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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मिले कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत

Monthly Archives: September 2026

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मिले कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत

नई दिल्ली में मुलाकात के दौरान सहकारिता सहित विभिन्न विषयों पर हुई विस्तृत चर्चा

नई दिल्ली/देहरादून:  सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। साथ ही प्रदेश में सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा किसानों, महिलाओं एवं ग्रामीण युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा की।

मीडिया को जारी बयान में डॉ. रावत ने बताया कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इस दौरान राज्य में सहकारिता क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारी प्रयासों से भी केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। साथ ही हाल ही में संपन्न जिला सहकारी बैंकों के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों की शानदार सफलता तथा सहकारिता संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लागू किए गए 33 प्रतिशत आरक्षण की सफलता के बारे में नही जानकारी साझा की।

डॉ. रावत ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री को राज्य में संचालित प्रमुख योजनाओं दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना एवं मिलेट्स मिशन की प्रगति से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने, पशुधन आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, ग्रामीण आजीविका के अवसर बढ़ाने, मिलेट उत्पादन को प्रोत्साहित करने तथा पोषण सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किये जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने रुद्रप्रयाग, बागेश्वर एवं चम्पावत जनपदों में जिला सहकारी बैंकों के संचालन एवं सहकारिता क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने से जुड़े विषयों को भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा।

शिष्टाचार भेंट के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड में सहकारिता आंदोलन के विस्तार एवं नवाचारों के लिये कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत की पीठ थपथपाई। उन्होंने सहकारिता चुनावों में पार्टी को मिली शानदार जीत के लिये डॉ रावत के नेतृत्व क्षमता की जमकर सराहना की।

 


डोईवाला में शराब तस्करों पर पुलिस का शिकंजा, दो गिरफ्तार

देहरादून। अवैध शराब की तस्करी और कच्ची शराब के कारोबार के खिलाफ दून पुलिस का अभियान लगातार जारी है। कोतवाली डोईवाला पुलिस ने अलग-अलग चेकिंग के दौरान दो शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है।

लच्छीवाला टोल प्लाजा के पास चेकिंग के दौरान पुलिस ने मनजीत सिंह को मोटरसाइकिल से शराब की तस्करी करते हुए पकड़ा। उसके कब्जे से 100 टेट्रा पैक देशी शराब बरामद हुई। वहीं, ग्राम झड़ौद में चेकिंग के दौरान पुलिस ने सुनील उर्फ बोबी को गिरफ्तार किया। उसके पास से 5 लीटर कच्ची शराब, अवैध शराब की भट्टी और शराब बनाने के उपकरण बरामद किए गए।

पुलिस ने शराब तस्करी में प्रयुक्त पैशन प्रो मोटरसाइकिल संख्या UK-08-S-7720 को सीज कर दिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली डोईवाला में आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनजीत सिंह (32 वर्ष), निवासी अब्दुल्लापुर, सहारनपुर और सुनील उर्फ बोबी (35 वर्ष), निवासी झड़ौद, डोईवाला के रूप में हुई है।

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में हेड कांस्टेबल अनिल कुमार, हेड कांस्टेबल सुधीर सैनी, कांस्टेबल सोविन्द्र कुमार और कांस्टेबल वीर सिंह शामिल रहे।


चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियां तेज, सीसीटीवी और भीड़ प्रबंधन पर बीकेटीसी का फोकस

बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति की बोर्ड बैठक

मंदिरों के जीर्णोद्धार से लेकर यात्रा व्यवस्था पर हुआ मंथन

32 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए बदरीनाथ-केदारनाथ के दर्शन

ऋषिकेश। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की बोर्ड बैठक शनिवार को ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप कार्यालय सभागार में आयोजित हुई। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई बैठक की शुरुआत भगवान बदरीविशाल और भगवान केदारनाथ की स्तुति के साथ हुई। इसके बाद विशेष आमंत्रित सदस्यों का स्वागत किया गया और पिछली बैठक के निर्णयों की अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा की गई। बैठक में आगामी यात्रा व्यवस्थाओं समेत विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक को संबोधित करते हुए बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के दिशा-निर्देशों में वर्ष 2026 की चारधाम यात्रा ऐतिहासिक रही है। अब यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत हो रही है, जिसके लिए बीकेटीसी बोर्ड ने राज्य सरकार का आभार जताया।

उन्होंने बताया कि अब तक हेमकुंड साहिब सहित चारधाम में 50 लाख से अधिक तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। वहीं, बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में 32 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। चारधाम यात्रा के लिए अब तक 60 लाख से अधिक पंजीकरण भी हो चुके हैं।

बीकेटीसी के अनुसार, अब तक 17,22,908 श्रद्धालु बदरीनाथ धाम और 14,92,047 श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं। दोनों धामों से समिति को 76 करोड़ रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अब तक करीब 20 प्रतिशत अधिक श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं, जबकि यात्रा के कपाट बंद होने में अभी करीब दो माह का समय शेष है।

दूसरे चरण की यात्रा व्यवस्थाओं पर विशेष जोर

बैठक का संचालन करते हुए बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने विभिन्न प्रस्ताव बोर्ड के समक्ष रखे। दूसरे चरण की यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए व्यवस्थाओं को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में गुप्तकाशी के शोणितपुर स्थित संस्कृत महाविद्यालय का नाम समिति के दिवंगत सदस्य श्रीनिवास पोस्ती के नाम पर रखने, मंदिर समिति की वेबसाइट के आधुनिकीकरण और यात्रा की मानक संचालन प्रक्रिया पर विचार किया गया। इसके अलावा बदरीनाथ-केदारनाथ धाम सहित अधीनस्थ मंदिरों में सीसीटीवी व्यवस्था को मजबूत करने और चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में और अधिक पारदर्शिता लाने के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।

मंदिरों के जीर्णोद्धार और पर्यटन विकास को मंजूरी

बोर्ड बैठक में ऊखीमठ स्थित श्री ओंकारेश्वर मंदिर के जीर्णोद्धार के दूसरे चरण के कार्य, श्री तुंगनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार और श्री त्रियुगीनारायण मंदिर को विवाह पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। विचार-विमर्श के बाद इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बैठक में भीड़ प्रबंधन के लिए विषय विशेषज्ञों की सहायता लेने, वेद-संस्कृत महाविद्यालय खोलने और कर्मचारी सेवा नियमावली में आवश्यक संशोधन करने पर भी चर्चा हुई।

कर्मचारियों के हित से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा

बोर्ड ने अस्थायी कर्मचारियों के स्थायीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन के मुद्दे पर भी विचार किया। स्थायी कर्मचारियों की पदोन्नति, असमय दिवंगत अस्थायी कर्मचारियों के परिजनों को आर्थिक सहायता तथा स्थायी हुए बिना अधिवर्षता आयु पूरी करने वाले कार्मिकों को एकमुश्त राशि दिए जाने के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।

इसके अलावा हक-हकूकधारियों, दस्तूरधारियों और बाजीगरों के आवेदनों तथा दस्तूर से जुड़े विषयों पर भी विचार किया गया। चर्चा के बाद कई प्रस्तावों को बोर्ड ने पारित कर दिया।

बैठक में बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, सदस्य नीलम पुरी, राजपाल सिंह जड़धारी, महेंद्र शर्मा, दिनेश डोभाल, विनीत पोस्ती, प्रह्लाद पुष्पवान, देवी प्रसाद दैवली, राजेंद्र डिमरी, धीरज पंचभैया मोनू, राकेश भंडारी, कमला बगवाड़ी, जेपी सेमवाल, राजकुमार तिवारी और रजनीश भट्ट सहित मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़, वित्त नियंत्रक हेम कांडपाल, अधिशासी अभियंता विपिन तिवारी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी, एसएस बर्त्वाल, नोडल अधिकारी राकेश सेमवाल, डॉ. हरीश गौड़, अतुल डिमरी, संजय भट्ट, विश्वनाथ और दीपेंद्र रावत मौजूद रहे।


मुजफ्फरपुर में करीब 1100 लीटर विदेशी शराब जब्त, एक उपचालक गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर। जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ गायघाट और बेनीबाद थाना पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए करीब 1100 लीटर विदेशी शराब जब्त की। कार्रवाई के दौरान एक उपचालक को गिरफ्तार किया गया, जबकि अन्य तस्कर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए।

गायघाट थाना पुलिस ने मुजफ्फरपुर-दरभंगा मुख्य मार्ग पर सतनाम पेट्रोल पंप के समीप गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की। पुलिस ने असम से मोतिहारी ले जाई जा रही विदेशी शराब की खेप एक ट्रक से बरामद की। शराब को ट्रक के अंदर बनाए गए गुप्त तहखाने में छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने ट्रक के उपचालक को गिरफ्तार कर लिया, जबकि चालक मौके से फरार हो गया। गिरफ्तार उपचालक से पूछताछ कर पुलिस फरार चालक और गिरोह से जुड़े अन्य कारोबारियों की जानकारी जुटा रही है।

वहीं, बेनीबाद थाना पुलिस ने महेश्वर दुर्गा मंदिर के समीप गुप्त सूचना के आधार पर एक पिकअप को घेरकर तलाशी ली। वाहन से करीब आठ लाख रुपये मूल्य की विदेशी शराब बरामद हुई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही कारोबारी पिकअप छोड़कर फरार हो गया। पुलिस वाहन के नंबर और दस्तावेजों के आधार पर उसके मालिक तथा स्थानीय शराब तस्करों की पहचान में जुटी है।

एसडीपीओ पूर्वी वन अलय वत्स ने बताया कि दोनों थाना क्षेत्रों में कार्रवाई कर करीब 1100 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई है। पुलिस गिरफ्तार आरोपित से पूछताछ और बरामद वाहनों के दस्तावेजों के जरिए पूरे तस्करी गिरोह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।


ग्वीनखाल इंटर कॉलेज में किशोर-किशोरियों को पॉक्सो एक्ट और नशे से बचाव की दी जानकारी

पौड़ी। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित मिशन शक्ति वन स्टॉप सेंटर की ओर से शनिवार को विकासखंड बीरोंखाल के जनता इंटर कॉलेज ग्वीनखाल में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें किशोर-किशोरियों को पॉक्सो एक्ट, किशोर न्याय अधिनियम, अपराध की समझ और नशे से बचाव के संबंध में जानकारी दी गई।

कार्यशाला में केंद्र प्रशासिका लक्ष्मी रावत ने छात्र-छात्राओं को वन स्टॉप सेंटर में मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर कोई भी महिला वन स्टॉप सेंटर से सहायता प्राप्त कर सकती है। साथ ही महिला हेल्पलाइन नंबर 181 की जानकारी देते हुए जरूरत पड़ने पर इस नंबर पर संपर्क कर सहायता लेने की बात कही।

इस दौरान किशोर-किशोरियों को पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों, किशोर न्याय व्यवस्था और अपराध से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए इससे दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यशाला में उप जिलाधिकारी कृष्णा त्रिपाठी, पूर्व डीजीसी प्रदीप कुमार भट्ट, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (सिविल) आशीष जदली, प्रधानाचार्य पंकज आर्य सहित विद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया और इथियोपिया के प्रधानमंत्रियों से की मुलाकात

कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा

नई दिल्ली। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को मलेशिया और इथियोपिया के प्रधानमंत्रियों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों बैठकों में भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के साथ-साथ रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, निवेश और तकनीक समेत कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

भारत ने मलेशिया और इथियोपिया के साथ अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया हुआ है। ऐसे समय में जब दोनों देश अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और सैन्य आधुनिकीकरण पर ध्यान दे रहे हैं, भारतीय रक्षा उद्योग के लिए सहयोग की नई संभावनाएं भी सामने आ रही हैं। यही वजह है कि प्रधानमंत्री मोदी की दोनों नेताओं के साथ हुई मुलाकातों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से हुई मुलाकात

प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय बैठक की। मलेशिया को आसियान की अध्यक्षता के मद्देनजर ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भागीदार देश के रूप में आमंत्रित किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स में मलेशिया की भागीदारी का स्वागत किया।

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री मोदी की मलेशिया यात्रा के दौरान लिए गए फैसलों और उनकी प्रगति की समीक्षा की। व्यापार एवं निवेश, रक्षा और सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, बुनियादी ढांचा, डिजिटल अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, वित्तीय तकनीक, शिक्षा, पर्यटन तथा दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

मलेशिया ने सबाह प्रांत के कोटा किनाबालू में भारत का महावाणिज्य दूतावास स्थापित करने पर अपनी सहमति भी जताई। दोनों नेताओं ने भारत-आसियान संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के विभिन्न मुद्दों पर विचार साझा किए। इस दौरान भारत-मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई।

इथियोपिया के प्रधानमंत्री आबी अहमद से भी अहम वार्ता

प्रधानमंत्री मोदी ने इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. आबी अहमद अली के साथ नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत और इथियोपिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को और व्यापक बनाने पर चर्चा की। आर्थिक सहयोग, रक्षा एवं सुरक्षा और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई।

प्रधानमंत्री मोदी की दिसंबर 2025 में अदीस अबाबा की ऐतिहासिक यात्रा के दौरान की गई घोषणाओं और लिए गए फैसलों पर भी दोनों नेताओं ने चर्चा की। इसके अलावा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ और विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर आपसी सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई गई।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इथियोपिया की भागीदारी से ग्लोबल साउथ की सामूहिक आवाज को और मजबूती मिलेगी।

अनवर इब्राहिम ने भी साझा की मुलाकात की जानकारी

प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने सोशल मीडिया पर बैठक की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच करीबी संबंधों को आगे बढ़ाने और जनता के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण रिश्तों को और मजबूत करने पर सहमति बनी।

उन्होंने बताया कि बातचीत में सेमीकंडक्टर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर रहा। इसके साथ ही उन्होंने मलेशियाई निर्यात उत्पादों के लिए भारतीय बाजार तक पहुंच को आसान और तेज बनाने का मुद्दा भी उठाया, ताकि मलेशियाई कंपनियां भारत के बड़े और तेजी से बढ़ते बाजार का अधिक लाभ उठा सकें।


आज और कल दिल्ली में कई ट्रेनें रहेंगी रद्द, बदलेगा कई ट्रेनों का मार्ग

नई दिल्ली। परिचालन संबंधी कार्यों के चलते 12 और 13 सितंबर को दिल्ली और आसपास के रेल यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उत्तर रेलवे ने इन दोनों दिनों में कई ट्रेनों को रद्द करने, कुछ का मार्ग बदलने, कुछ को बीच रास्ते से चलाने या वहीं समाप्त करने तथा कई ट्रेनों को देरी से रवाना करने का फैसला किया है। इसका असर दिल्ली-गाजियाबाद, दिल्ली-पलवल और दिल्ली-शाहदरा रेलखंड की ईएमयू-मेमू सेवाओं के साथ लंबी दूरी की ट्रेनों पर भी पड़ेगा।

रेलवे के अनुसार, नई दिल्ली से चलने वाली कई राजधानी ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया जाएगा। इनमें नई दिल्ली-रांची, नई दिल्ली-डिब्रूगढ़, नई दिल्ली-हावड़ा, नई दिल्ली-भुवनेश्वर और नई दिल्ली-सियालदह राजधानी के अलावा संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस शामिल हैं। इन ट्रेनों को नई दिल्ली-दिल्ली जंक्शन-साहिबाबाद होकर चलाने की योजना है।

12 सितंबर को गाजियाबाद-नई दिल्ली और नई दिल्ली-गाजियाबाद की कई ईएमयू रद्द रहेंगी। इनमें 64425, 64432, 64429, 64433, 64441, 64410, 64443, 64418, 64445 और 64412 प्रमुख हैं। नई दिल्ली-पलवल महिला ईएमयू 64492 भी रद्द रहेगी। पलवल-शकूरबस्ती की कुछ सेवाएं भी रद्द रहेंगी।

गोमती, श्रमजीवी, सियालदह राजधानी, नई दिल्ली-हावड़ा राजधानी, गाजियाबाद-मथुरा ईएमयू, वैशाली, मगध और स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों का मार्ग बदला जाएगा। इन्हें नई दिल्ली-दिल्ली जंक्शन-दिल्ली शाहदरा-साहिबाबाद होकर चलाया जाएगा। कुछ ट्रेनें साहिबाबाद, तिलक ब्रिज और हजरत निजामुद्दीन होकर भी चलेंगी।

13 सितंबर को पलवल-गाजियाबाद ईएमयू, गाजियाबाद-दिल्ली जंक्शन ईएमयू, बल्लभगढ़-शकूरबस्ती ईएमयू, नई दिल्ली-पलवल ईएमयू, साहिबाबाद-दिल्ली जंक्शन ईएमयू और गाजियाबाद-शकूरबस्ती ईएमयू समेत कई ट्रेनें रद्द रहेंगी।

सहारनपुर-दिल्ली जंक्शन पैसेंजर, शिवगंगा एक्सप्रेस, पानीपत-गाजियाबाद मेमू, मथुरा-गाजियाबाद ईएमयू और बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस का मार्ग बदला जाएगा। मथुरा-नई दिल्ली ईएमयू पलवल तक चलकर वहीं समाप्त होगी, जबकि अलीगढ़-नई दिल्ली ईएमयू गाजियाबाद तक चलेगी। पलवल-नई दिल्ली ईएमयू हजरत निजामुद्दीन तक ही जाएगी। श्रीगंगानगर-तिलक ब्रिज एक्सप्रेस नई दिल्ली में समाप्त होगी।

11 सितंबर को पलवल-शकूरबस्ती ईएमयू (64015), गाजियाबाद-नई दिल्ली ईएमयू (64429 और 64433), नई दिल्ली-पलवल महिला ईएमयू (64492) और दिल्ली जंक्शन-शामली ईएमयू (64491) रद्द रहीं। इनके लिंक से जुड़ी कुछ ट्रेनों को सीमित दूरी तक चलाया गया। गाजियाबाद-मथुरा और हजरत निजामुद्दीन-गाजियाबाद ईएमयू समेत कई ट्रेनों का मार्ग भी बदला गया।


7000 बीघा सरकारी जमीन पर घमासान, कांग्रेस ने धामी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

मुख्यमंत्री नाम से, प्रॉपर्टी डीलर काम से- करन माहरा

देहरादून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की चार्जशीट कमेटी ने प्रदेश की सरकारी और बेशकीमती जमीनों के कथित प्रबंधन को लेकर धामी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। होटल इन्द्रलोक में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार राज्य की बहुमूल्य भूमि को निजी और कॉरपोरेट हितों के लिए इस्तेमाल कर रही है। पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चार्जशीट कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, सहप्रभारी सुरेंद्र शर्मा सहित कमेटी के सदस्य मौजूद रहे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल में प्रदेश की बेशकीमती सरकारी भूमि को चुनिंदा लोगों और कंपनियों के हित में इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने सरकार पर सरकारी संपत्तियों को कम कीमत पर निजी हाथों में सौंपने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे राज्य के हितों को नुकसान पहुंच रहा है।

चार्जशीट कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाले उत्तराखंड निवेश एवं अवसंरचना विकास बोर्ड के माध्यम से करीब 7,000 बीघा सरकारी भूमि को निजी निवेशकों को दीर्घकालीन पट्टे पर देने की तैयारी की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आम नागरिकों के लिए भूमि खरीद की सीमा निर्धारित है, तो चुनिंदा कॉरपोरेट कंपनियों को हजारों बीघा सरकारी जमीन लंबे समय के लिए देने का आधार क्या है।

माहरा के मुताबिक, सरकार ने उद्यान विभाग, आलू परियोजना, प्रजनन उद्यान सहित विभिन्न विभागों की खाली अथवा कम उपयोग वाली करीब 7,000 बीघा भूमि को चिह्नित कर भूमि बैंक तैयार किया है। कांग्रेस का आरोप है कि प्रस्तावित व्यवस्था में जमीन को 90 वर्ष तक की दीर्घकालीन लीज पर देने, होटल, रिसॉर्ट, विला, व्यावसायिक टाउनशिप, वेलनेस सेंटर और निजी स्कूल जैसी परियोजनाओं के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति होगी।

उन्होंने यह भी दावा किया कि लीज पर ली गई जमीन को आगे उप-पट्टे पर देने और बैंकों के पास बंधक रखकर ऋण लेने की अनुमति दिए जाने का प्रावधान है। कांग्रेस ने इन प्रावधानों को बड़े कॉरपोरेट घरानों के पक्ष में बताया है। माहरा ने कंपनियों की पात्रता से जुड़ी शर्तों, भुगतान व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय अनुभव को लेकर भी सवाल उठाए।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि व्यावसायिक उपयोग के लिए दी जाने वाली जमीन का लीज किराया कृषि भूमि के सर्किल रेट के आधार पर तय किया जा रहा है। उनका कहना था कि व्यावसायिक और कृषि भूमि की दरों में अंतर के कारण सरकार को राजस्व का नुकसान हो सकता है और निजी कंपनियों को जमीन अपेक्षाकृत कम कीमत पर मिल सकती है।

माहरा ने इसे राज्य के भू-कानून की मूल भावना के विपरीत बताते हुए कहा कि एक ओर आम लोगों के लिए भूमि खरीद पर सीमाएं निर्धारित की जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर बड़े कॉरपोरेट समूहों को हजारों बीघा सरकारी जमीन लंबे समय के लिए देने की तैयारी है। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में लीज की जमीन को स्थायी स्वामित्व में बदलने का रास्ता भी खुल सकता है। कांग्रेस ने मांग की कि ऐसी जमीनों पर स्थानीय युवाओं, ग्राम पंचायतों और सहकारी संस्थाओं के हितों को प्राथमिकता दी जाए।

जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट को लेकर भी उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सरकार पर जल, जंगल और जमीन से जुड़े स्थानीय अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने उत्तराखंड निवेश एवं अवसंरचना विकास बोर्ड के गठन और उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकारी जमीनों को कॉरपोरेट घरानों के हित में इस्तेमाल करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

आर्य ने जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट का मामला उठाते हुए कहा कि एशियाई विकास बैंक के ऋण से करोड़ों रुपये खर्च कर वहां पर्यटन से जुड़ी सुविधाएं विकसित की गईं। कांग्रेस का आरोप है कि करीब 142 एकड़ क्षेत्र और विकसित सुविधाओं को 15 वर्ष के लिए निजी कंपनी को लगभग एक करोड़ रुपये वार्षिक शुल्क पर दिया गया।

कांग्रेस ने इस प्रक्रिया में टेंडर और कंपनियों के बीच संभावित कारोबारी संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए। पार्टी ने पूछा कि क्या टेंडर प्रक्रिया में वास्तविक और स्वतंत्र प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित हुई थी। इसके साथ ही कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि प्रतिस्पर्धी कंपनियों में शामिल कुछ इकाइयां बाद में विजेता कंपनी की हिस्सेदार कैसे बनीं और क्या इस पूरे घटनाक्रम की सरकार अथवा संबंधित अधिकारियों ने जांच कराई।

जॉर्ज एवरेस्ट जाने वाली सार्वजनिक सड़क पर शुल्क वसूली के विवाद का भी कांग्रेस ने उल्लेख किया। पार्टी नेताओं ने कहा कि इस मामले में उच्च न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा था। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि सार्वजनिक सड़क पर शुल्क वसूली की स्थिति कैसे बनी और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई या नहीं।

अस्पताल के लिए जमीन आवंटन निरस्त करने पर सवाल

चार्जशीट कमेटी के सदस्य मनोज रावत ने स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े भूमि आवंटन के एक मामले को उठाते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग को विश्वास में लिए बिना बड़े अस्पताल के लिए प्रस्तावित जमीन का आवंटन निरस्त कर दिया गया।

रावत के अनुसार, स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे और अस्पताल निर्माण के लिए करीब 23,137 वर्गमीटर यानी लगभग 5.7 एकड़ भूमि चिन्हित की गई थी। उनका आरोप है कि 13 दिसंबर 2024 के घटनाक्रम के बाद 25 फरवरी 2025 को स्वास्थ्य विभाग को पूर्व सूचना या जानकारी दिए बिना भूमि आवंटन रद्द कर दिया गया।

कांग्रेस ने इस मामले में संबंधित कंपनियों की पात्रता और वित्तीय स्थिति पर भी सवाल उठाए। रावत ने आरोप लगाया कि भूमि आवंटन और विकास प्रक्रिया से जुड़ी कुछ कंपनियों के पास रियल एस्टेट या बुनियादी ढांचा विकास का पर्याप्त अनुभव नहीं था।

उन्होंने सिक्का डेवलपर्स से जुड़े कथित वित्तीय मामलों का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि कंपनी के खिलाफ नोएडा प्राधिकरण की ओर से बड़ी राशि की वसूली के आदेश जारी किए जा चुके हैं। कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि कंपनी से जुड़े कुछ मामलों में देश के अन्य राज्यों में भी कानूनी विवाद सामने आए हैं।

रावत ने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी रूप से अयोग्य ठहराए जाने के बावजूद संबंधित कंपनी वित्तीय बोली के चरण तक पहुंची और उसे भूमि का अनंतिम आवंटन भी किया गया। कांग्रेस ने इसे समानता के अधिकार और निविदा नियमों के विपरीत बताते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की।

पत्रकार वार्ता में कांग्रेस ने कहा कि सरकारी भूमि से जुड़े सभी फैसलों में पारदर्शिता, सार्वजनिक हित और स्थानीय लोगों के अधिकारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पार्टी ने सरकार से भूमि आवंटन, लीज की शर्तों, टेंडर प्रक्रिया और संबंधित कंपनियों की पात्रता से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी और अमरजीत सिंह भी मौजूद रहे।


फर्जी सेल टैक्स अधिकारी बनकर सरिया लदा ट्राला लूटने और चालक के अपहरण का मामला, दो गिरफ्तार

पलवल। फर्जी सेल टैक्स अधिकारी बनकर सरिया लदे ट्राला को लूटने और चालक का अपहरण करने के मामले में पलवल पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। सीआईए पलवल की टीम ने दोनों आरोपितों को नूंह रोड पर मिड़कोला के पास से पकड़ा। पुलिस ने उनके कब्जे से सरिया लदा ट्राला, वारदात में इस्तेमाल वाहन, दो मोबाइल फोन और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। दोनों को अदालत में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

पुलिस के अनुसार, 10 सितंबर की रात सोहना रोड स्थित सेक्टर-2 मोड़ के पास बदमाशों ने फर्जी सेल टैक्स अधिकारी बनकर सरिया लदे ट्राला को रुकवाया था। इसके बाद चालक मुबारक खान के साथ मारपीट कर उसका मोबाइल और पर्स छीन लिया गया।

बदमाशों ने हथियार दिखाकर चालक की आंखों पर गमछा बांधा और उसे अपने साथ ले गए। बाद में उसे राजस्थान के पीरूका गांव की पहाड़ियों में छोड़ दिया गया और सरिया लदा ट्राला लेकर फरार हो गए। वारदात के बाद शहर थाना पुलिस ने लूटा गया ट्राला पलवल-रोहतक रोड से खाली हालत में बरामद किया था।

करीब 70 लाख रुपये कीमत के माल की लूट और चालक के अपहरण की गंभीरता को देखते हुए एसपी दीप्ति गर्ग के निर्देश पर सीआईए पलवल की टीम ने जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने नूंह रोड के मिड़कोला क्षेत्र से जलालुद्दीन निवासी अमरोहा, उत्तर प्रदेश और हुसैन निवासी अटाली, फरीदाबाद को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से सरिया लदा ट्राला नंबर HR-46-G-7801 बरामद किया।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि लूटा गया माल कहां पहुंचाया जाना था और वारदात में कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपितों से फरार साथियों, वारदात में इस्तेमाल वाहनों, सरिया लोड कराने वाले गोदामों और माल को ठिकाने लगाने की योजना के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में गिरोह की अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है। सीआईए प्रभारी निरीक्षक जगमिंदर सिंह के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में एसआई महाबीर सिंह, एएसआई लक्ष्मण सिंह, एएसआई श्रीचंद, एएसआई सुंदर समेत पुलिसकर्मी शामिल रहे। एसपी दीप्ति गर्ग ने कहा कि वारदात में शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।


उत्तराखण्ड में पार्किंग सुविधाओं का हुआ विकास

आवास विभाग की 63 परियोजनाओं का कार्य पूर्ण

दस पर्वतीय जिलों में 4202 वाहन क्षमता की पार्किंग संचालित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आधारभूत ढांचा हुआ मजबूत

पर्यटकों और श्रद्धालुओं को जाम से राहत, स्थानीय लोगों की राह भी हुई आसान

देहरादून। प्रदेश में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की साल दर साल बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रदेश सरकार आधारभूत सुविधाओं के विस्तार में जुट गई है। ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने और चारधाम यात्रा को और सुगम बनाने के लिए युद्धस्तर पर काम हो रहा है। आवास विभाग उत्तराखण्ड पार्किंग सुविधाओं के विकास में जुटा है। चार वर्षों में आवास विभाग ने 63 पार्किंग परियोजनाओं के तहत 4202 वाहनों की क्षमता की पार्किंग का निर्माण कराया है। धामी सरकार के इस कदम से जहां पर्वतीय जिलों में आम लोगों और पर्यटकों को जाम से राहत मिली है, वहीं स्थानीय लोगों की राह भी आसान हुई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में पर्यटक सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है। पर्यटकों और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पार्किंग सुविधाओं के विकास पर विशेष फोकस किया गया है। मुख्यमंत्री के दिशानिर्देश पर उत्तराखण्ड का आवास विभाग पर्वतीय जनपदों के प्रमुख शहरों, तीर्थ स्थलों और पर्यटन केंद्रों में पार्किंग नेटवर्क के विस्तार में जुटा है। स्थान की उपलब्धता के अनुसार सरफेस पार्किग, बहुमंजिला (मल्टीलेवल) पार्किंग और ऑटोमेटेड पार्किंग का निर्माण किया गया है।

आवास विभाग की विकसित पार्किंग एक नजर में

जनपद वाहन क्षमता
अल्मोड़ा 1087
नैनीताल 679
चंपावत 600
उत्तरकाशी 477
पिथौरागढ़ 309
रुद्रप्रयाग 304
पौड़ी 256
चमोली 201
टिहरी 163
बागेश्वर 126

हल होगी नैनीताल की पार्किंग समस्या
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर अब सरोवर नगरी नैनीताल में पार्किंग की समस्या हल हो सकेगी। प्रदेश सरकार मेट्रोपोल होटल परिसर क्षेत्र में पार्किंग का निर्माण कर रही है। इस पार्किंग के तैयार होने पर लगभग 700 वाहन यहां पार्क किए जा सकेंगे।

कैंची धाम में बहुमंजिला पार्किंग
सुप्रसिद्ध कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बहुमंजिला (मल्टी लेवल) पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है। इस पार्किंग में एक बार में पांच सौ से अधिक वाहन पार्क किए जा सकेंगे।

हल हुई पार्किंग की समस्या : डॉ राजेश
उत्तराखण्ड सरकार के के सचिव, आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग डॉ आर राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के दिशानिर्देशों के क्रम में प्रदेश में पार्किंग सुविधाओं के विकास पर जोर दिया गया है। पर्वतीय जनपदों में 63 पार्किंग परियोजनाओं का कार्य पूर्ण होने के बाद पार्किंग की समस्या काफी हद तक हल हो गई है। इससे पर्यटकों और श्रद्धालुओं के साथ ही स्थानीय नागरिकों को भी राहत मिली है।

कोट

उत्तराखण्ड देश-दुनिया के पर्यटकों और श्रद्धालुओं का पसंदीदा गंतव्य बन गया है। पिछले वर्ष ही छह करोड़ से अधिक लोग यहां पहुंचे हैं। इसको देखते हुए प्रदेश सरकार लगातार यात्री सुविधाओं का विस्तार कर रही है। जाम की समस्या से निपटने के लिए सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों और चार धाम यात्रा मार्गों पर पार्किंग सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। आवास विभाग और अन्य एजेंसियां इस काम में जुटी हैं।

-पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड


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