Tuesday, September 22nd, 2026

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जनपद टिहरी के 2017 आंगनबाड़ी केंद्रों में मनाया जाएगा “आंगन का मिलन कार्यक्रम

Monthly Archives: September 2026

जनपद टिहरी के 2017 आंगनबाड़ी केंद्रों में मनाया जाएगा “आंगन का मिलन कार्यक्रम

कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने की समीक्षा बैठक, दिए दिशा निर्देश

टिहरी गढ़वाल। सेवा सप्ताह माह के तहत 25 सितंबर से 7 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय अधिकारियों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक से पहले मंत्री ने गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी ली। इसके बाद उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय गौरव ने बताया कि टिहरी गढ़वाल में कुल 2017 आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जिनमें से 2012 केंद्र सक्रिय हैं। ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम जनपद के सभी ब्लॉक स्तर पर आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। वहीं, गर्भवती और धात्री महिलाओं को विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही उन्हें योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा।

बच्चों के लिए होंगी रचनात्मक गतिविधियां

मंत्री रेखा आर्या ने निर्देश दिए कि जिन ब्लॉकों और आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, वहां बच्चों के लिए रचनात्मक और ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन भी किया जाए। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, नंदा गौरा योजना, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना, पोषण माह और टेक होम राशन समेत विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी और पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर होने वाले कार्यक्रम निर्धारित समयावधि में ही पूरे किए जाएं, ताकि बच्चों, माताओं और अभिभावकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही सभी व्यवस्थाएं कार्यक्रम से पहले ही पूरी करने के निर्देश दिए गए।

उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां होंगी सम्मानित

मंत्री ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को अपने अनुभव साझा करने का अवसर भी दिया जाए। उन्होंने प्रत्येक कार्यक्रम की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं और आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा।

मानदेय बढ़ोतरी की मांग पर मंत्री ने दिया आश्वासन

समीक्षा बैठक के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने अपने मानदेय से जुड़ी मांग भी महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या के समक्ष रखी। इस पर मंत्री ने आश्वासन दिया कि उनकी मानदेय बढ़ोतरी की मांग को जल्द पूरा करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी और इस विषय को कैबिनेट में लाया जाएगा।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां विभाग की मजबूत कड़ी हैं। वे विषम भौगोलिक परिस्थितियों में भी अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि एक महिला होने के नाते वह आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की समस्याओं से भलीभांति अवगत हैं और उनकी मांगों के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।

बैठक में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, चंबा ब्लॉक प्रमुख सुमन सजवाण, जिला विकास अधिकारी मो. असलम, जिला प्रोबेशन अधिकारी ज्योति पटवाल, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष इंदु डंगवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष विनोद रतूड़ी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गोविंद रावत समेत जनपद स्तरीय अधिकारी और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।


मुठभेड़ में अंतरराज्यीय ट्रांसफार्मर चोर गिरोह का खुलासा, सरगना समेत तीन गिरफ्तार

बागपत। बालैनी थाना पुलिस ने मेरठ समेत आसपास के क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर और नलकूपों से चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरोह के सरगना समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया। इस दौरान सरगना के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

एसपी सूरज कुमार राय के मुताबिक, सोमवार रात पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ बदमाश हरियाखेड़ा गांव के वन क्षेत्र में ट्रांसफार्मर और नलकूपों में चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए पहुंचे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरेंद्र निवासी गणेशपुर, हाल निवासी पावली खास के पैर में गोली लगी और उसे पकड़ लिया गया।

मौके से पुलिस ने सुरेंद्र के साथ आशुतोष उर्फ आशु निवासी दौलतपुर और सलमान उर्फ गंजा निवासी पावली खास, मेरठ को भी गिरफ्तार किया। घायल सुरेंद्र को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पूछताछ के दौरान आरोपितों ने बागपत के बड़ौत कोतवाली, बालैनी और बिनौली थाना क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर तथा नलकूपों से चोरी करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से तमंचा, तीन कारतूस, एक खोखा, वारदात में इस्तेमाल रेहड़ा, बिना नंबर की दो बाइक, चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, केबल, स्टार्टर और कटआउट समेत अन्य सामान बरामद किया है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों में सलमान कबाड़ी का काम करता है। गिरोह चोरी किए गए सामान को कबाड़ियों के यहां सस्ते दाम पर बेच देता था। पुलिस अब गिरोह के पांच अन्य सदस्यों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

पुलिस के मुताबिक, सुरेंद्र गिरोह का सरगना है और वह अपने सात साथियों के साथ मिलकर वर्ष 2012 से गिरोह चला रहा था। वर्ष 2021 से गिरोह लगातार चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। सुरेंद्र के खिलाफ मेरठ रेंज और आसपास के अन्य जिलों में करीब 50 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। वहीं, आशुतोष और सलमान के खिलाफ बागपत में छह-छह मुकदमे दर्ज हैं।


निकाह के 14 दिन बाद कमरे में फंदे से लटका मिला युवक का शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

बागपत। हरचंदपुर गांव में निकाह के महज 14 दिन बाद 22 वर्षीय युवक का शव उसके कमरे में रस्सी के फंदे से लटका मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान आरिस पुत्र नदीम के रूप में हुई है। परिजनों ने युवक की हत्या किए जाने की आशंका जताई है, जबकि पुलिस की प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत की सही वजह स्पष्ट होने की बात पुलिस ने कही है।

जानकारी के मुताबिक, आरिस का निकाह आठ सितंबर को उसकी चचेरी बहन से हुआ था। उसके बहनोई सलीम का कहना है कि आरिस इस निकाह से खुश नहीं था और वह अपनी पत्नी को तलाक देना चाहता था। बताया गया कि तलाक से संबंधित दस्तावेज भी तैयार कराए गए थे। आरोप है कि इस बात को लेकर महिला पक्ष के लोगों ने आरिस के साथ मारपीट की और उसे जान से मारने की धमकी दी थी।

परिजनों के अनुसार, सोमवार को आरिस ने तलाक को लेकर सहमति बनाने के लिए पंचायत बुलाई थी। आरोप है कि पंचायत में महिला पक्ष की ओर से पांच लाख रुपये की मांग रखी गई। आरिस ढाई लाख रुपये देने पर सहमत हो गया था, लेकिन दूसरे पक्ष की सहमति नहीं बनी।

मंगलवार सुबह आरिस का शव घर के कमरे में रस्सी से लटका मिला। पुलिस के अनुसार, उस समय उसके हाथ पीछे की ओर बंधे हुए थे और उसकी पत्नी कमरे में मौजूद थी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की जांच की मांग की है।

कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार के मुताबिक, प्राथमिक जांच में पत्नी से विवाद के बाद युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी।

आरिस के पिता नदीम मुंबई में मोबाइल टावर से संबंधित काम करते हैं। परिवार में एक भाई और दो बहनें हैं। युवक की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।


केंद्रीय एजेंसी के इनपुट पर हमीरपुर में युवक हिरासत में, सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच

हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में केंद्रीय जांच एजेंसी से मिले इनपुट के बाद पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया है। मामला सोशल मीडिया पर कथित तौर पर देश विरोधी सामग्री साझा करने और संदिग्ध लोगों के संपर्क में रहने की आशंका से जुड़ा बताया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी की ओर से 17 सितंबर को पुलिस प्रशासन को शिकायत पत्र भेजा गया था। इसमें संबंधित युवक की गतिविधियों की जांच करने को कहा गया था। इनपुट के आधार पर पुलिस ने उसके सोशल मीडिया अकाउंट और ऑनलाइन गतिविधियों की पड़ताल शुरू की।

प्राथमिक जांच के बाद सदर थाना हमीरपुर में 21 सितंबर को मामला दर्ज किया गया। इसके बाद सोमवार देर रात पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया।

पुलिस जांच में सामने आया है कि युवक पिछले करीब छह महीने से हमीरपुर शहर में दर्जी का काम कर रहा था। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला बताया जा रहा है। अब पुलिस उसके सोशल मीडिया अकाउंट, ऑनलाइन गतिविधियों, संपर्कों और हमीरपुर में उसके नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।

इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम के भी मंगलवार को हमीरपुर पहुंचने की संभावना बताई जा रही है। टीम हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ करने के साथ उसके सोशल मीडिया संपर्कों और अन्य गतिविधियों से संबंधित जानकारी जुटा सकती है। मामले की जांच जारी है।


रोहिणी जेल में विचाराधीन कैदी की हत्या, बर्तन से बनाए धारदार हथियार से गर्दन पर हमला

दिल्ली। रोहिणी स्थित सेंट्रल जेल नंबर-10 में सोमवार दोपहर एक विचाराधीन कैदी की हत्या का मामला सामने आया। मृतक की पहचान 31 वर्षीय प्रदीप उर्फ मोहिंदर बागड़ी के रूप में हुई है, जो बैरक नंबर-203 में न्यायिक हिरासत में बंद था।

जानकारी के मुताबिक, प्रदीप जब बैरक की तरफ लौट रहा था, तभी दो साथी कैदियों से उसकी कहासुनी हो गई। इसके बाद दोनों ने उस पर हमला कर दिया। आरोप है कि कैदियों ने जेल में मौजूद बर्तन से बनाए गए धारदार हथियार से प्रदीप की गर्दन पर वार किया। गंभीर रूप से घायल प्रदीप को बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलने के बाद समयपुर बादली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। मामले में दो कैदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया गया है।

पुलिस के मुताबिक, क्राइम टीम और फोरेंसिक टीम ने जेल परिसर से साक्ष्य जुटाए हैं। वारदात के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि धारदार हथियार जेल के भीतर कैसे तैयार किया गया और प्रतिबंधित वस्तु के तौर पर इसे रखने में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं।

सूत्रों के अनुसार, प्रदीप का जेल में कुछ कैदियों के साथ विवाद चल रहा था। मुकेश और भोला गिरोह से जुड़े सदस्यों के साथ विवाद के पहलू की भी जांच की जा रही है। पुलिस हमले के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने में जुटी है।

प्रदीप करीब डेढ़ वर्ष से हत्या के एक मामले में जेल में बंद था। वह मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला था और नारायणा में अपने परिवार के साथ रहता था। पुलिस मामले में सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है।


UP-बिहार समेत चार राज्यों में विधान परिषद चुनाव का ऐलान, 23 अक्टूबर को मतदान

 नई दिल्ली – चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद की 28 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। इन चुनावों में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटें शामिल हैं। सभी सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को कराई जाएगी। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।

चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक, चुनाव की अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होगी। उम्मीदवार 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। मतदान 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और इसके बाद 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी।

इन चुनावों के तहत बिहार में विधान परिषद की आठ सीटें 16 नवंबर को खाली हो रही हैं। कर्नाटक की चार सीटों का कार्यकाल 11 नवंबर को समाप्त होगा, जबकि महाराष्ट्र की पांच और उत्तर प्रदेश की 11 सीटें 6 दिसंबर को खाली होंगी।

महाराष्ट्र में इन सीटों पर चुनाव:
महाराष्ट्र में औरंगाबाद स्नातक, पुणे स्नातक, नागपुर स्नातक, अमरावती शिक्षक और पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए चुनाव होगा।

कर्नाटक में चार सीटें:
कर्नाटक में दक्षिण-पूर्व स्नातक, पश्चिम स्नातक, उत्तर-पूर्व शिक्षक और बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान होगा।

उत्तर प्रदेश में 11 सीटों पर मुकाबला:
उत्तर प्रदेश में लखनऊ स्नातक, वाराणसी, आगरा स्नातक, मेरठ स्नातक, इलाहाबाद-झांसी स्नातक, लखनऊ शिक्षक, वाराणसी शिक्षक, आगरा शिक्षक, मेरठ शिक्षक, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव होगा।

बिहार की आठ सीटें:
बिहार में पटना स्नातक, दरभंगा स्नातक, तिरहुत स्नातक, कोसी स्नातक, पटना शिक्षक, दरभंगा शिक्षक, तिरहुत शिक्षक और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के लिए चुनाव कराया जाएगा।


सार्वजनिक स्थान पर मारपीट कर शांति व्यवस्था भंग करने वाले आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

शराब के नशे में बेकाबू हुआ सिक्योरिटी गार्ड, डिलीवरी बॉय से की मारपीट

देहरादून। नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र स्थित ओएसिस मॉल परिसर में शराब के नशे में एक सिक्योरिटी गार्ड द्वारा जोमैटो डिलीवरी बॉय के साथ मारपीट और गाली-गलौज करने का मामला सामने आया है। सूचना मिलते ही जोगीवाला चौकी से पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका के चलते गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, 21 सितंबर 2026 की रात थाना नेहरू कॉलोनी को सूचना मिली थी कि ओएसिस मॉल परिसर में एक व्यक्ति शराब के नशे में हंगामा कर रहा है और जोमैटो डिलीवरी बॉय के साथ मारपीट कर रहा है। सूचना पर जोगीवाला चौकी से पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा।

मौके पर पुलिस ने देखा कि एक व्यक्ति शराब के नशे में डिलीवरी बॉय के साथ गाली-गलौज और मारपीट कर रहा था। पुलिसकर्मियों ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह और अधिक उग्र हो गया और डिलीवरी बॉय के साथ दोबारा मारपीट करने का प्रयास करने लगा। स्थिति बिगड़ने और शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने आरोपी को धारा 170 बीएनएस के तहत गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी ओएसिस मॉल में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करता है। शराब के नशे में डिलीवरी बॉय से हुई बहस के बाद उसने उसके साथ मारपीट की थी।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान:
महेंद्र सिंह पुत्र स्वर्गीय कुला राम, निवासी डी-22, सेक्टर-3, डिफेंस कॉलोनी, थाना नेहरू कॉलोनी, देहरादून, उम्र 45 वर्ष।


ओट्स सेहतमंद है, लेकिन ज्यादा खाना पड़ सकता है भारी, जानिए सही तरीका

आजकल हेल्दी नाश्ते के विकल्प के तौर पर ओट्स काफी लोकप्रिय हो चुका है। वजन नियंत्रित रखने से लेकर पाचन बेहतर करने तक, इसके कई फायदे बताए जाते हैं। ओट्स में फाइबर, प्रोटीन और कई जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं, इसलिए इसे संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि, किसी भी दूसरी पौष्टिक चीज की तरह ओट्स का सेवन भी सीमित मात्रा में करना जरूरी है। जरूरत से ज्यादा ओट्स खाने या अचानक डाइट में फाइबर बढ़ाने से कुछ लोगों को पेट से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। इसके अलावा बाजार में मिलने वाले फ्लेवर्ड ओट्स में चीनी और नमक की मात्रा भी अधिक हो सकती है। ऐसे में ओट्स चुनते और खाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

ओट्स खाने से शरीर को क्या फायदे मिलते हैं?

ओट्स में भरपूर मात्रा में आहार फाइबर पाया जाता है। फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखने में मदद करता है, जिससे बार-बार भूख लगने की समस्या कम हो सकती है। संतुलित खान-पान और नियमित शारीरिक गतिविधि के साथ ओट्स वजन को नियंत्रित रखने वाली डाइट का हिस्सा बन सकता है।

ओट्स में बीटा-ग्लूकान नाम का घुलनशील फाइबर भी पाया जाता है। यह शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है। इसी वजह से हृदय को स्वस्थ रखने वाली डाइट में ओट्स को शामिल किया जाता है।

इसके अलावा ओट्स में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र के लिए भी उपयोगी माना जाता है। पर्याप्त मात्रा में फाइबर लेने से मल त्याग को सामान्य रखने और कब्ज से बचाव में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसका असर व्यक्ति की खान-पान की आदतों और पाचन क्षमता पर निर्भर करता है।

ज्यादा ओट्स खाने पर हो सकती हैं ये परेशानियां

ओट्स में फाइबर की मात्रा अधिक होती है। अगर कोई व्यक्ति अचानक बहुत ज्यादा मात्रा में ओट्स खाना शुरू कर देता है तो शरीर को अतिरिक्त फाइबर के साथ तालमेल बैठाने में समय लग सकता है। ऐसी स्थिति में गैस, पेट फूलना, भारीपन या पेट में ऐंठन जैसी समस्या हो सकती है।

इसके अलावा पर्याप्त पानी नहीं पीने की स्थिति में अधिक फाइबर का सेवन कुछ लोगों में कब्ज की समस्या बढ़ा सकता है। इसलिए डाइट में ओट्स की मात्रा बढ़ाने के साथ दिनभर पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है।

बाजार से ओट्स खरीदते समय रखें ध्यान

हर तरह के ओट्स को एक जैसा मानना सही नहीं है। सादे ओट्स की तुलना में फ्लेवर्ड ओट्स में अतिरिक्त चीनी, नमक और दूसरी सामग्री मिलाई जा सकती है। इसलिए पैकेट खरीदते समय पोषण संबंधी जानकारी और सामग्री की सूची जरूर देखनी चाहिए।

अगर आप रोजाना ओट्स खाते हैं तो बिना अतिरिक्त चीनी और कम नमक वाले सादे ओट्स को प्राथमिकता देना बेहतर विकल्प हो सकता है।

ओट्स को कैसे खाएं?

ओट्स को दूध या दही के साथ खाया जा सकता है। इसे अधिक पौष्टिक बनाने के लिए इसमें ताजे फल, थोड़े मेवे या बीज भी मिलाए जा सकते हैं। स्वाद के लिए बहुत ज्यादा चीनी, सिरप या अन्य मीठी चीजें डालने से बचना बेहतर है।

अगर आपने हाल ही में अपनी डाइट में ओट्स शामिल किया है तो शुरुआत में कम मात्रा लें और धीरे-धीरे इसकी मात्रा बढ़ाएं। इससे शरीर को बढ़ी हुई फाइबर की मात्रा के साथ सामंजस्य बैठाने में मदद मिल सकती है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है।

किन लोगों को ओट्स खाते समय सावधानी बरतनी चाहिए?

जिन लोगों को पहले से पाचन संबंधी परेशानी रहती है, उन्हें ओट्स की मात्रा अपनी सहनशीलता के अनुसार तय करनी चाहिए। अगर ओट्स खाने के बाद लगातार गैस, पेट फूलना, दर्द या दूसरी समस्या महसूस होती है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

ऐसी स्थिति में चिकित्सक या आहार विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित रहेगा। खासकर तब, जब परेशानी लगातार बनी रहे या रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर डालने लगे।

संतुलित मात्रा में ही करें सेवन

ओट्स पौष्टिक आहार का हिस्सा हो सकता है, लेकिन इसे किसी बीमारी के इलाज के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। इससे मिलने वाले फायदे इस बात पर भी निर्भर करते हैं कि इसे कितनी मात्रा में खाया जा रहा है, किस तरह का ओट्स चुना गया है और आपकी पूरी डाइट कैसी है। इसलिए ओट्स को संतुलित मात्रा में और सही तरीके से अपनी डाइट में शामिल करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

नोट: यह लेख उपलब्ध मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या विशेष डाइट की जरूरत होने पर चिकित्सक या योग्य आहार विशेषज्ञ की सलाह लें।

(साभार)


महाराष्ट्र की UCC समिति से जस्टिस आरसी चव्हाण का इस्तीफा,प्रश्नावली को लेकर समिति में मतभेद

 मुंबई – महाराष्ट्र में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का मसौदा तैयार करने के लिए गठित समिति को लेकर विवाद सामने आया है। समिति के सदस्य और पूर्व न्यायाधीश आर.सी. चव्हाण ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने जनता से सुझाव लेने के लिए तैयार की जा रही प्रश्नावली और समिति की बैठक में एक गैर-सदस्य व्यक्ति की कथित मौजूदगी को लेकर आपत्ति जताई है।

महाराष्ट्र सरकार ने जुलाई में सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना देसाई की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति का गठन किया था। समिति का उद्देश्य राज्य में यूसीसी लागू करने से जुड़े नियम और सिफारिशें तैयार करना है। समिति की दूसरी ऑनलाइन बैठक के कुछ घंटे बाद 19 सितंबर को न्यायमूर्ति चव्हाण ने अपना इस्तीफा भेजा, जिसे राज्य सरकार ने सोमवार को स्वीकार कर लिया।

इस्तीफे से पहले भेजे गए ईमेल में चव्हाण ने बैठक के एजेंडे का जिक्र करते हुए कहा कि यूसीसी को लेकर जनता की राय जानने के लिए तैयार की जा रही प्रश्नावली को अंतिम रूप दिया जाना था। उन्होंने बताया कि तीन सदस्यों ने इस पर सुझाव दिए थे। इनमें लोगों से कुछ सवालों के जवाब केवल ‘हां’ या ‘नहीं’ में लेने और प्रश्नावली की पेशेवर समीक्षा कराने का सुझाव भी शामिल था।

चव्हाण के मुताबिक, समिति की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना देसाई ने उनके द्वारा अंतिम रूप दी गई प्रश्नावली को पहले ही प्रसारित कर दिया था। साथ ही बताया गया था कि वेबसाइट तैयार होने के बाद प्रश्नावली को उस पर अपलोड किया जाएगा।

चव्हाण ने बैठक में समिति के सदस्य नहीं होने वाले एक व्यक्ति की कथित मौजूदगी पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, उस व्यक्ति ने राज्य सरकार के अधिकारियों की ओर से तैयार वेबसाइट में बदलाव की जरूरत बताई। इसके बाद समिति की अध्यक्ष ने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर जरूरी बदलाव करने का निर्देश दिया।

पूर्व न्यायाधीश ने कहा कि उन्हें यह स्पष्ट नहीं था कि समिति के सदस्य नहीं होने के बावजूद वह व्यक्ति बैठक में किस भूमिका से शामिल हुआ था। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से उन्हें समिति के कामकाज को लेकर अलग तरह से सोचने का अवसर मिला।

इस्तीफा देते हुए चव्हाण ने कहा कि वह समिति से अपनी सीट छोड़ रहे हैं, ताकि सरकार खाली पद को जल्द भर सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समिति से अलग होने के बाद एक स्वतंत्र नागरिक के रूप में वह अपनी राय रखने के लिए स्वतंत्र रहेंगे।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से पैक्स नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया

पंतनगर। श्रद्धेय लक्ष्मण राव ईनामदार तीन दिवसीय पैक्स नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज औपचारिक शुभारंभ जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व्यक्तिगत रूप से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन सत्र को संबोधित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

यह प्रशिक्षण सहकार भारती उत्तराखंड, जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय तथा सहकारिता विभाग, उत्तराखंड शासन के संयुक्त तत्वावधान में 20 से 22 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है। कल 20 सितंबर को पंजीकरण, प्रतिभागी परिचय तथा सहकारिता एवं सहकार भारती पर परिचर्चा के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी।

उद्घाटन सत्र (09:30–11:30)

 उद्घाटन सत्र में माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल भाषण दिया। मंच पर माननीय सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. शिवेन कश्यप, सहकार भारती के संरक्षक दीनानाथ ठाकुर, राष्ट्रीय महामंत्री दीपक चौरसिया तथा सहकार भारती उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार गौड़ उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री के वर्चुअल भाषण के मुख्य अंश
अपने वर्चुअल संबोधन में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा:
“सहकारिता ही वह माध्यम है जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। ‘सहकार से समृद्धि’ का लक्ष्य तभी साकार होगा जब हमारे पैक्स सुदृढ़, पारदर्शी और आधुनिक प्रबंधन से संचालित होंगे।”
उन्होंने उत्तराखंड सहकारी नीति 2026 का स्वागत करते हुए कहा कि यह नीति पैक्स को नई दिशा देगी और किसानों को बेहतर बाजार पहुंच तथा वित्तीय सहायता सुनिश्चित करेगी।
मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण प्रतिभागियों से अपील की कि वे नेतृत्व कौशल, वित्तीय प्रबंधन और नवीन व्यवसाय अवसरों को अपनाकर अपने क्षेत्रों में सहकारिता आंदोलन को आगे बढ़ाएं।
उन्होंने कहा कि देवभूमि सारथी राज्य सहकारी संघ और पंतनगर विश्वविद्यालय में शुरू होने वाले डिप्लोमा पाठ्यक्रम युवाओं को सहकारिता क्षेत्र में प्रशिक्षित करेंगे, जिससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
धामी ने जोर दिया कि डिजिटल तकनीकों और सोशल मीडिया का उपयोग कर सहकारिता को युवाओं तक पहुंचाना आज की आवश्यकता है।

लोकार्पण समारोह (10:30–10:55)
उद्घाटन सत्र के दौरान निम्नलिखित लोकार्पण भी किए गए:
‘सहकार ग्रंथम’ का विमोचन
उत्तराखंड सहकारी नीति 2026 का लोकार्पण
पंतनगर विश्वविद्यालय में सहकारिता पर डिप्लोमा पाठ्यक्रम का उद्घाटन
देवभूमि सारथी राज्य सहकारी संघ लि. का उद्घाटन
सोशल मीडिया उन्मुख सहकारिता आधारित रील का उद्घाटन

आगे का कार्यक्रम
सत्र में नयी सहकारी नीति 2026, त्रिस्तरीय व्यवस्था, समिति निर्माण व निर्वाचन, नेतृत्व व अधिकार तथा नवीन व्यवसाय अवसरों पर चर्चा हुई।
22 सितंबर को जिला सहकारी बैंक की भूमिका, वित्त प्रवाह में नाबार्ड की भूमिका, वित्तीय प्रबंधन व लेखा परीक्षण तथा नेतृत्व की संभावनाओं पर सत्र होंगे। समापन सत्र में माननीय कृषि मंत्री गणेश जोशी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
सहकार भारती उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष श्री विनोद कुमार गौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में शुरू हुआ यह प्रशिक्षण पैक्स नेतृत्व को नीति, प्रबंधन एवं वित्त में दक्ष बनाकर ‘सहकार से समृद्धि’ के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


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