Thursday, October 1st, 2026

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जिला पंचायत कार्यालय के औचक निरीक्षण में विभिन्न अनियमितताएं सामने आईं, जांच के निर्देश

Daily Archives: 01/10/2026

जिला पंचायत कार्यालय के औचक निरीक्षण में विभिन्न अनियमितताएं सामने आईं, जांच के निर्देश

नैनीताल। जिलाधिकारी महोदय के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डेय ने गुरुवार को जिला पंचायत कार्यालय, नैनीताल का स्थलीय/औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अर्थ एवं संख्या अधिकारी डॉ. मुकेश नेगी सहित संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मौजूदगी में कार्यालय अभिलेखों, विकास योजनाओं, वित्तीय प्रकरणों, नक्शा पास करने की प्रक्रिया, कर वसूली, परिसंपत्तियों तथा कार्यालयीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।

निरीक्षण के दौरान केन्द्र पोषित एवं राज्य पोषित योजनाओं तथा 15वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि के अपेक्षित उपयोग की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। वित्तीय वर्ष 2021-22 से विभिन्न मदों में प्राप्त लगभग 17-18 करोड़ रुपये की धनराशि के उपयोग की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके अलावा जिला योजना, सांसद निधि एवं विधायक निधि से प्राप्त धनराशि तथा उसके उपयोग का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि स्वीकृत योजनाओं का समयबद्ध प्रस्ताव, क्रियान्वयन एवं धनराशि का नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

नक्शा प्रकरणों की जांच के निर्देश

निरीक्षण के दौरान भवन/नक्शा पास करने से संबंधित अभिलेखों की जांच में कुछ प्रकरणों में आवश्यक तिथियां, हस्ताक्षर, शुल्क जमा होने संबंधी अभिलेख एवं रसीद आदि के संबंध में कमियां पाए जाने की जानकारी सामने आई। मुख्य विकास अधिकारी ने प्रकरणों की विस्तृत जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।

नक्शा प्रकरणों की जांच पूर्ण होने तक जेई सहित संबंधित तीन कार्मिकों को जिला पंचायत कार्यालय से अन्य कार्यालय में संबद्ध (अटैच) किए जाने के निर्देश दिए गए। इस संबंध में जिलाधिकारी महोदय से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

कार्यालय अभिलेखों के रखरखाव पर जताई नाराजगी

निरीक्षण के दौरान डिस्पैच रजिस्टर में भी अनियमितता पाए जाने की जानकारी सामने आई। टीम के निरीक्षण के दौरान ही रजिस्टर में प्रविष्टियां किए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की तथा संबंधित प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

इसी प्रकार कनिष्ठ एवं वरिष्ठ अभियंताओं से संबंधित लगभग 50 से 55 पत्रावलियां कार्यालय से बाहर, हल्द्वानी स्थित आवास पर रखे जाने की जानकारी सामने आने पर भी मुख्य विकास अधिकारी ने गंभीरता से संज्ञान लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना शासकीय पत्रावलियों को कार्यालय से बाहर रखना उचित नहीं है। प्रकरण को जिलाधिकारी महोदय के संज्ञान में लाते हुए नियमानुसार जांच एवं कार्रवाई की जाएगी।

कर्मचारियों की उपस्थिति एवं कार्यप्रणाली की होगी समीक्षा

निरीक्षण के दौरान कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यालय में अनुपस्थित रहने तथा लंबे समय तक कार्यालय में उपस्थित न होने की शिकायत/जानकारी भी सामने आई। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी द्वारा वर्ष 2026 में सीएल उपभोग से संबंधित अभिलेखों की भी समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने कर्मचारियों की उपस्थिति एवं अवकाश प्रकरणों का नियमानुसार परीक्षण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि कार्यालय में कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था का भी पुनरीक्षण किया जाएगा तथा अनधिकृत अनुपस्थिति पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कर वसूली एवं परिसंपत्तियों की स्थिति की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत की कर वसूली की स्थिति में कमी तथा संबंधित रिपोर्ट समय से उपलब्ध नहीं कराए जाने का मामला भी सामने आया। टैक्स कलेक्शन की नियमित समीक्षा करने तथा लंबित कर की वसूली के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिला पंचायत की परिसंपत्तियों के संबंध में भी अभिलेखों की जांच की गई। वर्ष 1955-56 से चली आ रही कुछ लीजों के नवीनीकरण एवं वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए परिसंपत्तियों का अद्यतन विवरण तैयार करने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

अवैध निर्माण एवं होम स्टे के संबंध में कार्रवाई के निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत क्षेत्र में अवैध निर्माण तथा बिना पंजीकरण संचालित होम स्टे से संबंधित प्रकरणों की भी जानकारी ली गई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे प्रकरणों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही कूड़ा निस्तारण, सड़कों की स्थिति, गड्ढों को भरने तथा विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों की भूमिका एवं आवश्यकता की समीक्षा कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

दो घंटे में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश

मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि निरीक्षण में सामने आए सभी बिंदुओं, लंबित प्रकरणों, वित्तीय स्थिति, योजनाओं की प्रगति एवं कार्यालयीय व्यवस्थाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर निर्धारित समय में प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि सभी प्रकरणों की समग्र रिपोर्ट जिलाधिकारी महोदय को प्रेषित की जाएगी।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि निरीक्षण में सामने आए बिंदुओं की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य एवं जिम्मेदारी सामने आएगी, उसके आधार पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यालयीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अर्थ एवं संख्या अधिकारी डॉ. मुकेश नेगी, पटवारी भीमताल हेम जोशी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


शिक्षा विभाग को मिले 24 नये उप शिक्षा अधिकारी, शिक्षा मंत्री डॉ रावत के अनुमोदन के उपरांत दूरस्थ क्षेत्रों दी गई प्रथम तैनाती

नये अधिकारियों के आने से विभागीय कार्यों में आयेगी तेजी

देहरादून: विद्यालयी शिक्षा विभाग को 24 नये उप शिक्षा अधिकारी मिल गये हैं। राज्य लोक सेवा आयोग से चयनित इन उप शिक्षा अधिकारियों को प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्र के विकासखण्डों में प्रथम तैनाती दे दी गई है। इनकी नियुक्ति से विभागीय के कार्यों में तेजी आने के साथ ही प्रशासनिक कार्यों में भी सुधार हो सकेंगे।

विद्यालयी शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से कुल 48 उप शिक्षा अधिकारियों का चयन हुआ है, जो कि विभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षणरत हैं। प्रथम चरण में इनमें से 24 उप शिक्षा अधिकारियों को प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्र के विभिन्न विकासखण्डों में प्रथम तैनाती दे दी गई है। जिसमें पौड़ी जनपद में बिनीता रावत को द्वारीखाल, राज कुमार सिंह डसीला को बीरोंखाल, भावना चाहल को जयहारीखाल, कुणाल सिंह को पाबौं, शुभम गुप्ता को खिर्सू, मनीष मोहन नेगी को यमकेश्वर, राजेश परमार को थलीसैण, दीपक लखेड़ा को एकेश्वर, उमेश चंद्र सुयाल को कल्जीखाल विकासखण्ड में तैनाती दी गई है।

इसी प्रकार नैनीताल जनपद में प्रवीण दिगारी को ओखलकाण्डा, परवीन अजहर को रामगढ़ विकासखण्ड में प्रथम तैनाती दी गई। अल्मोड़ा जनपद में राविन्स को सल्ट, अमित राणा को लमगड़ा, मनोज सिंह को भिकियासैंण, चमोली जनपद में अंशिका बिष्ट को नंदानगर, रूबी नेगी को नारायणबगढ़, टिहरी जनपद में दिव्या जोशी को देवप्रयाग, आशुतोष राणा को जाखणीधार, आयुष बन्धानी को प्रतापनगर, समीक्षा उनियाल को थौलधार, पिथौरागढ़ जनपद में राहुल सिंह रैंसवाल को कनालीछीना, बलवन्त नाथ को मूनाकोट, योगेन्द्र कुमार शर्मा को मुनस्यारी, उत्तरकाशी जनपद में राजन सिंह ठाकुर को पुरोला विकासखण्ड में तैनाती दी गई है।

अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षणरत शेष उप शिक्षा अधिकारियों को भी शीघ्र तैनाती दी जायेगी। उन्होंने कि कहा कि नव नियुक्त उप शिक्षा अधिकारियों की तैनाती से दूरस्थ क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी साथ ही विभागीय कार्यों में भी तेजी आयेगी।


मेरा युवा भारत’ द्वारा आयोजित ‘वंदे मातरम् कैंप’ कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या हुई सम्मलित , कहा देश की युवा शक्ति है राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत

वंदे मातरम् जैसे आयोजन युवाओं को अपनी संस्कृति और देश के प्रति जिम्मेदारियों से जोड़ने के साथ एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को करते हैं मजबूत- रेखा आर्या

देहरादून: आज प्रदेश की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ‘मेरा युवा भारत’ द्वारा आयोजित ‘वंदे मातरम् कैंप’ कार्यक्रम में सम्मिलित हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ ‘वंदे मातरम्’ गीत के साथ किया गया। इस आयोजन में देशभर के 6 राज्यों से 150 युवा प्रतिभागी शामिल हुए हैं।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस कैंप के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति और नेतृत्व क्षमता की भावना मजबूत होगी, साथ ही विभिन्न राज्यों से आए युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति और जीवनशैली को जानने-समझने का अवसर भी प्राप्त होगा।

उन्होंने कहा कि आज देश की युवा शक्ति हमारे राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं की ऊर्जा और उनकी प्रतिभा देश को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कहा कि वंदे मातरम जैसे आयोजन युवाओं को अपनी संस्कृति, मातृभूमि और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियों से जोड़ने के साथ-साथ एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को भी मजबूत करते हैं।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आप सभी युवा देश के भविष्य हैं। इस कैंप के माध्यम से आप सभी के भीतर राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रभक्ति की भावना और अधिक मजबूत होगी। साथ ही विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से देश की विविधता में एकता की भावना और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उन्होंने सभी प्रतिभागियों से कहा कि वे यहां से राष्ट्रसेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और देश के विकास में अपना योगदान देने का संकल्प लेकर जाएं।

कार्यक्रम में राज्य निदेशक राहुल डबराल, राज्य नोडल अधिकारी (NSS) सुनैना रावत, उपनिदेशक अविनाश सिंह, सहायक निदेशक ब्रजेश कौशिक सहित विभिन्न राज्यों से आए सभी युवा प्रतिभागी उपस्थित रहे।


जिलाधिकारी ने सांसद चैंपियनशिप ट्रॉफी में पहुंचकर बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

पौड़ी- जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने राइफलमैन शहीद जसवंत सिंह स्टेडियम, रांसी पहुंचकर सांसद चैंपियनशिप ट्रॉफी के तहत आयोजित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर रहे खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनके खेल अनुभवों और तैयारियों के बारे में संवाद किया।

जिलाधिकारी ने पिट्ठू खेल प्रतियोगिता में टॉस कर खेल का शुभारंभ किया और स्वयं खिलाड़ियों के साथ पिट्ठू खेलकर उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने खिलाड़ियों एवं कोचों से संवाद करते हुए अनुशासन, नियमित अभ्यास, खेल भावना और दृढ़ संकल्प के साथ प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि खेलों में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रतिभा के साथ निरंतर मेहनत, अभ्यास और लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प जरूरी है।

जिलाधिकारी ने अंडर-19 वर्ग की 100 मीटर दौड़ के फाइनल का शुभारंभ किया। साथ ही अंडर-14 वर्ग की खो-खो प्रतियोगिता के सेमीफाइनल का भी शुभारंभ कराया। इस दौरान उन्होंने लंबी कूद सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का अवलोकन कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि सांसद चैंपियनशिप ट्रॉफी के तहत जनपद में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर रहे खिलाड़ियों में खासा उत्साह और जोश देखने को मिल रहा है। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ प्रतिभाग करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आह्वान किया। कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत और प्रतिभा से न केवल जनपद, बल्कि देश का नाम भी रोशन हो सकता है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने 3000 मीटर दौड़ के विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच प्रदान करते हैं। सांसद चैंपियनशिप ट्रॉफी के माध्यम से युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ ही खेल भावना, अनुशासन, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि प्रतियोगिता में जीत-हार से अधिक महत्वपूर्ण पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ प्रतिभाग करना है। निरंतर मेहनत और अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प के साथ युवा खेलों के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।

इस अवसर पर जिला युवा कल्याण अधिकारी पंकज तिवारी, जिला क्रीड़ा अधिकारी प्रदीप कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे।


मुख्य सचिव ने की यूआईआईडीबी के प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा

शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर के कार्यों में धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी

प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन और PERT चार्ट के साथ नियमित मॉनिटरिंग के दिए निर्देश

कुम्भ क्षेत्र में कुंभ मेला शुरू होने तक प्राथमिकता वाले कार्य हर हाल में पूर्ण कराने के दिए निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (यूआईआईडीबी) की एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने और उनकी नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर परियोजना की धीमी प्रगति का मुद्दा प्रमुखता से उठा। मुख्य सचिव ने परियोजना की कार्यदायी संस्था यूपीडीसीसी की करीब 10 महीने में केवल 10 प्रतिशत प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने परियोजना की निगरानी के लिए डेडिकेटेड प्रोजेक्ट मैनेजर की तैनाती के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि प्रोजेक्ट मैनेजर की तैनाती कार्यस्थल पर ही की जाए, ताकि निर्माण कार्यों की लगातार निगरानी हो और मौके पर आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा सके।

मुख्य सचिव ने यूआईआईडीबी की सभी परियोजनाओं के लिए निर्धारित समयसीमा के साथ पर्ट चार्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बैठक में परियोजनावार प्रगति की समीक्षा इसी चार्ट के आधार पर की जाए। जिन परियोजनाओं में अपेक्षित गति से काम नहीं हो रहा है, वहां देरी के कारणों की पहचान कर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने प्रमुख सचिव नियोजन को भी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

रिवर राफ्टिंग परियोजनाओं के लिए बनेगी समर्पित टीम

बैठक में रिवर राफ्टिंग डेवलपमेंट से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने यूपीडीसीसी को अगले पांच वर्षों के लिए संचालन एवं अनुरक्षण के लिए समर्पित टीम विकसित करने और उसे कार्यस्थल पर तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने हरिद्वार और ऋषिकेश क्षेत्र के लिए अलग-अलग यूनिट गठित करने को कहा, ताकि परियोजनाओं के संचालन और रखरखाव में किसी तरह की दिक्कत न आए।

मुख्य सचिव ने कुंभ मेला-2027 को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता वाले सभी कार्य तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। सती कुंड से संबंधित कार्यों को 15 दिसंबर तक पूरा कराने के लिए उन्होंने श्रमिकों और शिफ्ट की संख्या बढ़ाने को कहा। उन्होंने कार्यों में तेजी लाने के साथ निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया।

हरिद्वार में तैनात रहेंगे कार्यदायी संस्था के महाप्रबंधक

हरिद्वार में चल रहे विकास कार्यों को लेकर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि कार्यदायी संस्था के महाप्रबंधक हरिद्वार में ही रहकर परियोजनाओं की नियमित निगरानी करेंगे। उन्हें परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी और मंडलायुक्त को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इस संबंध में आवश्यक आदेश तत्काल जारी करने को भी कहा गया।

पार्किंग परियोजनाओं को लेकर भी दिए निर्देश

सरफेस, अंडरग्राउंड और मैकेनिकल पार्किंग से जुड़े नए कार्यों को लेकर भी मुख्य सचिव ने दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि हरिद्वार क्षेत्र में कोई नया पार्किंग प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले जिलाधिकारी और मेलाधिकारी से लिखित अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लिया जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अन्य विभागों की ओर से तैयार की जा रही योजनाओं के साथ पार्किंग परियोजनाओं का उचित समन्वय किया जाए। किसी क्षेत्र में सरफेस, अंडरग्राउंड या मैकेनिकल पार्किंग में से जो विकल्प व्यावहारिक और उपयुक्त हो, उसी के आधार पर निर्माण कराया जाए।

वित्तीय मामलों की निगरानी के लिए बनेगी कमेटी

यूआईआईडीबी की परियोजनाओं से जुड़े वित्तीय मामलों की निगरानी के लिए मुख्य सचिव ने फाइनेंशियल एवं ऑडिट कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश कुमार झा, रविनाथ रमन, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सी. रविशंकर, डॉ. रणवीर सिंह चौहान, विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते समेत संबंधित विभागों और यूआईआईडीबी के अधिकारी मौजूद रहे।


विधानसभा सत्र के समापन पर सुनील शर्मा का सरकार पर हमला, बोले- वादों पर खरा नहीं उतरी उमर सरकार

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर विधानसभा सत्र के अंतिम दिन नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने उमर सरकार और विधानसभा अध्यक्ष पर चौतरफा हमला बोला। सत्र की समाप्ति के बाद मीडिया से बातचीत में शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार को बचाने की नीयत से ही जानबूझकर बेहद छोटा सत्र आयोजित किया गया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने चुनाव से पहले 100 वादे किए थे, लेकिन उनका रिपोर्ट कार्ड पूरी तरह शून्य रहा है।

नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि सदन के भीतर सत्तापक्ष के विधायकों ने खुद ही अपनी सरकार के मंत्रियों को कटघरे में खड़ा कर दिया। इससे विपक्ष के उस आरोप पर मुहर लग गई कि वर्तमान सरकार पूरी तरह विफल और अप्रभावी साबित हुई है। विधानसभा में पारित प्रस्ताव पर कड़ा एतराज जताते हुए उन्होंने इसे असंवैधानिक, गैर-संसदीय और गैर-कानूनी करार दिया। शर्मा ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर में अलग संविधान या अलग झंडे जैसी बातों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा और इस मामले में जांच एजेंसियों से संज्ञान लेने की मांग की।

विधानसभा अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए शर्मा ने कहा कि अध्यक्ष ने संवैधानिक मर्यादा और गरिमा को ठेस पहुंचाई है। जिस प्रस्ताव को विधि विभाग और मुख्य सचिव ने अवैध ठहराया था, उसे भी सदन से पास करा दिया गया। इसके अलावा, उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर गोपनीयता की शपथ के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि सीएम ने विधायकों की व्यक्तिगत बातचीत को सदन में उजागर करके मर्यादा लांघी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विपक्ष ने सत्तापक्ष के विधायकों की कही बातें सार्वजनिक कर दीं, तो मुख्यमंत्री का सदन में बैठना दुभर हो जाएगा। सुनील शर्मा ने ऐलान किया कि विपक्ष जल्द ही सरकार की नाकामियों को उजागर करने के लिए ‘प्रॉमिसिज वर्सेज परफॉर्मेंस’ का डोजियर जारी करेगा।


इलाहाबाद हाईकोर्ट से शिक्षामित्रों को झटका: स्पेशल टीईटी में शामिल करने की मांग वाली याचिका खारिज

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों को स्पेशल टीईटी 2026 में आवेदन का अवसर देने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने वसीम अहमद और 220 अन्य की ओर से दाखिल याचिका पर फैसला सुनाया। इससे पहले 24 सितंबर को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित कर लिया था।

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता जैन अब्बास ने दलील दी थी कि शिक्षामित्र लंबे समय से परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। याचिका में कहा गया कि बड़ी संख्या में शिक्षामित्र करीब 26 वर्षों से शिक्षण कार्य के साथ निर्वाचन ड्यूटी, जनगणना, मतगणना, एसआईआर, विद्यालय संचालन, विभिन्न परीक्षाओं में कक्ष निरीक्षक की जिम्मेदारी और विभागीय प्रशिक्षण जैसे कार्य भी करते आ रहे हैं।

याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि लंबे अनुभव और विभागीय प्रशिक्षण के बावजूद उन्हें स्पेशल टीईटी में आवेदन का अवसर नहीं दिया जा रहा है, जबकि अन्य श्रेणियों के कार्यरत शिक्षकों और विशेष शिक्षकों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद टीईटी की अनिवार्यता को देखते हुए शिक्षामित्रों ने भविष्य में शिक्षण कार्य जारी रखने के लिए स्पेशल टीईटी में शामिल होने का अवसर देने की मांग की थी।

अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि स्पेशल टीईटी को उन विशेष श्रेणी के इन-सर्विस शिक्षकों के लिए संक्रमणकालीन व्यवस्था के तौर पर देखा गया है, जो नियुक्ति के बाद टीईटी की अनिवार्यता के दायरे में आए। कोर्ट ने शिक्षामित्रों की सेवा की अलग कानूनी स्थिति का भी उल्लेख किया और कहा कि केवल सामान्य टीईटी में बैठने की पात्रता के आधार पर उन्हें स्पेशल टीईटी में शामिल होने का अधिकार नहीं दिया जा सकता।

कोर्ट ने शिक्षामित्रों को स्पेशल टीईटी में शामिल करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से वसीम अहमद समेत कुल 221 लोगों ने अदालत का रुख किया था।


सीरिया में यात्री बस पर अंधाधुंध गोलीबारी, 7 लोगों की मौत, 4 घायल

सुरक्षा व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश का संदेह

सीरिया। सीरिया में हिंसा की एक और घटना सामने आई है। देश के होम्स प्रांत में एक यात्री बस पर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी कर दी। इस हमले में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। फिलहाल हमले के पीछे किसका हाथ है और इसके पीछे क्या वजह रही, इसका पता नहीं चल पाया है।

सरकारी समाचार एजेंसी सना (SANA) के अनुसार, यह हमला पश्चिमी सीरिया के होम्स प्रांत में मस्याफ पुल के नजदीक हुआ। हमलावरों ने एक छोटी यात्री बस को निशाना बनाया। घटना के समय बस में कई लोग सवार थे। किसी भी संगठन ने अब तक इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

काम खत्म कर घर लौट रहे थे बस में सवार कर्मचारी

अधिकारियों के मुताबिक, बस में सवार सभी लोग एक कंपनी में काम करते थे। वे अपना काम खत्म करने के बाद घर लौट रहे थे। इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने बस पर गोलियां बरसा दीं। अचानक हुई गोलीबारी में कई लोग इसकी चपेट में आ गए। हमले में सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद होम्स शहर के आसपास स्थित अस्पतालों में भर्ती कराया गया। वहीं, सुरक्षा बलों ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। बस के भीतर खून के निशान और टूटे हुए शीशे मिले हैं।

सुरक्षा व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश का संदेह

होम्स की आंतरिक सुरक्षा बलों के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल बासेम मोहम्मद शाबान ने सरकारी समाचार एजेंसी सना को बताया कि इस हमले को क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करने और अस्थिरता फैलाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक किसी भी व्यक्ति या संगठन को हमले के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है।

लंबे गृहयुद्ध के बाद भी सीरिया में हिंसा जारी

सीरिया में 13 साल से अधिक समय तक चले गृहयुद्ध के बाद भी सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बनी हुई हैं। दिसंबर 2024 में बशर अल-असद की सत्ता समाप्त होने के बाद देश में राजनीतिक और सुरक्षा व्यवस्था को स्थिर करने की कोशिशें जारी हैं। इसके बावजूद विभिन्न इलाकों में गोलीबारी और विस्फोट जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं।

सीरियाई अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने कई संभावित हमलों और सशस्त्र समूहों की गतिविधियों को नाकाम किया है। इसके बावजूद राजधानी दमिश्क समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में हिंसक घटनाएं हो रही हैं। होम्स में यात्री बस पर हुआ ताजा हमला भी सुरक्षा व्यवस्था के सामने बनी चुनौती को दर्शाता है।


धानापुर में बंद मकान में चोरी, 1.60 लाख नकद और लाखों के आभूषण ले गए चोर

धानापुर (चंदौली)। बिरना गांव में चोरों ने बुधवार रात एक बंद मकान को निशाना बनाकर नकदी और लाखों रुपये के आभूषण चोरी कर लिए। गुरुवार सुबह परिवार के लोग नए मकान पर पहुंचे तो कमरों में सामान बिखरा मिला। इसके बाद चोरी की जानकारी पुलिस को दी गई।

बिरना गांव निवासी भानु मौर्य ने गांव में नया मकान बनवाया है। मकान की दूसरी मंजिल पर अभी निर्माण कार्य चल रहा है। परिवार के सदस्य रात में पुराने मकान में सोने चले जाते हैं, जबकि नया मकान बंद रहता है। बुधवार रात भी परिवार के लोग नया मकान बंद करके पुराने घर में चले गए थे।

इसी दौरान चोरों ने बंद मकान में प्रवेश कर 1.60 लाख रुपये नकद, सोने की चेन, अंगूठी और अन्य आभूषण चोरी कर लिए। गुरुवार सुबह जब स्वजन मकान पहुंचे तो कमरों में सामान अस्त-व्यस्त देखकर घटना की जानकारी हुई। पीड़ित ने तत्काल पीआरवी पुलिस को सूचना दी।

सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी खंगाली गई, जिसमें चोरी की घटना कैद होने की बात सामने आई है। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान करने में जुटी है।

इलाके में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को लेकर ग्रामीणों में चिंता है। ग्रामीणों ने पुलिस से रात के समय गश्त बढ़ाने और चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की है।


मुख्यमंत्री धामी ने दिव्यांगजन सिविल सर्विस कोचिंग का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने अंतराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री ने वन क्लिक के माध्यम से 9,93,886 पेंशनरों को ₹147.34 करोड की पेंशन का किया भुगतान

वृद्धजन परिवार के सुरक्षाकवच, उनके कारण ही घर में ईश्वर का वास होता है : मुख्यमंत्री

उत्तराखंड के प्रत्येक वरिष्ठजन के सम्मान, सुरक्षा और सुविधा मेरी जिम्मेदारी

देहरादून। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र, नींबूवाला में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने दिव्यांगजन सिविल सर्विस कोचिंग का शुभारंभ किया और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 23 वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया। साथ ही निबंध एवं पेंटिंग प्रतियोगिता में चयनित पांच छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कार प्रदान किए।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वन क्लिक के माध्यम से सितंबर माह की पेंशन राशि जारी की। इसके तहत प्रदेश के 9,93,886 पेंशनरों को कुल 147 करोड़ 34 लाख 53 हजार रुपये की पेंशन का भुगतान किया गया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को वरिष्ठजनों के कल्याण के लिए कार्य करने की शपथ भी दिलाई। इसके बाद उन्होंने परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण किया।

मुख्यमंत्री ने सभी वरिष्ठजनों का स्वागत करते हुए अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की शुभकामनाएं दीं और उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजनों के सानिध्य में परिवार खुद को सुरक्षित महसूस करता है। बच्चों को संस्कार, जीवन के आदर्श और अनुभव वरिष्ठजनों से ही मिलते हैं। उन्होंने कहा कि वृद्धजन परिवार के सुरक्षाकवच होते हैं और उनकी मौजूदगी से घर में अनुशासन, अपनापन और आत्मीयता बनी रहती है।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठजन अपने जीवन के अनुभवों के जरिए परिवार और समाज को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे समाज की जीवंत विरासत और अनुभव का भंडार हैं। मुख्यमंत्री ने अपने जीवन में भी माता-पिता के संस्कारों की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनके स्वर्गीय पिता की सीख आज भी उनका मार्गदर्शन करती है, जबकि उनकी माता का आशीर्वाद उन्हें शक्ति देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह प्रदेश के मुख्य सेवक होने के साथ उत्तराखंड के बेटे भी हैं। प्रदेश के प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक का सम्मान, सुरक्षा और सुविधाएं सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों को प्रतिमाह 1,500 रुपये पेंशन दे रही है। इसमें पति और पत्नी दोनों को अलग-अलग पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 9 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को 147 करोड़ रुपये से अधिक की पेंशन उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में वृद्धाश्रमों की व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। वर्तमान में बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी में राजकीय वृद्धाश्रम संचालित हैं। वहीं देहरादून, अल्मोड़ा और चंपावत में नए वृद्धाश्रम भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अलावा हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल समेत अन्य क्षेत्रों में गैर-सरकारी संगठनों द्वारा भी वृद्धाश्रम संचालित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सोच है कि समाज में वृद्धाश्रमों की आवश्यकता ही नहीं होनी चाहिए। वरिष्ठजनों को वृद्धाश्रम में नहीं, बल्कि अपने परिवार के बीच सम्मान के साथ रहने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से अटल वयो अभ्युदय योजना के माध्यम से भी वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और समग्र विकास के लिए कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम लागू किया गया है। दीनदयाल मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना के तहत वरिष्ठजनों के लिए निशुल्क यात्रा की व्यवस्था की गई है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से वरिष्ठजनों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सरकार उनके सम्मान, सुरक्षा और सुविधाओं में किसी तरह की कमी नहीं होने देगी।

समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर वृद्धजनों के सम्मान में यह दूसरा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में बड़ों के सम्मान की परंपरा रही है और इसे हमेशा जीवंत रखा जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से वरिष्ठजनों का सम्मान करने और जरूरत के समय उनकी सहायता करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में विधायक सविता कपूर, दायित्वधारी राम चंद्र गौड़, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद बिष्ट, सचिव श्रीधर बाबू अद्वांकी, निदेशक संजय कुमार, निदेशक जनजाति कल्याण संजय सिंह टोलिया, संयुक्त निदेशक जी.आर. नौटियाल, पूजा नेगी, हेमलता पाण्डेय, गोरधन सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।


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