Saturday, September 19th, 2026

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निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोहली ने हरिद्वार में की आत्महत्या, चाय की दुकान में फंदे से लटका मिला शव

Monthly Archives: September 2026

निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोहली ने हरिद्वार में की आत्महत्या, चाय की दुकान में फंदे से लटका मिला शव

तीन दिन पहले खोली थी चाय की दुकान, हरिद्वार में सुरेंद्र कोहली ने उठाया आत्मघाती कदम

हरिद्वार। निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोहली ने हरिद्वार में आत्महत्या कर ली। शहर कोतवाली क्षेत्र के भूपतवाला में सुरेंद्र कोहली चाय की दुकान चला रहा था। शनिवार को उसका शव दुकान में पंखे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

जानकारी के मुताबिक, सुरेंद्र कोहली ने करीब तीन दिन पहले ही भूपतवाला क्षेत्र में चाय की दुकान किराए पर ली थी। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में उसके तनाव में होने की बात सामने आई है। हालांकि, आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।

दुकान किराए पर दिलाने वाले धर्मेंद्र ने बताया कि शुक्रवार शाम सुरेंद्र काफी परेशान और तनाव में नजर आ रहा था। धर्मेंद्र के अनुसार, परिवार में किसी बच्चे का जन्मदिन होने की बात कहते हुए सुरेंद्र ने पैसों की कमी का जिक्र किया था। इसके बाद धर्मेंद्र ने उसे 2 हजार रुपये दिए थे। धर्मेंद्र का कहना है कि उस समय सुरेंद्र काफी ज्यादा तनाव में था।

घटना के बाद पुलिस ने सुरेंद्र के परिजनों को सूचना दे दी है। मौके से फिलहाल कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है और परिजनों से पूछताछ के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।


बैजरों में लापता व्यक्ति की तलाश में SDRF का सर्च अभियान जारी, नहीं मिला सुराग

पौड़ी गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल के थाना थलीसैंण क्षेत्र के बैजरों में लापता चल रहे व्यक्ति की तलाश में SDRF की डीप डाइविंग टीम का सर्च अभियान लगातार जारी है। शुक्रवार को टीम ने बैजरों से चौकी बीरोंखाल तक नदी क्षेत्र में संभावित स्थानों पर गहन तलाशी अभियान चलाया।

SDRF के कुशल गोताखोरों ने नदी के विभिन्न स्थानों पर डाइविंग कर लापता व्यक्ति की तलाश की। इसके अलावा रेस्क्यू कांटे और डग्गी की मदद से भी नदी क्षेत्र को खंगाला गया। टीम ने नदी में काफी दूरी तक सघन सर्चिंग की, लेकिन देर शाम तक लापता व्यक्ति का कोई सुराग नहीं मिल सका।


राजस्व अर्जन बढ़ाने वाले सभी विभाग परियोजना से जुड़कर ले सकेंगे आवश्यक तकनीकी एवं अन्य सहयोग: मुख्य सचिव

विश्व बैंक सहायतित एसपीएफएम परियोजना से उत्तराखंड में वित्तीय सुदृढ़ीकरण को मिलेगी गति

राजस्व वृद्धि के साथ डिजिटल नवाचार से जनसुविधाओं के विस्तार पर भी रहेगा फोकस

देहरादून : उत्तराखंड में राजस्व संग्रहण को बढ़ावा देने तथा वित्तीय अनुशासन को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वित्त विभाग द्वारा विश्व बैंक सहायतित एस.पी.एफ.एम. (SPFM) परियोजना का क्रियान्वयन प्रस्तावित है। परियोजना की तैयारियों के संबंध में उत्तराखंड भ्रमण पर आए विश्व बैंक के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को डिब्रिफिंग बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन से मुलाकात कर परियोजना की प्रगति एवं भावी कार्ययोजना के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया।

बैठक में विश्व बैंक के प्रतिनिधियों ने बताया कि परियोजना की तैयारी के क्रम में राज्य के विभिन्न राजस्व संग्रहण करने वाले विभागों एवं संस्थानों के साथ विचार-विमर्श किया गया है। इनमें राज्य कर विभाग, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग, ट्रेजरी निदेशालय, ऑडिट विभाग, वन विकास निगम सहित अन्य राज्य नियंत्रणाधीन संगठन शामिल हैं। इन विभागों एवं संस्थानों को परियोजना के दायरे में शामिल किया जा रहा है।

मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने कहा कि राज्य में राजस्व अर्जित करने वाले सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि राजस्व अर्जन में वृद्धि के लिए उन्हें जिस भी प्रकार की तकनीकी, संस्थागत अथवा अन्य सहायता की आवश्यकता है, वह एस.पी.एफ.एम. परियोजना के अंतर्गत प्राप्त की जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना का उद्देश्य केवल राजस्व संग्रहण बढ़ाना ही नहीं, बल्कि राज्य की समग्र वित्तीय व्यवस्था को अधिक सक्षम, पारदर्शी और प्रभावी बनाना भी है।

मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजना के अंतर्गत राजस्व अर्जन में वृद्धि के साथ-साथ डिजिटल नवाचार को भी प्राथमिकता दी जाए, ताकि आधुनिक तकनीक के माध्यम से सरकारी सेवाओं और प्रक्रियाओं को अधिक सरल एवं सुगम बनाया जा सके तथा इसका सीधा लाभ जनसाधारण को मिले। उन्होंने संबंधित विभागों के मध्य बेहतर समन्वय के साथ परियोजना के लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए।

विश्व बैंक के प्रतिनिधियों ने परियोजना की तैयारियों, विभिन्न विभागों के साथ किए गए विमर्श तथा आगे की कार्ययोजना से मुख्य सचिव को अवगत कराया।

बैठक में परियोजना के माध्यम से राज्य की राजस्व क्षमता को मजबूत करने, वित्तीय प्रबंधन में सुधार तथा डिजिटल प्रणालियों के प्रभावी उपयोग से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की गई।

बैठक में विश्व बैंक की ओर से एस. कृष्णामूर्ति, अरविंद कुमार, आनंद एवं विकास तथा परियोजना की ओर से परियोजना निदेशक नवनीत पांडेय, अपर परियोजना निदेशक पी.सी. खरे एवं परियोजना प्रबंधन से भवतोष भट्ट उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने मियांवाला में ₹8.64 करोड़ की लागत से विकसित ‘जल सृष्टि पार्क’ का किया लोकार्पण

स्वच्छ, स्वस्थ और हरित देहरादून के संकल्प को मिल रही नई गति : मुख्यमंत्री धामी

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा मुख्यमंत्री की घोषणा के अंतर्गत मियांवाला, देहरादून में लगभग ₹8 करोड़ 64 लाख की लागत से विकसित ‘जल सृष्टि पार्क’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों को नए पार्क की सौगात मिलने पर बधाई दी और इसे स्वच्छ, स्वस्थ एवं हरित देहरादून के संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि रायपुर क्षेत्र के लोगों के बीच इस सुंदर पार्क का लोकार्पण उनके लिए प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि ‘जल सृष्टि पार्क’ आधुनिक सुविधाओं और प्राकृतिक सौंदर्य का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करता है। पार्क को इस प्रकार विकसित किया गया है कि यहां बच्चों से लेकर बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं तक सभी आयु वर्ग के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

पुराने तालाब का पुनर्जीवन कर विकसित किया गया आकर्षक पार्क

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि पार्क के निर्माण के दौरान यहां पहले से मौजूद पुराने तालाब को समाप्त करने के बजाय उसका पुनर्जीवन किया गया है। उन्होंने कहा कि तालाब के संरक्षण और उसके आसपास सुविधाओं के विकास से इस स्थान को नई पहचान मिली है। तालाब के मध्य सुंदर आइलैंड विकसित किया गया है तथा लोगों के मनोरंजन के लिए पेडल बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि अब रायपुर क्षेत्र के लोगों को देहरादून में ही एक खूबसूरत प्राकृतिक स्थल के साथ ‘नैनीताल जैसी फीलिंग’ का अनुभव प्राप्त हो सकेगा।

जल और जंगल हमारी संस्कृति का हिस्सा, संरक्षण हमारी जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल और जंगल को केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं माना गया, बल्कि इन्हें जीवन और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा समझा गया है। ऐसे में पुराने तालाबों और जल स्रोतों का पुनर्जीवन केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं है, बल्कि यह हमारी विरासत को बचाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल एवं प्रकृति को सुरक्षित रखने का भी महत्वपूर्ण प्रयास है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है। विकास का अर्थ केवल बड़ी इमारतें और कंक्रीट के ढांचे तैयार करना नहीं है। वास्तविक विकास वही है, जिससे लोगों का जीवन सुगम हो, शहर सुंदर बने, पर्यावरण सुरक्षित रहे और आने वाली पीढ़ियों को बेहतर भविष्य मिल सके। उन्होंने जल सृष्टि पार्क को इसी सोच का एक सुंदर उदाहरण बताया।

रायपुर क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल सुविधाओं को मिल रही गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से उत्तराखंड में विकास की गति को लगातार तेज किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि इसी क्रम में रायपुर क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, पार्क, सीवर और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े अनेक कार्य आगे बढ़ाए गए हैं। युवाओं को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है तथा क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि क्षेत्र में सड़कों के डामरीकरण, नवीनीकरण और चौड़ीकरण के साथ सीवर व्यवस्था को बेहतर बनाने का कार्य भी जारी है। पेयजल की समस्या के समाधान के लिए नए ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं। पुरानी पाइपलाइनों को बदलने तथा नई पेयजल लाइनें बिछाने का कार्य भी निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है।

हरित क्षेत्रों के विकास से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को मिल रही बेहतर सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिफेंस कॉलोनी, सिंयावाला, नेहरू कॉलोनी सहित विभिन्न क्षेत्रों में पार्कों के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण के कार्य किए गए हैं। इसका उद्देश्य लोगों को अपने आसपास ही ऐसे सुंदर और हरित स्थान उपलब्ध कराना है, जहां वे स्वस्थ वातावरण में समय बिता सकें।

उन्होंने कहा कि आईटी पार्क से पॉलीटेक्निक होते हुए मंगलूवाला की ओर सड़क व्यवस्था को बेहतर बनाने के कार्य भी आगे बढ़ाए जा रहे हैं। इससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ यातायात व्यवस्था को भी सुगम बनाने में मदद मिलेगी।

सौंग डैम से मजबूत होगी देहरादून की पेयजल व्यवस्था 

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून लगातार विस्तार ले रहा है और बढ़ती आबादी के साथ पानी की आवश्यकता भी बढ़ रही है। ऐसे में सौंग डैम जैसी महत्वपूर्ण परियोजना पर भी कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे भविष्य में देहरादून की पेयजल व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने में सहायता मिलेगी।

उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान बाढ़ और जलभराव की समस्या से लोगों को राहत दिलाने के लिए रायपुर क्षेत्र में नदियों और बरसाती नालों पर बाढ़ सुरक्षा तथा चैनलाइजेशन के कार्य भी किए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि जहां सड़क की आवश्यकता हो वहां सड़क बने, जहां पेयजल की समस्या हो वहां पानी पहुंचे, जहां जलभराव हो वहां उसका स्थायी समाधान हो और जहां हरियाली की आवश्यकता हो वहां सुंदर पार्क विकसित किए जाएं।

विकास का उद्देश्य लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर बनाना

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास किसी एक परियोजना का नाम नहीं है, बल्कि इसका वास्तविक उद्देश्य लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर बनाना है। जल सृष्टि पार्क भी इसी व्यापक सोच का हिस्सा है, जहां पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों के लिए मनोरंजन, स्वास्थ्य और प्रकृति से जुड़ने की सुविधाएं विकसित की गई हैं।

उन्होंने इस कार्य के लिए एमडीडीए के अधिकारियों, इंजीनियरों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में यह पार्क केवल रायपुर क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे देहरादून के लोगों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा।

पार्क को अपना समझकर स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने की अपील

मुख्यमंत्री धामी ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि सरकार पार्क का निर्माण कर सकती है, उसे सुंदर बना सकती है और सुविधाएं उपलब्ध करा सकती है, लेकिन उसे लंबे समय तक स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से पार्क को केवल सरकारी संपत्ति न मानकर अपना पार्क समझने और अपने घर की तरह इसकी स्वच्छता एवं देखभाल करने का आग्रह किया।

उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं से पार्क का अधिक से अधिक उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चे और युवा यहां खेलें, दौड़ें, योग करें और प्रकृति के बीच समय बिताएं, लेकिन इसके साथ पार्क और जलाशय की देखभाल की जिम्मेदारी भी समझें। सरकार और समाज के सामूहिक प्रयास से ही कोई विकास कार्य लंबे समय तक सुंदर और उपयोगी बना रह सकता है।

आधुनिक सुविधाओं के साथ देहरादून की हरियाली और प्राकृतिक पहचान को बनाए रखने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून अपनी प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली के लिए देशभर में जाना जाता है। विकास की यात्रा में इस पहचान को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। सरकार का प्रयास है कि देहरादून में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार हो, लेकिन इसके साथ ही शहर के प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यही राज्य सरकार के विकास मॉडल की मूल भावना है।

मुख्यमंत्री ने रायपुर क्षेत्र के लोगों को विश्वास दिलाया कि उनके जीवन को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए सरकार इसी प्रकार निरंतर कार्य करती रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने तथा इसे देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ‘विकल्प रहित संकल्प’ को पूरा करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में रायपुर क्षेत्र के लोग भी इसी प्रकार अपना सहयोग और योगदान प्रदान करते रहेंगे।

जल सृष्टि पार्क में हर आयु वर्ग के लिए सुविधाएं, प्राकृतिक सौंदर्य बना विशेष आकर्षण

एमडीडीए द्वारा मियांवाला, देहरादून में ₹8.64 करोड़ की लागत से विकसित यह जल सृष्टि पार्क एक बहुआयामी हरित एवं मनोरंजन स्थल है, जिसमें पुराने तालाब का पुनर्जीवन करते हुए उसके आसपास आधुनिक सुविधाओं का विकास किया गया है। पार्क में सुबह-शाम भ्रमण एवं दौड़ने के लिए जॉगिंग ट्रैक, योग के लिए योगा डेक, बच्चों के लिए चिल्ड्रन पार्क, फूलों एवं वनस्पतियों की जानकारी देने वाला एजुकेशनल फ्लावर गार्डन, आकर्षक लैंडस्केपिंग, हरित क्षेत्र तथा बैठने की सुविधाएं विकसित की गई हैं।

तालाब के मध्य सुंदर आइलैंड बनाया गया है और लोगों के मनोरंजन के लिए पेडल बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इस प्रकार एमडीडीए ने पुराने जल स्रोत के संरक्षण को आधुनिक शहरी सुविधाओं के साथ जोड़ते हुए एक ऐसे खूबसूरत पार्क का विकास किया है, जो पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन, स्वास्थ्य, मनोरंजन और प्राकृतिक सौंदर्य—सभी को एक स्थान पर समाहित करता है। यह कार्य देहरादून में हरित एवं पर्यावरण अनुकूल शहरी विकास की दिशा में एमडीडीए के प्रयासों का एक उल्लेखनीय उदाहरण है।

कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा काऊ, मेयर सौरभ थपलियाल, एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।


जल सृष्टि पार्क के लोकार्पण से लौटते समय सीएम धामी ने अचानक रुकवाया काफिला, बच्चों और आमजन के साथ खिंचवाईं सेल्फी

मुख्यमंत्री को देखने उमड़े लोग, सीएम धामी ने प्रोटोकॉल से इतर आमजन के बीच पहुंचकर साझा की आत्मीयता

 बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने मांगी सेल्फी, मुख्यमंत्री धामी ने रुककर हर किसी की इच्छा की पूरी

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को मियांवाला, देहरादून में जल सृष्टि पार्क के लोकार्पण कार्यक्रम से लौट रहे थे। इस दौरान मार्ग में जगह-जगह बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और बच्चे मुख्यमंत्री की एक झलक पाने के लिए उत्साहित नजर आए। लोगों का उत्साह और आत्मीयता देखकर मुख्यमंत्री श्री धामी ने अचानक अपना काफिला रुकवाया और स्वयं आमजन के बीच पहुंच गए।

मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर बच्चे और स्थानीय लोग बेहद उत्साहित नजर आए। कई लोगों ने मुख्यमंत्री से उनके साथ फोटो और सेल्फी लेने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री श्री धामी ने भी सहजता के साथ उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए बच्चों, युवाओं, महिलाओं और अन्य लोगों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और सेल्फी लीं।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों से बातचीत कर उनका हालचाल भी जाना। लोगों ने मुख्यमंत्री से बातचीत करते हुए अपनी भावनाएं साझा कीं। मुख्यमंत्री ने भी पूरी आत्मीयता के साथ आमजन से संवाद किया और उनकी बातों को सुना।

मुख्यमंत्री की इस सहजता और आत्मीय व्यवहार से मौके पर मौजूद लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। काफिला रुकने और मुख्यमंत्री के स्वयं लोगों के बीच पहुंचने का यह दृश्य लोगों के लिए यादगार बन गया। बच्चों के चेहरे पर खुशी और स्थानीय लोगों के उत्साह ने माहौल को और भी आत्मीय बना दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ” जनता से मिलना और उनके बीच रहना उनके लिए हमेशा सुखद अनुभव रहा है। प्रदेश की जनता का स्नेह और आशीर्वाद ही उन्हें निरंतर जनसेवा के लिए प्रेरित करता है।”


आजमगढ़ में 23.4 किलो गांजा बरामद, दो महिलाओं समेत तीन गिरफ्तार

आजमगढ़। बिलरियागंज पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 23.411 किलोग्राम गांजा बरामद करने का दावा किया है।

पुलिस के अनुसार, थाना प्रभारी अतुल मिश्रा, उपनिरीक्षक राय और पुलिस टीम शुक्रवार को जैगहा बाजार में वाहनों और संदिग्ध लोगों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि हारीपुर मोड़ की ओर से दो महिलाएं और एक व्यक्ति दो ट्रॉली बैग लेकर पैदल गौरी पुलिया नहर की तरफ जा रहे हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और तीनों संदिग्धों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान दोनों ट्रॉली बैग से 12 बंडल बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक, इनका कुल वजन 23.411 किलोग्राम पाया गया।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के बक्सर जिले के सिमरी थाना क्षेत्र के बलिहार गांव निवासी राजाबाबू सिंह, बिहार के राजपुर थाना क्षेत्र निवासी सोनी इंतवा और गाजीपुर जिले के दिलदारनगर थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव निवासी नेहा पासवान के रूप में की है।

पुलिस ने बरामद गांजे को कब्जे में लेकर तीनों आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में मादक पदार्थ की तस्करी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।


हापुड़ में शादी के दो दिन बाद जेवर लेकर फरार महिला गिरफ्तार, कथित मास्टरमाइंड फरार

पुलिस ने महिला के कब्जे से आभूषण और दस्तावेज बरामद किए; शादी कराने वाला विनोद शास्त्री अभी पुलिस की पकड़ से बाहर

हापुड़। सिंभावली थाना क्षेत्र में शादी के दो दिन बाद जेवर और नकदी लेकर फरार होने के मामले में पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, महिला की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी मसुरा शेख के रूप में हुई है। मामले में शादी कराने वाला कथित मुख्य आरोपी विनोद शास्त्री अभी फरार है।

पुलिस के मुताबिक, लिसड़ी उर्फ भगवतीपुर गांव निवासी विनोद कुमार ने 16 अगस्त को शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि करीब तीन महीने पहले उसने शादी के लिए हल्द्वानी निवासी एक पंडित से संपर्क किया था। पंडित ने एक युवती को गरीब परिवार से बताते हुए शादी कराने की बात कही थी।

14 अगस्त को मंदिर में हुई शादी

शिकायत के अनुसार, 14 अगस्त को विनोद कुमार अपने परिवार के साथ रामपुर स्थित शिव मंदिर पहुंचा, जहां पंडित ने सीमा नाम बताकर युवती से उसकी शादी कराई। शादी के बाद युवती की मां को एक लाख रुपये दिए गए, जबकि पंडित को शादी कराने के लिए 2,100 रुपये दिए गए।

विनोद के अनुसार, उसने पत्नी को पहनने के लिए पायल, बालियां, चांदी का हार और सोने का मंगलसूत्र भी दिया था। आरोप है कि 15 अगस्त की रात करीब दो बजे महिला घर से सभी जेवर लेकर चली गई।

जांच में सामने आई पहचान से जुड़ी जानकारी

पुलिस ने जांच के दौरान महिला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि शादी कराने वाले शास्त्री ने महिला की पहचान और धर्म से जुड़ी जानकारी छिपाकर उसे हिंदू युवती के रूप में पेश किया था।

पुलिस ने महिला के कब्जे से दो आधार कार्ड, एक पैन कार्ड तथा पीली और सफेद धातु के आभूषण बरामद किए हैं। गिरफ्तार महिला को न्यायालय में पेश किया गया है।

इंस्पेक्टर कमलेश कुमार के अनुसार, मामले के कथित मास्टरमाइंड विनोद शास्त्री की तलाश जारी है। पुलिस शादी के जरिए कथित ठगी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।


03 कुमाऊं रेजीमेंट के रेजिंग-डे समारोह में शामिल हुए मंत्री गणेश जोशी

सैनिकों और पूर्व सैनिकों को दी शुभकामनाएं

देहरादून। गढ़ी कैंट स्थित गोर्खाली सुधार सभा में शुक्रवार को 03 कुमाऊं रेजीमेंट का रेजिंग-डे समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने रेजीमेंट के सभी सैनिकों, पूर्व सैनिकों, सैन्य अधिकारियों, वीर नारियों और उनके परिजनों को रेजिंग-डे की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि कुमाऊं रेजीमेंट का इतिहास भारतीय सेना के शौर्य, साहस, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की गौरवशाली गाथाओं से भरा है। रेजीमेंट के वीर सैनिकों ने देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए कठिन परिस्थितियों में अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि कुमाऊं रेजीमेंट का देश की रक्षा में योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

गणेश जोशी ने कहा कि जब देशवासी चैन की नींद सोते हैं, तब हमारे सैनिक सीमाओं पर जागकर देश की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। सैनिक देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रहरी हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देवभूमि के साथ वीरभूमि के रूप में भी जाना जाता है। प्रदेश के हजारों परिवारों की कई पीढ़ियों ने भारतीय सेना में सेवाएं दी हैं और यहां के युवाओं में राष्ट्रसेवा की भावना लंबे समय से रही है।

मंत्री ने कहा कि रेजिंग-डे का अवसर उन वीर सैनिकों और शहीदों को नमन करने का भी है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका त्याग और शौर्य आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

उन्होंने पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को राष्ट्र की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि सैनिक के साथ उसका परिवार भी देशसेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान, कल्याण और हितों की रक्षा करना समाज और सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी है।

गणेश जोशी ने कुमाऊं रेजीमेंट के जवानों और पूर्व सैनिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रेजीमेंट की गौरवशाली परंपरा इसी तरह आगे बढ़ती रहे और इसके वीर जवान देश का मान-सम्मान बढ़ाते रहें।

समारोह में गोविंद सिंह, गंगा दत्त बिनवाल, हरी सिंह, मंजू देउपा, गंगा सिंह, देवकी बिनवाल, कैलाश सिंह, दरबान सिंह, राम दत्त, नंदन सिंह सहित सैन्य अधिकारी, वीर जवान, पूर्व सैनिक, वीर नारियां और उनके परिजन मौजूद रहे।


रायबरेली में मां-बेटे की हत्या और डकैती मामले में पांच दोषियों को उम्रकैद

रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली में नौ साल पुराने मां-बेटे की हत्या और डकैती के मामले में अदालत ने पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने बृहस्पतिवार को फैसला सुनाते हुए प्रत्येक दोषी पर डेढ़ लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया। जुर्माना जमा नहीं करने पर दोषियों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

मामला 24 मई 2017 का है। मोहनगंज थाना क्षेत्र के पूरे रानी मजरे तिलोई में श्यामा और उनके बेटे मदन की हत्या के बाद घर में डकैती की गई थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था और उनके कब्जे से लूट का सामान बरामद करने का दावा किया था।

मुकदमे की सुनवाई के दौरान डलमऊ क्षेत्र के अमरहा निवासी सुरेश उर्फ मनोज की मौत हो गई। इसके बाद पांच आरोपियों के खिलाफ अदालत में सुनवाई जारी रही।

पांचों दोषियों को मिली उम्रकैद

अदालत ने ओमप्रकाश उर्फ जगदीश, कल्लू उर्फ वीरेंद्र, टिल्कू उर्फ समर बहादुर, आशीष उर्फ नन्हा और मुकेश उर्फ अरविंद को दोषी ठहराया। इनमें ओमप्रकाश, कल्लू और टिल्कू इन्हौना थाने के हिस्ट्रीशीटर बताए गए हैं।

परिवार ने नौ साल तक की पैरवी

मां श्यामा और छोटे भाई मदन की हत्या के बाद बब्बन और उनका परिवार लंबे समय से अदालत के फैसले का इंतजार कर रहा था। परिवार के मुताबिक, मुकदमे की पैरवी के दौरान दबाव और प्रलोभन दिए जाने के बावजूद उन्होंने केस की पैरवी जारी रखी।

फैसला आने के बाद बब्बन ने कहा कि देर से ही सही, दोषियों को सजा मिली है। उन्होंने बताया कि मदन की पत्नी गायत्री और उनका 12 वर्षीय दिव्यांग बेटा सक्षम घटना के बाद से अपने ननिहाल में रह रहे हैं।

‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत प्रभावी पैरवी

एसपी सरवण टी. ने बताया कि गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत लगातार प्रभावी पैरवी कर रही है। इस मामले में भी अभियोजन पक्ष के साथ समन्वय कर अदालत में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की गई।


अमृतसर में ड्यूटी पर तैनात पंजाब पुलिस ASI की हत्या, हमलावरों की तलाश तेज

दाना मंडी के पास गश्त के दौरान हुआ हमला; DGP गौरव यादव ने घटनास्थल का जायजा लिया, CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से जांच आगे बढ़ी

अमृतसर। पंजाब के अमृतसर में ड्यूटी पर तैनात पुलिस के सहायक उप निरीक्षक (ASI) हरजीत सिंह की शुक्रवार तड़के गोली लगने से मौत हो गई। वह गेट हकीमां थाने के तहत PCR ड्यूटी पर तैनात थे और दाना मंडी क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, वारदात रात करीब 2 से 3 बजे के बीच हुई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने ASI को निशाना बनाया और मौके से फरार हो गए। हरजीत सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल से एक .30 बोर का खोल बरामद किया है, जिसे जांच के लिए भेजा गया है।

DGP ने घटनास्थल पहुंचकर जांच की समीक्षा की

पंजाब के DGP गौरव यादव ने शुक्रवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों से मामले की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि जांच तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। अलग-अलग पुलिस टीमें हमलावरों की पहचान और उनकी गतिविधियों का पता लगाने में जुटी हैं।

DGP के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में हमलावरों द्वारा ASI का पीछा किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों का CCTV के जरिए पता लगाने का प्रयास कर रही है।

परिवार को 2 करोड़ रुपये की सहायता

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ASI हरजीत सिंह के परिवार के लिए एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। इसके अलावा HDFC बैंक की ओर से परिवार को एक करोड़ रुपये का अतिरिक्त बीमा भुगतान किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस विभाग की ओर से ASI को पूरे पुलिस सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ नाम के एक संगठन द्वारा जिम्मेदारी लेने का दावा भी सामने आया है। हालांकि, उपलब्ध पुलिस रिपोर्टों के अनुसार इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस हत्या के सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।

फिलहाल हमले के पीछे की वजह और आरोपियों की पहचान स्पष्ट नहीं है। पुलिस CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।


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