Wednesday, September 30th, 2026

Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

काज़ी निज़ामुद्दीन बोले—मतदाता के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कांग्रेस हर स्तर पर आवाज उठाएगी

Monthly Archives: September 2026

काज़ी निज़ामुद्दीन बोले—मतदाता के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कांग्रेस हर स्तर पर आवाज उठाएगी

चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल

देहरादून। कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में आज मंगलौर विधायक काज़ी निज़ामुद्दीन ने पत्रकार वार्ता कर आगामी चुनाव प्रक्रियाओं, मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रिया में प्रशासनिक तंत्र की भूमिका को लेकर सवाल उठाए।

काज़ी निज़ामुद्दीन ने कहा कि लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव जनता के विश्वास की बुनियाद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न स्तरों पर चुनाव प्रक्रियाओं और मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण में ऐसी विसंगतियां सामने आ रही हैं, जिनसे मतदाताओं के अधिकारों को लेकर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया और एसआईआर को लेकर तथ्यों के आधार पर लगातार सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार मीडिया में भी इन मुद्दों पर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा, नगर निकाय, सहकारिता और छात्र संघ चुनावों तक में चुनाव प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग शिकायतें सामने आ रही हैं।

काज़ी निज़ामुद्दीन ने ग्राम नाथूनखेड़ी, ब्लॉक नारसन, हरिद्वार के ग्राम प्रधान चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि सुशील कुमार 22 वोटों से चुनाव जीते थे, लेकिन उनके अनुसार आठ बार मतगणना कराई गई और आठवीं बार उन्हें एक वोट से हारा हुआ घोषित किया गया। उन्होंने इस मामले में चुनावी प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर सवाल उठाए।

उन्होंने मंगलौर नगर पालिका से जुड़े चौधरी इस्लाम के मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि नामांकन के दौरान नज़ूल भूमि पर कब्जे की शिकायत के आधार पर उनका नामांकन रद्द कर दिया गया, जबकि उनके अनुसार शिकायत पर पर्याप्त जांच और सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया।

सहकारिता चुनावों का उल्लेख करते हुए विधायक ने कहा कि परिसीमन को पहले अधिसूचित किया गया और बाद में उसमें बदलाव कर नए परिसीमन के आधार पर चुनाव कराया गया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को लेकर कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा रही है।

डीएवी पीजी कॉलेज छात्र संघ चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने छात्र नेता विनीत भट्ट की गिरफ्तारी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी आपराधिक मामले का समर्थन नहीं करती, लेकिन यह सवाल जरूर उठाती है कि यदि मुकदमा पहले से दर्ज था तो गिरफ्तारी चुनाव के समय ही क्यों की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे छात्र संघ चुनाव की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका पैदा हुई।

एसआईआर की प्रक्रिया पर काज़ी निज़ामुद्दीन ने कहा कि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन को लेकर कांग्रेस को आशंका है कि कहीं किसी पात्र मतदाता का नाम न छूट जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रत्येक पात्र व्यक्ति के मताधिकार की सुरक्षा के लिए आवाज उठाएगी और किसी भी मतदाता के अधिकार का उल्लंघन नहीं होने देगी।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और प्रत्येक मतदाता को अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट देने तथा उसे जिताने का अधिकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या चुनाव प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक हस्तक्षेप से मतदाता के इस अधिकार पर कोई असर पड़ना चाहिए।

काज़ी निज़ामुद्दीन ने कहा कि चुनाव व्यवस्था में जनता का भरोसा बनाए रखना सभी संवैधानिक और प्रशासनिक संस्थाओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने भाजपा से भी अपील करते हुए कहा कि युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों और स्वच्छ चुनाव प्रक्रिया के प्रति विश्वास दिलाया जाना चाहिए।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, प्रदेश महामंत्री राजेंद्र शाह, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह, माइनॉरिटी डिपार्टमेंट चेयरमैन सुलेमान अंसारी, सोशल मीडिया चेयरमैन अभिनव थापर, पूर्व पालिका अध्यक्ष इस्लाम अंसारी, मंगलौर पालिका अध्यक्ष अंसारी सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


फर्जी आधार कार्ड और मृत्यु प्रमाण पत्र से भूमि का विरासतन नामांतरण, कुमाऊं आयुक्त ने दिए जांच के आदेश

नैनीताल: ग्रामसभा मल्ला निगलाट, पट्टी पाडली तहसील श्री कैंचीधाम, जिला नैनीताल के समस्त निवासियों ने दिनांक 29.09.2026 को आयुक्त, कुमाऊं मण्डल दीपक रावत को एक शिकायत दी।

शिकायत में बताया गया कि ओम प्रकाश नाम के एक व्यक्ति ने स्वयं को केशवदत्त पुत्र चन्द्रमणी का वारिस बताकर खतौनी में अपना नाम दर्ज करा लिया है। शिकायतकर्ता मनिक मेहरा ग्राम की ऑनलाइन रजिस्ट्री प्रतिदिन जांचते थे. इसी से इस फर्जीवाड़े की जानकारी सामने आई। ग्रामवासियों के अनुसार ग्राम मल्ला निगलाट में ओम प्रकाश पुत्र केशवदत्त नाम का कोई व्यक्ति न तो रहता है और न ही वहां का निवासी है। मौजूदा खतौनी में दर्ज केशवदत पुत्र चन्द्रमणी नाम का भी कोई व्यक्ति गांव में नहीं रहता। ग्रामवासियों का कहना है कि ओम प्रकाश एक फर्जी व्यक्ति है और ग्राम निगलाट के खाता संख्या 08 में उसके कब्जे या काश्त में कोई भूमि नहीं है। ग्रामवासियों ने इस संबंध में कार्यवाही का अनुरोध किया।

आयुक्त कुमाऊं मण्डल ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए दिनांक 30.09.2026 को समस्त ग्रामवासियों, तहसीलदार कैंचीधाम, राजस्व कार्मिकों एवं अन्य पक्षकारों को नैनीताल कार्यालय में बुलाकर सुनवाई की। सुनवाई में शिकायतकर्ताओं ने बताया कि श्री केशवदत्त की मृत्यु वर्ष 1983 में हो चुकी थी। इसके बावजूद वर्ष 2026 में फर्जी आधार कार्ड एवं मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर भूमि पर वारिसान दर्ज कराया गया।

प्रथम दृष्टया रजिस्ट्री में लगाया गया आधार कार्ड उत्तर प्रदेश के किसी व्यक्ति का बताया जा रहा है, जिसकी आयु 40 से 50 वर्ष के बीच है, जबकि रजिस्ट्री में उक्त व्यक्ति की आयु 73 वर्ष दर्शाई गई है। ग्रामवासियों ने आरोप लगाया कि इस प्रकरण में नरेश पाण्डे, संध्या बोराए कर्नल विवेक भट्ट (निवासी रामगढ़),  संजय बोहरा, ग्राम डोब की प्रधान पुष्पा देवी तथा हिमांशु (निवासी गोलापार) शामिल हैं। तहसील कैंचीधाम के कानूनगो द्वारा दिनांक 21.08.2026 को विरासतन नामान्तरण पारित किया गया और ठीक एक माह बाद उक्त भूमि संध्या बोरा द्वारा क्रय कर ली गई।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आयुक्त कुमाऊं मण्डल ने जिलाधिकारी नैनीताल को निर्देशित किया है किः प्रकरण में लैण्ड फ्रॉड की जांच की जाए, आधार कार्ड एवं मृत्यु प्रमाण पत्र के कूटरचित होने की जांच की जाए और ऐसा पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई जाए, संबंधित राजस्व कार्मिकों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही की जाए।


दून पुलिस का नशा तस्करों पर शिकंजा, 11.52 ग्राम स्मैक के साथ दो गिरफ्तार

03 लाख रुपये से अधिक कीमत की स्मैक बरामद, तस्करी में प्रयुक्त बाइक सीज

देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दून पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से कुल 11.52 ग्राम स्मैक बरामद की है, जिसकी अनुमानित कीमत 3 लाख 70 हजार रुपये बताई गई है। गिरफ्तार दोनों अभियुक्त पूर्व में भी मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में जेल जा चुके हैं।

सहसपुर पुलिस की कार्रवाई में 5.92 ग्राम स्मैक बरामद

29 सितंबर को सहसपुर पुलिस ने जामन खाता रोड स्थित आम के बगीचे से सूरज चौहान (49) निवासी बालूवाला, सहसपुर को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 5.92 ग्राम स्मैक, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2 लाख रुपये बताई गई है, बरामद हुई। मामले में थाना सहसपुर में धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार अभियुक्त पूर्व में भी एनडीपीएस एक्ट के मामलों में जेल जा चुका है।

विकासनगर में 5.60 ग्राम स्मैक के साथ तस्कर गिरफ्तार

विकासनगर पुलिस ने 29 सितंबर को चेकिंग के दौरान नहर पटरी कुल्हाल के पास से आरिफ उर्फ विलाल (30) निवासी मटक माजरी, कुल्हाल को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 5.60 ग्राम स्मैक, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1.70 लाख रुपये, बरामद हुई। तस्करी में प्रयुक्त बिना नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने सीज कर दिया। अभियुक्त के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक वह भी पूर्व में मादक पदार्थ तस्करी के मामले में जेल जा चुका है।


प्रदेशभर में 1 अक्टूबर से शुरू होगी मिलेट्स की खरीदः डाॅ. धन सिंह रावत

250 क्रय केंद्रों पर 52.05 रूपये प्रति किलो के भाव से खरीदा जायेगा मंडुवा

कहा, विगत वर्ष 11,153 किसानों से खरीदा गया 53,860.652 कुंतल मंडुवा

देहरादून: सूबे के पर्वतीय क्षेत्रों में पारम्परिक खेती को बढ़ावा देने तथा किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य देने के उद्देश्य से उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (यूसीएफ) 1 अक्टूबर से प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर मिलेट्स की खरीद करेगा। मिलेट्स मिशन योजना के तहत यूसीएफ इस फसली वर्ष 250 क्रय केंद्रों के माध्यम से मंडुवा, झंगोरा, तिलहन, चैलाई व दालें, सहित अन्य पहाड़ी उपजों की खरीद सीधे किसानों से करेगा।

सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से पर्वतीय क्षेत्रों में पारंपरिक कृषि को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने पारंपरिक व मोटे अनाज की खेती छोड़ दी थी वह फिर से पारम्परिक खेती करने लगे हैं। डाॅ. रावत ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश को शत-प्रतिशत ऑर्गेनिक स्टेट बनाना है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों जैविक खेती होने का फायदा किसानों को मिल रहा है क्योंकि उनके उत्पादों को अब सीधे बाजार मिल रहा है और भविष्य में जैविक उत्पादों की मंाग और बढ़ेगी।

विभागीय मंत्री ने बताया कि इस फसली वर्ष यूसीएफ के माध्यम से किसानों से मिलेट्स की खरीद की जायेगी। 1 अक्टूबर से शुरू होने वाली मिलेट्स खरीदी प्रक्रिया के लिये यूसीएफ ने सभी तैयारी पूरी कर ली है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले इसके लिये इस वर्ष मंडूवा 52.05 रूपये प्रति किलो की दर से खरीदा जायेगा जबकि विगत वर्ष यह 48.86 रूपये प्रति किलो की दर से खरीदा गया था।

सचिव सहकारिता डॉ. इकबाल अहमद ने बताया कि प्रदेश में मिलेट्स खरीद और इसके व्यापक प्रचार-प्रसार को लेकर सभी जनपदों के जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। जिसमें खरीद केंद्रों और निर्धारित खरीद मूल्य की जानकारी किसानों तक पहुंचाने को कहा गया है ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य देने के साथ ही खरीद का भुगतान डीबीटी के माध्यम से करने को कहा।

उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ के प्रबंध निदेशक आनंद शुक्ल ने बताया कि मिलेट्स मिशन योजना के तहत इस फसली वर्ष मिलेट्स की खरीद को भी तैयारियां पूरी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि किसानों से उनकी उपज खरीदने के लिये प्रदेशभर में 250 क्रय केंद्र खोले गये हैं, जबकि विगत वर्ष 214 केंद्रों के माध्यम से खरीद की गई थी, इस लिहाज से इस वर्ष 36 अतिरिक्त केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यूसीएफ हाट के माध्यम से भी किसानों के उत्पादों की खरीद और विपणन को बढ़ावा दिया जाएगा।

मंडुवा की खरीद निर्धारित ₹52.05 प्रति किलो की दर पर की जाएगी, जबकि सोयाबीन, दाल, झंगोरा, चैलाई तथा अन्य सूखे अनाज एवं पहाड़ी उत्पादों की खरीद बाजार मूल्य के आधार पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों से खरीदे गये उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बेहतर विपणन किया जाएगा, जिससे उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध हो सके और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके।

पिछले वर्ष 11,153 किसानों से खरीदा गया 53,860.652 कुंतल मंडुवा

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में यूसीएफ ने प्रदेश में 214 क्रय केंद्रों के माध्यम से कुल 53,860.652 कुंतल मंडुवा की खरीद की थी। यह खरीद प्रदेश के 11,153 किसानों से की गई। पिछले वर्ष चमोली जनपद में सर्वाधिक मंडवे की खरीद की गई जबकि सर्वाधिक किसानों ने टिहरी में अपने उत्पादों का विक्रय किया। वहीं कुमाऊं मंडल में पिथौरागढ़ जनपद में सबसे अधिक मंडुवा खरीदने में अव्वल रहा।

किसानों से ₹52.05 प्रति किलो की दर पर खरीदा जायेगा मंडुवा

उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (यूसीएफ), जो सहकारिता विभाग की शीर्ष सहकारी संस्था है, जिसके माध्यम से गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडलों में किसानों से सीधे मिलेट्स की खरीद की जाएगी। इस वर्ष मंडुवा का खरीद मूल्य ₹52.05 प्रति किलो निर्धारित किया गया है। वहीं अन्य पहाड़ी उत्पादों की खरीद बाजार मूल्य के आधार पर यूसीएफ हाट के माध्यम से की जाएगी।

सरकार द्वारा लगातार मंडवे के खरीद मूल्य में वृद्धि की जा रही है। पिछले वर्ष मंडुवा की खरीद ₹48.86 प्रति किलो की दर से की गई थी। इससे पहले मंडुवा ₹18 प्रति किलो की दर पर खरीदा गया, जबकि इस वर्ष खरीद दर बढ़ाकर ₹52.05 प्रति किलो कर दी गई है। प्रत्येक क्विंटल की खरीद पर संबंधित सहकारी समिति को ₹200 की आय प्राप्त होगी, जिससे समितियों की आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

 


“25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत” कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित

 शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को किया पुरस्कृत

हल्द्वानी : देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के सार्वजनिक जीवन में सेवा एवं समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक आयोजित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत कार्यक्रम के निमित्त बुधवार को बी.एल.एम. एकेडमी, गौरापड़ाव में नैनीताल जिले की जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत उपस्थित रहे।

कार्यक्रम संयोजक एवं उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य योगेश सिंह रजवार ने बताया कि उनके दिशा-निर्देशन में 25, 26 एवं 28 सितम्बर को नैनीताल जिले के सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों में व्यापक स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। जिले के लगभग 95 प्रतिशत विद्यालयों में निबंध, चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित कर विद्यालय स्तर पर बच्चों का चयन किया गया। इनमें से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 20 बच्चों का जिला स्तरीय कार्यशाला के लिए चयन किया गया।

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, विधायक लालकुआं मोहन सिंह बिष्ट, दर्जा राज्य मंत्री सुरेश भट्ट, उपाध्यक्ष मीडिया सलाहकार ध्रुव रौतेला, देवेन्द्र ढैला, पेयजल अनुश्रवण समिति के दिनेश आर्या, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दर्मवाल, पूर्व जिला अध्यक्ष मनोज साह, नैनीताल जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष रविन्द्र रैकूनी, को-ऑपरेटिव डायरेक्टर निश्चल पांडे, वरिष्ठ भाजपा नेता आनन्द सिंह धर्मवाल, बी.एल.एम. एकेडमी के संस्थापक-प्रबंधक एवं भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष साकेत अग्रवाल, महिला मोर्चा प्रदेश प्रवक्ता कल्पना बोरा*, जिला शिक्षा अधिकारी, समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारी, भाजपा जिला पदाधिकारी, मण्डल अध्यक्ष, महिला मोर्चा एवं युवा मोर्चा के पदाधिकारी सहित लगभग 800 बच्चे एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे।


विश्व हृदय दिवस पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम

हृदय रोगों से बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का दिया संदेश

देहरादून। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग की ओर से विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा हृदय रोगों की रोकथाम के उपायों की जानकारी देना रहा।

इस अवसर पर कार्डियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष एवं निदेशक प्रोफेसर डॉ. तनुज भाटिया ने कहा कि हृदय को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम, संतुलित एवं पौष्टिक आहार और तनावमुक्त जीवनशैली बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना चाहिए और हृदय से संबंधित किसी भी लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने लोगों से स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार को भी हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

कार्डियोलॉजी विभाग के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ प्रो. डॉ. साहिल महाजन, डॉ. रिचा शर्मा, डॉ. अनामिका और डॉ. मयंक अग्रवाल ने भी स्वस्थ वजन बनाए रखने, संयमित जीवनशैली अपनाने और नियमित व्यायाम करने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रही। प्रतिभागियों ने हृदय स्वास्थ्य, हृदय रोगों से बचाव, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली जैसे विषयों पर प्रेरणादायक पोस्टर प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में दीक्षा और भावना ने प्रथम, सौरभ ने द्वितीय तथा अरचना ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

कार्यक्रम में अस्पताल के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सक, नर्सिंग एवं सपोर्ट स्टाफ सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, तनाव नियंत्रण और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम के समापन पर कार्डियोलॉजी विभाग एवं अस्पताल प्रशासन ने सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए लोगों से हृदय को स्वस्थ रखने के लिए आज से ही स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की अपील की।


सहकारिता ग्रामीण विकास, स्वावलंबन और किसानों की आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम- गणेश जोशी

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने उत्तराखण्ड सहकारिता शिखर सम्मेलन-2026 में किया प्रतिभाग

देहरादून। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आज सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम में आयोजित उत्तराखण्ड सहकारिता शिखर सम्मेलन-2026 में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि सेवा, स्वावलंबन और ग्रामीण विकास का सशक्त माध्यम है। कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा और नई मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी सहकारिता के माध्यम से किसानों, महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए सहकारिता को सशक्त बनाने के साथ-साथ मिलेट मिशन (श्रीअन्न) को भी प्राथमिकता दे रही है। सहकारिता एवं कृषि विभाग के माध्यम से किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों को जोड़कर मंडुवा की खरीद की जा रही है। इसके साथ ही महिलाओं को मंडुवा के संग्रहण कार्य में सहयोग के लिए प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने के साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों की आय में भी वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों के हित में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। उर्वरकों की खपत कम करने के उद्देश्य से राज्य में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं मिलेट्स, ड्रैगन फ्रूट, कीवी और सुगंधित पौधों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखण्ड के किसान नई तकनीकों को अपनाकर कृषि के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। सरकार किसानों को ब्याजमुक्त ऋण, फार्म मशीनरी बैंक के माध्यम से कृषि यंत्र, बागवानी, पॉलीहाउस, आधुनिक कृषि तकनीक, मुफ्त सिंचाई सुविधा तथा गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य पहाड़ के किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के साथ ही कृषि को रोजगार और स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बनाना है। सहकारिता के माध्यम से किसानों और महिला समूहों को बाजार से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकता है। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आयोजकों से आग्रह किया कि भविष्य में इस प्रकार के सहकारिता एवं कृषि आधारित आयोजन पहाड़ी क्षेत्रों में भी आयोजित किए जाएं, ताकि पर्वतीय क्षेत्रों के अधिक से अधिक किसान, महिला समूह और ग्रामीण उद्यमी इनका लाभ उठा सकें।

इस अवसर पर राज्यमंत्री देवेंद्र भसीन, रूपेश पांडेय सहित कई कृषकगण एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


बड़गाईं जमीन मामले में हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय, 17 आरोपियों पर चलेगा ट्रायल

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित जमीन फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विशेष पीएमएलए अदालत ने आरोप तय कर दिए हैं। इसके साथ ही मामले में हेमंत सोरेन समेत कुल 17 आरोपियों के खिलाफ ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे पहले 16 आरोपियों के खिलाफ आरोप गठित किए जा चुके थे। हालिया सुनवाई से पहले अदालत ने 30 सितंबर को आरोप तय करने की कार्यवाही निर्धारित की थी।

आरोप गठन के समय हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए। अदालत ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को पढ़कर सुनाया। सोरेन ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है।

मामला रांची के बड़गाईं अंचल में स्थित करीब 8.86 एकड़ जमीन से संबंधित है। प्रवर्तन निदेशालय की जांच में जमीन के रिकॉर्ड में कथित हेरफेर, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और जमीन पर कथित अवैध कब्जे से जुड़े पहलुओं की जांच की गई है। ईडी ने इस मामले को धन शोधन से भी जोड़ा है। ईडी ने अप्रैल 2024 में इस जमीन को लेकर अभियोजन शिकायत दाखिल की थी और जमीन की कीमत करीब 31.07 करोड़ रुपये आंकी थी।

मामले में भानु प्रताप प्रसाद, अंतू तिर्की, विनोद कुमार सिंह, बिजेंद्र सिंह, बिपिन सिंह, प्रियरंजन सहाय, मनोज कुमार यादव, कुमार राजश्री, राजकुमार पाहन, संजीत कुमार, शेखर कुशवाहा, तापस घोष, मोहम्मद इरशाद अख्तर, अफसर अली, मोहम्मद सद्दाम हुसैन और मोहम्मद इरशाद समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले ही आरोप तय किए जा चुके हैं।

आरोप गठन के बाद अब मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी। आरोप तय होना किसी आरोपी के दोषी साबित होने के समान नहीं है। ट्रायल के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष को अपने-अपने साक्ष्य और दलीलें रखने का अवसर मिलेगा। अंतिम दोषसिद्धि या बरी होने का निर्णय न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद होगा।


जिला कारागार में बंदियों ने सीखा मोमबत्ती-अगरबत्ती निर्माण का हुनर

दस दिवसीय प्रशिक्षण में 21 बंदियों ने लिया हिस्सा, स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

पौड़ी- जिला कारागार पौड़ी में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) की ओर से आयोजित 10 दिवसीय मोमबत्ती एवं अगरबत्ती निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार को समापन हो गया। प्रशिक्षण में 21 बंदियों ने प्रतिभाग कर मोमबत्ती और विभिन्न प्रकार की अगरबत्ती बनाने का हुनर सीखा। बंदियों को रोजगारपरक कौशल से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया गया, ताकि सजा पूरी होने के बाद वे सीखे हुए हुनर के माध्यम से स्वरोजगार शुरू कर परिवार का भरण-पोषण कर सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें।

मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने प्रशिक्षणार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के साथ-साथ जेल में निरुद्ध बंदियों को भी आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने बंदियों से कहा कि सजा पूरी होने के बाद सरकार की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं का लाभ लेकर प्रशिक्षण में सीखे हुनर को रोजगार का आधार बनाएं। उन्होंने कहा कि इससे बंदी समाज की मुख्यधारा से जुड़कर नए सिरे से जीवन की शुरुआत कर सकेंगे।

मास्टर ट्रेनर आशा नेगी ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान बंदियों को मोमबत्ती, अगरबत्ती सहित विभिन्न प्रकार की अगरबत्तियां बनाने की विधि सिखाई गई। उन्होंने कहा कि सभी प्रशिक्षणार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रशिक्षण लिया। उम्मीद है कि यहां सीखे हुनर को भविष्य में रोजगार का आधार बनाकर वे अपने परिवार का बेहतर ढंग से भरण-पोषण कर सकेंगे।

कारागार अधीक्षक कौशल कुमार ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि जेलों को सुधार एवं पुनर्वास के साथ ही कौशल विकास केंद्र के रूप में विकसित किया जाय। बंदियों को विभिन्न रोजगारपरक कार्यों का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जेल से बाहर जाने के बाद बंदी सीखे हुए हुनर को अपनाकर परिवार के साथ सम्मानजनक जीवन शुरू कर सकें, इसी दिशा में कौशल विकास कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


जिलाधिकारी ने जिला कोषागार का अर्धवार्षिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायज़ा

पेंशन प्रकरणों के त्वरित समाधान के लिए कोषागार में पेंशन सेल का गठन, प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण और लंबित मामलों की नियमित निगरानी के निर्देश

पौड़ी- जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने बुधवार को जिला कोषागार का अर्धवार्षिक निरीक्षण किया। उन्होंने डबल लॉक कक्ष, पेंशन अनुभाग, पीपीओ पटल, अभिलेखागार सहित विभिन्न कक्षों का निरीक्षण करते हुए अभिलेखों, स्टॉक तथा कोषागार परिसर में कराए गए मरम्मत कार्यों की स्थिति का जायजा लिया।

डबल लॉक कक्ष के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्टांप, पैडलॉक (ताले), बहुमूल्य पंजिका तथा अधिवक्ताओं को निर्गत किए जाने वाले स्टांप सहित विभिन्न महत्वपूर्ण अभिलेखों एवं सामग्री का बारीकी से परीक्षण किया। उन्होंने स्वयं स्टांप की गणना कर उसका संबंधित अभिलेखों से मिलान किया तथा बहुमूल्य पंजिका का भी अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान अभिलेख एवं भौतिक स्टॉक नियमानुसार एवं सुव्यवस्थित पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कोषागार परिसर में हाल ही में कराए गए मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता का भी निरीक्षण किया।

पेंशन अनुभाग एवं पीपीओ पटल के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद किसी भी कर्मचारी की पेंशन प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने मुख्य कोषाधिकारी को पेंशन प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने आहरण-वितरण अधिकारियों के स्तर पर लंबित पेंशन प्रकरणों की भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संबंधित कार्यालयाध्यक्षों से लंबित प्रकरणों की अद्यतन स्थिति प्राप्त करते हुए आईएफएमएस में सेवानिवृत्त कर्मचारियों से संबंधित लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब न हो और प्रत्येक प्रकरण की समयबद्ध निगरानी सुनिश्चित की जाए। अधिक समय तक प्रकरण लंबित रखने वाले संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार नोटिस जारी करने की कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने पेंशन सेल के गठन एवं उसमें प्राप्त शिकायतों की भी जानकारी ली तथा पेंशन से संबंधित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि कोषागार में पेंशन सेल का गठन किया गया है, ताकि पेंशन अथवा अन्य भुगतान से संबंधित कोई प्रकरण लंबित होने पर सेवानिवृत्त कर्मचारी सीधे पेंशन सेल से treasurypaurippo@gmail.com ईमेल पर संपर्क कर अपनी समस्या का समाधान करा सकें। उन्होंने कहा कि पेंशन संबंधी लंबित प्रकरणों की माह में एक बार नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कोषागार के सभी कक्षों में नियमित स्वच्छता बनाए रखने तथा महत्वपूर्ण अभिलेखों का सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं नियमानुसार रख-रखाव सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्य कोषाधिकारी नमिता सिंह, सहायक कोषाधिकारी अवधेश चंद्र, आशीष गोस्वामी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp