Sunday, September 27th, 2026

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सहकारिता चुनाव में नया रिकॉर्ड, सभी 10 जिला सहकारी बैंकों में निर्विरोध चुने गए पदाधिकारी

Monthly Archives: September 2026

सहकारिता चुनाव में नया रिकॉर्ड, सभी 10 जिला सहकारी बैंकों में निर्विरोध चुने गए पदाधिकारी

अल्मोड़ा डीसीबी की चैयरमैन बनी मिली लटवाल

भावना जोशी बनी उपाध्यक्ष

सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को दी बधाई

देहरादून। उत्तराखंड में संपन्न सहकारिता चुनावों में भारतीय जनता पार्टी समर्थित प्रत्याशियों का सभी 10 जिला सहकारी बैंकों (डीसीबी) में निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। अल्मोड़ा जिला सहकारी बैंक में मिली लटवाल अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुईं, जबकि भावना जोशी उपाध्यक्ष चुनी गईं। प्रदेश में यह पहली बार है जब सभी जिला सहकारी बैंकों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं निदेशक पदों पर निर्विरोध निर्वाचन के साथ बोर्ड का गठन हुआ है।

अल्मोड़ा डीसीबी के अध्यक्ष पद पर मिली लटवाल का निर्वाचन महिला आरक्षण के तहत हुआ है। सहकारी संस्थाओं के चुनाव में पहली बार महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है। प्रदेश के 10 जिला सहकारी बैंकों में तीन अध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।

अल्मोड़ा से विभिन्न सहकारी संस्थाओं के लिए प्रतिनिधि चयनित

उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड, हल्द्वानी के सामान्य निकाय के गठन के लिए अल्मोड़ा जनपद से नरेंद्र राम, विमला देवी, महेश चंद्र सिंह एवं ललित मोहन सिंह लटवाल का चयन किया गया है। वहीं, उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन के सामान्य निकाय के लिए पुष्पा भाकुनी एवं गणेश सिंह चयनित हुए हैं।

सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सभी निर्विरोध निर्वाचित अध्यक्षों, उपाध्यक्षों, निदेशकों एवं विभिन्न सहकारी संस्थाओं के लिए चयनित प्रतिनिधियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। डॉ. रावत ने कहा कि सभी जिला सहकारी बैंकों में निर्विरोध निर्वाचन सहकारिता क्षेत्र में आपसी विश्वास, समन्वय और संगठनात्मक एकजुटता का परिचायक है। सहकारी संस्थाएं प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के साथ किसानों, महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से सहकारी संस्थाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं प्रभावी बनाने तथा सरकार की सहकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया।

महिला भागीदारी को मिला नया आयाम

डॉ. रावत ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से पहली बार 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है। इससे सहकारी संस्थाओं के संचालन में महिलाओं की भागीदारी को संस्थागत रूप से बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तीकरण को नई गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सहकारिता क्षेत्र में नीतिगत सुधार, डिजिटलीकरण, महिला भागीदारी और सहकारी संस्थाओं के सशक्तीकरण पर लगातार कार्य कर रही है। नवनिर्वाचित पदाधिकारी इन प्रयासों को धरातल पर प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएं।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में जिला सहकारी बैंक चुनाव चरणबद्ध तरीके से संपन्न हुए। गढ़वाल मंडल के सभी छह जिला सहकारी बैंकों में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पदों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन हुआ है, जबकि कुमाऊं मंडल के चारों जिला सहकारी बैंकों में भी निर्विरोध बोर्ड का गठन हुआ है।


घर में जमा पानी बन सकता है मलेरिया की वजह, बरसात में ऐसे करें मच्छरों की रोकथाम

बरसात के मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के साथ ही मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। मलेरिया एक संक्रामक बीमारी है, जो संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है। इस मच्छर के शरीर में मौजूद प्लाज्मोडियम परजीवी इंसान के खून में पहुंचकर संक्रमण पैदा करता है। समय पर बीमारी की पहचान और उपचार न होने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकती है। इसलिए मलेरिया के लक्षणों को पहचानना और इससे बचाव के उपाय अपनाना बेहद जरूरी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, मलेरिया का संक्रमण किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है, लेकिन छोटे बच्चों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में इसके गंभीर होने का खतरा अधिक रहता है। मधुमेह, कैंसर और एचआईवी से पीड़ित मरीजों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ऐसे में बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

आइए जानते हैं कि मलेरिया किन लोगों के लिए अधिक खतरनाक हो सकता है, संक्रमण होने पर क्या सावधानियां बरतनी चाहिए और इससे बचाव के लिए कौन से उपाय अपनाए जा सकते हैं।

इन लोगों के लिए गंभीर हो सकता है मलेरिया

मलेरिया का संक्रमण कुछ लोगों के लिए अधिक जोखिम भरा हो सकता है। मधुमेह, कैंसर और एचआईवी से पीड़ित मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में मलेरिया का संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। इसके अलावा छोटे बच्चों में भी इस बीमारी के कारण गंभीर जटिलताएं होने की आशंका रहती है।

मलेरिया का संक्रमण होने पर प्लाज्मोडियम परजीवी लाल रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करता है। गंभीर मामलों में यह मस्तिष्क सहित शरीर के दूसरे महत्वपूर्ण अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। मस्तिष्क से संबंधित मलेरिया की स्थिति में मरीज को दौरे पड़ने, बेहोशी और अन्य गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

इसलिए बुखार, ठंड लगने या कंपकंपी जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय रहते चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है। विशेष रूप से पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।

मलेरिया होने पर खानपान का रखें ध्यान

मलेरिया होने पर शरीर में कमजोरी और पानी की कमी की समस्या हो सकती है। ऐसे में मरीज को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। पानी, नारियल पानी और ताजे फलों का सेवन शरीर में पानी की कमी को दूर करने में मदद कर सकता है।

इसके अलावा संतुलित और पौष्टिक आहार लेना भी जरूरी है। भोजन में विटामिन और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर चीजों को शामिल किया जा सकता है। हालांकि, केवल खानपान के सहारे मलेरिया का इलाज संभव नहीं है।

मलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। चिकित्सक की सलाह के अनुसार जांच कराकर निर्धारित दवाओं का पूरा कोर्स लेना जरूरी है। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा लेने से बचना चाहिए। समय पर उपचार से बीमारी के गंभीर होने की आशंका को कम किया जा सकता है।

मलेरिया से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय

मलेरिया से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों के काटने और उनके पनपने की जगहों को नियंत्रित करना है। मादा एनोफिलीज मच्छर आमतौर पर साफ पानी में प्रजनन करते हैं। इसलिए घर और आसपास पानी जमा न होने दें।

घर में रखी पानी की टंकियों, कूलर, गमलों और अन्य बर्तनों की नियमित सफाई करें। पानी से भरे बर्तनों को सप्ताह में कम से कम एक बार खाली करके अच्छी तरह साफ करें। इसके बाद ही उनमें दोबारा पानी भरें। घर के आसपास मौजूद गड्ढों और नालियों में पानी जमा होने से रोकें।

जहां पानी जमा होने से रोकना संभव न हो, वहां स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की सलाह के अनुसार मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के उपाय अपनाएं। जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग से कीटनाशकों के छिड़काव के लिए संपर्क करें। घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखना भी जरूरी है।

मच्छरों से बचाव के लिए करें ये काम

मलेरिया फैलाने वाले मच्छर मुख्य रूप से शाम और रात के समय सक्रिय होते हैं। ऐसे में इस दौरान मच्छरों से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। घर से बाहर निकलते समय पूरी बाजू के कपड़े पहनें और शरीर के खुले हिस्सों पर मच्छर भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल करें।

सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। घर की खिड़कियों और दरवाजों पर मच्छर रोकने वाली जालियां लगवाना भी फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा घर के आसपास पानी जमा होने की स्थिति पर नियमित रूप से नजर रखें।

बारिश के मौसम में मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ-साथ आसपास के वातावरण को साफ रखना भी जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति को बुखार, ठंड लगने या कंपकंपी जैसे लक्षण महसूस हों, तो उन्हें सामान्य बुखार समझकर नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों और मेडिकल रिपोर्ट्स पर आधारित है। मलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक से सलाह लेकर उचित जांच और उपचार कराएं।

(साभार)


मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने गंगोत्री धाम में की पूजा-अर्चना

व्यवस्थाओं का लिया जायजा

उत्तरकाशी। जनपद भ्रमण के दूसरे दिन शनिवार को मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन आनंद बर्द्धन ने गंगोत्री धाम में मां गंगा और विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान काशी विश्वनाथ एवं शक्ति मंदिर में दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। उन्होंने विधिवत पूजा कर मां गंगा से प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

पूजा-अर्चना के बाद मुख्य सचिव ने गंगोत्री मंदिर समिति के पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर गंगोत्री धाम में चल रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, पेयजल, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में अधिकारियों से जानकारी लेते हुए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। उन्होंने यात्रा मार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही घाटों पर स्वच्छता व्यवस्था, नियमित साफ-सफाई, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि घाटों एवं मंदिर परिसर के आसपास साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर बनी रहे और श्रद्धालुओं को दर्शन एवं स्नान के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

इस दौरान मंदिर समिति सचिव सुरेश सेमवाल, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र सहित अन्य अधिकारी और मंदिर समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।


1098 पर कॉल करें, मुसीबत में बच्चों को मिलेगी मदद

राजकीय इंटर कॉलेज देहलचौरी में बाल संरक्षण एवं अधिकारों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

पौड़ी- जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशन में महिला कल्याण विभाग की ओर से बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण एवं अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित जन-जागरूकता अभियान के तहत राजकीय इंटर कॉलेज देहलचौरी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 150 छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया।

जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की जानकारी प्रत्येक बच्चे तक पहुंचना जरूरी है। उन्होंने कहा कि चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 बच्चों के लिए संकट की स्थिति में सहायता का महत्वपूर्ण माध्यम है। किसी भी प्रकार की हिंसा, शोषण, बाल विवाह, बाल श्रम अथवा अन्य समस्या की स्थिति में बच्चे या उनके आसपास के लोग 1098 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जागरूकता के माध्यम से बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में समाज की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में कविता ने छात्र-छात्राओं को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी देते हुए बताया कि किसी बच्चे के साथ हिंसा, शोषण, बाल विवाह, बाल श्रम अथवा किसी अन्य संकट की स्थिति में 1098 पर कॉल कर सहायता एवं संरक्षण प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को किसी भी परेशानी को छिपाने के बजाय समय पर सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।

समन्वयक अभिषेक नेगी ने महिला कल्याण विभाग की कार्यप्रणाली, बाल संरक्षण से जुड़ी सेवाओं एवं दत्तक ग्रहण प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को पॉक्सो अधिनियम, 2012 के प्रमुख प्रावधानों से अवगत कराते हुए बताया कि यह कानून बच्चों को लैंगिक अपराधों एवं यौन शोषण से संरक्षण प्रदान करता है।

बाल कल्याण समिति की सदस्य गंगोत्री नेगी ने समिति की भूमिका एवं कार्यप्रणाली के साथ ही बच्चों के संरक्षण और पुनर्वास से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी कठिन परिस्थिति में बिना झिझक सहायता लेने का आह्वान किया।

पुलिस विभाग से सब-इंस्पेक्टर शशि भूषण ने साइबर अपराध एवं बाल विवाह के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया एवं इंटरनेट का सावधानीपूर्वक उपयोग करने, व्यक्तिगत जानकारी एवं पासवर्ड किसी से साझा न करने तथा संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों की जानकारी तत्काल संबंधित व्यक्ति अथवा पुलिस को देने के लिए जागरूक किया। उन्होंने बाल विवाह के दुष्परिणामों तथा इसकी रोकथाम में बच्चों, अभिभावकों एवं समाज की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में कांस्टेबल बद्री प्रसाद एवं रतन सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अधिकार मित्र लक्ष्मी देवी सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


विकासखंड कोट में सेवा संकल्प अभियान के बहुउद्देशीय शिविर में उमड़ा उत्साह

योजनाओं का लाभ पाकर खिले लाभार्थियों के चेहरे

प्रभारी मंत्री मदन कौशिक ने किया शुभारंभ, कृषि, मत्स्य, ग्रामोत्थान, समाज कल्याण सहित विभिन्न विभागों ने मौके पर पहुंचकर दी सेवाएं

पौड़ी- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ की भावना को धरातल पर पहुंचाते हुए जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड कोट में सेवा संकल्प अभियान के तहत बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया गया। शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री मदन कौशिक ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया तथा मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने प्रभारी मंत्री तथा अन्य अतिथियों का स्वागत किया। राजकीय इंटर कॉलेज कोट की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में उत्साह का संचार किया।

शिविर में पशुपालन, उद्यान, कृषि, शिक्षा, एनआरएलएम, परिवीक्षा, खाद्य, उद्योग, सहकारिता, स्वास्थ्य, मत्स्य, समाज कल्याण एवं सेवायोजन सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर लोगों को विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी लेते हुए पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य सरकार की योजनाओं एवं सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाकर पात्र लोगों को उनका लाभ दिलाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रभारी मंत्री ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए विभागीय अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर माइक्रो लेवल पर लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। ग्राम स्तर पर ग्राम प्रधानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि प्रत्येक प्रधान अपने गांव की आवश्यकताओं और विकास की चिंता करते हुए विभागों के साथ समन्वय से कार्य करेगा तो विकास की गति और तेज होगी।

जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के उद्देश्य से सेवा संकल्प अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में पूरी जिम्मेदारी के साथ योगदान देना होगा, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग योजनाओं से लाभान्वित हो सकें।

विधायक राजकुमार पोरी ने कहा कि सुशासन की भावना को मजबूत करने के लिए सेवा संकल्प अभियान संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं, बालिकाओं एवं किशोरों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के विकास के लिए संचालित योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।

इस अवसर पर कृषि विभाग की ओर से दो लाभार्थियों को 4-4 लाख फार्म मशीनरी बैंक, एक लाभार्थी को जियोलाइन टैंक तथा चार लाभार्थियों को नैपसेक स्प्रे वितरित किए गए। मत्स्य विभाग के एक लाभार्थी को चेक प्रदान किया गया। ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत छह लाभार्थियों को चेक, दो लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट तथा समाज कल्याण विभाग के पांच लाभार्थियों को सहायक उपकरण वितरित किए गए। लाभार्थियों ने सरकार की योजनाओं से मिल रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। गौरा देवी मातृशक्ति क्लस्टर की प्रमुख लक्ष्मी देवी ने अपने अनुभव साझा करते हुए सरकार की योजनाओं से मिल रहे सहयोग एवं लाभ के लिए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी ली। राजकीय इंटर कॉलेज कोट के विद्यार्थियों ने स्मार्ट सिटी, जल संचयन एवं जल संरक्षण से संबंधित अपने नवाचार एवं प्रयोगों का प्रदर्शन किया। कक्षा सातवीं के छात्र प्रियांशु तथा कक्षा दसवीं के छात्र शौर्य ने अपने तैयार किए मॉडल समक्ष प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों के नवाचार की उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने सराहना की। कार्यक्रम में राजकीय इंटर कॉलेज कोट की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया।

इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख गणेश कोली, ज्येष्ठ प्रमुख उपेंद्र भट्ट, कनिष्ठ प्रमुख अनिल गुसाईं, जिला पंचायत सदस्य अनुज कुमार, आराधना देवी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख पूर्णिमा नेगी, ब्लॉक प्रधान संघ अध्यक्ष हिम्मत सिंह नेगी, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, डीपीआरओ जितेंद्र कुमार, डीएसटीओ राम सलोने सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।


रोजाना ब्रोकली खाने से शरीर को मिलते हैं ये 5 बड़े फायदे, हड्डियां भी होंगी मजबूत

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेना बेहद जरूरी है। हरी सब्जियां इस जरूरत को पूरा करने में अहम भूमिका निभाती हैं। इन्हीं सब्जियों में शामिल ब्रोकली सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद मानी जाती है। इसमें मौजूद विटामिन, मिनरल्स और फाइबर शरीर को जरूरी पोषण देने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण शारीरिक कार्यों को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं।

ब्रोकली देखने में फूलगोभी जैसी होती है, लेकिन पोषण के लिहाज से इसे काफी महत्वपूर्ण सब्जी माना जाता है। कम कैलोरी और अधिक पोषक तत्वों के कारण इसे वजन नियंत्रित रखने वाले लोगों के आहार में भी शामिल किया जाता है। इसमें विटामिन सी, विटामिन के, फोलेट, कैल्शियम और फाइबर जैसे कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। नियमित रूप से संतुलित आहार में ब्रोकली को शामिल करने से शरीर को कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं।

विटामिन और मिनरल्स का अच्छा स्रोत है ब्रोकली

ब्रोकली में कई ऐसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जिनकी शरीर को बेहतर तरीके से काम करने के लिए जरूरत होती है। खास बात यह है कि कम कैलोरी होने के बावजूद यह विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होती है।

लगभग 100 ग्राम ब्रोकली खाने से शरीर को दिनभर की विटामिन सी की जरूरत का करीब 91 प्रतिशत और विटामिन के की आवश्यकता का लगभग 77 प्रतिशत मिल सकता है।

विटामिन सी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सामान्य बनाए रखने में मदद करता है। इसके अलावा यह त्वचा को स्वस्थ रखने और शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं, विटामिन के रक्त का थक्का जमने की सामान्य प्रक्रिया और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।

ब्रोकली में फोलेट भी पाया जाता है, जिसे विटामिन बी9 के नाम से जाना जाता है। यह कोशिकाओं के विकास और उनके सामान्य कामकाज के लिए आवश्यक है। गर्भावस्था के दौरान फोलेट का पर्याप्त सेवन विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।

दिल को स्वस्थ रखने में मददगार हो सकती है ब्रोकली

ब्रोकली का सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिहाज से भी फायदेमंद हो सकता है। इसमें मौजूद फाइबर और प्राकृतिक पौधों से मिलने वाले यौगिक शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकते हैं।

कुछ अध्ययनों में ब्रोकली के सेवन और खराब कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल के कम स्तर के बीच संबंध पाया गया है। इसके अलावा कुछ शोध में ट्राइग्लिसराइड के स्तर पर भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है।

एलडीएल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड का बढ़ा हुआ स्तर हृदय रोगों के जोखिम से जुड़ा होता है। ब्रोकली में मौजूद कुछ प्राकृतिक यौगिकों में सूजन कम करने वाले गुण भी पाए जाते हैं। हालांकि, केवल ब्रोकली खाने से हृदय रोगों से बचाव की गारंटी नहीं मिलती। इसके लिए संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली भी जरूरी है।

हड्डियों की मजबूती के लिए भी जरूरी है ब्रोकली

हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम और विटामिन के की जरूरत होती है। ब्रोकली में ये दोनों पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इसके अलावा इसमें फास्फोरस और जिंक भी पाया जाता है, जो शरीर के सामान्य स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

संतुलित आहार के हिस्से के रूप में ब्रोकली का सेवन हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकता है। हालांकि, हड्डियों की मजबूती के लिए केवल एक सब्जी पर निर्भर रहने के बजाय कैल्शियम और विटामिन डी सहित सभी जरूरी पोषक तत्वों का पर्याप्त सेवन करना चाहिए।

मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद

ब्रोकली में पाए जाने वाले प्राकृतिक पौधों के यौगिक मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। कुछ अध्ययनों में क्रूसीफेरस श्रेणी की सब्जियों में मौजूद यौगिकों और मस्तिष्क के सामान्य कामकाज के बीच संभावित संबंध सामने आया है।

इन सब्जियों में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, ब्रोकली खाने से याददाश्त बेहतर होने या मस्तिष्क संबंधी बीमारियों से बचाव होने के दावों की पुष्टि के लिए अभी और शोध की जरूरत है।

संतुलित आहार में शामिल करें ब्रोकली

ब्रोकली को सलाद, सब्जी, सूप या हल्का पकाकर भोजन में शामिल किया जा सकता है। इसे बहुत अधिक पकाने से कुछ पोषक तत्वों की मात्रा कम हो सकती है। इसलिए इसे हल्का पकाकर खाना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

कुल मिलाकर, ब्रोकली कम कैलोरी में कई जरूरी पोषक तत्व उपलब्ध कराने वाली सब्जी है। इसे नियमित और संतुलित आहार का हिस्सा बनाकर शरीर को जरूरी पोषण दिया जा सकता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट और उपलब्ध स्वास्थ्य संबंधी अध्ययनों पर आधारित है। इसे किसी बीमारी के इलाज या चिकित्सकीय सलाह के विकल्प के रूप में न लें।

(साभार)


गाड़ी हटाने को कहा तो युवक पर धारदार हथियार से हमला, दोनों बाजुओं में गंभीर चोटें

जम्मू। शहर के बनतालाब इलाके में गाड़ी हटाने के लिए कहने पर 23 वर्षीय युवक पर कुछ युवकों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। दो गाड़ियों में सवार होकर पहुंचे युवकों ने अनुराग चिब को घेरकर मारपीट की, जिसमें उसके दोनों बाजुओं पर गंभीर चोटें आई हैं। हालत को देखते हुए परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए जम्मू से बाहर ले गए हैं।

अनुराग के मुताबिक, वह शाम के समय घर के पास स्थित दुकान से सब्जी लेने गया था। वहां दो गाड़ियां खड़ी थीं, जिनमें करीब आठ से दस युवक बैठे हुए थे। अनुराग ने उनमें से एक युवक से गाड़ी थोड़ा आगे करने के लिए कहा। इसी बात पर सभी युवक गाड़ियों से बाहर निकल आए और उस पर हमला कर दिया।

अनुराग ने बताया कि हमले के दौरान कुछ युवकों ने धारदार हथियार निकाल लिए। उसने एक युवक से हथियार छीनने की कोशिश की, लेकिन दूसरे युवकों ने उस पर वार कर दिए। हमले में उसकी दोनों बाजुओं पर गंभीर चोटें लगीं। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

घटना की जानकारी मिलने पर अनुराग के परिजन मौके पर पहुंचे और उसे इलाज के लिए जीएमसी अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने उसकी बाजुओं की सर्जरी की बात कही। इसके बाद परिजन उसे बेहतर उपचार के लिए जम्मू से बाहर लेकर चले गए।

अनुराग ने हमलावरों में से एक की पहचान अर्जुन के रूप में बताई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, हमले में शामिल कुछ युवकों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।


जमशेदपुर में मरीन ड्राइव पर ताबड़तोड़ फायरिंग, तीन घायल; इलाके में मचा हड़कंप

जमशेदपुर। सोनारी थाना क्षेत्र के मरीन ड्राइव स्थित बिंदल मॉल के पास शनिवार को हुई फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, गोली लगने से तीन लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद घायलों को इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) ले जाया गया।

घायलों में डोमिनि सैमसंग, कृष्णा, रिजवान और इरशाद के नाम सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, रिजवान और इरशाद गणेश सिंह पर फायरिंग और बम से जानलेवा हमला करने के मामले में आरोपित रहे हैं। वहीं सैमसंग पर हत्या, फायरिंग समेत अन्य मामलों में आरोपी होने की जानकारी सामने आई है।

फायरिंग की सूचना मिलते ही सोनारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। इसके अलावा मॉल परिसर और आसपास के इलाके में भी छानबीन की गई।

पुलिस के मुताबिक, अभी तक फायरिंग की वजह और इसमें शामिल लोगों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

घटना के बाद मरीन ड्राइव और बिंदल मॉल के आसपास कुछ समय के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस घायलों की स्थिति और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जानकारी जुटा रही है।


बांग्लादेश में ड्रम के अंदर मिला हिंदू ज्वैलर का शव, सिर-छाती पर धारदार हथियार के निशान

ढाका। बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले में एक हिंदू व्यक्ति का शव ड्रम के अंदर पानी में तैरता मिला। घटना बेगुनबाड़ी इलाके की है, जहां स्लूइस गेट के पास नहर में स्थानीय लोगों ने ड्रम देखा और पुलिस को सूचना दी। मृतक की पहचान 50 वर्षीय निरंजन चंद्र सूत्रधार के रूप में हुई है।

निरंजन मयमनसिंह के अठारबारी बिल्डिंग इलाके में साझेदारी में ज्वैलरी शॉप चलाते थे। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस अभी यह पता नहीं लगा सकी है कि उनकी हत्या किसने की और इसके पीछे क्या वजह थी। शुक्रवार तक मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी।

कोतवाली मॉडल पुलिस स्टेशन के ओसी मुहम्मद शिबिरुल इस्लाम के अनुसार, निरंजन के सिर और छाती पर धारदार हथियार से चोट के निशान मिले हैं। पुलिस का प्रारंभिक अनुमान है कि हत्या करने के बाद शव को ड्रम में डालकर पानी में फेंका गया।

पुलिस को शव की पैंट की जेब से मयमनसिंह हिंदू कोऑपरेटिव क्रेडिट यूनियन लिमिटेड का एक टोकन मिला। संस्था से संपर्क करने पर मृतक की पहचान निरंजन चंद्र के रूप में हुई। इसके बाद उनकी पत्नी सुमिता रानी सूत्रधार और बेटे जॉय सूत्रधार ने शव की पहचान की।

सब-इंस्पेक्टर रूहुल अमीन के मुताबिक, बुधवार सुबह बेगुनबाड़ी इलाके में नहर के पानी में ड्रम तैरता दिखाई देने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को जानकारी दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ड्रम से शव बरामद किया।

इस घटना के बाद बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल उठे हैं। अवामी लीग ने भी देश में अल्पसंख्यकों पर हमलों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने मंदिरों पर हमले, घरों में आगजनी, जमीन पर कब्जे और महिलाओं के खिलाफ हिंसा सहित कई आरोप लगाए हैं।

अवामी लीग ने रंगपुर में सेवानिवृत्त हिंदू शिक्षक गणपति चक्रवर्ती और उनके परिवार की हत्या का भी उल्लेख करते हुए सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाया है। पार्टी ने इन घटनाओं को पिछली अंतरिम सरकार के दौर से जारी अल्पसंख्यक उत्पीड़न के पैटर्न से जोड़ा है। ये आरोप अवामी लीग की ओर से लगाए गए हैं।


आंगनबाड़ी केंद्र है बच्चों के भविष्य की बुनियाद रखने का प्रथम आयाम- रेखा आर्या

‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में 202 लाभार्थियों को वितरित की गई महालक्ष्मी, तेजस्विनी, रोजगार एवं पोषण किट

विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं और आशा बहनों का किया सम्मान, कहा आंगनबाड़ी बहने पहुंचा रहीं योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक

हरिद्वार। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या आज जनपद हरिद्वार स्थित चांदपुर आंगनबाड़ी केंद्र पहुंची। उन्होंने जनपद हरिद्वार में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में सम्मिलित होकर फेरुपुर न्याय पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र चांदपुर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय में माताओं, बहनों, किशोरियों और नन्हे बच्चों से संवाद किया। इस दौरान उनकी आवश्यकताओं एवं समस्याओं को सुना।

कार्यक्रम में 202 लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट, तेजस्विनी किट, रोजगार किट, पोषण किट सहित विभिन्न लाभकारी किट वितरित की गईं। साथ ही अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं एवं आशा बहनों को सम्मानित किया गया।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा गया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही हैं।

कहा कि हमारी आंगनबाड़ी बहनें सरकार और लाभार्थी परिवारों के बीच महत्वपूर्ण दायित्व निभाती हैं। उनके समर्पण और मेहनत से योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच रहा है। उनके उत्कृष्ट कार्य को प्रोत्साहित और सम्मानित करना सरकार की प्राथमिकता है।

सात महिलाओं की हुई गोद भराई, मंत्री रेखा आर्या ने नन्हे बच्चों का कराया अन्नप्राशन

कार्यक्रम के दौरान सात महिलाओं की गोद भराई की रस्म भी संपन्न कराई गई। इसके साथ ही नन्हे-मुन्ने बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इस अवसर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण के महत्व को लेकर भी संवाद किया गया।

मंत्री रेखा आर्या ने चांदपुर आंगनबाड़ी केंद्र तृतीय का किया शुभारंभ, नन्हे-मुन्ने बच्चों के साथ भोजन कर किया संवाद

इस अवसर पर विभागीय मंत्री रेखा आर्य ने चांदपुर आंगनबाड़ी केंद्र तृतीय का शुभारंभ भी किया गया। साथ ही केंद्र में उपस्थित नन्हे-मुन्ने बच्चों के साथ भोजन कर संवाद किया और उनके साथ समय बिताया। उन्होंने बच्चों से आंगनबाड़ी केंद्र में उन्हें क्या दिक्कत या असुविधा हो रही है इसके बारे में भी पूछा। विभागीय मंत्री को अपने बीच बैठकर भोजन ग्रहण करते हुए देखकर नन्हे मुन्ने बच्चे काफी उत्साहित नजर आए।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल सरकारी योजनाओं के संचालन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि हमारे नन्हे बच्चों के भविष्य की बुनियाद रखने वाले महत्वपूर्ण केंद्र हैं। बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाने में इन केंद्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

विभागीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा एवं स्वावलंबन के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य है कि इन योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार और समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े लाभार्थी तक पहुंचे। इसी दिशा में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं और आशा बहनों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा , मेयर किरण जैसल , ब्लॉक प्रमुख आशा नेगी , मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र , जिला कार्यक्रम अधिकारी अविनाश भदोरिया , बाल विकास परियोजना अधिकारी गीता शर्मा , सुलेखा सहगल , वर्षा शर्मा , महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रीति गुप्ता , मंडल अध्यक्ष राकेश सैनी सहित विभागीय अधिकारीगण, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी बहनें उपस्थित रहीं।


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