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प्रेम प्रसंग बना मौत की वजह, युवक की गोली मारकर हत्या, प्रेमिका समेत तीन लोग हिरासत में

Daily Archives: 02/05/2026

प्रेम प्रसंग बना मौत की वजह, युवक की गोली मारकर हत्या, प्रेमिका समेत तीन लोग हिरासत में

रेस्टोरेंट बुलाकर रची साजिश? युवक की हत्या से मचा हड़कंप

बिहार। दरभंगा के लहेरियासराय थाना क्षेत्र में प्रेम संबंध से जुड़ा एक चौंकाने वाला हत्याकांड सामने आया है, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी है। निजी अस्पताल में कार्यरत युवक मो. अरमान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवती, उसके पिता और भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, अरमान की मुलाकात एक युवती से अस्पताल में हुई थी, जहां वह अपनी कैंसर पीड़ित मां का इलाज कराने आती थी। इलाज के दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। युवती की मां के डिस्चार्ज होने के बाद भी अरमान ड्रेसिंग के बहाने उसके घर जाता रहा, जिससे दोनों की नजदीकियां बढ़ती गईं। हालांकि, युवती के परिवार को यह रिश्ता मंजूर नहीं था और वे इसका विरोध कर रहे थे।

परिजनों का आरोप है कि घटना वाले दिन युवती ने बार-बार फोन कर अरमान को एक रेस्टोरेंट में बुलाया। शाम के बाद अचानक उसका मोबाइल बंद हो गया, जिससे परिवार को शक हुआ। जब परिजनों ने युवती से संपर्क करने की कोशिश की तो उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली।

बताया जा रहा है कि दोनों के बीच करीब एक साल से संबंध थे, लेकिन हाल के दिनों में अरमान इस रिश्ते से दूरी बनाना चाहता था। इसी बीच रेस्टोरेंट से निकलने के बाद कुछ युवकों ने उसका पीछा किया और नाका नंबर-6 के पास उसे घेरकर मारपीट की। इसके बाद उसे नजदीक से गोली मार दी गई।

शनिवार को अरमान का शव भिगो मोहल्ले के मुर्दहिया गाछी से बरामद हुआ, जबकि उसकी बाइक मौके से गायब बताई जा रही है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर घटना के पीछे की सच्चाई पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।


सार्वजनिक स्थान पर उत्पात मचाकर शांति व्यवस्था भंग करने वाले 03 अभियुक्तो को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार

सार्वजनिक स्थान पर हुडदंग करने वालों को दून पुलिस ने पढाया कानून का पाठ

देहरादून। देहरादून में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत पुलिस ने शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तेज कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पूरे जनपद में लगातार चेकिंग और सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

इसी अभियान के तहत कोतवाली नगर क्षेत्र के खुडबुड़ा मंडी के पास दो पक्षों के बीच जमकर विवाद हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां दोनों पक्ष आपस में गाली-गलौच और मारपीट पर उतारू थे। पुलिस ने स्थिति को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन दोनों पक्षों के लोग उग्र होते चले गए।

हालात बिगड़ते देख और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने दोनों पक्षों से तीन युवकों को हिरासत में लेकर धारा 170 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की। गिरफ्तार किए गए युवकों में आर्यन कुमार, अनुष साहनी और सूरज शामिल हैं, जिनकी उम्र 18 से 19 वर्ष के बीच बताई जा रही है।

पुलिस का कहना है कि जनपद में “ऑपरेशन प्रहार” के तहत ऐसे तत्वों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और आम लोगों को सुरक्षित माहौल मिल सके।


राज्य के प्रत्येक विकासखंड में बालिकाओं के लिए एक-एक छात्रावास बनाया जाएगा- मुख्यमंत्री

15 जून तक सीएम घोषणाओं के लंबित शासनादेश जारी होंगे

देहरादून। मुख्यमंत्री घोषणाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा उनकी प्रभावी निगरानी के लिए प्रोग्राम इवैल्यूएशन एंड रिव्यू टेक्निक (पी.ई.आर.टी.) चार्ट तैयार किया जाए। बिजली, पेयजल, वनाग्नि, मानव-वन्यजीव संघर्ष तथा सड़क से संबंधित समस्याओं का विभागों द्वारा यथाशीघ्र समाधान किया जाए। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

विधायकगणों द्वारा अपने क्षेत्रों की जिन समस्याओं को उठाया जा रहा है, अधिकारी उन्हें गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान करें। जिन घोषणाओं के अभी तक शासनादेश जारी नहीं हुए हैं, उन्हें 15 जून 2026 तक जारी किया जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय से जनसमस्याओं का समाधान करें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्रों यमकेश्वर, पौड़ी, श्रीनगर, चौबट्टाखाल, लैंसडाउन और कोटद्वार की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को ये निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रत्येक विकासखंड में बालिकाओं के लिए एक-एक छात्रावास बनाया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक ब्लॉक में छात्राओं की सर्वाधिक संख्या वाले विद्यालयों को चिन्हित करते हुए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। उन्होंने कहा कि रघुनाथ मंदिर, कोट ब्लॉक स्थित लक्ष्मण मंदिर तथा फलस्वाड़ी स्थित सीता माता मंदिर को धार्मिक सर्किट के रूप में भव्यता से विकसित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकगणों द्वारा केंद्रीय विद्यालय संगठन खोलने के लिए दिए जा रहे प्रस्तावों पर शिक्षा विभाग तथा संबंधित जिलाधिकारी केंद्र सरकार के मानकों के अनुरूप सभी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें, ताकि प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे जाने पर उन्हें शीघ्र स्वीकृति मिल सके।युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पौड़ी में मल्टीपरपज हॉल बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विधायकगणों द्वारा बैठक में उठाई गई समस्याओं का संबंधित विभागीय सचिव प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित रोपवे प्रकरणों की अलग से समीक्षा की जाए। साथ ही पार्किंग की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाए तथा सरकारी कार्यालयों में नियमित रूप से सोलर पैनल लगाए जाएं।

बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ. धन सिंह रावत, विधायक श्रीमती रेनू बिष्ट, राजकुमार पोरी, दलीप सिंह रावत, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, रविनाथ रमन, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, रणवीर सिंह चौहान, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष तथा वर्चुअल माध्यम से गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय और जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति भदौरिया उपस्थित थे।


कानपुर में युवक की हत्या कर शव शुक्लागंज में फेंका, दो आरोपी गिरफ्तार

कानपुर- उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक युवक की हत्या कर शव को उन्नाव के शुक्लागंज क्षेत्र में फेंकने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मृतक मोनू और आरोपी एक ही काम से जुड़े हुए थे। आरोपियों के मुताबिक, मोनू अक्सर उनके साथ गाली-गलौज करता था, मारपीट करता था और धमकाकर उनसे अपना काम पहले करवाता था। इतना ही नहीं, वह कमाई में भी ज्यादा हिस्सा ले लेता था, जिससे दोनों आरोपी उससे नाराज थे।

इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने साजिश रची। उन्होंने मोनू को मिलने के लिए बुलाया, उसे शराब पिलाई और फिर उसकी आंखों में फॉग स्प्रे डाल दिया। जब वह तड़पने लगा तो आरोपियों ने पीछे से डंडे से हमला कर उसकी हत्या कर दी।

हत्या के बाद आरोपियों ने शव को ऑटो में डालकर उन्नाव के शुक्लागंज इलाके में फेंक दिया और फरार हो गए। मामले की जांच करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को गोरा कब्रिस्तान के पास से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।


आजमगढ़ में पत्नी की हत्या कर फरार हुआ पति, घर में मिला शव

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के निजामाबाद थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां एक युवक ने कथित रूप से अपनी पत्नी की हत्या कर दी और शव को घर के अंदर छोड़कर फरार हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है।

मिली जानकारी के अनुसार, रसीदगंज चौकी अंतर्गत ग्राम रानीपुर के मिल्कीपट्टी गांव निवासी अर्जुन बनवासी पर आरोप है कि उसने अपनी 22 वर्षीय पत्नी चिंता देवी की बीती रात बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने शव को चारपाई पर कंबल से ढककर कमरे का दरवाजा बंद कर दिया और मौके से फरार हो गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय घर से विवाद और मारपीट की आवाजें आ रही थीं, लेकिन किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया। बताया जा रहा है कि आरोपी उस समय नशे में था और उसी दौरान यह वारदात हुई।

सुबह जब घटना की जानकारी ग्राम प्रधान के माध्यम से पुलिस को मिली, तो तुरंत पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी की यह दूसरी शादी थी। पुलिस अधिकारी के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी पति की तलाश जारी है।

घटना के बाद मृतका के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और गांव में भी माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।


सिर्फ ज्यादा पानी नहीं, सही तरीके से पीना भी है जरूरी, जानें सही तरीका और जरूरी टिप्स

गर्मियों की तपती धूप और बढ़ते तापमान के बीच शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए हाइड्रेशन बेहद जरूरी हो जाता है। इस मौसम में पसीना ज्यादा निकलने से शरीर में पानी की कमी तेजी से होने लगती है, जिससे थकान, चक्कर और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में सिर्फ ज्यादा पानी पीना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उसे सही तरीके से और सही समय पर पीना भी उतना ही अहम है।

अक्सर देखा जाता है कि लोग एक बार में अधिक मात्रा में पानी पी लेते हैं, लेकिन इससे शरीर को पूरा लाभ नहीं मिल पाता। विशेषज्ञों के अनुसार, पानी पीने का तरीका और समय, दोनों ही शरीर की सेहत पर सीधा असर डालते हैं। अगर आप गर्मी में फिट और तरोताजा रहना चाहते हैं, तो पानी पीने की आदतों में थोड़ा बदलाव करना जरूरी है।

पानी पीने का सही तरीका क्या है?

सबसे बेहतर तरीका यह है कि दिनभर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पिया जाए। इससे शरीर पानी को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाता है और लंबे समय तक हाइड्रेटेड रहता है। एक साथ अधिक पानी पीने से शरीर उसे जल्दी बाहर निकाल देता है, जिससे अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता।

सुबह की शुरुआत पानी से करें
सुबह उठते ही 1 से 2 गिलास पानी पीना शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है। इससे शरीर की अंदरूनी सफाई होती है और मेटाबॉलिज्म सक्रिय होता है, जिससे दिनभर ऊर्जा बनी रहती है।

खाने के तुरंत बाद पानी से बचें
भोजन के तुरंत बाद पानी पीने से पाचन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इससे डाइजेस्टिव जूस कमजोर पड़ते हैं और खाना ठीक से नहीं पचता। इसलिए खाने के करीब आधे घंटे बाद पानी पीना बेहतर होता है।

बहुत ठंडा पानी नुकसानदायक
तेज गर्मी में फ्रिज का बर्फ जैसा ठंडा पानी पीना राहत तो देता है, लेकिन इससे गले और पाचन पर असर पड़ सकता है। खासकर धूप से आने के तुरंत बाद ठंडा पानी पीने से बचना चाहिए। सामान्य या हल्का ठंडा पानी ज्यादा सुरक्षित होता है।

प्यास लगने का इंतजार न करें
प्यास लगना शरीर में पानी की कमी का संकेत है। इसलिए नियमित अंतराल पर पानी पीते रहना चाहिए। इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ जैसे पेय भी शरीर को ठंडक और जरूरी पोषण देते हैं।

नोट: यह जानकारी विभिन्न स्वास्थ्य रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार की गई है।

(साभार)


दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन: अंतरराज्यीय कार चोरी गिरोह का भंडाफोड़, 31 लग्जरी गाड़ियां बरामद

नई दिल्ली- दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने वाहन चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके कब्जे से 31 लग्जरी गाड़ियां बरामद की गई हैं।

पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह खासतौर पर महंगी गाड़ियों को निशाना बनाता था और मांग के अनुसार चोरी करता था। चोरी के बाद वाहनों के चेसिस नंबर में बदलाव कर दिए जाते थे और फर्जी दस्तावेजों के जरिए उन्हें दोबारा रजिस्टर कर पूरे देश में बेच दिया जाता था।

क्राइम ब्रांच के डीसीपी आदित्य गौतम ने बताया कि यह कार्रवाई इंटर-स्टेट सेल की टीम ने की है। टीम में सब-इंस्पेक्टर राजेंद्र ढाका, एएसआई प्रवीण और हेड कांस्टेबल मोनित की अहम भूमिका रही। उनकी मेहनत से गिरोह का नेटवर्क उजागर हुआ और बड़ी संख्या में चोरी की गाड़ियां बरामद की जा सकीं।

बरामद वाहनों में टोयोटा फॉर्च्यूनर, इनोवा, महिंद्रा थार और स्कॉर्पियो जैसी महंगी एसयूवी शामिल हैं। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में बिलासपुर लाइसेंसिंग अथॉरिटी का एक कर्मचारी भी शामिल है, जो फर्जी दस्तावेज तैयार करने में मदद करता था।

पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, ताकि इस पूरे रैकेट को पूरी तरह खत्म किया जा सके।


चुनाव आयोग को नियुक्ति के पूरे अधिकार, टीएमसी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका

केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती पर विवाद, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज की

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना से ठीक पहले सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस को राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने चुनाव आयोग के उस फैसले में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया, जिसमें मतगणना के लिए केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

सुनवाई के दौरान भारत निर्वाचन आयोग ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि 13 अप्रैल के जारी सर्कुलर का पूरी तरह पालन किया जाएगा। इसके बाद अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी नए आदेश की आवश्यकता नहीं है और आयोग को नियुक्तियों का पूरा अधिकार है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि मतगणना केंद्रों पर सभी राजनीतिक दलों के एजेंट मौजूद रहते हैं, इसलिए यह मायने नहीं रखता कि पर्यवेक्षक केंद्र सरकार का अधिकारी है या राज्य सरकार का। न्यायालय के अनुसार, अधिकारियों की नियुक्ति चुनाव आयोग के विवेक पर निर्भर करती है।

दरअसल, यह विवाद मतगणना के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर खड़ा हुआ था। आयोग ने निर्देश दिया था कि वोटों की गिनती में केंद्रीय कर्मचारियों को पर्यवेक्षक बनाया जाएगा, जिसका तृणमूल कांग्रेस ने विरोध किया। पार्टी का कहना था कि इस प्रक्रिया में राज्य सरकार के कर्मचारियों को भी समान रूप से शामिल किया जाना चाहिए।

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने टीएमसी की ओर से दलील रखते हुए कहा कि आयोग के सर्कुलर में केवल केंद्रीय कर्मचारियों की नियुक्ति का स्पष्ट उल्लेख नहीं है और राज्य कर्मियों को बाहर रखना उचित नहीं है।

हालांकि, कोर्ट ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया और कहा कि नियमों के तहत आयोग को यह अधिकार है कि वह केंद्र या राज्य, किसी भी स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति कर सकता है। अदालत ने यह भी साफ किया कि आयोग का निर्णय नियमों के अनुरूप है और उसमें हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता।


जालंधर में जिम के अंदर महिला ट्रेनर से छेड़छाड़, रिसोर्ट मालिक गिरफ्तार

जालंधर- पंजाब के जालंधर में महिला सुरक्षा से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां 66 फुटी रोड स्थित एक रिसोर्ट के मालिक को जिम में महिला ट्रेनर के साथ कथित छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान हनी रंधावा के रूप में हुई है।

मिली जानकारी के अनुसार, घटना रात करीब 8 बजे की है जब आरोपी जिम पहुंचा। आरोप है कि उसने अचानक पीछे से महिला ट्रेनर को पकड़ लिया। पीड़िता द्वारा विरोध करने पर भी आरोपी नहीं रुका और उसके साथ अशोभनीय हरकतें कीं। इस दौरान जिम में मौजूद अन्य लोगों में हड़कंप मच गया।

घटना के बाद पीड़िता ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को जिम से ही हिरासत में ले लिया। बाद में महिला से छेड़छाड़ से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस घटना के बाद शहर में एक बार फिर महिला सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है।


इंडियन प्रीमियर लीग 2026- चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के बीच मुकाबला आज

यह मुकाबला चेन्नई के एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में शनिवार को चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद अहम है, क्योंकि प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए जीत जरूरी हो गई है। पिछले मैच में चेन्नई ने मुंबई को एकतरफा अंदाज में हराया था, ऐसे में इस बार हार्दिक पांड्या की कप्तानी वाली मुंबई बदला लेने के इरादे से उतरेगी।

दोनों टीमों का इस सीजन प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है, जिससे यह मुकाबला अब प्रतिष्ठा से ज्यादा अस्तित्व की लड़ाई बन गया है। ऋतुराज गायकवाड़ की अगुआई वाली चेन्नई की टीम बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में निरंतरता के लिए जूझ रही है। खासतौर पर मध्य ओवरों में टीम कमजोर नजर आई है, जबकि गेंदबाज दबाव के समय प्रभाव छोड़ने में असफल रहे हैं।

वहीं, मुंबई इंडियंस की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है। शीर्ष क्रम ने कुछ मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन मध्यक्रम की कमजोरी और गेंदबाजी की अस्थिरता टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। जसप्रीत बुमराह और ट्रेंट बोल्ट जैसे अनुभवी गेंदबाज भी निर्णायक मौकों पर टीम को बढ़त दिलाने में संघर्ष करते दिखे हैं।

सबकी नजरें महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा पर भी टिकी हैं। धोनी पिंडली में खिंचाव के कारण अब तक इस सीजन में नहीं खेल पाए हैं और उनकी वापसी को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है। वहीं रोहित शर्मा भी हैमस्ट्रिंग चोट से उबर रहे हैं और उनके खेलने पर अंतिम फैसला मैच से पहले लिया जाएगा।

यह मुकाबला चेन्नई के एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां की परिस्थितियां आमतौर पर चेन्नई के पक्ष में मानी जाती हैं। मैच भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस 7:00 बजे होगा। दर्शक इस मुकाबले का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स चैनलों पर देख सकते हैं, जबकि लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार ऐप पर उपलब्ध रहेगी।


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