Saturday, September 26th, 2026

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11 साल पुराने नाबालिग यौन शोषण मामले में शिक्षक को उम्रकैद, 50 हजार का जुर्माना

Monthly Archives: September 2026

11 साल पुराने नाबालिग यौन शोषण मामले में शिक्षक को उम्रकैद, 50 हजार का जुर्माना

झज्जर। जिले के एक आवासीय शिक्षण संस्थान में नाबालिग छात्र के यौन शोषण के 11 साल पुराने मामले में अदालत ने तत्कालीन शिक्षक को दोषी करार दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एवं विशेष अदालत की न्यायाधीश मोना सिंह ने दोषी शिक्षक को भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर दोषी को छह महीने की अतिरिक्त सश्रम कैद भुगतनी होगी। यह मामला मई 2015 का है, जब संस्थान में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र ने तत्कालीन शिक्षक के खिलाफ शिकायत की थी।

शिकायत के मुताबिक, शिक्षक लंबे समय से छात्र का यौन शोषण कर रहा था। छात्र को इस संबंध में किसी को जानकारी देने पर परीक्षा में फेल करने और संस्थान से बाहर करवाने की धमकी भी दी जाती थी।

बाद में छात्र ने अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने बाल कल्याण समिति और कानूनी सलाहकारों की मौजूदगी में शहर थाना झज्जर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने वर्ष 2015 में मामला दर्ज किया था। करीब 11 साल बाद अदालत ने मामले में फैसला सुनाते हुए तत्कालीन शिक्षक को दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा दी।


आर्थिक संसाधनों के अभाव में किसी भी बच्चे का उपचार नहीं होने दिया जाएगा प्रभावित- डीएम

रेयर डिजीज से पीड़ित बच्चों के उपचार हेतु डीएम की पहल; 10 बच्चों के उपचार को जिला प्रशासन ने दिए रू0 9.60 लाख

अब तक 32 बच्चों का चिन्हीकरण, 22 बच्चों का आरबीएसके के तहत चल रहा उपचार

देहरादून। जिले में दुर्लभ (रेयर) बीमारियों से पीड़ित बच्चों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान द्वारा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत चिन्हित बच्चों के उपचार, रेफरल प्रक्रिया, आर्थिक सहायता एवं चिकित्सकीय प्रगति की स्वयं नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।

भारत सरकार के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत जनपद में अब तक 32 बच्चों का चिन्हीकरण किया गया है। इनमें से 22 बच्चों का उपचार आरबीएसके के अंतर्गत किया जा रहा है, जबकि 10 ऐसे बच्चे चिन्हित किए गए हैं, जो आरबीएसके के दायरे में नहीं आते हैं। इन 10 बच्चों के उपचार के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएसआर फंड से रू0 9.60 लाख की धनराशि मुख्य चिकित्सा अधिकारी को उपलब्ध कराई गई है, जिसके माध्यम से बच्चों का उपचार कराया जा रहा है।
जिला प्रशासन के सहयोग से प्रेमनगर निवासी 10 वर्षीय उमेश, बैराज निवासी 13 वर्षीय आयशा, डोईवाला निवासी 9 वर्षीय वंशिका, रायपुर निवासी 2 वर्षीय अक्ष, मेहूवाला निवासी 3 वर्षीय आरिस, मांडूवाला निवासी 15 वर्षीय बाबू एवं प्रदीप, मांडूवाला निवासी 20 वर्षीय रंजीत, डोईवाला निवासी 5 वर्षीय शमशाद तथा जोगीवाला निवासी 5 वर्षीय दिव्यांश का उपचार कराया गया है। इनमें कई बच्चों की सर्जरी के साथ-साथ लंबे समय तक नियमित चिकित्सकीय पर्यवेक्षण की आवश्यकता है।

गंभीर एवं दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित ऐसे बच्चे, जिनके अभिभावक महंगे उपचार का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं हैं तथा जिन्हें सर्जरी अथवा लंबे समय तक उपचार की आवश्यकता है, उनका उपचार देश के विभिन्न विशेषज्ञ एवं उच्च चिकित्सा सुविधाओं से युक्त संस्थानों में कराया जा रहा है। रेयर डिजीज के उपचार में कई बार अत्यधिक व्यय होने के साथ उपचार की अवधि भी लंबी होती है। ऐसे में उपचार को निरंतर बनाए रखने के लिए समयबद्ध आर्थिक एवं प्रशासनिक सहयोग आवश्यक है। डीएम द्वारा आवश्यकता के अनुसार सीएसआर फंड के साथ-साथ राइफल क्लब फंड से भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आर्थिक कारणों से किसी भी बच्चे का उपचार बाधित न हो।

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र बच्चे के उपचार में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति, चिकित्सकीय रेफरल, अनुमोदन तथा वित्तीय सहायता से संबंधित सभी औपचारिकताएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाएं, ताकि बच्चों को समय पर उपचार मिल सके। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि आरबीएसके योजना के अंतर्गत उपलब्ध सहायता के बाद भी किसी बच्चे के उपचार के लिए अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता होती है, तो जिला प्रशासन द्वारा राइफल क्लब फंड से आवश्यक आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि “आर्थिक संसाधनों के अभाव में किसी भी बच्चे का उपचार प्रभावित नहीं होना चाहिए।”

जिलाधिकारी ने कहा कि गंभीर एवं दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बच्चों को समय पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारियों को सभी चिन्हित बच्चों के प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा उनके अभिभावकों से निरंतर संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रत्येक बच्चे के उपचार की वर्तमान स्थिति, चिकित्सकीय प्रगति, रेफरल प्रक्रिया, आर्थिक सहायता की उपलब्धता तथा उपचार से संबंधित अन्य व्यवस्थाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय, संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी बच्चे के उपचार में प्रशासनिक अथवा वित्तीय बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने जिले में रेयर डिजीज से पीड़ित बच्चों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र बच्चा उपचार एवं आवश्यक सहायता से वंचित न रहे।


नागालैंड में संदिग्ध जहरीली शराब से 19 लोगों की मौत, जांच के लिए SIT गठित

मोकोकचुंग- नागालैंड में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से 19 लोगों की मौत का मामला सामने आया है। पिछले दो दिनों में मोकोकचुंग जिले में आठ और तुएनसांग जिले में 11 लोगों की जान गई है। बताया जा रहा है कि सभी ने अवैध शराब का सेवन किया था। राज्य में वर्ष 1990 से शराबबंदी लागू है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मिलावटी शराब के स्रोत और उसकी सप्लाई चेन का पता लगाने के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है। पुलिस के मुताबिक, एसआईटी का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आई. बुंगलांग चांग कर रहे हैं।

सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) वेसुप्रा केजो ने बताया कि मौतों के कारणों की जांच की जा रही है। शराब के नमूने फोरेंसिक जांच के लिए गुवाहाटी भेजे गए हैं। पुलिस को जांच में कुछ सुराग मिले हैं, हालांकि अधिकारियों ने फिलहाल इनके बारे में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।

घटना के बाद पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अवैध शराब की करीब 3,000 बोतलें जब्त की गई हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि संदिग्ध मिलावटी शराब कहां तैयार हुई और इसे लोगों तक किस माध्यम से पहुंचाया गया।

पुलिस ने लोगों से बिना लेबल, बिना पहचान वाली या संदिग्ध अवैध शराब का सेवन नहीं करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि शराब पीने के बाद चक्कर आना, धुंधला दिखाई देना, सांस लेने में परेशानी या बेहोशी जैसे लक्षण नजर आएं तो तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।


बैंक हड़ताल से नहीं होगा सहकारी बैंकों के ग्राहकों पर असर, पैसे जमा-निकासी समेत मिलेंगी कई सेवाएं

28 से 30 सितंबर तक बैंक हड़ताल

नई दिल्ली। बैंक हड़ताल के बीच सहकारी बैंकों के ग्राहकों के लिए राहत की खबर है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने 28 से 30 सितंबर 2026 तक देशव्यापी बैंक हड़ताल का ऐलान किया है। इस दौरान पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। हालांकि, सहकारी बैंक इस हड़ताल में शामिल नहीं होंगे। ऐसे में इन बैंकों में सामान्य कामकाज जारी रहने की उम्मीद है।

सहकारी बैंकों में जारी रहेंगी बैंकिंग सेवाएं

प्रस्तावित तीन दिवसीय बैंक हड़ताल के दौरान सहकारी बैंकों की शाखाओं में सामान्य बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध रहने की संभावना है। ग्राहक इन बैंकों में पैसे जमा करने, नकदी निकालने, धनराशि ट्रांसफर करने और अन्य बैंकिंग कार्य कर सकेंगे। हालांकि, अलग-अलग बैंकों की परिचालन व्यवस्था के आधार पर कुछ सेवाओं में बदलाव हो सकता है। ऐसे में ग्राहकों को जरूरी काम के लिए संबंधित शाखा से पहले जानकारी लेने की सलाह दी गई है।

किसानों और छोटे कारोबारियों को मिलेगी राहत

सहकारी बैंक ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाते हैं। खासकर किसानों, छोटे व्यापारियों और ग्रामीण परिवारों के लिए ये बैंक वित्तीय सेवाओं का प्रमुख माध्यम हैं। ऐसे में प्रस्तावित हड़ताल के दौरान सहकारी बैंकों के सामान्य रूप से काम करने से इन वर्गों को राहत मिलने की उम्मीद है। कृषि ऋण और ग्रामीण बैंकिंग से जुड़ी सेवाएं भी संबंधित बैंक की व्यवस्था के अनुसार जारी रह सकती हैं।

एटीएम और यूपीआई सेवाओं पर क्या पड़ेगा असर?

बैंक हड़ताल के दौरान सहकारी बैंकों की डिजिटल बैंकिंग सेवाएं भी उपलब्ध रहने की संभावना है। इनमें एटीएम, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई जैसी सुविधाएं शामिल हैं। हालांकि, इन सेवाओं का संचालन संबंधित बैंक के तकनीकी सिस्टम और परिचालन व्यवस्था पर निर्भर करेगा। ऐसे में ग्राहकों को जरूरी लेनदेन से पहले अपने बैंक की ओर से जारी जानकारी की जांच कर लेनी चाहिए।

देश में कितने प्रकार के सहकारी बैंक हैं?

भारत में सहकारी बैंकिंग व्यवस्था का व्यापक नेटवर्क है। इसमें शहरी सहकारी बैंक, राज्य सहकारी बैंक और जिला केंद्रीय सहकारी बैंक शामिल हैं। ये बैंक शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में भी लोगों को बैंकिंग और ऋण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। ऐसे में तीन दिवसीय बैंक हड़ताल के दौरान सहकारी बैंकों का सामान्य रूप से खुले रहना ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण है।

बैंक जाने से पहले जरूर कर लें पुष्टि

28 से 30 सितंबर के बीच सहकारी बैंकों में जरूरी काम कराने की योजना बना रहे ग्राहकों को अपनी संबंधित शाखा से पहले संपर्क कर लेना चाहिए। खासकर चेक से जुड़े काम, दस्तावेजों का सत्यापन और अन्य ऐसे लेनदेन, जिनमें बैंक शाखा में जाना जरूरी है, उनके लिए पहले जानकारी लेना बेहतर होगा।

गौरतलब है कि प्रस्तावित बैंक हड़ताल के मद्देनजर बैंकिंग सेवाओं में व्यवधान कम करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को 27 सितंबर, रविवार को भी सामान्य रूप से खुला रखने की घोषणा की गई है।


एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम का जलवा, ईरान को हराकर जीता स्वर्ण पदक

आखिरी मिनटों में पलटा खेल, ईरान को 37-34 से हराकर भारत बना कबड्डी चैंपियन

नई दिल्ली। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स में एक बार फिर अपना दबदबा कायम करते हुए लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया। रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारत ने ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मुकाबले में एक समय ईरान ने भारतीय टीम पर दबाव बनाया, लेकिन आखिरी दौर में भारत ने शानदार वापसी करते हुए मैच अपने पक्ष में कर लिया।

भारतीय टीम ने इससे पहले हांग्झू एशियन गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीता था। इस जीत के साथ भारत ने अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। भारत और ईरान के बीच एशियन गेम्स के फाइनल में यह तीसरी भिड़ंत थी, जिसमें भारतीय टीम ने दूसरी बार जीत दर्ज की। पूरे टूर्नामेंट में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा और टीम अजेय रहते हुए चैंपियन बनी।

शुरुआत से ही रहा कड़ा मुकाबला

फाइनल में दोनों टीमों ने शुरुआत से ही एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी। शुरुआती मिनटों में स्कोर काफी करीबी रहा, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी। भारत के रेडर्स के साथ डिफेंस ने भी अहम मौकों पर अंक जुटाए और टीम ने पहले हाफ में बढ़त हासिल कर ली।

मुकाबले के दौरान ईरान ने कई बार भारत की बढ़त को कम किया, लेकिन भारतीय टीम ने दबाव में भी संयम बनाए रखा। ईरानी डिफेंस की एक गलती का भारत ने फायदा उठाया और ऑलआउट करते हुए 13-10 की बढ़त हासिल कर ली।

पहले हाफ में भारत ने बनाई 22-16 की बढ़त

पहले हाफ के आखिरी हिस्से में भारतीय टीम ने लगातार अंक जुटाकर अपनी स्थिति मजबूत की। ईरान ने अंतर कम करने की कोशिश की, लेकिन भारत की डिफेंस लाइन ने उसे ज्यादा मौके नहीं दिए। हाफ टाइम तक भारत ने 22-16 की बढ़त बना ली।

दूसरे हाफ में ईरान ने बढ़ाया दबाव

दूसरे हाफ में ईरान ने आक्रामक रुख अपनाया और भारतीय खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ा दिया। ईरानी टीम ने अंतर कम करते हुए मुकाबले को रोमांचक बना दिया। एक समय भारतीय टीम की बढ़त बेहद कम रह गई और ईरान ने भारत को ऑलआउट भी किया।

हालांकि, इसके बाद भारतीय टीम ने शानदार तरीके से वापसी की। डिफेंस में मजबूत खेल दिखाते हुए भारत ने लगातार अहम अंक हासिल किए और मुकाबले पर दोबारा पकड़ बना ली। आखिरी पांच मिनट में भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल जारी रखा और ईरान को लगातार दबाव में रखा।

ग्रुप चरण में भी ईरान को हराया था

भारतीय महिला कबड्डी टीम का सामना एशियन गेम्स के ग्रुप चरण में भी ईरान से हुआ था। उस मुकाबले में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ईरान को 37-23 से शिकस्त दी थी। फाइनल में भी भारतीय टीम ने जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया और पूरे टूर्नामेंट में अपना अजेय अभियान जारी रखा।


जमुई में ज्वेलरी शॉप का शटर तोड़कर चोरी, 13.95 लाख की संपत्ति ले गए चोर

जमुई। नगर थाना क्षेत्र के मनीअड्डा चौक स्थित जितेन्द्र ज्वेलर्स को शुक्रवार देर रात अज्ञात चोरों ने निशाना बनाया। चोर दुकान का शटर तोड़कर अंदर घुसे और सोने-चांदी के आभूषणों के अलावा नकदी पर भी हाथ साफ कर फरार हो गए। दुकानदार के अनुसार चोरी गई संपत्ति की कुल कीमत करीब 13 लाख 95 हजार रुपये है।

धर्मपुर निवासी जितेन्द्र राम मनीअड्डा चौक पर ज्वेलरी की दुकान चलाते हैं। शुक्रवार रात दुकान बंद कर वह घर चले गए थे। इसी दौरान चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। दुकान के अंदर से करीब 26 ग्राम सोने के आभूषण, जिनकी अनुमानित कीमत 3.90 लाख रुपये बताई गई है, और करीब तीन किलोग्राम चांदी के जेवर, जिसकी कीमत लगभग 5.10 लाख रुपये है, चोरी कर लिए गए।

इसके अलावा दुकान में ग्राहकों के ऑर्डर और मरम्मत के लिए रखे गए करीब तीन लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण भी चोर ले गए। गल्ले का ताला तोड़कर उसमें रखे 1.95 लाख रुपये नकद भी चोरी कर लिए गए।

शनिवार सुबह करीब चार बजे ग्रामीणों ने दुकान का शटर टूटा देखा और इसकी जानकारी जितेन्द्र राम को दी। सूचना मिलने पर वह पत्नी सरिता देवी के साथ दुकान पहुंचे। अंदर सामान बिखरा हुआ था और गल्ला खाली मिला। इसके बाद पुलिस को घटना की सूचना दी गई।

मौके पर पहुंची डायल 112 की टीम और नगर थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास और मुख्य मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। दुकानदार की शिकायत के आधार पर अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान में जुटी है।


देवप्रयाग के संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में छात्राओं से छेड़खानी का आरोप, शिक्षक पर मुकदमा

नई टिहरी। देवप्रयाग स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर में दो छात्राओं के साथ कथित छेड़खानी और अमर्यादित व्यवहार का मामला सामने आया है। प्रकरण में एक नाबालिग और एक बालिग छात्रा शामिल बताई गई हैं। शिकायत के आधार पर बाहबाजार थाना पुलिस ने परिसर के शिक्षक डॉ. सूर्यमणि भंडारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पोक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

पुलिस के मुताबिक घटना 22 अगस्त की बताई जा रही है। मामले में संस्थान प्रभारी की ओर से 21 सितंबर को शिक्षक के खिलाफ नामजद तहरीर दी गई थी। शिकायत में छात्राओं के साथ कथित तौर पर अमर्यादित व्यवहार और छेड़खानी के आरोप लगाए गए हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद विश्वविद्यालय स्तर पर भी आंतरिक जांच शुरू की गई थी।

पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी एसएसआई अनीता नेगी के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि पोक्सो एक्ट के तहत सात वर्ष से कम सजा वाले प्रावधानों में गिरफ्तारी को लेकर निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है।

थाना प्रभारी निरीक्षक अमरजीत ने बताया कि परिसर निदेशक की ओर से छात्राओं के साथ कथित बैड टच के संबंध में लिखित शिकायत दी गई थी। पुलिस मामले से जुड़े सभी तथ्यों और साक्ष्यों की जांच कर रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने डॉ. सूर्यमणि भंडारी को जांच पूरी होने तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। संस्थान निदेशक पीबीवी सुब्रमण्यम ने बताया कि जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षक को फिलहाल गेस्ट हाउस में स्थानांतरित किया गया है। विश्वविद्यालय स्तर पर भी मामले की जांच जारी है।


उत्तराखंड में फिर बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

हेमकुंड साहिब में बर्फबारी से बढ़ी ठंड

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 26 से 28 सितंबर तक प्रदेश में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार 26 और 27 सितंबर को कई पर्वतीय और मैदानी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, मौसम खराब होने के बाद हेमकुंड साहिब में लगातार बर्फबारी हो रही है, जिससे धाम में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार मौजूदा मौसमी परिस्थितियों के चलते 26 से 27 सितंबर तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। दक्षिण ओडिशा और उससे सटे दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर बना अवदाब पिछले छह घंटों में करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है। इसका असर उत्तराखंड के मौसम पर भी देखने को मिल सकता है।

26 सितंबर को इन जिलों में रेड अलर्ट

26 सितंबर को बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंह नगर के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं, देहरादून, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

27 सितंबर को भी कई जिलों में भारी बारिश

27 सितंबर को देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी में भारी से बहुत भारी तथा कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा नैनीताल, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

28 सितंबर को भी बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार 28 सितंबर को उत्तरकाशी, हरिद्वार और देहरादून में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बारिश के तेज दौर भी देखने को मिल सकते हैं।

भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा

मौसम विभाग ने भारी बारिश के दौरान संवेदनशील इलाकों में हल्के से मध्यम भूस्खलन और चट्टानें गिरने की आशंका जताई है। इसके चलते सड़कें और राजमार्ग बाधित हो सकते हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने, नालों में अचानक बाढ़ आने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

इसके अलावा कच्चे मकानों, पुलों और निर्माणाधीन भवनों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई है। बिजली और पेयजल जैसी सामुदायिक सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।

चारधाम यात्रा और हेली सेवाओं पर भी असर संभव

भारी बारिश का असर चारधाम यात्रा, पर्वतारोहण अभियानों और हेली सेवाओं पर भी पड़ सकता है। मौसम विभाग ने तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।

विभाग ने लोगों को नदी, नालों और उफनती धाराओं में जाने या नौका विहार करने से बचने की सलाह दी है। भारी बारिश के दौरान घरों के भीतर रहने और सक्रिय भूस्खलन वाले क्षेत्रों को पार न करने की भी अपील की गई है।


श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय और सीसीआरएच के बीच हुआ महत्वपूर्ण एमओयू

संयुक्त शोध परियोजनाओं, प्रशिक्षण, कार्यशालाओं और ज्ञान के आदान-प्रदान को मिलेगा बढ़ावा

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू), देहरादून और भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (सीसीआरएच) के बीच अनुसंधान सहयोग, क्षमता निर्माण, अकादमिक सहभागिता और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के आशीर्वाद से हुए इस एमओयू को दोनों संस्थानों के बीच दीर्घकालिक अकादमिक एवं अनुसंधान सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ विपिन चन्द्र घिल्डियाल ने विश्वविद्यालय टीम को इस अवसर पर बधाई दी।

नई दिल्ली स्थित सीसीआरएच मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों की उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। एमओयू के तहत दोनों संस्थान आपसी रुचि के क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, वैज्ञानिक एवं अकादमिक गतिविधियों, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों, प्रशिक्षण, कार्यशालाओं तथा ज्ञान एवं विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के लिए मिलकर कार्य करेंगे।

इस अवसर पर सीसीआरएच के प्रतिनिधिमंडल में महानिदेशक डॉ. सुभाष कौशिक, डॉ. के.सी. मुरलीधरन, वैज्ञानिक-डी डॉ. रेनू मित्तल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव डॉ. सोनिका कंडारी, प्रोफेसर डॉ. द्वारिका पी. मैठाणी, स्कूल ऑफ बेसिक एंड एप्लाइड साइंसेज (एसबीएएस) के डीन डॉ. पंकज चमोली तथा स्कूल रिसर्च कोऑर्डिनेटर डॉ. सुभाष चंद्र ने प्रतिनिधित्व किया।

एमओयू के माध्यम से एसजीआरआर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुसंधान संस्थान के साथ वैज्ञानिक संवाद और सहयोगात्मक शोध गतिविधियों में सहभागिता के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही अंतर्विषयक अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास तथा संस्थागत अनुसंधान क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों ने कहा कि माननीय प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन में एसजीआरआर विश्वविद्यालय अकादमिक उत्कृष्टता, अनुसंधान, नवाचार और राष्ट्रीय संस्थानों के साथ सार्थक सहयोग को निरंतर बढ़ावा दे रहा है। सीसीआरएच के साथ हुआ यह एमओयू इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य में संयुक्त अनुसंधान एवं क्षमता निर्माण के नए अवसर उपलब्ध कराएगा। दोनों संस्थानों के बीच हुआ यह समझौता अनुसंधान, शिक्षा, नवाचार, वैज्ञानिक क्षमता निर्माण और ज्ञान के आदान-प्रदान के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।


विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियां शुरू, डीएम ने दिए समयबद्ध एवं प्रभावी व्यवस्थाओं के निर्देश

विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों में जुटा जिला प्रशासन

निष्पक्ष एवं पारदर्शी निर्वाचन के लिए भारत निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश

देहरादून। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के संबंध में बैठक लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं पारदर्शी निर्वाचन सम्पन्न कराना जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। निर्वाचन से संबंधित सभी व्यवस्थाएं भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं मानकों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से पूर्ण की जाएं।
जिलाधिकारी ने निर्वाचन तैयारियों की समीक्षा करते हुए नोडल अधिकारियों, सेक्टर अधिकारियों एवं जोनल अधिकारियों की तैनाती की प्रक्रिया समय से पूर्ण करने तथा विभिन्न विभागों से निर्वाचन ड्यूटी के लिए आवश्यक कार्मिकों का विवरण निर्धारित समय में प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी प्रत्येक जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से निर्धारित हो तथा संबंधित अधिकारी अपने दायित्वों का समयबद्ध निर्वहन सुनिश्चित करें।

बूथों पर एएमएफ सुविधाओं का मानकों के अनुरूप करें परीक्षण
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत आने वाले मतदान केंद्रों एवं बूथों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार बूथों  एएमएफ की उपलब्धता का परीक्षण किया जाए। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधा, आवश्यक मूलभूत व्यवस्थाओं तथा अन्य निर्धारित सुविधाओं को समय रहते सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने कलेक्शन सेंटर, डिस्पैच सेंटर एवं मतगणना स्थल के लिए उपयुक्त स्थानों एवं व्यवस्थाओं का परीक्षण कर भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों के अनुसार सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को बूथ लेवल मैनेजमेंट प्लान, रूट प्लान, कार्मिक प्रशिक्षण, वाहन व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था की कार्ययोजना समय से तैयार करने को कहा। उन्होंने संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अंतरराज्यीय एवं अंतरजनपदीय आवागमन को ध्यान में रखते हुए बॉर्डर चेकपोस्ट की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा कर आवश्यक तैयारियां समय से पूर्ण करने को कहा।

जिलाधिकारी ने स्वीप के तहत स्कूलों एवं महाविद्यालयों में विशेष जागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे युवा एवं पात्र नागरिक, जिनके नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो पाए हैं, उन्हें मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची में नाम जोड़ने तथा निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर उसका व्यापक स्तर पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। साथ ही पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्वाचन आयोग के निर्देशों एवं निर्धारित समय-सारणी के अनुसार तैयारियां पूर्ण करें, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराया जा सके।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, नगर मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, उप जिलाधिकारी रविन्द्र ज्वांठा, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण स्वतंत्र कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 मनोज कुमार, मुख्य कोषाधिकारी नीतू भण्डारी, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी शशिकांत गिरि, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अंकुश पाण्डेय सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार सहित अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।


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