Friday, May 8th, 2026

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सुवेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री, कल होगा शपथ ग्रहण

Daily Archives: 08/05/2026

सुवेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री, कल होगा शपथ ग्रहण

अमित शाह की मौजूदगी में सुवेंदु अधिकारी के नाम पर लगी मुहर

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग गई है। वरिष्ठ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई इस अहम बैठक में भाजपा विधायकों ने एकमत होकर उनके नाम का समर्थन किया। अब शनिवार को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में नई भाजपा सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा।

बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने सुवेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी विधायकों ने समर्थन दिया। इसके बाद अमित शाह ने औपचारिक रूप से उनके नाम की घोषणा की। शाह ने कहा कि विधायक दल की बैठक में कई प्रस्ताव आए, लेकिन अंततः सभी विधायक एक ही नाम पर सहमत दिखे और सर्वसम्मति से नेता का चयन किया गया।

मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा के आठ विधायकों ने सुवेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव रखा था। विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अब वह पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।

शपथ ग्रहण समारोह को भाजपा ऐतिहासिक आयोजन के रूप में पेश करने की तैयारी में है। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाले कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं। समारोह में करीब 50 हजार लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। तृणमूल शासन के दौरान मारे गए 200 से अधिक कार्यकर्ताओं के परिवारों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।

बैठक से पहले अमित शाह ने कोलकाता स्थित दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद पार्टी नेताओं के साथ सरकार गठन तथा मंत्रिमंडल को लेकर चर्चा की। बताया जा रहा है कि नई सरकार की प्राथमिकताओं और विभागों के बंटवारे पर भी मंथन हुआ।

भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने भाजपा नेताओं के बंगाल नहीं आने के दावे किए थे, उन्हें जनता ने जवाब दे दिया है। उन्होंने कहा कि विधायक दल की बैठक के बाद नेतृत्व को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है।

इस विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है। 294 सदस्यीय विधानसभा में पार्टी ने 206 सीटों पर जीत दर्ज कर पूर्ण बहुमत हासिल किया, जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों तक सिमट गई। 2021 के चुनाव में भाजपा को 77 सीटें मिली थीं, लेकिन इस बार पार्टी ने ऐतिहासिक बढ़त बनाते हुए पहली बार बंगाल में सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया है।


ऋषिकेश प्रसूता मामले में सख्त हुई महिला आयोग की अध्यक्ष, आरोपी की पहचान कर आयोग के समक्ष पेश करने के दिए निर्देश

मजबूरी का लाभ उठाकर किया गया शोषण अक्षम्य, पुलिस आरोपी को शीघ्र चिन्हित कर आयोग के समक्ष करे प्रस्तुत- कुसुम कण्डवाल

​”नारी सम्मान की रक्षा हेतु प्रतिबद्ध महिला आयोग, अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने पीड़िता के उचित उपचार और पुनर्वास के लिए दिए निर्देश”

​ऋषिकेश/टिहरी। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने ऋषिकेश के तपोवन क्षेत्र में एक महिला द्वारा सड़क किनारे बच्ची को जन्म देने की अत्यंत संवेदनशील घटना का स्वतः संज्ञान लिया है। मामले की सूचना मिलते ही अध्यक्ष ने तत्काल राजकीय चिकित्सालय का दौरा किया, जहाँ उन्होंने प्रसूता महिला का कुशलक्षेम जाना और डॉक्टरों को जच्चा-बच्चा के समुचित एवं निशुल्क उपचार हेतु निर्देशित किया। इस दौरान बाल कल्याण समिति, जनपद टिहरी के अध्यक्ष ऋषि कंडवाल भी उनके साथ उपस्थित रहे।

​पूछताछ में महिला ने बताया कि वह मूल रूप से जालंधर की निवासी है और माता-पिता के देहांत के बाद यहाँ एक कैफे में कार्यरत थी। इसी दौरान एक व्यक्ति के साथ बने संबंधों के कारण उसने बेटी को जन्म दिया। जानकारी के अनुसार, स्थानीय नागरिकों और पुलिस की सजगता से महिला को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। अध्यक्ष ने निर्देश दिए हैं कि नवजात बच्ची को बाल कल्याण समिति की कस्टडी में सुरक्षित रखा जाए और पीड़िता के पूर्णतः स्वस्थ होने के पश्चात उसे गरिमापूर्ण आवास हेतु ‘नारी निकेतन’ भेजा जाए। जिसके लिये उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट को निर्देशित किया है।

​अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने मामले में थाना प्रभारी मुनि की रेती व पुलिस प्रशासन को निर्देशित करते हुए कहा कि महिला की विवशता का लाभ उठाने वाले व्यक्ति की गहन जांच व पहचान कर उसे अविलंब चिन्हित किया जाए और आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संवैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत महिलाओं के अधिकारों और उनके सम्मान की रक्षा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। दोषी को कानून के दायरे में लाकर पीड़िता को उचित न्याय दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा।


“ऑपरेशन प्रहार”- अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, पांच आरोपी गिरफ्तार

बसंत विहार के फ्लैट में चल रहा था ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क

देहरादून। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स और देहरादून पुलिस की संयुक्त टीम ने “ऑपरेशन प्रहार” के तहत अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह आईपीएल मैचों पर प्रतिबंधित महादेव और रेडीबुक बैटिंग एप के जरिए करोड़ों रुपये का ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, बसंत विहार क्षेत्र में आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टेबाजी संचालित होने की सूचना मिलने पर एसएसपी देहरादून और एसएसपी एसटीएफ के निर्देश पर संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने 7 मई की रात ऋषि विहार कॉलोनी स्थित एक किराये के फ्लैट में छापेमारी कर ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का खुलासा किया।

कार्रवाई के दौरान पांच आरोपियों को ऑनलाइन सट्टा खिलाते हुए गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी वेबसाइट और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से लोगों को जोड़कर आईपीएल मैचों पर दांव लगवाते थे। पुलिस ने मौके से तीन लैपटॉप, 17 मोबाइल फोन, 22 एटीएम कार्ड, एयरटेल एक्सट्रीम फाइबर कनेक्शन और सट्टेबाजी से जुड़ी डिजिटल सामग्री बरामद की है।

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी रेडीबुक बैटिंग एप के जरिए सट्टा संचालित करते थे। एप की यूजर आईडी और पासवर्ड उन्हें सुमित यादव नामक व्यक्ति उपलब्ध कराता था, जो दिल्ली-गुरुग्राम क्षेत्र में रहता है। पुलिस के मुताबिक, सुमित यादव को यह एक्सेस दुबई से मिलती थी। आरोपी ग्राहकों के लिए अलग-अलग यूजर आईडी बनाकर बैंक खातों में रकम जमा करवाते और ऑनलाइन सट्टेबाजी करवाते थे।

पुलिस जांच में कई बैंक खातों की जानकारी भी सामने आई है, जिनके जरिए करोड़ों रुपये के लेन-देन की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार, जिस फ्लैट से सट्टा संचालन किया जा रहा था वह हरिद्वार निवासी अंकित कुमार का है। यह फ्लैट सुमित यादव ने आरोपियों को किराये पर दिलवाया था। जांच में यह भी सामने आया कि सुमित यादव पहले प्रतिबंधित महादेव बैटिंग एप और उसके संचालकों से जुड़ा रहा है। भारत में महादेव एप पर कार्रवाई के बाद उसने रेडीबुक बैटिंग एप के जरिए नेटवर्क संचालित करना शुरू कर दिया।

गिरफ्तार आरोपियों में सुनील शर्मा, संदीप गुप्ता, संदीप कुमार, अकरंद शर्मा और अभिषेक शर्मा शामिल हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ थाना बसंत विहार में जुआ अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंकिंग रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है तथा गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।


‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो’ की रिलीज डेट का ऐलान, 29 मई को सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म

बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ जल्द ही अपनी नई फिल्म द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो के जरिए दर्शकों का मनोरंजन करते नजर आएंगे। इस फिल्म में वह एक ऐसे दादा की भूमिका निभा रहे हैं, जो अपने पोते की कल्पनाओं की दुनिया में सुपरहीरो बन जाता है। हाल ही में मेकर्स ने फिल्म का नया पोस्टर जारी करते हुए इसकी रिलीज डेट का ऐलान किया है।

निर्माताओं के अनुसार, द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो आगामी 29 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म का निर्देशन मनीष सैनी ने किया है। फिल्म में जैकी श्रॉफ के साथ प्रतीक, भाग्यश्री दसानी, शरत सक्सेना और मिहिर गोडबोले समेत कई कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।

कुछ समय पहले रिलीज हुए फिल्म के टीजर को दर्शकों ने काफी पसंद किया था। टीजर में दादा-पोते के रिश्ते को रोमांच और कल्पनाओं से भरपूर अंदाज में दिखाया गया है, जहां एक बच्चे की सोच साधारण जिंदगी को एलियंस और एडवेंचर से जुड़ी खास दुनिया में बदल देती है।

फिल्म को लेकर जैकी श्रॉफ ने कहा कि यह कहानी बच्चों के सपनों और बुजुर्गों के हौसले को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इंसान की उम्र चाहे कितनी भी हो, अगर उसके भीतर जज्बा और ऊर्जा बनी रहे तो वही असली सुपरहीरो होता है।

(साभार)


मेधावी छात्राओं की बड़ी संख्या बेटियों की प्रगति का प्रमाण : रेखा आर्या

सोमेश्वर डिग्री कॉलेज की वार्षिकोत्सव में मेधावियों को किया सम्मानित

सोमेश्वर/अल्मोड़ा। हुकुम सिंह बोरा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सोमेश्वर में आयोजित वार्षिकोत्सव 2025-26 समारोह में प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मेधावी छात्र-छात्राओं की सूची में छात्राओं की बड़ी संख्या देखकर खुशी होती है। यह शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों की निरंतर प्रगति का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बालिकाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए पूरे मनोयोग से कार्य कर रहे हैं तथा प्रदेश सरकार भी मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि छात्र जीवन में केवल विषयों का अध्ययन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सामाजिक अनुशासन, समर्पण, परिश्रमशीलता और देशभक्ति जैसे गुणों का विकास भी युवाओं में होना जरूरी है।

रेखा आर्या ने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने महाविद्यालय के विकास एवं प्रगति के लिए निरंतर प्रयास किए हैं और जो लक्ष्य अभी अधूरे हैं, उन्हें पूरा करने के लिए आगे भी तत्परता से कार्य किया जाएगा।

इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. एके जोशी, मंडल अध्यक्ष सुंदर राणा, जिला पंचायत सदस्य संतोष कुमार, कुंदन भंडारी, भुवन जोशी, खड़क सिंह नेगी, शंकर बिष्ट, कमल गिरी, धीरज जोशी, सुरेश बोरा, हरीश कुमार, प्रो. कमला धौलाखंडी, डॉक्टर सीपी वर्मा, डॉक्टर कंचन वर्मा, डॉक्टर राकेश पांडे, डॉक्टर भावना, नीरज पांडे, छात्रसंघ अध्यक्ष सलोनी भंडारी सहित छात्रसंघ पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


हॉस्टल के कमरे में मिले दो मजदूरों के खून से लथपथ शव, पुलिस जांच में जुटी

ग्रेटर नोएडा- ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में स्थित एक निर्माणाधीन हॉस्टल में दो लोगों की हत्या से इलाके में हड़कंप मच गया। सीताराम इंस्टिट्यूट के हॉस्टल परिसर के एक कमरे में दोनों के शव खून से लथपथ हालत में मिलने के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि धारदार हथियार से हमला कर दोनों की बेरहमी से हत्या की गई। पुलिस को मौके पर एक अन्य मजदूर भी मिला है, जिसके चलते संदेह जताया जा रहा है कि शराब पार्टी के दौरान किसी विवाद के बाद वारदात को अंजाम दिया गया हो सकता है।

पुलिस के मुताबिक, मृतक हाल ही में निर्माणाधीन बिल्डिंग में माली का काम करने आए थे और वहीं रह रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के मजदूरों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई।

फॉरेंसिक टीम ने कमरे से अहम साक्ष्य जुटाए हैं और पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फिलहाल पुलिस मृतकों की पहचान और हत्या के पीछे की वजह तलाशने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।


मुख्यमंत्री धामी ने श्री केदारनाथ धाम में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड अस्पताल का किया लोकार्पण

“देवभूमि के शिखर पर स्वास्थ्य का नया अध्याय” की भावना से संचालित होगा अस्पताल

उच्च हिमालयी क्षेत्र में श्रद्धालुओं एवं स्थानीय जनमानस को मिलेंगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं

राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार एवं सुधारीकरण की दिशा में निरंतर कार्यरत – मुख्यमंत्री 

रुद्रप्रयाग। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को श्री केदारनाथ धाम में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड हॉस्पिटल का विधिवत लोकार्पण किया। यह अस्पताल स्वामी विवेकानन्द हेल्थ मिशन सोसाइटी द्वारा संचालित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार श्री केदारनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस उच्च हिमालयी क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त अस्पताल का संचालन स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगा। यह अस्पताल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित बनाए रखने हेतु स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। यात्रा मार्ग पर चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वास्थ्य जांच केंद्रों, ऑक्सीजन सुविधाओं एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार स्वस्थ उत्तराखंड समृद्ध उत्तराखंड के सपने को साकार करने के लिए प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार एवं सुधारीकरण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 61 लाख आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं जिसके माध्यम से आज प्रदेश के अंदर लाखों मरीजों को निशुल्क उपचार मिल रहा है इसके साथ ही राज्य के प्रत्येक जनपद में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा केदार के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना भी की। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ धाम केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सेवा एवं मानवता का भी प्रतीक है और इसी भावना के साथ सरकार देवभूमि में स्वास्थ्य एवं जनसुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में उपस्थित विधायक केदारनाथ श्रीमती आशा नौटियाल ने कहा कि यह अस्पताल सेवा, समर्पण एवं जनकल्याण का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो भविष्य में लाखों श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस अवसर पर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय खन्ना, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश सोनी, विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक दिनेश चंद्र, बद्री केदार मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, बद्री केदार उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, श्री केदार सभा के अध्यक्ष पं. राजकुमार तिवारी, ब्लॉक प्रमुख ऊखीमठ पंकज शुक्ला, जिला पंचायत सदस्य अमित मेंखडी, महा मंत्री अकिंत सेमवाल, संजय तिवारी, , जिला पंचायत सदस्य सुबोध बगवाड़ी, केशव बहुगुणा, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक निहारिक तोमर, उप जिलाधिकारी कृष्णा त्रिपाठी, कर्नल अजय कोटियाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।


दिव्यांगजनों के लिए वरदान बना डीडीआरसी, सैकड़ों को मिला लाभ

सितंबर से अब तक 600 से अधिक यूडीआईडी कार्ड जारी, 250 प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण

देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशन में जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के लिए संचालित योजनाएं अब धरातल पर असर दिखाने लगी हैं। कर्जन रोड स्थित गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में संचालित जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) दिव्यांगजनों के लिए सहारा बनकर उभरा है। केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र, यूडीआईडी कार्ड और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रत्येक बुधवार को गांधी शताब्दी अस्पताल में दिव्यांग बोर्ड के माध्यम से दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा डीडीआरसी द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 8791009301 पर लाभार्थियों को घर बैठे आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है।

जिलाधिकारी की पहल पर सितंबर 2025 में शुरू हुए इस केंद्र में अब तक 600 से अधिक दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड बनाए जा चुके हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 600 नए दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं और 250 प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण भी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2009 से अब तक जनपद देहरादून में 30,739 दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि 1,064 प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण किया गया है।

दून निवासी दिव्यांग लाभार्थी मनोज बहुगुणा ने बताया कि लंबे समय से उन्हें यूडीआईडी कार्ड बनवाने में परेशानी हो रही थी, लेकिन डीडीआरसी में आवेदन करने के बाद उनका कार्ड आसानी से बन गया। उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन और राज्य सरकार का आभार जताया।

जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि पहली बार गांधी शताब्दी अस्पताल में डीडीआरसी संचालन के लिए चार कमरे उपलब्ध कराए गए हैं। केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजनों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से एक वर्ष से कम समय में 600 नए प्रमाण पत्र और यूडीआईडी कार्ड बनाए गए हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि गांधी शताब्दी अस्पताल में प्रत्येक बुधवार और एसडीएच विकासनगर में प्रत्येक मंगलवार को दिव्यांग बोर्ड की सेवाएं दी जा रही हैं। यहां दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करने के साथ लाभार्थियों को अन्य आवश्यक प्रमाणन सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

डीडीआरसी में दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष निशुल्क सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। केंद्र में बच्चों को स्पीच थेरेपी, फिजियोथैरेपी और लर्निंग थेरेपी जैसी सेवाएं दी जा रही हैं, जिससे उनके शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास में सकारात्मक सुधार देखने को मिल रहा है।


राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य, 30 मई अंतिम तिथि

“मेरा ई-केवाईसी” ऐप से घर बैठे पूरी करें प्रक्रिया, बुजुर्गों-दिव्यांगों को बड़ी राहत

देहरादून। राज्य सरकार ने राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है। सभी यूनिट धारकों को 30 मई तक हर हाल में अपनी ई-केवाईसी पूर्ण कराने को कहा गया है, ताकि भविष्य में राशन प्राप्ति में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सरकार द्वारा नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर के माध्यम से “मेरा ई-केवाईसी” ऐप तैयार किया गया है। इस ऐप की मदद से बुजुर्ग, दिव्यांग एवं असहाय राशन कार्ड धारक घर बैठे ही अपनी ई-केवाईसी आसानी से पूरी कर सकते हैं। ऐप में आधार संख्या, पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी और फेस रिकॉग्निशन के जरिए सरल प्रक्रिया अपनाई गई है।

आंकड़ों के अनुसार, सफेद राशन कार्ड धारकों में 72 प्रतिशत ई-केवाईसी पूर्ण हो चुकी है। कुल 9,58,624 धारकों में से 6,91,086 लाभार्थियों ने प्रक्रिया पूरी कर ली है। वहीं, पीले राशन कार्ड धारकों में अब तक 40 प्रतिशत ई-केवाईसी पूरी हुई है। कुल 5,03,316 में से 1,98,241 धारकों ने अपनी ई-केवाईसी कराई है।

जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने बताया कि “मेरा ई-केवाईसी” ऐप के माध्यम से छूटे हुए लाभार्थी भी आसानी से प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। विशेष रूप से जो लोग राशन की दुकान तक पहुंचने में असमर्थ हैं, उनके लिए यह ऐप काफी उपयोगी साबित हो रहा है। उन्होंने सभी राशन कार्ड धारकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी ई-केवाईसी अवश्य पूर्ण कर लें, ताकि उन्हें सरकारी खाद्यान्न का लाभ निरंतर मिलता रहे।


कानून का दुरुपयोग कर निर्दोषों को फंसाने वालों के विरुद्ध होगी कठोरतम कार्यवाही- कुसुम कण्डवाल

चम्पावत में नाबालिग से कथित दुष्कर्म प्रकरण में पुलिस की एसआईटी जांच में हुआ बड़े षड्यंत्र का खुलासा, व्यक्तिगत रंजिश हेतु नाबालिग के इस्तेमाल पर महिला आयोग सख्त

प्रथम वार्ता में ही एसपी रेखा यादव ने अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल को दी थी मामले के संदिग्ध होने की जानकारी; आयोग की निरंतर निगरानी में सामने आया सच

चम्पावत/देहरादून। जनपद चम्पावत के कथित नाबालिग से दुष्कर्म प्रकरण में पुलिस की एसआईटी (SIT) जांच के उपरांत सामने आए तथ्यों पर उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अध्यक्ष ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने तत्काल एसपी चम्पावत रेखा यादव से दूरभाष पर वार्ता कर वस्तुस्थिति की समीक्षा की थी। उस प्रथम वार्ता के दौरान ही एसपी रेखा यादव ने अध्यक्ष को अवगत कराया था कि घटना के प्राथमिक साक्ष्य और परिस्थितियां मेल नहीं खा रहे हैं, जिससे प्रकरण में किसी गहरे षड्यंत्र की प्रबल आशंका है। अध्यक्ष के स्पष्ट निर्देश थे कि जांच की निष्पक्षता और वैज्ञानिक शुद्धता से कोई समझौता न किया जाए। पुलिस व जांच टीमों द्वारा तकनीकी विवेचना सीसीटीवी फुटेज, सीडीआर और फॉरेंसिक रिपोर्ट के सूक्ष्म विश्लेषण के माध्यम से यह प्रमाणित हो गया कि पूरी घटना रंजिश के तहत बुना गया एक निंदनीय षड्यंत्र थी।

​विवेचना के दौरान यह अत्यंत विचलित करने वाला तथ्य सामने आया कि कमल रावत नामक व्यक्ति ने अपने व्यक्तिगत प्रतिशोध और रंजिश की पूर्ति हेतु एक नाबालिग बालिका की मासूमियत का दुरुपयोग किया। अध्यक्ष ने इस कृत्य की घोर निंदा करते हुए कहा कि “एक नाबालिग को झूठा प्रलोभन देकर और उसे बहला-फुसलाकर जघन्य अपराध का मोहरा बनाना न केवल कानूनी रूप से अपराध है, बल्कि यह उस बालिका के भविष्य और समाज की नैतिक चेतना पर भी गहरा प्रहार है।” निजी बदले के लिए कानून को ढाल बनाकर निर्दोष व्यक्तियों को सामाजिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की यह कोशिश सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है।

​अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने स्पष्ट किया कि महिला आयोग जहाँ महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के लिए चट्टान की तरह खड़ा है, वहीं वह कानून के इस प्रकार के दुस्साहसिक दुरुपयोग के विरुद्ध भी उतनी ही कठोरता से कार्यवाही सुनिश्चित करेगा। आयोग ने पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि चूंकि अब यह सिद्ध हो चुका है कि मामला पूर्णतः मनगढ़ंत था, अतः मुख्य षड्यंत्रकारी कमल रावत और इस साजिश में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से संलिप्त सभी व्यक्तियों के विरुद्ध विधि के अनुसार ऐसी कठोरतम कार्यवाही की जाए जो भविष्य के लिए एक मिसाल बने।

​आयोग की अध्यक्ष ने यह भी कहा कि न्याय की शुचिता बनाए रखना आयोग का संवैधानिक दायित्व है और वह इस पूरे मामले के अंतिम विधिक निस्तारण तक अपनी पैनी नजर बनाए रखेगा। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित की जानी चाहिए जो व्यक्तिगत रंजिश और साजिशों के माध्यम से देवभूमि के शांत वातावरण और सौहार्दपूर्ण माहौल को खराब करने का कुप्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार और महिला आयोग महिला सुरक्षा के विषय पर अत्यंत संवेदनशील हैं; अतः किसी भी बेटी के सम्मान, निर्दोष की गरिमा और कानून की मर्यादा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।


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