Tuesday, October 13th, 2026

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विदेशी नागरिकों से ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार

Daily Archives: 13/10/2026

विदेशी नागरिकों से ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार

एंटीवायरस ऐप देने के नाम पर अमेरिका-कनाडा के नागरिकों को बनाते थे निशाना, 100 डॉलर के गिफ्ट कार्ड के जरिए करते थे धोखाधड़ी

राजपुर क्षेत्र के किराये के फ्लैट में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर, 14 मोबाइल, 4 लैपटॉप, आईपैड और 3 लग्जरी वाहन बरामद

देहरादून। एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में दून पुलिस ने विदेशी नागरिकों से ऑनलाइन ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी राजपुर क्षेत्र के तरला नागल रोड स्थित आर्चिड पार्क के एक किराये के फ्लैट में अवैध रूप से कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य मोबाइल और लैपटॉप में एंटीवायरस ऐप उपलब्ध कराने के नाम पर विदेशी नागरिकों से ठगी कर रहे थे।

पुलिस को 12 अक्टूबर की रात सूचना मिली थी कि राजपुर क्षेत्र में एक फ्लैट से फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर विदेशी नागरिकों और अन्य लोगों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने 12 और 13 अक्टूबर की मध्यरात्रि में छापा मारकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।

ऐसे करते थे विदेशी नागरिकों से ठगी

पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी आशीष नागर ने बताया कि वह पहले नोएडा के एक कॉल सेंटर में काम करता था, जहां विदेशी नागरिकों को इसी तरह निशाना बनाया जाता था। करीब तीन महीने पहले वह नौकरी छोड़कर देहरादून आ गया और यहां अपने साथियों के साथ राजपुर क्षेत्र में किराये के फ्लैट से फर्जी कॉल सेंटर चलाने लगा।

आरोपियों ने कथित तौर पर विदेशी नागरिकों के करीब पांच हजार मोबाइल नंबर खरीदे थे। इसके बाद गूगल वॉइस ऐप के माध्यम से उन्हें कॉल कर उनके मोबाइल या लैपटॉप में खराबी होने की बात कही जाती थी। समस्या ठीक करने और एंटीवायरस ऐप उपलब्ध कराने के नाम पर उनसे 100 डॉलर मूल्य का गिफ्ट कार्ड खरीदने को कहा जाता था।

गिफ्ट कार्ड खरीदने के बाद ग्राहकों से उसका नंबर बताने या फोटो भेजने के लिए कहा जाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी गिफ्ट कार्ड प्राप्त करने के बाद अधिकांश ग्राहकों को एंटीवायरस ऐप उपलब्ध नहीं कराते थे। इस तरह उनके साथ धोखाधड़ी की जाती थी।

सस्ते दामों पर बेच देते थे गिफ्ट कार्ड

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर गिफ्ट कार्ड को कम कीमत पर बेच देते थे और इसके बदले अलग-अलग खातों में रकम प्राप्त करते थे। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के निशाने पर रहने वाले अधिकांश विदेशी नागरिक अमेरिका और कनाडा के थे।

पुलिस के अनुसार, आरोपी एक स्थान पर कुछ समय तक ही कॉल सेंटर संचालित करते थे और फिर दूसरी जगह चले जाते थे, ताकि पुलिस या अन्य एजेंसियों को उनकी गतिविधियों की जानकारी न मिल सके।

ये सामान हुआ बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 14 मोबाइल फोन, चार लैपटॉप, पांच चार्जर, एक आईपैड और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। इसके अलावा आई-20, वरना और थार समेत तीन वाहनों को सीज किया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

आशीष नागर, निवासी मेरठ, उत्तर प्रदेश।

अक्षत शर्मा, निवासी मेरठ, उत्तर प्रदेश।

अंशु मुद्गल, निवासी मेरठ, उत्तर प्रदेश।

राज सिंह, निवासी सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश।

अभिनव सिंह, निवासी सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश।

पुलिस ने पांचों आरोपियों के विरुद्ध थाना राजपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस टीम

कार्रवाई में थाना राजपुर के थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक पीडी भट्ट, वरिष्ठ उपनिरीक्षक विजेंद्र कुमाई, जाखन चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अनित कुमार सहित पुलिसकर्मी मोहित, अमित, अंकुल, नीरज, प्रशांत और महिला कांस्टेबल सुमित्रा शामिल रहे।

दून पुलिस की इस कार्रवाई से विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर संचालित किए जा रहे कथित साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस मामले में बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और वित्तीय लेन-देन की जांच के जरिए ठगी के नेटवर्क से जुड़ी अन्य जानकारियां जुटा रही है।


वसुंधरा ताल में स्थापित हुई पूर्व चेतावनी प्रणाली, ग्लेशियल झीलों की निगरानी को मिलेगी मजबूती

पहले चरण का अभियान सफल, वैज्ञानिक दल लौटा; हर दो घंटे में डैशबोर्ड पर पहुंचेगा डेटा

देहरादून। उत्तराखंड में ग्लेशियल झीलों से उत्पन्न संभावित आपदाओं के खतरे को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। चमोली जनपद स्थित वसुंधरा ताल में पूर्व चेतावनी प्रणाली स्थापित करने का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में आधुनिक सेंसर स्थापित करने के बाद वैज्ञानिक एवं तकनीकी दल वापस लौट आया है। मंगलवार को उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने दल का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय राज्य में ग्लेशियल झीलों से उत्पन्न संभावित खतरों की समय रहते पहचान करना आवश्यक है। आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान और संस्थागत समन्वय के माध्यम से आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाया जा रहा है।

पहली बार ग्लेशियल झील में स्थापित हुई आधुनिक निगरानी प्रणाली

राष्ट्रीय ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (जीएलओएफ) जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत स्थापित इस प्रणाली के माध्यम से झील के जलस्तर, मौसम, बर्फ की स्थिति और आसपास होने वाली भू-गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। इससे संभावित असामान्य परिस्थितियों की पहचान करने और समय रहते आवश्यक कदम उठाने में मदद मिलेगी।

आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सेंसर आधारित निगरानी व्यवस्था से वैज्ञानिक आंकड़े प्राप्त होंगे, जिनके विश्लेषण के आधार पर आपदा जोखिमों का आकलन और तैयारियों को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।

अत्याधुनिक सेंसर से होगी निगरानी

वसुंधरा ताल में मौसम, जलस्तर, हिमपात और भू-गतिविधियों की निगरानी के लिए कई प्रकार के सेंसर स्थापित किए गए हैं। ऑल-इन-वन मौसम सेंसर हवा की गति एवं दिशा, वर्षा, सौर विकिरण, तापमान और वायुदाब के आंकड़े जुटाएगा। झील के जलस्तर के लिए फ्लोटिंग और सबमर्ज्ड वाटर लेवल सेंसर लगाए गए हैं।

इसके अलावा संभावित बाढ़ से संबंधित कंपन एवं झुकाव और हिमस्खलन गतिविधियों की निगरानी के लिए एक्सेलेरोमीटर तथा टिल्ट सेंसर स्थापित किए गए हैं। बर्फ की गहराई और अलग-अलग स्तरों पर तापमान मापने के लिए भी विशेष सेंसर लगाए गए हैं।

हर दो घंटे में पहुंचेगा डेटा, आपात स्थिति में तत्काल सूचना

प्रणाली से प्राप्त आंकड़े सामान्य परिस्थितियों में प्रत्येक दो घंटे में सीबीआरआई रुड़की और यूएसडीएमए के डैशबोर्ड पर भेजे जाएंगे। आपातकालीन स्थिति में निर्धारित समय अंतराल की प्रतीक्षा किए बिना सेंसर तत्काल आंकड़े भेज सकेंगे। इससे संभावित खतरों के संकेतों का समय रहते विश्लेषण करने में मदद मिलेगी।

वसुंधरा ताल में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं होने के कारण उपकरणों को इरिडियम उपग्रह संचार तकनीक से जोड़ा गया है। अभियान दल ने डेटा संचार व्यवस्था का परीक्षण भी किया, जिसमें आंकड़ों का आदान-प्रदान अपेक्षा के अनुरूप पाया गया।

10 दिन तक बैटरी बैकअप की व्यवस्था

दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में प्रणाली के निर्बाध संचालन के लिए सौर पैनल और बैटरी की व्यवस्था की गई है। स्थापित 280 एम्पीयर क्षमता की बैटरी सौर पैनलों को पर्याप्त धूप नहीं मिलने की स्थिति में लगभग 10 दिनों तक बैकअप देने में सक्षम है।

उपकरणों की स्थापना के लिए स्टील आधारित मॉड्यूलर फाउंडेशन तैयार किया गया है। इसमें स्थानीय पत्थरों का उपयोग किया गया है और सीमेंट का प्रयोग नहीं किया गया। फाउंडेशन को 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हवा की गति को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।

38.50 मीटर गहरा है वसुंधरा ताल

अभियान दल के प्रमुख एवं केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई), रुड़की के वैज्ञानिक डॉ. डीपी कानूनगो के अनुसार वसुंधरा ताल की गहराई लगभग 38.50 मीटर, चौड़ाई 600 मीटर और लंबाई 900 मीटर है। उन्होंने बताया कि उपलब्ध पुराने आंकड़ों और वर्तमान स्थिति की तुलना में झील के आकार में कोई विशेष बदलाव नहीं देखा गया है।

कई संस्थानों ने मिलकर पूरा किया अभियान

इस अभियान में सीबीआरआई रुड़की और वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान, देहरादून के वैज्ञानिकों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने अहम भूमिका निभाई। यूएसडीएमए ने आवश्यक समन्वय, लॉजिस्टिक सहायता और संचार उपकरण उपलब्ध कराए। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने भी सहयोग किया।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने इस पहल को राज्य की आपदा पूर्व तैयारी को वैज्ञानिक और तकनीकी रूप से मजबूत करने वाला कदम बताया। प्रणाली से मिलने वाले आंकड़ों की नियमित निगरानी और वैज्ञानिक विश्लेषण के जरिए उच्च हिमालयी क्षेत्रों में संभावित जोखिमों को समझने तथा आपदा प्रबंधन की तैयारियों को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।


खटोली तल्ली में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में 610 लाभार्थी लाभान्वित, 75 शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त

‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों को गांव में ही मिली सरकारी योजनाओं और सेवाओं की सुविधा

चंपावत । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में प्रदेशभर में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के तहत मंगलवार को आनंदपुरी इंटर कॉलेज, खटोली तल्ली में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया गया। प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी अजय सिंह की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में दर्जा राज्य मंत्री मुकेश महराना एवं ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

शिविर का उद्देश्य दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके क्षेत्र में ही सरकारी योजनाओं एवं जनकल्याणकारी सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना रहा। इस दौरान कृषि, उद्यान, पशुपालन, सहकारिता, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, राजस्व सहित विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लाभार्थियों को मौके पर लाभान्वित किया।

610 लाभार्थियों को मिला योजनाओं का लाभ

शिविर में विभिन्न विभागों के माध्यम से लगभग 610 लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्रदान किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने 82, आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा विभाग ने 65, होम्योपैथिक विभाग ने 55, पशुपालन विभाग ने 52, उद्यान विभाग ने 39 तथा कृषि विभाग ने 25 लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान कीं। राजस्व विभाग की ओर से 37 लोगों के विभिन्न प्रमाण पत्र बनाए गए। अन्य विभागों ने भी ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया।

75 शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त, समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 75 शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त हुए। ग्रामीणों ने पेयजल व्यवस्था, बाउंड्री वॉल, चेकडैम निर्माण, नौले की मरम्मत, बकरी पालन, फसल सुरक्षा के लिए घेरबाड़, गौशाला की चारदीवारी, खेल मैदान और आर्थिक सहायता जैसी समस्याएं एवं मांगें अधिकारियों के समक्ष रखीं।

प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी अजय सिंह ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को शिकायतों एवं आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान और पात्र व्यक्तियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

किसानों को एक-एक लाख रुपये के ब्याजमुक्त ऋण चेक

शिविर में सहकारिता विभाग ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के अंतर्गत कृषक बबलू सिंह एवं छतार सिंह को कृषि कार्यों के लिए एक-एक लाख रुपये के ब्याजमुक्त ऋण चेक प्रदान किए। इसके साथ ही विद्यालय के बच्चों को क्रिकेट किट वितरित की गई। समाज कल्याण विभाग की ओर से मदन सिंह एवं कली देवी को मौके पर श्रवण यंत्र उपलब्ध कराए गए।

विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न स्टॉलों के माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी। शिविर में अपने क्षेत्र में ही सरकारी सेवाओं का लाभ मिलने पर ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त की।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधि सुंदर सिंह बोहरा, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रहीश सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य भागीरथी देवी, खंड विकास अधिकारी रमेश जोशी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. इंद्रजीत पाण्डेय, मुख्य कृषि अधिकारी डी. कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वसुंधरा गर्ब्याल, तहसीलदार बृजमोहन आर्य, भू-संरक्षण अधिकारी नारायण सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी प्रियंका भट्ट, जिला युवा कल्याण अधिकारी जसवंत सिंह खड़ायत, अधिशासी अभियंता जल संस्थान आर.पी. डोभाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।


FDA आयुक्त विनय शंकर पांडेय के निर्देशों पर मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान तेज, दून क्लब का हांडी रेस्टोरेंट बंद

दून क्लब के हांडी रेस्टोरेंट में मिली सड़ी-गली सब्जियां, बासी चावल और कॉकरोच-चूहों की मौजूदगी से खाद्य सुरक्षा की खुली पोल, 14 दिन का इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी

उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं – विनय शंकर पांडेय

देहरादून : आमजन को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए उत्तराखंड में मिलावटी एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ छापेमारी अभियान लगातार जारी है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) आयुक्त विनय शंकर पांडेय के दिशा-निर्देशों में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में देहरादून के न्यू सर्वे रोड, करणपुर स्थित दून क्लब के हांडी रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।

निरीक्षण के दौरान रसोईघर, फ्रीजर और भंडारण स्थलों पर सड़ी-गली सब्जियां, बासी खाद्य सामग्री, अत्यधिक गंदगी तथा कॉकरोच और चूहों की मौजूदगी पाई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेस्टोरेंट को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया और संचालक को 14 दिन का इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया।

रसोई से स्टोर रूम तक मिलीं गंभीर खामियां

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तराखंड तथा जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की संयुक्त टीम ने रेस्टोरेंट का आकस्मिक निरीक्षण किया। टीम ने रसोईघर, फ्रीजर, खाद्य सामग्री के भंडारण स्थलों, बर्तन धुलाई क्षेत्र और स्टोर रूम की जांच की। इस दौरान कई ऐसी खामियां सामने आईं, जो खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय हैं।

निरीक्षण में फ्रीजर के भीतर फूलगोभी, मूली, शिमला मिर्च, पत्तागोभी और आलू सहित विभिन्न सब्जियां सड़ी-गली अवस्था में मिलीं। लगभग दो दिन पुराने पके चावल, दो से तीन दिन पुराना गूंथा हुआ आटा और करीब एक सप्ताह पुरानी मोमोज एवं चाउमीन बनाने की सामग्री भी पाई गई। खाद्य पदार्थों को खुले बर्तनों में रखा गया था, जिससे उनकी स्वच्छता और सुरक्षित भंडारण व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए।

मसालों की थैलियां कुतरी मिलीं, नालियां भी जाम

निरीक्षण के दौरान रसोईघर और मसालों की अलमारी में कॉकरोच तथा चूहों की मौजूदगी मिली। मसालों की कई थैलियां चूहों द्वारा कुतरी हुई पाई गईं। स्टोर रूम में भी चूहों की मौजूदगी सामने आई। बर्तन धोने के स्थान पर अत्यधिक गंदगी, तीन से चार दिन पुराने जूठे बर्तन और जमा कूड़ा-कचरा मिला। नालियां जाम थीं और ड्रेनेज सिस्टम भी खराब स्थिति में पाया गया।

इसके अतिरिक्त, रेस्टोरेंट प्रबंधन कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका। परिसर में पेस्ट कंट्रोल कराए जाने के प्रमाण और इस्तेमाल किए जा रहे पानी की वॉटर टेस्ट रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं मिली। इन कमियों से स्पष्ट हुआ कि खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी आवश्यक व्यवस्थाओं के अनुपालन में गंभीर लापरवाही बरती जा रही थी।

खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे, 22 किलो सामग्री नष्ट

संयुक्त निरीक्षण टीम ने रेस्टोरेंट में उपलब्ध पनीर, दूध और डीप फ्रीजर में रखी तैयार चिकन करी के नमूने जांच के लिए लिए। वहीं, मौके पर लगभग पांच किलोग्राम बासी चावल, 15 किलोग्राम सड़ी-गली सब्जियां, दो किलोग्राम मोमोज और बासी चिकन करी को नष्ट कराया गया। नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित खाद्य सुरक्षा कानूनों और नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

संयुक्त निरीक्षण दल में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कपिल देव, अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान दून क्लब के अध्यक्ष मनोज सूरी भी मौके पर उपस्थित थे। टीम ने रेस्टोरेंट स्वामी अभय सिंह नेगी को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी कमियों को दूर करने के लिए कड़े निर्देश दिए।

14 दिन में सुधार नहीं तो लाइसेंस निलंबन समेत कार्रवाई

निरीक्षण में पाई गई अनियमितताओं के बाद रेस्टोरेंट को बंद कराते हुए 14 दिन का इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के तहत परिसर की गहन सफाई, खराब खाद्य सामग्री का उचित निस्तारण, प्रभावी पेस्ट कंट्रोल, नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की मरम्मत, पेयजल की गुणवत्ता की जांच तथा कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस के आवश्यक अभिलेख सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि के बाद दोबारा निरीक्षण कर सुधारात्मक कार्यों का सत्यापन किया जाएगा। यदि कमियां दूर नहीं की गईं, तो रेस्टोरेंट का लाइसेंस निलंबित करने सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी। रेस्टोरेंट के मामले में आगे की कार्रवाई निरीक्षण के दौरान जारी नोटिस की अनुपालना और खाद्य नमूनों की जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं – विनय शंकर पांडेय

आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कहा कि प्रदेशवासियों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। खाद्य पदार्थों में मिलावट, अस्वच्छ परिस्थितियों में भोजन तैयार करने और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

संबंधित विभागों को नियमित निरीक्षण और छापेमारी के माध्यम से ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों का पालन करना होगा। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उल्लंघन सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अपर आयुक्त ताजबर जग्गी ने कहा—जगह-जगह हो रही जांच

अपर आयुक्त ताजबर जग्गी ने बताया कि प्रदेशभर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों की टीमें विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी कर रही हैं। खाद्य सामग्री के भंडारण, रसोईघर की स्वच्छता, पेयजल की गुणवत्ता और खाद्य पदार्थों की सुरक्षित तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

जहां भी गंभीर अनियमितताएं सामने आती हैं, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि खाद्य कारोबारियों को नियमों का पालन करना चाहिए, ताकि आमजन को सुरक्षित भोजन मिल सके। विभागीय कार्रवाई का उद्देश्य उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा करना और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाना है।

प्रतिष्ठित संस्थान में ऐसी लापरवाही चिंताजनक : सीमा डुंगराकोटी

सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि दून क्लब जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में इस तरह की गंभीर अनियमितताएं विशेष रूप से चिंताजनक हैं। यहां विशिष्ट एवं अति विशिष्ट व्यक्तियों सहित अनेक गणमान्य अतिथियों का आवागमन रहता है। ऐसे संस्थान में भोजन तैयार करने और परोसने की व्यवस्था का स्वच्छ, सुरक्षित तथा निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप होना अनिवार्य है। रसोईघर में सड़ी-गली सामग्री, कॉकरोच और चूहों की मौजूदगी तथा साफ-सफाई की बदहाल स्थिति अत्यंत आपत्तिजनक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन के स्वास्थ्य और उपभोक्ता हितों की रक्षा सर्वोपरि है तथा खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।


ऋषिकेश में बुजुर्गों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, 25 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों की हुई जांच

वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल माह के तहत यूपीएचसी शांतिनगर में आयोजन, जरूरतमंद बुजुर्गों को बांटे स्वास्थ्य सहायक उपकरण और ताजे फल

देहरादून। वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल माह के अवसर पर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) शांतिनगर, ऋषिकेश में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन और राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित शिविर में 25 वरिष्ठ नागरिकों एवं बुजुर्गों की स्वास्थ्य जांच की गई। इस दौरान उन्हें विभिन्न बीमारियों के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी गई।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा के दिशा-निर्देशों में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य बुजुर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और वृद्धावस्था से जुड़ी बीमारियों की समय पर पहचान एवं उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

सीएमओ डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से वरिष्ठ नागरिकों के लिए विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं संचालित की जा रही हैं। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में बुजुर्गों की नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ आवश्यक जांच सेवाएं उपलब्ध हैं।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के सिटी अर्बन हेल्थ ऑफिसर राकेश बिष्ट ने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली ही स्वस्थ वृद्धावस्था का आधार है। उन्होंने बुजुर्गों को पौष्टिक आहार लेने, नियमित व्यायाम, योग एवं ध्यान करने और समय-समय पर चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि देहरादून जिला चिकित्सालय में जेरियाट्रिक वार्ड और फिजियोथेरेपी की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके साथ ही शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क जांच एवं दवाओं की सुविधा दी जा रही है।

शिविर में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, दमा, पक्षाघात, टीबी, निमोनिया, अवसाद तथा हड्डियों एवं जोड़ों से संबंधित समस्याओं के प्रति बुजुर्गों को जागरूक किया गया। इस दौरान राधेश्याम, गुलाबी देवी, लीला देवी, बीना देवी और ऋषिराज सहित अन्य वरिष्ठ नागरिकों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की गई।

कार्यक्रम के दौरान जरूरतमंद बुजुर्गों को निःशुल्क स्वास्थ्य सहायक उपकरण और ताजे फल भी वितरित किए गए। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी एवं सहायता के लिए वरिष्ठ नागरिकों को अपने नजदीकी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या सरकारी चिकित्सा केंद्र से संपर्क करने के साथ ही निःशुल्क हेल्पलाइन नंबर 104 की जानकारी दी गई।

शिविर का संचालन चिकित्सा अधिकारी डॉ. रिया उनियाल की देखरेख में हुआ। स्वास्थ्य जांच टीम में नर्सिंग ऑफिसर निशि, अंकुशा नेगी, अंजू सती, लैब सहायक शुभम नौटियाल तथा एएनएम प्रियंका लिंगवाल, लक्ष्मी, पूजा आर्य, रश्मि भट्ट और हीना नौटियाल ने सहयोग किया। इस अवसर पर आईईसी समन्वयक पूजन नेगी, एनसीडी डाटा सहायक प्रवीन खत्री सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।


देहरादून में मतदाता जागरूकता गतिविधियां तेज, जिलाधिकारी ने सभी विभागों को दिए निर्देश

कम मतदान वाले बूथों पर 75 प्रतिशत से अधिक मतदान का लक्ष्य, स्वीप अभियान तेज

देहरादून। आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने और प्रत्येक मतदाता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए देहरादून जनपद में मतदाता जागरूकता अभियान तेज कर दिया गया है। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने विगत चुनावों में 50 प्रतिशत से कम मतदान वाले मतदेय स्थलों पर विशेष अभियान चलाकर 75 प्रतिशत से अधिक मतदान का लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए हैं।

सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता (स्वीप) कार्यक्रम के तहत जनपद के शिक्षण संस्थानों और ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाता जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को प्रभावी बनाने और अधिकाधिक लोगों तक पहुंचने के निर्देश दिए हैं।

कम मतदान वाले क्षेत्रों पर विशेष फोकस

जिलाधिकारी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, पूर्ति, उद्योग, खेल, श्रम, पंचायती राज, परिवहन, विद्युत, दूरसंचार, वाणिज्य कर, एमडीडीए और नगर निगम सहित सभी संबंधित विभागों तथा विकासखंड स्तरीय कार्यालयों को विशेष जागरूकता गतिविधियां संचालित करने को कहा है। अभियान के तहत मतदाताओं को मतदान के महत्व, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भूमिका और मताधिकार के प्रयोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

स्कूलों में छात्र परिषद चुनाव से समझाई लोकतंत्र की प्रक्रिया

स्वीप अभियान के अंतर्गत सनातन धर्म इंटर कॉलेज, मसूरी में छात्र-छात्राओं को मतदान के महत्व और लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता की भूमिका की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को निर्वाचन प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव देने के लिए विद्यालय में लोकतांत्रिक प्रणाली के अनुरूप छात्र परिषद के चुनाव कराए गए। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और चुनाव प्रक्रिया को समझते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता प्राप्त की।

जोड़ी गांव में ग्रामीणों को किया जागरूक

इसी क्रम में जोड़ी गांव में भी मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को आगामी चुनावों में अपने मताधिकार का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कम मतदान वाले क्षेत्रों में विशेष रूप से जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी। अभियान का उद्देश्य अधिकाधिक मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ना और आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए लोगों को प्रेरित करना है।


स्कूलों में खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन को ढाई करोड़ स्वीकृत

जिलेवार आवंटित बजट से छात्रों को मिलेगी बेहतर खेल सुविधाएं

 खेलों के आयोजन, खिलाडियों के भोजन व यात्रा पर खर्च होगी धनराशि

देहरादून: विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय विद्यालयी खेलकूद प्रतियोगिताओं के लिये राज्य सरकार ने 2.50 करोड़ का बजट स्वीकृत कर दिया है। जनपदवार आवंटित बजट खेलकूद प्रतियोगिताओं के आयोजन, खिलाडियों के भोजन, यात्रा तथा खेल सुविधाओं पर खर्च किया जायेगा। साथ ही गत वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने वाले खिलाडियों के व्यय बिलों के भुगतान का भी बजट में प्रावधान किया गया है।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक राज्य स्तरीय विद्यालयी खेलकूद प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन के लिये राज्य सरकार ने 2.50 करोड़ की धनराशि स्वीकृत कर दी है। आवंटित बजट में वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु खेलों के आयोजन, खिलाड़ियों का भोजन, यात्रा तथा खेल सुविधाओं के लिये जनपदवार रूपये 1,35,60,000 (एक करोड़ 35 लाख 60 हजार) की धनराशि की जारी की है। जबकि वित्तीय वर्ष 20225-26 में राष्ट्रीय स्तर पर खेलों में प्रतिभाग करने वाले खिलाडियों पर हुये व्यय के लिये रूपये 1,11,00,000 (एक करोड़ ग्यारह लाख) की भी व्यवस्था की गई है, ताकि विगत वर्ष के व्यय बिलों का भुगतान किया जा सके।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि खेलकूद प्रतियोगिताओं हेतु स्वीकृत बजट के तहत अल्मोड़ा जनपद को 10,42,500, बागेश्वर को 779400, चमोली 10,65,600, चम्पावत 9,28,800, देहरादून 16,88,000, हरिद्वार 7,08,200, नैनीताल 13,26,000, पौड़ी 12,74,300, पिथौरागढ़ 8,32,100, रूद्रप्रयाग 5,20,600, टिहरी 7,63,500, ऊधम सिंह नगर 19,33,000 तथा उत्तरकाशी जनपद के लिये 6,98,000 की धनराशि स्वीकृत की गई है। जिसमें प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिये 30 लाख 60 हजार की धनराशि की व्यवस्था की गई है। साथ ही भोजन मद में 55 लाख तथा प्रतिभागियों के यात्रा व्यय के लिये 50 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। जबकि अवशेष राशि खेल प्रतियोगिताओं के वार्षिक कैलेण्डर जारी होने बाद आवंटित की जायेगी।

विभागीय अधिकारियों बताया कि राज्य स्तरीय विद्यालयी खेलकूद प्रतियोगिताओं में 10 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं द्वारा प्रतिभाग किया जायेगा। उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिताओं हेतु बजट आवंटित किये जाने से खिलाडियों को पर्याप्त खेल सुविधाएं मुहैया की जा सकेगी, जिससे वह बेहतर प्रदर्शन कर सकेंग साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकेंगे।

बयान–

राज्य सरकार विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के विद्यार्थियों को विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा निखारने के पर्याप्त अवसर मिलें। सरकार ने राज्य स्तरीय विद्यालयी खेलकूद प्रतियोगिताओं के लिए रूपये 2.50 करोड़ की धनराशि स्वीकृत कर दी है। खेलकूद प्रतियोगिताओं के आयोजन व खिलाडियों की सुविधाओं में बजट की कमी आड़े नहीं आएगी। – डाॅ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।


विकास भवन में तीन दिवसीय प्रशासनिक प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ, पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर

एटीआई नैनीताल के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में सूचना का अधिकार, लैंगिक उत्पीड़न निवारण, वेतन संबंधी प्रावधानों और आपदा प्रबंधन पर दिया जाएगा प्रशिक्षण

पौड़ी- जनपद मुख्यालय स्थित विकास भवन सभागार में मंगलवार को डॉ. रघुनंदन सिंह टोलिया प्रशासनिक अकादमी (एटीआई), नैनीताल के सहयोग से तीन दिवसीय प्रशासनिक प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने किया। कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विभिन्न प्रशासनिक नियमों, प्रक्रियाओं और कार्यदायित्वों की व्यावहारिक जानकारी देकर उनकी कार्यक्षमता बढ़ाना तथा शासकीय कार्यों के प्रभावी निष्पादन को सुनिश्चित करना है।

मुख्य विकास अधिकारी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम कार्मिकों को नियमों और प्रक्रियाओं की बेहतर समझ विकसित करने के साथ कार्यक्षेत्र में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का समाधान तलाशने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान सक्रिय सहभागिता, खुली परिचर्चा और अनुभवों के आदान-प्रदान पर जोर देते हुए कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी का उपयोग दैनिक शासकीय कार्यों में किया जाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि 13 अक्टूबर को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 और लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 14 अक्टूबर को पदोन्नति, चयन वेतनमान, वेतन निर्धारण, प्रोन्नत वेतनमान, समयमान वेतनमान, एसीपी एवं एमएसीपी तथा 15 अक्टूबर को आपदा प्रबंधन और इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (आईआरएस) पर क्षमता विकास प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न विषयों पर दिया जाने वाला यह प्रशिक्षण अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने दायित्वों का बेहतर निर्वहन करने में सहायक होगा।

कार्यशाला के प्रथम दिन सूचना का अधिकार अधिनियम पर चर्चा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुशासन के महत्वपूर्ण आधार हैं। इन्हें सुनिश्चित करने में लोक सूचना अधिकारियों की अहम भूमिका है। उन्होंने संबंधित अभिलेखों एवं तथ्यों का उचित सत्यापन करने, अभिलेखों को व्यवस्थित एवं सुरक्षित रखने तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर सूचनाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया।

एटीआई नैनीताल के अपर कार्यक्रम निदेशक अनूप बमोला ने कार्यशाला की रूपरेखा साझा करते हुए कहा कि अकादमी का प्रयास प्रशिक्षण को प्रत्येक जनपद तक पहुंचाकर जमीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके कार्यदायित्वों से संबंधित विषयों की जानकारी उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण को संवादात्मक एवं व्यावहारिक स्वरूप दिया गया है, ताकि प्रतिभागी अपनी समस्याओं और अनुभवों को साझा कर सकें।

प्रशिक्षण सत्र में बीजीआर परिसर, पौड़ी के विधि विभागाध्यक्ष डॉ. मुकेश रावत ने सुशासन, उत्तरदायित्व, सूचना का अधिकार अधिनियम-2005, पारदर्शिता और अपीलीय प्राधिकरणों से संबंधित विषयों पर जानकारी दी। वहीं अधिवक्ता रंजना डे ने भी प्रशिक्षण में प्रशिक्षण दिया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में परियोजना प्रबंधक स्वजल दीपक रावत ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर परियोजना निदेशक विवेक उपाध्याय, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, परियोजना प्रबंधक उरेडा चंद्रप्रकाश उपाध्याय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


अंकिता भंडारी हत्याकांड: वीवीआईपी की भूमिका की जांच की मांग, कांग्रेस ने गांधी पार्क में किया मौन सत्याग्रह

देहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीवीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच और भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में कांग्रेस ने मंगलवार को देहरादून के गांधी पार्क में मौन उपवास किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में आयोजित इस सत्याग्रह में पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने तथा मामले की सीबीआई जांच में तेजी लाने की मांग उठाई।

मौन सत्याग्रह के दौरान गणेश गोदियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक बेटी की हत्या का मामला नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की अस्मिता, महिलाओं के सम्मान और प्रदेश की कानून-व्यवस्था से जुड़ा संवेदनशील विषय है। उन्होंने कहा कि घटना के लंबे समय बाद भी कथित वीवीआईपी की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों का संतोषजनक जवाब जनता को नहीं मिल पाया है।

राज्यपाल नियुक्ति पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

गणेश गोदियाल ने दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस नियुक्ति से प्रदेश की जनता के मन में कई संदेह पैदा हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक पद पर नियुक्ति के जरिए जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई से बचाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों की सत्यता का निर्धारण निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही होना चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीवीआईपी की भूमिका की सीबीआई जांच कराने की घोषणा की थी, लेकिन इस दिशा में अब तक अपेक्षित प्रगति दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने मांग की कि मामले से जुड़े सभी आरोपों, तथ्यों और परिस्थितियों की पारदर्शी जांच कराई जाए। यदि किसी प्रभावशाली व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

‘अंकिता को न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष’

गोदियाल ने भाजपा सरकार के ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ नारे का उल्लेख करते हुए कहा कि एक ओर महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग लगातार उठानी पड़ रही है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कथित वीवीआईपी की भूमिका से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच में देरी क्यों हो रही है और जनता को पूरे मामले की सच्चाई कब पता चलेगी।

उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी उत्तराखंड के हर परिवार की बेटी थी और उसे न्याय दिलाना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। कांग्रेस पार्टी लंबे समय से इस मामले में निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करती रही है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से जांच में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब देने की मांग की।

गांधीवादी तरीके से विरोध, सड़क से सदन तक संघर्ष का ऐलान

गणेश गोदियाल ने कहा कि गांधी पार्क में आयोजित मौन उपवास केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और प्रदेश की महिलाओं के सम्मान की रक्षा का संकल्प है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्य और अहिंसा के गांधीवादी सिद्धांतों पर चलते हुए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रही है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है और न्याय सभी के लिए समान होना चाहिए। कांग्रेस तब तक अपना संघर्ष जारी रखेगी, जब तक हत्याकांड से जुड़े सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिलते और कथित वीवीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं होती। पार्टी ने स्पष्ट किया कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए सड़क से सदन तक आवाज उठाई जाएगी।

बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद

मौन उपवास एवं सत्याग्रह कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि, लालचंद शर्मा, पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा, अश्विनी बहुगुणा, राजेंद्र शाह, सुरेंद्र रांगड़, गोदावरी थापली, सुजाता पॉल, जयेन्द्र रमोला, नवीन जोशी, याकूब सिद्दीकी, नीरज त्यागी, अभिनव थापर, अमेन्द्र बिष्ट, यशपाल चौहान, ओम प्रकाश सती, डॉ. प्रतिमा सिंह, गरिमा दसौनी, सोनिया आनंद, जसविंदर सिंह गोगी और जिलाध्यक्ष संजय किशोर सहित अनेक कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में शामिल कांग्रेसजनों ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए एकजुट होकर लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।


प्रदेश में मौसम फिर लेगा करवट, बारिश के साथ बर्फबारी के आसार

देहरादून। प्रदेशभर में आगामी दिनों में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार 15 और 16 अक्टूबर को गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के विभिन्न जनपदों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम में होने वाले इस बदलाव का असर प्रदेश के मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में देखने को मिलेगा।

मौसम निदेशक डॉ.सी.एस. तोमर ने बताया कि आगामी 15 अक्टूबर को गढ़वाल और 16 अक्टूबर को कुमाऊं आपके कुछ जनपद में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। उन्होंने बताया कि 14 अक्टूबर और 15 अक्टूबर को देहरादून, नैनीताल और हरिद्वार समेत मैदानी जनपदों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, 16 अक्टूबर को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जनपदों में भी बारिश देखने को मिल सकती है। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम ठंडा होने के साथ तापमान में गिरावट आने की संभावना है। तोमर ने बताया कि 14 अक्टूबर को 3,800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है और 15 और 16 अक्टूबर को 3,500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है।


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