Wednesday, September 23rd, 2026

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आयुर्वेद हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा और समृद्ध विरासत का महत्वपूर्ण अंग- मुख्यमंत्री धामी

Monthly Archives: September 2026

आयुर्वेद हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा और समृद्ध विरासत का महत्वपूर्ण अंग- मुख्यमंत्री धामी

आयुर्वेद दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने की भगवान धन्वन्तरि की पूजा-अर्चना 

देहरादून। आयुर्वेद दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में भगवान धन्वन्तरि की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों के बेहतर स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और विभिन्न रोगों से बचाव में आयुर्वेद की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार की पद्धति ही नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की समग्र दृष्टि भी प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद और भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी नई पहचान मिल रही है। उन्होंने आयुर्वेद की प्राचीन परंपराओं को आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था के साथ आगे बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी महत्वपूर्ण बताया।


मीराबाई चानू ने किया कमाल, 198 किलो उठाकर रचा इतिहास, एशियाड में भारत को दिलाया रजत पदक

भारोत्तोलन में भारत को 28 साल बाद मिला पदक

नई दिल्ली। भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 49 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। मीराबाई ने स्नैच और क्लीन एंड जर्क में कुल 198 किलोग्राम वजन उठाया। यह एशियाई खेलों में उनका पहला पदक है। उनके इस प्रदर्शन के साथ ही भारत का भारोत्तोलन में एशियाई खेलों का 28 साल लंबा पदक सूखा भी खत्म हो गया।

स्नैच में 87 किलोग्राम का सफल प्रयास

मीराबाई चानू ने स्नैच वर्ग में 83 किलोग्राम वजन के साथ शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दूसरे प्रयास में 85 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। अपने तीसरे प्रयास में उन्होंने 87 किलोग्राम का लिफ्ट पूरा किया। स्नैच के बाद मीराबाई पदक की मजबूत दावेदार बनी हुई थीं।

क्लीन एंड जर्क में उठाया 111 किलोग्राम वजन

क्लीन एंड जर्क में मीराबाई ने 107 किलोग्राम के सफल प्रयास के साथ शुरुआत की। इसके बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने 111 किलोग्राम वजन उठाकर अपना कुल स्कोर 198 किलोग्राम पहुंचा दिया। तीसरे प्रयास की जरूरत नहीं पड़ी। मीराबाई के 87 किलोग्राम स्नैच और 111 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क के प्रदर्शन ने उन्हें रजत पदक दिलाया।

उत्तर कोरिया की रि सोंग गुम ने जीता स्वर्ण

महिलाओं की 49 किलोग्राम स्पर्धा में उत्तर कोरिया की रि सोंग गुम ने 215 किलोग्राम के कुल स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने स्नैच में 94 और क्लीन एंड जर्क में 121 किलोग्राम वजन उठाया।

वहीं, इंडोनेशिया की विजायाना लुलुक डियाना त्रि ने कुल 191 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक हासिल किया। उन्होंने स्नैच में 88 और क्लीन एंड जर्क में 103 किलोग्राम का सफल प्रयास किया।

28 साल बाद भारत को मिला एशियाड में भारोत्तोलन पदक

मीराबाई के रजत पदक के साथ भारत ने एशियाई खेलों में भारोत्तोलन का पदक हासिल करने का लंबा इंतजार खत्म किया है। इससे पहले भारत ने 1998 के बैंकॉक एशियाई खेलों में कर्णम मल्लेश्वरी के जरिए भारोत्तोलन में रजत पदक जीता था। इसके बाद इस खेल में भारत को एशियाई खेलों में कोई पदक नहीं मिल सका था। अब मीराबाई ने 28 साल बाद भारतीय भारोत्तोलन को फिर एशियाड पदक दिलाया है।

एशियाई खेलों में मीराबाई का पहला पदक

मीराबाई चानू के लिए यह एशियाई खेलों में पहला पदक है। इससे पहले वह 2014 और 2018 में एशियाड में हिस्सा ले चुकी थीं, लेकिन पदक नहीं जीत पाई थीं। 2022 के एशियाई खेलों में वह चोट के कारण हिस्सा नहीं ले सकी थीं।

ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप और राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीत चुकी मीराबाई के करियर में एशियाई खेलों का पदक अब तक बाकी था। 2026 के एशियाई खेलों में रजत पदक जीतकर उन्होंने यह उपलब्धि भी अपने नाम कर ली।

भारोत्तोलन में भारत के कुल 15 एशियाड पदक

मीराबाई के पदक से पहले भारत ने एशियाई खेलों के इतिहास में भारोत्तोलन में कुल 14 पदक जीते थे। इनमें पांच रजत और नौ कांस्य पदक शामिल थे। मीराबाई के रजत के बाद भारत के इस खेल में एशियाई खेलों के पदकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। अब भारत के खाते में छह रजत और नौ कांस्य पदक हैं। हालांकि, एशियाई खेलों में भारोत्तोलन का स्वर्ण पदक भारत के नाम अब तक नहीं आया है।

मीराबाई चानू की प्रमुख उपलब्धियां

मीराबाई चानू ने अपने करियर में ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप, एशियाई चैंपियनशिप, राष्ट्रमंडल खेल और दक्षिण एशियाई खेलों में कई पदक जीते हैं।

ओलंपिक: रजत, 2020 टोक्यो, 49 किलोग्राम
विश्व चैंपियनशिप: स्वर्ण, 2017 अनाहाइम, 48 किलोग्राम
विश्व चैंपियनशिप: रजत, 2022 बोगोटा, 49 किलोग्राम
विश्व चैंपियनशिप: रजत, 2025 फोर्डे, 48 किलोग्राम
एशियाई चैंपियनशिप: कांस्य, 2020 ताशकंद, 49 किलोग्राम
एशियाई खेल: रजत, 2026 आइची-नागोया, 49 किलोग्राम
राष्ट्रमंडल खेल: स्वर्ण, 2018 गोल्ड कोस्ट, 48 किलोग्राम
राष्ट्रमंडल खेल: स्वर्ण, 2022 बर्मिंघम, 49 किलोग्राम
राष्ट्रमंडल खेल: स्वर्ण, 2026 ग्लासगो, 48 किलोग्राम
राष्ट्रमंडल खेल: रजत, 2014 ग्लासगो, 48 किलोग्राम
राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप: स्वर्ण, 2013 पेनांग, 48 किलोग्राम
राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप: स्वर्ण, 2017 गोल्ड कोस्ट, 48 किलोग्राम
राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप: स्वर्ण, 2019 एपिया, 49 किलोग्राम
राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप: स्वर्ण, 2025 अहमदाबाद, 48 किलोग्राम
राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप: रजत, 2015 पुणे, 48 किलोग्राम
दक्षिण एशियाई खेल: स्वर्ण, 2016 गुवाहाटी, 48 किलोग्राम


किराए के मकान में मिला 35 वर्षीय महिला का शव, प्रेमी पर हत्या का आरोप; जांच में जुटी पुलिस

नरकटियागंज  प्रकाशनगर वार्ड संख्या 11 में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। महिला का शव उसके किराए के मकान से बरामद हुआ। मृतका की पहचान 35 वर्षीय गुड़िया पटेल के रूप में हुई है। उसके गले पर जख्म के निशान मिले हैं।

बताया गया कि गुड़िया करीब आठ वर्षों से अपने पति से अलग रह रही थी। उसका पति नेपाल में रहता है। इसके बाद वह नरकटियागंज के प्रकाशनगर में किराए के मकान में रहने लगी थी। परिजनों के अनुसार, पिछले तीन-चार वर्षों से वार्ड संख्या एक निवासी आशीष जायसवाल उर्फ सिकु का उसके घर आना-जाना था।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतका की मां अंजनी देवी और बहन वर्षा देवी ने आशीष जायसवाल उर्फ सिकु पर गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया है। परिजनों के मुताबिक, घटना से करीब चार दिन पहले गुड़िया का आशीष से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था और उसने इसकी जानकारी अपने मायके वालों को भी दी थी।

स्वजनों के अनुसार, घटना वाली रात गुड़िया का करीब नौ वर्षीय बेटा अपनी नानी के घर चला गया था। उस समय गुड़िया घर में अकेली थी। इसके बाद उसकी मौत की जानकारी सामने आई।

घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। परिवार में मातम का माहौल है। एसडीपीओ आईपीएस प्रसन्ना कुमार एमवी ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है और सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


गंगा में मूर्ति विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, 11 लोग डूबे, चार को बचाया, एक का शव बरामद

छह लोग अब भी लापता

पटना। बिहार के पटना जिले में करमा पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन के दौरान गंगा नदी में अलग-अलग जगहों पर बड़ा हादसा हो गया। बाढ़ अनुमंडल के बाढ़, अथमलगोला और बख्तियारपुर थाना क्षेत्रों में मूर्ति विसर्जन के दौरान कुल 11 लोगों के डूबने की सूचना है। इनमें चार लोगों को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि एक युवक का शव बरामद किया गया है। वहीं, छह लोगों की तलाश के लिए स्थानीय गोताखोरों के साथ एसडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू अभियान में जुटी हैं।

बाढ़ में मूर्ति विसर्जन के बाद स्नान करना पड़ा भारी

बाढ़ थाना क्षेत्र के पोस्ट ऑफिस घाट पर करमा-धर्मा पूजा की मूर्ति विसर्जित करने पहुंचे तीन युवक गंगा में डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने एक युवक को सुरक्षित बचा लिया, लेकिन दो युवक तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गए।

लापता युवकों की पहचान गुलाबबाग नया टोला निवासी पीयूष कुमार (10), पिता प्रेम पंडित और सुजीत कुमार (15), पिता बबलू चौधरी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, पीयूष करमा पूजा की मूर्ति विसर्जित करने के लिए घाट पर गया था। विसर्जन के बाद कुछ युवकों ने गंगा में स्नान करने का फैसला किया। इसी दौरान तीन युवक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे।

स्थानीय लोगों ने एक युवक को बचा लिया, लेकिन पीयूष और सुजीत का पता नहीं चल सका। बाढ़ की अंचलाधिकारी रानी कुमारी ने बताया कि दोनों युवकों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। एसडीआरएफ को सूचना देने के साथ स्थानीय गोताखोरों की भी मदद ली जा रही है।

अथमलगोला में भाई-बहन गंगा में डूबे

अथमलगोला थाना क्षेत्र के उस्मानपुर वार्ड नंबर-9 में भी करमा पूजा की मूर्ति विसर्जन के दौरान हादसा हो गया। यहां गंगा में मूर्ति विसर्जन करने के दौरान भाई-बहन डूब गए। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई।

अथमलगोला थाना अध्यक्ष राहुल कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों की तलाश के लिए स्थानीय गोताखोरों को लगाया गया है। एसडीआरएफ की टीम को भी सूचना दी गई है और नदी में रेस्क्यू अभियान जारी है।

बख्तियारपुर में छह युवक डूबे, एक का शव बरामद

बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के चंपापुर गांव के पास भी करमा-धर्मा पूजा की मूर्ति विसर्जन के दौरान गंगा में छह युवक डूबने लगे। स्थानीय लोगों ने तीन युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि तीन युवक पानी में लापता हो गए।

रेस्क्यू अभियान के दौरान एक युवक का शव बरामद कर लिया गया। मृतक की पहचान देदौर गांव के बबलू बगीचा निवासी साहिल कुमार के रूप में हुई है। वह रामेश्वर मोची का पुत्र था।

वहीं, नदी में लापता दो युवकों की पहचान गोलू कुमार, पिता अनिल कुमार और बलवीर कुमार, पिता निर्मल मोची के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बलवीर अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था।

बख्तियारपुर थाना अध्यक्ष विनोद कुमार के अनुसार, छह युवक मूर्ति विसर्जन के लिए गंगा घाट पहुंचे थे। इनमें से तीन को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक युवक का शव बरामद हुआ है। दो अन्य युवकों की तलाश जारी है। घटना की जानकारी अंचलाधिकारी को दे दी गई है और एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया है। स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में लगातार तलाश अभियान चलाया जा रहा है।


MBECL पर ED का शिकंजा, तीन राज्यों में 16-17 ठिकानों पर छापेमारी

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) से जुड़ी जांच के तहत कोलकाता की इंजीनियरिंग कंपनी मैकनेली भारत इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड (MBECL) से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई की है। एजेंसी ने बुधवार को कोलकाता, दिल्ली और बंगलूरू में करीब 16-17 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।

अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई कंपनी, उसके अधिग्रहण से जुड़े लोगों और संबंधित संस्थाओं के परिसरों में की गई। MBECL हाल ही में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) के जरिए कॉर्पोरेट दिवालियापन समाधान प्रक्रिया (CIRP) से गुजरी है। इस प्रक्रिया के तहत BTL EPC कंपनी की समाधान योजना को मंजूरी दी गई थी।

ईडी की जांच में FEMA के कथित उल्लंघनों के साथ-साथ MBECL का नियंत्रण हासिल करने में इस्तेमाल किए गए धन के स्रोत और उसके लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि कहीं दिवाला समाधान प्रक्रिया का इस्तेमाल ऐसे लोगों को कंपनी का अप्रत्यक्ष नियंत्रण दोबारा हासिल कराने के लिए तो नहीं किया गया, जो दिवाला और दिवालियापन संहिता (IBC), 2016 की धारा 29A के तहत कंपनी के अधिग्रहण के लिए अयोग्य हो सकते थे।

जिन लोगों और संस्थाओं से जुड़े परिसरों पर तलाशी ली गई, उनकी ओर से फिलहाल इस कार्रवाई को लेकर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ईडी की जांच में तलाशी के दौरान सामने आए दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है।


निठारी कांड के पूर्व आरोपी सुरेंद्र कोली की मौत पर सवाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

देहरादून – हरिद्वार में निठारी हत्याकांड के पूर्व आरोपी सुरेंद्र कोली की मौत के चार दिन बाद भी मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। परिवार के कुछ सदस्यों ने उनकी मौत को लेकर सवाल उठाए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आएगी। रिपोर्ट अगले एक-दो दिन में मिलने की उम्मीद है।

पुलिस के मुताबिक, कोली के शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले हैं। हालांकि, उनकी नाक और मुंह के पास खून के निशान पाए गए। शुरुआती जांच में मामला फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।

बताया गया कि कोली ने हरिद्वार के सप्तऋषि क्षेत्र में किराए की एक छोटी दुकान लेकर चाय बेचने का काम शुरू किया था। दुकान शुरू करने के लिए उन्होंने पांच हजार रुपये उधार लिए थे। पुलिस के अनुसार, वह आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। हरिद्वार में रहने के दौरान उन्हें कम समय में चार बार कमरा बदलना पड़ा था।

पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं, लेकिन अभी तक कोई संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई है। अधिकारियों के अनुसार, कोली अपनी पहचान छिपाकर रह रहे थे। आधार कार्ड या पुलिस वेरिफिकेशन नहीं करा पाने के कारण उन्हें कई बार नौकरी भी छोड़नी पड़ी थी।

निठारी हत्याकांड वर्ष 2006 में सामने आया था। नोएडा के सेक्टर-31 स्थित कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर के बंगले के पीछे और आसपास की नालियों से कंकाल, खोपड़ियां और हड्डियां मिलने के बाद मामला सुर्खियों में आया था। कोली पंढेर के घर पर घरेलू सहायक के तौर पर काम करता था।

इस मामले में पंढेर भी लंबे समय तक जेल में रहे और बाद में अदालत से बरी होने के बाद 20 अक्टूबर 2023 को रिहा हुए। निठारी कांड से जुड़े 13 मामलों में कोली को पहले ही बरी किया जा चुका था। आखिरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2025 में उसे बरी कर दिया था। अब उसकी मौत की परिस्थितियों को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।


हिसार के दो होटलों में पुलिस की छापेमारी, 22 महिलाएं और 19 पुरुष मिले

हिसार। अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत हिसार पुलिस ने मॉडल टाउन क्षेत्र के दो होटलों में छापेमारी कर संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा किया है। थाना अर्बन एस्टेट पुलिस ने डीएसपी महिला सुरक्षा प्रिया शर्मा के नेतृत्व में होटल राज और होटल 999 में कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार, होटल राज से 9 महिलाएं और 8 पुरुष, जबकि होटल 999 से 13 महिलाएं और 11 पुरुष संदिग्ध परिस्थितियों में मिले। पुलिस ने सभी को सुरक्षित बाहर निकालकर पूछताछ की और नियमानुसार कार्रवाई के बाद छोड़ दिया।

पुलिस ने बताया कि होटल 999 में पहले एक बोगस ग्राहक भेजा गया था। इशारा मिलते ही टीम ने छापा मारा और कमरा नंबर 205 से एक महिला को बरामद किया। उसके मेकअप किट से आपत्तिजनक सामान भी मिला। इसी तरह होटल राज के कमरा नंबर 112 में भी बोगस ग्राहक के साथ एक महिला मिली।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने होटल 999 के मैनेजर कुलदीप निवासी कौथ कलां, हांसी और होटल राज के मैनेजर अंकुश निवासी कैथल को गिरफ्तार किया। दोनों होटलों से कुल 1,000 रुपये और आपत्तिजनक सामान बरामद कर पुलिस ने उसे साक्ष्य के तौर पर सील कर दिया।

पुलिस जांच में दोनों मैनेजरों पर बाहर से महिलाओं को बुलाकर देह व्यापार कराने का आरोप सामने आया है। इस मामले में थाना अर्बन एस्टेट में Immoral Traffic (Prevention) Act, 1956 की धारा 3(2)(A), 3(2)(B), 4 और 5 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

एसपी सिद्धान्त जैन ने कहा कि होटल, गेस्ट हाउस या अन्य प्रतिष्ठानों की आड़ में अवैध गतिविधियां संचालित करने वालों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


नंदा-सुनंदा की भक्ति में सराबोर हुआ नैनीताल, मुख्यमंत्री धामी ने की प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

“विकास भी और विरासत भी” के मंत्र के साथ देवभूमि को आगे बढ़ा रही सरकार: मुख्यमंत्री

धार्मिक पर्यटन से युवाओं को रोजगार, मातृशक्ति को अवसर और स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाजार

नैनीताल : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को नैनीताल में आयोजित माँ नंदा-सुनंदा महोत्सव में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री श्री धामी ने माँ नंदा-सुनंदा के श्रीचरणों में नमन कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। उन्होंने महोत्सव में उपस्थित माताओं-बहनों, वरिष्ठजनों, युवाओं एवं बच्चों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

नंदा देवी महोत्सव हमारी आस्था, संस्कृति और परंपराओं का उत्सव: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नैनीताल का नंदा देवी महोत्सव केवल एक मेला नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं का उत्सव है। माँ नंदा-सुनंदा के स्वागत की परंपरा, लोकगीत, झोड़ा-चांचरी, ढोल-दमाऊं सहित लोक संस्कृति की विविध परंपराएं इस महोत्सव के माध्यम से जीवंत होती हैं। जिस समाज को अपनी जड़ों और संस्कृति पर गर्व होता है, वही समाज आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है।

उन्होंने कहा कि नैनीताल अपनी खूबसूरत झील, पहाड़ों और हरी-भरी वादियों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है, लेकिन यह केवल पर्यटन नगरी ही नहीं, बल्कि आस्था और अध्यात्म की भी भूमि है। यहां माँ नैना देवी का पावन धाम, हनुमानगढ़ी तथा कैंची धाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल हैं। मुक्तेश्वर में देवाधिदेव महादेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। प्रकृति और अध्यात्म का यह संगम नैनीताल को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।

“ विकास भी और विरासत भी” के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देश में प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संवारने का कार्य किया जा रहा है। अयोध्या में प्रभु श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक तथा केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में हुए विकास कार्यों से आस्था के प्रमुख केंद्रों को नई पहचान मिली है। इसी भावना के साथ उत्तराखंड सरकार भी “विकास भी और विरासत भी” के मंत्र के साथ देवभूमि को आगे बढ़ा रही है।

उन्होंने कहा कि केदारखंड की तर्ज पर कुमाऊं क्षेत्र में भी मानसखंड मंदिर माला मिशन के माध्यम से प्रमुख पौराणिक एवं धार्मिक स्थलों को विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही हमारी प्राचीन विरासत के मूल स्वरूप को संरक्षित रखना है। माँ नैना देवी, कैंची धाम और मुक्तेश्वर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।

धार्मिक पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, मातृशक्ति को स्वरोजगार के लिए बेहतर अवसर प्राप्त होंगे और स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिलेगा। इससे उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराएं देश-दुनिया तक पहुंचेंगी।

उन्होंने कहा कि नैनीताल जनपद के समग्र विकास के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पर्यटन और कनेक्टिविटी सहित आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि पहाड़ में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाओं के लिए अनावश्यक रूप से दूर न जाना पड़े और विकास का लाभ समाज के अंतिम छोर तक पहुंचे।

देवभूमि की भूमि, संस्कृति और पहचान की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध सरकार

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विकास के साथ देवभूमि की जमीन, संसाधनों और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य में भूमि संबंधी कानूनों को मजबूत किया गया है। वर्ष 2025 में किए गए संशोधन के तहत 11 पर्वतीय जिलों में बाहरी राज्यों के लोगों द्वारा कृषि एवं उद्यान श्रेणी की भूमि खरीद पर रोक का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार देवभूमि की संस्कृति, पहचान और संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है तथा लैंड जिहाद और लव जिहाद जैसी गतिविधियों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जा रही है।


सहसपुर में 6.5 लाख की स्मैक के साथ युवक गिरफ्तार, मिर्जापुर से लाकर बेचने की थी तैयारी

देहरादून। नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सहसपुर पुलिस ने एक युवक को 20.78 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक बरामद स्मैक की अनुमानित कीमत करीब 6.5 लाख रुपये है। आरोपी के कब्जे से 3,620 रुपये नकद भी बरामद हुए हैं।

पुलिस के अनुसार, 21 सितंबर की रात बड़ा गौहर रामपुर में सिद्दिकी मस्जिद के पास चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर आरोपी को पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जावेद (24) पुत्र स्व. जहीद, निवासी सिद्दिकी मस्जिद के पास बड़ा गौहर रामपुर, सहसपुर के रूप में हुई है।

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह ड्राइवर का काम करता है और मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश से एक ड्रग पैडलर से स्मैक खरीदकर देहरादून लाया था। इसे स्थानीय नशे के आदी लोगों को महंगे दामों में बेचकर मुनाफा कमाने की तैयारी थी।

पहले भी NDPS एक्ट में जा चुका है जेल

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी का पूर्व में भी मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा मामला सामने आया है। उसके खिलाफ सहसपुर थाने में मु0अ0सं0 12/26, धारा 8/21 NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज है।

वर्तमान मामले में आरोपी के खिलाफ मु0अ0सं0 238/2026, धारा 8/21/27(ए) NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पूछताछ में सामने आए अन्य संभावित तस्करों की जानकारी जुटाते हुए पुलिस उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।

बरामदगी:

20.78 ग्राम स्मैक, अनुमानित कीमत करीब 6.5 लाख रुपये

3,620 रुपये नकद

पुलिस टीम

वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रवीण पुंडीर

उपनिरीक्षक जावेद हसन

हेड कांस्टेबल त्रेपन सिंह

कांस्टेबल नवबहार

अनुराग और ब्रजपाल


राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण को लेकर समिति की बैठक, डीएम ने दिए पारदर्शिता के साथ निस्तारण के निर्देश

देहरादून। राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण से संबंधित लंबित प्रकरणों के निस्तारण को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समिति की बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में चिन्हीकरण से जुड़े विभिन्न मामलों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण से संबंधित सभी प्रकरणों का परीक्षण शासन द्वारा निर्धारित मानकों और प्रक्रिया के अनुरूप किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मामले में उपलब्ध अभिलेखों और साक्ष्यों की विधिवत जांच के बाद ही नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने चिन्हीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि समिति के समक्ष प्रस्तुत प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर किया जाए। साथ ही लंबित मामलों के निस्तारण के लिए समिति के सदस्यों और संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में समिति के सदस्यों ने राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर अपने सुझाव और विचार रखे। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवश्यक अभिलेखों की जांच पूरी करते हुए शासन की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा, उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार, उप जिलाधिकारी डोईवाला अपर्णा ढौंडियाल, उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश कुमकुम जोशी सहित पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। समिति के सदस्य राज्य आंदोलनकारी ओपी उनियाल, देवीगोदियाल, डीएस गुंसाई, विवेकानंद खण्डूड़ी, सरोज डिमरी, उर्मिला, निर्मला बिष्ट, पुष्पलता सिलमाना सहित अन्य सदस्य और संबंधित विभागों के अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।


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