में 15 जुलाई से 14 सितंबर, 2026 तक प्राप्त दावे एवं आपत्तियों की भी जानकारी दी गयी। इस अवधि में जनपद की छह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों से फार्म-6, फार्म-7 एवं फार्म-8 के कुल 16,150 आवेदन प्राप्त हुए हैं। संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के स्तर से इनका निस्तारण किया जा रहा है।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने पुनरीक्षण कार्य में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाएं। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को एसआईआर से संबंधित जानकारी जिला निर्वाचन कार्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध होने की जानकारी भी दी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पुनरीक्षण कार्य पूरा करने को कहा।

इस अवसर पर सहायक नोडल एसआईआर मास्टर आदर्श, राजनीतिक दलों से सुरेंद्र रावत, जगमोहन नेगी, राकेश गौरशाली, हरीश उनियाल सहित अन्य उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन पर यमकेश्वर शिव मंदिर में होगा रुद्राभिषेक व यज्ञ

यमकेश्वर(पौड़ी )। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन के अवसर पर उनके गृह क्षेत्र यमकेश्वर में कल बुधवार 16सितंबर को यमकेश्वर मंडल भाजपा संगठन तथा श्रद्धालुओं द्वारा प्रसिद्ध यमकेश्वर शिव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक एवं यज्ञ का आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री धामी के स्वस्थ, दीर्घायु एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना को लेकर आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं श्रद्धालुजन शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान भगवान शिव का विधिवत रुद्राभिषेक कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की जाएगी।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर से ‘सेवा संकल्प माह’ एवं ‘आशीर्वाद दीया’ कार्यक्रम भी आयोजित करेगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से सेवा और जनकल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाया जाएगा।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है और विभिन्न स्थानों पर सेवा एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


दोस्तों के बैंक खाते लेकर साइबर ठगी की रकम मंगवाता था 22 वर्षीय युवक, पंचकूला पुलिस ने किया गिरफ्तार

पंचकूला। पुलिस ने 22 वर्षीय एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि वह मजबूरी का हवाला देकर दोस्तों से उनके बैंक खातों और एटीएम कार्ड की जानकारी हासिल करता था। इसके बाद इन खातों में साइबर ठगी की रकम मंगवाकर एटीएम के जरिए निकाल ली जाती थी।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान विशाल कुमार के रूप में हुई है। वह मूलरूप से हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है और पिंजौर में रह रहा था। साइबर अपराध पर अंकुश लगाने और म्यूल बैंक खातों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।

साइबर थाना सेक्टर-20 की जांच में संदिग्ध बैंक खातों से जुड़ी साइबर ठगी की शिकायतें सामने आई थीं। साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह के अनुसार, जांच में सामने आया कि विशाल ने अपने साथी के साथ मिलकर दोस्तों को मजबूरी का हवाला देकर उनका भरोसा जीता और बैंक खातों की जानकारी व एटीएम कार्ड हासिल किए।

इन बैंक खातों में साइबर ठगी से हासिल रकम मंगवाई जाती थी और बाद में एटीएम के जरिए पैसे निकाल लिए जाते थे। जांच में अब तक सात बैंक खातों के दुरुपयोग और करीब आठ लाख रुपये की संदिग्ध साइबर ठगी की रकम सामने आई है।

डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था। रिमांड के दौरान उसके पास से मोबाइल फोन बरामद किया गया। इसके बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है।

पुलिस अब मामले में उसके फरार साथी की तलाश कर रही है। पुलिस साइबर ठगी की रकम और इस्तेमाल किए गए बैंक खातों से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।


वजन घटाने के लिए कर रहे हैं इंटरमिटेंट फास्टिंग? पहले जान लें इसके फायदे और नुकसान

आज के दौर में तेजी से वजन कम करने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग का चलन काफी बढ़ गया है। इस तरीके में व्यक्ति दिन के कुछ तय घंटों में ही भोजन करता है और बाकी समय उपवास रखता है। वजन नियंत्रित करने के साथ-साथ कुछ शोधों में इसके ब्लड प्रेशर और आराम की अवस्था में दिल की धड़कन पर सकारात्मक प्रभाव के संकेत भी मिले हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित या उपयुक्त है।

खासकर पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों या नियमित रूप से दवाइयां लेने वालों को इसे शुरू करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। लंबे समय तक भोजन न करने से कुछ लोगों में सिरदर्द, कमजोरी, चक्कर या ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए वजन घटाने के लिए फास्टिंग शुरू करने से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है।

इंटरमिटेंट फास्टिंग से मिल सकते हैं ये फायदे

इंटरमिटेंट फास्टिंग का सबसे प्रमुख उद्देश्य खाने की अवधि को सीमित करना है। इससे कई लोगों में कुल कैलोरी का सेवन कम हो सकता है, जिसके चलते वजन घटाने में मदद मिल सकती है।

कुछ अध्ययनों में यह भी संकेत मिला है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और आराम की अवस्था में दिल की धड़कन कम करने में मदद कर सकती है। एक अध्ययन में 16 घंटे तक उपवास रखने वाले पुरुषों में शरीर की चर्बी कम होने के संकेत देखे गए थे।

हालांकि, इन अध्ययनों के परिणामों को हर व्यक्ति पर सीधे लागू नहीं किया जा सकता। फास्टिंग का असर व्यक्ति की उम्र, वजन, खान-पान, जीवनशैली और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।

लंबे समय तक खाना न खाने से सिरदर्द की समस्या

इंटरमिटेंट फास्टिंग शुरू करने के बाद कुछ लोगों को सिरदर्द की शिकायत हो सकती है। लंबे समय तक भोजन न मिलने के कारण शरीर में होने वाले बदलाव इसके पीछे एक कारण हो सकते हैं। कुछ लोगों को इसके साथ कमजोरी या चक्कर भी महसूस हो सकते हैं।

2020 में प्रकाशित एक समीक्षा में भी इंटरमिटेंट फास्टिंग करने वाले लोगों में सिरदर्द की समस्या सामने आई थी। हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति में समान नहीं होता। किसी व्यक्ति को हल्का सिरदर्द हो सकता है, जबकि किसी अन्य को ज्यादा परेशानी महसूस हो सकती है।

अगर फास्टिंग के दौरान बार-बार या तेज सिरदर्द की समस्या हो रही है, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

डायबिटीज के मरीज रहें विशेष सावधान

डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग शुरू करना सामान्य लोगों की तुलना में अधिक सावधानी की मांग करता है। लंबे समय तक भोजन न करने से ब्लड शुगर के स्तर में उतार-चढ़ाव हो सकता है।

खासकर इंसुलिन या ब्लड शुगर कम करने वाली दवाइयां लेने वाले लोगों में हाइपोग्लाइसीमिया यानी ब्लड शुगर बहुत कम होने का जोखिम बढ़ सकता है।

ऐसे में डायबिटीज के मरीजों को केवल वजन कम करने के उद्देश्य से अपने स्तर पर फास्टिंग शुरू नहीं करनी चाहिए। उन्हें पहले डॉक्टर से सलाह लेकर यह तय करना चाहिए कि उनके लिए किस तरह का खान-पान और भोजन का समय सुरक्षित रहेगा।

नियमित दवा लेते हैं तो पहले डॉक्टर से पूछें

अगर कोई व्यक्ति ब्लड प्रेशर, हृदय रोग या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या की दवाइयां नियमित रूप से ले रहा है, तो इंटरमिटेंट फास्टिंग शुरू करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

फास्टिंग के कारण भोजन करने का समय बदल जाता है और ऐसे में कुछ दवाइयों के सेवन का समय भी प्रभावित हो सकता है। वहीं, कुछ दवाइयां भोजन के साथ लेना जरूरी होता है। लंबे समय तक खाली पेट रहने पर कमजोरी या चक्कर जैसी समस्या भी हो सकती है।

इसलिए किसी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति या नियमित दवा लेने वाले लोगों के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के इंटरमिटेंट फास्टिंग शुरू करना सही नहीं माना जाता। वजन कम करना महत्वपूर्ण है, लेकिन इसे सुरक्षित तरीके से करना उससे भी ज्यादा जरूरी है।

नोट: यह लेख उपलब्ध मेडिकल रिपोर्टों और अध्ययनों में सामने आई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या नियमित दवा के मामले में फास्टिंग शुरू करने से पहले चिकित्सक की सलाह लें।


दून पुलिस का शराब तस्करों पर शिकंजा, चार आरोपी गिरफ्तार

देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ दून पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में ऋषिकेश और पटेलनगर थाना क्षेत्रों में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पांच पेटी से अधिक अवैध देसी शराब बरामद की गई। वहीं, शराब तस्करी में इस्तेमाल टाटा ऐस (छोटा हाथी) वाहन को सीज कर दिया गया।

एसएसपी दून ने सभी अधीनस्थ अधिकारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में मादक पदार्थों और अवैध शराब की तस्करी में लिप्त आरोपियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों के अनुपालन में पुलिस टीमों द्वारा लगातार चेकिंग और कार्रवाई की जा रही है।

ऋषिकेश में तीन आरोपी गिरफ्तार

कोतवाली ऋषिकेश की अलग-अलग टीमों ने 15 सितंबर 2026 को चेकिंग के दौरान पुराने रेलवे स्टेशन गेट, डाकघर आईडीपीएल के सामने और परशुराम चौक से तीन आरोपियों को अवैध शराब की तस्करी करते हुए गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोबिन कुमार पुत्र नरेश कुमार, सौरब पुत्र रमेश कुमार और भोले पुत्र सुरेश के रूप में हुई है। तीनों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज किया गया है। पुलिस ने शराब तस्करी में प्रयुक्त टाटा ऐस वाहन संख्या यूके-14-सीए-2855 को सीज कर दिया।

पुलिस के अनुसार, रोबिन कुमार के कब्जे से 27 ट्रेटा पैक माल्टा मसालेदार देसी शराब, सौरब के कब्जे से 35 ट्रेटा पैक माल्टा मसालेदार देसी शराब और भोले के कब्जे से 110 ट्रेटा पैक माल्टा देसी शराब बरामद हुई।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:

रोबिन कुमार, निवासी 134 अवधूत मार्ग, वाल्मीकि नगर, ऋषिकेश, उम्र 40 वर्ष।
सौरब, निवासी तुलसी विहार कॉलोनी, हनुमान मंदिर के पास, श्यामपुर, ऋषिकेश, उम्र 25 वर्ष।
भोले, निवासी गोविंद नगर झुग्गी-झोपड़ी, परशुराम चौक, ऋषिकेश, उम्र 29 वर्ष।

पटेलनगर में 86 टेट्रा पैक शराब के साथ आरोपी गिरफ्तार

पटेलनगर पुलिस ने 15 सितंबर 2026 को मुखबिर की सूचना पर महाराणा प्रताप ग्राउंड, आईएसबीटी पटेलनगर के पास से अमित पुत्र मुकेश कुमार को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 86 टेट्रा पैक देसी मसालेदार शराब बरामद की गई।

आरोपी अमित, निवासी टर्नर रोड, लेन नंबर-1, क्लेमनटाउन, उम्र 38 वर्ष के खिलाफ थाना पटेलनगर में मु0अ0सं0-639/2026, धारा 60 आबकारी अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज किया गया है।

इस कार्रवाई में दून पुलिस ने ऋषिकेश और पटेलनगर क्षेत्र से कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर 258 ट्रेटा पैक देसी शराब बरामद की है।


बांग्लादेश में अवामी लीग के 7 बड़े नेताओं को फांसी की सजा

2024 के छात्र आंदोलन में हिंसा भड़काने और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के आरोप में इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल-2 ने सुनाया फैसला

ढाका। बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल-2 ने मंगलवार को प्रतिबंधित अवामी लीग के सात वरिष्ठ नेताओं को मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में मौत की सजा सुनाई। अदालत ने इन नेताओं को 2024 में छात्र नेतृत्व वाले प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़काने, उसका समर्थन करने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए निर्देश देने से जुड़े आरोपों में दोषी ठहराया। सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा उनकी गैरमौजूदगी में चला।

बड़े नेताओं को सुनाई गई फांसी की सजा

तीन सदस्यीय ट्रिब्यूनल की अध्यक्षता न्यायमूर्ति मोहम्मद नजरुल इस्लाम चौधरी ने की। मौत की सजा पाने वालों में अवामी लीग के महासचिव और पूर्व सड़क परिवहन मंत्री ओबैदुल कादेर, संयुक्त महासचिव एएफएम बहाउद्दीन नसीम और पूर्व सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री मोहम्मद अली अराफात शामिल हैं।

इसके अलावा जुबो लीग के अध्यक्ष शेख फजले शम्स परश, महासचिव मैनुल हुसैन खान निखिल, बांग्लादेश छात्र लीग के अध्यक्ष साद्दाम हुसैन और महासचिव शेख वली आसिफ एनान को भी ट्रिब्यूनल ने मौत की सजा सुनाई है। सुनवाई के दौरान सातों आरोपियों की ओर से सरकार द्वारा नियुक्त बचाव पक्ष के वकील अदालत में मौजूद रहे।

यह पूरा मामला 2024 में हुए छात्र नेतृत्व वाले प्रदर्शनों से जुड़ा है। इन्हीं प्रदर्शनों को ‘जुलाई विद्रोह’ के नाम से जाना गया और बाद में इसी आंदोलन ने शेख हसीना की सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया था।

फरवरी से शुरू हुई थी सुनवाई

ट्रिब्यूनल ने 22 जनवरी को सातों आरोपियों के खिलाफ सात आरोप तय किए थे। इसके बाद 17 फरवरी से मामले की सुनवाई शुरू हुई। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि इन नेताओं ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए निर्देश जारी किए, भड़काऊ बयान दिए और ऐसी बैठकों में हिस्सा लिया, जहां हिंसा की योजनाओं पर चर्चा हुई।

आरोपियों पर हथियारबंद हमलों, व्यापक दमन और अलग-अलग स्थानों पर मीडिया को नियंत्रित करने के प्रयासों में शामिल होने के भी आरोप लगाए गए। अभियोजन पक्ष के मुताबिक इन गतिविधियों के चलते हत्या, हत्या के प्रयास और देश के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई।

5 अगस्त 2024 को सत्ता से बाहर हुई थीं शेख हसीना

छात्रों के नेतृत्व में शुरू हुए प्रदर्शन ने बांग्लादेश की तत्कालीन सरकार के लिए बड़ा संकट खड़ा कर दिया था। आखिरकार 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा और वह बांग्लादेश से भारत चली गईं। इसके बाद से वह भारत में रह रही हैं।

नवंबर 2025 में इसी ट्रिब्यूनल ने शेख हसीना और उनके पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को भी छात्र आंदोलनों के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में उनकी गैरमौजूदगी में मौत की सजा सुनाई थी। ट्रिब्यूनल ने हसीना को ‘सुपीरियर कमांड रिस्पॉन्सिबिलिटी’ के सिद्धांत के तहत दोषी माना था और कहा था कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ घातक बल के इस्तेमाल की अनुमति दी।

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय के अनुमान के अनुसार, 15 जुलाई से 5 अगस्त 2024 के बीच प्रदर्शनों से जुड़ी हिंसा में करीब 1,400 लोगों की मौत हुई थी।

हसीना की सजा पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठे सवाल

शेख हसीना को सुनाई गई मौत की सजा के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सवाल उठे थे। कानूनी विशेषज्ञों और मानवाधिकार संगठनों ने मुकदमे की निष्पक्षता और अपनाई गई कानूनी प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई थी।

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने फैसले की आलोचना करते हुए कहा था कि मुकदमे और सजा की प्रक्रिया से न्याय सुनिश्चित नहीं हुआ। वहीं ह्यूमन राइट्स वॉच ने भी निष्पक्ष सुनवाई को लेकर सवाल उठाए थे। संगठन ने विशेष रूप से इस बात पर चिंता जताई थी कि हसीना को अपनी पसंद के वकील के माध्यम से अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं मिला।

इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल की स्थापना शेख हसीना सरकार ने वर्ष 2010 में 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान हुए मानवता के खिलाफ अपराधों की सुनवाई के लिए की थी। हसीना सरकार के सत्ता से हटने के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने ट्रिब्यूनल के कानून में बदलाव किए। इन संशोधनों के तहत राजनीतिक दलों और उनसे जुड़े संगठनों के खिलाफ भी कार्रवाई का अधिकार दिया गया।

अवामी लीग नेताओं पर बड़ी संख्या में मामले

शेख हसीना सरकार के सत्ता से हटने के बाद अवामी लीग के नेताओं, मंत्रियों, सांसदों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ बांग्लादेश के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी संख्या में मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से कई मामलों में अभी सुनवाई शुरू नहीं हुई है।

इस बीच शेख हसीना ने पिछले महीने कहा था कि वह दिसंबर में बांग्लादेश लौटने के लिए दृढ़ हैं और देश को ‘सही रास्ते’ पर लाना चाहती हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि जेल जाने या मौत की सजा का खतरा उन्हें पीछे नहीं हटा सकता।


तमिलनाडु में सीएम विजय की टिप्पणी को लेकर विवाद, डीएमके के ए राजा समेत तीन नेताओं पर केस

तमिलनाडु। मुख्यमंत्री विजय को लेकर तमिलनाडु की सियासत में विवाद बढ़ता जा रहा है। हालिया पार्टी प्रदर्शनों के दौरान कथित तौर पर आपत्तिजनक और मानहानिकारक टिप्पणी करने के आरोप में डीएमके के वरिष्ठ नेता ए राजा, पीके सेकर बाबू और विधायक वसंतम कार्तिकेयन के खिलाफ पुलिस ने अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की।

पुलिस के अनुसार, तीनों नेताओं के खिलाफ 12 सितंबर को कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर अलग-अलग थानों में शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की गई है।

डीएमके के हार्बर विधायक और चेन्नई ईस्ट जिला सचिव पीके सेकर बाबू के खिलाफ बी1 नॉर्थ बीच पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, मुख्यमंत्री के खिलाफ पार्टी के प्रदर्शन के दौरान कथित अपमानजनक टिप्पणी करने की शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई।

सैदापेट पुलिस ने डीएमके नेता ए राजा के खिलाफ टीवीके पदाधिकारी कार्तिक की शिकायत पर केस दर्ज किया है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान राजा ने ऊर्जा संसाधन एवं कानून मंत्री आरएन निर्मल कुमार के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

राजा ने इस मामले में सत्तारूढ़ टीवीके को चुनौती देते हुए कहा था कि उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाए। उन्होंने यह भी कहा था कि कांग्रेस और भाजपा के नेताओं ने डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन के योगदान और आपातकाल के दौरान MISA के तहत उनकी गिरफ्तारी को स्वीकार किया है।

कलकुरिची पुलिस ने ऋषिवंधियम से डीएमके विधायक वसंतम कार्तिकेयन के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। उन पर मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है।

दरअसल, डीएमके ने मुख्यमंत्री विजय की विधानसभा में की गई उन टिप्पणियों के विरोध में राज्यभर में प्रदर्शन किए थे, जिनमें उन्होंने एमके स्टालिन की आपातकाल के दौरान MISA के तहत हिरासत का जिक्र किया था। विजय ने डीएमके पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए स्टालिन की गिरफ्तारी का उल्लेख किया था। इस दौरान उन्होंने जबड़े से इशारा भी किया था, जिस पर विधानसभा में डीएमके सदस्यों ने तत्काल आपत्ति जताई थी।

इसके बाद ऊर्जा संसाधन एवं कानून मंत्री आरएन निर्मल कुमार ने विधानसभा में मुख्यमंत्री की टिप्पणी का समर्थन किया। उन्होंने स्टालिन के 1975-77 के आपातकाल के दौरान MISA के तहत गिरफ्तार किए जाने के लंबे समय से चले आ रहे दावे पर सवाल उठाया।

मंत्री ने कहा था कि स्टालिन के MISA बंदी होने को साबित करने वाला कोई आधिकारिक हिरासत आदेश उपलब्ध नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया था कि अगर स्टालिन को MISA के तहत गिरफ्तार किया गया था तो उस गिरफ्तारी का आधिकारिक आदेश कहां है। निर्मल कुमार ने आरोप लगाया कि डीएमके इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर स्टालिन को राजनीतिक शहीद के तौर पर प्रस्तुत करने की कोशिश कर रही है।


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