Wednesday, October 7th, 2026

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दिनभर मोबाइल-लैपटॉप देखने वालों सावधान! आंखों में थकान, जलन और धुंधलेपन से बचने के लिए अपनाएं ये 7 तरीके

Daily Archives: 07/10/2026

दिनभर मोबाइल-लैपटॉप देखने वालों सावधान! आंखों में थकान, जलन और धुंधलेपन से बचने के लिए अपनाएं ये 7 तरीके

मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर के बढ़ते इस्तेमाल ने रोजमर्रा की जिंदगी को काफी आसान बना दिया है, लेकिन इसका असर आंखों की सेहत पर भी पड़ सकता है। पढ़ाई, ऑफिस का काम, ऑनलाइन मीटिंग और मनोरंजन के लिए लोग लंबे समय तक स्क्रीन देखते रहते हैं। लगातार बिना ब्रेक स्क्रीन पर नजर टिकाए रखने से आंखों में थकान और असहजता जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे समय तक स्क्रीन देखने के दौरान पलकें कम झपकने से आंखों में सूखापन बढ़ सकता है। इसके अलावा आंखों में जलन, पानी आना, धुंधला दिखाई देना और सिरदर्द जैसी शिकायतें भी हो सकती हैं। इसे आमतौर पर डिजिटल आई स्ट्रेन यानी डिजिटल आंखों की थकान से जोड़ा जाता है।

20-20-20 नियम से दें आंखों को आराम

स्क्रीन पर लगातार नजर रखने के बजाय समय-समय पर आंखों को आराम देना जरूरी है। इसके लिए 20-20-20 नियम अपनाया जा सकता है। यानी हर 20 मिनट में करीब 20 सेकंड के लिए स्क्रीन से नजर हटाकर लगभग 20 फीट दूर किसी चीज को देखें। इससे आंखों को कुछ समय के लिए फोकस बदलने का मौका मिलता है।

स्क्रीन को आंखों से उचित दूरी पर रखें

मोबाइल को बहुत पास रखकर देखने की आदत से बचें। लैपटॉप या कंप्यूटर की स्क्रीन भी ऐसी दूरी पर रखें, जहां कंटेंट पढ़ने के लिए आंखों पर अतिरिक्त जोर न लगाना पड़े। लंबे समय तक काम करते समय बैठने की स्थिति और स्क्रीन की ऊंचाई भी आरामदायक रखना बेहतर है।

लगातार स्क्रीन देखने के बीच लें ब्रेक

ऑफिस, पढ़ाई या मनोरंजन के दौरान लगातार कई घंटे स्क्रीन देखने के बजाय बीच-बीच में छोटे ब्रेक लेते रहें। कुछ समय के लिए स्क्रीन से नजर हटाने और दूर देखने से आंखों को आराम मिल सकता है।

कमरे और स्क्रीन की रोशनी का रखें ध्यान

बहुत तेज या बहुत कम रोशनी में स्क्रीन देखने से असहजता बढ़ सकती है। कमरे की रोशनी के मुताबिक स्क्रीन की ब्राइटनेस को एडजस्ट करें। साथ ही स्क्रीन पर पड़ने वाली सीधी रोशनी और अनावश्यक प्रतिबिंब से बचने की कोशिश करें।

पलकें झपकाना न भूलें

स्क्रीन पर ध्यान केंद्रित करने के दौरान कई लोग सामान्य से कम पलकें झपकाते हैं। इससे आंखों में सूखापन महसूस हो सकता है। इसलिए मोबाइल या कंप्यूटर इस्तेमाल करते समय नियमित रूप से पलकें झपकाते रहना जरूरी है।

अंधेरे कमरे में मोबाइल चलाने से बचें

बिल्कुल अंधेरे कमरे में चमकदार स्क्रीन देखने के बजाय आसपास पर्याप्त रोशनी रखना बेहतर है। स्क्रीन और कमरे की रोशनी में बहुत ज्यादा अंतर होने पर आंखों को असहजता महसूस हो सकती है।

लगातार परेशानी हो तो डॉक्टर से कराएं जांच

अगर आंखों में बार-बार दर्द या जलन, लगातार धुंधला दिखाई देना, सिरदर्द या नजर से जुड़ी दूसरी परेशानी बनी रहती है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में नेत्र विशेषज्ञ से जांच और सलाह लेना उचित रहेगा।

यह भी समझना जरूरी है कि स्क्रीन देखने से होने वाली अस्थायी आंखों की थकान और आंखों की स्थायी रोशनी कम होना एक ही समस्या नहीं हैं। अगर नजर में लगातार बदलाव महसूस हो रहा है, तो इसके पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं।

इसलिए डिजिटल डिवाइस का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं है। स्क्रीन टाइम को संतुलित करना, बीच-बीच में ब्रेक लेना, सही दूरी बनाए रखना और आंखों को पर्याप्त आराम देना आंखों पर पड़ने वाले तनाव को कम करने में मदद कर सकता है।


फरीदाबाद में बुजुर्ग महिलाओं को लिफ्ट देकर सुनसान जगह ले जाता था आरोपी, दो दुष्कर्म मामलों में गिरफ्तार

फरीदाबाद। भूपानी थाना क्षेत्र में बुजुर्ग महिलाओं को घर तक छोड़ने का झांसा देकर उनके साथ अपराध करने के आरोप में पुलिस ने 40 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अकेली बुजुर्ग महिलाओं को बाइक पर बैठाता था और कथित तौर पर उन्हें सुनसान इलाके में ले जाकर दुष्कर्म करता था। पूछताछ के दौरान उसने दो वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की है।

पुलिस के अनुसार, 18 और 19 सितंबर को भूपानी क्षेत्र में लगातार दो महिलाओं के साथ इस तरह की घटनाएं सामने आई थीं। दोनों मामलों में आरोप था कि बाइक सवार व्यक्ति ने महिलाओं को घर छोड़ने की बात कहकर अपने साथ लिया और बाद में उन्हें खेत की ओर ले गया।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। हालांकि, शुरुआती स्तर पर पुलिस को आरोपी तक पहुंचाने वाला कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिल सका। इसके बाद टीम ने स्थानीय स्तर पर मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और संदिग्ध व्यक्ति की तलाश शुरू की।

पुलिस का कहना है कि आरोपी अकेले पैदल जा रही बुजुर्ग महिलाओं को अपना निशाना बनाता था। आरोप है कि सुनसान स्थान पर ले जाने के बाद वह महिलाओं के साथ जबरदस्ती करता और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट करता था। वारदात के बाद वह मौके से फरार हो जाता था।

जांच में यह भी सामने आया कि एक मामले में आरोपी ने महिला को उसके पति के सामने ही घर तक छोड़ने की बात कहकर बाइक पर बैठाया था। इसके बाद वह उसे रास्ते में सुनसान जगह पर ले गया।

लगातार सामने आई घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने कई स्तरों पर जांच शुरू की। करीब 10 से 15 दिन की तलाश के बाद पुलिस टीम मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफल रही और उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने दोनों घटनाओं में अपनी भूमिका स्वीकार की है। अब पुलिस उससे जुड़े अन्य मामलों की भी जानकारी जुटा रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं उसने पहले भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम तो नहीं दिया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।


नौबतपुर के गेस्ट हाउस में पुलिस की छापेमारी, आठ युवतियों समेत 16 लोग हिरासत में

नौबतपुर। बिहटा-सरमेरा मार्ग पर स्थित एक गेस्ट हाउस में मंगलवार दोपहर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 लोगों को हिरासत में लिया। इनमें आठ युवतियां और आठ पुरुष शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, हिरासत में ली गई युवतियों में तीन नाबालिग भी हैं। कार्रवाई के बाद इलाके में गेस्ट हाउस संचालकों के बीच भी हलचल बढ़ गई है।

पुलिस को काफी समय से शांति गेस्ट हाउस में होटल की आड़ में संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें मिल रही थीं। सूचना की जांच के बाद नौबतपुर थाना पुलिस ने एक विशेष टीम तैयार की और मंगलवार को गेस्ट हाउस में अचानक छापेमारी की।

पुलिस टीम ने गेस्ट हाउस के अलग-अलग कमरों की तलाशी ली। इस दौरान वहां मौजूद युवक-युवतियों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। पुलिस ने सभी से अलग-अलग पूछताछ शुरू की है। शुरुआती जांच में गेस्ट हाउस संचालक की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है।

पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में ऐसे संकेत मिले हैं कि संचालक कथित तौर पर बाहर से युवतियों को बुलाता था और ग्राहकों के लिए कमरे उपलब्ध कराता था। इसके बदले रकम लिए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

थानाध्यक्ष नंदन कुमार सिंह ने बताया कि हिरासत में ली गई युवतियां अलग-अलग गांवों से संबंधित हैं। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन, नकदी और कुछ आपत्तिजनक सामान बरामद किए जाने की भी जानकारी दी गई है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गेस्ट हाउस में इस तरह की गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं और इसमें संचालक के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले में नाबालिगों की मौजूदगी सामने आने के बाद जांच को और गंभीरता से आगे बढ़ाया जा रहा है।

कार्रवाई के दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, फुलवारीशरीफ-2 उमेश्वर चौधरी भी मौके पर पहुंचे और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


स्मृति मंधाना बनीं भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नई कप्तान

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने किया ऐलान

नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी में बड़ा बदलाव हुआ है। अनुभवी बल्लेबाज स्मृति मंधाना को टीम की नई कप्तान नियुक्त किया गया है। वह हरमनप्रीत कौर की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगी। हरमनप्रीत ने सोशल मीडिया के जरिए कप्तानी छोड़ने के अपने फैसले की जानकारी दी। इसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने मंधाना को टीम की कमान सौंपने का आधिकारिक ऐलान किया।

कप्तानी में बदलाव से पहले सोमवार को गुवाहाटी में बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया, महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार और स्मृति मंधाना के साथ समीक्षा बैठक हुई थी। बैठक के बाद हरमनप्रीत ने कप्तानी से हटने का फैसला लिया। बीसीसीआई ने अपनी वेबसाइट पर मंधाना की नियुक्ति की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें भारतीय महिला क्रिकेट टीम का कप्तान बनाया गया है।

2013 से भारतीय टीम का अहम हिस्सा हैं मंधाना

स्मृति मंधाना लंबे समय से भारतीय महिला क्रिकेट की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। वर्ष 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने के बाद उन्होंने तीनों प्रारूपों में टीम के लिए अहम योगदान दिया है। बल्लेबाजी के साथ-साथ मंधाना ने घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाली है।

बीसीसीआई के मुताबिक, मंधाना ने पिछले कुछ वर्षों में भारतीय महिला क्रिकेट की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके अनुभव के अलावा घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में कप्तानी का अनुभव भी अब राष्ट्रीय टीम के काम आएगा।

आरसीबी को दो बार दिला चुकी हैं डब्ल्यूपीएल खिताब

स्मृति मंधाना की कप्तानी का सबसे बड़ा उदाहरण महिला प्रीमियर लीग में देखने को मिला है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की अगुआई करते हुए उन्होंने टीम को 2024 और 2026 में महिला प्रीमियर लीग का खिताब दिलाया। उनके नेतृत्व में टीम ने दोनों सत्रों में चैंपियन बनने में सफलता हासिल की।

अब फ्रेंचाइजी क्रिकेट में हासिल इस नेतृत्व अनुभव को वह भारतीय टीम के साथ आगे बढ़ाएंगी। बीसीसीआई ने भी मंधाना के अंतरराष्ट्रीय अनुभव और नेतृत्व क्षमता को कप्तानी के लिए महत्वपूर्ण बताया है।

नई कप्तान के सामने होगी बड़ी जिम्मेदारी

स्मृति मंधाना के कप्तान बनने के साथ भारतीय महिला क्रिकेट टीम एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। टीम ने पिछले वर्षों में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं और अब मंधाना के सामने उस प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। कप्तानी के साथ उनकी बल्लेबाजी और टीम को मैदान पर नेतृत्व देने की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहने वाली है।


दो महीने में दो ऊंची चोटियां फतह, अंकुर रावत ने माउंट भागीरथी-II पर फहराया तिरंगा

माउंट कुन के बाद भागीरथी-II पर तिरंगा, अंकुर रावत ने दिया सुरक्षित पर्वतारोहण का संदेश

रुड़की/देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतारोही और भारतीय सेना के सूबेदार अंकुर रावत ने हिमालय की ऊंचाइयों पर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। दो बार एवरेस्ट फतह कर चुके अंकुर रावत ने 22 सितंबर 2026 को 6,512 मीटर ऊंची माउंट भागीरथी-II के शिखर पर तिरंगा फहराया। इससे पहले 17 जुलाई को उन्होंने 7,077 मीटर ऊंची माउंट कुन का सफल आरोहण किया था। महज दो महीने के भीतर दो ऊंची चोटियों पर सफल चढ़ाई ने उनके पर्वतारोहण अभियान को नई पहचान दी है।

भारतीय सेना में सूबेदार अंकुर रावत, नारायण सिंह रावत और आनंदी देवी के पुत्र हैं। वह रुड़की के विनीत नगर, पनियाल रोड के निवासी हैं, जबकि उनका मूल गांव पीपला सुरलगांव, पट्टी असवालस्यूं, पौड़ी गढ़वाल है।

अंकुर रावत ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहाड़ दूर से जितना आसान दिखाई देता है, उसकी वास्तविक चढ़ाई उतनी ही चुनौतीपूर्ण होती है। भागीरथी-II के आरोहण के दौरान चट्टानों, बर्फ, बदलते मौसम और अधिक ऊंचाई के बीच हर कदम बेहद सावधानी और सोच-समझकर उठाना पड़ा।

आस्था और रोमांच का अनूठा संगम

गंगोत्री हिमालय का भागीरथी क्षेत्र धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्वतारोहण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, राजा भगीरथ ने मां गंगा को पृथ्वी पर लाने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसके बाद भगवान शिव ने गंगा के वेग को अपनी जटाओं में धारण किया।

गंगोत्री से गौमुख और आगे नंदनवन तक पहुंचने के बाद पर्वतारोहियों के सामने असली हिमालयी चुनौती शुरू होती है। यहां ग्लेशियर, मोरेन, चट्टानी भू-भाग और अत्यधिक ऊंचाई अभियान को कठिन बनाते हैं। भागीरथी पर्वत समूह के अभियानों में नंदनवन एक प्रमुख उच्च हिमालयी क्षेत्र है।

आखिरी 300 मीटर में सामने आई सबसे बड़ी चुनौती

माउंट भागीरथी-II के अंतिम हिस्से में कठिन चट्टानी चढ़ाई के बाद करीब 300 मीटर का बर्फीला क्षेत्र आया। पथरीले रास्ते को पार करने के बाद बर्फीले हिस्से में कदम रखना अपने आप में चुनौतीपूर्ण था। हालांकि शिखर नजदीक दिखाई देने लगा था, लेकिन मुश्किलें कम नहीं हुई थीं।

अंकुर रावत के मुताबिक, शिखर दिखाई देना इस बात की गारंटी नहीं है कि चुनौती खत्म हो गई। कई बार अंतिम कुछ मीटर ही सबसे कठिन साबित होते हैं। ऐसे समय में पर्वतारोही का अनुभव, धैर्य और सही निर्णय बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।

शिखर से उन्हें माउंट शिवलिंग, नंदी पर्वत, थलय सागर, मेरु, केदारनाथ पर्वत, केदार डोम, चौखंबा, सतोपंथ, वासुकी, माना, कामेट, मुकुट और सुदर्शन पर्वत समेत हिमालय की कई प्रमुख चोटियों के दर्शन हुए।

सही मार्ग और टीम अनुशासन को मानते हैं सफलता की कुंजी

अंकुर रावत के अनुसार पर्वतारोहण में सही रूट का चयन, रूट ओपनिंग और रोप फिक्सिंग अभियान की सफलता की पहली सीढ़ी है। इसके बाद टीम का अनुशासन और सदस्यों के बीच आपसी विश्वास बेहद जरूरी होता है।

उन्होंने कहा कि सुरक्षित रास्ते का चुनाव करने के बाद पूरी टीम को अनुशासन और विश्वास के साथ उस मार्ग पर आगे बढ़ना होता है। यही सामूहिक प्रयास अंततः पर्वतारोहियों को शिखर तक पहुंचाता है।

नए पर्वतारोहियों को सुरक्षित पर्वतारोहण का संदेश देने का लक्ष्य

भागीरथी-II की सफलता के बाद अंकुर रावत का लक्ष्य उन ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहराना है, जहां वह अभी तक नहीं पहुंच सके हैं। इसके साथ ही वह अपने अनुभव को नए ट्रेकर्स और पर्वतारोहियों तक पहुंचाना चाहते हैं।

उनका कहना है कि उत्तराखंड आने वाले नए ट्रेकर्स और पर्वतारोहियों को पहाड़ों के सही रूट, टेरेन और संभावित चुनौतियों की जानकारी मिलनी चाहिए। सुरक्षित पर्वतारोहण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी उनके अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

माउंट कुन से लेकर भागीरथी-II तक अंकुर रावत का यह सफर बताता है कि पर्वतारोहण में केवल ऊंचाई तक पहुंचना ही उपलब्धि नहीं है। कठिन रास्तों को सही निर्णय, साहस, धैर्य और अनुशासन के साथ पार करना ही असली सफलता है।


चारधाम यात्रा ने रचा इतिहास, 56.18 लाख के पार पहुंची श्रद्धालुओं की संख्या

 2023 का रिकॉर्ड टूटा

देहरादून। उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा ने इस वर्ष नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड कायम किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चल रही यात्रा में अब तक 56,18,497 से अधिक श्रद्धालु चारधामों के दर्शन कर चुके हैं। इसके साथ ही वर्ष 2023 में दर्ज सर्वाधिक श्रद्धालुओं के रिकॉर्ड को भी इस साल पीछे छोड़ दिया गया है।

केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में दर्शन के लिए देश के विभिन्न हिस्सों के साथ ही विदेशों से भी श्रद्धालुओं का पहुंचना लगातार जारी है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या उत्तराखंड के प्रति धार्मिक पर्यटन के बढ़ते आकर्षण और देवभूमि में आस्था रखने वाले लोगों के विश्वास को दर्शाती है।

राज्य सरकार की ओर से चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर इंतजाम किए गए हैं। यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं, यातायात प्रबंधन, पेयजल, स्वच्छता, पार्किंग और ठहरने की सुविधाओं को मजबूत किया गया है। इसके साथ ही आपदा प्रबंधन और आपात स्थिति से निपटने के लिए भी संबंधित विभागों को सक्रिय रखा गया है।

यात्रा के सफल संचालन के लिए प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एसडीआरएफ और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा मार्गों पर व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी भी की जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केदारनाथ और बदरीनाथ सहित उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर अवस्थापना सुविधाओं के विकास और कनेक्टिविटी में सुधार का भी चारधाम यात्रा पर सकारात्मक असर पड़ा है। यात्री सुविधाओं के विस्तार से श्रद्धालुओं का उत्तराखंड आने का रुझान लगातार बढ़ रहा है।

चारधाम यात्रा में नया रिकॉर्ड बनने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देवभूमि आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु राज्य का अतिथि है और सरकार का प्रयास है कि उसकी यात्रा सुरक्षित, सुगम और सुखद हो। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में विकसित हो रही सुविधाओं और चारधाम यात्रा के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा के सफल संचालन में योगदान देने वाले प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एसडीआरएफ, स्थानीय निकायों, तीर्थ पुरोहितों, स्थानीय निवासियों और यात्रा व्यवस्था से जुड़े सभी कार्मिकों के प्रयासों की सराहना की।


सुप्रीम कोर्ट में जूनियर कोर्ट असिस्टेंट के 250 पदों पर भर्ती, आज से आवेदन शुरू; जानें योग्यता और परीक्षा पैटर्न

सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भर्ती का महत्वपूर्ण मौका सामने आया है। कोर्ट ने जूनियर कोर्ट असिस्टेंट (JCA) के संभावित 250 पदों पर नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी 7 अक्टूबर 2026 से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 28 अक्टूबर 2026 रात 11:55 बजे निर्धारित की गई है।

इस भर्ती का नोटिफिकेशन 30 सितंबर 2026 को जारी किया गया था। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि फॉर्म भरने से पहले आधिकारिक अधिसूचना में दिए गए सभी नियम, पात्रता और परीक्षा संबंधी जानकारी ध्यान से पढ़ लें।

28 अक्टूबर तक कर सकेंगे आवेदन

जूनियर कोर्ट असिस्टेंट पद के लिए आवेदन विंडो 7 अक्टूबर से खुल गई है। अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन पूरा करने के लिए करीब तीन सप्ताह का समय दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने 20 नवंबर 2026 को ऑब्जेक्टिव टाइप टेस्ट की संभावित तारीख बताई है। हालांकि परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव किया जा सकता है, इसलिए उम्मीदवारों को भर्ती पोर्टल पर समय-समय पर अपडेट देखते रहने की सलाह दी गई है।

ग्रेजुएशन के साथ टाइपिंग जरूरी

इस भर्ती में शामिल होने के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री होना अनिवार्य है। इसके अलावा कंप्यूटर का कार्यसाधक ज्ञान और अंग्रेजी में कम से कम 35 शब्द प्रति मिनट की टाइपिंग स्पीड जरूरी है।

आयु सीमा की गणना 1 सितंबर 2026 के आधार पर की जाएगी। इस तारीख को उम्मीदवार की उम्र 18 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट का लाभ मिलेगा।

आवेदन शुल्क कितना है?

आवेदन शुल्क की बात करें तो सामान्य और ओबीसी श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए शुल्क 1,500 रुपये रखा गया है। वहीं एससी, एसटी, पूर्व सैनिक और PwBD श्रेणी के उम्मीदवारों को 750 रुपये का भुगतान करना होगा। शुल्क ऑनलाइन इंटीग्रेटेड बैंक गेटवे के माध्यम से जमा किया जाएगा।

फॉर्म सबमिट करने से पहले उम्मीदवारों को व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण और अपलोड किए गए दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए। आवेदन पूरा होने के बाद इसकी रसीद और जरूरी विवरण सुरक्षित रखना भी जरूरी होगा।

चार चरणों में होगी चयन प्रक्रिया

जूनियर कोर्ट असिस्टेंट पद के लिए उम्मीदवारों को चयन के कई चरणों से गुजरना होगा। सबसे पहले 100 अंकों की ऑब्जेक्टिव परीक्षा होगी। इसमें सफल अभ्यर्थियों को कंप्यूटर टाइपिंग टेस्ट देना होगा, जो 50 अंकों का होगा।

इसके बाद 100 अंकों की डिस्क्रिप्टिव लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। चयन प्रक्रिया के अंतिम चरण में 25 अंकों का इंटरव्यू होगा। उम्मीदवारों को भर्ती के प्रत्येक चरण में निर्धारित मानकों को पूरा करना होगा।

लेवल-6 के अनुसार मिलेगा वेतन

जूनियर कोर्ट असिस्टेंट का पद ग्रुप-बी गैर-राजपत्रित श्रेणी में आता है। इस पद के लिए पे मैट्रिक्स के लेवल-6 के अनुसार वेतन निर्धारित है। भर्ती के तहत कुल 250 संभावित रिक्तियों को भरे जाने की योजना है। हालांकि पदों की संख्या संभावित है और इसमें बदलाव किया जा सकता है।

उम्मीदवार आवेदन करने से पहले आधिकारिक भर्ती अधिसूचना में पात्रता, परीक्षा योजना, शुल्क, दस्तावेज और अन्य शर्तों की पूरी जानकारी जरूर जांच लें।


फिरोजाबाद में घरेलू विवाद ने लिया खूनी मोड़, पत्नी और युवक पर फायरिंग; पुलिस ने आरोपी पति को दबोचा

फिरोजाबाद। शहर के कोटला चुंगी चौराहे के पास मंगलवार रात घरेलू विवाद को लेकर हुई गोलीबारी से सनसनी फैल गई। आरोप है कि एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और एक इंटरनेट सेवा प्रदाता पर लाइसेंसी रिवाल्वर से कई राउंड फायर कर दिए। गोली लगने से महिला और युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। फायरिंग के बाद दोनों जान बचाने के लिए भागे, जबकि आरोपी भी उनके पीछे गोली चलाते हुए दौड़ता रहा। चौराहे पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने पीछा कर आरोपी को पकड़ लिया।

घटना रात करीब 9:45 बजे की बताई जा रही है। फायरिंग की आवाज सुनते ही आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और बाजार में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पुलिस ने मौके से रिवाल्वर बरामद कर ली और दोनों घायलों को सरकारी ट्रामा सेंटर पहुंचाया। युवक की हालत गंभीर होने पर उसे इलाज के लिए आगरा रेफर किया गया है।

पुलिस के अनुसार, मथुरा नगर के गुंजन एन्क्लेव निवासी 35 वर्षीय शिप्रा तैलंग की करीब 10 वर्ष पहले ऋषभ उर्फ बंटी तैलंग से शादी हुई थी। दोनों के बीच पिछले करीब दो वर्षों से विवाद चल रहा था। इसके चलते शिप्रा अपने मायके में रह रही थीं। मंगलवार रात वह कोटला चुंगी के पास रहने वाली अपनी रिश्ते की ताई के घर पहुंची थीं।

वहां किराए की दुकान में इंटरनेट सेवा का काम करने वाले सनी ठाकुर से उनकी बातचीत हो रही थी। इसी दौरान ऋषभ कथित तौर पर रिवाल्वर लेकर वहां पहुंचा और गोली चलानी शुरू कर दी।

फायरिंग शुरू होते ही शिप्रा और सनी अपनी जान बचाने के लिए दुकान से बाहर निकलकर भागे। आरोप है कि ऋषभ ने उनका पीछा करते हुए भी गोलियां चलाईं। लगातार गोलियां चलने से आसपास के दुकानदारों और राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई।

बताया गया कि चौराहे पर तैनात पुलिसकर्मियों ने गोलियों की आवाज सुनी और तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। पुलिस ने पीछा कर आरोपी को पकड़ लिया। मौके पर पड़ी रिवाल्वर भी बरामद कर ली गई।

गोलीबारी में शिप्रा को तीन गोलियां लगीं, जबकि सनी भी दो गोलियों से घायल हुआ। सनी के सीने और पसली के पास गोली लगने की जानकारी सामने आई है। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे आगरा रेफर कर दिया।

वहीं शिप्रा के कंधे, पेट और पसली के पास चोटें आई हैं। एक गोली उनके हाथ को छूकर निकल गई। दोनों को प्राथमिक उपचार के लिए सरकारी ट्रामा सेंटर ले जाया गया।

घटना के समय रामलीला मैदान में मंचन समाप्त हुए करीब एक घंटा ही हुआ था। इसके बावजूद मेला देखकर लौट रहे लोगों की आवाजाही आसपास जारी थी। इसी दौरान अचानक गोलियां चलने से लोगों में भय का माहौल बन गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहली गोली चलने के कुछ ही क्षण बाद दुकान से महिला और युवक चीखते हुए बाहर निकले और उनके पीछे एक व्यक्ति फायरिंग करता हुआ दिखाई दिया।

घटना की सूचना मिलने के बाद एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद, सीओ सिटी संतोष कुमार समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

शिप्रा ने पुलिस को बताया कि पति के साथ उनका विवाद चल रहा था और इसी मामले में परिवार के लोगों से बातचीत के लिए उन्हें ताई ने बुलाया था। वहीं शिप्रा के भाई शशांक ने आरोप लगाया कि दंपती के बीच विवाद पति के किसी अन्य महिला से संबंध को लेकर हुआ था। पुलिस मामले में सामने आए सभी आरोपों और बयानों की जांच कर रही है।

शिप्रा के दो बेटे हैं और फिलहाल दोनों उनके साथ रह रहे हैं। पुलिस की जांच के बाद ही गोलीबारी की पूरी वजह और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


सीएम धामी ने उत्तरकाशी के काशी विश्वनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और राष्ट सेवा के 25 वर्ष पूरे  

सीएम धामी ने बाबा विश्वनाथ से प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की 

उत्तरकाशी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तरकाशी स्थित पौराणिक श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने बाबा विश्वनाथ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ, दीर्घायु और यशस्वी जीवन की कामना की।

इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 25 वर्षों का सार्वजनिक जीवन राष्ट्रसेवा, जनकल्याण और देश के विकास के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में देश को नई दिशा, नई ऊर्जा और विकास की गति देने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प को निरंतर मजबूती मिले और देश प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरती से प्रधानमंत्री के दीर्घ, स्वस्थ और सफल सार्वजनिक जीवन के लिए बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लेना उनके लिए सौभाग्य की बात है।


आज का राशिफल 7 अक्टूबर 2026: 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा दिन

मेष राशि: आज का दिन आपके लिए सकारात्मक और उत्साह से भरा रह सकता है। धार्मिक या शुभ आयोजन में शामिल होने का अवसर मिल सकता है। किसी दूर रह रहे प्रियजन की याद मन को भावुक कर सकती है। नौकरी या व्यवसाय से जुड़े काम के चलते यात्रा करनी पड़ सकती है। कार्यस्थल पर कोई सहकर्मी परेशानी पैदा करने की कोशिश कर सकता है, लेकिन आपकी समझदारी से स्थिति बिगड़ने से बच जाएगी। आज सूझबूझ से लिए गए फैसले कठिन कामों को आसान बना सकते हैं। लापरवाही से बचना जरूरी होगा।

वृषभ राशि: परिवार और करीबी लोगों के साथ आपके रिश्ते और मजबूत होंगे। सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेने से नए लोगों से संपर्क बढ़ सकता है और आपकी प्रतिष्ठा भी बेहतर हो सकती है। विरोधियों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए आप उनकी चाल को नाकाम करने में सफल रहेंगे। हालांकि निजी बातें किसी के साथ साझा करने से बचें। काम का बोझ अधिक रहने से थकान हो सकती है। पुराने कर्ज या उधार चुकाने का दबाव भी महसूस हो सकता है।

मिथुन राशि: आज मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने से आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। परिवार के साथ सुखद समय बिताने का मौका मिलेगा और आपसी संबंधों में मधुरता बनी रहेगी। जीवनसाथी को करियर से जुड़ा कोई अच्छा अवसर मिल सकता है, जिसके चलते उन्हें यात्रा करनी पड़ सकती है। कोई जरूरी काम अंतिम समय पर अटक सकता है, लेकिन थोड़े प्रयास के बाद रास्ता निकल आएगा। अविवाहित लोगों के लिए नए रिश्ते की शुरुआत के संकेत मिल सकते हैं।

कर्क राशि: आज बढ़ते खर्च आपकी चिंता बढ़ा सकते हैं, इसलिए आर्थिक योजना बनाकर चलना बेहतर रहेगा। संतान की शिक्षा या भविष्य से जुड़ा कोई अहम फैसला लिया जा सकता है। परिवार के किसी सदस्य की कामकाजी परेशानी बातचीत से दूर करने में मदद मिलेगी। भाई-बहनों का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा। घर की मरम्मत या साज-सज्जा से जुड़ा रुका काम दोबारा शुरू हो सकता है। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारी आपको नई जिम्मेदारी दे सकते हैं।

सिंह राशि: सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन नए अवसर लेकर आ सकता है। किसी प्रभावशाली या नए व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में करियर और कारोबार के लिहाज से फायदेमंद साबित हो सकती है। धार्मिक गतिविधियों से मानसिक शांति मिलेगी। प्रेम संबंधों में धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा, क्योंकि छोटी बात विवाद का कारण बन सकती है। गुस्से में फैसला लेने से बचें। प्रॉपर्टी या निवेश से जुड़ी नई योजना पर विचार शुरू हो सकता है।

कन्या राशि: आज आपके सामने आगे बढ़ने के कई रास्ते खुल सकते हैं। यात्रा के दौरान मिली कोई महत्वपूर्ण जानकारी भविष्य में लाभ दे सकती है। विद्यार्थियों को शिक्षकों या अनुभवी लोगों की सलाह से पढ़ाई की परेशानी दूर करने में मदद मिलेगी। कारोबार में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं, लेकिन स्थिति नियंत्रण में रहेगी। वाहन खरीदने की योजना पर आगे बढ़ने के लिए दिन उपयोगी हो सकता है। माता-पिता का सहयोग आपके काम को गति देगा।

तुला राशि: आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं और पुराने दबाव से कुछ राहत मिल सकती है। आज आपकी निर्णय लेने की क्षमता मजबूत रहेगी, जिसका फायदा महत्वपूर्ण कामों में मिलेगा। हालांकि जल्दबाजी या छोटी गलती नुकसान पहुंचा सकती है। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। परिवार में अपनी बात मनवाने की कोशिश रिश्तों में तनाव पैदा कर सकती है, इसलिए बातचीत में लचीलापन बनाए रखना बेहतर रहेगा।

वृश्चिक राशि: प्रॉपर्टी और जमीन से जुड़े मामलों में कोई अच्छा अवसर सामने आ सकता है। मेहनत का उचित परिणाम मिलने से आत्मविश्वास मजबूत होगा। अगर कोई कानूनी विवाद चल रहा है तो अनुभवी व्यक्ति या विशेषज्ञ की सलाह लेना लाभकारी रहेगा। आज खुद को साबित करने की इच्छा आपको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। पिता के साथ किसी मुद्दे पर मतभेद हो तो बहस के बजाय शांतिपूर्वक बात करके समाधान निकालने की कोशिश करें।

धनु राशि: आज सामाजिक और कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। वाहन खरीदने के लिए किए गए लोन आवेदन से जुड़ी सकारात्मक सूचना मिल सकती है। दांपत्य जीवन में साथी की भावनाओं को समझना जरूरी होगा, क्योंकि छोटी बात भी विवाद का रूप ले सकती है। नौकरी में मनचाहा काम न मिलने से असंतोष हो सकता है। ऐसे में नए अवसरों की तलाश या नौकरी बदलने पर विचार करने का मन बन सकता है।

मकर राशि: विद्यार्थियों के लिए आज का दिन उत्साहवर्धक रहेगा। पुराने पैसों के लेन-देन से जुड़ी कोई समस्या सुलझ सकती है। संतान के अच्छे परीक्षा परिणाम से परिवार में खुशी का माहौल बनेगा। पिता के साथ किसी महत्वपूर्ण योजना पर चर्चा हो सकती है। माता-पिता का आशीर्वाद आपके अधूरे काम पूरे कराने में मदद करेगा। सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का प्रभाव बढ़ सकता है। अपनी योजनाओं को गोपनीय रखना आपके हित में रहेगा।

कुंभ राशि: आज का दिन दोस्तों और परिवार के साथ खुशनुमा समय बिताने का अवसर दे सकता है। हालांकि दूसरों की परेशानियों में जरूरत से ज्यादा शामिल होने से बचें। लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना से आर्थिक राहत महसूस होगी। किसी दूसरे की गाड़ी चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। पुरानी गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ना आज आपके लिए फायदेमंद रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कोई अहम निर्णय लिया जा सकता है।

मीन राशि: आज किसी भी महत्वपूर्ण फैसले में जल्दबाजी न करें। नौकरीपेशा लोगों को अनजान लोगों पर तुरंत भरोसा करने से बचना चाहिए। बैंकिंग या पैसों से जुड़ी निजी जानकारी साझा न करें। सरकारी कामकाज में देरी होने से परेशानी हो सकती है, लेकिन धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा। विरोधी आपकी राह में अड़चन डालने की कोशिश कर सकते हैं, मगर शांत दिमाग से स्थिति संभाली जा सकती है। संतान की ओर से कोई सुखद खबर या सरप्राइज मिल सकता है। मां से किए वादे को पूरा करने का प्रयास करें।


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