Tuesday, September 29th, 2026

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मालदेवता में देर रात हुड़दंग और मारपीट, पुलिस ने पांच युवकों को किया गिरफ्तार

Daily Archives: 29/09/2026

मालदेवता में देर रात हुड़दंग और मारपीट, पुलिस ने पांच युवकों को किया गिरफ्तार

देहरादून। रायपुर थाना क्षेत्र के मालदेवता में देर रात सार्वजनिक स्थान पर शोर-शराबा और आपस में मारपीट कर रहे पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। घटना 28/29 सितंबर 2026 की देर रात की है। कंट्रोल रूम के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली थी कि मालदेवता क्षेत्र में कुछ लोग सार्वजनिक स्थान पर हंगामा करते हुए आपस में झगड़ रहे हैं।

सूचना मिलते ही रायपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पूछताछ में पता चला कि किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे शांत होने के बजाय एक-दूसरे के साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की करने लगे।

मौके पर शांति व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों के पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपितों में अपर नेहरूग्राम रिंग रोड निवासी 25 वर्षीय सक्षम खत्री पुत्र सतेन्द्र सिंह, अपर तुनवाला रायपुर निवासी 24 वर्षीय रिशू पुत्र रविन्द्र सिंह, साकेत कॉलोनी कण्डोली रायपुर निवासी 19 वर्षीय हर्ष जितलवान पुत्र अजय सिंह, एमडीडीए कॉलोनी डालनवाला निवासी 20 वर्षीय देव सिंह रावत पुत्र धीरेन्द्र सिंह और अमन विहार रायपुर निवासी 21 वर्षीय ध्रुव तोमर पुत्र प्रताप सिंह शामिल हैं।


ओएनजीसी में इंडिया एनर्जी वीक-2027 का कर्टेन रेजर, ऊर्जा सुरक्षा और नवाचार पर जोर

देहरादून। ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड (ओएनजीसी) के देहरादून स्थित केडीएमआईपीई परिसर में इंडिया एनर्जी वीक-2027 के कर्टेन रेजर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान कोलकाता व वेबकास्ट भी दिखामें हुए मुख्य कर्टेन रेजर समारोह का लाइया गया। इंडिया एनर्जी वीक-2027 का मुख्य आयोजन 28 से 31 जनवरी 2027 तक कोलकाता के न्यू टाउन कन्वेंशन सेंटर में प्रस्तावित है।

कार्यक्रम में वैश्विक स्तर पर तेजी से बदल रहे ऊर्जा क्षेत्र, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी बदलाव, अनुसंधान और नवाचार जैसे विषयों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों के बढ़ते प्रभाव के बीच ऊर्जा क्षेत्र को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और युवा पेशेवरों को अनुसंधान व नवाचार पर ध्यान देना होगा। बढ़ती ऊर्जा मांग को देखते हुए पारंपरिक स्रोतों के साथ स्वच्छ और वैकल्पिक ऊर्जा के विकास को भी महत्व देने की जरूरत बताई गई।

कोलकाता में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर कहा कि इसका दायरा केवल तेल और गैस की उपलब्धता तक सीमित नहीं है। युद्ध, आपूर्ति मार्गों में व्यवधान, कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक संकटों के बीच अर्थव्यवस्था को सुचारु बनाए रखना भी ऊर्जा सुरक्षा का हिस्सा है।

पुरी ने कहा कि पश्चिम एशिया में संकट और हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े व्यवधानों के बावजूद भारत ने कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों का सामना किया। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में भारत ने कच्चे तेल की खरीद के स्रोतों में विविधता बढ़ाई है। क्रूड सोर्सिंग वाले देशों की संख्या 27 से बढ़कर 41 हो गई है। रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण क्षमता 5.33 मिलियन टन तक पहुंच गई है, जबकि रिफाइनिंग क्षमता 215 मिलियन टन से बढ़कर 267 मिलियन टन प्रतिवर्ष हो गई है।

केंद्रीय मंत्री ने पश्चिम बंगाल में तेल और गैस क्षेत्र की परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 17,600 करोड़ रुपये की परियोजनाएं चल रही हैं। हल्दिया रिफाइनरी की क्षमता 2.5 मिलियन टन प्रतिवर्ष से बढ़कर 8 मिलियन टन प्रतिवर्ष हो चुकी है और वित्त वर्ष 2025-26 में यहां करीब 8.5 मिलियन टन का प्रसंस्करण किया गया।

उन्होंने अशोकनगर में वर्ष 2018 में हुई तेल खोज का भी जिक्र किया, जो अब व्यावसायिक उत्पादन के चरण में पहुंच चुकी है। ओएनजीसी के अशोकनगर क्षेत्र से कच्चे तेल की पहली खेप अगस्त 2026 में हल्दिया पहुंची थी। परियोजना में करीब एक हजार करोड़ रुपये के निवेश का उल्लेख किया गया।

इंडिया एनर्जी वीक-2027 को वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र के प्रमुख मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है। आगामी आयोजन में 75 हजार से अधिक ऊर्जा पेशेवरों और 700 से ज्यादा प्रदर्शकों के शामिल होने की उम्मीद है। पिछले संस्करण में 120 से अधिक देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। इस बार तेल एवं गैस के साथ हाइड्रोजन, जैव ईंधन, नवीकरणीय ऊर्जा, एलएनजी, डिजिटलाइजेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नेट-जीरो, ऊर्जा संक्रमण और तकनीकी नवाचार जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

देहरादून के कार्यक्रम में ओएनजीसी के निदेशक (मानव संसाधन) मनीष पाटील, कार्यकारी निदेशक एवं प्रमुख GEOPIC सुश्री नेबुला बागची, कार्यकारी निदेशक एवं प्रमुख KDMIPE तरुण कुमार माथुरिया, कार्यकारी निदेशक एवं प्रमुख IDT अजय रतन और कार्यकारी निदेशक सुभोजित बोस समेत विभिन्न संस्थानों एवं निदेशालयों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में निगमित संचार एवं सीएसआर के उपमहाप्रबंधक एवं प्रभारी विशाल शर्मा भी शामिल हुए। इसके अलावा ओएनजीसी के वरिष्ठ अधिकारियों, विशेषज्ञों और पेशेवरों के साथ ग्राफिक एरा तथा यूपीईएस के शिक्षाविदों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान इंडिया एनर्जी वीक-2027 से संबंधित वीडियो प्रस्तुति, वरिष्ठ अधिकारियों के संबोधन और ‘समुद्र मंथन’ सहित ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न पहलों व तकनीकी गतिविधियों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, ऊर्जा पेशेवरों और अन्य हितधारकों को बदलते ऊर्जा क्षेत्र से जोड़ना तथा अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी सहयोग को लेकर संवाद को बढ़ावा देना रहा। इसके बाद प्रतिभागियों ने कोलकाता से प्रसारित इंडिया एनर्जी वीक-2027 के मुख्य कर्टेन रेजर कार्यक्रम का लाइव वेबकास्ट देखा।


एमईएस में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी, 46 फर्जी नियुक्ति पत्रों के साथ दो गिरफ्तार

बनबसा । आर्मी के मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) में नौकरी लगवाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से रकम ऐंठने वाले गिरोह का बनबसा पुलिस और एसओजी ने खुलासा किया है। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के मुख्य आरोपित धीरज सक्सेना और उसके सहयोगी गणेश बहादुर को गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से 46 फर्जी नियुक्ति पत्र समेत बड़ी संख्या में कूटरचित दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, मिलिट्री इंटेलिजेंस बनबसा, मुख्यालय लखनऊ से मिली सूचना के आधार पर टनकपुर निवासी गुरु शरण सिंह ने 28 सितंबर को बनबसा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि धीरज सक्सेना और गणेश बहादुर ने एमईएस में नौकरी दिलाने के नाम पर उससे पांच हजार रुपये नकद और 1.40 लाख रुपये यूपीआई के माध्यम से लिए थे।

बताया गया कि 28 सितंबर को धीरज ने पीड़ित को नियुक्ति पत्र देने और बायोमेट्रिक प्रक्रिया के लिए कमल पथ आर्मी एरिया बनबसा के पास बुलाया था। वहां पहुंचने पर पीड़ित को कई अन्य अभ्यर्थी भी मिले। पुलिस जांच में सामने आया कि सोनिया जोशी, कविता जोशी, उमेश भारद्वाज और धारा सिंह बैरवा समेत अन्य लोगों से भी नौकरी दिलाने के नाम पर रकम ली गई थी।

इन अभ्यर्थियों को भी फर्जी नियुक्ति पत्र देकर बायोमेट्रिक के नाम पर बुलाया गया था। लोगों के मौके पर पहुंचने के बाद धीरज अपने साथी गणेश के साथ स्कूटी से वहां से फरार हो गया।

मामला दर्ज होने के बाद थानाध्यक्ष बनबसा के नेतृत्व में पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम बनाई गई। पुलिस ने देर रात धीरज सक्सेना को उसकी स्कूटी के साथ गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 35 अभ्यर्थियों के जॉइनिंग लेटर, एमईएस की दो मोहर, स्टांप पैड, फोटो, कूटरचित दस्तावेज और मोबाइल बरामद हुए।

वहीं, गणेश बहादुर के पास से 11 अभ्यर्थियों की फाइलों में रखे नियुक्ति पत्र व अन्य दस्तावेज, मेडिकल प्रमाण पत्र, मोबाइल फोन और फर्जी मोहर मिली। पुलिस के मुताबिक धीरज के मोबाइल की जांच में लाखों रुपये के लेनदेन की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और ठगी गई कुल रकम का पता लगाने में जुटी है।

धीरज से रियलमी मोबाइल, स्टांप पैड, एजीई (एमईएस) बनबसा की मोहर, फोटो और कूटरचित दस्तावेजों का फोल्डर बरामद हुआ। गणेश के पास से वीवो मोबाइल, जीई पिथौरागढ़ की मोहर, फोटो और अन्य दस्तावेज मिले। इसके अलावा टीवीएस वेगो स्कूटी संख्या यूके07एसी-3133 भी पुलिस ने बरामद की है।

कार्रवाई करने वाली टीम में एसआई विनय मित्तल, एसआई कमलेश भट्ट, एएसआई धीरेंद्र बिष्ट, हेड कांस्टेबल महेंद्र डंगवाल, कांस्टेबल रविंद्र वर्मन, ललित चौधरी, मदन सिंह और कुलदीप सिंह समेत पुलिसकर्मी शामिल रहे।


सुबह खाली पेट कच्चा लहसुन खाना कितना फायदेमंद? जानें फायदे, नुकसान और सही तरीका

लहसुन भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाली ऐसी चीज है, जिसे स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ पारंपरिक रूप से सेहत के लिए भी उपयोगी माना जाता रहा है। हाल के दिनों में सुबह खाली पेट कच्चा लहसुन खाने को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। इनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने से लेकर ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और वजन को नियंत्रित करने तक की बातें शामिल हैं।

हालांकि, किसी भी खाद्य पदार्थ को चमत्कारी उपाय मानना उचित नहीं है। लहसुन में मौजूद कुछ सक्रिय यौगिक स्वास्थ्य के लिए संभावित रूप से उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन इसका असर व्यक्ति की सेहत और सेवन के तरीके पर निर्भर कर सकता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि खाली पेट कच्चा लहसुन खाने से वास्तव में क्या फायदे हो सकते हैं और किन परिस्थितियों में इससे सावधानी बरतनी चाहिए।

लहसुन में कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं?

लहसुन में सल्फर युक्त कई सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं। इनमें एलिसिन प्रमुख है, जो लहसुन को काटने या कुचलने के बाद बनने लगता है। इसके अलावा इसमें कुछ विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट यौगिक भी मौजूद होते हैं। यही कारण है कि लहसुन का इस्तेमाल लंबे समय से भोजन और पारंपरिक स्वास्थ्य उपायों में किया जाता रहा है।

क्या ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है?

कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में लहसुन या उससे तैयार सप्लीमेंट्स के सेवन के बाद ब्लड प्रेशर में मामूली कमी देखी गई है। हालांकि, इसका प्रभाव सभी लोगों में एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति में केवल लहसुन के भरोसे रहना या डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं को बंद करना उचित नहीं है।

कोलेस्ट्रॉल पर कितना असर?

लहसुन और कोलेस्ट्रॉल के बीच संबंध को लेकर भी कई शोध किए गए हैं। कुछ अध्ययनों में कुल और एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल में मामूली बदलाव की बात सामने आई है, लेकिन सभी शोधों के नतीजे एक जैसे नहीं रहे हैं। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि रोज सुबह खाली पेट कच्चा लहसुन खाने से कोलेस्ट्रॉल निश्चित रूप से सामान्य हो जाएगा।

क्या लहसुन खाने से वजन कम हो सकता है?

लहसुन को वजन घटाने का कोई जादुई उपाय नहीं माना जा सकता। वजन कम करने के लिए संतुलित आहार, कैलोरी का संतुलन, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और स्वस्थ जीवनशैली ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। लहसुन को डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है, लेकिन केवल इसके सेवन से वजन घटने की उम्मीद करना सही नहीं है।

खाली पेट कच्चा लहसुन खाने से हो सकती हैं ये परेशानियां

हर व्यक्ति का शरीर कच्चे लहसुन को एक तरह से स्वीकार नहीं करता। खासकर खाली पेट इसका सेवन करने पर कुछ लोगों को पेट में जलन, गैस, पेट दर्द, मतली या सीने में जलन की शिकायत हो सकती है। इसके अलावा लहसुन की तेज गंध के कारण मुंह से दुर्गंध भी आ सकती है।

अगर खाली पेट लहसुन खाने के बाद बार-बार पाचन संबंधी समस्या होती है, तो इसे भोजन के साथ लेने पर विचार किया जा सकता है। परेशानी लगातार बनी रहे तो इसका सेवन रोककर चिकित्सक से सलाह लेना बेहतर है।

इन लोगों को लहसुन के सेवन में बरतनी चाहिए सावधानी

जो लोग खून पतला करने वाली दवाएं लेते हैं, उन्हें ज्यादा मात्रा में कच्चा लहसुन या लहसुन से बने सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। किसी सर्जरी की योजना हो तो चिकित्सक को लहसुन या इसके सप्लीमेंट के सेवन के बारे में जानकारी देना भी जरूरी है।

रोज कितनी मात्रा में लहसुन खाना सही है?

हर व्यक्ति के लिए लहसुन की कोई एक निश्चित मात्रा तय नहीं की जा सकती। इसे सामान्य भोजन का हिस्सा बनाकर सीमित मात्रा में लेना ज्यादा व्यावहारिक तरीका है। ज्यादा स्वास्थ्य लाभ की उम्मीद में बड़ी मात्रा में कच्चा लहसुन खाना जरूरी नहीं है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लहसुन को किसी बीमारी की दवा या इलाज का विकल्प न समझें। अगर आप ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज या किसी अन्य बीमारी से जूझ रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार जारी रखें।

नोट: यह लेख उपलब्ध मेडिकल रिपोर्ट्स और शोध में सामने आई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या नियमित दवा के साथ आहार में बड़ा बदलाव करने से पहले चिकित्सक की सलाह लेना उचित है।

(साभार)


मुख्य सचिव ने की मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा

सीएम घोषणाओं को प्राथमिकता पर लेते हुए निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के दिए निर्देश

यमनोत्री ट्रेक रूट के लिए सुधारीकरण की योजना की जाए तैयार- मुख्य सचिव

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री घोषणाओं को प्राथमिकता पर लेते हुए निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लम्बित घोषणाओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन घोषणाओं का विलोपन या मर्ज किया जाना है, उनके सम्बन्ध में समय से विलोपन अथवा मर्ज की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, घोषणाओं के मर्ज अथवा अन्य विभागों को हस्तांतरण से संबंधित मामलों में भी त्वरित कार्रवाई की जाए।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में कुल 4611 मुख्यमंत्री घोषणाओं में से 2852 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 1759 घोषणाएं लम्बित हैं और 447 का विलोपन या मर्ज किया गया है। लम्बित 1759 घोषणाओं में से 1397 पर विभिन्न स्तरों पर कार्यवाही गतिमान है, एवं इनमें से 59 आंशिक रूप से पूर्ण हो चुकी हैं। 303 घोषणाएं अभी भी लम्बित हैं। मुख्य सचिव द्वारा 11 अगस्त, 2026 की समीक्षा के समय 627 घोषणाएं लम्बित थी, जिनकी संख्या अब घटकर 303 रह गयी है।

मुख्य सचिव ने लम्बित घोषणाओं के सम्बन्ध में विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं के कार्यों में अनावश्यक विलम्ब न हो और विभिन्न स्तरों पर लम्बित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अगली समीक्षा बैठक अक्टूबर माह के मध्य में आयोजित किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न विभागों के मध्य आपसी तालमेल की कमी के कारण लंबित घोषणाओं को सम्बन्धित विभाग आपसी समन्वय के साथ पूर्ण करें। योजनाओं को समय से पूर्ण करने के लिए भूमि हस्तांतरण सहित अन्य प्रक्रियाओं के सम्बन्ध में विभागों के बीच निरन्तर संवाद एवं समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो, विभिन्न कार्यों को समानांतर रूप से प्रारम्भ किया जाए, ताकि समय की बचत हो और योजनाओं को निर्धारित समय में पूरा किया जा सके। उन्होंने विभागों को मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति को लगातार पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन विभागों के पास पोर्टल की यूजर आईडी एवं पासवर्ड उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सचिव एवं अपर सचिव स्तर के अधिकारियों को घोषणाओं की गंभीरता से मॉनिटरिंग करते हुए कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सम्पूर्ण यमुनोत्री ट्रैक रूट के सुधारीकरण की कार्ययोजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस सम्बन्ध में अगले 15 दिनों में विस्तृत प्रस्तुतिकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने ट्रैक रूट के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं की संभावनाओं पर भी कार्य करने को कहा। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर ईको पार्क आदि की घोषणाओं के सम्बन्ध में कहा कि परिसंपत्ति निर्माण के बाद उसके संचालन एवं रखरखाव की व्यवस्था पूर्व में ही निर्धारित की जाए, ताकि परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने पौड़ी शहर में मुख्य बाजार धारा रोड से एजेंसी चौक तक हेरिटेज स्ट्रीट के कार्य को आवास विभाग से पर्यटन विभाग को हस्तांतरित करने तथा मल्टीस्टोरी पार्किंग से सम्बन्धित आवास विभाग को भेजे गए प्रस्तावों पर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक ही क्षेत्र में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे अवस्थापना विकास एवं सौन्दर्यीकरण से सम्बन्धित कार्यों को आपस में समन्वित करते हुए एकीकृत रूप से किया जाए, ताकि सभी कार्यों का बेहतर प्रभाव दिखाई दे।

मुख्य सचिव ने फलों के भंडारण के लिए कोल्ड स्टोरेज निर्माण में भूमि की उपयुक्तता पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि अनुपयुक्त सरकारी भूमि पर कोल्ड स्टोरेज बनाने के बजाय आवश्यकता के अनुरूप उपयुक्त भूमि क्रय कर कोल्ड स्टोरेज का निर्माण किया जाए, ताकि उसका बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने प्रदेश के सभी शहरों में ओपन स्पेस, सिटी पार्क अथवा ईको पार्क जैसी सुविधाओं के विकास की दिशा में कार्य किया जाए। सरकारी भूमि की अनुपलब्धता की स्थिति में निजी भूमि क्रय कर ऐसी सुविधाओं के विकास की संभावनाओं पर भी विचार किया जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव रीना जोशी, मनुज गोयल, रोहित मीणा, नवनीत पाण्डेय, सम्बन्धित विभागों के सचिव, अपर सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों को लेकर प्रशासन सख्त, प्रमुख एवं आंतरिक मार्गों का होगा स्थलीय निरीक्षण

नामित अधिकारियों को दो दिन में गड्ढों एवं क्षतिग्रस्त हिस्सों की सूची तैयार कर फोटो सहित रिपोर्ट देने के निर्देश

देहरादून। मानसून के दौरान हुई भारी बारिश के कारण देहरादून की कई सड़कों को नुकसान पहुंचा है। प्रमुख मार्गों से लेकर आंतरिक सड़कों तक जगह-जगह गड्ढे होने से लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सड़कों की स्थिति सुधारने की कवायद शुरू कर दी है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर शहर और आसपास के क्षेत्रों की 48 प्रमुख एवं आंतरिक सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा।

प्रशासन ने निरीक्षण के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को अलग-अलग मार्गों की जिम्मेदारी सौंपी है। संबंधित अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्रों में जाकर सड़कों की स्थिति का जायजा लेंगे और क्षतिग्रस्त हिस्सों के साथ ही गड्ढों को चिह्नित करेंगे। इसके बाद संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से सड़कों की मरम्मत और गड्ढों को भरने की कार्रवाई कराई जाएगी।

देहरादून के इन प्रमुख मार्गों का होगा निरीक्षण

निरीक्षण के लिए निर्धारित मार्गों में देहरादून-मसूरी मार्ग, राजपुर रोड, हरिद्वार बाईपास, कांवली रोड, मातावाला से कारगी चौक, निरंजनपुर से रिमला बाईपास और बल्लीवाला चौक से आईएसबीटी तक के मार्ग शामिल हैं। इसके अलावा पटेलनगर, नेहरू रोड, धर्मपुर, रायपुर, सहस्रधारा रोड, जाखन, चकराता रोड, क्लेमेंटटाउन और प्रेमनगर समेत शहर के कई आंतरिक मार्गों का भी निरीक्षण किया जाएगा।

फोटो सहित दो दिन में देनी होगी रिपोर्ट

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण के दौरान सड़कों पर मौजूद गड्ढों, क्षतिग्रस्त हिस्सों और मरम्मत की आवश्यकता वाले स्थानों की विस्तृत सूची तैयार की जाए। सभी नामित अधिकारियों को अपने आवंटित मार्गों की स्थिति की रिपोर्ट फोटो सहित दो दिनों के भीतर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), देहरादून को उपलब्ध करानी होगी।

प्रशासन का उद्देश्य मानसून के बाद सड़कों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर मरम्मत कार्यों में तेजी लाना है। इसके तहत संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शहर की सड़कों को सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके। इससे वाहन चालकों और आम लोगों को आवागमन में होने वाली परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।


55 लाख की साइबर ठगी में STF की बड़ी कार्रवाई, पंजाब से एक आरोपी गिरफ्तार

देहरादून। फर्जी ट्रेडिंग क्लासेज और खुद को SEBI रजिस्टर्ड सलाहकार बताकर 55.50 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में उत्तराखंड STF ने कार्रवाई करते हुए पंजाब से एक साइबर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी के बैंक खाते में ठगी की रकम में से करीब 6 लाख रुपये जमा हुए थे।

पंडितवाड़ी, देहरादून निवासी चुन्नी लाल अग्निहोत्री ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात साइबर ठगों ने उन्हें “SBSBL Community / VIP Community” नामक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा। आरोपियों ने खुद को SEBI रजिस्टर्ड सलाहकार बताते हुए फर्जी ट्रेडिंग क्लासेज, डीमैट अकाउंट और नकली CDSL/NSDL दस्तावेज दिखाकर शिकायतकर्ता को विश्वास में लिया।

इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में कुल 55,50,000 रुपये जमा कराकर ठगी की गई। मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मुकदमा दर्ज कर विवेचना निरीक्षक अनिल कुमार को सौंपी गई थी।

विवेचना के दौरान ठगी की रकम के लाभार्थी बैंक खातों और तकनीकी साक्ष्यों की जांच में सुखवीर सिंह उर्फ सूक्कू (26) की संलिप्तता सामने आई। उसके बैंक खाते में शिकायतकर्ता से ठगी गई रकम में से 6 लाख रुपये जमा हुए थे।

STF टीम ने पंजाब में दबिश देकर आरोपी को फाजिल्का क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी के बैंक खाते के विरुद्ध साइबर अपराध से संबंधित अन्य 6 शिकायतें भी दर्ज पाई गई हैं।

गिरफ्तार आरोपी:

सुखवीर सिंह उर्फ सूक्कू पुत्र चिमन सिंह, निवासी शहीद भगत सिंह नगर, चक मन्नेवाला, थाना सिटी जलालाबाद, जिला फाजिल्का, पंजाब।

पुलिस टीम:

निरीक्षक अनिल कुमार

उपनिरीक्षक जगमोहन राणा

कांस्टेबल सोहन बडोनी


दून पुलिस की कार्रवाई: सब्जी मंडी के पास सट्टा लगाते युवक गिरफ्तार, 3,220 रुपये बरामद

देहरादून। अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पटेलनगर थाना पुलिस ने सट्टा खिलाने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से सट्टा पर्ची, सट्टा सामग्री और 3,220 रुपये की नकदी बरामद की है। आरोपी के खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ चेकिंग और सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 29 सितंबर 2026 की रात पटेलनगर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि सब्जी मंडी के पास एक व्यक्ति लोगों को सट्टा खिला रहा है।

सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और एक व्यक्ति को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से सट्टा पर्ची और 3,220 रुपये नकद बरामद हुए।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह सब्जी मंडी के पास सब्जी की ठेली लगाता है। जल्दी पैसा कमाने के लालच में उसने लोगों को सट्टा खिलाना शुरू किया था। वह लोगों से सट्टा लगवाता और जीतने वाले व्यक्ति की रकम में से अपना कमीशन काटकर बाकी राशि उसे दे देता था।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 13 जुआ अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज किया है।

गिरफ्तार अभियुक्त: दानिश पुत्र लियाकत अली, निवासी निरंजनपुर सब्जी मंडी, थाना पटेलनगर, उम्र 30 वर्ष।

बरामदगी: सट्टा पर्ची और 3,220 रुपये नकद।


राम मंदिर चढ़ावा चोरी: चोरी की सूचना 4 जून को मिली, 25 जून को दर्ज हुई FIR; चार्जशीट ने उठाए नए सवाल

अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावे की रकम चोरी मामले में पुलिस की चार्जशीट सामने आने के बाद घटना की सूचना से लेकर प्राथमिकी दर्ज होने के बीच के समय को लेकर सवाल उठ रहे हैं। चार्जशीट में ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय का बयान गवाह के तौर पर दर्ज है और उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया है। हालांकि, उनके बयान के अनुसार उन्हें चोरी की सूचना, वीडियो और करीब 2.25 लाख रुपये की रकम से संबंधित संदेश चार जून की रात ही मिल गया था।

चार्जशीट के मुताबिक, गणना कर्मी आनंद कुमार चौधरी ने चार जून की रात करीब पौने दस बजे चंपत राय के मोबाइल पर लिखित संदेश और वीडियो भेजा था। संदेश में चढ़ावे की रकम में करीब 2.25 लाख रुपये की चोरी की जानकारी दी गई थी। वीडियो में नोटों की गड्डियां दिखाई गई थीं। विवेचना में इस रकम के गणना कक्ष के बाथरूम से बरामद होने का भी उल्लेख किया गया है।

अगले दिन पांच जून को चंपत राय को चोरी से जुड़े वीडियो दिखाए गए। चार्जशीट के अनुसार, अयोध्या पहुंचने के बाद ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ उनकी मुलाकात हुई और उनके आवास पर लैपटॉप के जरिए गणना कक्ष की फुटेज देखी गई। फुटेज में चढ़ावे की रकम की गिनती के दौरान नोटों की गड्डियों से कथित तौर पर रकम निकालने की तस्वीरें सामने आईं।

इसके बावजूद मामले में एफआईआर 25 जून को दर्ज हुई। इस तरह शुरुआती सूचना मिलने और प्राथमिकी दर्ज होने के बीच करीब तीन सप्ताह का अंतर रहा। चार्जशीट में इसी घटनाक्रम के चलते यह सवाल सामने आया है कि सूचना मिलने के बाद पुलिस को कब जानकारी दी गई और कार्रवाई में इतना समय क्यों लगा।

पुलिस ने जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल और सीडीआर के विश्लेषण के साथ बरामदगी को भी साक्ष्य के तौर पर शामिल किया है। चार्जशीट में आठ आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप प्रमाणित पाए जाने की बात कही गई है।

वहीं, चंपत राय को मौजूदा चार्जशीट में आरोपी नहीं बनाया गया है। उनका बयान गवाह के तौर पर दर्ज है। चार्जशीट में उनके खिलाफ चोरी में सहयोग करने, किसी आरोपित को संरक्षण देने या जांच को प्रभावित करने का निष्कर्ष भी दर्ज नहीं है।

इधर, राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की एक यूनिट की स्थायी तैनाती की गई है। एनएसजी कमांडो राम मंदिर परिसर में पहुंचकर मौजूदा सुरक्षा इंतजामों का जायजा ले रहे हैं।

24 से 29 सितंबर तक एनएसजी टीम मंदिर की सुरक्षा में तैनात वरिष्ठ अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक कर रही है। इस दौरान परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, संभावित आपात स्थिति और त्वरित प्रतिक्रिया की तैयारियों का आकलन किया जा रहा है।

मंदिर परिसर में पिछले कुछ दिनों से सुरक्षा अभ्यास भी चल रहा है। इसमें आकस्मिक परिस्थितियों में सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया और मौजूदा व्यवस्था को परखा जा रहा है। एनएसजी कमांडो मंदिर परिसर के अलग-अलग हिस्सों में सुरक्षा इंतजामों की निगरानी कर रहे हैं।

एसपी सुरक्षा विजय शंकर मिश्र के अनुसार, राम मंदिर समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए एनएसजी की एक यूनिट स्थायी रूप से तैनात की गई है। अयोध्या में एनएसजी का हब बनने के बाद शहर के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा में भी इसकी त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का इस्तेमाल किया जा सकेगा।


छात्र संघ चुनावों में पुलिस के दुरुपयोग का कांग्रेस का आरोप, गणेश गोदियाल बोले- लोकतांत्रिक अधिकारों पर असर डालने की कोशिश

देहरादून। उत्तराखंड में चल रहे छात्र संघ चुनावों को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर पुलिस प्रशासन के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस समर्थित छात्र संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने तथा गिरफ्तार करने की कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।

गोदियाल ने जारी बयान में कहा कि विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्र संघ चुनाव छात्रों की राजनीतिक भागीदारी, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े महत्वपूर्ण मंच हैं। उनका आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल किया जा रहा है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि चुनावी माहौल में कांग्रेस समर्थित छात्र संगठनों के नेताओं और प्रत्याशियों पर दबाव बनाने के लिए गिरफ्तारियां, पूछताछ और मुकदमों की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे छात्रों के बीच भय का वातावरण पैदा होने की आशंका है।

गोदियाल ने कहा कि छात्र अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं। उन्होंने मांग की कि छात्र संघ चुनावों में पुलिस और प्रशासन की भूमिका निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने तक सीमित रहनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी मशीनरी के राजनीतिक इस्तेमाल की प्रवृत्ति अब विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्र संघ चुनावों तक पहुंच गई है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए पुलिस एवं प्रशासन के दुरुपयोग के आरोप जारी रहे तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध करेगी।

 


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