Tuesday, October 13th, 2026

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डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड के राज्यपाल नियुक्त होने पर महाराज ने दी शुभकामनाएं

Daily Archives: 13/10/2026

डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड के राज्यपाल नियुक्त होने पर महाराज ने दी शुभकामनाएं

देहरादून। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का नया राज्यपाल नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

महाराज ने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा डॉ. बिसेन को उत्तराखंड जैसे महत्वपूर्ण राज्य का राज्यपाल नियुक्त किया जाना हम सभी के लिए हर्ष का विषय है।

उन्होंने कहा कि डॉ. ढाल सिंह बिसेन एक अनुभवी जननेता, वरिष्ठ चिकित्सक और कुशल प्रशासक हैं। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के किसान परिवार से आने वाले डॉ. बिसेन चार बार विधायक, मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री, वित्त आयोग के अध्यक्ष और बालाघाट से लोकसभा सांसद के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। आयुर्वेद और होम्योपैथी चिकित्सा में उनकी विशेषज्ञता और जनसेवा का लंबा अनुभव उत्तराखंड के विकास में निश्चित रूप से सहायक सिद्ध होगा।

महाराज ने कहा, “मुझे पूर्ण विश्वास है कि उनके संवैधानिक नेतृत्व, मार्गदर्शन और अनुभव से उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।

उन्होंने नवनियुक्त राज्यपाल के स्वस्थ, सफल और यशस्वी कार्यकाल के लिए ईश्वर से कामना की है।


नशामुक्त उत्तराखंड का संकल्प, परेड ग्राउंड में लोगों को दिलाई गई नशा मुक्ति की शपथ

देहरादून में सेवा संकल्प अभियान के तहत बहुउद्देशीय शिविर, 30 पेंशन प्रकरणों को मिली मंजूरी

देहरादून। राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में मंगलवार को सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। समाज कल्याण मंत्री खजान दास की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में जरूरतमंद और पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया गया। इस दौरान अनुसूचित जाति की बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता वितरित करने के साथ ही वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन के कुल 30 मामलों को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा उपस्थित लोगों को नशामुक्त उत्तराखंड बनाने की शपथ भी दिलाई गई।

छह परिवारों को मिली तीन लाख रुपये की सहायता

शिविर में समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित अनुसूचित जाति की पुत्रियों के विवाह सहायता योजना के तहत छह पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता दी गई। प्रत्येक परिवार को 50 हजार रुपये की दर से कुल तीन लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की गई। इस पहल का उद्देश्य पात्र परिवारों को बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है।

30 पेंशन प्रकरणों को मिली मंजूरी

बहुउद्देशीय शिविर के दौरान सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत भी पात्र लोगों को राहत दी गई। इसमें 22 वृद्धावस्था पेंशन, छह विधवा पेंशन और दो दिव्यांग पेंशन के मामलों को स्वीकृति प्रदान की गई। इस प्रकार कुल 30 पेंशन प्रकरणों को मंजूरी देकर पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की दिशा में कदम उठाया गया।

नशामुक्त उत्तराखंड बनाने का दिया संदेश

कार्यक्रम के दौरान नशामुक्त उत्तराखंड के संकल्प को साकार करने के लिए उपस्थित लोगों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। आमजन से नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।

शिविर के माध्यम से समाज कल्याण विभाग ने जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और पात्र व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया। इस तरह एक ही स्थान पर विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलने से लोगों को सरकारी सुविधाओं तक पहुंच बनाने में सहायता मिली।


देहरादून में तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, 100 से अधिक लोगों को शिकार बनाने का खुलासा

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में तंत्र-मंत्र और वशीकरण के जरिए लोगों की समस्याएं दूर करने का झांसा देकर ठगी करने वाले कथित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। ऑपरेशन कालनेमि के तहत की गई कार्रवाई में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से अलग-अलग लोगों के नाम पर बने आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में 100 से अधिक लोगों के साथ ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस के मुताबिक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर जिले में संदिग्ध व्यक्तियों और तंत्र-मंत्र के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 12 अक्टूबर 2026 की रात पटेलनगर पुलिस को सूचना मिली कि चमन विहार क्षेत्र में किराये पर रह रहे दो युवक कथित तौर पर वशीकरण का झांसा देकर लोगों से पैसे ऐंठ रहे हैं। सूचना में यह भी बताया गया कि आरोपियों ने ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाए हैं।

सूचना के आधार पर पटेलनगर पुलिस ने चमन विहार फेज-1 स्थित आशियाना होम्स में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया। उनकी पहचान शाहरूख, निवासी मुजफ्फरनगर, और सलमान, निवासी शामली, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई। पूछताछ और बरामद दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी पिछले करीब डेढ़ महीने से चमन विहार में किराये पर रह रहे थे। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से कई लोगों के नाम पर बने पहचान पत्र, बैंकिंग दस्तावेज और अन्य संदिग्ध सामग्री मिली, जिनकी जांच की जा रही है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर खुद को वशीकरण विशेषज्ञ, ज्योतिषाचार्य, शास्त्री और तांत्रिक बताकर विज्ञापन प्रसारित करते थे। इन विज्ञापनों के जरिए वे लोगों को पारिवारिक समस्याओं और अन्य परेशानियों का समाधान करने का भरोसा दिलाते थे।

बताया जा रहा है कि आरोपी अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर लोगों से संपर्क करते थे। इसके बाद तांत्रिक उपायों, सिद्धि अनुष्ठानों और वशीकरण के नाम पर समस्याएं दूर करने का दावा कर उनसे पैसे लेते थे। पुलिस को संदेह है कि इसी तरीके से उन्होंने कई लोगों को अपना शिकार बनाया।

पुलिस के अनुसार, ठगी की रकम हासिल करने के लिए आरोपियों ने कथित तौर पर अपने और अन्य व्यक्तियों के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। इन दस्तावेजों में किराये के मकान का पता दर्ज किए जाने की बात भी सामने आई है।

जांच में दिलनवाज और मोहम्मद भूरा नाम के व्यक्तियों के नाम पर कथित तौर पर अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाने की जानकारी मिली है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन खातों का इस्तेमाल किस प्रकार किया गया और इनके माध्यम से कितनी रकम का लेन-देन हुआ।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से आठ आधार कार्ड, अलग-अलग बैंकों के 10 एटीएम कार्ड, तीन बैंक पासबुक, एक ड्राइविंग लाइसेंस, एक वोटर कार्ड, दो भरे हुए चेक और एक जियो सिम कार्ड बरामद किया। इसके अलावा एक मेट्रो कार्ड और अन्य दस्तावेज भी मिले हैं।

पुलिस इन सभी दस्तावेजों की सत्यता और उनके संभावित इस्तेमाल की जांच कर रही है। बरामद सिम कार्ड के ठगी की गतिविधियों में इस्तेमाल होने की आशंका भी जताई गई है।

पुलिस की पूछताछ में अब तक 100 से अधिक लोगों के साथ धोखाधड़ी किए जाने की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के निजी और कथित फर्जी बैंक खातों में संदिग्ध धनराशि के लेन-देन की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी का नेटवर्क किन-किन क्षेत्रों तक फैला था और इसमें अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं।

इस मामले में कोतवाली पटेलनगर में मुकदमा संख्या 753/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की जांच कर रही है।

इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने लोगों को ऐसे व्यक्तियों से सावधान रहने की जरूरत पर जोर दिया है, जो वशीकरण, तंत्र-मंत्र या विशेष अनुष्ठानों के जरिए गंभीर पारिवारिक और व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान करने का दावा करते हैं और इसके बदले पैसे मांगते हैं।

अनजान लोगों को अपनी निजी जानकारी, पहचान संबंधी दस्तावेज या बैंकिंग विवरण साझा करने से बचना चाहिए। सोशल मीडिया पर दिखने वाले ऐसे विज्ञापनों की सत्यता जांचना भी जरूरी है। किसी के साथ धोखाधड़ी होने पर पुलिस को सूचना देनी चाहिए।

फिलहाल, देहरादून पुलिस बरामद दस्तावेजों, बैंक खातों और संभावित पीड़ितों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद कथित ठगी के नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन से संबंधित अन्य जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।


भारतीय खिलाड़ियों का जलवा- आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ बने शुभमन गिल और शेफाली वर्मा

शुभमन गिल ने पांचवीं बार जीता आईसीसी अवॉर्ड

नई दिल्ली। सितंबर महीने में भारतीय क्रिकेट के सितारों ने अपने प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खास पहचान बनाई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने सितंबर के प्लेयर ऑफ द मंथ पुरस्कारों का ऐलान कर दिया है। पुरुष वर्ग में भारतीय कप्तान शुभमन गिल को इस सम्मान के लिए चुना गया, जबकि महिला वर्ग में शेफाली वर्मा ने बाजी मारी। गिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मुकाबलों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए। वहीं, शेफाली ने एशिया कप और एशियाई खेलों में बल्ले तथा गेंद से बेहतरीन प्रदर्शन कर भारतीय टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

दो वनडे में 333 रन बनाकर गिल ने रचा इतिहास

शुभमन गिल ने सितंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरुआती दो वनडे मैचों में कुल 333 रन बनाए। पहले मुकाबले में उन्होंने शतक लगाया, जबकि दूसरे मैच में नाबाद दोहरा शतक जड़कर कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। उनकी शानदार पारियों की बदौलत भारतीय टीम ने दोनों मुकाबले आठ विकेट से अपने नाम किए।

27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम में खेले गए पहले वनडे में गिल ने 108 गेंदों पर 110 रन बनाए। इस मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट के नुकसान पर 295 रन बनाए थे। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने 41.4 ओवर में दो विकेट खोकर जीत हासिल कर ली।

इसके बाद 30 सितंबर को गुवाहाटी में खेले गए दूसरे वनडे में गिल ने अपने बल्ले से ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। वेस्टइंडीज ने सात विकेट पर 405 रन बनाकर वनडे क्रिकेट में पहली बार 400 रन का आंकड़ा पार किया। जवाब में भारतीय कप्तान ने 133 गेंदों पर नाबाद 223 रन की विस्फोटक पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 26 चौके और आठ छक्के लगाए।

भारत ने 43.3 ओवर में दो विकेट पर 406 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया। गिल ने महज 62 गेंदों में अपना शतक पूरा किया, जो वनडे क्रिकेट में किसी भारतीय कप्तान का सबसे तेज शतक था। इसके बाद उन्होंने 117 गेंदों में दोहरा शतक पूरा कर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। सफल वनडे रन चेज में किसी बल्लेबाज का यह सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर रहा।

इस मुकाबले में गिल और रोहित शर्मा के बीच पहले विकेट के लिए 255 रन की शानदार साझेदारी हुई। रोहित ने 75 गेंदों पर 101 रन बनाए। हालांकि, वेस्टइंडीज ने तीसरे वनडे में जीत दर्ज कर सीरीज का अंतिम परिणाम 2-1 कर दिया।

पांचवीं बार आईसीसी पुरस्कार जीतने वाले पुरुष खिलाड़ी बने गिल

शुभमन गिल ने पांचवीं बार आईसीसी पुरुष प्लेयर ऑफ द मंथ का पुरस्कार अपने नाम किया है। इससे पहले वह जनवरी 2023, सितंबर 2023, फरवरी 2025 और जुलाई 2025 में भी यह सम्मान हासिल कर चुके हैं। इस जीत के साथ उन्होंने पुरुष वर्ग में सर्वाधिक बार यह पुरस्कार जीतने का अपना रिकॉर्ड और मजबूत किया।

पुरस्कार मिलने पर गिल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पांचवीं बार यह सम्मान हासिल करना उनके लिए शानदार अनुभव है। उन्होंने इसके लिए निर्णायक मंडल का आभार जताया। गिल के मुताबिक, घरेलू दर्शकों के सामने सफल रन चेज का हिस्सा बनना उनके लिए बेहद खास रहा। प्रशंसकों का समर्थन खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन करने की अतिरिक्त ऊर्जा देता है।

वनडे क्रिकेट में तेजी से बदलते खेल पर उन्होंने कहा कि अब बल्लेबाजों को कम समय में फैसले लेने, परिस्थितियों को समझने और पिच के अनुसार अपनी रणनीति बदलने की जरूरत होती है।

शेफाली वर्मा ने बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी दिखाया दम

महिला वर्ग में शेफाली वर्मा को सितंबर महीने के लिए आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ चुना गया। यह दूसरी बार है जब उन्होंने यह पुरस्कार जीता है। इससे पहले नवंबर 2025 में भारत को घरेलू मैदान पर महिला वनडे विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाने के बाद भी उन्हें इस सम्मान से नवाजा गया था।

सितंबर में शेफाली ने सात टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 360 रन बनाए। इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 72 और स्ट्राइक रेट 184.61 रहा। उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी योगदान दिया और छह विकेट हासिल किए। गेंदबाजी में उनका औसत 13 और इकॉनमी रेट 4.33 रहा।

एशिया कप में शेफाली सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। उन्होंने पांच पारियों में 236 रन बनाए। बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में 64 रन और श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में 68 रन की शानदार पारियां खेलकर उन्होंने भारतीय टीम को लगातार आठवीं बार एशिया कप का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

एशियाई खेलों में भी शेफाली का शानदार प्रदर्शन

एशिया कप के बाद शेफाली ने नागोया में आयोजित एशियाई खेलों में भी अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। उन्होंने तीन पारियों में 188 रन बनाए। जापान के खिलाफ नाबाद 40 रन बनाने के बाद बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में 49 गेंदों पर 100 रन की पारी खेली। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक भी लगाया।

श्रीलंका के खिलाफ स्वर्ण पदक के मुकाबले में शेफाली ने 48 रन बनाए। भारतीय टीम ने यह मैच 147 रन से जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। बल्लेबाजी के अलावा उन्होंने गेंदबाजी में भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया। शेफाली ने एशिया कप में दो और एशियाई खेलों में चार विकेट लिए। स्वर्ण पदक मुकाबले में भी उन्होंने दो विकेट हासिल किए।

दूसरी बार पुरस्कार जीतकर शेफाली ने जताई खुशी

आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ का पुरस्कार दूसरी बार जीतने पर शेफाली वर्मा ने इसे अपने लिए अविश्वसनीय सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि एशिया कप और एशियाई खेलों में भारतीय टीम की जीत में योगदान देना उनके लिए बेहद संतोषजनक रहा। उनके मुताबिक, यह पुरस्कार टीम की सफलताओं को और खास बनाता है।

शेफाली ने आने वाले मुकाबलों में भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रखने की इच्छा जताई। साथ ही उन्होंने अगले साल होने वाली आईसीसी महिला चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर उत्साह व्यक्त किया।

सितंबर के प्लेयर ऑफ द मंथ पुरस्कारों में शुभमन गिल और शेफाली वर्मा की जीत भारतीय क्रिकेट के लिए खास उपलब्धि के रूप में सामने आई है। गिल ने अपनी ऐतिहासिक बल्लेबाजी से वनडे क्रिकेट में नए कीर्तिमान स्थापित किए, जबकि शेफाली ने एशिया कप और एशियाई खेलों में अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से भारतीय टीम की खिताबी जीत में अहम योगदान दिया।


सीओ अस्मिता ममगाईं ने किया कोतवाली कोटद्वार का अर्द्धवार्षिक निरीक्षण, व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश

अभिलेखों, शस्त्रों, सीसीटीवी प्रणाली और आपदा प्रबंधन उपकरणों की जांच; पुलिसकर्मियों को जनसेवा और जन-पुलिस समन्वय मजबूत करने की हिदायत

कोटद्वार। क्षेत्राधिकारी कोटद्वार अस्मिता ममगाईं ने कोतवाली कोटद्वार का अर्द्धवार्षिक निरीक्षण कर पुलिस व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना परिसर, कार्यालय, मालखाना, बैरक, मैस, सीसीटीएनएस कक्ष और सीसीटीवी प्रणाली का बारीकी से निरीक्षण किया। साथ ही राजकीय अभिलेखों के रखरखाव, शस्त्रों की हैंडलिंग और आपदा प्रबंधन उपकरणों की कार्यशीलता पर विशेष जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान क्षेत्राधिकारी ने कार्यालय में रखे राजकीय एवं महत्वपूर्ण अभिलेखों का अवलोकन किया और सभी रिकॉर्ड को नियमित रूप से अद्यतन रखने के निर्देश दिए। मालखाने में रखी सरकारी संपत्ति, शस्त्रों और कारतूसों का भौतिक सत्यापन भी किया गया। उन्होंने पुलिसकर्मियों से शस्त्रों की हैंडलिंग का अभ्यास करवाते हुए आवश्यक सावधानियों का पालन करने को कहा। इसके अतिरिक्त आपदा प्रबंधन उपकरणों की स्थिति की जांच कर उन्हें हर समय कार्यशील अवस्था में रखने के निर्देश दिए।

पुलिसकर्मियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

निरीक्षण के बाद क्षेत्राधिकारी अस्मिता ममगाईं ने पुलिसकर्मियों का सम्मेलन लेकर विभागीय कार्यप्रणाली और जनसेवा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी आमजन के साथ मृदु, शालीन और संवेदनशील व्यवहार बनाए रखें। साथ ही अपने-अपने बीट क्षेत्र की समुचित जानकारी रखें, ताकि स्थानीय समस्याओं का प्रभावी समाधान किया जा सके और जन-पुलिस समन्वय को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

साइबर और महिला अपराधों के प्रति जागरूकता पर जोर

क्षेत्राधिकारी ने साइबर अपराधों, महिला संबंधी अपराधों और अन्य महत्वपूर्ण कानूनों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए अधिकाधिक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने पर जोर दिया।

निरीक्षण का उद्देश्य थाना स्तर पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने, अभिलेखों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा पुलिस की कार्यक्षमता और जनसेवा को और अधिक प्रभावी बनाना रहा।


चोट के चलते न्यूजीलैंड ए के खिलाफ शुरुआती दो मैच नहीं खेलेंगे ऋषभ पंत, इस खिलाड़ी को मिला मौका

ईरानी कप में चोटिल हुए ऋषभ पंत, तीसरे मैच में खेलने पर भी सस्पेंस

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत चोट के कारण न्यूजीलैंड ए के खिलाफ भारत ए की आगामी सीरीज के शुरुआती दो मुकाबलों में नहीं खेल पाएंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने पंत की फिटनेस को लेकर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उनकी वापसी पर फैसला बाद में लिया जाएगा। इस बीच चयनकर्ताओं ने पंत की जगह विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार कुशाग्र को शुरुआती दो मैचों के लिए टीम में शामिल किया है।

बीसीसीआई ने पंत की चोट पर दी जानकारी

बीसीसीआई के मुताबिक, न्यूजीलैंड दौरे पर भारत ए टीम में ऋषभ पंत की उपलब्धता उनकी फिटनेस पर निर्भर थी। ईरानी कप में शेष भारत की कप्तानी के दौरान उनके बाईं ओर खिंचाव की समस्या हुई थी। इसके चलते वह सीरीज के पहले दो मुकाबलों से बाहर हो गए हैं। फिलहाल पंत बीसीसीआई की मेडिकल टीम की निगरानी में हैं और उनकी सेहत में सुधार हो रहा है। तीसरे मैच में उनकी भागीदारी को लेकर उचित समय पर फैसला लिया जाएगा।

24 अक्टूबर से शुरू होगा भारत ए का न्यूजीलैंड दौरा

भारत ए की टीम 24 अक्टूबर से 10 नवंबर तक न्यूजीलैंड के दौरे पर रहेगी। इस दौरान दोनों टीमों के बीच तीन अनौपचारिक टेस्ट मैच खेले जाएंगे। मुकाबलों का आयोजन लिंकन और क्राइस्टचर्च में किया जाएगा। भारतीय टीम में केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन और वाशिंगटन सुंदर जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को भी जगह मिली है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सीरीज के दौरान नजर रहेगी। यह दौरा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की आगामी चुनौतियों के लिए अपनी तैयारी मजबूत करने का अवसर देगा।

ध्रुव जुरेल संभालेंगे कप्तानी की जिम्मेदारी

ऋषभ पंत की गैरमौजूदगी में शुरुआती दो मैचों के लिए कुमार कुशाग्र को टीम में शामिल किया गया है। वहीं, भारत ए टीम की कमान ध्रुव जुरेल के हाथों में रहेगी। जुरेल कप्तानी के साथ विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी निभाएंगे।

भारत ए की संशोधित टीम

यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, रविचंद्रन स्मरण, ध्रुव जुरेल (कप्तान और विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, आकिब नबी, आकाश दीप, अंशुल कंबोज, मानव सुथार, मुकेश चौधरी, साई सुदर्शन, यश राठौड़, मुकेश कुमार और कुमार कुशाग्र (शुरुआती दो मैचों के लिए)।


झारखंड के धालभूमगढ़ में दो सगी बहनों की हत्या से सनसनी, आरोपी भाई ने थाने पहुंचकर किया आत्मसमर्पण

धालभूमगढ़। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के धालभूमगढ़ प्रखंड के बबईदा गांव में दो सगी बहनों की हत्या का मामला सामने आने से इलाके में हड़कंप मच गया। सोमवार को हुई इस वारदात में उनके भाई स्वरूप टुडू पर हत्या करने का आरोप है। घटना के बाद आरोपी खुद धालभूमगढ़ थाने पहुंचा, जहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है।

मृत महिलाओं की पहचान लक्ष्मी मुंडी (करीब 50 वर्ष) और दुलारी सोरेन (करीब 52 वर्ष) के रूप में हुई है। लक्ष्मी की शादी धालभूमगढ़ प्रखंड के बासाझोर गांव में, जबकि दुलारी की शादी घाटशिला प्रखंड के चड़ईगोड़ा गांव में हुई थी।

स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, स्वरूप टुडू ने घटना से पहले गांव में ओझा-गुणी को बुलाया था। उसने पूजा-पाठ में शामिल होने के लिए अपनी दोनों बहनों को भी आमंत्रित किया था। बताया जा रहा है कि धार्मिक अनुष्ठान के बाद दोनों बहनें सो रही थीं। इसी दौरान उन पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई।

प्रारंभिक जानकारी में वारदात के पीछे अंधविश्वास और तांत्रिक क्रियाओं से जुड़ा संदेह जताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक हत्या के वास्तविक कारण की पुष्टि नहीं की है।

दो महिलाओं की हत्या की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी धीरज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम गांव पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

थाना प्रभारी धीरज कुमार के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि घटना के पीछे अंधविश्वास की भूमिका थी या आरोपी की मानसिक स्थिति से संबंधित कोई कारण था। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े किसी पहलू की पुष्टि चिकित्सकीय जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस अन्य संभावित कारणों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है।

घटना पर पूर्व मुखिया शरबत मुर्मू ने दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रखंड प्रशासन की ओर से अंधविश्वास और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ पंचायत स्तर पर जागरूकता शिविर आयोजित किए जाते हैं। इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं सामने आना चिंता का विषय है।

उन्होंने ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में जागरूकता अभियानों को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना है कि सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी आगे आना होगा।

फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और अन्य परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।


आहर में मिला लापता व्यक्ति का शव, परिजनों ने जताई मारपीट की आशंका

सिकंदरा। बिहार के जमुई जिले में लछुआड़ थाना क्षेत्र के रवैय गांव के पास बरबांध आहर से मंगलवार को एक 40 वर्षीय व्यक्ति का शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान रवैय गांव निवासी राजो महतो के पुत्र मनोज महतो के रूप में हुई है। वह सोमवार शाम से लापता था। शव मिलने के बाद उसकी मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

परिजनों के मुताबिक, मनोज सोमवार की शाम घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। इसके बाद उसकी तलाश की जा रही थी। मंगलवार को बरबांध आहर में उसका शव मिलने की सूचना से परिवार में मातम छा गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मनोज को शराब पीने की आदत थी और सोमवार शाम उसे बरबांध आहर की तरफ जाते देखा गया था। पुलिस को आशंका है कि नशे की हालत में आहर में गिरने से उसकी जान गई हो सकती है। हालांकि, परिजनों ने उसके चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान और खून के धब्बे होने की बात कही है। इस आधार पर उन्होंने उसके साथ मारपीट किए जाने और बाद में शव को आहर में फेंके जाने की आशंका जताई है।

फिलहाल, मौत की वजह को लेकर सामने आई दोनों आशंकाओं की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले की वास्तविक स्थिति जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

शव मिलने की सूचना पर लछुआड़ थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को आहर से बाहर निकलवाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जमुई भेज दिया गया।

लछुआड़ थानाध्यक्ष रूपेश कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बरबांध आहर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम के समय यहां लोगों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कथित अवैध शराब कारोबार पर रोक लगाने, पुलिस गश्त बढ़ाने और आहर के आसपास निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

मनोज महतो की मौत ने पूरे इलाके में चिंता बढ़ा दी है। अब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो सकेगा कि उसकी मौत आहर में गिरने से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।


ट्यूबवेल की मोटर चोरी कर भाग रहे तीन युवकों में से एक पकड़ा, दो फरार

सिंभावली। थाना सिंभावली क्षेत्र के फरीदपुर गोसाई गांव में ट्यूबवेल की मोटर चोरी का मामला सामने आया है। खेत से मोटर लेकर जा रहे तीन युवकों को ग्रामीणों ने पकड़ने का प्रयास किया, जिसमें एक युवक उनके हाथ लग गया, जबकि उसके दो साथी मौके से भागने में सफल रहे। पकड़े गए युवक के पास से कथित तौर पर चोरी की गई मोटर और बाइक बरामद हुई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, किसान परविंद्र गिरि 12 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे अपने साथी गजेंद्र गिरि के साथ खेत में लगे ट्यूबवेल को देखने जा रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर बाइक पर सवार तीन युवकों पर पड़ी, जो ट्यूबवेल की मोटर लेकर जा रहे थे। दोनों ने युवकों को रोकने के लिए शोर मचाया, जिसके बाद मौके पर हलचल मच गई।

ग्रामीणों के सक्रिय होने पर दो युवक वहां से भाग निकले, जबकि एक युवक को पकड़ लिया गया। उसकी पहचान फरीदपुर गोसाई गांव निवासी अरुण के रूप में बताई गई है। इसके बाद ग्रामीण पकड़े गए युवक को कथित तौर पर चोरी की गई मोटर और बाइक के साथ लेकर सिंभावली थाने पहुंचे।

पूछताछ के दौरान पकड़े गए युवक ने अपने फरार साथियों के नाम पुनीत और विकास गिरि बताए, जो इसी गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस अब मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और फरार युवकों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।

थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद चौधरी के मुताबिक, किसान की शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस जांच के बाद ही चोरी की घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।


दिलजीत दोसांझ के दिल्ली कॉन्सर्ट की बदली तारीख, अब 30 अक्टूबर को जेएलएन स्टेडियम में सजेगी महफिल

पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ के प्रशंसकों के लिए उनके दिल्ली कॉन्सर्ट से जुड़ा बड़ा अपडेट सामने आया है। उनके ‘ऑरा इंडिया टूर’ के तहत राजधानी में होने वाले शो की तारीख में बदलाव किया गया है। पहले यह कार्यक्रम नवंबर में आयोजित होना था, लेकिन अब इसे अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में कराने का फैसला लिया गया है। तारीख बदलने के पीछे 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी से जुड़ी संवेदनशीलता को प्रमुख वजह बताया जा रहा है।

30 अक्टूबर को दिल्ली में होगा कॉन्सर्ट

दिलजीत दोसांझ का दिल्ली कॉन्सर्ट पहले 1 नवंबर 2026 को आयोजित होना निर्धारित था। अब यह कार्यक्रम 30 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होगा। टिकट बुकिंग मंच बुकमायशो ने आधिकारिक बयान जारी कर कार्यक्रम की नई तारीख की जानकारी दी है। इस बदलाव के बाद प्रशंसकों को अब निर्धारित तारीख से दो दिन पहले दिलजीत की प्रस्तुति देखने का मौका मिलेगा।

1984 के दंगों की बरसी के चलते बदली तारीख

दिल्ली कॉन्सर्ट की तारीख में बदलाव का संबंध वर्ष 1984 में हुए सिख-विरोधी दंगों की बरसी से है। 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा भड़क उठी थी। इस हिंसा की यादें आज भी समुदाय के लिए बेहद संवेदनशील हैं। ऐसे में 1 नवंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम की तारीख बदलकर 30 अक्टूबर कर दी गई है।

दिल्ली के बाद इन शहरों में पहुंचेगा ‘ऑरा इंडिया टूर’

दिल्ली के बाद दिलजीत दोसांझ का यह दौरा देश के कई प्रमुख शहरों में जारी रहेगा। उनके कार्यक्रम इंदौर, अहमदाबाद, मुंबई, बेंगलुरु, लखनऊ और चंडीगढ़ में भी प्रस्तावित हैं। हालांकि, चंडीगढ़ के कार्यक्रम की तारीख और अन्य जानकारियां बाद में साझा की जाएंगी। अहमदाबाद में दिलजीत 21 नवंबर 2026 को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में प्रस्तुति देंगे। यह दौरा लगभग छह सप्ताह तक चलेगा और इसमें सात शहर शामिल होंगे।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोकप्रिय हैं दिलजीत

दिलजीत दोसांझ ने पंजाबी संगीत और भारतीय मनोरंजन जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। बीते एक दशक में उनकी लोकप्रियता भारत के साथ-साथ विदेशों में भी तेजी से बढ़ी है। वह एड शीरन जैसे अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के साथ काम कर चुके हैं और अमेरिकी कार्यक्रम ‘द टुनाइट शो स्टारिंग जिमी फैलन’ में भी दो बार नजर आ चुके हैं।

कार्यक्रम के दौरान शो के मेजबान जिमी फैलन ने उन्हें ‘दुनिया का सबसे बड़ा पंजाबी कलाकार’ बताया था। दोनों को साथ में भांगड़ा करते हुए भी देखा गया था। यही वजह है कि दिलजीत के भारत दौरे को लेकर उनके प्रशंसकों में खासा उत्साह बना हुआ है।

 


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