Saturday, September 26th, 2026

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SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे पर 30 सितंबर को बैठक कर सकता है INDIA गुट

Monthly Archives: September 2026

SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे पर 30 सितंबर को बैठक कर सकता है INDIA गुट

नई दिल्ली। चुनाव आयोग और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों के बीच बढ़े समन्वय के बीच INDIA गुट में शामिल कई पार्टियां 30 सितंबर को नई दिल्ली में बैठक कर सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में SIR से जुड़े सवालों के अलावा अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की जा सकती है।

यह बैठक ऐसे समय प्रस्तावित है, जब चुनाव आयोग के भीतर SIR से जुड़े कुछ फैसलों को लेकर चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद की खबरें सामने आई हैं। विपक्षी दल इस मुद्दे पर आपस में संपर्क में हैं और संयुक्त प्रतिक्रिया को लेकर विचार-विमर्श कर रहे हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने अलग-अलग राय और टिप्पणियों को सामान्य संस्थागत प्रक्रिया बताते हुए कहा है कि आयोग के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

माकपा, भाकपा और भाकपा माले लिबरेशन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। कांग्रेस ने भी ज्ञानेश कुमार को लेकर अपना रुख तेज किया है। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक 29 सितंबर को प्रस्तावित है, जिसमें इस मुद्दे पर पार्टी की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।

इसी बीच पश्चिम बंगाल में राजनीतिक रूप से अलग रुख रखने वाली तृणमूल कांग्रेस और माकपा चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे पर साथ दिखाई दे रही हैं। माकपा महासचिव एमए बेबी ने INDIA गुट और अन्य विपक्षी नेताओं को पत्र भेजकर बैठक बुलाने का अनुरोध किया था। इसके बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी बातचीत की। सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी ने भी स्थिति को लेकर समन्वित कार्रवाई की जरूरत पर सहमति जताई।

विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए एक नए प्रस्ताव पर भी काम कर रहे हैं। कानूनी विशेषज्ञों से सलाह के बाद इसे संसद के दोनों सदनों में पेश किए जाने की संभावना है। यह विपक्ष की ओर से ऐसा तीसरा प्रयास होगा। विपक्षी दलों की गतिविधियां उस रिपोर्ट के बाद तेज हुई हैं, जिसमें चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर आपत्तियां उठाए जाने की बात कही गई थी।

इस रिपोर्ट पर चुनाव आयोग ने कहा है कि बहुसदस्यीय संस्था में अलग-अलग विचार और टिप्पणियां आना सामान्य प्रक्रिया है। आयोग के अनुसार, उसके सभी फैसलों को कानूनी मंजूरी प्राप्त है और वे निर्धारित वैधानिक प्रक्रियाओं के तहत लिए गए हैं। इससे पहले 23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय सांसद ने SIR और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश से सामूहिक रूप से संपर्क किया था।


विद्यार्थी और किसान देश की प्रगति के आधार- गणेश जोशी

राजकीय इंटर कॉलेज किशनपुर में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ कार्यक्रम में शामिल हुए मंत्री गणेश जोशी

देहरादून। राजकीय इंटर कॉलेज किशनपुर में शनिवार को आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ कार्यक्रम में कृषि एवं सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अभिभावकों और क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए सेवा को समाज के प्रति जिम्मेदारी और समर्पण का भाव बताया।

मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सेवा केवल एक शब्द नहीं, बल्कि समाज के प्रति संकल्प और जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीबों के जीवन में सुधार, किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं को अवसर देने और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना समेत कई योजनाओं का लाभ उत्तराखंड के किसानों को मिल रहा है।

मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी है। सरकार का प्रयास है कि किसान केवल कृषि उत्पादन तक सीमित न रहें, बल्कि उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण, पैकेजिंग और बाजार तक की पूरी प्रक्रिया से जुड़ें। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में फल, सब्जी, मसाले, औषधीय और सुगंधित पौधों की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें रोजगार और आय के अवसरों में बदला जा सकता है।

विद्यार्थियों से कृषि को तकनीक और उद्यमिता से जोड़ने का आह्वान

गणेश जोशी ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि किसान और विद्यार्थी दोनों देश की प्रगति के महत्वपूर्ण आधार हैं। कृषि के क्षेत्र में डिजिटल तकनीक, ड्रोन, मृदा परीक्षण और वैज्ञानिक खेती का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में युवाओं को कृषि को केवल परंपरागत कार्य के रूप में नहीं, बल्कि विज्ञान, तकनीक और उद्यमिता के क्षेत्र के रूप में देखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, जन-धन योजना और विश्वकर्मा योजना जैसी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इन योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करना भी सेवा का महत्वपूर्ण रूप है।

सैनिकों और वीर नारियों के कल्याण को बताया विशेष जिम्मेदारी

सैनिक कल्याण पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड वीरभूमि है और प्रदेश के हजारों परिवारों का संबंध सेना से है। सैनिकों, पूर्व सैनिकों और वीर नारियों का कल्याण सरकार की विशेष जिम्मेदारी है। इसके लिए जिला स्तर पर सैनिक कल्याण कार्यालयों के माध्यम से विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने इस अवसर पर सभी सैनिकों और वीर नारियों को नमन किया।

मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि विद्यार्थी ही विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत के निर्माता हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विद्यालय में खेल सामग्री उपलब्ध कराने और टिन शेड निर्माण की घोषणा भी की।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य धूम सिंह नेगी, विशाल पंचोली, विमल नौटियाल, बृजेश नेगी, चंद्रकला थपलियाल, अर्चना उपाध्याय, प्रियंका डोभाल, ममता नौटियाल, नेहा रावत, महानगर मंत्री समीर डोभाल, मंडल उपाध्यक्ष संजय नौटियाल सहित अभिभावक, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


लेखपाल-पटवारियों के लिए नया फरमान, जाति-आय और निवास प्रमाण-पत्र से पहले करना होगा स्थलीय सत्यापन

मंडलायुक्त दीपक रावत ने दिए कुमाऊँ मंडल के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश

हल्द्वानी। कुमाऊं मंडल में दाखिल-खारिज और विभिन्न प्रमाण-पत्रों के मामलों में अब स्थलीय सत्यापन को अनिवार्य किया जाएगा। मंडलायुक्त दीपक रावत ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लेखपाल और पटवारी बिना मौके पर जाकर जांच किए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत न करें। उन्होंने कहा कि स्थलीय सत्यापन के अभाव में गलत दाखिल-खारिज, भूमि विवाद और अनियमितताओं के साथ-साथ अपात्र लोगों को प्रमाण-पत्र जारी होने की आशंका बनी रहती है।

मंडलायुक्त ने बताया कि विभिन्न माध्यमों से ऐसी सूचनाएं सामने आई हैं, जिनमें लेखपाल और पटवारी द्वारा दाखिल-खारिज के साथ जाति प्रमाण-पत्र, स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रमाण-पत्र जैसे मामलों में अपेक्षित स्थलीय सत्यापन के बिना ही रिपोर्ट दिए जाने की बात सामने आई है। ऊधमसिंह नगर जिले में ऐसे कुछ मामले भी संज्ञान में आए हैं।

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन मामलों में आवेदक की वास्तविक स्थिति, निवास, आय, परिवार या अन्य तथ्यों का भौतिक सत्यापन जरूरी है, उनमें संबंधित लेखपाल या पटवारी को अनिवार्य रूप से मौके पर जाकर जांच करनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थलीय सत्यापन को केवल औपचारिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं रखा जाए।

मौके की जांच का डिजिटल रिकॉर्ड जरूरी

मंडलायुक्त ने स्थलीय सत्यापन की डिजिटल रूप से सत्यापन योग्य प्रमाणिकता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत संबंधित अधिकारी या कर्मचारी द्वारा मौके से फोटो लिए जाएंगे और उन्हें संबंधित प्रकरण की पत्रावली या ऑनलाइन आवेदन से जोड़ा जाएगा। फोटो में यथासंभव स्थल की पहचान स्पष्ट होनी चाहिए। साथ ही फोटो लिए जाने की तारीख और समय भी उपलब्ध रहना चाहिए।

भविष्य में ऐसी तकनीकी व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया है, जिससे स्थलीय निरीक्षण के दौरान जीपीएस, जियो-कोऑर्डिनेट्स या अन्य तकनीकी माध्यमों से निरीक्षण स्थल की वास्तविक स्थिति की पुष्टि की जा सके। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संबंधित कर्मचारी ने वास्तव में मौके पर जाकर निरीक्षण किया है।

लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी

मंडलायुक्त दीपक रावत ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं और स्थलीय सत्यापन की प्रक्रिया का कड़ाई से पालन कराया जाए। आवश्यक स्थलीय जांच के बिना ऐसी कोई रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की जानी चाहिए, जिसमें मौके पर सत्यापन जरूरी हो।

उन्होंने व्यवस्था की निगरानी के लिए समय-समय पर राजस्व अधिकारियों के माध्यम से पर्यवेक्षण और आकस्मिक जांच कराने के निर्देश भी दिए। स्थलीय सत्यापन में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।


रुद्रपुर में फर्जी दस्तावेजों से प्रमाण पत्र बनवाने का मामला, तीन के खिलाफ मुकदमा

रुद्रपुर। कूटरचित दस्तावेज और झूठे साक्ष्य के आधार पर जाति व स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनवाने के मामले में ट्रांजिट कैंप थाना पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। तहसीलदार के निर्देश पर हुई जांच में कई अभिलेख संदिग्ध पाए गए, जिसके बाद दोनों प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए गए।

राजस्व उप निरीक्षक अमित पांडेय की तहरीर के मुताबिक, जिलाधिकारी को ई-मेल के जरिए मिली शिकायत के बाद तहसीलदार रुद्रपुर ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे। जांच में पता चला कि वार्ड नंबर 11 संजय नगर खेड़ा निवासी दीपांशु पुत्र कृष्ण ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर 18 अगस्त 2026 को जाति प्रमाण पत्र बनवाया था।

इसी तरह भदईपुरा निवासी दक्ष चतुर्वेदी पुत्र भोला नाथ चतुर्वेदी पर कूटरचित और झूठे साक्ष्य तैयार कर 14 अगस्त को स्थायी निवास प्रमाण पत्र हासिल करने का आरोप है। दोनों मामलों में बिजली बिल, राशन कार्ड, भूमि का पट्टा और खतौनी समेत अन्य दस्तावेजों की दोबारा जांच कराई गई।

संबंधित विभागों से कराए गए सत्यापन में इन अभिलेखों की पुष्टि नहीं हो सकी। मौके पर जांच के दौरान संबंधित पते पर न तो आवेदक मिले और न ही उनका परिवार वहां रहता हुआ पाया गया। वार्ड पार्षद और नगर निगम के सुपरवाइजर ने भी इसकी पुष्टि की। जांच में यह आरोप भी सामने आया कि इससे पहले गलत भौतिक सत्यापन कराया गया था।

जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों प्रमाण पत्रों को कूटरचित और भ्रामक तथ्यों के आधार पर जारी मानते हुए निरस्त कर दिया गया। इसकी जानकारी जिलाधिकारी को भी भेजी गई। मामले में पुलिस ने दीपांशु, दक्ष चतुर्वेदी और शुभम हुरिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


जम्मू में ट्रांसफार्मर चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा, पांच गिरफ्तार; दो 250 KVA ट्रांसफार्मर बरामद

जम्मू। जानीपुर पुलिस ने ट्रांसफार्मर चोरी करने वाले गिरोह का पता लगाते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपितों की निशानदेही पर दो 250 केवीए के चोरी किए गए ट्रांसफार्मर बरामद किए हैं। इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल एक टिपर और एक स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, बिजली विभाग के एईई विजय शर्मा की शिकायत पर दर्ज एफआईआर नंबर 161/2026 की जांच के दौरान यह कार्रवाई की गई। मामले में बीएनएस की धारा 303(2) के तहत मुकदमा दर्ज है।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी और मानवीय सूचना के आधार पर आरोपितों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपितों में बजालता और संधोरी इलाके के निवासी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपितों की पहचान मोहम्मद यूनुस, असगर अली, मोहम्मद यूसुफ, जाकिर हुसैन और एक अन्य जाकिर हुसैन के रूप में की है।

पूछताछ में आरोपितों ने जानीपुर, भलवाल और बजालता क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर चोरी की कई घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, उनकी निशानदेही पर रिंग रोड स्थित कोट भलवाल इलाके से दो 250 केवीए के ट्रांसफार्मर बरामद किए गए।

पुलिस अब आरोपितों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों और इसमें शामिल लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।


फ्लाइट रिशेड्यूल के बाद यात्री को बोर्डिंग से रोकना इंडिगो को पड़ा भारी, आयोग ने 67,713 रुपये देने के दिए आदेश

नई दिल्ली। दिल्ली के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग-I (नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट) ने इंडिगो एयरलाइंस को एक यात्री को फ्लाइट में बोर्डिंग से रोकने के मामले में सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का जिम्मेदार माना है। आयोग ने एयरलाइन को यात्री डेजी अग्रवाल को कुल करीब 67,713 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है।

मामला 3 फरवरी 2019 का है। डेजी अग्रवाल ने दिल्ली से बंगलूरू जाने के लिए इंडिगो की फ्लाइट बुक की थी। विमान के उड़ान भरने का निर्धारित समय दोपहर करीब 1 बजे था, लेकिन परिचालन कारणों का हवाला देते हुए एयरलाइन ने फ्लाइट का समय बदलकर शाम 4 बजे कर दिया था।

यात्री के मुताबिक, वह बदले हुए समय के अनुसार करीब 2:45 बजे एयरपोर्ट पहुंचीं। उनका आरोप था कि इसके बावजूद एयरलाइन के कर्मचारियों ने उन्हें बोर्डिंग पास जारी नहीं किया और ‘नो शो’ मान लिया। फ्लाइट में सफर नहीं कर पाने के बाद उन्हें दूसरी उड़ान का टिकट लेना पड़ा, जिसके लिए 12,713 रुपये खर्च हुए।

मामले की सुनवाई करते हुए आयोग की अध्यक्ष दिव्या ज्योति जैपुरियार और सदस्य अश्वनी कुमार मेहता व हरप्रीत कौर छाबड़ा की पीठ ने एयरलाइन के रिकॉर्ड पर सवाल उठाए। पीठ ने कहा कि इंडिगो चेक-इन लॉग, काउंटर बंद होने का रिकॉर्ड या ऐसे अन्य दस्तावेज पेश नहीं कर सकी, जिनसे यह साबित होता कि यात्री निर्धारित समय के बाद एयरपोर्ट पहुंची थीं।

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि एयरलाइन की कंडीशंस ऑफ कैरिज में शामिल संविदात्मक शर्तें उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत उपभोक्ता को मिलने वाले वैधानिक अधिकारों के खिलाफ पूर्ण बचाव नहीं हो सकतीं। पीठ ने पर्याप्त आधार के बिना यात्री को बोर्डिंग से रोकने को सेवा में कमी, लापरवाही और अनुचित व्यापार व्यवहार माना।

आदेश के अनुसार, इंडिगो को 12,713 रुपये की टिकट राशि पर 20 अप्रैल 2019 से 9 प्रतिशत सालाना ब्याज का भुगतान करना होगा। इसके अलावा मानसिक पीड़ा, उत्पीड़न और असुविधा के लिए 50 हजार रुपये मुआवजा तथा 5 हजार रुपये मुकदमेबाजी खर्च भी देना होगा। यदि एयरलाइन ने आदेश के तहत राशि 30 दिनों के भीतर अदा नहीं की तो बकाया रकम पर 12 प्रतिशत सालाना ब्याज लागू होगा।


सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने शहीद हवलदार बहादुर सिंह बोहरा की 19वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने शनिवार को अशोक चक्र विजेता अमर शहीद हवलदार बहादुर सिंह बोहरा की 19वीं पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनकी वीरता एवं शौर्य को नमन किया।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने विलासपुर कांडली स्थित शहीद हवलदार बहादुर सिंह बोहरा के आवास पर पहुंचकर उनकी शहादत को नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शहीदों को कोई वापस नहीं ला सकता, लेकिन राज्य सरकार का निरंतर प्रयास है कि शहीदों और उनके परिजनों के प्रति पूरी संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवारों की समस्याओं के समाधान और उनके कल्याण के लिए सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस दौरान सैनिक कल्याण मंत्री ने शहीद की वीरांगना श्रीमती शांति बोहरा एवं उनके बच्चों से भी भेंट की और उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार शहीदों के सम्मान और उनके परिजनों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। राज्य सरकार शहीदों की वीरता और बलिदान को सदैव सम्मान देने के साथ ही उनके आश्रितों के हितों के लिए लगातार प्रयासरत है।

गौरतलब है कि हवलदार बहादुर सिंह बोहरा भारतीय सेना की 10वीं बटालियन, पैराशूट रेजिमेंट के वीर सैनिक थे। उन्हें देश के सर्वाेच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था। उनका अदम्य साहस, वीरता और सर्वाेच्च बलिदान देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।

इस दौरान ग्राम प्रधान विनोद अवस्थी, पूर्व सैनिक बीसी भट्ट, मोहन सिंह महर, विक्रम कण्डारी, सुनील घनोसी, जगदीश चन्द्र पाण्डे, मंजू देउपा आदि उपस्थित रहे।


रजनीकांत की ‘जेलर 2’ का दूसरा गाना ‘वन सन, वन मून’ हुआ रिलीज

सुपरस्टार रजनीकांत की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘जेलर 2’ की रिलीज जैसे-जैसे करीब आ रही है, फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता भी बढ़ती जा रही है। मेकर्स फिल्म के गानों के जरिए लगातार माहौल बना रहे हैं। ‘अला बोलेलो’ के बाद अब ‘जेलर 2’ का दूसरा गाना ‘वन सन, वन मून’ रिलीज कर दिया गया है। इसका लिरिकल वीडियो यूट्यूब पर सामने आते ही चर्चा में आ गया है।

रजनीकांत के स्टारडम की दिखी झलक

‘वन सन, वन मून’ में रजनीकांत की शख्सियत, उनकी विरासत और दमदार स्टारडम को केंद्र में रखा गया है। गाने के लिरिकल वीडियो में फिल्म की कुछ नई झलकियां भी दिखाई गई हैं, जिससे फैंस को ‘जेलर 2’ के अंदाज की एक और झलक मिल गई है।

अनिरुद्ध ने तैयार किया गाना

‘जेलर 2’ के इस गाने को अनिरुद्ध रविचंदर ने कंपोज किया है। गाने को अनिरुद्ध और एमएस कृष्णा ने अपनी आवाज दी है, जबकि इसके बोल हाइजेनबर्ग और सुपर सुबू ने लिखे हैं। गाने में संगीत के साथ रजनीकांत की स्क्रीन प्रेजेंस को खास अंदाज में पेश किया गया है।

सोशल मीडिया पर फैंस का रिएक्शन

गाना रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर रजनीकांत के फैंस अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि थलाइवर के लिए अनिरुद्ध का जोश अलग ही स्तर का है। वहीं, एक अन्य यूजर ने ‘वन सन, वन मून, वन अनिरुद्ध’ लिखकर गाने की तारीफ की। कई यूजर्स ने यह भी कहा कि गाने और रजनीकांत की झलकियों ने फिल्म को लेकर उत्साह बढ़ा दिया है।

‘जेलर 2’ की वजह से बदली एक और फिल्म की रिलीज डेट

‘जेलर 2’ की रिलीज को लेकर इंडस्ट्री में भी हलचल देखने को मिल रही है। अभिनेता धनुष ने हाल ही में अपनी फिल्म ‘ओम: चैप्टर 1’ की रिलीज को आगे बढ़ाने का ऐलान किया। फिल्म पहले 16 अक्टूबर को रिलीज होने वाली थी। इसमें ममूटी भी अहम भूमिका में नजर आएंगे। रिलीज डेट में बदलाव को ‘जेलर 2’ के साथ टकराव से बचने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

15 अक्टूबर को सिनेमाघरों में आएगी ‘जेलर 2’

‘जेलर 2’ का निर्देशन नेल्सन दिलीप कुमार ने किया है और फिल्म का निर्माण सन पिक्चर्स ने किया है। फिल्म में रजनीकांत के साथ शिवराज कुमार, विद्या बालन, राम्या कृष्णन, योगी बाबू, मिर्ना और सूरज वेंजारामूडु जैसे कलाकार नजर आएंगे। फिल्म 15 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है।

(साभार)


बोरियो में ग्राम प्रधान की टांगी से वार कर हत्या, ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंपा

बोरियो। साहिबगंज जिले के बोरियो थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम ग्राम प्रधान की हत्या का मामला सामने आया है। नवगछी पहाड़ पर गुंडे पहाड़ गांव के ग्राम प्रधान 39 वर्षीय गुहिया पहाड़िया पर टांगी से हमला किया गया। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

स्वजन के मुताबिक, हमले में गुहिया पहाड़िया के सिर पर गंभीर चोट आई थी। घटना के बाद ग्रामीणों ने कथित आरोपी चेकरो पहाड़िया को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।

वारदात की सूचना मिलने के बाद बोरियो थाना पुलिस के साथ जिले के पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मौके की जांच की। शनिवार को शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

ग्रामीण गांगू पहाड़िया ने बताया कि गुहिया पहाड़िया गुंडे पहाड़ गांव के ग्राम प्रधान थे और पिछले कुछ वर्षों से नवगछी पहाड़ पर रह रहे थे। उनके परिवार में तीन बेटियां हैं। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है, हालांकि हत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।

ग्रामीणों का कहना है कि नवगछी पहाड़ इलाके में लंबे समय से अवैध रूप से शराब की बिक्री की जा रही है और पहले भी इससे जुड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र में शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है। पुलिस घटना के कारणों और इससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच में जुटी है।


चौपारण में स्वर्ण व्यवसायी के घर देर रात डकैती, परिवार को बंधक बनाकर जेवरात लूटे

चौपारण । चौपारण क्षेत्र में स्वर्ण व्यवसायियों को निशाना बनाए जाने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार देर रात करीब डेढ़ बजे लराही रोड स्थित स्वर्ण व्यवसायी राजेश स्वर्णकार के घर और दुकान में हथियारबंद अपराधियों ने धावा बोल दिया। पांच की संख्या में पहुंचे बदमाशों ने परिवार के सदस्यों को बंधक बनाकर दुकान के लॉकर से सोने-चांदी के लाखों रुपये के आभूषण लूट लिए।

जानकारी के मुताबिक अपराधियों ने सबसे पहले घर का बाहरी दरवाजा तोड़कर परिसर में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने व्यवसायी की पत्नी और दोनों बेटों को पकड़कर एक कमरे में बांध दिया। राजेश स्वर्णकार को भी कब्जे में लेकर अपराधी उन्हें दुकान में ले गए और लॉकर खुलवाया।

लॉकर खोलने में देरी होने पर बदमाशों ने व्यवसायी के साथ मारपीट की। लॉकर खुलने के बाद उसमें रखे सोने-चांदी के आभूषण समेटकर अपराधी वहां से निकल गए। जाते समय उन्होंने व्यवसायी को भी बांध दिया। पड़ोसी के घर का बाहरी दरवाजा भी बाहर से बंद कर दिया गया था। अपराधी घर से दो मोबाइल फोन भी ले गए।

वारदात के बाद एक मोबाइल फोन घर से कुछ दूरी पर बाहरी क्षेत्र से बरामद किया गया। अपराधियों के चले जाने के बाद परिवार के सदस्यों ने किसी तरह खुद को मुक्त कराया और आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। थाना प्रभारी पंकज कुमार ने अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की है। टीम संभावित ठिकानों पर छापामारी कर रही है। पुलिस अपराधियों के आने-जाने के रास्तों के साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

घटना के बाद पीड़ित परिवार में दहशत का माहौल है। जानकारी मिलने पर समाजसेवी भुनेश्वर यादव, पंचायत समिति सदस्य सहदेव यादव, मुखिया वीरेंद्र रजक समेत कई स्थानीय लोग पीड़ित के घर पहुंचे और परिवार से मुलाकात की। स्थानीय लोगों ने पुलिस से आरोपितों को जल्द गिरफ्तार करने और क्षेत्र के स्वर्ण व्यवसायियों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।


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