Wednesday, October 7th, 2026

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देहरादून में 40 लाख की जमीन धोखाधड़ी का खुलासा, डेढ़ साल से फरार दो इनामी आरोपी गिरफ्तार

Daily Archives: 07/10/2026

देहरादून में 40 लाख की जमीन धोखाधड़ी का खुलासा, डेढ़ साल से फरार दो इनामी आरोपी गिरफ्तार

बैंक में बंधक जमीन बेचने के नाम पर महिला से की थी 40 लाख रुपये की ठगी, एसएसपी के निर्देश पर दून पुलिस की कार्रवाई

देहरादून। राजधानी देहरादून में जमीन धोखाधड़ी के मामले में रायपुर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डेढ़ साल से फरार चल रहे 10-10 हजार रुपये के दो इनामी आरोपियों को उत्तर प्रदेश के शामली से गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर बैंक में बंधक जमीन का सौदा कर एक महिला से 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने यह कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार, 28 अप्रैल 2025 को नेसविला रोड निवासी लक्ष्मी अग्रवाल ने थाना रायपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि अमन विहार, सहस्रधारा रोड निवासी उर्मिला शर्मा ने राजपुर क्षेत्र में स्थित अपनी जमीन का सौदा 45 लाख रुपये में तय किया था। इस सौदे के एवज में उनसे 40 लाख रुपये भी ले लिए गए। बाद में जानकारी मिली कि संबंधित जमीन बैंक में बंधक थी और उस पर पहले से 18 लाख रुपये का ऋण लिया गया था। आरोप है कि बैंक में बंधक संपत्ति को बेचने के नाम पर महिला से धोखाधड़ी कर रकम हड़प ली गई।

शिकायत के आधार पर थाना रायपुर में मुकदमा अपराध संख्या 136/25 के तहत धारा 420, 120बी और 34 भादवि में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस को मामले में मुख्य आरोपी उर्मिला शर्मा के पति सुभाष चंद्र शर्मा और पुत्र दीपक शर्मा की संलिप्तता के साक्ष्य मिले।

मुकदमा दर्ज होने के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहे थे। उनकी गिरफ्तारी नहीं होने पर एसएसपी देहरादून ने उन पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

वर्तमान में चल रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस ने मुखबिर तंत्र और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से आरोपियों की तलाश तेज की। इसी दौरान उनके शामली, उत्तर प्रदेश में छिपे होने की जानकारी मिली। पुलिस टीम ने तत्काल दबिश देकर दोनों इनामी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि इस मामले की मुख्य आरोपी उर्मिला शर्मा की पूर्व में मृत्यु हो चुकी है। पुलिस ने उसकी मृत्यु से संबंधित दस्तावेज भी आरोपियों से प्राप्त किए हैं।

गिरफ्तार आरोपी

सुभाष चंद्र शर्मा पुत्र रोशनलाल शर्मा, निवासी ग्राम नल्हेड़ा, थाना नकुड़, जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश। वर्तमान पता अमन विहार, गली नंबर-4, सहस्रधारा रोड, थाना रायपुर, देहरादून।

दीपक शर्मा पुत्र सुभाष चंद्र शर्मा, निवासी ग्राम नल्हेड़ा, थाना नकुड़, जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश। वर्तमान पता अमन विहार, सहस्रधारा रोड, देहरादून।

पुलिस टीम

उपनिरीक्षक ए.के. बलूनी

कांस्टेबल मुकेश कंडारी

कांस्टेबल सोनी कुमार (एसओजी)

कांस्टेबल मनोज (एसओजी)


पीएम मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे, हल्द्वानी में निकली मशाल सेवा ज्योति यात्रा

हल्द्वानी : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनसेवा एवं सुशासन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर जनपद नैनीताल में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किये गये। मुख्य कार्यक्रम शहीद पार्क स्थित ठंडी सडक में आयोजित किया गया।

नैनीताल रोड स्थित शहीद पार्क में प्रधानमंत्री मोदी के जनसेवा एवं सुशासन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर सांसद अजय भटट ने कहा कि 25 वर्षों की इस ऐतिहासिक यात्रा को सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण के प्रतीक के रूप में मनाया गया।

उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी ने 07 अक्टूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में संवैधानिक पद की शपथ ली थी। मुख्यमंत्री के रूप में लगभग 13 वर्षों तक तथा मई 2014 से प्रधानमंत्री के रूप में निरंतर सेवा करते हुए उन्होंने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण कर लिये हैं।

भटट ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याणकारी योजनाओं का नया युग प्रारंभ हुआ है। जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, किसान सम्मान निधि एवं गरीब कल्याण अन्न योजना जैसी योजनाओं ने अंतिम व्यक्ति तक विकास की पहुँच सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि इन 25 वर्षों में प्रधानमंत्री ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के मंत्र को साकार किया है। गुजरात मॉडल से लेकर विकसित भारत के संकल्प तक की यात्रा देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लेकर आई है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनसेवा एवं सुशासन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आज हल्द्वानी के शहीद पार्क में आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में महिलाओं, स्कूली छात्र-छात्राओं एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की। इस दौरान प्रधानमंत्री के संदेश का सीधा प्रसारण सुना गया। कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह को अभिभूत कर दिया।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मशाल जुलूस के साथ रथ यात्रा निकाली गई। रथ यात्रा का शुभारम्भ सांसद अजय भट्ट एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा किया गया। रथ यात्रा शहीद चौक नियर ठंडी सडक, से प्रारम्भ होकर नगर निगम सेवा ज्योति पार्क तक निकाली गई। मशाल सेवा ज्योति यात्रा में अन्तर्राष्ट्रीय धावक सुरेश पाण्डे एवं राष्ट्रीय धाविका ममता पाठक द्वारा प्रतिभाग किया गया।इस अवसर पर सांसद अजय भटट ने कहा कि नगर निगम पार्क का नाम परिवर्तित कर सेवा ज्योति यात्रा पार्क के नाम से जाना जायेगा।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सांसद अजय भटट एवं गणमान्य व्यक्तियों व आम जनमानस ने प्रधानमंत्री के जनसेवा के 25 वर्षों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए देश को आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराया और सभी ने नरेन्द्र मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुये जनसेवा की उनकी यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर शुभकामनायें दी।


मतदाता सूची को अधिक शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाने के लिए नैनीताल में विशेष अभियान

08 से 10 अक्टूबर तक प्रत्येक बूथ पर विशेष कैंप, 12 से 20 अक्टूबर तक होगा घर-घर सत्यापन

नैनीताल : भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में मतदाता सूची के पुनः सत्यापन एवं छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाने को लेकर जनपद नैनीताल में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी/ जिलाधिकारी की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाने में सहयोग की अपेक्षा की गई।

अभियान के तहत 08 से 10 अक्टूबर 2026 तक जनपद के प्रत्येक मतदान केंद्र पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। कैंप के दौरान बीएलओ, संबंधित बीएजी सदस्य एवं बीएलए-2 द्वारा वर्तमान मतदाता सूची का पूर्व की मतदाता सूची से मिलान करते हुए छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान की जाएगी।

इसके उपरांत 12 से 20 अक्टूबर 2026 तक बीएलओ द्वारा बीएलए-2 के सहयोग से घर-घर जाकर चिन्हित मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। पात्र पाए जाने वाले ऐसे मतदाता, जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, उनका फॉर्म-6 के माध्यम से पंजीकरण कराया जाएगा। साथ ही पहली बार मतदान करने वाले एवं युवा मतदाताओं को भी मतदाता सूची में शामिल करने की कार्रवाई की जाएगी।

नैनीताल में 6 लाख 97 से अधिक मतदाता

जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 03 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में जनपद नैनीताल में कुल 6,97,547 मतदाता दर्ज हैं।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं बीएलए से अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से वंचित न रहे और मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय एवं अद्यतन बनाया जा सके। इस दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी विवेक राय, उप जिलाधिकारी नवाज़िश खलिक सहित विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।


संस्कृत ग्रामों में सालभर नियमित रूप से आयोजित हों संस्कृत आधारित गतिविधियां – मुख्यमंत्री

प्रमुख धार्मिक स्थलों पर संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए प्रभावी पहल करने के निर्देश

आगामी कुंभ के दृष्टिगत हरिद्वार में संस्कृत के क्षेत्र में ठोस कार्यों की व्यापक कार्ययोजना बनाई जाए

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में संस्कृत शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में संस्कृत के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि आदर्श संस्कृत ग्रामों में केवल विशेष अवसरों तक गतिविधियां सीमित न रहें, बल्कि सालभर नियमित रूप से संस्कृत संभाषण एवं संस्कृत आधारित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को संस्कृत भाषा के अध्ययन के साथ ही वेद, उपनिषद, पुराण और अन्य महत्वपूर्ण संस्कृत ग्रंथों की अधिक से अधिक जानकारी दी जाए। इसके लिए बच्चों की आयु और रुचि के अनुरूप सरल एवं प्रभावी माध्यम विकसित किए जाएं। उन्होंने कहा कि संस्कृत हमारी समृद्ध ज्ञान परंपरा और संस्कृति का महत्वपूर्ण आधार है। बच्चों को संस्कारवान बनाने में भी संस्कृत की महत्वपूर्ण भूमिका है। नई पीढ़ी को अच्छी शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार मिलना भी आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की मूल भावना सदैव ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की रही है। हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा ने सदैव विश्व कल्याण, सद्भाव और मानवता का संदेश दिया है। संस्कृत के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा, जीवन मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत से और प्रभावी ढंग से जोड़ा जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम के साथ ही हर की पैड़ी, जागेश्वर धाम, आदि कैलाश, पूर्णागिरि, सुरकंडा देवी, धारी देवी, गर्जिया देवी मंदिर, वीरभद्र ऋषिकेश सहित राज्य के अन्य प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों पर संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए प्रभावी पहल की जाए। इन स्थलों पर संस्कृत में प्रेरक वाक्य, श्लोक एवं उनसे संबंधित सरल अर्थ प्रदर्शित करने तथा संस्कृत को श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच अधिक व्यापक रूप से पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत उत्तराखण्ड की द्वितीय राजभाषा है। राज्य में संस्कृत शिक्षा और इसके प्रचार-प्रसार को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि संस्कृत के संरक्षण और संवर्धन से जुड़े प्रभावी कार्यों के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने आगामी कुंभ के दृष्टिगत हरिद्वार में संस्कृत के क्षेत्र में किए जा सकने वाले ठोस कार्यों की व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ में देश-दुनिया से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपरा को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने के लिए अभिनव पहल की जाए।

सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार ने राज्य में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अभिनव प्रयासों एवं विविध क्रियाकलापों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 13 जनपदों में एक-एक आदर्श संस्कृत ग्राम का शुभारंभ किया जा चुका है। इन ग्रामों में संस्कृत को दैनिक बोलचाल और व्यवहार का हिस्सा बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। संस्कृत शिक्षा के विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए गार्गी संस्कृत बालिका छात्रवृत्ति, डॉ. भीमराव अंबेडकर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति संस्कृत छात्रवृत्ति तथा संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान जैसी योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं।

राज्य में संस्कृत शिक्षा, शोध, प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण एवं डिजिटलीकरण, भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक एवं शास्त्रीय अध्ययन तथा आधुनिक तकनीक में संस्कृत के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए संस्कृत आयोग के गठन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई है।

इस अवसर पर सचिव रणवीर सिंह चौहान, कुलपति संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार प्रो. रमाकांत पांडेय, अपर सचिव मनुज गोयल, कवीन्द्र सिंह,संयुक्त सचिव राजेंद्र सिंह पतियाल एवं संस्कृत शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


आधुनिक तकनीक से समृद्ध होंगे उत्तराखण्ड के 2 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादक

प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों को उपलब्ध कराया जाएगा ग्लोबल मार्केट

गेट्स फाउंडेशन द्वारा राज्य को दिया जाएगा वित्तीय सहयोग

देहरादून। उत्तराखण्ड में दुग्ध उत्पादन व्यवसाय से जुड़े छोटे किसानों के लिए राज्य सरकार ने एक विशेष पहल शुरु करने जा रही है। इस पहल का उद्देश्य छोटे एवं सीमांत डेयरी किसानों के लिए संसाधनों को सुदृढ़ करना है। इसके अंतर्गत राज्य में दुग्ध उत्पादन में बढ़ोत्तरी, राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय बाजार तक किसानों की पहुंच को और बेहतर करने के साथ ही किसानों की आय में वृद्धि पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस योजना के तहत प्रदेश के 2 लाख से अधिक छोटे बड़े दुग्ध पालकों को लाभ पंहुचाने का लक्ष्य रखा गया है।

उत्तराखण्ड सरकार की तरफ से शासन स्तर पर इसकी कार्ययोजना तैयार कर दी गई है। इसी सप्ताह सचिव पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग डॉ बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में इस कार्ययोजना पर बैठक भी अयोजित कर दी गई है। इस योजना में गेट्स फाउंडेशन द्वारा वित्तीय सहयोग दिया जाएगा तथा जीडीआई पाटनर्स द्वारा परामर्शी सहयोग दिया जाएगा।

कार्यक्रम के तहत कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination&AI), भ्रूण प्रत्यारोपण (Embryo Transfer&ET), पशु आहार एवं पोषण, पशु स्वास्थ्य तथा आंचल की सहकारी समितियों एवं बाजार व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके माध्यम से बेहतर प्रजनन व्यवस्था एवं अधिक दुग्ध उत्पादकता को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, मिनी फीड मिलों की स्थापना, संतुलित पशु आहार तैयार करने को प्रोत्साहन, पशु स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच तथा सहकारी दुग्ध संग्रहण एवं प्रसंस्करण नेटवर्क के विस्तार की दिशा में कार्य किया जाएगा।

2 लाख किसानों तक पंहुच का लक्ष्य

इस कार्यक्रम में समग्र रुप से प्रदेश के 2 लाख से अधिक डेयरी किसानों तक पहुंच बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके माध्यम से बेहतर प्रजनन, पोषण, पशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा बाजार तक पहुंच के जरिए किसानों को लाभान्वित किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंतर्गत तकनीक आधारित नवाचार का व्यापक उपयोग किया जाएगा। इनमें पशु स्वास्थ्य संबंधी एडवाइजरी, गर्भधारण की जांच के लिए किट तथा कम लागत वाली कृत्रिम गर्भाधान (AI) सेवाएं शामिल हैं। इन तकनीकी समाधानों का उद्देश्य पशुधन संबंधी सेवाओं को किसानों के लिए अधिक सुलभ, प्रभावी और उपयोगी बनाना है।

शासन स्तर पर हुई बैठक में सचिव, पशुपालन, मत्स्य एवं डेयरी विकास, उत्तराखंड सरकार द्वारा की गई। बैठक में निदेशक पशुपालन डॉ. उदय शंकर, निदेशक, डेयरी विकास सुश्री इला गिरी, सीईओ पशुधन विकास बोर्ड डॉ. राकेश सिंह नेगी, गेट्स फाउंडेशन की प्रतिनिधि निधि जैन तथा प्रियंका काकडू उपस्थित रहे।


प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी में सेवा ज्योति कलश यात्रा एवं सेवा संकल्प सभा में किया प्रतिभाग

प्रधानमंत्री के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखण्ड की सक्रिय भागीदारी का लिया संकल्प

उत्तरकाशी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तरकाशी स्थित पौराणिक श्री काशी विश्वनाथ मंदिर एवं शक्ति मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक रामलीला मैदान में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित सेवा ज्योति कलश यात्रा एवं सेवा संकल्प सभा में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के प्रसारण को भी देखा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले ढाई दशक में जनसेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को अपने सार्वजनिक जीवन का मूल आधार बनाया है। सेवा ज्योति यात्रा जनसेवा, राष्ट्रभाव और जनकल्याण के इसी संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनधन योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचा है। शासन को सरकारी कार्यालयों और फाइलों तक सीमित न रखकर लोगों के द्वार तक पहुंचाने का कार्य हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बाबा केदार की धरती से 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया था। राज्य सरकार उनके इस विजन को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। प्रदेश में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ उद्योग, पर्यटन, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था में डेढ़ गुना से अधिक वृद्धि हुई है और प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। प्रदेश में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं। होटल की संख्या में लगभग 25 प्रतिशत तथा होमस्टे में 50 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है। प्रदेश की तीन लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।

सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में उत्तराखण्ड ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है तथा राज्य को लगातार चार वर्षों से मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का सम्मान मिला है। उत्तराखण्ड ने पूर्ण साक्षर राज्य बनने की उपलब्धि भी हासिल की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के प्रयासों के परिणामस्वरूप इस वर्ष अब तक 56 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी जनपद में 200 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 50 योजनाओं का शिलान्यास किया गया, जिनमें से 26 योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा 24 योजनाओं पर कार्य गतिमान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देश में समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बना है। राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा रोधी कानून, भू-कानून और नकल विरोधी कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और सख्त नकल विरोधी कानून के परिणामस्वरूप पिछले लगभग पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां मिली हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को हमें अपने कर्तव्यों और दायित्वों में उतारना होगा। प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उत्तरकाशी में विश्वनाथ-शक्ति मंदिर कॉरिडोर बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ और मां शक्ति का यह पवित्र स्थल श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। कॉरिडोर के निर्माण से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ धार्मिक पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने गाजणा क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धौंतरी के उच्चीकरण की मांग का परीक्षण कराए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि भटवाड़ी में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है और इसकी शीघ्र स्वीकृति के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। डोडीताल, अवाना बुग्याल एवं हरि महाराज सौड़ बुग्याल के विकास एवं सौंदर्यीकरण से संबंधित कार्यों को भी आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी का नाम पूर्व विधायक स्वर्गीय गोपाल सिंह रावत के नाम पर रखे जाने की भी घोषणा की।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, विधायक गंगोत्री सुरेश चौहान, विधायक पुरोला दुर्गेश्वर लाल, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण एवं केदार सिंह रावत, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।


कम तेल में बनाएं कुरकुरे तवा ब्रेड रोल, शाम की चाय से बच्चों के टिफिन तक रहेगा परफेक्ट स्नैक

शाम के समय चाय के साथ कुछ स्वादिष्ट खाने का मन हो या बच्चों के टिफिन में जल्दी तैयार होने वाला स्नैक रखना हो, तो तवा ब्रेड रोल एक आसान विकल्प हो सकता है। खास बात यह है कि इसे डीप फ्राई करने की जरूरत नहीं पड़ती। थोड़े से तेल या मक्खन की मदद से इसे तवे पर ही सुनहरा और स्वादिष्ट बनाया जा सकता है।

आलू, मटर और मसालों से तैयार इसकी फिलिंग ब्रेड के अंदर भरकर तवे पर सेंकी जाती है। करीब 25 मिनट में तैयार होने वाली यह रेसिपी चार लोगों के लिए पर्याप्त है।

तवा ब्रेड रोल के लिए जरूरी सामग्री

  • 4 उबले हुए आलू
  • 1-2 हरी मिर्च
  • आधा चम्मच कद्दूकस किया हुआ अदरक
  • 2-3 चम्मच उबली हरी मटर
  • 2 चम्मच बारीक कटा हरा धनिया
  • आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
  • चौथाई चम्मच गरम मसाला
  • आधा चम्मच अमचूर पाउडर
  • आधा चम्मच भुना जीरा पाउडर
  • स्वादानुसार नमक
  • 8 ब्रेड स्लाइस
  • सेंकने के लिए थोड़ा मक्खन या तेल

ऐसे तैयार करें तवा ब्रेड रोल

फिलिंग तैयार करें: सबसे पहले उबले आलू अच्छी तरह मैश कर लें। इसमें हरी मिर्च, अदरक, मटर और हरा धनिया डालें। अब लाल मिर्च, गरम मसाला, अमचूर, भुना जीरा और नमक मिलाकर मिश्रण तैयार कर लें। इसके छोटे-छोटे हिस्से लेकर रोल बना लें।

ब्रेड को तैयार करें: ब्रेड स्लाइस के चारों किनारे काट दें। प्रत्येक स्लाइस को पानी में हल्का-सा भिगोकर तुरंत निकालें और हथेलियों के बीच दबाकर अतिरिक्त पानी निकाल दें।

रोल बनाएं: ब्रेड के बीच में तैयार आलू की फिलिंग रखें और ब्रेड को चारों ओर से मोड़कर फिलिंग को अच्छी तरह ढक दें। किनारों को हल्के हाथ से दबाकर रोल को बंद कर दें।

तवे पर सेंकें: नॉन-स्टिक तवा गर्म करके उस पर थोड़ा मक्खन या तेल लगाएं। तैयार रोल को तवे पर रखें और मध्यम आंच पर पलट-पलटकर सेंकें। जब ब्रेड दोनों तरफ से सुनहरी और हल्की कुरकुरी हो जाए, तो इसे तवे से उतार लें।

गरमा-गरम तवा ब्रेड रोल को पुदीना-धनिया चटनी या टोमैटो सॉस के साथ परोसा जा सकता है। कम तेल में तैयार होने के कारण यह डीप फ्राइड ब्रेड रोल का एक आसान विकल्प भी बन सकता है।


फतेहपुर में युवक की हत्या के मामले में दो सगे भाइयों को उम्रकैद, 1.04 लाख रुपये जुर्माना

फतेहपुर। किशुनपुर थाना क्षेत्र के सिलमी गांव में करीब तीन साल पहले हुए युवक की हत्या के मामले में अदालत ने दो सगे भाइयों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों दोषियों पर अलग-अलग 1.04 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

मामला 3 फरवरी 2023 की रात का है। गांव निवासी रज्जन उस समय अशोक तिवारी के दरवाजे पर आग ताप रहा था। इसी दौरान पुराने भूमि विवाद को लेकर रामलखन त्रिवेदी उर्फ लखन उर्फ तेज प्रताप और उसके भाई शिवलखन त्रिवेदी उर्फ चंद्रप्रकाश वहां पहुंचे। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज के बाद विवाद बढ़ गया।

अभियोजन के अनुसार, इसी दौरान आरोपितों की मां सरस्वती ने अपने बेटों को रज्जन पर हमला करने के लिए उकसाया। इसके बाद दोनों भाइयों ने लाठी-डंडों से युवक पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण रज्जन की मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।

मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर-दो में हुई। पीठासीन अधिकारी अजय सिंह प्रथम ने गवाहों के बयान और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपितों को हत्या समेत अन्य धाराओं में दोषी माना। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार सिंह और रणधीर सिंह ने पैरवी की। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने छह गवाह अदालत के सामने पेश किए।

अदालत ने धारा 302 के तहत दोनों दोषियों को आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं धारा 504 में एक-एक वर्ष का कारावास और दो-दो हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 506 में भी एक-एक वर्ष की सजा और दो-दो हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, मामले में आरोपी सरस्वती का नाम चार्जशीट में शामिल नहीं था। उसकी पत्रावली अलग चल रही है, इसलिए इस मामले में अदालत ने उसे तलब नहीं किया।


मुरादाबाद में फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट बनवाने का खेल, दो आरोपी गिरफ्तार; बड़ी मात्रा में कागजात बरामद

मुरादाबाद। फर्जी पहचान और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे पासपोर्ट बनवाने के मामले में कटघर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी मुरादाबाद के पते का इस्तेमाल कर हरियाणा के लोगों के लिए पासपोर्ट तैयार कराने की कोशिश कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अगवानपुर निवासी महफूज और फरीदपुर सेक्टर-78, फरीदाबाद निवासी आकाश के रूप में हुई है।

पुलिस ने दोनों को रामगंगा पुल के पास से पकड़ा। उनके कब्जे से आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र, बैंक पासबुक, चेकबुक, फर्जी बिजली बिल, अंकपत्र, वाहन संबंधी दस्तावेज और ग्राम प्रधान व पार्षदों के लेटर पैड समेत कई कागजात बरामद किए गए हैं। इसके अलावा एक लैपटॉप और मोबाइल फोन भी पुलिस के हाथ लगा है।

एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह के मुताबिक, इस मामले में छह अक्टूबर को कटघर थाने में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने को लेकर मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों की गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिसके आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में महफूज ने कथित तौर पर बताया कि बरेली निवासी मुकेश शर्मा पासपोर्ट बनवाने के इच्छुक लोगों के नाम और फोटो उपलब्ध कराता था। इसके बाद उनकी पहचान से संबंधित फर्जी कागजात तैयार किए जाते थे और उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट के लिए आवेदन कराया जाता था।

पुलिस के अनुसार, आकाश ने भी कथित तौर पर अपनी वास्तविक पहचान के बजाय रवि पुत्र प्रेमस्वरूप, निवासी ताजपुर माफी के नाम से पासपोर्ट बनवाने का प्रयास किया था। आवेदन निरस्त होने के बाद दोनों दोबारा आवेदन कराने की तैयारी में थे।

तलाशी के दौरान पुलिस को छह बैंक पासबुक, पांच चेकबुक, 25 आधार कार्ड, चार पैन कार्ड, पांच जन्म प्रमाणपत्र, फर्जी अंकपत्र, दो आरसी और अन्य दस्तावेज मिले हैं। पुलिस इन सभी कागजात की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि इनका इस्तेमाल कितने लोगों के लिए किया जाना था।

पुलिस के मुताबिक, महफूज के खिलाफ पहले से धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज, पासपोर्ट अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट समेत कई धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। हरियाणा पुलिस को भी उसकी तलाश थी।

अब पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने, पासपोर्ट आवेदन कराने और लोगों तक यह सुविधा पहुंचाने के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।


गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें- मुख्य सचिव

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बीआईएस की राज्य स्तरीय समिति की बैठक आयोजित

प्रोक्योरमेंट में BIS एवं निर्धारित गुणवत्ता मानकों का अनिवार्य रूप से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए

क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर्स के प्रति जागरूकता एवं क्षमता निर्माण के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाएं: मुख्य सचिव

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) से सम्बन्धित राज्य स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य में मानकीकरण, गुणवत्ता प्रबंधन एवं उपभोक्ता हितों से सम्बन्धित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि राज्य में प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया के दौरान निर्धारित प्रोक्योरमेंट रूल्स के साथ-साथ सम्बन्धित बीआईएस मानकों एवं गुणवत्ता मानकों का भी प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो को सम्बन्धित विभागों के साथ वर्कशॉप आयोजित किए जाने के साथ ही इस सम्बन्ध में एडवाइजरी भी जारी किए जाने के निर्देश दिए, ताकि सरकारी खरीद में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो।

मुख्य सचिव ने बीआईएस को विभागीय अधिकारियों के साथ मिलकर क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर्स के सम्बन्ध में जागरूकता और क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि इंडस्ट्री एवं ट्रेडर्स के साथ कार्यशालाएं आयोजित कर उन्हें बीआईएस मानकों एवं क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर्स के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने बीआईएस को सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों एवं कार्मिकों के लिए नियमित कार्यशालाएं आयोजित किए जाने की बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि कार्यशालाओं में बीआईएस के विशेषज्ञ एवं सक्षम रिसोर्स पर्सन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि प्रतिभागियों को मानकों, गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों तथा उनके अनुपालन की प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि कपैसिटी बिल्डिंग को निरंतर प्रक्रिया के रूप में आगे बढ़ाए जाने कि आवश्यकता है।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि बीआईएस से सम्बन्धित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश एवं सूचनाएं सभी सम्बन्धित विभागों तक सर्कुलेट कराई जाएं तथा संबंधित सचिवों के साथ भी नियमित रूप से इंटरेक्शन किया जाए, ताकि बीआईएस मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन में विभागीय स्तर पर आवश्यक समन्वय सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बीआईएस द्वारा इस सम्बन्ध में जिलाधिकारियों के साथ आयोजित होने वाली बैठक में भी प्रस्तुतिकरण किए जाने कि बात कही, ताकि जनपद स्तर पर भी इन विषयों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के सम्बन्ध में जागरूक किया जाना आवश्यक है। इसके लिए बीआईएस केयर ऐप का व्यापक प्रचार-प्रसार किए जाने के निर्देश दिए, ताकि उपभोक्ता उत्पादों की गुणवत्ता एवं बीआईएस प्रमाणन से सम्बन्धित जानकारी प्राप्त कर सकें तथा आवश्यकतानुसार शिकायत अथवा सत्यापन की सुविधा का उपयोग कर सकें।

बैठक में बताया गया कि भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा विकसित बीआईएस केयर (BIS CARE) ऐप उपभोक्ताओं को उत्पादों की गुणवत्ता एवं प्रमाणिकता की जानकारी प्राप्त करने में उपयोगी डिजिटल माध्यम उपलब्ध कराता है। ऐप के माध्यम से उपभोक्ता उत्पादों पर अंकित आईएसआई मार्क एवं लाइसेंस नंबर की सत्यता, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के आर-नंबर, स्वर्ण आभूषणों पर अंकित एचयूआईडी नंबर का सत्यापन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, भारतीय मानकों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने, बीआईएस कार्यालयों एवं प्रयोगशालाओं की जानकारी देखने तथा मानकों के उल्लंघन, नकली आईएसआई मार्क अथवा अन्य अनियमितताओं के संबंध में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी उपलब्ध है। यह ऐप उपभोक्ताओं को जागरूक करने तथा सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की खरीद में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव एल. फैनई, बीआईएस के उपमहानिदेशक नॉर्थ दीपक कुमार सिंघला, निदेशक एवं डीएचबीओ हेमंत बी. अदे, अपर सचिव नवनीत पाण्डेय, श्रीमती रुचि मोहन रयाल, सुश्री झरना कामठान, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड से पंकज गुप्ता, सीसीआईआर-सीबीआरआई रुड़की से डॉ. नवल किशोर बंजारा एवं आईआईटी रुड़की से डॉ. आशुतोष शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


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