Friday, October 2nd, 2026

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भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट से लिया संन्यास

Daily Archives: 02/10/2026

भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट से लिया संन्यास

युजवेंद्र चहल ने भावुक संदेश के साथ लाल गेंद के क्रिकेट को अलविदा कहा, लेकिन वनडे और टी20 में भारतीय टीम में वापसी की उम्मीद अब भी बरकरार रखी

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने शुक्रवार को प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। चहल ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए लाल गेंद के क्रिकेट को अलविदा कहा। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। चहल ने वनडे और टी20 क्रिकेट में भारतीय टीम के लिए दोबारा खेलने की अपनी इच्छा भी जाहिर की है।

लाल गेंद से जुड़ी यादों को किया साझा

चहल ने अपने संदेश में बताया कि जब उन्होंने पहली बार क्रिकेट की गेंद पकड़ी थी, तब वह महज 10 साल के थे और वह गेंद लाल रंग की थी। उन्होंने कहा कि प्रथम श्रेणी क्रिकेट उनके लिए केवल एक प्रारूप नहीं रहा, बल्कि इसी खेल ने उन्हें धैर्य रखना, मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना और लंबे समय तक मैदान पर डटे रहना सिखाया।

चहल ने कहा कि रेड-बॉल क्रिकेट ने उन्हें जिंदगी की कई यादगार यादें दी हैं। हालांकि टेस्ट क्रिकेट खेलने का उनका सपना पूरा नहीं हो सका, लेकिन प्रथम श्रेणी क्रिकेट में मिले अवसरों के लिए वह खुद को बेहद आभारी मानते हैं।

भारत के लिए टेस्ट खेलने का नहीं मिला मौका

36 वर्षीय चहल ने अपने प्रथम श्रेणी करियर में 49 मुकाबले खेले और 32.27 की औसत से कुल 148 विकेट हासिल किए। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 6 विकेट पर 25 रन रहा।

हाल ही में चहल इंग्लैंड में नॉर्थम्प्टनशायर की ओर से काउंटी क्रिकेट खेल रहे थे। लॉर्ड्स में मिडलसेक्स के खिलाफ मुकाबला उनका आखिरी प्रथम श्रेणी मैच रहा, जिसमें उन्होंने दो विकेट हासिल किए। 2026-27 सत्र में उन्होंने काउंटी चैंपियनशिप के पांच मैचों में 21 विकेट झटके। डरहम के खिलाफ उनका प्रदर्शन खास रहा, जहां उन्होंने मैच में कुल नौ विकेट अपने नाम किए।

वनडे और टी20 में वापसी की उम्मीद

प्रथम श्रेणी क्रिकेट से विदाई के बावजूद चहल ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर उम्मीद नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा कि देश के लिए खेलने की उनकी भूख अब भी पहले जैसी है और उन्हें लगता है कि उनके अंदर अभी काफी क्रिकेट बाकी है।

चहल ने वनडे और टी20 प्रारूप में भारतीय टीम में वापसी के लिए पूरी मेहनत करने की बात कही। उन्होंने हरियाणा क्रिकेट संघ के साथ-साथ रणबीर सिंह महिंद्रा और अनिरुद्ध सिंह चौधरी का भी अपने क्रिकेट सफर में लगातार समर्थन और भरोसा जताने के लिए आभार व्यक्त किया।

इस तरह चहल ने लाल गेंद के क्रिकेट से भले ही दूरी बना ली हो, लेकिन सीमित ओवरों के क्रिकेट में भारतीय टीम में वापसी का लक्ष्य उन्होंने बरकरार रखा है।


पटेलनगर में किराये के कमरे में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़, छह गिरफ्तार

देहरादून। पटेलनगर क्षेत्र के हरभजवाला स्थित नीलकंठ एनक्लेव में किराये के मकान में चल रहे कथित अनैतिक देह व्यापार के मामले का दून पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मौके से छह आरोपितों को गिरफ्तार किया, जबकि एक नाबालिग युवती को रेस्क्यू किया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आपत्तिजनक सामग्री और देह व्यापार से कमाए गए 18 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 को कोतवाली पटेलनगर पुलिस को सूचना मिली थी कि नीलकंठ एनक्लेव में कुछ महिलाएं और पुरुष देह व्यापार में संलिप्त हैं। सूचना के आधार पर उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने मकान में अचानक छापेमारी की, जहां तीन महिलाएं, एक नाबालिग युवती और तीन पुरुष मिले। पुलिस ने छह आरोपितों को गिरफ्तार कर नाबालिग युवती को रेस्क्यू किया।

पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि मनीष कुमार लखेड़ा ने मकान किराये पर लेकर दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से महिलाओं को बुलाकर कथित रूप से देह व्यापार का संचालन शुरू किया था। आरोप है कि वह फोन और व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों से संपर्क करता था और उन्हें महिलाओं की तस्वीरें भेजता था। ग्राहकों की मांग के अनुसार महिलाओं को किराये के कमरे या उनके बताए स्थान पर भेजा जाता था।

पुलिस के मुताबिक, नाबालिग युवती को आरोपित अभिषेक दिल्ली से मसूरी घुमाने के बहाने देहरादून लेकर आया था। आरोप है कि उसे कमरे में गलत काम के लिए दबाव दिया गया। युवती के इनकार करने पर उसे कमरे में बंधक बनाकर रखा गया।

मामले में कोतवाली पटेलनगर में मु0अ0सं0-704/2026 के तहत धारा 96/99/127(2)/3(5) बीएनएस, 14(5) पोक्सो अधिनियम और 3/4/5/11 अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

गिरफ्तार आरोपितों में मनीष कुमार लखेड़ा (42), अभिषेक (35), भानू उर्फ सिद्धान्त, ममता (28), नेहा (24) और सुमन (24) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपित देहरादून और दिल्ली के अलग-अलग क्षेत्रों के निवासी हैं।

बरामदगी: आपत्तिजनक सामग्री/दवाइयां और 18 हजार रुपये नकद।


सहसपुर में घर से नकदी चोरी का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार; 2.78 लाख रुपये बरामद

देहरादून। सहसपुर क्षेत्र में घर से नकदी चोरी के मामले का दून पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई 2 लाख 78 हजार 200 रुपये की नकदी बरामद की है।

पुलिस के अनुसार, 3 सितंबर 2026 को केदारवाला निवासी अमित बिष्ट ने कोतवाली सहसपुर में तहरीर देकर बताया था कि अज्ञात व्यक्ति उनके घर में रखी नकदी चोरी कर ले गया है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मु0अ0सं0-215/2026, धारा 305(ए) बीएनएस के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

मामले के जल्द खुलासे के लिए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने 1 अक्टूबर 2026 को सहसपुर बाईपास रोड से पवन रावत को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान पवन रावत पुत्र कमल सिंह रावत, निवासी केदारवाला, कोतवाली सहसपुर, देहरादून, उम्र 32 वर्ष के रूप में हुई है। उसके कब्जे से चोरी की गई 2,78,200 रुपये की नकदी बरामद हुई है।


महोबा में अवैध आतिशबाजी की बड़ी खेप पकड़ी, चार गिरफ्तार

महोबा। त्योहारों से पहले महोबकंठ थाना पुलिस ने अवैध आतिशबाजी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 36.94 क्विंटल पटाखे बरामद किए हैं। पुलिस ने उमरई मोड़ के पास मध्य प्रदेश ले जाए जा रहे पटाखों से लदे दो ट्रैक्टर और एक डीसीएम को पकड़ा। मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर वाहनों को सीज कर दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, गुरुवार रात सूचना मिलने के बाद उमरई मोड़ पर वाहनों की जांच की गई। इसी दौरान मध्य प्रदेश की ओर जा रहे दो ट्रैक्टर और एक डीसीएम को रोककर तलाशी ली गई। वाहनों से 189 गत्ते माचिस पटाखे, जिनका वजन 2611.98 किलोग्राम, और 50 गत्ते सुतली बम, जिनका वजन 1082.90 किलोग्राम था, बरामद हुए। बरामद आतिशबाजी का कुल वजन 36.94 क्विंटल बताया गया है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जलालुद्दीन, रहीश सिद्दीकी और अरमान सिद्दीकी, निवासी कनकुआ थाना महोबकंठ, तथा धर्मेंद्र राजपूत निवासी टोडा पिहोर थाना करहरा, जिला शिवपुरी, मध्य प्रदेश को गिरफ्तार किया।

पूछताछ में मुख्य आरोपित जलालुद्दीन ने बताया कि उसके पास आतिशबाजी बनाने का लाइसेंस है, लेकिन निर्धारित क्षमता से अधिक पटाखे रखे गए थे। इन पटाखों को मध्य प्रदेश में बिक्री के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपित वैध परिवहन अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद चारों के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। वाहनों के कागजात उपलब्ध नहीं होने पर उन्हें भी सीज कर दिया गया।

थाना महोबकंठ के प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपितों को न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।


भारत में बढ़ रहा फैटी लिवर का खतरा, 100 में 39 वयस्क प्रभावित; बच्चों में भी 35.4% अनुमान

फैटी लिवर अब सिर्फ उम्रदराज लोगों तक सीमित बीमारी नहीं रह गई है। बदलती जीवनशैली, बढ़ता मोटापा, डायबिटीज और खान-पान की आदतों में बदलाव के बीच इस बीमारी का खतरा बच्चों और युवाओं में भी बढ़ता दिखाई दे रहा है। खास चिंता की बात यह है कि शुरुआती दौर में फैटी लिवर के लक्षण अक्सर स्पष्ट नहीं होते, जिसके कारण कई लोगों को बीमारी का पता काफी देर से चलता है।

नई दिल्ली में आयोजित विश्व गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कांग्रेस-2026 में विशेषज्ञों ने भारत में लिवर और पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते बोझ पर चर्चा की। सम्मेलन में सामने रखे गए आंकड़ों के मुताबिक, भारत में करीब 39 प्रतिशत वयस्कों में फैटी लिवर की समस्या होने का अनुमान है। वहीं, भारतीय बच्चों में भी इसका अनुमान 35.4 प्रतिशत तक बताया गया है।

सिर्फ शराब को जिम्मेदार मानना सही नहीं

लिवर में जरूरत से ज्यादा वसा जमा होने की स्थिति को फैटी लिवर कहा जाता है। आमतौर पर लिवर की बीमारी का नाम सुनते ही शराब को इसका प्रमुख कारण माना जाता है, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक फैटी लिवर के पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।

मोटापा, डायबिटीज, ज्यादा कैलोरी वाला भोजन, शारीरिक गतिविधियों की कमी और खराब जीवनशैली इसके जोखिम को बढ़ा सकते हैं। ऐसे में फैटी लिवर की रोकथाम के लिए केवल शराब से दूरी बनाना ही पर्याप्त नहीं माना जा सकता, बल्कि पूरे मेटाबॉलिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी जरूरी है।

बच्चों में बढ़ता खतरा चिंता का विषय

फैटी लिवर के बढ़ते मामलों में बच्चों का शामिल होना विशेषज्ञों के लिए विशेष चिंता का विषय है। बच्चों में बढ़ता वजन, जंक फूड और हाई-कैलोरी डाइट के साथ शारीरिक गतिविधियों की कमी लिवर की सेहत को प्रभावित कर सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि माता-पिता को बच्चों के वजन में लगातार बढ़ोतरी को केवल सामान्य विकास मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। संतुलित खान-पान और नियमित शारीरिक गतिविधियों को बच्चों की दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी है।

पाचन संबंधी समस्याओं को भी नजरअंदाज न करें

विश्व गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कांग्रेस-2026 में सिर्फ फैटी लिवर ही नहीं, बल्कि पाचन तंत्र से जुड़ी अन्य समस्याओं पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों के मुताबिक कब्ज, दस्त और पेट से जुड़ी दूसरी परेशानियां दुनिया भर में बेहद आम हैं।

एम्स के विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि कुछ लक्षणों को सामान्य मानकर लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। मल में खून आना या निगलने में परेशानी जैसे संकेत सामने आने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

61 देशों के विशेषज्ञों ने लिया हिस्सा

30 सितंबर से 3 अक्टूबर 2026 तक आयोजित विश्व गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कांग्रेस में करीब 61 देशों के 3,000 विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। भारत में पहली बार आयोजित हो रहे इस सम्मेलन में पाचन तंत्र और लिवर से जुड़ी बीमारियों के बदलते स्वरूप पर चर्चा की जा रही है।

सम्मेलन का मुख्य विषय पाचन तंत्र के स्वास्थ्य में बदलाव और प्रकृति के संरक्षण से जुड़ा है। कार्यक्रम के पहले दिन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी देश में लिवर और पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते बोझ को लेकर चिंता जताई और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत बताई।

बीमारी की जांच में AI की भूमिका पर भी चर्चा

सम्मेलन में स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के बढ़ते इस्तेमाल पर भी विशेषज्ञों ने चर्चा की। शोधकर्ता पाचन तंत्र से जुड़ी कई बीमारियों की पहचान और जांच को अधिक प्रभावी बनाने के लिए AI आधारित तकनीकों पर काम कर रहे हैं।

इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS), सीलिएक रोग की बायोप्सी के विश्लेषण और अग्न्याशय की गांठों की पहचान में AI के संभावित इस्तेमाल पर शोध जारी है। लंबे समय तक रहने वाली सूजन और अग्न्याशय के कैंसर की पहचान में भी इस तकनीक की संभावनाओं पर अध्ययन किया जा रहा है।

विशेषज्ञों की सलाह क्या है?

फैटी लिवर के बढ़ते मामलों के बीच विशेषज्ञों का जोर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर है। संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, वजन को नियंत्रित रखना और डायबिटीज जैसी स्थितियों पर नजर रखना लिवर की सेहत के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

कुल मिलाकर, फैटी लिवर को केवल वयस्कों की बीमारी मानना अब सही नहीं होगा। बच्चों में सामने आ रहे मामलों ने इस समस्या को लेकर जागरूकता और समय पर जांच की जरूरत को और महत्वपूर्ण बना दिया है।


सत्य, अहिंसा और सादगी के आदर्शों को एमडीडीए ने किया नमन

गांधी और शास्त्री के जीवन मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प, अधिकारियों-कर्मचारियों ने अर्पित किए श्रद्धासुमन

देहरादून – मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर दोनों महान विभूतियों का भावपूर्ण स्मरण किया गया। इस अवसर पर एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी एवं सचिव मोहन सिंह बर्निया सहित अधिकारियों और कर्मचारियों ने महात्मा गांधी तथा लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद आयोजित विचार गोष्ठी में दोनों महापुरुषों के जीवन, विचारों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समरसता जैसे मूल्यों के माध्यम से देश और समाज को नई दिशा दी। वहीं लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया, जो आज भी सार्वजनिक जीवन के लिए प्रेरणास्रोत है।

गांधी के विचार आज भी समाज के लिए प्रासंगिक : बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों पर आधारित था। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से समाज में शांति, सद्भाव और मानवता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि गांधी जी का स्वच्छता के प्रति विशेष आग्रह था। स्वच्छता को उन्होंने केवल व्यक्तिगत आदत नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखा। ऐसे में उनके विचारों को व्यवहार में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री दोनों ही सादगी, अनुशासन और कर्तव्य के प्रतीक रहे हैं। उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर ढंग से निर्वहन किया जा सकता है।

शास्त्री का सादगीपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा की मिसाल : मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन और व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि शास्त्री जी की सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने सीमित साधनों और सरल जीवनशैली के बावजूद अपने आचरण एवं निर्णयों से देश के सामने नेतृत्व का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का ‘जय जवान, जय किसान’ का उद्घोष देश के जवानों और किसानों के सम्मान तथा राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को रेखांकित करता है। यह नारा आज भी देश की सुरक्षा और कृषि व्यवस्था की महत्ता को समझने की प्रेरणा देता है। सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि दोनों महान विभूतियों के जीवन से हमें ईमानदारी, अनुशासन, त्याग, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की सीख मिलती है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से इन आदर्शों को अपने कार्य व्यवहार में अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को अपने जीवन एवं कार्यशैली में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में प्राधिकरण के विभिन्न अनुभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


एफबीआई के शिकंजे में अमेरिकी इंजीनियर, हूती विद्रोहियों को मदद देने का गंभीर आरोप

एफबीआई के मुताबिक आरोपी ने यमन की कथित गुप्त यात्रा की और हूती संगठन की संचार क्षमताओं में मदद पहुंचाने के लिए सामग्री व तकनीकी सहायता जुटाई

वॉशिंगटन। अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने ऊर्जा विभाग से जुड़े एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर को ईरान समर्थित हूती संगठन को कथित तौर पर सहायता पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, आरोपी पर यमन की यात्रा करने, हूती संगठन से संपर्क स्थापित करने और विस्फोटक व ड्रोन तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जुटाने का आरोप है। मामले की जांच के दौरान उसके कथित संपर्कों और गतिविधियों से जुड़ी कई जानकारियां सामने आई हैं।

अमेरिकी इंजीनियर पर क्या आरोप हैं?

वॉशिंगटन राज्य के रिचलैंड निवासी 51 वर्षीय एश्टन हमीद एलाबूडी को गिरफ्तार किया गया। उसे अदालत के सामने पेश किया जाना है। अदालत के उपलब्ध रिकॉर्ड में फिलहाल उसकी ओर से पेश होने वाले किसी वकील का नाम दर्ज नहीं है।

एफबीआई के मुताबिक, एलाबूडी पर आरोप है कि वह हूती संगठन की संचार क्षमताओं को मजबूत करने में मदद करना चाहता था। जांच एजेंसी के अनुसार, वह पिछले सितंबर में यमन गया था। यमन में लंबे समय से हूती विद्रोहियों और सरकार समर्थित बलों के बीच संघर्ष जारी है।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यमन से लौटने के बाद एलाबूडी ने सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा अधिकारियों को बताया था कि वह ओमान से काम के सिलसिले में वापस आया है। उसने कथित तौर पर यह भी बताया कि वह अमेरिकी सरकार से जुड़े एक मिशन का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य मिसाइल रक्षा प्रणालियों का निरीक्षण करना था।

सुपरवाइजर के बयान से सामने आई अलग जानकारी

एफबीआई के हलफनामे में कहा गया है कि जांचकर्ताओं ने एलाबूडी के सुपरवाइजर से पूछताछ की। सुपरवाइजर ने कथित तौर पर बताया कि उन्हें एलाबूडी की किसी अंतरराष्ट्रीय यात्रा की जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा विभाग में उनकी जानकारी के मुताबिक ऐसा कोई मिसाइल निरीक्षण कार्यक्रम नहीं था, जिसके तहत एलाबूडी को यमन या ओमान भेजा गया हो।

जांच एजेंसी के मुताबिक, उसके मुखबिरों ने एलाबूडी के साथ हुई कुछ बातचीत रिकॉर्ड की थी। इन बातचीत में उसने कथित तौर पर बताया कि उसे यमन में गुप्त तरीके से प्रवेश करना और वहां से बाहर निकलना पड़ा। उसने यमन की राजधानी सना पहुंचकर वहां उच्च स्तर पर संपर्क स्थापित करने की इच्छा भी जताई थी। हालांकि, एफबीआई के अनुसार वह सना पहुंचने में सफल नहीं हो सका।

विस्फोटक और ड्रोन की सामग्री खरीदने का आरोप

एफबीआई के अनुसार, एलाबूडी के खिलाफ जांच उस समय शुरू हुई जब अधिकारियों को उसके द्वारा कुछ ऐसे रसायनों की खरीदारी की जानकारी मिली, जिनका इस्तेमाल घरेलू स्तर पर विस्फोटक उपकरण तैयार करने में किया जा सकता है। इनमें एसीटोन और सोडियम बाइसल्फेट शामिल बताए गए हैं। जांच में ड्रोन तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले कुछ पुर्जों की खरीद का भी उल्लेख किया गया है।

जांच के दौरान एलाबूडी ने कथित तौर पर कई मुखबिरों से संपर्क किया। एफबीआई के मुताबिक, इनमें एक व्यक्ति ऐसा भी था जिसने खुद को हूती कर्नल के रूप में पेश किया था। एजेंसी का आरोप है कि एलाबूडी ने संचार उपकरणों से जुड़ी सलाह और तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई।

किस कानून के तहत हुई कार्रवाई?

अमेरिकी अधिकारियों ने एलाबूडी पर उस कानून के तहत आरोप लगाया है, जिसके तहत अमेरिका द्वारा विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किए गए किसी समूह को भौतिक सहायता उपलब्ध कराना अपराध है। मामले में लगाए गए आरोप एफबीआई की जांच और अदालत में पेश किए गए हलफनामे पर आधारित हैं। आगे की कानूनी कार्यवाही में आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों पर अदालत में विचार किया जाएगा।


गंगा बिगहा में साढ़े तीन साल के मासूम की हत्या, नहर में मिला शव

दाउदनगर (औरंगाबाद)। मनार पंचायत के गंगा बिगहा गांव में साढ़े तीन साल के बच्चे की मौत से सनसनी फैल गई। गुरुवार शाम घर के पास से लापता हुए मासूम भोला का शव शुक्रवार सुबह गांव के समीप नहर से बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई।

जानकारी के अनुसार, विकास का साढ़े तीन वर्षीय पुत्र भोला गुरुवार शाम करीब चार बजे घर के आसपास से अचानक लापता हो गया था। काफी देर तक बच्चे के वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। आसपास के इलाकों में खोजबीन के साथ पुलिस को भी मामले की जानकारी दी गई, लेकिन रातभर तलाश के बावजूद बच्चे का पता नहीं चल सका।

शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने गांव के समीप नहर में बच्चे का शव देखा। पहचान किए जाने पर शव लापता भोला का निकला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद भेज दिया।

एसडीपीओ चंद्रभूषण ने बताया कि फिलहाल बच्चे की मौत के कारणों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वायड समेत विशेष टीमों को जांच के लिए बुलाया गया है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।


अदाणी पोर्ट्स की कार्गो हैंडलिंग में जोरदार उछाल, सितंबर में 11% बढ़ा कारोबार

छह महीने में 280 एमएमटी कार्गो संभाला

नई दिल्ली। अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही के साथ सितंबर 2026 के कारोबारी आंकड़े जारी कर दिए हैं। कंपनी के पोर्ट कारोबार में इस दौरान मजबूत वृद्धि देखने को मिली है। सितंबर में कार्गो हैंडलिंग में सालाना आधार पर 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि अप्रैल से सितंबर के बीच कंपनी ने कुल 280 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो संभाला।

सितंबर में 46 एमएमटी कार्गो हैंडलिंग

कंपनी की ओर से शेयर बाजार को दी गई जानकारी के अनुसार, सितंबर 2026 में एपीएसईजेड ने कुल 46 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो का संचालन किया। यह पिछले साल सितंबर की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है। इस वृद्धि में कंटेनर कारोबार की अहम भूमिका रही, जिसमें सालाना आधार पर 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

पहली छमाही में 280 एमएमटी कार्गो

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान कंपनी ने कुल 280 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो संभाला। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले यह आंकड़ा 15 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान कंटेनर वॉल्यूम में 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, ड्राई कार्गो के वॉल्यूम में भी सालाना आधार पर 15 प्रतिशत का इजाफा हुआ।

रेल लॉजिस्टिक्स कारोबार में मिला-जुला प्रदर्शन

एपीएसईजेड के रेल लॉजिस्टिक्स कारोबार के आंकड़ों में सितंबर के दौरान वृद्धि दर्ज हुई। सितंबर 2026 में लॉजिस्टिक्स रेल वॉल्यूम 62,302 टीईयू रहा, जो पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 3 प्रतिशत अधिक है।

हालांकि, वित्त वर्ष की पहली छमाही में रेल लॉजिस्टिक्स वॉल्यूम 312,763 टीईयू रहा। इस अवधि में सालाना आधार पर 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

कंपनी के सितंबर और पहली छमाही के आंकड़ों में पोर्ट कारोबार के प्रमुख क्षेत्रों में लगातार वृद्धि दिखाई दी है। खास तौर पर कंटेनर और ड्राई कार्गो सेगमेंट में 15 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई है।


रेलवे में अप्रेंटिस के 2008 पदों पर भर्ती, 7 अक्टूबर से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन

उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) ने अप्रेंटिस अधिनियम, 1961 के तहत वर्ष 2026-27 के लिए अप्रेंटिस भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती अभियान के जरिए रेलवे की विभिन्न इकाइयों में कुल 2008 अप्रेंटिस प्रशिक्षण स्लॉट पर अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। भर्ती का विस्तृत नोटिफिकेशन 1 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया है।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 7 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। योग्य अभ्यर्थी 6 नवंबर 2026 की रात 11:59 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे और इसकी हार्ड कॉपी रेलवे को भेजने की आवश्यकता नहीं होगी।

इन इकाइयों में हैं सबसे ज्यादा स्लॉट

भर्ती में डीआरएम कार्यालय अजमेर के लिए 500, बीकानेर के लिए 524, जयपुर के लिए 580 और जोधपुर के लिए 134 स्लॉट निर्धारित हैं। इसके अलावा बीटीसी कैरिज अजमेर में 101, बीटीसी लोको अजमेर में 69, कैरिज वर्कशॉप बीकानेर में 33 और कैरिज वर्कशॉप जोधपुर में 67 स्लॉट रखे गए हैं।

इन पदों के लिए फिटर, इलेक्ट्रीशियन, डीजल मैकेनिक, वेल्डर, कारपेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक और कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट समेत विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जाएगा। अभ्यर्थी उपलब्ध विकल्पों में से केवल एक यूनिट का चयन कर सकेंगे।

10वीं और ITI पास होना जरूरी

आवेदन के लिए अभ्यर्थी का मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ 10वीं पास होना जरूरी है। इसके साथ संबंधित ट्रेड में एनसीवीटी या एससीवीटी से जारी नेशनल ट्रेड सर्टिफिकेट भी अनिवार्य है। जिन अभ्यर्थियों का अंतिम परीक्षा परिणाम जारी नहीं हुआ है, वे आवेदन नहीं कर सकेंगे।

6 नवंबर 2026 को अभ्यर्थी की उम्र 15 वर्ष से कम और 24 वर्ष से कम होनी चाहिए। एससी-एसटी वर्ग को अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष, ओबीसी को 3 वर्ष और पीडब्ल्यूबीडी अभ्यर्थियों को 10 वर्ष की छूट दी जाएगी।

बिना लिखित परीक्षा होगा चयन

अप्रेंटिस भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। अभ्यर्थियों की 10वीं और आईटीआई में प्राप्त अंकों के प्रतिशत का साधारण औसत लेकर मेरिट सूची तैयार होगी। समान अंक होने पर अधिक उम्र वाले अभ्यर्थी को प्राथमिकता दी जाएगी। चयन प्रक्रिया के अगले चरण में दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल परीक्षण होगा।

आवेदन शुल्क और प्रक्रिया

सामान्य अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपये रखा गया है। एससी, एसटी, पीडब्ल्यूबीडी और महिला अभ्यर्थियों को शुल्क से छूट दी गई है। शुल्क का भुगतान ऑनलाइन करना होगा। भुगतान के बाद आवेदन में बदलाव की अनुमति नहीं होगी।

इच्छुक अभ्यर्थियों को उत्तर पश्चिम रेलवे की आधिकारिक भर्ती वेबसाइट rrcjaipur.in के जरिए आवेदन करना होगा। फॉर्म भरते समय व्यक्तिगत जानकारी, आधार नंबर, 10वीं की जानकारी और तकनीकी योग्यता से संबंधित विवरण सावधानी से दर्ज करना होगा। एक अभ्यर्थी केवल एक यूनिट के लिए आवेदन कर सकता है। एक से अधिक आवेदन किए जाने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है।

आवेदन की अंतिम समय सीमा 6 नवंबर 2026 रात 11:59 बजे निर्धारित है। अभ्यर्थियों को अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन पूरा करने और जमा करने से पहले सभी विवरण व दस्तावेजों की जांच करने की सलाह दी गई है।


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