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अक्षय-सैफ की ‘हैवान’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये

Monthly Archives: September 2026

अक्षय-सैफ की ‘हैवान’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये

अक्षय कुमार और सैफ अली खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘हैवान’ आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी इस फिल्म से दर्शकों को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन रिलीज के पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक मजबूत नजर नहीं आई। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, फिल्म पहले दिन कमाई के मामले में नई ऊंचाई हासिल करने में नाकाम रही।

पहले दिन नहीं चला ‘हैवान’ का जादू

रिलीज के बाद ‘हैवान’ को दर्शकों की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। इसका असर फिल्म की शुरुआती कमाई पर भी दिखाई दिया। फिल्म ने पहले दिन करीब 3 करोड़ रुपये का कारोबार किया है।

अक्षय कुमार और सैफ अली खान जैसे बड़े सितारों की मौजूदगी और प्रियदर्शन के निर्देशन के बावजूद फिल्म पहले दिन दो अंकों की कमाई तक नहीं पहुंच सकी। ऐसे में अब फिल्म की आगे की कमाई काफी हद तक दर्शकों की प्रतिक्रिया और सप्ताहांत के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।

‘हनुमान अंश’ और ‘मिर्जापुर-द मूवी’ से मिली कड़ी चुनौती

बॉक्स ऑफिस पर ‘हैवान’ को पहले दिन ही कई फिल्मों से मुकाबला करना पड़ा। छठे सप्ताह में चल रही ‘हनुमान अंश’ ने नई रिलीज के बावजूद शानदार प्रदर्शन जारी रखा। फिल्म ने अपने छठे शुक्रवार को 5.71 करोड़ रुपये की कमाई की और शुक्रवार को रिलीज तीन प्रमुख फिल्मों में सबसे आगे रही।

वहीं ‘मिर्जापुर-द मूवी’ भी दूसरे सप्ताह में मजबूत पकड़ बनाए हुए है। फिल्म ने अपने दूसरे शुक्रवार यानी आठवें दिन 4.65 करोड़ रुपये का कारोबार किया।

इन दोनों फिल्मों के अलावा ‘टॉक्सिक’ और ‘इरुमुडी’ भी सिनेमाघरों में दर्शकों को आकर्षित कर रही हैं। ऐसे में ‘हैवान’ के सामने बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत करने की चुनौती बनी हुई है।

18 साल बाद साथ नजर आए अक्षय-सैफ

‘हैवान’ की सबसे बड़ी खासियत अक्षय कुमार और सैफ अली खान की जोड़ी है। दोनों कलाकार करीब 18 साल बाद एक बार फिर बड़े पर्दे पर साथ नजर आए हैं। इससे पहले दोनों को साल 2008 में रिलीज हुई ‘टशन’ में साथ देखा गया था।

फिल्म का निर्देशन प्रियदर्शन ने किया है और यह साल 2016 में रिलीज हुई मलयालम फिल्म ‘ओप्पम’ का हिंदी रीमेक है। फिल्म में अक्षय कुमार और सैफ अली खान के साथ सैयामी खेर और बोमन ईरानी भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं।

अब सभी की नजरें फिल्म के शनिवार और रविवार के कलेक्शन पर हैं। अगर सप्ताहांत में दर्शकों की संख्या बढ़ती है तो ‘हैवान’ अपनी शुरुआती धीमी रफ्तार को काफी हद तक सुधार सकती है।

(साभार)


ब्रिक्स सम्मेलन से पहले दिल्ली में SFJ के समर्थन में नारे, तीन आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली। ब्रिक्स सम्मेलन से पहले दिल्ली की दीवारों पर प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) के समर्थन में कथित तौर पर नारे लिखने के मामले में आउटर नॉर्थ जिला पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों में मामले का मास्टरमाइंड भी शामिल है।

पुलिस का दावा है कि मास्टरमाइंड विदेश में बैठे एक हैंडलर के संपर्क में था और उसे विदेश से कथित तौर पर फंडिंग मिल रही थी। पुलिस के मुताबिक, वह भारत में SFJ की गतिविधियों को संचालित कर रहा था। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।

मामला स्पेशल सेल के थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर संख्या 206/26 से जुड़ा है। ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पहले से सतर्क थीं। इसी दौरान दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में दीवारों पर सम्मेलन विरोधी और आपत्तिजनक नारे लिखे जाने की सूचना मिली।

इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर संदिग्धों की पहचान की और तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दीवारों पर नारे लिखवाने की कथित साजिश में और कौन लोग शामिल थे। विदेशी हैंडलर से आरोपितों के संपर्क और विदेश से भेजी गई रकम की भी जांच की जा रही है।

इसके अलावा दिल्ली में SFJ के नेटवर्क और उसकी गतिविधियों से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। पुलिस के अनुसार, मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।


एसजीआरआरयू में तंबाकू के खिलाफ गूंजी हुंकार, सैकड़ों युवाओं ने लिया संकल्प

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) में तंबाकू के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया गया। स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की ओर से राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) के तहत जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ, देहरादून के सहयोग से तंबाकू जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग कर तंबाकू से दूर रहने और स्वस्थ समाज के निर्माण का संकल्प लिया।

एसबीएएस ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में “Tobacco Free Youth – Leader for Tomorrow” विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता भी कराई गई। विद्यार्थियों ने रचनात्मक पोस्टरों के माध्यम से तंबाकू मुक्त समाज का संदेश दिया। प्रतियोगिता में गुंजन मेहंदीरेत्ता (बीएससी आईटी), शिक्षा (बीटेक प्रथम सेमेस्टर) और जेरूशा प्रधान (बीसीए प्रथम सेमेस्टर) विजेता रहे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने विद्यार्थियों को तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तंबाकू उत्पादों से दूरी बनाना स्वस्थ जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने युवाओं से स्वयं तंबाकू से दूर रहने के साथ-साथ समाज में इसके दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. अनुराधा प्रधान ने तंबाकू की लत, उससे होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं, दुष्परिणामों और बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। इसके बाद आयोजित संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने तंबाकू सेवन और नशे की लत से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने जवाब दिया।

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से एंटी-टोबैको प्रतिज्ञा ली। विद्यार्थियों ने तंबाकू से दूर रहने और स्वस्थ एवं तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की टीम से अर्चना उनियाल, रेखा उनियाल और अनुराग भी मौजूद रहे। कार्यक्रम ने युवाओं में तंबाकू के स्वास्थ्य एवं सामाजिक दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ उन्हें तंबाकू मुक्त समाज के नेतृत्वकर्ता बनने के लिए प्रेरित किया।

 


आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा फैसिलिटेटर्स के मानदेय की धनराशि अवमुक्त : स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल

देहरादून। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, स्वास्थ्य विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के समस्त विकासखण्डों में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा फैसिलिटेटर्स को मासिक निर्धारित मानदेय/स्टाइपेंड के रूप में प्रोत्साहन राशि जारी की गई है।

इसके अंतर्गत आशा कार्यकर्ताओं को ₹3,300 प्रतिमाह तथा आशा फैसिलिटेटर्स को ₹2,000 प्रतिमाह निर्धारित मानदेय के रूप में प्रदान किया जाता है।

इसके अतिरिक्त, विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत कार्यक्रमवार गतिविधियों के सफल संचालन, समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा संबंधित कार्यों में सहयोग एवं फैसिलिटेशन के लिए आशा कार्यकर्ताओं को समय-समय पर कार्यक्रम-विशिष्ट प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है।

इन कार्यक्रमों में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP/टीबी), नियमित टीकाकरण, RBSK, RKSK, मातृ स्वास्थ्य एवं संस्थागत प्रसव, शिशु एवं बाल स्वास्थ्य सहित अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम सम्मिलित हैं।

आशा कार्यकर्ताओं द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को समुदाय के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाती है। उनके कार्यों को प्रोत्साहित करने, मनोबल बढ़ाने तथा स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में उनके योगदान को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से निर्धारित मानदेय के अतिरिक्त विभिन्न कार्यक्रमों के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल ₹37,76,51,736 की धनराशि प्राप्त हुई है। इसमें आशा कार्यकर्ताओं हेतु ₹36,64,52,856 तथा आशा फैसिलिटेटर्स हेतु ₹1,11,98,880 की धनराशि निर्धारित है।

प्राप्त धनराशि को 10 सितम्बर 2026 को जिलों को विकासखण्डवार उनके खातों में निर्गत कर दिया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा फैसिलिटेटर्स के हितों तथा उनके योगदान को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।


बड़ी खबर : नैनीताल में दो आरोपियों पर जिला बदर की कार्रवाई, छह माह के लिए जिले से निष्कासन

नैनीताल:  जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने दो आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल ललित मोहन रयाल के न्यायालय ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत दोनों आरोपियों को छह माह के लिए जनपद नैनीताल की सीमा से निष्कासित करने के आदेश दिए हैं।

जिला बदर किए गए आरोपियों में राजू सागर पुत्र स्व. रामकुमार, निवासी नाथूपुर पाडली, लामाचौड़, थाना मुखानी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के सात मामले और गुंडा नियंत्रण अधिनियम का एक मामला दर्ज है।

वहीं, पूरन सागर पुत्र स्व. रामकुमार, निवासी नाथूपुर पाडली, लामाचौड़, थाना मुखानी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के चार मामले तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 504 और 506 के तहत एक मामला दर्ज है।

आपराधिक अभिलेखों और कानून-व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने दोनों को छह माह की अवधि के लिए नैनीताल जिले से बाहर रहने के आदेश जारी किए हैं।

 


उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस के सभी पदों से दिया इस्तीफा

हरीश रावत बोले- मेरे कारण कमजोर न हो पार्टी की लड़ाई

देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में उस समय हलचल बढ़ गई, जब वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने का ऐलान किया। प्रवर्तन निदेशालय की ओर से उनके पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना से जुड़े परिसरों में छापेमारी और बड़ी मात्रा में नकदी व आभूषण बरामद होने की खबरों के बीच रावत ने यह फैसला लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह नहीं चाहते कि उनके किसी भी निर्णय या गतिविधि का असर कांग्रेस के भ्रष्टाचार विरोधी संघर्ष पर पड़े।

हरीश रावत ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट के माध्यम से अपने निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वह उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस समिति के कार्यकारी सदस्य और कांग्रेस कार्य समिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे थे। अब उन्होंने इन दोनों पदों से हटने की इच्छा जताई है।

रावत ने कहा कि वह फिलहाल कोई सरकारी पद नहीं संभाल रहे हैं, इसलिए सरकारी पद से इस्तीफे का सवाल नहीं उठता। उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में वह ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहते, जिससे पार्टी के संघर्ष को नुकसान पहुंचे।

ओएसडी के खिलाफ कार्रवाई पर रावत का बयान

ईडी की कार्रवाई 2016 में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में बताई जा रही है। रावत ने अपने पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना के खिलाफ लगे किसी भी गलत काम के आरोप से इनकार किया है।

उन्होंने कहा कि जीना उनके ओएसडी रह चुके हैं और पार्टी तथा सरकार में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। रावत ने उन्हें विनम्र और मेहनती व्यक्ति बताते हुए कहा कि केवल किसी व्यक्ति से जुड़े होने के आधार पर उसके खिलाफ आरोपों को सही नहीं माना जा सकता।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि ग्राम सेवकों की भर्ती में ओएमआर शीट से छेड़छाड़ जैसी कोई अनियमितता सामने आती है, तो उन्हें इस पर शर्मिंदगी होगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि फिलहाल वह इस आरोप पर विश्वास नहीं करते।

भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी रखी अपनी बात

हरीश रावत ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के गठन और भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि आयोग का गठन राज्य के युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखकर किया गया था। उनके कार्यकाल में शीर्ष पदों पर भर्तियां कराने के साथ ही चिकित्सा और शिक्षा क्षेत्र में भर्ती के लिए अलग-अलग बोर्ड बनाए गए थे।

उन्होंने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया में उनकी ओर से कोई गलती हुई है और उससे उत्तराखंड के युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ा है, तो वह इसके लिए प्रदेश की जनता से माफी मांगने को तैयार हैं।

रावत ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के तीन साल के कार्यकाल में 42 हजार से अधिक सरकारी पदों पर नियुक्तियां की गई थीं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना था।

यूकेएसएसएससी अध्यक्ष की नियुक्ति का किया बचाव

पूर्व मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि नियुक्ति संबंधित व्यक्ति के पूर्व सेवा रिकॉर्ड और समाज के एक वर्ग को प्रतिनिधित्व देने की सोच के आधार पर की गई थी।

रावत ने बताया कि इस नियुक्ति को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी (सेवानिवृत्त) से भी उन्हें सलाह मिली थी। उन्होंने कहा कि खंडूरी हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते रहे हैं।

रावत ने कहा कि किसी पद पर नियुक्त व्यक्ति भविष्य में गलत काम करेगा या नहीं, इसका अनुमान पहले से नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने कहा कि भर्ती और परीक्षाओं में किसी भी तरह की अनियमितता राज्य की आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से खिलवाड़ के समान है।

सबूत मिलने पर जांच एजेंसियों को देने की अपील

हरीश रावत ने कहा कि यदि किसी के पास इस बात का कोई ठोस प्रमाण है कि भर्ती या नियुक्तियों में उन्होंने किसी तरह का हस्तक्षेप किया था, तो वह प्रमाण केंद्रीय जांच ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय या राज्य पुलिस को सौंपा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि जानबूझकर या अनजाने में उनकी किसी गलती से उत्तराखंड के युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचा है, तो वह इसकी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हैं। रावत ने दोहराया कि यदि उनसे कोई चूक हुई है तो कानून के अनुसार उन्हें दंडित किया जाना चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को चुनावी माहौल से भी जोड़ते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब चुनाव नजदीक आते हैं तो जांच एजेंसियों की कार्रवाई के जरिए राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश की जाती है। रावत ने कहा कि कांग्रेस और उसके कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और वह नहीं चाहते कि उनके कारण इस संघर्ष की धार कमजोर हो।


10 वर्षीय बच्ची के अपहरण-दुष्कर्म-हत्या मामले में 1,500 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल

दक्षिणी दिल्ली। महरौली थाना क्षेत्र में 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस ने 1,500 से अधिक पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है। आरोपपत्र में आरोपी कैब चालक बाशु कुमार सिंह की गतिविधियों का विस्तृत ब्योरा दर्ज किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, बच्ची के शव को गुरुग्राम के जंगल में तीन बड़े पत्थरों के नीचे छिपाने की कोशिश के दौरान आरोपी का ड्राइविंग लाइसेंस वहां गिर गया था। बाद में यह लाइसेंस मामले में महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया।

आरोपपत्र के अनुसार, आरोपी बच्ची का अपहरण करने से करीब एक घंटे पहले छतरपुर एक्सटेंशन पहुंचा था। उसने उस फुटपाथ के पास से वाहन निकाला, जहां बच्ची अपने माता-पिता और तीन छोटे भाई-बहनों के साथ सो रही थी। इसके बाद वह कई घंटे इलाके में घूमता रहा और दो राइड भी रद कर दीं।

करीब तड़के 4:15 बजे आरोपी ने बच्ची को उठा लिया। बच्ची के मदद के लिए चिल्लाने पर उसके पिता की नींद खुल गई। उन्होंने कुछ दूरी तक वाहन का पीछा किया, लेकिन आरोपी को पकड़ नहीं सके।

पुलिस के मुताबिक, गुरुग्राम से आने के बाद आरोपी संगम विहार में एक यात्री को छोड़ चुका था। इसके बाद करीब ढाई घंटे में उसने दो अन्य राइड रद कीं और दूसरी सवारी लेने के बजाय उसी इलाके में घूमता रहा, जहां से बाद में बच्ची का अपहरण किया गया।

आरोपपत्र के अनुसार, मंडी गांव के पास वाहन में बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया। इसके बाद आरोपी गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड की ओर गया और जंगल में बच्ची की हत्या कर शव को छिपाने की कोशिश की। आरोपपत्र में मौत का कारण गला घोंटना और मुंह दबाना बताया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गमछे से बच्ची का गला घोंटा था, जिसे बाद में घटनास्थल से बरामद किया गया।

आरोपपत्र में 89 पन्नों का मुख्य विवरण भी शामिल है। इसमें आरोपी की कार की तस्वीरें, बच्ची के परिवार के फुटपाथ पर सोने की तस्वीरें, आरोपी के आने-जाने के रास्ते और जंगल में शव मिलने वाली जगह की तस्वीरें शामिल हैं। इसके अलावा एएनपीआर कैमरों से मिली आरोपी की कार की तस्वीरें भी आरोपपत्र का हिस्सा हैं। इनमें दर्ज सटीक समय के आधार पर पुलिस ने अपराध से पहले और बाद में आरोपी की गतिविधियों का पता लगाया।


कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने की तीन विभागों की समीक्षा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

देहरादून। कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने देहरादून में शहरी विकास, जलागम प्रबंधन और पर्यावरण विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए मंत्री ने जनहित से जुड़े कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

मंत्री कैड़ा ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने शहरी विकास विभाग को शहरों में पेयजल वितरण, सीवरेज लाइन, स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था को और बेहतर करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माणाधीन बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को तय समय पर पूरा करने को कहा।

जलागम विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने जल संरक्षण और जल संवर्धन की योजनाओं को प्राथमिकता से धरातल पर उतारने तथा ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में जल स्रोतों के पुनरुद्धार के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।

वहीं पर्यावरण विभाग को पौधरोपण, प्लास्टिक उन्मूलन और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े अभियानों में तेजी लाने तथा पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।

मंत्री ने सभी विभागों के अधिकारियों को नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने और बजट का शत-प्रतिशत एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

बैठक में तीनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।


बड़ी खबर : पटेलनगर में पुलिस-बदमाश मुठभेड़, पैर में गोली लगने से शूटर घायल

देहरादून। पटेलनगर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में 25 वर्षीय बदमाश अंकित चौहान के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी अंकुर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। घायल बदमाश को पुलिस ने उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।

पुलिस के मुताबिक, 8 सितंबर को बड़ोवाला क्षेत्र में बैंक कर्मचारी सत्यम कुमार पर जानलेवा फायरिंग की गई थी। मामले में पटेलनगर थाने में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई थीं।

जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि फायरिंग की घटना में शामिल दोनों आरोपी दोबारा देहरादून आए हैं। शुक्रवार को गोरखपुर चौक पर चेकिंग के दौरान बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्धों को पुलिस ने रुकने का इशारा किया। दोनों बाइक लेकर भागने लगे। पीछा करने पर उन्होंने चाय बागान की पगडंडी पर बाइक छोड़ दी और जंगल की ओर भाग गए।

पुलिस के अनुसार, जंगल में बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में अंकित चौहान के पैर में गोली लगी, जबकि अंकुर फरार हो गया। मौके से 315 बोर का देसी तमंचा, एक जिंदा और दो खोखा कारतूस तथा घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की गई।

₹5 लाख में हत्या की सुपारी का खुलासा

पूछताछ में घायल आरोपी अंकित ने कथित तौर पर बताया कि उसे और उसके साथी अंकुर को सत्यम कुमार की हत्या के लिए ₹5 लाख देने का सौदा किया गया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को एडवांस के तौर पर ₹1.20 लाख दिए गए थे।

पुलिस के अनुसार, बैंक में काम के दौरान सत्यम कुमार और एक महिला की पहचान हुई थी। महिला ने अपने परिचित मोहित के माध्यम से अंकित से संपर्क किया और सत्यम को रास्ते से हटाने की बात कही। महिला ने कथित तौर पर अंकित को सत्यम की फोटो और देहरादून स्थित बैंक कार्यालय की जानकारी भी उपलब्ध कराई।

8 सितंबर को अंकित और अंकुर ने सत्यम का पीछा कर बड़ोवाला में उस पर फायर किया था। गोली लगने से सत्यम घायल हो गया था। घटना के बाद दोनों आरोपी दिल्ली और हरियाणा की ओर फरार हो गए थे। पुलिस के मुताबिक, बची हुई रकम लेने के लिए दोनों दोबारा देहरादून आए थे।

पुलिस अब फरार आरोपी अंकुर की तलाश में लगातार कॉम्बिंग और सर्च अभियान चला रही है। घायल आरोपी अंकित के खिलाफ पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज होने और उसके जेल जाने की बात पुलिस ने बताई है।


एसआईआर कार्य में तेजी के साथ निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करें-डीएम

राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर विधानसभा क्षेत्रवार प्रगति की समीक्षा

देहरादून: जनपद देहरादून में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम अंतिम चरण में है। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में जनपद देहरादून में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य की जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शुक्रवार को समीक्षा की। कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में एसआईआर की प्रगति, मतदाताओं से संबंधित विसंगतियों, नो-मैपिंग प्रकरणों, जारी नोटिस, सुनवाई तथा दावे-आपत्तियों के निस्तारण की विधानसभा क्षेत्रवार समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एसआईआर के तहत प्रत्येक प्रकरण में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया एवं दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अभिलेखों एवं उपलब्ध दस्तावेजों का समुचित सत्यापन करने के बाद ही नियमानुसार निर्णय लिया जाए। किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से प्रभावित न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष सतर्कता बरती जाए।

बैठक में बताया गया कि जनपद की 10 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 11,90,805 मतदाता हैं। इनमें वर्ष 2003 की मतदाता सूची से संबंधित विवरणों के सत्यापन के दौरान 3,95,772 विसंगति (एनोमली) तथा 1,52,170 नो-मैपिंग से संबंधित प्रकरण चिन्हित किए गए हैं। इन प्रकरणों में जांच एवं सुनवाई की प्रक्रिया के दौरान अब तक 29,929 मतदाता अपात्र पाए गए हैं।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रकरणों में निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ आवश्यक समन्वय बनाए रखते हुए निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्यवाही पूरी की जाए। साथ ही, दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण में निर्धारित प्रक्रिया का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह, निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी रविन्द्र ज्वांठा, जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र देवली सहित भारतीय जनता पार्टी के अरविंद जैन एवं उमा नरेश, सीपीआई (एम) के अनंत आकाश, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के जसविंदर सिंह एवं सुनील जायसवाल, बहुजन समाज पार्टी के भीमराव एवं सतेन्द्र चोपड़ा तथा आम आदमी पार्टी के कमल राणा उपस्थित रहे। जनपद के समस्त संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।


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