Saturday, September 12th, 2026

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आज और कल दिल्ली में कई ट्रेनें रहेंगी रद्द, बदलेगा कई ट्रेनों का मार्ग

Daily Archives: 12/09/2026

आज और कल दिल्ली में कई ट्रेनें रहेंगी रद्द, बदलेगा कई ट्रेनों का मार्ग

नई दिल्ली। परिचालन संबंधी कार्यों के चलते 12 और 13 सितंबर को दिल्ली और आसपास के रेल यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उत्तर रेलवे ने इन दोनों दिनों में कई ट्रेनों को रद्द करने, कुछ का मार्ग बदलने, कुछ को बीच रास्ते से चलाने या वहीं समाप्त करने तथा कई ट्रेनों को देरी से रवाना करने का फैसला किया है। इसका असर दिल्ली-गाजियाबाद, दिल्ली-पलवल और दिल्ली-शाहदरा रेलखंड की ईएमयू-मेमू सेवाओं के साथ लंबी दूरी की ट्रेनों पर भी पड़ेगा।

रेलवे के अनुसार, नई दिल्ली से चलने वाली कई राजधानी ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया जाएगा। इनमें नई दिल्ली-रांची, नई दिल्ली-डिब्रूगढ़, नई दिल्ली-हावड़ा, नई दिल्ली-भुवनेश्वर और नई दिल्ली-सियालदह राजधानी के अलावा संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस शामिल हैं। इन ट्रेनों को नई दिल्ली-दिल्ली जंक्शन-साहिबाबाद होकर चलाने की योजना है।

12 सितंबर को गाजियाबाद-नई दिल्ली और नई दिल्ली-गाजियाबाद की कई ईएमयू रद्द रहेंगी। इनमें 64425, 64432, 64429, 64433, 64441, 64410, 64443, 64418, 64445 और 64412 प्रमुख हैं। नई दिल्ली-पलवल महिला ईएमयू 64492 भी रद्द रहेगी। पलवल-शकूरबस्ती की कुछ सेवाएं भी रद्द रहेंगी।

गोमती, श्रमजीवी, सियालदह राजधानी, नई दिल्ली-हावड़ा राजधानी, गाजियाबाद-मथुरा ईएमयू, वैशाली, मगध और स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों का मार्ग बदला जाएगा। इन्हें नई दिल्ली-दिल्ली जंक्शन-दिल्ली शाहदरा-साहिबाबाद होकर चलाया जाएगा। कुछ ट्रेनें साहिबाबाद, तिलक ब्रिज और हजरत निजामुद्दीन होकर भी चलेंगी।

13 सितंबर को पलवल-गाजियाबाद ईएमयू, गाजियाबाद-दिल्ली जंक्शन ईएमयू, बल्लभगढ़-शकूरबस्ती ईएमयू, नई दिल्ली-पलवल ईएमयू, साहिबाबाद-दिल्ली जंक्शन ईएमयू और गाजियाबाद-शकूरबस्ती ईएमयू समेत कई ट्रेनें रद्द रहेंगी।

सहारनपुर-दिल्ली जंक्शन पैसेंजर, शिवगंगा एक्सप्रेस, पानीपत-गाजियाबाद मेमू, मथुरा-गाजियाबाद ईएमयू और बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस का मार्ग बदला जाएगा। मथुरा-नई दिल्ली ईएमयू पलवल तक चलकर वहीं समाप्त होगी, जबकि अलीगढ़-नई दिल्ली ईएमयू गाजियाबाद तक चलेगी। पलवल-नई दिल्ली ईएमयू हजरत निजामुद्दीन तक ही जाएगी। श्रीगंगानगर-तिलक ब्रिज एक्सप्रेस नई दिल्ली में समाप्त होगी।

11 सितंबर को पलवल-शकूरबस्ती ईएमयू (64015), गाजियाबाद-नई दिल्ली ईएमयू (64429 और 64433), नई दिल्ली-पलवल महिला ईएमयू (64492) और दिल्ली जंक्शन-शामली ईएमयू (64491) रद्द रहीं। इनके लिंक से जुड़ी कुछ ट्रेनों को सीमित दूरी तक चलाया गया। गाजियाबाद-मथुरा और हजरत निजामुद्दीन-गाजियाबाद ईएमयू समेत कई ट्रेनों का मार्ग भी बदला गया।


7000 बीघा सरकारी जमीन पर घमासान, कांग्रेस ने धामी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

मुख्यमंत्री नाम से, प्रॉपर्टी डीलर काम से- करन माहरा

देहरादून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की चार्जशीट कमेटी ने प्रदेश की सरकारी और बेशकीमती जमीनों के कथित प्रबंधन को लेकर धामी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। होटल इन्द्रलोक में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार राज्य की बहुमूल्य भूमि को निजी और कॉरपोरेट हितों के लिए इस्तेमाल कर रही है। पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चार्जशीट कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, सहप्रभारी सुरेंद्र शर्मा सहित कमेटी के सदस्य मौजूद रहे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल में प्रदेश की बेशकीमती सरकारी भूमि को चुनिंदा लोगों और कंपनियों के हित में इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने सरकार पर सरकारी संपत्तियों को कम कीमत पर निजी हाथों में सौंपने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे राज्य के हितों को नुकसान पहुंच रहा है।

चार्जशीट कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाले उत्तराखंड निवेश एवं अवसंरचना विकास बोर्ड के माध्यम से करीब 7,000 बीघा सरकारी भूमि को निजी निवेशकों को दीर्घकालीन पट्टे पर देने की तैयारी की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आम नागरिकों के लिए भूमि खरीद की सीमा निर्धारित है, तो चुनिंदा कॉरपोरेट कंपनियों को हजारों बीघा सरकारी जमीन लंबे समय के लिए देने का आधार क्या है।

माहरा के मुताबिक, सरकार ने उद्यान विभाग, आलू परियोजना, प्रजनन उद्यान सहित विभिन्न विभागों की खाली अथवा कम उपयोग वाली करीब 7,000 बीघा भूमि को चिह्नित कर भूमि बैंक तैयार किया है। कांग्रेस का आरोप है कि प्रस्तावित व्यवस्था में जमीन को 90 वर्ष तक की दीर्घकालीन लीज पर देने, होटल, रिसॉर्ट, विला, व्यावसायिक टाउनशिप, वेलनेस सेंटर और निजी स्कूल जैसी परियोजनाओं के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति होगी।

उन्होंने यह भी दावा किया कि लीज पर ली गई जमीन को आगे उप-पट्टे पर देने और बैंकों के पास बंधक रखकर ऋण लेने की अनुमति दिए जाने का प्रावधान है। कांग्रेस ने इन प्रावधानों को बड़े कॉरपोरेट घरानों के पक्ष में बताया है। माहरा ने कंपनियों की पात्रता से जुड़ी शर्तों, भुगतान व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय अनुभव को लेकर भी सवाल उठाए।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि व्यावसायिक उपयोग के लिए दी जाने वाली जमीन का लीज किराया कृषि भूमि के सर्किल रेट के आधार पर तय किया जा रहा है। उनका कहना था कि व्यावसायिक और कृषि भूमि की दरों में अंतर के कारण सरकार को राजस्व का नुकसान हो सकता है और निजी कंपनियों को जमीन अपेक्षाकृत कम कीमत पर मिल सकती है।

माहरा ने इसे राज्य के भू-कानून की मूल भावना के विपरीत बताते हुए कहा कि एक ओर आम लोगों के लिए भूमि खरीद पर सीमाएं निर्धारित की जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर बड़े कॉरपोरेट समूहों को हजारों बीघा सरकारी जमीन लंबे समय के लिए देने की तैयारी है। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में लीज की जमीन को स्थायी स्वामित्व में बदलने का रास्ता भी खुल सकता है। कांग्रेस ने मांग की कि ऐसी जमीनों पर स्थानीय युवाओं, ग्राम पंचायतों और सहकारी संस्थाओं के हितों को प्राथमिकता दी जाए।

जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट को लेकर भी उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सरकार पर जल, जंगल और जमीन से जुड़े स्थानीय अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने उत्तराखंड निवेश एवं अवसंरचना विकास बोर्ड के गठन और उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकारी जमीनों को कॉरपोरेट घरानों के हित में इस्तेमाल करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

आर्य ने जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट का मामला उठाते हुए कहा कि एशियाई विकास बैंक के ऋण से करोड़ों रुपये खर्च कर वहां पर्यटन से जुड़ी सुविधाएं विकसित की गईं। कांग्रेस का आरोप है कि करीब 142 एकड़ क्षेत्र और विकसित सुविधाओं को 15 वर्ष के लिए निजी कंपनी को लगभग एक करोड़ रुपये वार्षिक शुल्क पर दिया गया।

कांग्रेस ने इस प्रक्रिया में टेंडर और कंपनियों के बीच संभावित कारोबारी संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए। पार्टी ने पूछा कि क्या टेंडर प्रक्रिया में वास्तविक और स्वतंत्र प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित हुई थी। इसके साथ ही कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि प्रतिस्पर्धी कंपनियों में शामिल कुछ इकाइयां बाद में विजेता कंपनी की हिस्सेदार कैसे बनीं और क्या इस पूरे घटनाक्रम की सरकार अथवा संबंधित अधिकारियों ने जांच कराई।

जॉर्ज एवरेस्ट जाने वाली सार्वजनिक सड़क पर शुल्क वसूली के विवाद का भी कांग्रेस ने उल्लेख किया। पार्टी नेताओं ने कहा कि इस मामले में उच्च न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा था। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि सार्वजनिक सड़क पर शुल्क वसूली की स्थिति कैसे बनी और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई या नहीं।

अस्पताल के लिए जमीन आवंटन निरस्त करने पर सवाल

चार्जशीट कमेटी के सदस्य मनोज रावत ने स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े भूमि आवंटन के एक मामले को उठाते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग को विश्वास में लिए बिना बड़े अस्पताल के लिए प्रस्तावित जमीन का आवंटन निरस्त कर दिया गया।

रावत के अनुसार, स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे और अस्पताल निर्माण के लिए करीब 23,137 वर्गमीटर यानी लगभग 5.7 एकड़ भूमि चिन्हित की गई थी। उनका आरोप है कि 13 दिसंबर 2024 के घटनाक्रम के बाद 25 फरवरी 2025 को स्वास्थ्य विभाग को पूर्व सूचना या जानकारी दिए बिना भूमि आवंटन रद्द कर दिया गया।

कांग्रेस ने इस मामले में संबंधित कंपनियों की पात्रता और वित्तीय स्थिति पर भी सवाल उठाए। रावत ने आरोप लगाया कि भूमि आवंटन और विकास प्रक्रिया से जुड़ी कुछ कंपनियों के पास रियल एस्टेट या बुनियादी ढांचा विकास का पर्याप्त अनुभव नहीं था।

उन्होंने सिक्का डेवलपर्स से जुड़े कथित वित्तीय मामलों का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि कंपनी के खिलाफ नोएडा प्राधिकरण की ओर से बड़ी राशि की वसूली के आदेश जारी किए जा चुके हैं। कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि कंपनी से जुड़े कुछ मामलों में देश के अन्य राज्यों में भी कानूनी विवाद सामने आए हैं।

रावत ने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी रूप से अयोग्य ठहराए जाने के बावजूद संबंधित कंपनी वित्तीय बोली के चरण तक पहुंची और उसे भूमि का अनंतिम आवंटन भी किया गया। कांग्रेस ने इसे समानता के अधिकार और निविदा नियमों के विपरीत बताते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की।

पत्रकार वार्ता में कांग्रेस ने कहा कि सरकारी भूमि से जुड़े सभी फैसलों में पारदर्शिता, सार्वजनिक हित और स्थानीय लोगों के अधिकारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पार्टी ने सरकार से भूमि आवंटन, लीज की शर्तों, टेंडर प्रक्रिया और संबंधित कंपनियों की पात्रता से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी और अमरजीत सिंह भी मौजूद रहे।


फर्जी सेल टैक्स अधिकारी बनकर सरिया लदा ट्राला लूटने और चालक के अपहरण का मामला, दो गिरफ्तार

पलवल। फर्जी सेल टैक्स अधिकारी बनकर सरिया लदे ट्राला को लूटने और चालक का अपहरण करने के मामले में पलवल पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। सीआईए पलवल की टीम ने दोनों आरोपितों को नूंह रोड पर मिड़कोला के पास से पकड़ा। पुलिस ने उनके कब्जे से सरिया लदा ट्राला, वारदात में इस्तेमाल वाहन, दो मोबाइल फोन और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। दोनों को अदालत में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

पुलिस के अनुसार, 10 सितंबर की रात सोहना रोड स्थित सेक्टर-2 मोड़ के पास बदमाशों ने फर्जी सेल टैक्स अधिकारी बनकर सरिया लदे ट्राला को रुकवाया था। इसके बाद चालक मुबारक खान के साथ मारपीट कर उसका मोबाइल और पर्स छीन लिया गया।

बदमाशों ने हथियार दिखाकर चालक की आंखों पर गमछा बांधा और उसे अपने साथ ले गए। बाद में उसे राजस्थान के पीरूका गांव की पहाड़ियों में छोड़ दिया गया और सरिया लदा ट्राला लेकर फरार हो गए। वारदात के बाद शहर थाना पुलिस ने लूटा गया ट्राला पलवल-रोहतक रोड से खाली हालत में बरामद किया था।

करीब 70 लाख रुपये कीमत के माल की लूट और चालक के अपहरण की गंभीरता को देखते हुए एसपी दीप्ति गर्ग के निर्देश पर सीआईए पलवल की टीम ने जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने नूंह रोड के मिड़कोला क्षेत्र से जलालुद्दीन निवासी अमरोहा, उत्तर प्रदेश और हुसैन निवासी अटाली, फरीदाबाद को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से सरिया लदा ट्राला नंबर HR-46-G-7801 बरामद किया।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि लूटा गया माल कहां पहुंचाया जाना था और वारदात में कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपितों से फरार साथियों, वारदात में इस्तेमाल वाहनों, सरिया लोड कराने वाले गोदामों और माल को ठिकाने लगाने की योजना के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में गिरोह की अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है। सीआईए प्रभारी निरीक्षक जगमिंदर सिंह के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में एसआई महाबीर सिंह, एएसआई लक्ष्मण सिंह, एएसआई श्रीचंद, एएसआई सुंदर समेत पुलिसकर्मी शामिल रहे। एसपी दीप्ति गर्ग ने कहा कि वारदात में शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।


उत्तराखण्ड में पार्किंग सुविधाओं का हुआ विकास

आवास विभाग की 63 परियोजनाओं का कार्य पूर्ण

दस पर्वतीय जिलों में 4202 वाहन क्षमता की पार्किंग संचालित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आधारभूत ढांचा हुआ मजबूत

पर्यटकों और श्रद्धालुओं को जाम से राहत, स्थानीय लोगों की राह भी हुई आसान

देहरादून। प्रदेश में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की साल दर साल बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रदेश सरकार आधारभूत सुविधाओं के विस्तार में जुट गई है। ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने और चारधाम यात्रा को और सुगम बनाने के लिए युद्धस्तर पर काम हो रहा है। आवास विभाग उत्तराखण्ड पार्किंग सुविधाओं के विकास में जुटा है। चार वर्षों में आवास विभाग ने 63 पार्किंग परियोजनाओं के तहत 4202 वाहनों की क्षमता की पार्किंग का निर्माण कराया है। धामी सरकार के इस कदम से जहां पर्वतीय जिलों में आम लोगों और पर्यटकों को जाम से राहत मिली है, वहीं स्थानीय लोगों की राह भी आसान हुई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में पर्यटक सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है। पर्यटकों और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पार्किंग सुविधाओं के विकास पर विशेष फोकस किया गया है। मुख्यमंत्री के दिशानिर्देश पर उत्तराखण्ड का आवास विभाग पर्वतीय जनपदों के प्रमुख शहरों, तीर्थ स्थलों और पर्यटन केंद्रों में पार्किंग नेटवर्क के विस्तार में जुटा है। स्थान की उपलब्धता के अनुसार सरफेस पार्किग, बहुमंजिला (मल्टीलेवल) पार्किंग और ऑटोमेटेड पार्किंग का निर्माण किया गया है।

आवास विभाग की विकसित पार्किंग एक नजर में

जनपद वाहन क्षमता
अल्मोड़ा 1087
नैनीताल 679
चंपावत 600
उत्तरकाशी 477
पिथौरागढ़ 309
रुद्रप्रयाग 304
पौड़ी 256
चमोली 201
टिहरी 163
बागेश्वर 126

हल होगी नैनीताल की पार्किंग समस्या
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर अब सरोवर नगरी नैनीताल में पार्किंग की समस्या हल हो सकेगी। प्रदेश सरकार मेट्रोपोल होटल परिसर क्षेत्र में पार्किंग का निर्माण कर रही है। इस पार्किंग के तैयार होने पर लगभग 700 वाहन यहां पार्क किए जा सकेंगे।

कैंची धाम में बहुमंजिला पार्किंग
सुप्रसिद्ध कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बहुमंजिला (मल्टी लेवल) पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है। इस पार्किंग में एक बार में पांच सौ से अधिक वाहन पार्क किए जा सकेंगे।

हल हुई पार्किंग की समस्या : डॉ राजेश
उत्तराखण्ड सरकार के के सचिव, आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग डॉ आर राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के दिशानिर्देशों के क्रम में प्रदेश में पार्किंग सुविधाओं के विकास पर जोर दिया गया है। पर्वतीय जनपदों में 63 पार्किंग परियोजनाओं का कार्य पूर्ण होने के बाद पार्किंग की समस्या काफी हद तक हल हो गई है। इससे पर्यटकों और श्रद्धालुओं के साथ ही स्थानीय नागरिकों को भी राहत मिली है।

कोट

उत्तराखण्ड देश-दुनिया के पर्यटकों और श्रद्धालुओं का पसंदीदा गंतव्य बन गया है। पिछले वर्ष ही छह करोड़ से अधिक लोग यहां पहुंचे हैं। इसको देखते हुए प्रदेश सरकार लगातार यात्री सुविधाओं का विस्तार कर रही है। जाम की समस्या से निपटने के लिए सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों और चार धाम यात्रा मार्गों पर पार्किंग सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। आवास विभाग और अन्य एजेंसियां इस काम में जुटी हैं।

-पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड


नैनीताल में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 12 हजार किलो लहन नष्ट और 125 लीटर कच्ची शराब बरामद

नैनीताल/रामनगर। अवैध मदिरा के निर्माण, परिवहन और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग का विशेष प्रवर्तन अभियान लगातार जारी है। आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल और संयुक्त आबकारी आयुक्त कुमाऊं मंडल के.के. कांडपाल के निर्देशों तथा सहायक आबकारी आयुक्त हरीश जोशी के नेतृत्व में 3 सितंबर से अभियान चलाया जा रहा है।

अभियान के तहत 3 से 11 सितंबर तक कुल 14 अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। इस दौरान 478 लीटर अवैध शराब जब्त की गई और करीब 40,000 किलोग्राम लहन नष्ट किया गया।

इसी क्रम में 11 सितंबर को जनपदीय प्रवर्तन दल नैनीताल, क्षेत्र-03 रामनगर और कुमाऊं मंडल की टीम ने तुमरिया डैम क्षेत्र में छापेमारी तथा हल्दुआ बैरियर पर वाहनों की सघन चेकिंग की। आबकारी निरीक्षक मनोहर पतियाल, धीरेंद्र सिंह बिष्ट और रुचिका कांडपाल की टीम ने कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान हल्दुआ बैरियर और अन्य मार्गों पर 51 बाहरी प्रदेश के वाहनों की चेकिंग की गई। वहीं, तुमरिया डैम और अन्य क्षेत्रों में अवैध शराब निर्माण के संदेह में 11 स्थानों पर दबिश दी गई।

प्रवर्तन टीम ने कार्रवाई करते हुए 3 अभियोग दर्ज किए। छापेमारी के दौरान 125 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई, जबकि करीब 12,000 किलोग्राम लहन मौके पर ही नष्ट किया गया।

आबकारी विभाग ने कहा है कि अवैध शराब के कारोबार को समाप्त करने के लिए अभियान आगे भी सख्ती के साथ जारी रहेगा।


करावल नगर में छेड़छाड़ के आरोप में युवक की पीट-पीटकर हत्या

दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के करावल नगर इलाके में महिला से छेड़छाड़ के आरोप में एक युवक की कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या करने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान अंकुर एन्क्लेव निवासी राजकुमार (44) के रूप में हुई है। वह पेंटर का काम करते थे।

स्वजन के अनुसार, बृहस्पतिवार रात करीब तीन-चार लोगों ने राजकुमार की पिटाई की। गंभीर हालत में उन्हें पहले एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से राजीव गांधी अस्पताल रेफर किया गया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बताया जा रहा है कि घटना के बाद स्वजन रात में ही शव लेकर घर आ गए थे। शुक्रवार सुबह परिजनों ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

शुरुआती जानकारी के अनुसार, एक महिला ने राजकुमार पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था, जिसके बाद उसकी पिटाई की गई। मृतक के परिवार में पत्नी और एक बेटा है। मृतक के भाई गिरीश कुमार ने भी मामले की जानकारी पुलिस को दी है।

पुलिस घटना के पूरे क्रम, पिटाई में शामिल लोगों और महिला द्वारा लगाए गए छेड़छाड़ के आरोपों की जांच कर रही है।


सेवा संकल्प अभियान मोदी के विकसित भारत-2047 का संकल्प- महाराज

विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर दिए आवश्यक दिशा निर्देश

देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर देशव्यापी सेवा संकल्प अभियान की तैयारियां के तहत प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने भी अपने अधिनस्थ विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर अभियान को सफल बनाने के लिए गहन चर्चा एवं मंथन किया।

प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, धर्मस्व, संस्कृति, सिंचाई, लघु सिंचाई, एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने शनिवार को अपने सुभाष रोड़ स्थित कैम्प कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर देशव्यापी सेवा संकल्प अभियान की तैयारियां के तहत उत्तराखंड में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक वृहद अभियान चलाये जाने को लेकर अपने अधिनस्थ विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा एवं मथन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने पर्यटन, लोक निर्माण, धर्मस्व, संस्कृति, सिंचाई, लघु सिंचाई, एवं ग्रामीण निर्माण के अधिकारियों के साथ बैठक कर कहा कि सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों, गैस वितरण केन्द्रों, राशन की दुकानों, प्रमुख धार्मिक स्थलों और गंगा तटों पर जनभागीदारी से दीप प्रज्वलन के कार्यक्रम आयोजित कर कार्यक्रम के फोटो एवं वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किये जायें।

कैबिनेट मंत्री महाराज ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सेवा संकल्प अभियान के तहत पीएम मोदी की जनसेवा की यात्रा और सेवा-विकास के कामों को जन-जन तक पहुँचाने और युवाओं को सेवा कार्यों में जोड़ने का प्रयास करना चाहिए ताकि अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं के लाभ और उसकी जानकारी पहुंच सके। उन्होंने कहा कि सभी विभाग रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, गरीब कल्याण के कार्य, ब्लॉक स्तर पर ‘सेवा सेतु’, प्रदर्शनियां, सेमिनार आदि आयोजित करने के साथ-साथ संस्कृति विभाग में पंजीकृत दलों के माध्यम से पंचायत स्तर पर मंचन तथा सहभागिता करें।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह सिर्फ जन्मदिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सेवा और विकसित भारत-2047 के संकल्प को जनमानस तक पहुँचाने का एक वृहद अभियान है। इसलिए प्रत्येक जिले में जन-जन की सरकार जन-जन के द्वारा कार्यक्रम के अंतर्गत शिविर आयोजित किए जाएं। ग्राम प्रधान, सदस्य, ब्लाक प्रमुख, नगर निकाय के निर्वाचित प्रतिनिधियों, जिला पंचायत प्रतिनिधियों, सांसद एवं विधायक गणों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

बैठक में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेंद्र सिंह भण्डारी, अपर निदेशक पूनम चंद, सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता सुभाष चंद्र पांडे, लघु सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता बी.के. तिवारी, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता मुकेश सिंह परमार, ग्रामीण निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता विभू रावत और संस्कृति विभाग के अपर निर्देशक शेखर पटवा आदि मौजूद थे।


भारत को बड़ा झटका- एशियाई गेम्स से बाहर हुए वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह

घुटने की चोट के बाद ऋषिकांत को करीब एक महीने के पुनर्वास की सलाह

नई दिल्ली। एशियाई खेलों से पहले भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम को बड़ा झटका लगा है। राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाले भारतीय वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह घुटने की चोट के चलते महाद्वीपीय खेलों में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। वह एशियाई खेलों के लिए चुनी गई भारतीय टीम में शामिल एकमात्र पुरुष वेटलिफ्टर थे। उनके बाहर होने से पुरुष वर्ग में भारत की चुनौती कमजोर हुई है।

मणिपुर के रहने वाले ऋषिकांता 60 किलोग्राम भारवर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्हें हाल ही में घुटने की चोट की समस्या हुई, जिसके बाद चिकित्सकीय जांच कराई गई। जांच के बाद उन्हें करीब एक महीने के पुनर्वास की सलाह दी गई है। ऐसे में एशियाई खेलों तक उनके पूरी तरह फिट होने की संभावना नहीं है।

राष्ट्रमंडल खेलों से पहले भी लगी थी चोट

ऋषिकांत की चोट की समस्या नई नहीं है। जुलाई में ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों से करीब एक सप्ताह पहले भी उनके घुटने में चोट लगी थी। इसके बावजूद उन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया था।

भारतीय भारोत्तोलन महासंघ से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, टीम प्रबंधन को उम्मीद थी कि ऋषिकांता एशियाई खेलों से पहले चोट से उबर जाएंगे। हालांकि, उनकी मौजूदा स्थिति को देखते हुए उन्हें पर्याप्त आराम और पुनर्वास की जरूरत है।

अब चार महिला वेटलिफ्टर पर रहेगी नजर

ऋषिकांत के बाहर होने के बाद एशियाई खेलों के लिए भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम में अब चार महिला खिलाड़ी ही रह गई हैं। इनमें टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता मीराबाई चानू 49 किलोग्राम भारवर्ग में भारत की चुनौती पेश करेंगी।

वहीं ज्ञानेश्वरी यादव 53 किलोग्राम, निरुपमा देवी 61 किलोग्राम और हरजिंदर कौर 69 किलोग्राम भारवर्ग में मैदान में उतरेंगी। ऋषिकांत की गैरमौजूदगी के बाद भारतीय टीम की उम्मीदें इन महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर काफी हद तक टिकी होंगी।

रिकॉर्ड के दम पर बनाई थी पहचान

ऋषिकांत ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में 55 किलोग्राम भारवर्ग से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। बाद में उन्होंने भारवर्ग बदला और 60-61 किलोग्राम वर्ग में अपनी मजबूत पहचान बनाई।

2024 की राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उन्होंने 61 किलोग्राम वर्ग के स्नैच में 124 किलोग्राम वजन उठाकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। इसके बाद 2025 राष्ट्रमंडल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उन्होंने 120 किलोग्राम स्नैच, 151 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क और कुल 271 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता।

कुल 271 किलोग्राम का उनका प्रदर्शन भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बना। इसी शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने लगातार दूसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों में जगह बनाई थी। अब चोट के कारण एशियाई खेलों से बाहर होना उनके साथ-साथ भारतीय टीम के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है।


बांग्लादेश के अखबार के न्यूजरूम में वरिष्ठ हिंदू पत्रकार का शव मिला, जांच की मांग

बरिसल। बांग्लादेश के प्रमुख दैनिक अखबार ‘समकाल’ के बरिसल ब्यूरो कार्यालय में शुक्रवार शाम वरिष्ठ पत्रकार पुलक चटर्जी का शव फंदे से लटका मिला। 57 वर्षीय चटर्जी ‘समकाल’ के बरिसल ब्यूरो चीफ रह चुके थे। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।

बरिसल कोतवाली मॉडल पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी अल मामून-उल इस्लाम ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मौत की वास्तविक वजह का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, चटर्जी को करीब तीन साल पहले ‘समकाल’ से हटा दिया गया था। वह बरिसल प्रेस क्लब के महासचिव भी रह चुके थे। इससे पहले उन्होंने कई वर्षों तक ‘जुगांतर’ अखबार के साथ काम किया था। उनके परिवार में पत्नी और एक बेटी हैं।

घटना को लेकर बांग्लादेश की अवामी लीग ने शनिवार को कई सवाल उठाते हुए जांच की मांग की। पार्टी ने दावा किया कि सामने आई तस्वीर में चटर्जी के दोनों पैर जमीन पर टिके, घुटने मुड़े और शरीर लगभग सीधा दिखाई दे रहा है। पार्टी ने इसे सामान्य आत्महत्या नहीं मानते हुए पूर्वनियोजित साजिश की आशंका जताई और इसकी जांच की मांग की।

अवामी लीग ने आरोप लगाया कि 2001 से 2006 के बीच बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी गठबंधन के शासन के दौरान अल्पसंख्यकों के खिलाफ हुई हिंसा और पत्रकारों पर दबाव जैसी परिस्थितियां 2026 में फिर दिखाई दे रही हैं। पार्टी ने कहा कि पुलक चटर्जी उस दौर में पत्रकारिता कर रहे थे और उन्होंने उन घटनाओं को देखा तथा उनके बारे में लिखा था।

अवामी लीग ने चटर्जी को अल्पसंख्यक, पत्रकार और ‘समकाल’ के पूर्व ब्यूरो प्रमुख के रूप में संदर्भित करते हुए उनकी मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, पुलिस के अनुसार मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।


प्रेमिका ने 5 लाख रुपये में दी बैंककर्मी की हत्या की सुपारी, दून पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा

देहरादून। पटेलनगर क्षेत्र में बैंककर्मी सत्यम कुमार पर हुई फायरिंग की घटना का दून पुलिस ने खुलासा करते हुए मुख्य साजिशकर्ता उसकी पूर्व प्रेमिका मालिया रहमान समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मालिया ने सत्यम की हत्या के लिए लक्सर निवासी अंकित चौहान को 5 लाख रुपये की सुपारी दी थी। घटना में शामिल शूटर अंकित पुलिस के साथ मुठभेड़ में घायल हुआ था, जबकि उसका साथी अंकुर फरार है।

पुलिस के अनुसार, 8 सितंबर 2026 को साक्षी चौहान ने कोतवाली पटेलनगर में तहरीर दी थी कि वह अपने फुफेरे भाई सत्यम कुमार के साथ स्कूटी से घर जा रही थीं। बड़ोवाला में जीओ पेट्रोल पंप से करीब 200 मीटर आगे पीछे से आए बाइक सवार दो युवकों ने उनकी स्कूटी के आगे बाइक रोककर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। गोली लगने से सत्यम गंभीर रूप से घायल हो गया। मामले में कोतवाली पटेलनगर में मुकदमा दर्ज किया गया।

घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आसपास के मार्गों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए आरोपियों की तलाश शुरू की। 11 सितंबर को पुलिस को दोनों आरोपियों के दोबारा देहरादून आने की सूचना मिली।

पुलिस के मुताबिक, गोरखपुर चौक पर चेकिंग के दौरान बिना नंबर की बाइक सवार दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया। दोनों बाइक लेकर फरार हुए और पीछा करने पर चाय बागान की पगडंडी पर बाइक छोड़कर पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए जंगल की ओर भागे। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अंकित चौहान के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी अंकुर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। मौके से एक तमंचा, दो खोखे और बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद हुई।

पूछताछ में अंकित ने पुलिस को बताया कि उसने अपने परिचित मोहित के माध्यम से मालिया रहमान के कहने पर सत्यम पर फायरिंग की थी। पुलिस के अनुसार, मालिया और मोहित की तलाश कर दोनों को देर रात आईएसबीटी के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के अनुसार, मालिया वर्ष 2020 से 2023 तक उज्जीवन बैंक हरिद्वार में कार्यरत थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात सत्यम कुमार से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गए। वर्ष 2023 में मालिया ने परिवार के दबाव में सहारनपुर निवासी व्यक्ति से निकाह किया, लेकिन सत्यम के संपर्क में रहने के कारण उसकी शादी टूट गई।

पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2025 में सत्यम उज्जीवन बैंक की देहरादून शाखा में आ गया। मालिया का आरोप है कि सत्यम करीब चार-पांच साल तक उसके संपर्क में रहा और शादी का झांसा देता रहा। फरवरी 2026 में सत्यम ने किसी अन्य युवती से सगाई कर ली और धीरे-धीरे मालिया से संपर्क बंद कर उसे सोशल मीडिया पर भी ब्लॉक कर दिया।

पुलिस के अनुसार, इससे नाराज होकर मालिया ने सत्यम को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। उसने मोहित के माध्यम से अंकित चौहान से संपर्क किया और हत्या के बदले 5 लाख रुपये देने की बात कही। अंकित को एडवांस के तौर पर 1.20 लाख रुपये दिए गए थे। पुलिस के मुताबिक, मालिया ने अंकित को सत्यम की फोटो और देहरादून स्थित उज्जीवन बैंक का कार्यालय भी दिखाया था।

योजना के तहत 8 सितंबर को अंकित अपने साथी अंकुर के साथ देहरादून आया और बड़ोवाला क्षेत्र में सत्यम की स्कूटी को ओवरटेक कर उस पर फायरिंग की। गोली लगने से सत्यम घायल हो गया। पुलिस अब फरार आरोपी अंकुर की तलाश में दबिश दे रही है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मालिया रहमान (26), मोहित (25) के रूप में हुई है, जबकि मुठभेड़ में घायल अंकित चौहान (25) का उपचार कराया जा रहा है। मामले में पुलिस ने एक देसी तमंचा 315 बोर, दो खोखा कारतूस और घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की है।


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