Friday, September 18th, 2026

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13 घंटे तक धधकता रहा जयपुर का सेठी कॉम्प्लेक्स, भवन मालिक के खिलाफ FIR

Monthly Archives: September 2026

13 घंटे तक धधकता रहा जयपुर का सेठी कॉम्प्लेक्स, भवन मालिक के खिलाफ FIR

संकरी गलियों और कथित अव्यवस्थित अग्निशमन इंतजामों के बीच दमकल टीम को आग बुझाने में करनी पड़ी कड़ी मशक्कत; कई दुकानें और गोदाम प्रभावित

जयपुर। जयपुर की बड़ी चौपड़ स्थित मिनहारी जी के कटले के सेठी कॉम्प्लेक्स में लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने भवन मालिक आनंद सेठी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस की ओर से दर्ज रिपोर्ट में भवन में कथित अवैध निर्माण, अग्निशमन उपकरणों के चालू हालत में नहीं होने, फायर एनओसी की व्यवस्था नहीं होने और आने-जाने के रास्तों के संकरे व अवरुद्ध होने जैसे आरोप लगाए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक कॉम्प्लेक्स की दूसरी मंजिल पर लगी आग करीब 13 घंटे तक धधकती रही। आग तेजी से फैलने के कारण कई दुकानों और गोदामों में रखा सामान इसकी चपेट में आ गया। आग पर नियंत्रण पाने के लिए दमकलकर्मियों को लंबे समय तक अभियान चलाना पड़ा।

रिपोर्ट के अनुसार, कॉम्प्लेक्स तक दमकल वाहनों को पहुंचाने में भी काफी परेशानी हुई। संकरे और अवरुद्ध रास्तों के कारण फायर ब्रिगेड को मौके तक पहुंचने में दिक्कत आई, जिसके चलते आग बुझाने के लिए अस्थायी व्यवस्था का सहारा लेना पड़ा।

आग से प्रभावित प्रतिष्ठानों में सतनाम मदान ट्रेडर्स, जितेंद्र/कमल, कमल अग्रवाल, शैलेंद्र अग्रवाल, राजेश, हसन, रमेश/राजेश, राकेश गुप्ता की विमल होजरी एजेंसी, छोटूमाई पुरुषोत्तम, अशोक कुमार शर्मा और विकास शर्मा समेत कई दुकानें शामिल हैं। 201-ए से 206-ए तक स्थित कुछ अन्य दुकानें भी प्रभावित हुई हैं। विमल होजरी एजेंसी में करीब 65 से 70 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान बताया गया है, जबकि बाकी दुकानों में हुए नुकसान का आकलन जारी है।

मामले में उप निरीक्षक नरेंद्र की रिपोर्ट पर एफआईआर दर्ज की गई है। जांच की जिम्मेदारी थानाधिकारी राकेश खालिया को दी गई है। पुलिस अब भवन के निर्माण, फायर सेफ्टी उपकरणों, फायर एनओसी और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं से जुड़े पहलुओं की जांच करेगी।


500 मीटर गहरी खाई में कार गिरने से दो की मौत, रात के हादसे के बाद शुक्रवार को निकाले गए शव

सेरी के पास अनियंत्रित हुई ऑल्टो कार; पुलिस और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद शवों को सड़क तक पहुंचाया

कुल्लू/नित्थर। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की नित्थर उपतहसील में हुए सड़क हादसे ने इलाके को झकझोर कर रख दिया। दुराह पंचायत के डवार्च मार्ग पर सेरी के पास वीरवार रात करीब सवा आठ बजे एक ऑल्टो कार अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में कार सवार दोनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कार दुराह की ओर जा रही थी। सेरी के पास अचानक वाहन सड़क से नीचे उतर गया और गहरी खाई में जा गिरा। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।

गहरी खाई और दुर्गम स्थिति के कारण शवों को बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण रहा। पुलिस चौकी नित्थर के जवानों और स्थानीय लोगों ने शुक्रवार को कई घंटे तक अभियान चलाया। दोपहर करीब एक से तीन बजे तक चले प्रयासों के बाद दोनों शवों को सड़क तक पहुंचाया गया। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल निरमंड भेजे गए।

मृतकों की पहचान हरि सिंह निवासी शाह, ग्राम पंचायत लोट और श्याम लाल निवासी डवार्च, ग्राम पंचायत दुराह के रूप में हुई है। दुर्घटना में ऑल्टो कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

डीएसपी आनी राजीव मेहता ने हादसे में दो लोगों की मौत की पुष्टि की है। पुलिस के अनुसार दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।


भारत ने अफगानिस्तान को तीसरे टी20 मुकाबले में 127 रनों से हराया, 3-0 से सीरीज की अपने नाम

अभिषेक शर्मा का तूफान, 30 गेंदों में ठोका शतक 

नई दिल्ली। भारतीय टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन करते हुए 127 रन से बड़ी जीत दर्ज की। दिल्ली में खेले गए मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने बल्ले से ऐसा तूफान मचाया कि कई बड़े रिकॉर्ड उनके नाम हो गए। अभिषेक ने महज 30 गेंदों में शतक पूरा किया। इस शानदार जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज में अफगानिस्तान का 3-0 से क्लीन स्वीप कर दिया।

30 गेंदों में शतक, रोहित शर्मा का रिकॉर्ड टूटा

अभिषेक शर्मा ने अपनी पारी की शुरुआत से ही अफगानिस्तान के गेंदबाजों पर हमला बोल दिया। उन्होंने महज 16 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और इसके बाद भी उनकी रफ्तार कम नहीं हुई। देखते ही देखते उन्होंने 30 गेंदों में शतक पूरा कर लिया।

इससे पहले भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड रोहित शर्मा के नाम था। रोहित ने 2017 में श्रीलंका के खिलाफ इंदौर में 35 गेंदों में शतक लगाया था। अभिषेक ने अब इस रिकॉर्ड को पांच गेंद पहले ही तोड़ दिया।

हालांकि, टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड अभी भी एस्टोनिया के साहिल चौहान के नाम है। साहिल ने 2024 में साइप्रस के खिलाफ सिर्फ 27 गेंदों में शतक जड़ा था।

पावरप्ले में पहली बार 100 के पार पहुंचा भारत

अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने भारत को बेहद तेज शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले ही ओवर से आक्रामक बल्लेबाजी शुरू कर दी। अभिषेक के चौकों-छक्कों की बरसात के बीच सैमसन ने भी तेजी से रन बनाए।

भारत ने पावरप्ले खत्म होने से पहले ही 100 रन का आंकड़ा पार कर लिया। यह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारतीय टीम का पावरप्ले का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले भारत ने कभी पावरप्ले में 100 रन नहीं बनाए थे।

पूर्ण सदस्य टीमों में सबसे तेज शतक

अभिषेक का 30 गेंदों में लगाया गया शतक टेस्ट खेलने वाले देशों के बल्लेबाजों में सबसे तेज है। इस सूची में उनके बाद जिम्बाब्वे के सिकंदर रजा और न्यूजीलैंड के फिन एलन हैं, जिन्होंने 33-33 गेंदों में शतक लगाया है। दक्षिण अफ्रीका के डेविड मिलर और भारत के रोहित शर्मा ने 35-35 गेंदों में यह कारनामा किया था।

अभिषेक की खास बात यह भी है कि वह घरेलू क्रिकेट में इससे भी कम गेंदों में शतक लगा चुके हैं। 2024 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में पंजाब की ओर से खेलते हुए उन्होंने मेघालय के खिलाफ सिर्फ 28 गेंदों में शतक जड़ा था।

सैमसन ने भी लगाया लगातार दूसरा अर्धशतक

अभिषेक शर्मा के साथ संजू सैमसन ने भी बल्ले से महत्वपूर्ण योगदान दिया। सैमसन ने 35 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। यह सीरीज में उनका लगातार दूसरा 50 से अधिक रन का स्कोर रहा।

सैमसन को 22 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान भी मिला, जब मिडऑफ पर इब्राहिम जादरान उनका कैच नहीं पकड़ सके। उन्होंने इस मौके का फायदा उठाते हुए अर्धशतक पूरा किया।

भारत की ओर से कप्तान श्रेयस अय्यर ने 29 रन बनाए। शिवम दुबे ने 14, ईशान किशन ने 10, तिलक वर्मा ने 2 और नीतीश रेड्डी ने 1 रन बनाया। अक्षर पटेल 5 रन बनाकर नाबाद रहे। अफगानिस्तान की ओर से अजमतुल्लाह ओमरजई ने दो, जबकि राशिद खान और अब्दुल्लाह अहमदजई ने एक-एक विकेट लिया।

222 रन के लक्ष्य के सामने बिखरी अफगानिस्तान की पारी

भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 221 रन बनाए। इसके जवाब में अफगानिस्तान की टीम 14.1 ओवर में महज 94 रन पर ऑलआउट हो गई।

अफगानिस्तान की ओर से कप्तान इब्राहिम जादरान ने सबसे ज्यादा 25 रन बनाए। अजमतुल्लाह ओमरजई ने 17, रहमानुल्लाह गुरबाज ने 15 और नूर उल रहमान ने 11 रन का योगदान दिया। टीम के केवल चार बल्लेबाज ही दोहरे अंक तक पहुंच सके।

भारत की गेंदबाजी में नीतीश कुमार रेड्डी और रवि बिश्नोई ने तीन-तीन विकेट लिए। अक्षर पटेल को दो विकेट मिले, जबकि जसप्रीत बुमराह और यश ठाकुर ने एक-एक विकेट चटकाया।

अफगानिस्तान की टी20 में सबसे बड़ी हार

127 रन की हार अफगानिस्तान की टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रनों के लिहाज से सबसे बड़ी हार बन गई है। इससे पहले उसे 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ 116 रन से और 2024 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 104 रन से हार का सामना करना पड़ा था।

भारत के खिलाफ भी अफगानिस्तान का यह सबसे कम स्कोर रहा। इससे पहले 2022 में टीम इंडिया के खिलाफ अफगानिस्तान ने 8 विकेट पर 111 रन बनाए थे।

टी20 में भारत की 100+ रन से 10वीं जीत

भारत ने इस मुकाबले में 100 या उससे अधिक रन के अंतर से टी20 अंतरराष्ट्रीय में अपनी 10वीं जीत दर्ज की। इस मामले में भारत संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा ऐसी जीत दर्ज करने वाली टीमों में शामिल हो गया है। कनाडा ने भी टी20 अंतरराष्ट्रीय में 10 बार 100 या उससे अधिक रन के अंतर से जीत दर्ज की है।

दिल्ली में खेले गए इस मुकाबले में अभिषेक शर्मा की रिकॉर्डतोड़ पारी, संजू सैमसन के अर्धशतक और भारतीय गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन ने मिलकर भारत को बड़ी जीत दिलाई और टीम ने सीरीज पर 3-0 से कब्जा कर लिया।


देहरादून में जन सेवा केंद्रों पर प्रशासन की छापेमारी, 4 केंद्र सील

कंप्यूटर-लैपटॉप अभिरक्षा में लिए

देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर जनपद में संचालित जन सेवा केंद्रों की कार्यप्रणाली और निर्धारित मानकों के अनुपालन की जांच के लिए जिला प्रशासन ने औचक निरीक्षण अभियान चलाया। उप जिलाधिकारी देहरादून के नेतृत्व में प्रशासन की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में जन सेवा केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान अनियमितताएं मिलने पर कई केंद्रों के खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई की गई।

जांच के दौरान शादमान (CSC ID: 353233270019), हनी रमन (CSC ID: 554776230016), करन वर्मा (CSC ID: 626776760018) और प्राची कौशिक (CSC ID: 727124560013) के जन सेवा केंद्रों पर कमियां पाए जाने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।

कई केंद्रों से कंप्यूटर और लैपटॉप लिए अभिरक्षा में

औचक निरीक्षण के दौरान तहसीलदार सदर ने शादमान, पूनम खन्ना और करन वर्मा के केंद्रों से सीपीयू अभिरक्षा में लिए। इसके अलावा पारुल बंसल और प्राची कौशिक के केंद्रों से लैपटॉप भी प्रशासन ने अपने कब्जे में लिए हैं।

सीएससी आईडी निरस्त करने की संस्तुति

जांच के दौरान पवन फर्स्वाण (CSC ID: 543342670011) के केंद्र पर मिली कमियों के संबंध में उसकी सीएससी आईडी निरस्त करने की संस्तुति उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। वहीं पूनम खन्ना (CSC ID: 317574420015) के केंद्र पर मिली कमियों को लेकर उन्हें कड़ी चेतावनी जारी की गई है।

पारुल बंसल (CSC ID: 252619240013) के केंद्र पर मिली अनियमितता के मामले में लैपटॉप अभिरक्षा में लिया गया है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जन सेवा केंद्रों का संचालन आमजन को विभिन्न सरकारी सेवाएं और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है। ऐसे में केंद्र संचालकों के लिए निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य है। प्रशासन ने कहा कि आमजन की सुविधा से जुड़े इन केंद्रों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रशासन के अनुसार जन सेवा केंद्रों का औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन या अन्य अनियमितता पाए जाने पर संबंधित केंद्र संचालकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

औचक निरीक्षण अभियान के दौरान तहसीलदार सदर सुरेंद्र देव, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर हरेंद्र सिंह समेत तहसील और पुलिस की टीम मौजूद रही।


सड़क पर स्टंटबाजी करना पड़ा भारी, हुड़दंग मचाने वाले युवक को पुलिस ने किया गिरफ्तार

देहरादून। सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग और खतरनाक तरीके से वाहन चलाने वालों के खिलाफ देहरादून पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने सभी अधीनस्थ अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग करने वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

इसी क्रम में 16 सितंबर 2026 की रात थाना सेलाकुई पुलिस को सूचना मिली कि भागीरथी एनक्लेव स्थित कपिल मेडिकल हॉल के सामने वाली गली में एक व्यक्ति तेज और खतरनाक तरीके से वाहन चलाते हुए स्टंटबाजी कर रहा है। स्थानीय लोगों ने जब उसे ऐसा करने से रोका तो वह उनके साथ विवाद करने लगा और सार्वजनिक स्थान पर हंगामा करने लगा।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहां कुछ स्थानीय लोगों ने एक स्कॉर्पियो वाहन संख्या एचआर05बीएस-2726 को रोक रखा था। वाहन चालक नीरज पुत्र राजेंद्र सिंह लोगों के साथ जोर-जोर से हल्ला करते हुए झगड़ा कर रहा था।

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि चालक कॉलोनी के भीतर स्कॉर्पियो को बेहद खतरनाक और अनियंत्रित तरीके से चला रहा था। स्थानीय लोगों ने दुर्घटना की आशंका को देखते हुए उसे ऐसा करने से मना किया, जिसके बाद वह उनके साथ झगड़ने लगा। विवाद बढ़ने पर मौके पर मौजूद भीड़ भी आक्रोशित हो गई और शांति व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति पैदा हो गई।

स्थिति को देखते हुए पुलिस ने वाहन चालक नीरज को धारा 170 बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार कर हिरासत में ले लिया। वहीं, खतरनाक तरीके से वाहन चलाने पर स्कॉर्पियो को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिया गया।


एम्स किच्छा में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले 05 अभियुक्तो को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार

अभियुक्तों के कब्जे से ₹2 लाख नकद, फर्जी नियुक्ति पत्र हुए बरामद

ऋषिकेश। निर्माणाधीन एम्स किच्छा में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से रकम वसूलने और फर्जी नियुक्ति पत्र देने के आरोप में ऋषिकेश पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी नौकरी लगवाने के नाम पर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये की रकम मांग रहे थे। मामले में पुलिस ने दो संदिग्ध फर्जी नियुक्ति पत्र और दो लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।

पुलिस के मुताबिक एम्स ऋषिकेश के सुरक्षा विभाग की इंटेलिजेंस टीम ने संस्थान प्रशासन के समन्वय से बैराज रोड पर गोपनीय कार्रवाई की। इस दौरान कुछ संदिग्ध व्यक्तियों को निर्माणाधीन एम्स किच्छा में नौकरी दिलाने के नाम पर 3 लाख 20 हजार रुपये के लेन-देन को लेकर बातचीत करते हुए पकड़ा गया।

एम्स ऋषिकेश प्रशासन को लगातार ऐसी सूचनाएं मिल रही थीं कि कुछ लोग निर्माणाधीन एम्स किच्छा में विभिन्न पदों पर नौकरी लगवाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं और अभ्यर्थियों से धनराशि मांग रहे हैं। आरोप है कि इन लोगों द्वारा फर्जी नियुक्ति पत्र भी तैयार किए जा रहे थे।

मामले में एम्स ऋषिकेश के प्रशासनिक अधिकारी विक्रम सिंह की ओर से कोतवाली ऋषिकेश में लिखित तहरीर दी गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 463/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) में सुब्रत बछाड़ समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।

पूछताछ में रकम के लेन-देन का खुलासा

विवेचना के दौरान पुलिस ने वादी के बयान, गवाहों के कथन, आरोपियों से पूछताछ और बरामद नियुक्ति संबंधी दस्तावेजों का परीक्षण किया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी दीपक गुसाईं ने नौकरी लगवाने के नाम पर अलग-अलग लोगों से रकम लेने और उसमें से 2 लाख 40 हजार रुपये शिवा सिंह को देने की बात बताई।

वहीं, आरोपी सुब्रत बछाड़ ने भी खुद और अन्य लोगों की नौकरी लगवाने के लिए रकम दिए जाने तथा संबंधित लोगों की मुलाकात शिवा सिंह और राजदीप एंटरप्राइज के मैनेजर विनायक से कराने की बात बताई। पुलिस इस पूरे नेटवर्क और धनराशि के लेन-देन की भी जांच कर रही है।

पांच आरोपी गिरफ्तार

प्रकरण की संवेदनशीलता और सामने आए साक्ष्यों के आधार पर ऋषिकेश पुलिस ने 17 सितंबर 2026 को पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुब्रत बछाड़ (33), दीपांशु मंडल (19), गणेश (19), दीपक गुसाईं (33) और दीपना मंडल (22) के रूप में हुई है। इनमें सुब्रत बछाड़, दीपांशु मंडल, गणेश और दीपना मंडल ऊधमसिंह नगर जिले के अलग-अलग क्षेत्रों के निवासी हैं, जबकि दीपक गुसाईं ऋषिकेश का रहने वाला है।

दो लाख रुपये नकद और फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। यह रकम 500 रुपये के 400 नोटों के रूप में पीले रंग के लिफाफे में रखी गई थी। इसके अलावा एम्स किच्छा में एमटीएस पद से संबंधित राजदीप एंटरप्राइज के लेटरहेड पर तैयार किए गए दो संदिग्ध फर्जी नियुक्ति पत्र भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना अभी जारी है। नौकरी के नाम पर अन्य अभ्यर्थियों से रकम लिए जाने, फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करने और उपलब्ध कराने, धनराशि के लेन-देन तथा इस प्रकरण में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


हरिपुर कालसी को मिली बड़ी आध्यात्मिक सौगात, मुख्यमंत्री धामी ने किया माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण

“ 2100 दीपों से जगमगाया यमुना तट”

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिपुर कालसी पहुंचकर क्षेत्र को धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सौगातें दीं। मुख्यमंत्री ने माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण करने के साथ हरिघाट का लोकार्पण और माँ यमुना कृष्ण मंदिर का शिलान्यास किया। इस दौरान माँ यमुना के पावन तट पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम और यमुना आरती का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री के साथ साधु-संतों, श्रद्धालुओं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के दौरान कालसी का यमुना तट श्रद्धा और आस्था के रंग में डूबा नजर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने माँ यमुना के तट पर दीप प्रज्वलित कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री के साथ साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने भी दीप जलाए। इस अवसर पर कुल 2100 दीप प्रज्वलित किए गए, जिससे यमुना का पावन तट रोशनी से जगमगा उठा।

दीपों की जगमगाहट के बीच मुख्यमंत्री ने साधु-संतों और श्रद्धालुओं के साथ माँ यमुना की आरती में श्रद्धापूर्वक प्रतिभाग किया। आरती के दौरान प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की गई। पूरे आयोजन के दौरान यमुना तट पर आध्यात्मिक और भक्तिमय वातावरण बना रहा।

कालसी की धार्मिक पहचान को मिलेगी नई मजबूती

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कालसी की धरती इतिहास, आस्था और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं की भूमि है। माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण, हरिघाट का लोकार्पण और यमुना आरती जैसे आयोजन क्षेत्र की आध्यात्मिक पहचान को और मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि माँ यमुना कृष्ण मंदिर का शिलान्यास भी कालसी के धार्मिक और सांस्कृतिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन सनातन परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

हनोल मास्टर प्लान के लिए 150 करोड़ रुपये मंजूर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जौनसार-बावर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में हनोल मास्टर प्लान के लिए 150 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके माध्यम से धार्मिक पर्यटन से जुड़ी अवस्थापना सुविधाओं को विकसित करने के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य आगे बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि लाखामंडल समेत जौनसार क्षेत्र के अन्य ऐतिहासिक, धार्मिक और पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण एवं विकास पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। इन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ पर्यटन की संभावनाओं को विकसित किया जा रहा है।

पर्यटन विस्तार से स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल तीर्थ और पर्यटन स्थलों का विकास करना नहीं है, बल्कि इन विकास कार्यों का लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचाना भी है। पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से होमस्टे, स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प, परिवहन, खान-पान और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं और उद्यमियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र की आर्थिकी को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि जौनसार-बावर की विशिष्ट लोक संस्कृति, परंपराएं, वास्तुकला और प्राकृतिक सौंदर्य उत्तराखंड की अमूल्य धरोहर हैं। सरकार विकास के साथ इन परंपराओं और विरासत के संरक्षण को भी प्राथमिकता दे रही है।

आस्था, विरासत और विकास को जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिली है। चारधाम के साथ प्रदेश के विभिन्न पौराणिक, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने का काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कालसी, हनोल, लाखामंडल और जौनसार-बावर क्षेत्र के धार्मिक एवं पर्यटन महत्व को नई पहचान देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड की आस्था और आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़कर प्रदेश के विकास और स्थानीय रोजगार का आधार बनाया जाए।

कार्यक्रम में विधायक मुन्ना सिंह चौहान, सचिव रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि, अन्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न साधु-संत और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।


कांग्रेस ने अग्निवीर योजना पर सरकार को घेरा, युवाओं के भविष्य को लेकर उठाए सवाल

गणेश गोदियाल बोले- युवाओं को चार साल की नौकरी नहीं, पक्की नौकरी चाहिए

देहरादून। कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना को लेकर सवाल उठाए। नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड जैसे सैन्य बहुल राज्य में इस योजना का युवाओं और सैन्य परिवारों पर विशेष प्रभाव पड़ा है। कांग्रेस ने सरकार से अग्निवीरों के भविष्य और चार वर्ष की सेवा के बाद रोजगार की ठोस व्यवस्था स्पष्ट करने की मांग की।

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित दीपोत्सव को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में महंगाई और बेरोजगारी के बीच आम लोगों के लिए दो वक्त का चूल्हा जलाना मुश्किल हो रहा है, ऐसे समय में हजारों टन तेल खर्च कर दीप जलाने की होड़ उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जनता सरकार के कार्यों से खुश होकर दीप जलाती तो स्थिति अलग होती।

गणेश गोदियाल ने अग्निवीर योजना को युवाओं के स्थायी रोजगार के अवसरों को सीमित करने वाली व्यवस्था बताया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा सेना में स्थायी नौकरी की उम्मीद लेकर वर्षों तक तैयारी करते हैं, लेकिन अग्निवीर व्यवस्था में अधिकांश युवाओं का सैन्य करियर चार वर्ष बाद समाप्त हो जाता है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि 17-18 वर्ष की उम्र में सेना में भर्ती होने वाला युवा चार वर्ष बाद करीब 21-22 वर्ष की उम्र में दोबारा रोजगार की तलाश में पहुंच जाता है तो उसके भविष्य और परिवार की आर्थिक सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।

उन्होंने नियमित सैनिकों और अग्निवीरों के बीच सेवा अवधि, वेतन, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा में अंतर का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस का कहना है कि देश की सुरक्षा के लिए समान जोखिम उठाने वाले जवानों के लिए दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा पर स्पष्ट नीति होनी चाहिए।

प्रीतम सिंह ने कहा कि अग्निवीर योजना का उत्तराखंड के युवाओं पर विशेष असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सैन्य परंपरा गौरवशाली रही है और पहाड़ी क्षेत्रों के हजारों परिवार पीढ़ियों से सेना में रोजगार को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का आधार मानते रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा चार वर्ष की नौकरी नहीं, बल्कि स्थायी और सुरक्षित रोजगार चाहते हैं।

प्रीतम सिंह ने पेंशन और सामाजिक सुरक्षा को लेकर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि सेवा से बाहर होने वाले 75 प्रतिशत युवाओं के लिए रोजगार का स्थायी रोडमैप क्या है और सरकार उनके पुनर्वास की किस तरह व्यवस्था करेगी।

डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि केवल अलग-अलग विभागों में आरक्षण या प्राथमिकता देने की घोषणा पर्याप्त नहीं है। सरकार को यह भी सार्वजनिक करना चाहिए कि वास्तव में कितने अग्निवीरों को सेवा समाप्त होने के बाद स्थायी रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सैन्य बाहुल्य राज्य है और यहां सेना से जुड़ाव परिवारों की भावनाओं से भी जुड़ा है। उनके अनुसार सेना की भर्ती को केवल रोजगार के आंकड़े सुधारने का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने नियमित सेना भर्ती प्रक्रिया को मजबूत करने, रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरने और युवाओं को पर्याप्त भर्ती अवसर उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही उत्तराखंड के लिए विशेष भर्ती नीति और सेवा से बाहर होने वाले अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए अलग पैकेज की मांग भी उठाई गई।

सैनिक विभाग के अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी ने दावा किया कि पहले प्रतिवर्ष करीब 80 हजार युवाओं को सेना में रोजगार मिलता था, जो अब घटकर करीब 47 हजार रह गया है। उन्होंने कहा कि यदि इनमें से 25 प्रतिशत युवाओं को ही आगे नियमित सेवा में लिया जाता है तो करीब 12 हजार युवाओं को स्थायी सेवा मिलती है। उन्होंने इस संबंध में सरकार से आधिकारिक आंकड़े स्पष्ट करने की मांग की।

कांग्रेस ने सरकार के सामने कई सवाल रखे। इनमें चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए रोजगार की व्यवस्था, अब तक स्थायी सरकारी रोजगार पाने वाले अग्निवीरों की संख्या, सेना में रिक्त पदों को भरने की समयसीमा और उत्तराखंड के कितने युवाओं को अग्निवीर योजना के तहत भर्ती मिली, जैसे मुद्दे शामिल रहे।

कांग्रेस ने यह भी पूछा कि क्या सरकार अग्निवीर योजना की स्वतंत्र समीक्षा कराने और अग्निवीरों को भविष्य में नियमित सैनिकों के समान सम्मानजनक सेवा-सुरक्षा देने पर विचार करेगी।

पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह समेत अन्य कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे।


खेल मंत्री रेखा आर्या ने किया लोहाघाट मे महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और स्टेडियम का निरीक्षण

व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के दिए निर्देश

खेल मंत्री ने कॉलेज मे पढ़ रही बालिकाओं के साथ किया संवाद, सुनी समस्याए

जल्द ही लोहाघाट की बालिकाएं जाएंगी देहरादून स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के शैक्षणिक भ्रमण पर, मंत्री रेखा आर्या ने प्रधानाचार्य को दिए निर्देश

लोहाघाट। खेल मंत्री रेखा आर्या ने लोहाघाट (चंपावत) पहुंचकर देश के प्रथम स्पोर्ट्स स्टेडियम /कॉलेज पहुंचकर स्टेडियम और कॉलेज परिसर का निरीक्षण किया। यहाँ पहुंचकर खेल मंत्री ने अध्ययनरत छात्राओं के साथ संवाद कर छात्राओं से उनकी दैनिक दिनचर्या, क्रियाकलाप, उनकी खेलकूद की गतिविधियों के बारे मे जानकारी ली और उनकी समस्याओं को भी सुना।अध्ययन कर रही छात्रों ने अपनी कुछ परेशानिया खेल मंत्री से साझा की जिन्हे दूर करने का आश्वाशन दिया गया ।इसके अतिरिक्त बालिकाओं के द्वारा कई सुझाव भी प्राप्त हुए।

इस दौरान खेल मंत्री ने बालिकाओं से कहा की हमें जीवन मे लक्ष्य लेकर चलना अत्यंत आवश्यक है यदि हम जिंदगी मे लक्ष्य निर्धारित करेंगे तो उसे प्राप्त तभी कर सकते है ज़ब उसके लिए तन मन के साथ प्रयास करें। उन्होंने कहा की आज से पहले हर अभिवावक बच्चों को खेल की तरफ नही भेजता था लेकिन आज का समय पूर्णतया बदल चुका है आज जितनी महत्वपूर्ण शिक्षा है उतना ही महत्त्व खेल का भी है।

मंत्री ने कहा की इसलिए हमें पढ़ाई के साथ खेल के प्रति भी गंभीरता लानी होंगी। साथ ही खेल मंत्री ने प्रधानाचार्य को यह भी निर्देश दिए की वह पढ़ाई कर रही बालिकाओं को देहरादून स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के शेक्षिक भ्रमण कराए ताकि सभी बच्चे वहाँ की दिनचर्या और गतिविधियों से अवगत हो सके।

खेल मंत्री ने छात्राओं के सुगम आवागमन हेतु बस को दिखाई हरी झंडी, कहा बालिकाओं को नहीं होंगी अब कोई परेशानी

इस अवसर पर मंत्री ने स्पोर्ट्स कॉलेज की छात्राओं के आवागमन हेतु बस को हरी झंडी दिखाते हुए उसका लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा की निश्चित ही हमारी बालिकाओं को पूर्व मे आवागमन मे जो कठनाई होती थी वह अब नहीं हुआ करेगी।बस के मिलने से छात्रों का जहाँ समय की बचत होंगी तो वही उन्हें सुगम आवागमन मिलेगा। खेल मंत्री ने सभी अध्ययनरत बालिकाओं से कहा की बच्चों आज जितना हमारे जीवन मे शिक्षा का महत्त्व है उतना ही खेल का भी है, इसलिए पढ़ाई के साथ -साथ आप सभी लोग अपने खेल को भी गंभीरता पूर्वक लें।उन्होंने सभी बालिकाओं को उनके उज्जवल भविष्य और खेलों मे उत्कृष्ट प्रदर्शन की शुभकामनाएं प्रेषित की।

इस अवसर पर दर्जाराज्यमंत्री सुभाष बगोली, प्रधानाचार्य मनोज कुमार शर्मा, बॉक्सिंग कोच रजवंत कौर , बैडमिंटन कोच साक्षी राणा , एथलेटिक्स कोच कमला, कंप्यूटर ऑपरेटर मनीषा सहित अधिकारी, कर्मचारी और स्पोर्ट्स कॉलेज के बच्चे उपस्थित रहे।


औली में भारत-अमेरिका सेना का संयुक्त अभ्यास, आतंकवाद विरोधी अभियानों की ट्रेनिंग

औली- औली में ‘युद्ध अभ्यास 2026’ के दौरान अमरीका और भारतीय सेना के जवानों ने आतंकवाद-विरोधी अभियानों के लिए साथ मिलकर ट्रेनिंग की। उन्होंने बिल्डिंग-क्लियरेंस और रूम-इंटरवेन्शन ड्रिल की, जिसे आमने-सामने की लड़ाई वाले हालात को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था।

इस ड्रिल में ड्रोन, रोबोटिक डॉग, डॉग स्क्वाड और स्नाइपर की मदद से हमला करने वाली टीमें शामिल थीं। इससे आतंकवाद-विरोधी अभियानों के दौरान खास तौर पर प्रशिक्षित जवानों और टेक्नोलॉजी के तालमेल से किए जाने वाले काम को दिखाया गया। अमेरिकी सेना के जवानों ने भी अभ्यास में शामिल सैनिकों से संवाद किया और उपकरणों का अवलोकन करते हुए अभ्यास के दौरान प्रदर्शित की गई क्षमताओं एवं तकनीकों को बेहतर ढंग से समझा।

इस ट्रेनिंग से दोनों सेनाओं के बीच प्रोफेशनल जानकारी के आदान-प्रदान, रणनीतिक समझ और एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने की क्षमता को और मज़बूती मिली।


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