Wednesday, October 7th, 2026

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यमुनानगर में निवेश के नाम पर 24 लाख की ठगी, 100 दिन में रकम दोगुनी करने का दिया था झांसा

Daily Archives: 07/10/2026

यमुनानगर में निवेश के नाम पर 24 लाख की ठगी, 100 दिन में रकम दोगुनी करने का दिया था झांसा

यमुनानगर। निवेश की रकम महज 100 दिनों में दोगुनी करने का लालच देकर चार लोगों से करीब 24 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर व्यासपुर थाना पुलिस ने उत्तराखंड के देहरादून निवासी विक्रम चौहान और उसकी पत्नी अनीता के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायतकर्ता अर्पित के मुताबिक, आरोपी दंपती अक्सर क्षेत्र में आते थे और अपनी कंपनी का प्रचार करते थे। वे लोगों को भरोसा दिलाते थे कि कंपनी में लगाया गया पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और 100 दिन बाद निवेश की रकम बढ़ाकर वापस कर दी जाएगी।

बताया गया कि लोगों का विश्वास जीतने के लिए आरोपितों ने आईसीआईसीआई बैंक के चेक भी दिखाए। इसके बाद अर्पित ने कंपनी में करीब 15.50 लाख रुपये निवेश कर दिए। इसके अलावा दीपक कुमार ने 8 लाख, कर्ण ने 50 हजार और संदीप ने भी 50 हजार रुपये लगाए।

शिकायत के अनुसार, शुरुआत में कंपनी के ऐप पर निवेश की रकम बढ़ती हुई दिखाई देती रही। इससे निवेशकों को लगा कि योजना के मुताबिक उनका पैसा बढ़ रहा है। कुछ समय बाद अचानक कंपनी का ऐप काम करना बंद हो गया।

निवेशकों ने जब आरोपी दंपती से संपर्क किया तो उन्हें पहले ऐप में तकनीकी समस्या होने की बात कही गई। इसके बाद जब रकम वापस मांगी गई तो आरोपितों ने कथित तौर पर पैसा लौटाने से इनकार कर दिया।

निवेशकों ने भरोसे के लिए दिए गए चेक बैंक में जमा कराए, लेकिन वे भी बाउंस हो गए। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर विक्रम चौहान और उसकी पत्नी अनीता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच में पुलिस कंपनी की वेबसाइट, निवेश से जुड़े दस्तावेज, बैंक लेनदेन, चेक और ऐप से संबंधित जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित निवेश योजना से और कितने लोग जुड़े थे और कहीं अन्य लोगों से भी इसी तरह रकम तो नहीं ली गई।


पौड़ी में ‘गढ़देवा 2026-27’ का आगाज, 15 विकासखंडों के खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा

जिलाधिकारी ने किया शुभारंभ

पौड़ी। “विजयी भवः” के उद्घोष और खिलाड़ियों के उत्साह के बीच बुधवार को शहीद राइफलमैन महावीर चक्र जसवंत सिंह स्टेडियम रांसी में 76वीं जनपदीय विद्यालयी शीतकालीन क्रीड़ा प्रतियोगिता ‘गढ़देवा 2026-27’ का भव्य शुभारंभ हुआ। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने दीप प्रज्ज्वलित कर प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने खेल ध्वज फहराया और जनपद के सभी 15 विकासखंडों से पहुंचे खिलाड़ी दलों की मार्चपास्ट की सलामी ली।

प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर खिलाड़ियों ने खेल भावना, अनुशासन और पूरी निष्ठा के साथ प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने की शपथ ली। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पौड़ी की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में उत्साह का माहौल बना दिया।

7 से 10 अक्टूबर तक होंगी विभिन्न स्पर्धाएं

‘गढ़देवा 2026-27’ के तहत 7 से 10 अक्टूबर तक विभिन्न एथलेटिक्स स्पर्धाओं का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता में 100, 200, 400, 800, 1500 और 5000 मीटर दौड़ के साथ क्रॉस-कंट्री तथा 4×100 मीटर रिले दौड़ आयोजित की जा रही हैं। इसके अलावा लंबी कूद, त्रिकूद, ऊंची कूद, भाला फेंक, गोला फेंक और चक्का फेंक जैसी स्पर्धाओं में भी छात्र-छात्राएं अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

खेल बच्चों के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम : जिलाधिकारी

खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि बच्चों का उत्साह और उमंग प्रेरणादायी है। पढ़ाई के साथ खेलों में भागीदारी बच्चों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। खेल बच्चों को शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के साथ ही चुनौतियों का सामना करने, दबाव को नियंत्रित करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की क्षमता विकसित करते हैं।

उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि जीवन में समस्याएं और चुनौतियां आती रहती हैं। मेहनत और संघर्ष के बाद हासिल की गई सफलता का आनंद अलग होता है। उन्होंने कहा कि मैदान में संघर्ष की भावना के साथ खेल भावना को बनाए रखना जरूरी है। खेल में कोई वास्तव में हारता नहीं है, बल्कि या तो जीतता है या फिर कुछ नया सीखता है।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रतियोगिता के दौरान शुरुआती दबाव महसूस होना स्वाभाविक है, लेकिन उस दबाव को नियंत्रित कर आत्मविश्वास के साथ अपनी पूरी क्षमता से प्रदर्शन करना ही खिलाड़ी की असली पहचान है। उन्होंने कहा कि यही सिद्धांत परीक्षा और जीवन की दूसरी चुनौतियों पर भी लागू होता है।

खिलाड़ियों को दिया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का संदेश

जिलाधिकारी ने सभी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि उन्हें मिले अवसर का पूरा लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों से आत्मविश्वास और उत्साह के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने तथा खेल भावना को बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने “विजयी भवः” के उद्घोष के साथ सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता में जनपद के सभी 15 विकासखंडों से छात्र-छात्राएं प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए विभाग की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। खिलाड़ियों को प्रशिक्षकों और शिक्षकों द्वारा संबंधित स्पर्धाओं के लिए मार्गदर्शन दिया जा रहा है। साथ ही खिलाड़ियों के अनुशासन, सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

कार्यक्रम का संचालन जयदीप रावत और मनोहर चमोली ‘मनु’ ने किया। इस अवसर पर अपर निदेशक, माध्यमिक शिक्षा गढ़वाल मंडल परमेंद्र बिष्ट, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना, खंड शिक्षाधिकारी मास्टर आदर्श, जिला खेल समन्वयक योगंबर सिंह नेगी समेत शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, प्रशिक्षक, खिलाड़ी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


बरसूण्ड देवता ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजना से चालीस छोटे बडे़ गांव होंगे लाभान्वित- महाराज

पोखड़ा को मिली 275.63 लाख की सड़क की सौगात

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित हुआ बहुउद्देशीय शिविर

पोखड़ा (पौड़ी गढ़वाल)। चौबट्टाखाल विधानसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सड़क, सिंचाई, पेयजल, पर्यटन, पंचायतों के सुदृढ़ीकरण और स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए अनेक लोक कल्याणकारी योजनाओं पर काम चल रहा है।

उक्त बात प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने अपने क्षेत्र भ्रमण के दूसरे दिन बुधवार को विकासखण्ड पोखड़ा में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित बहुउदेशीय शिविर में प्रतिभाग करते हुए कही। उन्होंने कहा कि पोखड़ा विकासखण्ड में अनेकों विकास कार्य किए गए हैं। दूरस्थ कोला क्षेत्र में वर्षों से लम्बित बरसूण्ड देवता ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजना के लिए 29 करोड़ 83 लाख रूपये स्वीकृत कराये गये। इस योजना से क्षेत्र के चालीस छोटे बडे़ गांव व तोकों की जनता पेयजल सुविधा से लाभान्वित होगी। इसके अलावा कोला-1 व कोला-2 को मोटर मार्ग से मिलाने के लिए 31 लाख 51 हजार रूपये स्वीकृत कराये गये। यह कार्य पूर्ण भी हो गये है। बिजोरापानी से कुण्जखाल आवश्यक स्थानों पर 56 लाख रूपये की लागत से मोटर मार्ग का नवीनीकरण कराया गया। विधायक निधि से इस क्षेत्र में एक करोड़ रूपये की लागत से हर ग्राम पंचायत में अनेकों कार्य सम्पन्न कराये है। इसके अतिरिक्त स्कूलों के भवन, क्षेत्र में सौर उर्जा, जल जीवन मिशन के अन्तर्गत हर ग्राम सभा में पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दस करोड़ रूपये से अधिक कार्य सम्पन्न कराये गये है।

महाराज ने विकासखंड पोखड़ा में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में स्टालों का अवलोकन करने के साथ साथ स्थानीय लोगों की समस्याओं को भी सुना और उनका निराकरण किया। इस दौरान उन्होंने पोखड़ा विकासखण्ड में 2 करोड़ 75 लाख 63 हजार की धनराशि से निर्मित बिजोरापानी-कुंज खाल-कोलाखाल-जयकोट मार्ग के 8 किमीग्राम से चिनवाड़ी तक ग्रामीण मोटर मार्ग का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम के दौरान श्री महाराज ने सेवा संकल्प अभियान के तहत अपने निवास स्थान विकास खंड पोखड़ा स्थित सेड़ियाखाल में मुख्यमंत्री कोष से लाभार्थियों को चेक भी वितरित करने के साथ-साथ एबीवीपी के युवाओं को सम्मानित भी किया।

कार्यक्रम के दौरान पोखड़ा भाजपा मण्डल अध्यक्ष शैलेन्द्र दर्शन,जिला महामंत्री महिपाल नेगी, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुयश रावत, विधायक प्रतिनिधि प्रभूरारण बुड़‌ाकोटी, ब्लाक प्रमुख संजय गुसाई, जिला पंचायत सदस्य बलवन्त सिंह नेगी, एसडीएम रेखा आर्य, सत्य प्रकाश शाह, सुनील, विकास, धर्मेन्द्र, मस्तराम बड़ोला, मधुवाला, नरेश विनोद बिन्जोला, सुन्दर सिंह, जगदीश जखमोला, सुभाष जोशी, महेशानन्द जोशी, हयात सिंह सहित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी सहित क्षेत्रीय जनता उपस्थित थीं।


राजधानी में बढ़ते अपराध पर कांग्रेस नाराज, मुख्य सचिव आनंद वर्धन को सौंपा मांग पत्र

राजधानी की ध्वस्त कानून-व्यवस्था पर मुख्य सचिव से मिला कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल

अपराध घटित होने पर पुलिस की तय हो जवाबदेही – धस्माना

देहरादून। राजधानी देहरादून में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं को लेकर कांग्रेस ने चिंता जताई है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मुख्य सचिव आनंद वर्धन से सचिवालय स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जताते हुए मुख्य सचिव को मांग पत्र सौंपा।

कांग्रेस ने मांग की कि प्रदेश में किसी भी गंभीर आपराधिक घटना के बाद पुलिस को चौकी, थाना, सर्कल और जिला स्तर पर जवाबदेह बनाया जाए। सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि इस साल की शुरुआत से ही राजधानी देहरादून में लगातार आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।

धस्माना ने कई आपराधिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि परेड ग्राउंड में प्रेस क्लब के सामने दिनदहाड़े युवक की हत्या, राजपुर रोड स्थित एसएसपी बंगले के पास सिल्वर सिटी मॉल में गोलीबारी में युवक की हत्या, जोहड़ी गांव में गैंगवार के दौरान रिटायर्ड ब्रिगेडियर की मौत, पल्टन बाजार में युवती की हत्या और भाजपा पार्षद अमिता सिंह के परिवार को नशीला पदार्थ खिलाकर घर में लूट जैसी घटनाएं चिंता बढ़ाने वाली हैं।

उन्होंने मंगलवार को रायपुर थाना क्षेत्र के विष्णु लोक में हुए तिहरे हत्याकांड का भी उल्लेख किया। कांग्रेस नेता ने कहा कि इन घटनाओं से राजधानी की कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों की चिंता बढ़ी है और विशेष रूप से अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

धस्माना ने यह भी कहा कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों के अपराधियों के देहरादून में शरण लेने की शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसे मामलों में पुलिस की निगरानी और कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जाए।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव से मांग की कि गृह विभाग और पुलिस विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि किसी भी जघन्य आपराधिक घटना की स्थिति में संबंधित चौकी, थाना, सर्कल और जिला स्तर के अधिकारियों की जवाबदेही तय हो। साथ ही प्रत्येक थाना क्षेत्र में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए पुलिस को विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाएं।

मुख्य सचिव से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कांग्रेस श्रम विभाग के अध्यक्ष दिनेश कौशल, पूर्व प्रदेश महासचिव जगदीश धीमान और युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष सुमित खन्ना शामिल रहे।


अबोहर में मारपीट में घायल पांच साल की बच्ची की मौत, सौतेली मां गिरफ्तार

अबोहर (फाजिल्का)। पक्का सीड फार्म इलाके में मारपीट की घटना में गंभीर रूप से घायल पांच वर्षीय बच्ची की उपचार के दौरान मौत हो गई। बच्ची ने सोमवार देर शाम बठिंडा एम्स में इलाज के दौरान दम तोड़ा। मौत की सूचना मिलने के बाद नगर थाना पुलिस ने मामले में हत्या की धारा जोड़ते हुए बच्ची की सौतेली मां अक्को बाई को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, बच्ची अपने पिता गुरदित्त सिंह और सौतेली मां के साथ रहती थी। आरोप है कि 30 सितंबर को उसके साथ मारपीट की गई थी। घटना के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ गई और उसकी हालत गंभीर हो गई। परिजन उसे उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए बठिंडा एम्स रेफर कर दिया।

बठिंडा एम्स में कई दिनों तक बच्ची का इलाज चला, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। बच्ची की मौत के बाद पुलिस ने पहले दर्ज मारपीट के मामले में हत्या से संबंधित धारा जोड़ दी और आरोपी सौतेली मां को हिरासत में ले लिया।

बताया गया कि बाल सुरक्षा विभाग की सुपरवाइजर हरशरनजीत कौर के बयानों के आधार पर पुलिस ने शुरुआत में मारपीट का मामला दर्ज किया था। उस समय बच्ची की हालत गंभीर होने के कारण पुलिस मामले की जांच कर रही थी। अब मौत के बाद केस की धाराओं में बदलाव किया गया है।

घटना के बाद इलाके के लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच करने और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को सामने लाने की मांग की है। कुछ लोगों ने घटना के पीछे संपत्ति विवाद की आशंका भी जताई है, हालांकि पुलिस ने अभी इस संबंध में कोई निष्कर्ष नहीं दिया है।

नगर थाना प्रभारी मनिंदर सिंह ने बताया कि आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे अदालत में पेश कर रिमांड हासिल करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि पूछताछ के जरिए घटना की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।


मेरठ के अमित कश्यप हत्याकांड में पत्नी और प्रेमी दोषी करार, अदालत के फैसले पर टिकी सजा

मेरठ। बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव में करीब डेढ़ साल पहले हुए अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत ने उसकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को हत्या का दोषी ठहराया है। अपर जिला जज कोर्ट संख्या-12 के न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर ने बुधवार को मामले में फैसला सुनाया। दोनों आरोपितों को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल से अदालत लाया गया था।

अभियोजन के मुताबिक, 12 अप्रैल 2025 की रात अमित की हत्या की गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि वारदात को उसकी पत्नी रविता और पड़ोस में रहने वाले अमरदीप ने मिलकर अंजाम दिया। आरोप पत्र के अनुसार, रविता ने अमित को पकड़ रखा था और अमरदीप ने उसका गला दबाया था।

पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद मामले को दूसरी दिशा देने के लिए आरोपितों ने शव के पास चारपाई पर सांप छोड़ दिया था। अगले दिन सुबह अमित का पांच वर्षीय बेटा अनिकेत उसे जगाने पहुंचा। काफी कोशिश करने के बावजूद जब पिता नहीं उठे तो बच्चे ने शोर मचाया। परिजन मौके पर पहुंचे तो अमित की कमर के नीचे सांप दबा हुआ मिला।

परिजनों ने सांप को पकड़कर एक डिब्बे में बंद कर दिया। अमित के चेहरे, गर्दन और नाक पर चोट के निशान पाए गए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह सामने आने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर रविता और अमरदीप को गिरफ्तार कर लिया था।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 12 गवाह पेश किए। अमित की मां मुनेश और भाई मोनू की गवाही को अहम माना गया। दोनों ने अदालत में कथित तौर पर अमरदीप को वारदात वाली रात अमित के घर में जाते देखने की बात कही।

मामले में सपेरे कीर्तन की गवाही भी महत्वपूर्ण रही। उसने अदालत में अमरदीप की पहचान करते हुए बताया कि उसने जागरण में पूजा के लिए उससे एक हजार रुपये में सांप खरीदा था। अभियोजन ने इस गवाही को घटना के बाद साक्ष्य छिपाने की कथित साजिश से जोड़कर पेश किया।

सुनवाई के दौरान रविता की ओर से कोई गवाह पेश नहीं किया गया। वहीं अमरदीप के चाचा ने उसके पक्ष में गवाही देते हुए दावा किया कि घटना के दिन अमरदीप अपने मामा के घर मौजूद था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और गवाहियों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने बुधवार को रविता और अमरदीप को हत्या का दोषी ठहराया।

अमित की मां मुनेश ने दोषियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है। अब अदालत के निर्णय के बाद दोनों दोषियों को मिलने वाली सजा पर फैसला होना है। जेल प्रशासन के अनुसार, दोनों को सुनवाई के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदालत में पेश किया गया।


देहरादून के बसंत विहार में नकबजनी का खुलासा, आठ लाख की ज्वैलरी के साथ शातिर चोर गिरफ्तार

देहरादून। बसंत विहार थाना क्षेत्र में हुई नकबजनी की वारदात का पुलिस ने महज कुछ घंटों में खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी की गई करीब 8 लाख रुपये कीमत की ज्वैलरी बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले भी आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है।

जानकारी के अनुसार, बसंत कुंज निवासी अमित कुमार क्षेत्री 6 अक्टूबर को निजी काम से घर से बाहर गए थे। इसी दौरान अज्ञात व्यक्ति ने उनके घर का ताला तोड़कर अंदर रखे आभूषण चोरी कर लिए। घर लौटने पर घटना की जानकारी होने के बाद उन्होंने बसंत विहार थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

घटना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ आसपास के रास्तों और संभावित मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर संदिग्धों की जानकारी जुटाने के लिए मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया।

जांच के दौरान पुलिस को मिले सुरागों और मुखबिर की सूचना के आधार पर टीम ने 6 अक्टूबर की रात मालिक चौक से आगे शास्त्रीनगर खाला पुलिया के पास चेकिंग शुरू की। इसी दौरान पुलिस ने संदिग्ध गतिविधि के आधार पर 32 वर्षीय शानू को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से चोरी किए गए सभी आभूषण बरामद होने का दावा किया गया।

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह नशे का आदी है और नशे की जरूरत पूरी करने के लिए उसने घर की पहले रेकी की थी। मौका मिलने पर उसने मकान का ताला तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी चोरी के जेवर बेचने के लिए शहर से बाहर निकलने की तैयारी में था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी के पास से एक मंगलसूत्र, दो अंगूठियां, झुमकों की जोड़ी, एक झुमका, एक अंगूठी और टॉप्स की एक जोड़ी बरामद हुई है। बरामद आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपये बताई गई है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान शानू पुत्र खुर्शीद अहमद, निवासी मुस्लिम बस्ती, शास्त्रीनगर खाला, थाना बसंत विहार, देहरादून के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ पहले भी आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हो चुके हैं और वह पूर्व में जेल जा चुका है।

पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके आपराधिक नेटवर्क और पूर्व में की गई अन्य वारदातों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।


देहरादून के बसंत विहार चोरीकांड का खुलासा, दिल्ली के नेपाली मूल के आरोपी को पुलिस ने दबोचा

देहरादून। बसंत विहार थाना क्षेत्र में घर के लोगों को खाने में नशीला पदार्थ देकर चोरी करने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने वारदात में शामिल दिल्ली निवासी 27 वर्षीय दिनेश सुनार को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से चोरी की गई 27,500 रुपये की नकदी, दो मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की अर्टिगा कार बरामद हुई है।

पुलिस के मुताबिक, 29 और 30 सितंबर की रात बल्लीवाला चौक स्थित राज मार्केट निवासी महिपाल सिंह के घर चोरी की घटना हुई थी। शिकायत में बताया गया था कि घर में काम करने वाले भरत थापा ने कथित तौर पर खाने में नशीला पदार्थ मिलाया और अपने साथियों के साथ मिलकर घर से नकदी व जेवरात चोरी कर लिए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी का खुलासा करने के लिए अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया। टीमों ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में पुलिस को पता चला कि वारदात में भरत थापा के अलावा चार अन्य लोग भी शामिल थे और आरोपियों ने हरियाणा नंबर की एक कार का इस्तेमाल किया था।

सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी। मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के साथ ही पुलिस टीमों को दूसरे राज्यों में भी भेजा गया। इसी दौरान 6 अक्टूबर की रात पुलिस को सूचना मिली कि वारदात में शामिल एक आरोपी इलाके में मौजूद है।

सूचना के आधार पर पुलिस ने दिनेश सुनार को एचआर नंबर की अर्टिगा कार के साथ गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है और दिल्ली में टैक्सी चलाता है। पुलिस के अनुसार, वह टैक्सी चलाने की आड़ में नेपाली मूल के कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।

जांच के मुताबिक, गिरोह के सदस्य पहले घरों में नौकरी या काम करने के बहाने प्रवेश करते और वहां की स्थिति तथा सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाते थे। मौका मिलने पर वे अपने अन्य साथियों को बुलाकर चोरी करते थे। दिनेश की भूमिका कथित तौर पर अपने साथियों को टैक्सी से वारदात वाली जगह तक पहुंचाने और घटना के बाद वहां से निकालने की थी। इसके बदले उसे चोरी के माल में हिस्सा दिया जाता था।

पुलिस के अनुसार, बसंत विहार की वारदात के बाद दिनेश को उसके साथियों ने 50 हजार रुपये दिए थे। बाकी रकम चोरी का सामान बिकने के बाद देने की बात कही गई थी। आरोपी से पूछताछ के आधार पर पुलिस को भरत थापा समेत तीन अन्य संदिग्धों के बारे में जानकारी मिली है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

गिरफ्तार आरोपी: दिनेश सुनार, उम्र 27 वर्ष, निवासी दिल्ली, मूल रूप से नेपाल का रहने वाला।

वांछित आरोपी: भरत थापा, आदित्य, अभिषेक और एलेक्स। पुलिस के अनुसार ये सभी नेपाली मूल के बताए गए हैं।

बरामद सामान:

  • चोरी की नकदी 27,500 रुपये
  • रेडमी और आईफोन समेत दो मोबाइल फोन
  • वारदात में इस्तेमाल सफेद रंग की अर्टिगा कार, नंबर HR55 BB1055

पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के साथ यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने देहरादून या अन्य शहरों में इस तरह की और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।


फ्रांस में भड़का छात्रों का आंदोलन, 2 लाख से ज्यादा लोग उतरे सड़कों पर

6,500 से ज्यादा लोग गिरफ्तार

पेरिस। फ्रांस में स्कूलों की बदहाल व्यवस्था और शिक्षा के लिए अधिक बजट की मांग को लेकर शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन अब देशव्यापी रूप ले चुका है। मंगलवार को राजधानी पेरिस समेत देश के कई शहरों में हजारों छात्रों और अन्य लोगों ने प्रदर्शन किया। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, पूरे फ्रांस में करीब 2.66 लाख लोग सड़कों पर उतरे, जिनमें अकेले पेरिस में लगभग 56 हजार प्रदर्शनकारी शामिल थे। इस दौरान कई हाईस्कूलों की नाकेबंदी की गई और बड़ी संख्या में स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित रही।

छात्रों ने मार्सेई, स्ट्रासबर्ग समेत कई शहरों में झंडे और पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। आंदोलन की शुरुआत सितंबर के मध्य में पेरिस क्षेत्र के एक हाईस्कूल से हुई थी, लेकिन अब यह राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के कार्यकाल के बड़े जन आंदोलनों में शामिल हो गया है। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ स्कूलों के लिए अधिक धन आवंटित करने की मांग कर रहे हैं।

पेरिस में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प

अधिकांश जगहों पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन पेरिस में मार्च खत्म होने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। एक चौक पर प्रदर्शनकारियों के छोटे समूहों और दंगा नियंत्रण पुलिस के बीच झड़प हुई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। गृह मंत्रालय के अनुसार, मंगलवार को करीब 500 लोगों को हिरासत में लिया गया।

पुलिस कार्रवाई के बाद छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में नाराजगी बढ़ गई है। कुछ छात्र संगठनों ने गुरुवार को दोबारा प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने पुलिस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि ज्यादातर मामलों में पुलिस की प्रतिक्रिया अनुपातिक थी, जबकि कुछ प्रदर्शन हिंसक घटनाओं में बदल गए थे।

प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने छात्रों की चिंताओं को सुनने और समाधान निकालने का भरोसा दिया है। संसद में उन्होंने स्कूलों को प्रभावित करने वाली अत्यधिक हिंसा की निंदा की। वहीं, पुलिस पर नस्लभेद के लगाए जा रहे आरोपों को उन्होंने गलत बताया।

अब तक 6,500 से ज्यादा गिरफ्तारियां

पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से कई स्कूलों में कक्षा बहिष्कार और नाकेबंदी जारी है। इसी दौरान पुलिस कार्रवाई भी आंदोलन का अहम मुद्दा बन गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 6,500 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें बड़ी संख्या नाबालिगों की है।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस के दंगा नियंत्रण हथियारों के इस्तेमाल से कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सोमवार को हुई एक घटना में 15 वर्षीय एक लड़के का हाथ कट गया। गृह मंत्री नुनेज के अनुसार, आंदोलन के दौरान 715 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

विश्वविद्यालय के छात्र फेलिक्स बार्नी ने पुलिस कार्रवाई को अनुपातहीन बताया। उनका कहना है कि नाबालिग प्रदर्शनकारियों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। वामपंथी फ्रांस अनबाउड पार्टी के सांसद ऑरेलियन ले कोक ने भी पुलिस द्वारा लाठी, रबर की गोलियों और आंसू गैस के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं।

स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर नाराजगी

छात्रों का कहना है कि कई स्कूलों में डेस्क और कुर्सियों जैसी बुनियादी सुविधाओं तक की कमी है। कुछ कक्षाओं में गर्मियों के दौरान तापमान इतना बढ़ जाता है कि पढ़ाई करना मुश्किल हो जाता है। कई स्कूलों में चूहों की समस्या और कर्मचारियों की कमी की शिकायतें भी सामने आई हैं।

पेरिस के 20वें जिले स्थित हेलेन बुशे हाईस्कूल के बाहर प्रदर्शनकारियों ने कूड़ेदान और साइकिलें सड़क पर रखकर अस्थायी बैरिकेड बना दिए। देश के सैकड़ों अन्य स्कूलों की तरह यह स्कूल भी बंद रहा। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, मंगलवार को 891 स्कूलों में पढ़ाई पूरी या आंशिक रूप से प्रभावित हुई।

अधिकारियों ने पिछले सप्ताह कई स्कूलों को बंद करना शुरू किया था, ताकि प्रदर्शन के दौरान स्कूलों में होने वाले नुकसान और छात्रों, कर्मचारियों तथा पुलिस के घायल होने की घटनाओं को कम किया जा सके।

महंगाई और असमानता भी बना मुद्दा

यह आंदोलन केवल शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया है। प्रदर्शनकारियों के बीच महंगाई, सार्वजनिक खर्च में कटौती, बढ़ती गरीबी और संपत्ति की असमानता को लेकर भी नाराजगी दिखाई दे रही है।

पेरिस के एक स्कूल के बाहर लगे हाथ से लिखे पोस्टर पर लिखा था, ‘आप कहते हैं युवा भविष्य हैं, तो उनकी सुनिए।’ अभिभावक संगठन की सदस्य एमिलिया सिचिली सुरियम ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना सभी की साझा जिम्मेदारी है।

सरकार ने शुरू किया ऑनलाइन पोर्टल

छात्रों की शिकायतों को लेकर बढ़ते दबाव के बीच शिक्षा मंत्रालय ने एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। इसके जरिए हाईस्कूल के छात्र गुमनाम रूप से अपने स्कूल की समस्याएं और उन बदलावों के बारे में जानकारी दे सकते हैं, जिन्हें वे देखना चाहते हैं।

हालांकि छात्र संगठनों ने साफ कर दिया है कि सरकार द्वारा उनकी मांगों पर ठोस कदम उठाए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्र संगठनों के महासंघ की अध्यक्ष सुजैन नीडजाम ने कहा कि अब कार्रवाई का समय है और यह सरकार पर निर्भर करता है कि वह युवाओं और देश के भविष्य को राजनीतिक प्राथमिकता देती है या नहीं।

बेल्जियम तक पहुंचा आंदोलन का असर

फ्रांस में जारी छात्र आंदोलन का असर पड़ोसी देश बेल्जियम में भी देखने को मिला। मंगलवार को पूर्वी शहर लीज में 30 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कई पुलिसकर्मी घायल हुए। ब्रसेल्स और अन्य शहरों में भी छोटे स्तर पर प्रदर्शन हुए।

इस तरह स्कूलों के लिए अधिक फंड और बेहतर सुविधाओं की मांग से शुरू हुआ फ्रांस का छात्र आंदोलन अब शिक्षा व्यवस्था से आगे बढ़कर सरकार की नीतियों, महंगाई और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों पर व्यापक असंतोष का रूप लेता दिखाई दे रहा है।


यशपाल शर्मा की ‘धूड़’ का ट्रेलर हुआ रिलीज, इस दिन सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म

राजस्थान की संस्कृति, रहस्य और मनोवैज्ञानिक उलझनों को पर्दे पर उतारने वाली राजस्थानी फिल्म ‘धूड़’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। आनंद सिंह चौहान के निर्देशन में बनी यह फिल्म 1990 के दशक के राजस्थान की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म में अभिनेता यशपाल शर्मा अहम भूमिका में नजर आएंगे। खास बात यह है कि ‘धूड़’ को पैन इंडिया स्तर पर सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा।

90 के दशक के राजस्थान की दिखेगी झलक

‘धूड़’ एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म है, जिसकी कहानी 1990 के दशक के राजस्थान के इर्द-गिर्द बुनी गई है। फिल्म के जरिए उस दौर के सामाजिक परिवेश, स्थानीय संस्कृति, लोगों की जिंदगी और राजस्थान की मिट्टी से जुड़े रंगों को कहानी का हिस्सा बनाया गया है। ट्रेलर में रहस्य और रोमांच के साथ राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक भी देखने को मिलती है।

यह फिल्म इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि ‘धूड़’ पहली राजस्थानी फिल्म है, जिसे देशभर में पैन इंडिया स्तर पर सिनेमाघरों में रिलीज किया जा रहा है।

ये कलाकार आएंगे नजर

फिल्म में यशपाल शर्मा के अलावा अलका अमीन, भवानी सिंह चौहान, विवेक पारीक, प्रवीण चौधरी और वानिक्की त्यागी प्रमुख भूमिकाओं में दिखाई देंगे। कलाकारों की कहानी और किरदार फिल्म के रहस्य को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते नजर आएंगे।

23 अक्टूबर को रिलीज होगी ‘धूड़’

‘धूड़’ का लेखन और निर्देशन आनंद सिंह चौहान ने किया है। फिल्म का निर्माण समर जैन, नरेंद्र कृष्णिया, मुकेश पारीक, डीएस चौहान और अभिषेक चोपड़ा ने किया है। फिल्म का संगीत मेहुल सुरती ने तैयार किया है।

कलाम एकेडमी और समर जैन की प्रस्तुति ‘धूड़’, सोल ऑफ डेजर्ट प्रोडक्शन की फिल्म है, जिसे स्टूडियो ऐनाक के सहयोग से बनाया गया है। फिल्म 23 अक्टूबर 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इसे मिराज सिनेमा पैन इंडिया स्तर पर दर्शकों तक पहुंचाएगा।


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