Friday, October 2nd, 2026

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देहरादून में फर्जी कॉल सेंटर का STF ने किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

Daily Archives: 02/10/2026

देहरादून में फर्जी कॉल सेंटर का STF ने किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ और देहरादून पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में जीएमएस रोड स्थित एक संदिग्ध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया गया है। पुलिस के अनुसार यहां अवैध 32 स्लॉट वाले सिम बॉक्स के जरिए ग्राहकों को व्यक्तिगत मोबाइल नंबरों से कॉल की जा रही थी। मामले में कंपनी के मैनेजर और रीजनल मैनेजर को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, SINGH ASSET RECON SERVICES PRIVATE LIMITED (SARS) के कार्यालय में छापेमारी के दौरान एक DINSTAR 32 स्लॉट सिम बॉक्स, 45 सिम कार्ड, लैपटॉप, दो राउटर, दो एटीएम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए।

लैपटॉप की जांच में SBI, BOB, AXIS BANK, POONAWALLA FINANCE, YES BANK और RBL समेत विभिन्न बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों के ग्राहकों के क्रेडिट कार्ड से संबंधित डेटा मिलने की बात सामने आई है।

क्रेडिट कार्ड के नाम पर ग्राहकों पर दबाव

पूछताछ में सामने आया कि कॉल सेंटर से लोगों को क्रेडिट कार्ड और उससे जुड़े लाभ बताने के नाम पर कॉल की जाती थी। पुलिस के अनुसार कई मामलों में ग्राहकों पर जल्द धनराशि जमा कराने के लिए धमकी और दबाव बनाया जाता था। आरोप है कि डर के कारण कुछ ग्राहक अपनी संवेदनशील जानकारी और धनराशि उपलब्ध करा देते थे।

जांच में यह भी सामने आया कि कॉल सेंटर में करीब 39 अन्य युवक-युवतियां काम कर रहे थे, जिन्हें कमीशन के आधार पर भुगतान किया जाता था।

1600 सीरीज की जगह व्यक्तिगत मोबाइल नंबरों से कॉल
पुलिस के अनुसार कॉल सेंटर द्वारा निर्धारित 1600 नंबर सीरीज का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था। इसके बजाय व्यक्तिगत मोबाइल नंबरों से ग्राहकों को कॉल की जा रही थी। दूरसंचार विभाग के अधिकारी ने बरामद सिम बॉक्स की पुष्टि करते हुए बताया कि इस तरह के उपकरण से कॉल की वास्तविक पहचान छिपाई जा सकती है।

पुलिस ने कंपनी मैनेजर लक्ष्मण प्रसाद और रीजनल मैनेजर जगमोहन सिंह रावत को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मु0अ0सं0 49/2026 दर्ज किया गया है। मामले में BNS, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और दूरसंचार अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

 


होशियारपुर में 17 साल की नाबालिग के अपहरण-दुष्कर्म का मामला, हिमाचल निवासी युवक पर केस

होशियारपुर। पंजाब के होशियारपुर जिले में 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के लापता होने और उसके साथ दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर टांडा थाना पुलिस ने हिमाचल प्रदेश निवासी एक युवक के खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म समेत पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, टांडा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी 16 सितंबर को परीक्षा देने के लिए सरकारी कन्या स्कूल गई थी। परीक्षा के बाद वह घर नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और रिश्तेदारों तथा सहेलियों से भी उसके बारे में जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।

करीब आठ दिन बाद 24 सितंबर को किशोरी अचानक घर वापस पहुंची। पुलिस के अनुसार, उस समय वह काफी डरी और सहमी हुई थी। बाद में उसने अपनी मां को पूरी घटना की जानकारी दी। किशोरी ने आरोप लगाया कि परीक्षा खत्म होने के बाद स्कूल के पास हिमाचल प्रदेश निवासी युवक उसे मोटरसाइकिल पर अपने साथ ले गया था। इसके बाद आरोपी उसे एक अज्ञात स्थान पर ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। बेटी से पूरी जानकारी मिलने के बाद परिवार ने पुलिस को शिकायत दी।

टांडा थाना की एसएचओ अमरजीत कौर ने बताया कि शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है।


नमो क्रिकेट लीग में CM धामी ने खिलाड़ियों संग खेला क्रिकेट, युवाओं को दिलाई नशामुक्ति की शपथ

पंचकूला – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को पंचकूला के ताऊ देवीलाल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित ‘नमो क्रिकेट लीग’ में प्रतिभाग कर युवा खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं खिलाड़ियों के साथ क्रिकेट खेला और मैदान पर उतरकर युवाओं का उत्साह बढ़ाया। मुख्यमंत्री को अपने बीच क्रिकेट खेलते देख खिलाड़ियों एवं उपस्थित खेलप्रेमियों में भी खासा उत्साह देखने को मिला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल के मैदान में उतरने का अपना ही आनंद है। खिलाड़ियों के साथ क्रिकेट खेलकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। उन्होंने कहा कि खेल हमें सिखाता है कि किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए टीम भावना, निरंतर प्रयास, अनुशासन और पूरे समर्पण के साथ आगे बढ़ना जरूरी है।

नमो क्रिकेट लीग में देश के विभिन्न हिस्सों से 30 से अधिक टीमों ने प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से संवाद करते हुए उनकी खेल प्रतिभा और उत्साह की सराहना की तथा उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित खिलाड़ियों एवं युवाओं को नशे के खिलाफ शपथ भी दिलाई। उन्होंने युवाओं से नशे से पूरी तरह दूर रहने और अपने साथियों एवं समाज के अन्य युवाओं को भी नशे की आदत से बचाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नमो क्रिकेट लीग’ का संदेश ‘क्रिकेट को हां और नशे को ना’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि युवाओं को स्वस्थ, सकारात्मक और अनुशासित जीवन की ओर ले जाने का संकल्प है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि जीवन में कोई लत लगानी ही है तो खेल और फिटनेस की लत लगाएं। यदि कोई जुनून पालना है तो अपने सपनों और लक्ष्यों को हासिल करने का जुनून पालें। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा नशे में नहीं, बल्कि खेल, रचनात्मकता और राष्ट्र निर्माण में लगनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व, धैर्य और टीम भावना को मजबूत करने का भी सशक्त माध्यम हैं। खेल के मैदान में खिलाड़ी जीत से विनम्रता और हार से सीख लेकर आगे बढ़ना सीखता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को नई पहचान और सम्मान मिला है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ जैसे अभियानों ने युवाओं को खेलों तथा स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। आज देश के गांवों और छोटे शहरों से निकलने वाली खेल प्रतिभाएं राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की धरती खेल प्रतिभाओं के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। यहां के खिलाड़ियों ने ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियन गेम्स, राष्ट्रमंडल खेलों सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता के पीछे वर्षों का परिश्रम, अनुशासन, संघर्ष और लक्ष्य के प्रति समर्पण होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय कहा जाता था कि ‘पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे तो होगे खराब’, लेकिन आज देश में इस सोच में बड़ा बदलाव आया है। अब खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर और मंच मिल रहे हैं। आज यह कहा जा सकता है कि ‘खेलोगे-कूदोगे तो बनोगे लाजवाब।’

मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के साथ-साथ उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है, जबकि खेल जीवन को सकारात्मक दिशा, अनुशासन और नई पहचान देता है। उन्होंने कहा कि एक युवा नशे से बचेगा तो एक परिवार बचेगा, एक परिवार बचेगा तो समाज मजबूत होगा और मजबूत समाज से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण होगा।

मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी नशे के खिलाफ जागरूक करें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित खिलाड़ियों एवं युवाओं ने ‘नशे को ना, खेल को हां’ का सामूहिक संकल्प लिया।


UPCISB Exam Date 2026: यूपी सहकारी संस्थान सेवा बोर्ड ने जारी किया परीक्षा शेड्यूल, 14 अक्टूबर से शुरू होगी परीक्षा

 उत्तर प्रदेश सहकारी संस्थान सेवा बोर्ड (UPCISB) ने संयुक्त सहकारी बैंकिंग, गैर-बैंकिंग और तकनीकी सेवा परीक्षा (सामान्य चयन) 2026 का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। बोर्ड की ओर से विभिन्न पदों के लिए लिखित परीक्षा 14 अक्टूबर से 26 अक्टूबर 2026 के बीच आयोजित की जाएगी। परीक्षा निर्धारित तिथियों पर तीन पालियों में होगी।

बोर्ड की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक परीक्षा एक ही चरण में कराई जाएगी और इसी को मुख्य परीक्षा माना जाएगा। उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर मेरिट और चयन सूची तैयार की जाएगी।

अलग-अलग पदों के लिए तय हुई परीक्षा तारीख

परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार सहायक, कैशियर (बैंकिंग सहायक) और लिपिकीय कर्मचारी (श्रेणी-3) पदों की परीक्षा 14 अक्टूबर को होगी। सहायक लेखाकार और लेखा लिपिक (श्रेणी-3) के लिए परीक्षा 16 अक्टूबर को निर्धारित है।

वहीं लेखाकार और सहायक लेखाकार (श्रेणी-3) पदों की परीक्षा 22 अक्टूबर को आयोजित होगी। कनिष्ठ अभियंता (सिविल) (श्रेणी-3) पद के अभ्यर्थियों की परीक्षा 26 अक्टूबर को होगी।

तीन पालियों में होगी लिखित परीक्षा

UPCISB परीक्षा प्रत्येक निर्धारित दिन तीन पालियों में आयोजित करेगा। पहली पाली सुबह 8 बजे से 10 बजे, दूसरी पाली दोपहर 12 बजे से 2 बजे और तीसरी पाली शाम 4 बजे से 6 बजे तक चलेगी। उम्मीदवारों को अपने पद के अनुसार निर्धारित तारीख और पाली की जानकारी पहले से जांचने की सलाह दी गई है।

एडमिट कार्ड के निर्देश जरूर पढ़ें

परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को बोर्ड की ओर से जारी विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम की पीडीएफ डाउनलोड कर अपनी परीक्षा तिथि और पाली की पुष्टि करनी चाहिए। साथ ही आधिकारिक सूचना में दिए गए दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।

प्रवेश पत्र जारी होने के बाद उम्मीदवारों को उसमें दर्ज परीक्षा केंद्र, समय और अन्य निर्देशों की भी जांच करनी होगी। परीक्षा केंद्र पर जाने से पहले एडमिट कार्ड में दिए सभी निर्देशों को समझ लेना उचित रहेगा।

उम्मीदवार UPCISB की आधिकारिक वेबसाइट upcisb.upsdc.gov.in पर जाकर परीक्षा कार्यक्रम की पीडीएफ देख और डाउनलोड कर सकते हैं। चूंकि इसी एक चरण की परीक्षा के अंकों के आधार पर मेरिट और चयन सूची तैयार की जाएगी, इसलिए अभ्यर्थियों को अपनी निर्धारित परीक्षा तारीख के अनुसार तैयारी पूरी रखने की सलाह दी गई है।


पूल्ड आवास परिसर की बाल वाटिका को मिला नया स्वरूप, बच्चों के लिए किया गया लोकार्पण

जिला योजना से 20 लाख की लागत से हुआ मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्य

पौड़ी- गांधी एवं शास्त्री जयंती के अवसर पर पूल्ड आवास परिसर स्थित बाल वाटिका को नया स्वरूप मिलने के बाद बच्चों के लिए समर्पित किया गया। विधायक राजकुमार पोरी, जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया तथा नगरपालिकाध्यक्ष हिमानी नेगी ने बाल वाटिका में कराए गए मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्य का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।

डीएसटीओ राम सलोने ने बताया कि पूर्व में पूल्ड आवास परिसर में बच्चों के खेलने के लिए कोई उपयुक्त स्थल उपलब्ध नहीं था। निरीक्षण के दौरान स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी द्वारा करीब छह माह पूर्व बाल वाटिका के पुनर्निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई। जिला योजना के अंतर्गत 20 लाख रुपये की लागत से लोक निर्माण विभाग द्वारा आवश्यक मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्य कराए गए। कार्य पूर्ण होने के बाद परिसर को बच्चों के खेल, मनोरंजन एवं रचनात्मक गतिविधियों के अनुकूल तैयार किया गया है। इससे पूल्ड आवास परिसर एवं आसपास के बच्चों को अपने क्षेत्र में ही खेलने और विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध हो सकेगा।

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों से आत्मीय संवाद किया और उनकी पसंद के खेलों एवं उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। आंगनबाड़ी के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भजन प्रस्तुत किए। जिलाधिकारी एवं अन्य अतिथियों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें पुरस्कार वितरित किए।

स्थानीय विधायक ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बाल वाटिका के विकसित होने से पूल्ड आवास परिसर और आसपास रहने वाले परिवारों के बच्चों को अपने घर के नजदीक ही खेलने और मनोरंजन के लिए सुविधाजनक स्थान मिल सकेगा। ऐसे स्थान बच्चों में शारीरिक सक्रियता के साथ उनकी रचनात्मकता और सामाजिक व्यवहार को भी बढ़ावा देते हैं। उन्होंने बाल वाटिका को बेहतर स्वरूप देने के लिए जिला प्रशासन की पहल की सराहना करते हुए स्थानीय नागरिकों से इसके स्वच्छता एवं रखरखाव में सहयोग करने की अपील की।

जिलाधिकारी ने कहा कि बाल वाटिका को बच्चों की आवश्यकताओं और रुचियों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। प्रारंभिक अवस्था में खेल और सीखने की गतिविधियां बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को घर के आसपास ही स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध होने से वे इन सुविधाओं का सहज रूप से उपयोग कर सकेंगे। उन्होंने लोनिवि के अधिकारियों की सराहना करते हुए उन्हें परिसर में साफ-सफाई, रखरखाव एवं अन्य व्यवस्थाएं नियमित रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि बाल वाटिका का बेहतर उपयोग हो और इसकी सुविधाएं लंबे समय तक बनी रहें।

इस अवसर पर किसान आयोग के सदस्य ओम प्रकाश जुगरान, पार्षद शुभम रावत, मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, एडीएम एफआर चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी रमेश चंद, जिला ग्राम पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग रीना नेगी, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, सहायक अभियंता अंकिता सक्सेना सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


घंटों बैठे रहने वालों के लिए जरूरी खबर, रोजाना इतने कदम चलने से कम हो सकता है सेहत का खतरा

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोगों की दिनचर्या शारीरिक गतिविधियों की कमी से घिरी हुई है। ऑफिस में घंटों डेस्क पर बैठकर काम करना, आने-जाने के लिए कार या बाइक का इस्तेमाल करना और घर पहुंचने के बाद सोफे या बिस्तर पर मोबाइल चलाना आम हो गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ ऐसी दिनचर्या को कई बीमारियों के बढ़ते जोखिम से जोड़ते हैं।

लंबे समय तक बैठे रहने की आदत का संबंध मोटापे के साथ-साथ डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी बीमारियों के बढ़े हुए जोखिम से बताया गया है। इसके अलावा किडनी की बीमारी, फैटी लिवर, सीओपीडी, डिप्रेशन और एट्रियल फिब्रिलेशन जैसी समस्याओं का खतरा भी लंबे समय तक निष्क्रिय रहने वाले लोगों में अधिक हो सकता है।

ऐसे में डेस्क जॉब करने वालों के लिए सवाल यह है कि क्या ज्यादा चलने से लगातार बैठे रहने के नुकसान को कम किया जा सकता है। ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन और नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित शोधों के मुताबिक, नियमित शारीरिक गतिविधि लंबे समय तक बैठे रहने से जुड़े कुछ स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने में मदद कर सकती है।

अध्ययन के अनुसार, जो लोग दिन का काफी समय बैठे हुए बिताते हैं, उनके लिए रोजाना करीब 2,200 से अधिक कदम चलना हृदय रोग और समय से पहले मृत्यु के जोखिम को कम करने से जुड़ा पाया गया। वहीं करीब 4,000 से 4,500 कदम प्रतिदिन चलने से निष्क्रिय जीवनशैली से जुड़े कुछ जोखिमों को कम करने में लाभ मिल सकता है।

शोध में रोजाना करीब 9,000 से 10,000 कदम चलने को भी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस स्तर की शारीरिक गतिविधि से मृत्यु के जोखिम में 39 प्रतिशत तक और हृदय रोग के जोखिम में 21 प्रतिशत तक कमी देखी गई।

हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक इसका मतलब यह नहीं है कि दिनभर लगातार बैठे रहने के बाद केवल 10 हजार कदम चल लेने से लंबे समय तक बैठे रहने के सभी नुकसान खत्म हो जाते हैं। अध्ययन में करीब 14 घंटे बैठने से जुड़े हृदय रोग और हार्ट फेलियर के अतिरिक्त जोखिम को पूरी तरह खत्म करने वाला कोई निश्चित कदम स्तर नहीं मिला।

ऐसे में डेस्क जॉब करने वालों के लिए दिनभर की गतिविधियों में छोटे-छोटे बदलाव करना भी जरूरी है। लगातार कई घंटे बैठे रहने के बजाय बीच-बीच में उठकर कुछ देर चलना, पानी लेने के लिए खुद जाना और संभव हो तो सीढ़ियों का इस्तेमाल करना उपयोगी आदतें हो सकती हैं। यानी रोजाना वॉक करना फायदेमंद है, लेकिन लंबे समय तक बैठे रहने की आदत को कम करना भी उतना ही जरूरी है।


गांधी-शास्त्री जयंती पर बंदियों को विधिक अधिकारों की दी जानकारी

जिला कारागार में विधिक जागरूकता शिविर, नशे के दुष्प्रभावों पर बंदियों ने नाटक के जरिए दिया संदेश

पौड़ी- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर जिला कारागार पौड़ी में विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर आयोजित किया गया।  शिविर की अध्यक्षता जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष धर्म सिंह ने की। इस दौरान बंदियों को उनके विधिक अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता, जमानत, अपील और उपलब्ध कानूनी उपायों की जानकारी दी गई।

जिला जज धर्म सिंह ने कहा कि कारागार में निरुद्ध होने मात्र से किसी व्यक्ति के विधिक अधिकार समाप्त नहीं होते। प्रत्येक बंदी को अपने अधिकारों और उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने बंदियों को जमानत, अपील, अधिवक्ता की सहायता एवं अन्य विधिक उपायों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सहायता लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा एवं मानवता तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगी, ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा के आदर्शों को स्मरण करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का अवसर मिलता है। उन्होंने बंदियों से अनुशासन एवं सदाचार का पालन करते हुए समाज की मुख्यधारा में पुनः जुड़ने की दिशा में प्रयास करने का आह्वान किया।

शिविर में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर बंदियों ने नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से नशे से स्वास्थ्य, पारिवारिक जीवन और सामाजिक संबंधों पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया। प्रस्तुति के माध्यम से नशे से दूर रहने और स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन अपनाने का संदेश दिया गया। इस दौरान बंदियों और कारागार के अधिकारियों-कर्मचारियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई।

इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज नाज़िश कलीम, सिविल जज अमित भट्ट, कारागार अधीक्षक कौशल कुमार, सिविल जज रिजवान अंसारी, न्यायिक मजिस्ट्रेट अकमल अंसारी, उप कारापाल गौरव टम्टा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के रिटेनर अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह रावत सहित अन्य अधिवक्ता तथा न्यायालय एवं कारागार के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।


नामांतरण मामलों का तय समय-सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करें- आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद

राजस्व न्यायालयों के अभिलेख नियमित रूप से अपडेट रखने और समनों की समयबद्ध तामील के निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड में भूमि नामांतरण से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण और राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए राजस्व परिषद ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद रंजना राजगुरु ने प्रदेश के सभी जनपदों में नामांतरण (दाखिल-खारिज) के मामलों और अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों का नियमानुसार और निर्धारित समय-सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समय पर मामलों का निस्तारण करने के निर्देश

समीक्षा बैठक में रंजना राजगुरु ने असिस्टेंट कलेक्टर प्रथम श्रेणी, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों सहित अन्य संबंधित अधिकारियों के न्यायिक कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नामांतरण से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। सभी अधिकारी मामलों का निस्तारण उनके गुण-दोष के आधार पर नियमों के अनुरूप करें, ताकि लोगों को समय पर न्याय मिल सके। उन्होंने सभी पीठासीन अधिकारियों को राजस्व न्यायालयों का कामकाज निर्धारित प्रक्रिया के तहत समयबद्ध तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए।

राजस्व न्यायालयों के रिकॉर्ड दुरुस्त रखने पर जोर

आयुक्त एवं सचिव ने राजस्व न्यायालयों के अभिलेखों और आवश्यक पंजीकाओं को नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सभी न्यायालयों में रिकॉर्ड व्यवस्थित और पूर्ण होने चाहिए, जिससे मामलों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने में आसानी हो और न्यायिक प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा न आए।

इसके अलावा, निस्तारित मामलों की पत्रावलियों को नियमानुसार समय पर रिकॉर्ड रूम में जमा कराने को कहा गया। इससे अपील की स्थिति में मूल पत्रावलियां संबंधित अपीलीय न्यायालय को समय पर उपलब्ध कराई जा सकेंगी। उन्होंने न्यायालयों की ओर से जारी समनों की समयबद्ध तामील सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर पर विशेष जोर

बैठक में हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जनपदों में नामांतरण से संबंधित मामलों के समनों की समय पर तामील सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इस प्रक्रिया में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए।

अगले महीने से आयोजित होगा नामांतरण दिवस

राजस्व परिषद प्रदेश में अगले महीने से ‘नामांतरण दिवस’ आयोजित करने की तैयारी कर रही है। इसके मद्देनजर रंजना राजगुरु ने प्रदेश की सभी तहसीलों के पीठासीन अधिकारियों को अभी से आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। इस पहल के तहत नामांतरण से जुड़े मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया को गति देने पर जोर रहेगा।

समीक्षा बैठक में राजस्व परिषद के संयुक्त संचालक (चकबंदी) नरेश चन्द्र दुर्गापाल, उप राजस्व आयुक्त मीनाक्षी पटवाल, जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) नितिन वशिष्ठ और प्रदेश के सभी अपर जिलाधिकारी मौजूद रहे।


मुजफ्फरपुर में लग्जरी कार से शराब की तस्करी का खुलासा, दो गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर। जिले में शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उत्पाद विभाग की टीम ने एक लग्जरी चारपहिया वाहन से अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप बरामद की है। साहेबगंज-केसरिया रोड पर की गई कार्रवाई के दौरान टीम ने अंतरजिला गिरोह से जुड़े दो कथित धंधेबाजों को गिरफ्तार किया। वाहन की डिक्की और पिछली सीट के नीचे छिपाकर रखी गई शराब की 24 कार्टन बरामद हुई हैं।

उत्पाद विभाग के मुताबिक, टीम को शराब की खेप ले जाए जाने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद उत्पाद इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार राम के नेतृत्व में एएसआई शशिकांत सिंह और अन्य जवानों ने साहेबगंज-केसरिया रोड के पास घेराबंदी की। इसी दौरान बंगरा घाट पुल की तरफ से संदिग्ध चारपहिया वाहन आता दिखाई दिया।

जवानों ने वाहन को रुकने का इशारा किया तो चालक ने गाड़ी रोककर उसे वापस मोड़ने का प्रयास किया। इस दौरान उत्पाद विभाग के जवानों ने पीछा कर चालक को पकड़ लिया। वाहन में मौजूद उसका सहयोगी भी उतरकर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन टीम ने उसे भी पकड़ लिया।

वाहन की तलाशी लेने पर उसकी डिक्की और पिछली सीट के नीचे शराब के कार्टन मिले। उत्पाद विभाग के अनुसार, बरामद शराब की मात्रा 200 लीटर से अधिक है। पूछताछ में सामने आया कि शराब की यह खेप उत्तर प्रदेश से सड़क मार्ग के जरिए पूर्वी चंपारण ले जाई जा रही थी।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सीवान जिले के गोपालपुर कोठी निवासी अमित कुमार और पूर्वी चंपारण के केसरिया थाना क्षेत्र के बैसखुआ निवासी रोहित कुमार के रूप में हुई है। शराब और वाहन को जब्त कर दोनों को आबकारी थाना लाया गया।

पूछताछ के दौरान यह भी जानकारी मिली कि दोनों आरोपित पहले भी इसी तरीके से शराब की खेप ला चुके हैं। उत्पाद विभाग ने दोनों के संबंध में सीवान और पूर्वी चंपारण के संबंधित थानों से जानकारी साझा की है। साथ ही उनके पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।


फर्जी पते पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगों को देते थे, दो आरोपी गिरफ्तार

बरेली। साइबर अपराधियों के लिए फर्जी बैंक खाते और सिम उपलब्ध कराने के आरोप में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने दिल्ली के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपितों की पहचान दिल्ली निवासी विशाल और सचिन गुप्ता के रूप में हुई है। इनमें एक टैक्सी चालक और दूसरा डिलीवरी ब्वाय है। दोनों के पास से चार मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड, 27 पासबुक, चेकबुक, 12 एटीएम कार्ड, आधार-पैन कार्ड की छायाप्रतियां और अन्य संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर जंक्शन चौकी के पास सार्वजनिक शौचालय के नजदीक दोनों संदिग्धों को पकड़ा गया। पूछताछ में सामने आया कि दोनों ने अपने आधार कार्ड में वास्तविक पते के स्थान पर इज्जतनगर की सैनिक कॉलोनी का पता दर्ज कराया था। इसके बाद इसी पते के आधार पर अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाए गए।

आरोप है कि खाते खुलने के बाद उनकी पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड साइबर अपराध में शामिल लोगों को उपलब्ध कराए जाते थे। पूछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया कि ट्रेन में सफर के दौरान उनकी मुलाकात शोएब नाम के व्यक्ति से हुई थी। शोएब ने बैंक खाते खुलवाने और सिम उपलब्ध कराने के बदले रुपये देने की बात कही थी।

पुलिस के मुताबिक इसी लालच में आरोपितों ने अपने आधार कार्ड में बरेली का पता दर्ज कराया। यूको बैंक में खाता खुलवाने और सिम लेने के बाद उन्हें पांच हजार रुपये दिए गए। इसके बाद उन्हें प्रत्येक खाते के बदले दो-दो लाख रुपये देने का लालच भी दिया गया।

आरोपितों ने बताया कि आठ सितंबर को वे मोटरसाइकिल से बरेली पहुंचे थे। यहां शोएब ने अपने साथियों अमल सैनी और फुजैर की मदद से अलग-अलग बैंकों में उनके खाते खुलवाए। खाता खुलने के बाद पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और सिम लेकर दोनों वापस दिल्ली चले गए।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आए शोएब और अमल सैनी पहले से ही अन्य मामलों में जेल में बंद हैं। मामले में पुलिस बरामद दस्तावेजों और बैंक खातों की जांच के साथ साइबर अपराध से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।


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