Monday, September 14th, 2026

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फर्जी वेबसाइट और कॉल सेंटर से करते थे ठगी, 75 डिब्बे नकली दवाओं के साथ तीन गिरफ्तार

Daily Archives: 14/09/2026

फर्जी वेबसाइट और कॉल सेंटर से करते थे ठगी, 75 डिब्बे नकली दवाओं के साथ तीन गिरफ्तार

बरेली। इंटरनेट मीडिया पर तीन दिन में शुगर ठीक करने का दावा कर लोगों को ठगने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने रविवार को साजिद, इस्लाम और मोहम्मद जफर को गिरफ्तार किया। आरोपित जरूरतमंदों से दवा के नाम पर आर्डर लेते थे और बाद में नकली दवाएं कोरियर के जरिए भेजते थे। गिरोह ने आर्डर और डिलीवरी के लिए फर्जी वेबसाइट और काल सेंटर भी बना रखा था।

आरंभिक जांच में सामने आया कि आरोपित जिन दवाओं को जरूरतमंदों तक भेजते थे, उन पर न तो निर्माता का नाम लिखा था और न ही निर्माण वर्ष की जानकारी थी। दवाओं की गुणवत्ता जांच से संबंधित कोई प्रमाण भी नहीं मिला। पुलिस अब गिरोह के दो अन्य आरोपितों रऊफ और रिजवान की तलाश कर रही है।

पुलिस के अनुसार भोजीपुरा निवासी साजिद मलिक ने ठगी का यह जाल तैयार किया था। शुगर के मरीजों को निशाना बनाने के लिए गिरोह ने उन्हें बीमारी ठीक करने का दावा करते हुए इंटरनेट मीडिया पर विज्ञापन दिए। इसके बाद जरूरतमंद लोग वेबसाइट के माध्यम से दवा का आर्डर करते थे।

गिरोह के सदस्य फोन पर ग्राहकों से दवा की कीमत और डिलीवरी के संबंध में बात करते थे। उन्हें बताया जाता था कि दवा कंपनी उत्तराखंड में है और वहीं से दवा भेजी जाएगी। दवाओं की कीमत 1000 से 1450 रुपये के बीच रखी जाती थी।

पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य सैलानी में यादगार रेस्टोरेंट के पास स्थित एक मकान में नकली दवाओं की पैकिंग और डिलीवरी का काम करते थे। पुलिस ने रविवार को छापेमारी कर साजिद, इस्लाम और मोहम्मद जफर को गिरफ्तार किया। मौके से 75 डिब्बों में दवाएं मिलीं। आरोपितों के पास दवाओं की बिक्री का लाइसेंस भी नहीं था।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित कुछ दुकानों से जड़ी-बूटियां और गोलियां लेकर उनकी पैकिंग कराते थे। पैकिंग पर आरके इंटरप्राइजेज, डियाबो-वीटा केयर, अयूर लाइफ और हमदम फार-ऐवर इंडिया जैसे नाम छपवाए जाते थे। पुलिस की प्रारंभिक जांच में ये सभी कंपनियां फर्जी पाई गई हैं।

गिरोह में रऊफ और रिजवान मियां भी शामिल बताए गए हैं। रऊफ और साजिद सगे भाई हैं। साजिद, रऊफ और पीलीभीत निवासी रिजवान ने कंपनी बनाई थी। दवा बनाने और पैकिंग का काम रऊफ व रिजवान देखते थे, जबकि इस्लाम इंटरनेट मीडिया पर प्रचार करता था।

एएसपी आशुतोष शिवम ने बताया कि गिरोह के पांचों सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। यह भी जांच की जा रही है कि शुगर की दवा के नाम पर ग्राहकों को कौन सी गोलियां दी जा रही थीं और उनकी गुणवत्ता क्या थी।


चार वीर शहीदों की स्मृति में शहीद स्मारक एवं शहीद द्वार निर्माण को स्वीकृति

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जताया आभार

देहरादून। प्रदेश सरकार ने राज्य के वीर शहीदों के सम्मान और उनकी स्मृतियों को चिरस्थायी बनाए रखने की दिशा में चार वीर शहीदों की स्मृति में शहीद स्मारक एवं शहीद द्वार निर्माण के लिए वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।

इसके तहत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के शहीद कांस्टेबल विनोद पाल सिंह की स्मृति में उनके पैतृक ग्राम पोस्ट-कैपर्स बारसार, तहसील बालगंगा, जनपद टिहरी गढ़वाल में शहीद स्मारक/शहीद द्वार का निर्माण किया जाएगा।

इसी प्रकार शहीद पैराट्रूपर अमित कुमार अग्रवाल की स्मृति में उनके पैतृक ग्राम कोला-सिल्डी, विकासखंड कल्जीखाल, जनपद पौड़ी गढ़वाल में शहीद द्वार निर्माण को स्वीकृति दी गई है। शहीद नायक भरत सिंह (CRPF) की स्मृति में ग्राम बूंगा मल्ला, तहसील रिखणीखाल, लैंसडाउन, जनपद पौड़ी गढ़वाल में शहीद स्मारक का निर्माण किया जाएगा। वहीं शहीद सहायक उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह (ITBP) की स्मृति में ग्राम कोटी, पोस्ट आमनी, तहसील देवप्रयाग, जनपद टिहरी गढ़वाल में शहीद स्मारक निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में शहीद द्वारों और शहीद स्मारकों के निर्माण के साथ-साथ सैनिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि इन शहीद स्मारकों एवं शहीद द्वारों का निर्माण देश की रक्षा एवं राष्ट्रसेवा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूतों के शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति का स्थायी प्रतीक होगा। इनके माध्यम से शहीदों की गौरवगाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के साथ ही युवाओं में राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति की भावना को भी प्रेरित किया जा सकेगा।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड को ‘सैनिकों की भूमि’ के रूप में विशेष गौरव प्राप्त है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वीर सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के जवानों ने देश की सीमाओं तथा आंतरिक सुरक्षा में अपने अदम्य साहस और समर्पण से महत्वपूर्ण योगदान दिया है। शहीदों की स्मृति में निर्मित होने वाले ये स्मारक उनके सर्वोच्च बलिदान के प्रति राज्य की कृतज्ञता, सम्मान और श्रद्धांजलि के स्थायी प्रतीक होंगे।

सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शहीद सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान एवं कल्याण के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध है। शहीदों के त्याग और बलिदान को सम्मानपूर्वक स्मरण करना तथा उनकी स्मृतियों को संरक्षित रखना सरकार और समाज, दोनों का दायित्व है। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है। उनके शौर्य, त्याग और राष्ट्रसेवा की स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है।


धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज पहुंचे सिरमौर के शिलाई, पश्मी गांव

जागड़ा मेले के दो दिवसीय आयोजन के दूसरे दिन छत्रधारी चालदा महासू महाराज के दर्शन कर पूजा अर्चना की

विकासनगर (देहरादून)। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के शिलाई अंतर्गत पश्मी गांव में पहुंचकर न्याय के देवता छत्रधारी चालदा महासू महाराज के दर्शन और पूजन कर प्रदेश की सुख शांति और समृद्धि की कामना की।

हनोल मंदिर (महासू देवता मंदिर) में रविवार को पूजा-अर्चना कर दो दिवसीय पारंपरिक और धार्मिक जांगड़ा (देवनायणी) राजकीय मेला पर्व का शुभारंभ करने के पश्चात आज दूसरे दिन सोमवार को हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के शिलाई अंतर्गत पश्मी गांव में पहुंचकर न्याय के देवता छत्रधारी चालदा महासू महाराज के दर्शन और पूजन कर प्रार्थना करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड प्रदेश और हमारा देश आगे बढ़े और जो संकट हमारे सामने हैं इन चुनौतियों का सामना करते हुए देश में सुख शांति और समृद्धि की आये।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि छत्रधारी चालदा महासू महाराज उत्तराखंड के जौनसार-बावर और हिमाचल के ट्रांस-गिरी क्षेत्र के लाखों लोगों के आराध्य और कुल देवता हैं। इन्हें न्याय का देवता माना जाता है और सदियों से हिमाचल, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के परिवार इनकी पूजा करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां बहुत अच्छी व्यवस्थाएं हैं उन्होंने हिमाचल प्रदेश के परिवहन मंत्री को बधाई देते हुए कहा कि हमने स्पेशल बस चलाने के लिए उनसे आग्रह किया था जिसे उन्होंने स्वीकार किया और हनोल के लिए बसों व्यवस्था की।

उल्लेखनीय है कि छत्रधारी चालदा महासू महाराज की यह ऐतिहासिक प्रवास यात्रा उत्तराखंड के दसऊ गांव से शुरू होकर टौंस नदी पार कर लगभग 70 किलोमीटर की 6 दिवसीय पैदल यात्रा के बाद पश्मी पहुंची है। पश्मी गांव में लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित भव्य मंदिर में महाराज विधिवत रूप से विराजमान हुए हैं, जहां वे परंपरा के अनुसार एक वर्ष तक प्रवास करेंगे।

इस अवसर पर धर्मस्व मंत्री महाराज ने कहा कि महासू महाराज का पश्मी आगमन पूरे क्षेत्र के लिए सौभाग्य की बात है। उनकी कृपा से क्षेत्र में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसे पौराणिक और सांस्कृतिक स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से विकसित कर रही है, जिससे स्थानीय आस्था के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

पश्मी मंदिर पहुंचने पर मंदिर समिति एवं स्थानीय श्रद्धालुओं ने ढोल-दमाऊं और फूल-मालाओं के साथ पर्यटन मंत्री का स्वागत किया। उन्होंने मंदिर परिसर में आयोजित भंडारे और व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर महासू मंदिर समिति के पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासन के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


क्या RO का पानी घटा रहा है शरीर का B12? नए अध्ययन ने बढ़ाई चिंता

आजकल घरों और दफ्तरों में साफ पानी के लिए आरओ का इस्तेमाल आम हो गया है। ज्यादातर लोग आरओ पानी को शुद्ध और सुरक्षित मानकर नियमित रूप से इसका सेवन करते हैं। हालांकि, एक हालिया स्वास्थ्य अध्ययन ने आरओ पानी पीने और शरीर में विटामिन B12 की कमी के बीच संभावित संबंध को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।

पश्चिमी भारत में किए गए इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने यह जानने की कोशिश की कि आरओ पानी का लंबे समय तक सेवन करने वाले लोगों में विटामिन B12 का स्तर कैसा रहता है। अध्ययन के आंकड़ों में आरओ पानी का इस्तेमाल करने वाले लोगों में B12 की कमी का अनुपात अन्य स्रोतों का पानी पीने वालों की तुलना में अधिक पाया गया। हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक इन नतीजों को सीधे तौर पर यह मान लेना सही नहीं होगा कि आरओ पानी ही B12 की कमी की वजह है।

250 लोगों पर किया गया अध्ययन

शोध में कुल 250 लोगों को शामिल किया गया। जांच के दौरान 70 प्रतिभागियों यानी करीब 28 प्रतिशत लोगों में विटामिन B12 की कमी पाई गई।

आंकड़ों के मुताबिक आरओ पानी का इस्तेमाल करने वाले 79 प्रतिभागियों में से 40 लोगों यानी 50.6 प्रतिशत में B12 की कमी थी। वहीं, आरओ के अलावा दूसरे स्रोतों का पानी पीने वाले 171 लोगों में से 30 यानी करीब 17.5 प्रतिशत लोगों में विटामिन B12 का स्तर कम पाया गया।

अध्ययन के सांख्यिकीय विश्लेषण में भी आरओ पानी के इस्तेमाल और विटामिन B12 की कमी के बीच एक स्वतंत्र संबंध सामने आया।

क्या आरओ पानी सीधे B12 की कमी करता है?

अध्ययन का सबसे अहम पहलू यही है कि इसमें केवल दोनों चीजों के बीच संबंध देखा गया है। शोध ने यह साबित नहीं किया कि आरओ पानी पीने से सीधे शरीर में विटामिन B12 की कमी हो जाती है।

दरअसल, यह एक क्रॉस-सेक्शनल अध्ययन था, जिसमें प्रतिभागियों की स्वास्थ्य स्थिति को एक निश्चित समय पर देखा गया। ऐसे अध्ययन किसी स्थिति और संभावित कारण के बीच संबंध तो दिखा सकते हैं, लेकिन यह निश्चित रूप से साबित नहीं कर सकते कि एक चीज दूसरी की वजह है।

खान-पान समेत कई पहलुओं की हुई जांच

शोध के दौरान प्रतिभागियों से उनके लिंग, खान-पान, दूध और डेयरी उत्पादों के सेवन तथा आरओ पानी के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी ली गई। साथ ही उनके विटामिन B12 स्तर की भी जांच की गई।

जिन प्रतिभागियों में पहले से ही विटामिन B12 की कमी के ज्ञात कारण मौजूद थे, उन्हें अध्ययन से बाहर रखा गया था। इसके बावजूद शोधकर्ताओं ने माना कि इस संबंध को बेहतर तरीके से समझने के लिए आगे और अध्ययन की जरूरत है।

बड़े और लंबे अध्ययन की जरूरत

शोध के निष्कर्षों के आधार पर फिलहाल आरओ पानी को विटामिन B12 की कमी का सीधा और निश्चित कारण बताना उचित नहीं होगा। इस संबंध की पुष्टि के लिए ज्यादा लोगों को शामिल करते हुए लंबे समय तक अध्ययन करने की आवश्यकता है।

भविष्य के शोध में लोगों के खान-पान, जीवनशैली, पोषण और पानी के अलग-अलग स्रोतों जैसे कई कारकों को साथ में देखा जाना जरूरी होगा। इसलिए अगर आप नियमित रूप से आरओ पानी पीते हैं तो केवल इस अध्ययन के आधार पर इसे बंद करने का फैसला न लें। शरीर में B12 की कमी को लेकर चिंता हो तो चिकित्सकीय सलाह और आवश्यक जांच कराना बेहतर विकल्प है।

नोट: यह लेख उपलब्ध मेडिकल रिपोर्ट और शोध निष्कर्षों के आधार पर तैयार किया गया है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न माना जाए।

(साभार)


कैथल में दो युवतियां और 14 वर्षीय नाबालिगा लापता, पुलिस ने दर्ज किए तीन केस

कैथल। जिले में तीन अलग-अलग मामलों में दो युवतियां और एक नाबालिगा घर से लापता हो गईं। संबंधित परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तीनों मामलों में केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।

पहला मामला तितरम थाना क्षेत्र का है। एक गांव निवासी व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी 18 वर्षीय पोती 12वीं कक्षा तक पढ़ी हुई है। 12 सितंबर को सुबह करीब नौ बजे वह कैथल में ब्यूटी पार्लर का काम सीखने की बात कहकर घर से निकली थी। देर रात तक वापस नहीं लौटने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की।

परिजनों ने अपने स्तर पर युवती को रिश्तेदारियों में भी तलाश किया और फोन कर जानकारी ली, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। तितरम थाना की जांच अधिकारी एसआई सुदेश ने बताया कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर युवती की तलाश की जा रही है।

दूसरा मामला सिटी थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी का है। एक युवक ने शिकायत में बताया कि उसकी 19 वर्षीय बहन 13 सितंबर को बिना बताए घर से चली गई। इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

तीसरे मामले में भी सिटी थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी निवासी व्यक्ति ने शिकायत दी। उसने बताया कि उसकी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी 13 सितंबर को बिना बताए घर से चली गई। इसके बाद से वह वापस नहीं लौटी। पुलिस ने केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।


दून पुलिस की नशा तस्करों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, दो महिलाओं समेत तीन गिरफ्तार

देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर दून पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए दो महिला तस्करों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 16.79 ग्राम स्मैक और 3 किलो 12 ग्राम गांजा बरामद किया है। बरामद मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत 5 लाख रुपये से अधिक बताई गई है।

एसएसपी देहरादून ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और नशे के कारोबार में लिप्त आरोपियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में सहसपुर, विकासनगर और पटेलनगर पुलिस ने यह कार्रवाई की।

13 सितंबर 2026 को सहसपुर पुलिस ने चेकिंग के दौरान कुरैशी मोहल्ला गली से जैतून पत्नी स्व. इस्लाम, निवासी कुरैशी मोहल्ला बड़ा रामपुर, थाना सहसपुर, उम्र 49 वर्ष को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 10.79 ग्राम स्मैक बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत 3 लाख 20 हजार रुपये बताई गई है।

अभियुक्ता के खिलाफ थाना सहसपुर में मु0अ0सं0 226/2026, धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार जैतून पूर्व में भी मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में जेल जा चुकी है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत वर्ष 2025 और 2026 में कई अभियोग दर्ज हैं।

13 सितंबर 2026 को विकासनगर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर हाईवे से कुंजा ग्रांट जाने वाली सड़क से आगे आम के बगीचे के पास से आशिक अली पुत्र तहसीन, निवासी ग्राम कुंजाग्रांट, विकासनगर, उम्र 35 वर्ष को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 6 ग्राम स्मैक बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत 2 लाख रुपये है।

अभियुक्त के खिलाफ कोतवाली विकासनगर में मु0अ0सं0 282/2026, धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

14 सितंबर 2026 को पटेलनगर पुलिस ने चेकिंग के दौरान सब्जी मंडी स्थित सुलभ शौचालय के पास पेड़ के नीचे खाली स्थान से सिमरन पत्नी सूरज साहनी, निवासी ग्राम बेनीवाला, थाना गायघाट, जिला मुजफ्फरपुर, बिहार, हाल निवासी ब्रह्मपुरी, पटेलनगर, देहरादून, उम्र 19 वर्ष को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने उसके कब्जे से 3 किलो 12 ग्राम गांजा बरामद किया। अभियुक्ता के खिलाफ कोतवाली पटेलनगर में मु0अ0सं0 637/2026, धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार अभियुक्ता का पूर्व में भी एनडीपीएस एक्ट के मामले में जेल जाना सामने आया है।


मछुआरा समाज के वोटों की दलाली करने वालों से रहें सावधान: संजय निषाद

बोले, यूपी में पहली बार राजनीतिक ताकत बनकर खड़ा हुआ मछुआरा समाज, मौसमी नेताओं से सतर्क रहने की जरूरत

लखनऊ। कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने विधानसभा चुनाव की बढ़ती सरगर्मी के बीच मछुआरा समाज को मौसमी नेताओं से सावधान रहने की नसीहत दी है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि आजादी के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश में मछुआरा समुदाय एक बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर खड़ा हुआ है। ऐसे समय में समाज के वोटों की दलाली करने वालों को पहचानने की जरूरत है।

डॉ. संजय निषाद ने बिना किसी का नाम लिए निशाना साधते हुए कहा कि कुछ मौसमी नेता अब तक यह तय नहीं कर पाए हैं कि उन्हें मुंबई में व्यापार करना है, यहां-वहां घूमकर दूसरों की दरी बिछानी है या मछुआरा समाज के वोटों की दलाली करनी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में मछुआरा समुदाय के वोटों की खरीद-बिक्री के लिए बदनाम और वहां समाज के राजनीतिक उभार को नुकसान पहुंचाने वाले लोग अब उत्तर प्रदेश में निषाद समाज को गुमराह करने निकले हैं।

उन्होंने कहा कि जो खुद एक विधानसभा चुनाव जीतने की हैसियत नहीं रखता, वह जेब में नोटों की गड्डी लेकर लाल टोपी और नीली वर्दी पहनकर यूपी के निषाद समाज को राजनीति सिखाने चला है। मछुआरा समुदाय पैसों पर बिकने वाली कौम नहीं है। उत्तर प्रदेश के मछुआरों को राजनीति सिखाने से पहले यह समझ लेना चाहिए कि राजनीति और संघर्ष उनके खून में है।

डॉ. निषाद ने कहा कि मछुआरा समाज ने मुगलों और अंग्रेजों से संघर्ष किया और देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संविधान में समाज को अधिकार और आरक्षण मिला, लेकिन आपसी बिखराव के कारण उसका हक लुटता रहा। आज भी केवट, मल्लाह, बिंद और कश्यप के नाम पर भेद पैदा कर समाज को एकजुट होने से रोकने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि दूसरे दलों से पैसा लेकर समाज के बीच बांटने और उसके वोटों का सौदा करने वालों को समाज पहचान ले। मछुआरा गरीब जरूर है, लेकिन अपने स्वाभिमान और अधिकारों का सौदा करने वाला नहीं है। उन्होंने पोस्ट के अंत में ‘जय निषादराज’ लिखा।


गरीब राजभर समाज में पैदा हुआ, इसलिए मेरी पैदाइश पर टिप्पणी: ओम प्रकाश राजभर

ओम प्रकाश सिंह पर पलटवार, बोले, मैं भी अनर्गल टिप्पणी कर सकता हूं लेकिन माता-पिता का अपमान करना हमारे संस्कार नहीं

सपा पर भी साधा निशाना, कहा, विधानसभा टिकट के लिए अपमान का घूंट पीकर पड़े हैं

लखनऊ। कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अपनी पैदाइश को लेकर की गई टिप्पणी पर सपा नेता ओम प्रकाश सिंह पर तीखा पलटवार किया है। सोशल मीडिया पर उन्हें ‘मित्र ओम प्रकाश सिंह जी’ संबोधित करते हुए राजभर ने कहा कि पिछले दो दिनों से उनका बयान सामने आ रहा है। बयान सुनकर उन्हें हैरानी नहीं हुई, बल्कि ओम प्रकाश सिंह पर तरस आया। उन्होंने कहा कि उनकी पैदाइश पर टिप्पणी इसलिए की गई, क्योंकि वह किसी जमींदार या ऊंची जाति में नहीं, बल्कि बेहद गरीब और असहाय राजभर समाज में पैदा हुए हैं।

राजभर ने कहा कि उन्हें राजभर होने का कभी दुख नहीं रहा। बल्कि इस बात की खुशी है कि जिस समाज में पैदा हुए, उसके लिए कुछ करने की नीयत और हौसला उनके अंदर है। उन्होंने कहा कि चाहें तो वह भी ओम प्रकाश सिंह पर अनर्गल टिप्पणी कर सकते हैं, लेकिन छोटी जाति में पैदा होने के बावजूद राजभर समाज ने किसी व्यक्ति के माता-पिता पर गलत बयानबाजी करना नहीं सिखाया। उन्होंने ओम प्रकाश सिंह के माता-पिता को प्रणाम करते हुए कहा कि कौन कब, कहां, किस कुल और किस जाति में पैदा होगा, यह कोई व्यक्ति तय नहीं करता। इसे परमात्मा तय करते हैं।

इसके बाद राजभर ने सपा और ओम प्रकाश सिंह पर सियासी हमला तेज करते हुए कहा कि शायद वे लोग ईश्वर को नहीं मानते। अगर मानते होते तो भगवान राम, रघुकुल, सूर्यवंश और सनातन का अपमान करने वाली समाजवादी पार्टी में एक विधानसभा टिकट के लिए अपमान का घूंट पीकर नहीं पड़े रहते।

राजभर ने कहा कि वह कर्म करने में विश्वास रखते हैं और कर्म के फल की चिंता नहीं करते। उन्होंने राजभर समाज के साथ पिछड़ों, दलितों और शोषितों की आवाज बुलंद करने का प्रण लिया है और उसी को पूरा करने में लगे हैं। उन्होंने ओम प्रकाश सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें सपा का टिकट चाहिए तो बेशक लें। जनता सब देख रही है। वह उन्हें भी देख रही है और उनकी पार्टी को भी। समय आने पर नतीजा भी जनता ही देगी।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं है कि ओम प्रकाश सिंह अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगेंगे और वह उनसे माफी की अपेक्षा भी नहीं रखते। लेकिन एक बार अपने माता-पिता को याद करके जरूर सोचें कि उनके जैसे छोटी जाति में पैदा हुए व्यक्ति की पैदाइश को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना उचित है या नहीं।

राजभर ने आखिर में लिखा कि बाकी ईश्वर उनका भला करे। इसके साथ उन्होंने ‘जय श्रीराम’ लिखकर अपनी पोस्ट समाप्त की।


आगरा में मेले से लापता 16 वर्षीय किशोरी का शव पेड़ से लटका मिला

आगरा। सैंया के गांव नदीम में रविवार शाम मेले से लापता हुई 16 वर्षीय किशोरी कृष्णा का शव सोमवार सुबह गांव के बाहर जंगल में एक पेड़ से दुपट्टे के फंदे पर लटका मिला। किशोरी के लापता होने के बाद से स्वजन और ग्रामीण रातभर उसकी तलाश कर रहे थे।

गांव नदीम में रविवार को पुराने बाबू महाराज का मेला लगा था। कृष्णा शाम करीब साढ़े चार बजे मेले में गई थी। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर स्वजन ने उसकी तलाश शुरू की। मेले में उसके साथ गई सहेलियों से भी जानकारी ली गई, लेकिन उन्हें किशोरी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।

अनहोनी की आशंका में स्वजन और ग्रामीण रातभर किशोरी को तलाशते रहे। सोमवार सुबह बाजरे के खेतों में तलाश के दौरान ग्रामीणों को गांव के बाहर जंगल में एक पेड़ पर किशोरी का शव फंदे से लटका मिला। उसके गले में दुपट्टे का फंदा कसा हुआ था और दुपट्टे का एक सिरा पेड़ की डाल से बंधा था।

शव मिलने की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। स्वजन ने पुलिस को बताया कि किशोरी मानसिक रूप से परेशान थी और उसका उपचार चल रहा था।

एसीपी सैंया जसवीर सिंह सिरोही ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृत्यु का कारण स्पष्ट होगा।


तंदूर की रोटी पर थूकने का वीडियो वायरल, पुलिस ने युवक को किया गिरफ्तार

पतेई खादर (अमरोहा)। रहरा के गंगवार गांव स्थित एक होटल में तंदूर की रोटी पर थूकने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे युवक अरमान को गिरफ्तार कर शांति भंग की धाराओं में चालान किया है। पुलिस के अनुसार, प्रसारित वीडियो करीब चार माह पुराना बताया जा रहा है।

सीओ पंकज कुमार त्यागी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। हसनपुर-अलीगढ़ मार्ग किनारे गंगवार गांव में नदीम अहमद का होटल है। इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो में होटल पर तंदूर की रोटी बनाता एक युवक दिखाई दे रहा है। आरोप है कि रोटी को तंदूर में सेंकने से पहले युवक उस पर थूक रहा है।

वीडियो प्रसारित होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू की। पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे गंगवार निवासी युवक अरमान को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसका शांति भंग की धाराओं में चालान किया गया।

पुलिस के मुताबिक, वीडियो करीब चार माह पुराना है, जबकि इसे शनिवार को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किया गया।


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