Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

देहरादून में फर्जी कॉल सेंटर का STF ने किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

देहरादून में फर्जी कॉल सेंटर का STF ने किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

देहरादून में फर्जी कॉल सेंटर का STF ने किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ और देहरादून पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में जीएमएस रोड स्थित एक संदिग्ध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया गया है। पुलिस के अनुसार यहां अवैध 32 स्लॉट वाले सिम बॉक्स के जरिए ग्राहकों को व्यक्तिगत मोबाइल नंबरों से कॉल की जा रही थी। मामले में कंपनी के मैनेजर और रीजनल मैनेजर को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, SINGH ASSET RECON SERVICES PRIVATE LIMITED (SARS) के कार्यालय में छापेमारी के दौरान एक DINSTAR 32 स्लॉट सिम बॉक्स, 45 सिम कार्ड, लैपटॉप, दो राउटर, दो एटीएम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए।

लैपटॉप की जांच में SBI, BOB, AXIS BANK, POONAWALLA FINANCE, YES BANK और RBL समेत विभिन्न बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों के ग्राहकों के क्रेडिट कार्ड से संबंधित डेटा मिलने की बात सामने आई है।

क्रेडिट कार्ड के नाम पर ग्राहकों पर दबाव

पूछताछ में सामने आया कि कॉल सेंटर से लोगों को क्रेडिट कार्ड और उससे जुड़े लाभ बताने के नाम पर कॉल की जाती थी। पुलिस के अनुसार कई मामलों में ग्राहकों पर जल्द धनराशि जमा कराने के लिए धमकी और दबाव बनाया जाता था। आरोप है कि डर के कारण कुछ ग्राहक अपनी संवेदनशील जानकारी और धनराशि उपलब्ध करा देते थे।

जांच में यह भी सामने आया कि कॉल सेंटर में करीब 39 अन्य युवक-युवतियां काम कर रहे थे, जिन्हें कमीशन के आधार पर भुगतान किया जाता था।

1600 सीरीज की जगह व्यक्तिगत मोबाइल नंबरों से कॉल
पुलिस के अनुसार कॉल सेंटर द्वारा निर्धारित 1600 नंबर सीरीज का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था। इसके बजाय व्यक्तिगत मोबाइल नंबरों से ग्राहकों को कॉल की जा रही थी। दूरसंचार विभाग के अधिकारी ने बरामद सिम बॉक्स की पुष्टि करते हुए बताया कि इस तरह के उपकरण से कॉल की वास्तविक पहचान छिपाई जा सकती है।

पुलिस ने कंपनी मैनेजर लक्ष्मण प्रसाद और रीजनल मैनेजर जगमोहन सिंह रावत को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मु0अ0सं0 49/2026 दर्ज किया गया है। मामले में BNS, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और दूरसंचार अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

 


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp