Friday, September 18th, 2026

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पौड़ी में घेरबाड़ नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर मंथन, डीएम ने दिए निर्देश

Monthly Archives: September 2026

पौड़ी में घेरबाड़ नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर मंथन, डीएम ने दिए निर्देश

सहभागिता और पारदर्शिता के साथ तैयार होंगे प्रस्ताव, बेहतर क्लस्टरों को उत्पादन के आधार पर मिलेगी सुविधा

पौड़ी। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के अंतर्गत फार्म फेसिंग पॉलिसी (घेरबाड़ नीति) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आज जिला सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गयी। बैठक में योजना के तहत प्रस्ताव तैयार करने, पात्र लाभार्थियों के चयन, कार्यों की गुणवत्ता एवं अनुश्रवण तथा विभिन्न विभागों के मध्य कन्वर्जेंस को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि जनपद के सभी खंड विकास अधिकारियों के साथ प्राप्त प्रस्तावों की जांच कर उनकी वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया जाए। साथ ही संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कन्वर्जेंस के माध्यम से कार्य कराने पर जोर दिया गया, ताकि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके। जिलाधिकारी ने कृषि भूमि संरक्षण अधिकारियों से संवाद कर क्षेत्रवार स्थिति एवं प्रस्तावित कार्यों की जानकारी भी ली।

उन्होंने जिला योजना के माध्यम से पूर्व में कराए गए घेरबाड़ एवं संबंधित कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी गुणवत्ता का सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूर्व में किए गए कार्यों की स्थिति का परीक्षण कर उनके परिणामों के आधार पर आगामी कार्यों की बेहतर योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावों के चयन में सहभागिता और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जाए तथा ऐसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए, जहां वर्तमान में खेती हो रही है और स्थानीय लोग सहभागिता के साथ घेरबाड़ कार्य कराने के लिए तैयार हैं।

मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि शासन स्तर पर कृषि एवं उद्यान विभाग के अंतर्गत फार्म फेसिंग पॉलिसी के लिए संयुक्त मानक संचालन प्रविधि (एसओपी) जारी की गई है तथा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिलास्तरीय समिति का गठन किया गया है। बैठक में एसओपी के अनुरूप योजना के संचालन, लाभार्थियों के चयन और कार्यों के अनुश्रवण को लेकर आवश्यक बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में कृषि एवं उद्यान गतिविधियों को क्लस्टर आधारित तरीके से बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि जिन क्लस्टरों में सब्जी एवं दलहन का उत्पादन अच्छा हो रहा है, वहां किसानों को बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त हो रहा है। जिलाधिकारी ने ऐसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले क्लस्टरों को उनके उत्पादन के आधार पर वाहन सुविधा उपलब्ध कराने तथा इसके लिए जिला योजना में प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिल सके।

दुग्ध उत्पादन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने दुग्ध उत्पादन से जुड़े लाभार्थियों की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के लिए एक माह का समय दिया। मुख्य विकास अधिकारी ने जनपद में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए नए दुग्ध मार्ग विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि दुग्ध उत्पादकों को संग्रहण एवं विपणन की बेहतर सुविधा मिल सके।

बैठक में जिलाधिकारी ने जिला उद्यान अधिकारी को एकेश्वर में प्रस्तावित कोल्ड स्टोरेज का कार्य तत्काल शुरू कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाओं के विकास से स्थानीय उत्पादों के सुरक्षित भंडारण और किसानों को उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी। उन्होंने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्रस्ताव तैयार करने, लाभार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा कार्यों में निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता का अनुपालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बैठक में सीडीओ अशोक जोशी, पीडी डीआरडीए केवल कुमार उपाध्याय, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती जुयाल, सीवीओ डॉ विशाल शर्मा, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, एआर सहकारिता सुमन कुमार, जिला मत्स्य प्रभारी अभिषेक मिश्रा सहित सभी कृषि भूमि एवं संरक्षण अधिकारी उपस्थित रहे।


जिलाधिकारी ने विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों का किया विस्तृत निरीक्षण

अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण, लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण और कार्यालयी व्यवस्थाओं में सुधार के दिए निर्देश

जिलाधिकारी ने परखी विकास भवन की स्वच्छता व्यवस्था, शौचालयों की सफाई नियमित रखने के निर्देश

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने शुक्रवार को विकास भवन स्थित विभिन्न विभागीय कार्यालयों का विस्तृत निरीक्षण कर कार्यालयी व्यवस्थाओं, अभिलेखों के रख-रखाव, योजनाओं की प्रगति तथा जनसमस्याओं के निस्तारण की स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने प्रत्येक कार्यालय में पहुंचकर संबंधित अधिकारियों से विभागीय कार्यों की जानकारी ली मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कार्यालयों में अभिलेख व्यवस्थित एवं अद्यतन रहने के साथ ही लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण और आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न कार्यालयों में पत्रावलियों, पंजिकाओं एवं अभिलेखों के संधारण की स्थिति देखी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महत्वपूर्ण अभिलेख एवं पत्रावलियां निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार व्यवस्थित रखी जाएं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध हो सके। उन्होंने टूर पंजिकाओं का नियमित रूप से संधारण करने तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यालयी गतिविधियों का रिकॉर्ड अद्यतन रखने को कहा।

जिलाधिकारी ने विकास भवन परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालय कक्षों के साथ ही गलियारों, वेटिंग रूम और शौचालयों की स्थिति की तत्काल बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शौचालयों की नियमित सफाई, कार्यालय परिसरों की साफ-सफाई तथा समुचित रख-रखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालय में आने वाले लोगों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और बेहतर वातावरण मिलना चाहिए।

ग्रामोत्थान विभाग के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने टूर पंजिका का अवलोकन करते हुए इसे नियमित रूप से अद्यतन रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से विभागीय कार्यों की प्रगति एवं मैदानी स्तर पर की जा रही गतिविधियों की जानकारी लेते हुए रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया।

स्वजल विभाग में जिलाधिकारी ने विभागीय योजनाओं एवं संचालित कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विशेष रूप से कूड़ा संग्रहण केंद्रों की स्थिति और उनके उपयोग की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि कूड़ा संग्रहण केंद्रों का नियमित एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्वच्छता से जुड़े कार्यों की निरंतर निगरानी करने को भी कहा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।

मत्स्य विभाग के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मत्स्य पालन से संबंधित योजनाओं, क्लस्टर आधारित कार्यों और लाभार्थियों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म का अवलोकन किया और विभागीय गतिविधियों के डिजिटल रिकॉर्ड की जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही उन्होंने जनपद में विकसित अमृत सरोवरों से संबंधित जानकारी लेते हुए इनके उपयोग और मत्स्य पालन से जुड़ी संभावनाओं पर भी जानकारी प्राप्त की।

जिलाधिकारी ने पंचायतीराज विभाग के निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायतों से प्राप्त होने वाली शिकायतों की व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों से प्राप्त शिकायतों के लिए अलग शिकायत पंजिका तैयार की जाए और प्रत्येक शिकायत का शत-प्रतिशत अंकन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शिकायत प्राप्त होने की तिथि, विषय तथा निस्तारण की स्थिति का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने को कहा, ताकि प्रत्येक शिकायत की प्रगति की प्रभावी निगरानी की जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

समाज कल्याण विभाग में जिलाधिकारी ने छात्रवृत्ति, विभिन्न पेंशन योजनाओं तथा लाभार्थियों से संबंधित कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सत्यापन रिपोर्टों का अवलोकन करते हुए पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

परिवीक्षा विभाग एवं उरेडा के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों की गतिविधियों एवं प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से विभागीय स्तर पर संचालित कार्यों की स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक अभिलेखों को अद्यतन रखने और निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

ग्रामीण निर्माण विभाग के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निस्तारित एवं लंबित बीजकों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अनावश्यक रूप से कोई भी प्रकरण लंबित न रहे तथा लंबित बीजकों का नियमानुसार शीघ्र निस्तारण किया जाए। उन्होंने लंबित कार्यों की माप पुस्तिका आदि मंगवाने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालय में आए आवेदकों से भी सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं सुझावों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त समस्याओं पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जिला विकास अधिकारी कार्यालय के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने लेखा अनुभाग के कार्यों की जानकारी लेने के साथ ही सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (एमपीलैड), विधायक निधि तथा वीबी जीरामजी कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने विधायक निधि की दूसरी किश्त की समीक्षा कर शीघ्र निस्तारण हेतु निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने स्वीकृत कार्यों की प्रगति और लंबित प्रकरणों की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि विकास कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने और कार्यों से संबंधित अभिलेखों को अद्यतन रखने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विकास भवन की आंतरिक व्यवस्थाओं में सुधार के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्मिकों के कार्यस्थलों पर स्पष्ट रूप से नाम पट्टिकाएं लगाने को कहा, जिससे कार्यालय में आने वाले लोगों को संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की पहचान और कक्ष की जानकारी आसानी से मिल सके। उन्होंने कार्यालयों में रखे अभिलेखों एवं पत्रावलियों को व्यवस्थित ढंग से रखने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने वेटिंग रूम का भी निरीक्षण किया। वहां रखे टूटे एवं अनुपयोगी फर्नीचर को हटाकर स्थान को व्यवस्थित एवं उपयोगी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन के बैठने के लिए उपलब्ध स्थान साफ-सुथरा और व्यवस्थित होना चाहिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों के गलियारों में आवश्यक रंग-रोगन एवं मरम्मत कार्य कराने के निर्देश भी दिए, ताकि पूरे भवन का वातावरण बेहतर और नागरिक-अनुकूल बनाया जा सके।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यालयी व्यवस्थाओं में सुधार केवल निरीक्षण के समय तक सीमित न रहे, बल्कि इसे नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपने कार्यालय में स्वच्छता, अभिलेखों के व्यवस्थित संधारण, लंबित प्रकरणों के निस्तारण और आमजन की सुविधा को प्राथमिकता दें। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि कार्यालय में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को गंभीरता से सुनते हुए नियमानुसार उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, अनुशासन और समयबद्धता से ही आमजन का विश्वास मजबूत होता है। इसलिए सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करें और जहां सुधार की आवश्यकता हो, वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


30 मिनट की वॉक से कम होगा वजन या नहीं? आइये जानते हैं क्या है पूरा सच

वजन कम करने के लिए जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति कठिन कसरत या जिम से शुरुआत करे। रोजाना पैदल चलना भी शारीरिक गतिविधि बढ़ाने का आसान तरीका हो सकता है। यही वजह है कि कई लोग वजन घटाने के लिए रोज 30 मिनट वॉक करने की सलाह देते हैं। हालांकि, सवाल यह है कि क्या केवल 30 मिनट पैदल चलने से वास्तव में वजन कम किया जा सकता है? क्या वॉक की रफ्तार भी इसमें कोई भूमिका निभाती है और क्या खान-पान पर ध्यान दिए बिना इसका फायदा मिल सकता है?

अगर आप भी वजन घटाने के लिए वॉकिंग शुरू करने की सोच रहे हैं, तो इन सवालों के जवाब जानना जरूरी है। आइए समझते हैं कि 30 मिनट की रोजाना वॉक वजन प्रबंधन में कितनी मदद कर सकती है।

क्या रोज 30 मिनट वॉक करने से वजन कम हो सकता है?

रोजाना 30 मिनट पैदल चलना वजन कम करने की प्रक्रिया में योगदान दे सकता है। वॉकिंग कम प्रभाव वाली शारीरिक गतिविधि है, इसलिए स्वस्थ लोग इसे अपनी दिनचर्या में आसानी से शामिल कर सकते हैं।

पैदल चलने के दौरान शरीर ऊर्जा का इस्तेमाल करता है। वजन घटाने के लिए आम तौर पर शरीर द्वारा खर्च की जाने वाली ऊर्जा और भोजन से मिलने वाली ऊर्जा के बीच संतुलन महत्वपूर्ण होता है। अगर लंबे समय तक शरीर की कुल ऊर्जा जरूरत के मुकाबले कम कैलोरी मिलती हैं, तो वजन घटने की संभावना रहती है।

इसलिए 30 मिनट की वॉक का फायदा केवल उस दौरान खर्च होने वाली कैलोरी तक सीमित नहीं है। नियमित रूप से चलने की आदत व्यक्ति को पूरे दिन अधिक सक्रिय रहने में भी मदद कर सकती है।

वजन घटाने के लिए वॉक की स्पीड कैसी होनी चाहिए?

सिर्फ धीमी गति से टहलना ही जरूरी नहीं है। अगर आपकी शारीरिक क्षमता और स्वास्थ्य इसकी अनुमति देते हैं, तो सामान्य चाल की तुलना में कुछ तेज गति से चलना भी किया जा सकता है।

तेज चलने पर सांस और हृदय गति सामान्य से कुछ बढ़ सकती है। हालांकि, वॉक की गति हर व्यक्ति की उम्र, फिटनेस और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है।

जो लोग लंबे समय से शारीरिक गतिविधि नहीं कर रहे हैं, उन्हें शुरुआत आरामदायक गति से करनी चाहिए। इसके बाद धीरे-धीरे चलने का समय और गति बढ़ाई जा सकती है।

क्या वॉकिंग से सिर्फ पेट की चर्बी कम होगी?

अगर आपका लक्ष्य पेट की चर्बी कम करना है, तो यह समझना जरूरी है कि शरीर के किसी एक हिस्से की चर्बी को केवल उसी हिस्से की गतिविधि के जरिए अलग से कम करना संभव नहीं होता।

नियमित शारीरिक गतिविधि शरीर में कुल वसा कम करने की प्रक्रिया में मदद कर सकती है। इसके साथ संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, तनाव को नियंत्रित रखना और पूरी दिनचर्या में सक्रिय रहना भी महत्वपूर्ण है।

वजन घटाने में डाइट क्यों है जरूरी?

रोज 30 मिनट वॉक करने के बावजूद अगर व्यक्ति अपनी जरूरत से काफी ज्यादा कैलोरी का सेवन करता है, तो वजन कम करना मुश्किल हो सकता है।

इसलिए वॉकिंग के साथ खान-पान पर भी ध्यान देना जरूरी है। डाइट में प्रोटीन, सब्जियां, फल, साबुत अनाज और पर्याप्त फाइबर वाले खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं। वहीं अत्यधिक कैलोरी वाले प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, मीठे पेय और जरूरत से ज्यादा स्नैकिंग को सीमित करना मददगार हो सकता है।

सुबह या शाम, किस समय करनी चाहिए वॉक?

वजन कम करने के लिए वॉक करने का कोई एक निश्चित समय सभी लोगों के लिए जरूरी नहीं है। आप अपनी सुविधा और दिनचर्या के अनुसार सुबह, शाम या दिन के किसी अन्य समय पर पैदल चल सकते हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात नियमितता है। अगर किसी व्यक्ति के लिए लगातार 30 मिनट वॉक करना संभव नहीं है, तो वह दिन में 10-10 मिनट की तीन अलग-अलग वॉक करके भी अपनी कुल शारीरिक गतिविधि बढ़ा सकता है।

कितने समय में दिख सकता है वजन घटने का असर?

वजन घटने की रफ्तार हर व्यक्ति में अलग हो सकती है। शुरुआती वजन, उम्र, खान-पान, शारीरिक गतिविधि, नींद और शरीर की चयापचय संबंधी स्थिति जैसे कई कारक इसमें भूमिका निभाते हैं।

इसलिए कुछ दिनों तक वॉक करने के बाद वजन में बड़ा बदलाव दिखने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। नियमित रूप से कई हफ्तों तक शारीरिक गतिविधि जारी रखने और खान-पान को संतुलित रखने पर धीरे-धीरे बदलाव नजर आ सकते हैं।

निष्कर्ष

रोजाना 30 मिनट की वॉक वजन प्रबंधन की दिशा में एक उपयोगी शुरुआत हो सकती है। हालांकि, केवल वॉकिंग को ही वजन घटाने का एकमात्र उपाय नहीं माना जाना चाहिए। नियमित शारीरिक गतिविधि के साथ संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना भी महत्वपूर्ण है।

नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए तैयार किया गया है। किसी विशेष स्वास्थ्य स्थिति, बीमारी या वजन घटाने की योजना के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लें।

(साभार)


पिथौरागढ़ में कारपेंटर ने घर की अलमारी तोड़कर उड़ाए 12 लाख के जेवर, गिरफ्तार

पिथौरागढ़। जाजरदेवल क्षेत्र के सुजई में एक घर से 12 लाख रुपये से अधिक के आभूषण चोरी होने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। घर में लकड़ी का काम कर रहे कारपेंटर ने कथित तौर पर मौका पाकर अलमारी का लॉक तोड़ा और उसमें रखे जेवर लेकर फरार होने की कोशिश की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी किए गए आभूषण बरामद कर लिए।

जानकारी के अनुसार, सुजई निवासी मंजू धामी अपने पति के साथ बंगलुरू गई थीं। उनके घर में लकड़ी का काम चल रहा था, जिसके लिए कारपेंटर लगाए गए थे। घर की निगरानी और काम की देखरेख की जिम्मेदारी मंजू ने पड़ोस में रहने वाली अपनी ननद ममता को दी थी।

बीते बृहस्पतिवार को ममता ने सुबह घर खोला और कारपेंटरों के काम पर लगने के बाद वहां से चली गईं। दोपहर में जब वह उन्हें चाय देने पहुंचीं तो घर के अंदर कुछ सामान अस्त-व्यस्त देखकर उन्हें संदेह हुआ। मंजू से फोन पर जानकारी लेने के बाद पता चला कि अलमारी में आभूषण रखे हुए थे। जांच करने पर अलमारी का लॉक टूटा मिला और जेवर गायब थे।

इसके बाद ममता और उनके पति रमेश धामी ने जाजरदेवल थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए घर में काम कर रहे लोगों से पूछताछ की। संदेह के आधार पर धमौरा, थाना मिलक, जिला रामपुर, उत्तर प्रदेश निवासी 37 वर्षीय अहमद नबी से पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उसने चोरी की बात स्वीकार कर ली।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से पांच तोले से अधिक सोने और मोती के आभूषण बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 12 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। थानाध्यक्ष प्रकाश पांडे के मुताबिक, आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।


देहरादून में दिव्यांगजनों और बुजुर्गों के लिए लगेंगे चिन्हीकरण शिविर, मिलेंगे निःशुल्क सहायक उपकरण

21 से 26 सितंबर तक लगेंगे 11 निःशुल्क शिविर

देहरादून। दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को उनकी जरूरत के अनुसार निःशुल्क सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए देहरादून जिले में 21 से 26 सितंबर तक 11 चिन्हीकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। समाज कल्याण विभाग और भारत सरकार के उपक्रम भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को), कानपुर के सहयोग से इन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर आयोजित होने वाले इन शिविरों में दिव्यांगजनों और बुजुर्गों का चिन्हीकरण किया जाएगा। पात्र लाभार्थियों की जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। चिन्हित लाभार्थियों को 1 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सहायक उपकरण वितरित किए जाएंगे।

इन स्थानों पर लगेंगे शिविर

सभी शिविर सुबह 11 बजे से आयोजित होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 21 सितंबर को विकासखंड परिसर सहसपुर और विकासखंड परिसर कालसी में शिविर लगाए जाएंगे। 22 सितंबर को नगर पंचायत सेलाकुई, विकासखंड परिसर विकासनगर और पंचायत भवन रामनगर डांडा थानों में शिविर होगा।

इसी क्रम में 23 सितंबर को विकासखंड परिसर डोईवाला और पंचायत भवन सभावाला, जबकि 24 सितंबर को विकासखंड परिसर रायपुर और आंगनबाड़ी केंद्र नवादा चौक बद्रीपुर में शिविर आयोजित किया जाएगा। 26 सितंबर को रेसकोर्स वेलफेयर सोसायटी, 120 रेसकोर्स और गंगा फार्म, बालावाला में शिविर लगाए जाएंगे।

लाभार्थियों को लाने होंगे जरूरी दस्तावेज

दिव्यांगजनों को शिविर में यूडीआईडी, आधार कार्ड की छायाप्रति और मासिक आय प्रमाण-पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। वहीं, बुजुर्ग लाभार्थियों को आधार कार्ड की छायाप्रति तथा संबंधित ग्राम प्रधान या पार्षद द्वारा जारी मासिक आय प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। बुजुर्गों के लिए मासिक आय की सीमा 15 हजार रुपये तक निर्धारित की गई है।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को शिविरों में आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने और अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों का चिन्हीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने दिव्यांगजनों और बुजुर्गों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर शिविरों में पहुंचकर निःशुल्क सहायक उपकरणों के लिए अपना चिन्हीकरण अवश्य कराएं।


प्रभारी मंत्री रेखा आर्या ने की “आंगन का मिलन”कार्यक्रम की समीक्षा

अधिकारी  “आंगन का मिलन” कार्यक्रम की गंभीरता को ध्यान मे रखते हुए इसको वृहद स्तर पर करें प्रचारित- रेखा आर्या

कार्यक्रम मे योजनाओं की दी जाएगी जानकारी, लाभार्थियों को भी किया जाएगा सम्मानित

पिथौरागढ़। जनपद में आगामी 25 सितंबर से शुरू होने वाले ‘आंगन का मिलन’ अभियान की तैयारियों को लेकर प्रभारी मंत्री रेखा आर्या ने कलेक्ट्रेट सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में संबंधित अधिकारियों ने अभियान की विस्तृत रूपरेखा और तैयारियों की जानकारी प्रभारी मंत्री के सामने रखी।

प्रभारी मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़कर विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।

उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान आंगनबाड़ी बहनों, कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा कार्यकर्ताओं को उनके केंद्रों में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री पोषण अभियान, नंदा गौरा योजना, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना और महालक्ष्मी किट वितरण समेत अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा। लोगों को सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि अभियान के दौरान विभिन्न विभागों की ओर से शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिविरों के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी कार्यक्रमों की फोटो और वीडियोग्राफी कराने को भी कहा, ताकि अभियान की गतिविधियों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके।

उन्होंने प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर प्रतियोगिताओं के आयोजन के निर्देश भी दिए। प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट किया कि पिथौरागढ़ जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में यह कार्यक्रम आयोजित होना है, इसलिए कोई भी केंद्र अभियान से अछूता नहीं रहना चाहिए। अधिकारियों को इसकी निगरानी और सुनिश्चितता के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिलाध्यक्ष गिरीश जोशी, महापौर कल्पना देवलाल, प्रदेश मंत्री दीपिका बोरा, जिला पंचायत सदस्य भावना लोहिया, दर्जा राज्यमंत्री गणेश भंडारी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र रावत, जिलाधिकारी आशीष भटगाईं, एसपी अक्षय प्रहलाद कोंडे, मुख्य विकास अधिकारी दीपक सैनी, डीपीओ निर्मल सिंह बसेड़ा, जिला क्रीड़ा अधिकारी अनूप बिष्ट समेत विभागीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।


जमीन धोखाधड़ी मामले में क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, 93 लाख की ठगी का आरोपी गिरफ्तार

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) कश्मीर ने करीब 93 लाख रुपये की कथित जमीन धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गुलाम मोही-उद-दीन डार, निवासी जवालापोरा, सैमसन बडगाम के रूप में हुई है। यह कार्रवाई श्रीनगर के सब-जज की अदालत से जारी आदेश और वारंट के आधार पर की गई।

क्राइम ब्रांच के अनुसार, आरोपी पिछले करीब एक साल से गिरफ्तारी से बच रहा था। उसके खिलाफ EOW-स्पेशल क्राइम विंग कश्मीर थाने में कई मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी FIR नंबर 17/2026 के तहत की गई है।

फर्जी समझौतों से सौदे का आरोप

जांच के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि जमीन ब्रोकर के तौर पर काम करने वाले डार ने सह-आरोपी सोम नाथ कौल के साथ मिलकर उससे 93 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। आरोप है कि दोनों ने पुलवामा के द्रुसु में पांच कनाल माइग्रेंट जमीन और बिजबेहाड़ा में करीब 300 खड़े पेड़ों को बेचने का कथित प्रस्ताव दिया और इसके लिए फर्जी समझौतों का इस्तेमाल किया।

जांचकर्ताओं के अनुसार, कथित ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए जिस बैंक खाते का इस्तेमाल किया गया, वह खाता रकम स्थानांतरित होने वाले दिन ही खोला गया था।

दूसरा आरोपी अभी फरार

क्राइम ब्रांच का कहना है कि आरोपियों ने कथित तौर पर माइग्रेंट संपत्ति बेचने का भरोसा दिलाया और खुद को संपत्ति का मालिक या अधिकृत पावर ऑफ अटॉर्नी धारक बताया। मामले में नामजद दूसरा आरोपी सोम नाथ कौल अभी फरार है। उसकी तलाश के लिए ‘ह्यू एंड क्राई’ नोटिस जारी किया गया है।

क्राइम ब्रांच ने बताया कि मामले में कथित धोखाधड़ी के पूरे नेटवर्क और उससे जुड़ी गतिविधियों की जांच जारी है।


लव रंजन की आगामी फिल्म ‘पहला प्यार दूसरी बार’ का पहला पोस्टर जारी, रिलीज़ डेट का भी हुआ एलान

फिल्मी दुनिया में नए चेहरों को मौका देने के लिए चर्चित निर्माता लव रंजन की आगामी फिल्म ‘पहला प्यार दूसरी बार’ को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बढ़ गई है। मेकर्स ने फिल्म का पहला पोस्टर जारी कर दिया है, जिसमें छह युवा कलाकारों की झलक देखने को मिल रही है। दोस्ती और कॉमेडी से भरपूर इस फिल्म के पोस्टर में कलाकारों का अलग अंदाज नजर आ रहा है।

छह नए चेहरों के साथ सामने आया पोस्टर

फिल्म के फर्स्ट लुक में अलीशा चोपड़ा, स्पर्श वालिया, साक्षी वैद्य, कुणाल वैद्य, सरगुन कौर लूथरा और तुषार छिब्बर दिखाई दे रहे हैं। खास बात यह है कि ये सभी कलाकार फिल्म के जरिए बड़े पर्दे पर अपनी शुरुआत करने जा रहे हैं। पोस्टर में सभी कलाकार एक साथ नजर आ रहे हैं और उनके अंदाज से फिल्म की युवा और मस्तीभरी कहानी का अंदाजा लगाया जा सकता है।

लव रंजन ने नए कलाकारों को लेकर कही ये बात

पोस्टर लॉन्च के मौके पर लव रंजन ने नए कलाकारों के साथ काम करने को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि नए चेहरों को दर्शकों से परिचित कराना चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन इसी चुनौती ने उन्हें हमेशा आकर्षित किया है। लव रंजन के मुताबिक, करीब 15 साल पहले ‘प्यार का पंचनामा’ के जरिए उन्हें ऐसा ही अवसर मिला था और अब ‘पहला प्यार दूसरी बार’ के साथ फिर छह नए चेहरों को पेश करने का मौका मिला है।

उन्होंने बताया कि लेखक के तौर पर छह नए कलाकारों के लिए एक पूरी दुनिया तैयार करना और उन्हें उसमें अपनी अलग पहचान बनाने का अवसर देना उनके लिए खास अनुभव रहा। उनका कहना है कि जब कहानी और कलाकार दर्शकों को अच्छा महसूस कराते हैं, तो उसमें अपनी अलग ऊर्जा पैदा हो जाती है।

इस दिन सिनेमाघरों में पहुंचेगी फिल्म

‘पहला प्यार दूसरी बार’ को लव फिल्म्स के बैनर तले प्रस्तुत किया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन अनुज सैनी ने किया है, जबकि इसके निर्माता लव रंजन और अंकुर गर्ग हैं। दोस्ती और कॉमेडी पर आधारित यह फिल्म 23 अक्टूबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है।

(साभार)


उत्तराखण्ड के 100 प्रमुख ट्रेक एवं हाइक रूट्स की होगी GPS/GIS मैपिंग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने GPS/GIS मैपिंग एवं तकनीकी सर्वेक्षण के लिए अभियान दल को किया फ्लैग ऑफ

ट्रेकिंग को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाने में महत्वपूर्ण होगी पहल

ऑफलाइन एवं ऑनलाइन GPS नेविगेशन ऐप विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ेगा उत्तराखण्ड

देहरादून। उत्तराखंड में ट्रेकिंग और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से प्रदेश के 100 प्रमुख ट्रेक एवं हाइक रूट्स की जीपीएस-जीआईएस मैपिंग और तकनीकी सर्वेक्षण के लिए जाने वाले अभियान दल को रवाना किया।

उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से गठित टीमें चयनित ट्रेकिंग रूट्स का स्थलीय सर्वेक्षण करेंगी। इस दौरान मार्गों की विस्तृत जीपीएस-जीआईएस मैपिंग के साथ ट्रेकिंग से जुड़ी जरूरी सुविधाओं और संभावित स्थलों की भी पहचान की जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में साहसिक और ट्रेकिंग पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। प्रदेश के प्रसिद्ध ट्रेकिंग स्थलों के साथ ही दूरस्थ और कम चर्चित ट्रेक रूट्स को पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक मैपिंग से ट्रेकिंग अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ पर्यटकों की सुरक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता है। ट्रेक रूट्स की वैज्ञानिक मैपिंग से ट्रेकर्स को रास्ते से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध होगी। साथ ही आपात स्थिति में राहत और बचाव अभियान को भी अधिक प्रभावी तरीके से संचालित किया जा सकेगा। उन्होंने हिमालयी पर्यावरण के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पर्यटन गतिविधियों को विकसित करने पर भी जोर दिया।

परियोजना से राज्य के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए गाइडिंग, होमस्टे और अन्य पर्यटन गतिविधियों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजना के क्रियान्वयन में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल ने बताया कि परियोजना के तहत 100 प्रमुख ट्रेक एवं हाइक रूट्स का जीपीएस-जीआईएस मैपिंग और तकनीकी सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके आधार पर ऑनलाइन और ऑफलाइन जीपीएस नेविगेशन ऐप विकसित किया जाएगा। नेटवर्क कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं होने पर भी ट्रेकर्स मोबाइल फोन के जरिए ट्रेल और रूट से संबंधित आवश्यक जानकारी हासिल कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद उत्तराखंड सभी 100 मैप किए गए ट्रेक मार्गों को कवर करने वाला ऑनलाइन और ऑफलाइन जीपीएस नेविगेशन ऐप विकसित करने वाला देश का पहला राज्य बनेगा। यह ऐप ट्रेकर्स को नेविगेशन की सुविधा देने के साथ आपातकालीन परिस्थितियों में बचाव अभियानों में भी उपयोगी साबित होगा।

सर्वेक्षण के दौरान ट्रेक रूट्स पर कैंप साइट, डस्टबिन और शौचालय के लिए उपयुक्त स्थानों की भी पहचान की जाएगी। इससे भविष्य में ट्रेकिंग मार्गों पर सुविधाओं के विकास, कूड़ा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा सकेगा।

पर्यटन विभाग के अनुसार, उत्तराखंड पर्यटन के आधिकारिक मास्टर प्लान में भी ट्रेकिंग मार्गों की सुरक्षा, संचार सुविधाओं, संकेतकों और आपातकालीन निकासी जैसी व्यवस्थाओं को महत्वपूर्ण माना गया है। परियोजना के तहत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और कॉफी टेबल बुक भी तैयार की जाएगी। इसके जरिए राज्य के कम प्रसिद्ध ट्रेकिंग क्षेत्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, अपर सचिव पर्यटन एवं अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद अभिषेक रुहेला, अपर निदेशक पर्यटन पूनम चंद सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


तेलंगाना में दिनदहाड़े युवक की हत्या, छह महीने पहले पत्नी की हत्या का था आरोपी

हैदराबाद। तेलंगाना के निजामाबाद शहर में शुक्रवार को 26 वर्षीय हरिबाबू की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, एक कार से पहुंचे हमलावर ने उस पर दरांती से कई वार किए और मौके से फरार हो गया। घटना राजा राजेंद्र चौराहे के पास हुई और पूरी वारदात CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।

पुलिस के अनुसार, हरिबाबू सड़क किनारे हाथगाड़ी पर मक्का बेच रहा था। इसी दौरान तीन लोग कार से वहां पहुंचे। उनमें से एक युवक नारियल काटने वाली दरांती लेकर बाहर निकला और हरिबाबू पर हमला कर दिया। हमलावर ने करीब 10 सेकंड के भीतर उस पर नौ बार वार किए। गंभीर रूप से घायल हरिबाबू की मौके पर ही मौत हो गई।

हमले के बाद आरोपी अपने साथियों के साथ कार में बैठकर तेजी से फरार हो गया। पुलिस ने CCTV फुटेज और चश्मदीदों की जानकारी के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

पत्नी की हत्या का भी था आरोपी

हरिबाबू पर अपनी 19 वर्षीय पत्नी वैष्णवी की हत्या का आरोप था। पुलिस के अनुसार, 17 मार्च 2026 को जगित्याल जिले के कोरुटला मंडल के माधपुर गांव स्थित घर में वैष्णवी की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय वह करीब चार महीने की गर्भवती थी।

हरिबाबू पर आरोप था कि उसने दहेज की मांग को लेकर पत्नी पर हमला किया था। घटना के बाद वह फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया। हाल ही में जमानत मिलने के बाद वह निजामाबाद में अपनी मां के साथ रह रहा था और मक्का बेचकर आजीविका चला रहा था।

वैष्णवी एक YouTuber थी और शादी से पहले भी हरिबाबू के साथ उसका संबंध था। दोनों ने पिछले साल शादी की थी। वह अपने पति के साथ ‘वैशु अम्मा’ नाम से YouTube चैनल चलाती थी, जिस पर 50,000 से अधिक फॉलोअर्स और करीब 200 वीडियो थे।

पुलिस अब हरिबाबू की हत्या के पीछे की वजह और हमलावरों की पहचान का पता लगाने में जुटी है। CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।


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