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न मन्त्रं नो यन्त्रं लिरिक्स | Na Mantram No Yantram Lyrics Full

Daily Archives: 04/10/2026

न मन्त्रं नो यन्त्रं लिरिक्स | Na Mantram No Yantram Lyrics Full

 

Na Mantram No Yantram Lyrics देवी स्तोत्र# न मन्त्रं नो यन्त्रं लिरिक्स | Na Mantram No Yantram Lyrics

**न मन्त्रं नो यन्त्रं** एक प्रसिद्ध संस्कृत स्तुति है, जिसमें भक्त माता भगवती के प्रति अपनी सरल भक्ति, विनम्रता और समर्पण की भावना व्यक्त करता है। यह स्तुति **देवी अपराध क्षमापन स्तोत्रम्** के नाम से भी प्रसिद्ध है।

अगर आप **न मन्त्रं नो यन्त्रं लिरिक्स**, **Na Mantram No Yantram Lyrics**, संस्कृत पाठ या इसका हिंदी अर्थ खोज रहे हैं, तो नीचे पूरा पाठ दिया गया है।

## न मन्त्रं नो यन्त्रं लिरिक्स

### श्लोक 1

न मन्त्रं नो यन्त्रं तदपि च न जाने स्तुतिमहो
न चाह्वानं ध्यानं तदपि च न जाने स्तुतिकथाः ।
न जाने मुद्रास्ते तदपि च न जाने विलपनं
परं जाने मातस्त्वदनुसरणं क्लेशहरणम् ॥१॥

न मन्त्रं नो यन्त्रं संस्कृत लिरिक्स

श्लोक 2

विधेरज्ञानेन द्रविणविरहेणालसतया
विधेयाशक्यत्वात्तव चरणयोर्या च्युतिरभूत् ।
तदेतत् क्षन्तव्यं जननि सकलोद्धारिणि शिवे
कुपुत्रो जायेत क्वचिदपि कुमाता न भवति ॥२॥

### श्लोक 3

पृथिव्यां पुत्रास्ते जननि बहवः सन्ति सरलाः
परं तेषां मध्ये विरलतरलोऽहं तव सुतः ।
मदीयोऽयं त्यागः समुचितमिदं नो तव शिवे
कुपुत्रो जायेत क्वचिदपि कुमाता न भवति ॥३॥

### श्लोक 4

जगन्मातर्मातस्तव चरणसेवा न रचिता
न वा दत्तं देवि द्रविणमपि भूयस्तव मया ।
तथापि त्वं स्नेहं मयि निरुपमं यत्प्रकुरुषे
कुपुत्रो जायेत क्वचिदपि कुमाता न भवति ॥४॥

### श्लोक 5

परित्यक्ता देवा विविधविधसेवाकुलतया
मया पञ्चाशीतेरधिकमपनीते तु वयसि ।
इदानीं चेन्मातस्तव यदि कृपा नापि भविता
निरालम्बो लम्बोदरजननि कं यामि शरणम् ॥५॥

### श्लोक 6

श्वपाको जल्पाको भवति मधुपाकोपमगिरा
निरातङ्को रङ्को विहरति चिरं कोटिकनकैः ।
तवापर्णे कर्णे विशति मनुवर्णे फलमिदं
जनः को जानीते जननि जपनीयं जपविधौ ॥६॥

### श्लोक 7

चिताभस्मालेपो गरलमशनं दिक्पटधरो
जटाधारी कण्ठे भुजगपतिहारी पशुपतिः ।
कपाली भूतेशो भजति जगदीशैकपदवीं
भवानि त्वत्पाणिग्रहणपरिपाटीफलमिदम् ॥७॥

### श्लोक 8

न मोक्षस्याकाङ्क्षा भवविभववाञ्छापि च न मे
न विज्ञानापेक्षा शशिमुखि सुखेच्छापि न पुनः ।
अतस्त्वां संयाचे जननि जननं यातु मम वै
मृडानी रुद्राणी शिव शिव भवानीति जपतः ॥८॥

### श्लोक 9

नाराधितासि विधिना विविधोपचारैः
किं रुक्षचिन्तनपरैर्न कृतं वचोभिः ।
श्यामे त्वमेव यदि किञ्चन मय्यनाथे
धत्से कृपामुचितमम्ब परं तवैव ॥९॥

### श्लोक 10

आपत्सु मग्नः स्मरणं त्वदीयं
करोमि दुर्गे करुणार्णवेशि ।
नैतच्छठत्वं मम भावयेथाः
क्षुधातृषार्ता जननीं स्मरन्ति ॥१०॥

### श्लोक 11

जगदम्ब विचित्रमत्र किं
परिपूर्णा करुणास्ति चेन्मयि ।
अपराधपरम्परापरं
न हि माता समुपेक्षते सुतम् ॥११॥

### श्लोक 12

मत्समः पातकी नास्ति पापघ्नी त्वत्समा न हि ।
एवं ज्ञात्वा महादेवि यथायोग्यं तथा कुरु ॥१२॥

## न मन्त्रं नो यन्त्रं का सरल हिंदी भावार्थ

इस स्तुति में भक्त माता के सामने अपनी विनम्रता व्यक्त करता है। भक्त कहता है कि उसे मंत्र, यंत्र, ध्यान, पूजा की विधि या स्तुति का सही ज्ञान नहीं है, लेकिन वह माता का अनुसरण और स्मरण करना जानता है।

भक्त अपनी पूजा में हुई कमियों और भूलों के लिए माता से क्षमा मांगता है और माता की असीम करुणा पर विश्वास रखता है। स्तुति का प्रसिद्ध भाव है कि **कुपुत्र हो सकता है, लेकिन माता कभी कुमाता नहीं होती।**

आगे भक्त सांसारिक सुख, धन या मोक्ष की विशेष इच्छा न रखते हुए माता के नाम का स्मरण और जप करने की प्रार्थना करता है। अंत में वह अपने सभी अपराधों को स्वीकार करते हुए माता से अपनी स्थिति के अनुसार कृपा करने की विनती करता है।

Na Mantram No Yantram Lyrics देवी स्तोत्र

## न मन्त्रं नो यन्त्रं स्तुति का महत्व

यह स्तुति भक्त और माता के बीच **प्रेम, समर्पण, क्षमा और करुणा** की भावना को दर्शाती है। इसका मुख्य संदेश यह है कि भक्ति में केवल विधि-विधान ही महत्वपूर्ण नहीं, बल्कि सच्ची श्रद्धा और समर्पण भी महत्वपूर्ण हैं।

इस स्तुति में भक्त अपनी अज्ञानता और पूजा में हुई कमियों को स्वीकार करता है और माता की करुणा पर भरोसा करता है।

## न मन्त्रं नो यन्त्रं का पाठ कब करें?

भक्त अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार इस स्तुति का पाठ कर सकते हैं। इसे विशेष रूप से:

* नवरात्रि के समय
* देवी पूजा के दौरान
* सुबह या शाम की प्रार्थना में
* ध्यान और साधना के समय
* माता के मंदिर में
* दैनिक भक्ति और नामस्मरण के दौरान

पढ़ा जा सकता है।

## Na Mantram No Yantram Lyrics – FAQs

### न मन्त्रं नो यन्त्रं क्या है?

**न मन्त्रं नो यन्त्रं** देवी की एक प्रसिद्ध संस्कृत स्तुति का प्रारंभिक वाक्य है। यह भक्त की विनम्रता और माता के प्रति पूर्ण समर्पण को व्यक्त करती है।

### न मन्त्रं नो यन्त्रं किस स्तोत्र का हिस्सा है?

यह पाठ सामान्यतः **देवी अपराध क्षमापन स्तोत्रम्** के नाम से जाना जाता है।

### Na Mantram No Yantram Lyrics किस भाषा में हैं?

यह स्तोत्र **संस्कृत भाषा** में है। इसके श्लोकों में देवी के प्रति भक्ति, क्षमा-याचना और समर्पण का भाव व्यक्त किया गया है।

### न मन्त्रं नो यन्त्रं का मुख्य संदेश क्या है?

इस स्तुति का मुख्य संदेश माता की करुणा और भक्त के समर्पण में विश्वास है। भक्त अपनी भूलों के लिए क्षमा मांगता है और माता से कृपा की प्रार्थना करता है।

### क्या न मन्त्रं नो यन्त्रं का पाठ नवरात्रि में किया जा सकता है?

हाँ, भक्त अपनी परंपरा और श्रद्धा के अनुसार नवरात्रि तथा अन्य देवी-उपासना के अवसरों पर इसका पाठ कर सकते हैं।

## निष्कर्ष

**न मन्त्रं नो यन्त्रं लिरिक्स** भक्त को अपनी कमियों को स्वीकार करने, माता से क्षमा मांगने और उनकी करुणा पर विश्वास रखने का संदेश देता है। इस स्तुति की सबसे भावपूर्ण शिक्षाओं में से एक है कि माता अपने भक्त को उसकी भूलों के बावजूद अपनाती है।

यदि आप **Na Mantram No Yantram Lyrics in Hindi**, संस्कृत पाठ और इसका सरल अर्थ खोज रहे हैं, तो यह पोस्ट आपके लिए उपयोगी संदर्भ है।

**जय माता दी। 🙏**


देहरादून में एसआईआर के बाद 39,92 मतदाता बढ़े, अंतिम सूची जारी

जिले में अब 11,94,797 मतदाता पंजीकृत, 36,042 नए नाम जुड़े और 32,050 हटाए गए

सभी 10 विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची राजनीतिक दलों को सौंपी गई, जिले में बनाए गए 2,045 पोलिंग स्टेशन

देहरादून :  विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के सफल संपादन के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर को जनपद देहरादून की फोटोयुक्त मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर अंतिम मतदाता सूची की विस्तृत जानकारी साझा की। इस दौरान सभी राजनीतिक दलों को विधानसभा क्षेत्रों की फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली और सर्विस निर्वाचक नामावली की हार्ड कॉपी एवं सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध कराई गई।

जिलाधिकारी ने एसआईआर कार्यक्रम में सहयोग के लिए राजनीतिक दलों का आभार व्यक्त करते हुए आगामी निर्वाचन प्रक्रिया में भी सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि निर्वाचन संबंधी सभी दायित्वों का निर्वहन भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

जिले में अब 11.94 लाख से अधिक मतदाता

जिलाधिकारी ने बताया कि 14 जुलाई 2026 को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची के अनुसार जनपद में 11,90,805 मतदाता पंजीकृत थे। इनमें 6,15,349 पुरुष, 5,75,404 महिलाएं और 52 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल थे। विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद अंतिम मतदाता सूची में कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 11,94,797 हो गई है। इनमें 6,17,041 पुरुष, 5,77,706 महिलाएं और 50 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। अंतिम सूची में 9,371 सर्विस मतदाता भी पंजीकृत हैं।

उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान 36,042 नए मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े गए, जबकि मृत्यु, स्थानांतरण एवं अन्य कारणों से 32,050 नाम हटाए गए। इस प्रकार प्रारूप सूची की तुलना में अंतिम मतदाता सूची में कुल 3,992 मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि दर्ज की गई।

सहसपुर में सर्वाधिक मतदाता

विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार सहसपुर में सर्वाधिक 1,60,507 मतदाता पंजीकृत हैं। इसके बाद धर्मपुर में 1,50,400, डोईवाला में 1,46,980, रायपुर में 1,38,164 और ऋषिकेश में 1,25,553 मतदाता हैं।

इसी प्रकार चकराता विधानसभा क्षेत्र में 1,04,060, विकासनगर में 1,00,402, मसूरी में 98,953, देहरादून कैंट में 89,209 तथा राजपुर रोड विधानसभा क्षेत्र में 80,569 मतदाता पंजीकृत हैं। जिले की सभी 10 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 2,045 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं।

राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि रहे मौजूद

बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह, निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी रविन्द्र ज्वांठा तथा जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र देवली सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें भारतीय जनता पार्टी के अरविंद कुमार जैन एवं महेश गुप्ता, सीपीआई (एम) के अनंत आकाश, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के जसविंदर सिंह एवं सुनील जायसवाल, बहुजन समाज पार्टी के सतेन्द्र कुमार एवं सतेन्द्र चोपड़ा तथा आम आदमी पार्टी के कमल राणा शामिल रहे। जनपद के सभी संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।


जिलाधिकारी ने निर्वाचन तैयारियों की समीक्षा कर नोडल अधिकारियों को दिए समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के निर्देश

12-13 अक्टूबर को देहरादून आएगा निर्वाचन आयोग के उच्च अधिकारियों का दल

ईवीएम-वीवीपैट की उपलब्धता, मतदान केंद्रों की मैपिंग, सुरक्षा व्यवस्था और कार्मिकों के प्रशिक्षण पर रहेगा विशेष फोकस

देहरादून : भारत निर्वाचन आयोग के उच्च अधिकारियों का दल आगामी 12 एवं 13 अक्टूबर को देहरादून का भ्रमण कर निर्वाचन व्यवस्थाओं का जायजा लेगा। भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियों के मद्देनजर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शनिवार को निर्वाचन से जुड़े सभी नोडल अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्वाचन संबंधी सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूरी करते हुए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जाएं।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में उपलब्ध सभी विभागों के कार्मिकों का अद्यतन डेटाबेस शीघ्र तैयार किया जाए। निर्वाचन के लिए वेयरहाउस में उपलब्ध ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की स्थिति का आकलन करते हुए अतिरिक्त मशीनों की आवश्यकता का विवरण भी तैयार किया जाए। उन्होंने ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को संवेदनशील एवं अति संवेदनशील सहित सभी मतदान केंद्रों की मैपिंग का कार्य सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही विधानसभा निर्वाचन से संबंधित टेंडर प्रक्रिया पूरी करने और आवश्यक समितियों का गठन शीघ्र करने के निर्देश दिए। पुलिस विभाग को उपलब्ध सुरक्षा बलों का विवरण तैयार करने के साथ ही निर्वाचन के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा बलों की आवश्यकता का आकलन कर मांग प्रस्तुत करने को कहा।

मतदान में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर

जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में अधिकाधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता (स्वीप) कार्यक्रमों पर अभी से विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित कर लोगों को मतदान के प्रति प्रेरित किया जाए।

उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए कार्मिकों के प्रशिक्षण, पोलिंग पार्टियों की रवानगी एवं वापसी, ईवीएम वेयरहाउस तथा मतगणना स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्वाचन तैयारियों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया।

बैठक उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिला निर्वाचन अधिकारी केके मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, सभी नोडल अधिकारी सहित वर्चुअल माध्यम से सभी उप जिलाधिकारी उपस्थित थे।


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