Saturday, September 19th, 2026

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एमएसएमई योजनाओं पर सेमिनार आयोजित, उद्यमियों को वित्तीय सहायता और बाजार सुविधाओं की दी जानकारी

Monthly Archives: September 2026

एमएसएमई योजनाओं पर सेमिनार आयोजित, उद्यमियों को वित्तीय सहायता और बाजार सुविधाओं की दी जानकारी

सरकारी योजनाओं से कारोबार विस्तार और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर

पौड़ी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सरकारी योजनाओं, वित्तीय सुविधाओं, बाजार व्यवस्था और आधुनिक तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से जिला उद्योग केंद्र, कोटद्वार में एमएसएमई योजनाओं पर सेमिनार आयोजित किया गया। एमएसएमई के लिए खरीद एवं विपणन सहायता योजना के अंतर्गत आयोजित सेमिनार में जनपद के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से पहुंचे उद्यमियों को योजनाओं और सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास कार्यालय, हल्द्वानी एवं देहरादून के निदेशक डॉ. एस.के. नेवार ने उद्यमियों को उपलब्ध योजनाओं का लाभ उठाते हुए अपने उद्यमों को सुदृढ़ करने तथा बाजार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीक और नवाचार को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सेमिनार के दौरान ओडीआर योजना, ऋण गारंटी सुविधा, टीआरईडीएस, एसआरआई फंड, पैकेजिंग एवं गुणवत्ता मानक तथा एमएसएमई क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग सहित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने जानकारी साझा की। सहायक निदेशक अमित मोहन ने उद्यमियों को योजनाओं की प्रक्रिया एवं उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी दी। विशेषज्ञ वक्ताओं ने वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता, उत्पादों की गुणवत्ता एवं पैकेजिंग, बाजार तक पहुंच तथा आधुनिक तकनीक के उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी मार्गदर्शन किया।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने उद्यमियों को विभिन्न विषयों पर जानकारी प्रदान की। इस दौरान उद्यमियों ने योजनाओं एवं वित्तीय सुविधाओं से संबंधित अपने प्रश्न भी रखे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया।

सेमिनार में औद्योगिक आस्थान सिताबपुर, सिग्गड़ी, जशोधरपुर एवं बलभद्रपुर के विभिन्न उद्यमियों सहित जनपद के अन्य क्षेत्रों से आए उद्यमियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सोम नाथ गर्ग, प्रबंधक आर.पी. आर्य, उपासना सिंह, ईशा अग्रवाल, एमओएमएसएमई, श्रुति शुक्ला, प्रबंधक, सीजीटीएमएसई मुंबई, प्रो. संजीव कुमार, आईआईटी रुड़की, विवेक चौहान, सचिव, सिडकुल निर्माता संघ कोटद्वार तथा अनिमेष ध्यानी, मुख्य प्रबंधक, केनरा बैंक कोटद्वार सहित विभागीय अधिकारी एवं जिला उद्योग केंद्र की पूरी टीम उपस्थित रही।


जनगणना 2027 के द्वितीय चरण को लेकर कार्मिकों को दिया प्रशिक्षण

16 से 30 नवंबर तक होगी स्वगणना, एक दिसंबर से चार जनवरी तक होगी जनसंख्या गणना

पौड़ी। जनगणना-2027 को सफल बनाने के लिए द्वितीय चरण में होने वाले कार्यों को लेकर प्रेक्षागृह सभागार पौड़ी में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में चार्ज अधिकारी, अतिरिक्त चार्ज अधिकारी, जनगणना लिपिक एवं तकनीकी सहायकों को जनगणना कार्य की प्रक्रिया और विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई। साथ ही सीएमएमएस पोर्टल के संबंध में भी कार्मिकों को विस्तृत जानकारी भी दी गई।

शनिवार को आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी एफ आर चौहान ने सभी कार्मिकों को प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है और इसे सफल बनाने में प्रत्येक कार्मिक की महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी कार्मिक प्रशिक्षण के दौरान दी जा रही जानकारी को अच्छी तरह समझें और जनगणना कार्य के दौरान निर्धारित प्रक्रिया एवं दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार और व्यक्ति की गणना सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति जनगणना से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि सभी कार्मिक आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनगणना-2027 के द्वितीय चरण को सफल बनाएं।

अपर जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना का प्रथम चरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। द्वितीय चरण में 16 नवंबर से 30 नवंबर तक स्वगणना का कार्य किया जाएगा। इसके बाद एक दिसंबर से चार जनवरी तक जनसंख्या गणना कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि इस दौरान कोई परिवार या कोई व्यक्ति गणना से वंचित रह जाता है तो उसे गणना में शामिल करने के लिए पांच जनवरी से नौ जनवरी तक रिकवरी गणना की जाएगी।

इस अवसर पर जनगणना कार्यालय के संयुक्त निदेशक शैलेंद्र नेगी, जनगणना मास्टर ट्रेनर कमल कर्नाटक, शिव कुमार, वीरेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।


हरिद्वार में युवक को निशाना बनाकर चली गोली, लिव-इन पार्टनर घायल

मायापुर की वाल्मीकि बस्ती में देर रात वारदात; गंभीर हालत में युवती को एम्स रेफर किया गया, आरोपी की तलाश जारी

हरिद्वार। शहर कोतवाली क्षेत्र के मायापुर की वाल्मीकि बस्ती में शुक्रवार देर रात गोली चलने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि कुछ हमलावर एक युवक को निशाना बनाने के लिए उसके घर पहुंचे थे। इसी दौरान चली गोली युवक के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही युवती के बाजू में जा लगी।

गोली लगने से घायल युवती को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे ऋषिकेश एम्स रेफर कर दिया। घायल युवती राजीव नगर की रहने वाली बताई जा रही है और हरिद्वार के खन्नानगर स्थित एक जिम में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती है।

पुलिस के मुताबिक युवती मायापुर की वाल्मीकि बस्ती में अंश नाम के युवक के साथ रह रही थी। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि अंश के खिलाफ पहले से कुछ मुकदमे दर्ज हैं।

अंश को निशाना बनाने पहुंचे थे हमलावर

पुलिस के अनुसार शुक्रवार रात कुछ युवक अंश को निशाना बनाने के इरादे से उसके घर पहुंचे। आरोप है कि इसी दौरान हमलावरों ने उस पर गोली चला दी। गोली चलने के दौरान युवती बीच में आ गई और उसके बाजू में गोली लग गई।

घटना की सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। सीओ सिटी सिसुपाल सिंह नेगी ने बताया कि झगड़े के दौरान गोली चलने से युवती घायल हुई है। पुलिस आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है।


लुधियाना में CM मान के काफिले पर टमाटर फेंकने का आरोप, रवनीत बिट्टू हिरासत में

लुधियाना। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के लुधियाना दौरे के दौरान शनिवार को सियासी तनाव देखने को मिला। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) में कार्यक्रम से बाहर निकलते समय मुख्यमंत्री के काफिले पर भाजपा कार्यकर्ताओं और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा टमाटर फेंके जाने का आरोप लगा है। घटना के बाद पुलिस ने बिट्टू को हिरासत में ले लिया।

बिट्टू ने स्वयं प्रदर्शन की जानकारी देते हुए दावा किया कि उन्होंने मुख्यमंत्री के काफिले की ओर टमाटर और अन्य सामान दिखाकर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर पंजाब में नशे को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। बिट्टू ने शराब की बोतल हाथ में लेकर कहा कि वह इसे मुख्यमंत्री को वापस करने आए हैं।

भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पहले बटाला के पास उनके काफिले को निशाना बनाया था। उनका कहना है कि इस संबंध में रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब भाजपा ने पंजाब में ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू की है, जबकि आम आदमी पार्टी भी लुधियाना से अपने चुनावी अभियान से जुड़े कार्यक्रम कर रही है। भाजपा की यात्रा राज्य के 117 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजर रही है।

बिट्टू ने शुक्रवार को आरोप लगाया था कि पठानकोट जाते समय बटाला के पास उनके काफिले पर अंडे फेंके गए। उन्होंने दावा किया था कि उनकी सुरक्षा टीम ने तीन लोगों को पकड़ा, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली।

लुधियाना में प्रदर्शन के दौरान बिट्टू ने इसी घटना का हवाला देते हुए कहा कि अगर भाजपा नेताओं और उनकी यात्राओं के खिलाफ प्रदर्शन किया जा सकता है, तो भाजपा कार्यकर्ता भी सरकार और उसके नेताओं के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज करा सकते हैं।

हिरासत में लिए जाने के बाद बिट्टू ने कहा कि पुलिस कार्रवाई से भाजपा की आवाज दबने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी पंजाब से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों तथा कार्यालयों के बाहर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।


सेवा संकल्प अभियान- 25 सितंबर से 07 अक्टूबर तक आयोजित होंगे ‘सेवा सेतु, सरकार आपके द्वार’ शिविर

पात्र लाभार्थियों को मौके पर मिलेगा योजनाओं का लाभ

देहरादून। सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रदेश के सभी जनपदों में ‘सेवा सेतु, सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। शनिवार को सचिवालय में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर बैठक हुई। बैठक में प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक और तहसील स्तर पर शिविर आयोजित करने को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि शिविरों का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना है। इसके लिए प्रत्येक शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल और योजनाओं से संबंधित प्रदर्शनी लगाई जाएगी। मौके पर पात्र लाभार्थियों का चयन कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने की व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने शिविरों में स्वास्थ्य एवं बहुउद्देशीय शिविर आयोजित करने के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा ट्री प्रोटेक्शन एक्ट और मानव-वन्यजीव संघर्ष से जुड़े विषयों पर भी आमजन को जागरूक करने के लिए आवश्यक गतिविधियां संचालित करने को कहा गया।

मंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को शिविरों की तिथि, स्थान, नोडल अधिकारी, योजनाओं और विभागीय उपलब्धियों समेत विस्तृत कार्ययोजना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूर्व में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रमों वाले स्थानों से अलग जगहों पर शिविर लगाए जाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित हो सके। कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए होर्डिंग्स और बैनर लगाने के निर्देश भी दिए गए।

25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

राज्य आपदा प्रबंधन के उपाध्यक्ष डॉ. विनय रोहिला ने बताया कि ‘सेवा सेतु’ अभियान 25 सितंबर से 7 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। प्रदेश के प्रत्येक तहसील और ब्लॉक स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। प्रत्येक शिविर कम से कम तीन दिन तक संचालित किया जाएगा। साथ ही शिविरों की गतिविधियों और उपलब्धियों की रिपोर्टिंग भी की जाएगी।

महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने बताया कि अभियान के दौरान विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे। यहां लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ आवेदन पत्र भरने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा योजनाओं से लाभान्वित लोगों की सफलता की कहानियां प्रस्तुत की जाएंगी और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।

बैठक में सचिव विनय शंकर पाण्डेय, सी. रविशंकर, राजेन्द्र कुमार, अपर सचिव रोहित मीणा, सीसीएफ वन राहुल, सीडीओ देहरादून अभिनव शाह, उपनिदेशक सूचना बद्री चंद समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया।


10,709 निर्माण श्रमिक लाभार्थियों के खातों में 18.49 करोड़ रूपये की सहायता राशि हस्तांतरित

स्वास्थ्य जांच में बीमारी सामने आने वाले श्रमिकों के उपचार की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए – मुख्यमंत्री

त्योहारी सीजन में विभागीय योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक जनसुविधा और जनसेवा के कार्य किए जाएं- मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के तहत 10,709 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में 18 करोड़ 49 लाख रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की। मुख्यमंत्री ने एक क्लिक के जरिए यह राशि लाभार्थियों के खातों में भेजी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि निर्माण श्रमिक राज्य के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। सरकार का उद्देश्य श्रमिकों और उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र श्रमिक परिवार योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच पर जोर देते हुए कहा कि जांच के दौरान जिन श्रमिकों में किसी बीमारी की पहचान हुई है, उनके उपचार की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, परिवारों के पोषण, महिलाओं के स्वास्थ्य और कार्यस्थलों पर स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारी सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में सभी विभाग अपनी योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक जनसुविधा और जनसेवा से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाएं। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में पात्रता सत्यापन, पारदर्शिता और जनपदवार कवरेज की नियमित निगरानी करने को कहा। साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पात्र श्रमिकों तक भी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

इन योजनाओं के तहत मिली सहायता

कार्यक्रम में बताया गया कि मौजूदा डीबीटी के तहत प्रसूति एवं प्रसविधा सहायता के 95, मृत्युपरांत सहायता के 177, पुत्री विवाह सहायता के 2,354 और शिक्षा सहायता के 8,083 लाभार्थी शामिल हैं। इन सभी योजनाओं को मिलाकर कुल 10,709 लाभार्थियों को 18.49 करोड़ रुपये की सहायता राशि हस्तांतरित की गई।

83 हजार से अधिक किट वितरित

बैठक में निर्माण श्रमिक परिवारों के लिए संचालित समेकित कल्याण मॉडल की प्रगति की भी जानकारी दी गई। बोर्ड की ओर से अब तक 33,429 शिक्षण सामग्री किट, 26,674 स्वच्छता सामग्री किट और 23,216 पोषाहार किट वितरित की जा चुकी हैं। इस तरह कुल 83,319 किट श्रमिक परिवारों तक पहुंचाई गई हैं।

वहीं, श्रमिक स्वास्थ्य योजना के तहत अब तक 20,527 स्वास्थ्य स्क्रीनिंग और 2,32,281 स्वास्थ्य परीक्षण किए जा चुके हैं।

एलसीसीएमएस से सेस संग्रह में 47.21 प्रतिशत बढ़ोतरी

प्रस्तुतीकरण के दौरान लेबर सेस कलेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (एलसीसीएमएस) की प्रगति की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि इस प्रणाली को वर्ष 2025 में ई-गवर्नेंस श्रेणी में स्कॉच गोल्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। भारत सरकार के स्तर पर भी इसकी सराहना की गई और इसे बेस्ट प्रैक्टिसेज कंपेंडियम में शामिल किया गया है।

एलसीसीएमएस के माध्यम से अब तक 21,200 प्रतिष्ठानों का ऑनलाइन पंजीकरण किया गया है, जबकि सेस संग्रह में 47.21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसे देशभर में अपनाए जाने योग्य डिजिटल गवर्नेंस मॉडल के तौर पर भी प्रस्तुत किया गया।

श्रमिक स्वास्थ्य योजना को राष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य योजना की प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच से गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान करने में मदद मिल रही है। प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार सम्मेलन में इस योजना को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली।

पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों ने भी उत्तराखण्ड के इस मॉडल को अपने राज्यों में अपनाने में रुचि दिखाई। मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिए श्रमिकों को कार्यस्थल पर ही जांच, परामर्श और रेफरल सेवाएं उपलब्ध कराने की इस पहल को विस्तार योग्य मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम में राज्य सलाहकार संविदा बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश पंत, सतर्कता समिति की अध्यक्ष गीता रावत, उपाध्यक्ष मोहनी पोखरिया, उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. श्रीधर बाबू अदांकी, सचिव प्रकाश चन्द्र दुम्का समेत श्रम विभाग और बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहे।


रुद्रपुर में 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आयोजित होंगे ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम

आयोजित की जाएंगी रचनात्मक गतिविधियां, बच्चों की प्रतिभा एवं आत्मविश्वास को किया जाएगा प्रोत्साहित

रुद्रपुर। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने शनिवार को ऊधमसिंह नगर कलेक्ट्रेट सभागार में आगामी 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर जनपद स्तरीय अधिकारियों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की। यह आयोजन ‘सेवा संकल्प’ अभियान के तहत जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में किया जाएगा। बैठक से पहले मंत्री ने गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी ली और अधिकारियों को कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि जिले के 2,388 आंगनबाड़ी केंद्रों में 13 दिनों तक विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। अलग-अलग दिनों में टीकाकरण एवं पोषण अभियान, पोषण के उद्देश्यों और लाभों की जानकारी, संतुलित आहार पर चर्चा, बाल गीत-कविता, सांस्कृतिक एवं लोकनृत्य, लघु नाटिका समेत कई कार्यक्रम आयोजित होंगे।

कार्यक्रम के दौरान मातृ-शिशु कल्याण और पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। महिलाओं और अभिभावकों को मां और बच्चे के पोषण, पोषण अभियान तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ और उनकी पात्रता की जानकारी भी लोगों को दी जाएगी।

इस अवसर पर बेहतर कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं और आशा बहनों को सम्मानित भी किया जाएगा। वहीं, बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। बाल गीत, कविताएं, सांस्कृतिक एवं लोकनृत्य, लघु नाटिका, अभिनय और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ावा दिया जाएगा।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होता है। ऐसे में सभी गतिविधियां इसी निर्धारित समयावधि के भीतर पूरी की जाएं, ताकि बच्चों और अभिभावकों को किसी तरह की असुविधा न हो।

बैठक में दर्जा राज्यमंत्री रामपाल सिंह, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष विनीता सक्सेना, काशीपुर महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष आकांक्षा ठाकुर, प्रदेश महामंत्री महिला मोर्चा रश्मि रस्तोगी, जिला महामंत्री महिला मोर्चा प्रीति धीर, जिला महामंत्री तरुण दत्ता, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किसान मोर्चा अनिल चौहान, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, सहायक परियोजना निदेशक रमा गोस्वामी, जिला कार्यक्रम अधिकारी मुकुल चौधरी सहित विभागीय अधिकारी, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।


देवघर में चार साइबर ठग गिरफ्तार, फर्जी कस्टमर केयर बनकर करते थे ठगी

फर्जी APK भेजकर मोबाइल का कंट्रोल लेते थे आरोपी, छह मोबाइल और चार सिम कार्ड बरामद

देवघर। झारखंड के देवघर जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साइबर थाना और मधुपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर मधुपुर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर आरोपियों को पकड़ा। उनके कब्जे से छह मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।

पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर को मिली सूचना के बाद पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने कार्रवाई करते हुए मधुपुर के बरियाही गढ़ा निवासी अनिश दास, सारठ के खरना निवासी सुमेश महरा, जसीडीह के रोहिणी अजान टोला निवासी राहुल दास और मधुपुर के गुनियासोल निवासी दिनेश दास को गिरफ्तार किया।

पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर साइबर ठगी के लिए अपनाए जाने वाले तरीकों की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी गूगल पे, फोन-पे और पेटीएम के फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों से संपर्क करते थे। इसके अलावा कैशबैक, पीएम किसान योजना, बिजली बिल और आरटीओ चालान के नाम पर भी लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।

पुलिस के मुताबिक, भरोसे में लेने के बाद आरोपियों द्वारा पीड़ितों के मोबाइल पर फर्जी APK फाइल भेजी जाती थी। फाइल डाउनलोड होने के बाद मोबाइल तक अनधिकृत पहुंच हासिल कर बैंक खातों से रकम निकालने का प्रयास किया जाता था।

फिलहाल पुलिस ने जब्त मोबाइल फोन और सिम कार्ड की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। जांच के जरिए आरोपियों के संपर्क, लेनदेन और साइबर ठगी से जुड़े अन्य मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया और ठगी की रकम किन खातों में भेजी गई। गिरफ्तार चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।


आगरा नगर निगम का बड़ा फैसला, यमुना में नहीं होगा गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन

विसर्जन के लिए आगरा के हाथीघाट, कैलाश घाट, बल्केश्वर और दशहरा घाट पर बनाए जा रहे अस्थायी कुंड

आगरा। गणपति उत्सव के समापन पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर आगरा नगर निगम ने विशेष व्यवस्था की है। यमुना नदी में प्रदूषण को देखते हुए इस बार प्रतिमाओं का सीधे नदी में विसर्जन नहीं कराया जाएगा। इसके लिए शहर के चार प्रमुख घाटों पर अस्थायी विसर्जन कुंड तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें गंगाजल भरकर श्रद्धालुओं को प्रतिमाओं के विसर्जन की सुविधा दी जाएगी।

नगर निगम की ओर से हाथीघाट, कैलाश घाट, बल्केश्वर घाट और दशहरा घाट पर अस्थायी कुंड बनाए गए हैं। इन कुंडों में यमुना के पानी के स्थान पर गंगाजल का इस्तेमाल किया जाएगा। आगरा को पालड़ा से पाइपलाइन के माध्यम से गंगाजल की आपूर्ति होती है, जिसका उपयोग इन विसर्जन कुंडों को भरने में किया जाएगा।

दरअसल, नदियों और जलाशयों में मूर्ति विसर्जन से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन्हीं निर्देशों के तहत नगर निगम ने यमुना नदी में सीधे प्रतिमा विसर्जन के बजाय वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अस्थायी कुंडों के आसपास बैरिकेडिंग भी की जा रही है। साथ ही विसर्जन स्थलों पर नगर निगम के कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी, ताकि पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।

अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम के साथ हाथीघाट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्रीय जेडएसओ आशुतोष वर्मा को निर्देश दिए कि गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान घाट पर पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए।

सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि एनजीटी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अस्थायी विसर्जन कुंड तैयार किए गए हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन केवल निर्धारित कुंडों में ही करें। विसर्जन के दौरान नगर निगम की टीम मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करेगी।


चीनी की कीमतों में बड़ी गिरावट, 65 से घटकर 58.50 रुपये किलो हुई चीनी

बड़े खरीदार अब रख सकेंगे 30 दिन का स्टॉक

नई दिल्ली। चीनी की कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर सामने आई है। पिछले कुछ समय में खुदरा बाजार में चीनी के दाम अपने हालिया उच्च स्तर से करीब 10 प्रतिशत नीचे आए हैं। वहीं, सरकार ने त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली मांग को देखते हुए बड़े थोक उपभोक्ताओं के लिए चीनी का स्टॉक रखने की अधिकतम सीमा भी बढ़ा दी है। हालांकि, अतिरिक्त स्टॉक को लेकर सरकार ने कुछ शर्तें भी तय की हैं।

करीब 58.50 रुपये किलो पहुंची चीनी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी। अब इसमें लगभग 10 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है और कीमत घटकर करीब 58.50 रुपये प्रति किलो रह गई है। इस तरह उपभोक्ताओं को कुछ ही हफ्तों में प्रति किलो लगभग 6.50 रुपये की राहत मिली है।

मिल स्तर पर कीमतों में 25 प्रतिशत तक कमी

चीनी की एक्स-मिल कीमतों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सरकार के अनुसार, मिल स्तर पर चीनी की कीमत करीब 25 प्रतिशत तक कम हुई है। हालांकि, एक्स-मिल कीमतों में आई गिरावट की तुलना में खुदरा बाजार में कमी सीमित रही है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने थोक विक्रेताओं और खुदरा कारोबारियों से अपील की है कि कीमतों में आई गिरावट का लाभ सीधे ग्राहकों तक पहुंचाया जाए।

बड़े उपभोक्ताओं को अब 30 दिन का स्टॉक रखने की अनुमति

त्योहारों के दौरान चीनी की खपत बढ़ने की संभावना को देखते हुए सरकार ने बड़े उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक सीमा में बदलाव किया है। पहले ऐसे उपभोक्ता अधिकतम 15 दिनों की खपत के बराबर चीनी का स्टॉक रख सकते थे। अब यह सीमा बढ़ाकर 30 दिनों की खपत तक कर दी गई है।

यह व्यवस्था उन बड़े उपभोक्ताओं पर लागू होगी, जो हर महीने कच्चे माल के तौर पर 10 टन से अधिक चीनी का इस्तेमाल करते हैं। इसमें मिठाई निर्माता, कन्फेक्शनरी कंपनियां, बिस्किट निर्माता, सॉफ्ट ड्रिंक कंपनियां और अन्य खाद्य एवं पेय पदार्थ बनाने वाले कारोबारी शामिल हैं।

अतिरिक्त 15 दिन के स्टॉक के लिए जरूरी होगी आयातित चीनी

हालांकि, सरकार ने 30 दिन की पूरी स्टॉक सीमा के लिए घरेलू बाजार से चीनी खरीदने की खुली छूट नहीं दी है। 15 दिनों की सामान्य सीमा से ज्यादा स्टॉक रखने के लिए अतिरिक्त चीनी का आयात करना होगा।

सरकार के नियम के मुताबिक, अतिरिक्त 15 दिनों की खपत के बराबर चीनी एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम या टैरिफ रेट कोटा के तहत आयातित होनी चाहिए। घरेलू खुले बाजार से खरीदी गई चीनी के मामले में स्टॉक सीमा अब भी 15 दिनों की खपत तक ही रहेगी।

हर शुक्रवार देनी होगी स्टॉक की जानकारी

सरकार ने बड़े चीनी उपभोक्ताओं के स्टॉक पर निगरानी रखने की व्यवस्था भी की है। ऐसे उपभोक्ताओं को प्रत्येक शुक्रवार खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर अपने पास मौजूद चीनी के स्टॉक की जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

सरकार का उद्देश्य त्योहारों के दौरान बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना, कीमतों पर निगरानी रखना और अनावश्यक जमाखोरी को रोकना है।


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