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फिर रिकार्ड तोड़ेगी चारधाम यात्रा- महाराज

Daily Archives: 07/05/2026

फिर रिकार्ड तोड़ेगी चारधाम यात्रा- महाराज

जीएमवीएन के गेस्ट हाउसों की अब तक की बुकिंग नौ करोड़ के पार: महाराज

अभी तक 30 लाख से अधिक श्रद्धालु करवा चुके हैं पंजीकरण

देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, लोक निर्माण, सिंचाई एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की तादाद में काफी वृद्धि होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से बड़ी संख्या में यात्री अपना पंजीकरण करवा रहे हैं और यात्रा मार्गो पर स्थित जीएमवीएन के गेस्ट हाउसों की बुकिंग में लगातार इजाफा हो रहा है उसे देखकर संभावना है कि इस बार भी चारधाम यात्रा पिछले वर्ष के रिकॉर्ड को तोड़ेगी।

पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि चारधाम यात्रा मार्गो पर स्थित जीएमवीएन के गेस्ट हाउसों के लिए श्रद्धालुओं ने 16 फरवरी 2026 से आनलाइन बुकिंग करवानी प्रारंभ कर दी थी। उन्होंने कहा कि अभी तक चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं ने 9940124.11 (नौ करोड़ नौ लाख चालीस हजार एक सौ चौबीस) की बुकिंग करवा ली है और यह आंकड़ा लगातार बढता जा रहा है। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 06 मार्च 2026 से ऑनलाइन और 17 अप्रैल 2026 से ऑफलाइन पंजीकरण के तहत अभी तक कुल 30 लाख से अधिक यात्री अपना पंजीकरण करवा चुके हैं और 9 लाख के लगभग श्रृद्धालु दर्शनों का लाभ उठा चुके हैं।

पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री महाराज ने चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी यात्रियों से अनुरोध किया है कि वह अपनी यात्रा सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सरकार की गाइड लाइन का पालन करें। ऑनलाइन पंजीकरण के लिए`registrationandtouristcare.uk.gov.in या TouristCare UK मोबाइल ऐप से और ऑफलाइन पंजीकरण ऋषिकेश, हरिद्वार, विकासनगर में खुले काउंटरों पर करवा सकते हैं। यात्रा के दौरान QR कोड चेकपोस्ट पर स्कैन होगा और बिना पंजीकरण वाले यात्रियों को वापस भेजा जाएगा। इसलिए पंजीकरण के बिना यात्रा ना करें। 50 साल उम्र वाले हेल्थ स्क्रीनिंग सेंटर पर जांच अवश्य कराएं। अस्थमा, हृदय रोग, हाई BP वाले यात्री डॉक्टर की सलाह के बाद ही यात्रा पर आएं। केदारनाथ-बद्रीनाथ अत्यधिक ऊंचाई पर हैं। इसलिए रास्ते में दो-चार दिन रुक कर शरीर को मौसम के अनुकूल बनाते हुए ही अपनी यात्रा पूरी करें। मंदिर परिसरों में मोबाइल से वीडियो-रील बनाने पर रोक है। यात्रा के समय आधार/वोटर ID रखना अनिवार्य है। पहाड़ों का मौसम मौसम कभी भी बदल सकता है इसलिए गर्म कपड़े और रेनकोट अपने साथ अवश्य रखें। उन्होंने यात्रा के दौरान कुड़े को डस्टबिन में डालने और प्लास्टि को इस्तेमाल ना करने की भी सलाह दी है।


मानसून शुरू होने से पूर्व सभी सड़के हों गड्ढामुक्त- मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन

मुख्य सचिव ने आगामी मानसून सीजन को लेकर विभागों एवं जनपदों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में आगामी मानसून सीजन को लेकर विभागों एवं जनपदों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सभी विभागों को मानसून पूर्व तैयारियां समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि मानसून के दौरान जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि मानसून के दौरान आगामी कुछ महीने अत्यंत संवेदनशील एवं चुनौतीपूर्ण रहेंगे। वर्तमान में चारधाम यात्रा भी संचालित हो रही है, ऐसे में सभी रेखीय विभागों को 24×7 अलर्ट मोड में कार्य करना होगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पूर्व सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करते हुए क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत पूरी कर ली जाए।

बिजली एवं पेयजल विभाग को विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों तथा पेयजल लाइनों की पूर्व मरम्मत एवं रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि मानसून अवधि में विद्युत एवं जलापूर्ति अधिक समय तक प्रभावित न हो। उन्होंने शहरी विकास विभाग, नगर निकायों तथा जिलाधिकारियों को नालों एवं नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव की स्थिति किसी भी दशा में उत्पन्न नहीं होनी चाहिए तथा नदी-नालों के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा उत्पन्न करने वाले अवरोधों एवं अतिक्रमणों को हटाया जाए। उन्होंने कहा कि कामचलाऊ व्यवस्थाओं से बचते हुए गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित किए जाएं।

मुख्य सचिव ने राज्य में नदी तटीय क्षेत्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए नदियों के चैनलाइजेशन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि नदी मार्ग में जमा आरबीएम को हटाया जाए ताकि नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित न हो और कटाव से आबादी एवं आधारभूत संरचनाओं को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संसाधनों की कोई कमी नहीं रखी जाएगी, इसलिए सभी विभाग अपने दायित्वों का समयबद्ध निर्वहन सुनिश्चित करें। संवेदनशील स्थलों पर सड़क खोलने हेतु जेसीबी मशीनों की अग्रिम तैनाती की जाए तथा बैली ब्रिज का पर्याप्त भंडारण रखा जाए। साथ ही बाढ़ संभावित क्षेत्रों में नाव एवं बोट की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने विभागीय तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में विभिन्न रेखीय विभागों के नोडल अधिकारियों की तैनाती की जा चुकी है तथा मानसून अवधि के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। बैठक में विशेष सचिव पराग मुधकर धकाते, सचिव पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव एल फैनई, सचिव सचिन कुर्वे, बीके संत, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, सचिव खाद्य आनंद स्वरूप, सूचना निदेशक बंशीधर तिवारी, एसीईओ प्रशासन महावीर सिंह चैहान, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, वित्त नियंत्रक अभिषेक कुमार आनंद, जेसीईओ मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी आदि मौजूद रहे।

आवश्यक सामग्री का भण्डारण किया जाए, न हो कोई कमी

मुख्य सचिव आंनद बर्द्धन ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को गैस, राशन, खाद्यान्न, डीजल एवं पेट्रोल सहित आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में राहत सामग्री एवं खाद्य सामग्री के वितरण हेतु पूर्व से विस्तृत रणनीति तैयार की जाए ताकि दूरस्थ क्षेत्रों तक त्वरित सहायता पहुंचाई जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को मानसून अवधि के दौरान संभावित संक्रामक एवं जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभी से फॉगिंग अभियान चलाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट मोड में रखने को कहा। साथ ही हेली एम्बुलेंस सेवाओं को भी तैयार रखने के निर्देश दिए गए ताकि आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

क्रियाशील रहें हाइड्रोमेट के सेंसर, नियमित टेस्टिंग जरूरी

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने हाइड्रोमेट सिस्टम, सेंसर तथा सेटेलाइट फोन का नियमित परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसम संबंधी चेतावनियां व अलर्ट आमजन तक त्वरित रूप से पहुंचना अत्यंत आवश्यक है, ताकि लोग समय रहते आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठा सकें। उन्होंने सचेत एप तथा सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक के अधिकाधिक उपयोग पर विशेष जोर दिया।

फेक वीडियो प्रसारित करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने आपदा संबंधी भ्रामक एवं फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने पर सख्त नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की भ्रामक सूचनाएं आमजन में अनावश्यक भय एवं भ्रम की स्थिति उत्पन्न करती हैं, जिससे आपदा प्रबंधन कार्य प्रभावित होते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत ऐसे मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

03 डाॅप्लर रडार संचालित, 03 और लगेंगे

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 525 हाइड्रोमेट सेंसर सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं, जिनके माध्यम से विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में 03 डॉप्लर वेदर रडार स्थापित हैं तथा 03 अतिरिक्त डॉप्लर रडार स्थापित किए जाने प्रस्तावित हैं, जिससे मौसम पूर्वानुमान प्रणाली और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने जानकारी दी कि पिथौरागढ़ में आरएसआरडब्ल्यू (रेडियो सांडे, रेडिया विंड) की स्थापना की जानी प्रस्तावित है।

इसके स्थापित होने से पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम की गतिविधियों का अधिक सटीक एवं स्थानीय स्तर पर पूर्वानुमान प्राप्त हो सकेगा, जिससे समय रहते चेतावनी जारी कर जनहानि एवं नुकसान को कम करने में सहायता मिलेगी।


लंबित पेयजल योजनाएं जल्द पूरी हों, हर घर तक पहुंचे स्वच्छ जल- सीडीओ

हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने पर जोर, मानसून से पहले गुणवत्ता जांच पूरी करने के निर्देश

डोईवाला में पेयजल गुणवत्ता जांच कार्य शुरू न होने पर सीडीओ सख्त, मांगा स्पष्टीकरण

सीडीओ का निर्देश- नल जल मित्रों को जिम्मेदारी के साथ दिया जाए मानदेय

ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक वेस्ट उठान के लिए तय हो रूट और वाहन व्यवस्था

जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की समीक्षा-सीडीओ ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

देहरादून। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजल योजनाओं की धीमी प्रगति और गुणवत्ता जांच में लापरवाही पर सख्त नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित योजनाओं का कार्य शीघ्र पूरा कर हर घर जल सर्टिफिकेशन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मानसून से पहले सभी विकासखंडों में पेयजल गुणवत्ता जांच पूर्ण करने, ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समितियों का तत्काल पुनर्गठन करने तथा नल जल मित्रों को योजनाओं के रखरखाव में सक्रिय भूमिका देने के निर्देश दिए।

गुरुवार को विकास भवन सभागार में आयोजित जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य केवल योजनाओं का निर्माण और हैंडओवर करना नहीं, बल्कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों से फेस-2 की अवशेष योजनाओं को तेजी से पूरा कराने और पूर्ण योजनाओं का थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन कराते हुए हर घर जल सर्टिफिकेशन सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में पिछली समीक्षा के निर्धारित लक्ष्य पूरे न होने तथा विकासखंड डोईवाला में पेयजल गुणवत्ता जांच शुरू न किए जाने पर सीडीओ ने संबंधित इंजीनियरों से स्पष्टीकरण तलब किया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि मानसून से पहले सभी गांवों में पानी की गुणवत्ता जांच और सर्टिफिकेशन का कार्य हर हाल में पूरा किया जाए।

मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समितियों का पुनर्गठन कर इसकी रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जाए। नल जल मित्र कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित युवाओं को मास्टरोल आधार पर मानदेय तय करते हुए पेयजल योजनाओं के रखरखाव का कार्य आवंटित किया जाए। साथ ही उन्हें जल गुणवत्ता परीक्षण किट के उपयोग का प्रशिक्षण देकर नियमित पानी जांच सुनिश्चित करने को कहा। दूसरे बैच के चयन और प्रशिक्षण प्रक्रिया को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में गोरछा पेयजल योजना में चल रहे विवाद के निस्तारण के लिए समिति से विस्तृत आख्या तत्काल उपलब्ध कराने को कहा गया। वहीं स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा शौचालय निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए सीडीओ ने ब्लॉक स्तर पर प्लास्टिक वेस्ट संग्रहण के लिए रूट चार्ट तैयार कर वाहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से प्लास्टिक निष्पादन की प्रभावी व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि फेस-2 के तहत जनपद की 760 योजनाओं में से 734 पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 26 योजनाएं बजट के अभाव में लंबित हैं। 165 योजनाओं में से 160 का थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन किया जा चुका है तथा 121 योजनाओं का वित्तीय क्लोजर भी पूरा कर लिया गया है। पेयजल गुणवत्ता जांच के लिए 635 गांवों में से 117 गांवों में परीक्षण कार्य किया गया है। वहीं 628 गांवों में से 585 गांवों में हर घर जल सर्टिफिकेशन पूरा हो चुका है, जबकि 43 गांवों में कार्य शेष है।

नल जल मित्र कार्यक्रम के तहत प्रथम चरण में 42 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया है और दूसरे बैच के चयन की प्रक्रिया जारी है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में 308 व्यक्तिगत तथा 21 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया गया है। वहीं ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत 28 यूनिट स्थापना का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।

बैठक में जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान ग्रामीण नमित रमोला, अधीक्षण अभियंता जल निगम निशा सिंह, अधिशासी अभियंता रविंद्र बिष्ट, राजेन्द्र पाल, राजेश निर्वाल, कंचन रावत, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती, डीपीआरओ मनोज नौटियाल, उप प्रभागीय वनाधिकारी अभिषेक मैठाणी सहित समिति अन्य नामित सदस्य एवं अधिकारी उपस्थित थे।


विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, गुणवत्ता पर रखें विशेष ध्यान- मंत्री खजानदास

ग्रीष्मकालीन सीजन से पूर्व, समाज कल्याण मंत्री खजानदास ने दी विधानसभा वासियों को 5.80 करोड़ रूपये से अधिक योजनाओं की सौगात

देहरादून। समाज कल्याण मंत्री खजानदास ने अपने विधानसभा क्षेत्र के करनपुर एव डालनवाला के विभिन्न वार्डवासियों को बड़ा तोहफा देते हुये सुभाष रोड सिद्धेश्वर मंदिर के समीप नलकूप निर्माण एवं तत्संबंधी कार्य, मोहिनी रोड आंगनवाड़ी नलकुप से इन्दर रोड ऊर्ध्व जलाशय हेतु 200 एम एम व्यास की 710 मीटर पृथक राइजिंग मेन विछाने का कार्य, वार्ड संख्या13 (डीएल रोड),14 (नदी रिस्पना),15 (करनपुर),16 (बकरालवाला) के विभिन्न गलियों में क्षतिग्रस्त पीवीसी पाइपलाइन के स्थान पर नवीन 5010 मीटर एच.डी.पी.ई. पाइपलाइन बिछाने का कार्य, बलवीर रोड पर 100 एम०एम० व्यास की 1050 मीटर एम एस ई आर डब्लू पाइपलाइन विछाने का कार्य, ई.सी. रोड पर चौरसिया वाली गली एव क्रास रोड से बंजारा हाउस तक पाइप ब्रस्टिॅग तकनीक विधि से क्रमश: 110 एव 350 मीटर सीवर लाइन बिछाने का कार्य, आराघर के समीप माडल कालोनी मे सीवर लाइन, बकरालवाला मे सीवर लाइन सहित विधानसभा क्षेत्रांतर्गत विभिन्न क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों के स्थान पर नई पेयजल लाइनें बिछाने के कार्यों का भूमि पूजन कर क्षेत्रवासियों को रु० 5.80 करोड़ से अधिक कार्यों की सौगात दी जिससे क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है।

गौरतलब है क्षेत्रवासियों द्वारा पिछले काफी समय से उपरोक्त क्षेत्रों पेयजल एंव सीवर लाइनों के सुधारीकरण की माॅग की जा रही थी जिसका जनहित में तत्काल संज्ञान लेते हुये विधायक ने अधिकारियों को क्षेत्र की क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं के पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव प्रेषित करने के निर्देश दिये, जिस पर विधायक द्वारा जनहित में शासन से तुरन्त रुपये 5.80 करोड़ रुपए की स्वीकृति दिलाते हुये निर्माण कार्यों का भूमि पूजन करते हुये जनमानस की समस्याओं का समाधान किया।

इस अवसर पर दास ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुये अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिये कि निर्माण कार्य हर हाल में समय अवधि में पूरे किये जाय तथा गुणवत्ता में किसी प्रकार की कोई कमी न हो, गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी पाये जाने पर संबधित अधिकारियों को बख्शा नहीं जायेगा।

दास ने कहा कि भाजपा सरकार की जनसमस्याओं के निस्तारण हेतु स्पष्ट निति है तथा प्रदेश के युवा यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रदेश के विकास हेतु एक विजन के रूप में काम कर रहे है और सदैव विकास कार्यों पर पैनी नजर रखते है। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी यह गलतफहमी न पाले की उनके ऊपर कोई नजर नहीं रखता है, मुख्यमंत्री स्वयं समय-समय पर क्षेत्र की हर एक निर्माणाधीन योजनाओं उनकी गुणवत्ता एवं क्षेत्र में अन्य समस्याओं की जानकारी लेते रहते हैं। मंत्री दास ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री की त्वरित कार्यशैली का ही परिणाम है कि आज हर एक विकास कार्य समय अवधि में पूर्ण हो रहे हैं जिससे एक ओर सरकारी धन की बचत होतीहै वहीं दूसरी और जनमानस तो समय पर तमाम विकास योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री धामी की स्पष्ट एंव पारदर्शी नीति का ही फल है कि तमाम विकास कार्यों को समय से स्वीकृतियां प्राप्त हो रही है, तथा निर्माण कार्य में होने वाले अनावश्यक विलम्ब के कारण निर्माण कार्य की लागत मे होने वाली वृद्धि पर भी अंकुश लगा है।

इस अवसर पर दायित्वधारी अशोक वर्मा, भगवत प्रसाद मकवाना, रकेश ओबरॉय, विपिन नागलिया, पार्षद रोहन चन्देल, अधीक्षण अभियन्ता जल संस्थान राजीव सैनी, मण्डल अध्यक्ष भाजपा पुनम शर्मा, राहूल लारा भाजपा के वरिष्ठ नेता गोपाल पुरी जल संस्थान के अधिकारियों सहित तमाम जनप्रतिनिधिगण एवं क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही।


वन मंत्री सुबोध उनियाल ने ‘हिमालयन काला भालू’ के नवीन बाड़े का किया उद्घाटन

देहरादून। प्रदेश के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने देहरादून जू स्थित मालसी परिसर में ‘हिमालयन काला भालू’ (रीख) के नवीन बाड़े का उद्घाटन कर उसे पर्यटकों के अवलोकनार्थ समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम करने तथा प्रकृति एवं मानवता के मध्य संतुलित समन्वय स्थापित करने हेतु निरंतर कार्य कर रही है।

वन मंत्री उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड जैव-विविधता एवं वन्यजीव संपदा की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध राज्य है तथा वन्यजीव संरक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि ‘फॉरेस्ट कंजर्वेशन’ के अंतर्गत वन्यजीव विनिमय कार्यक्रम को भविष्य में और अधिक गति प्रदान की जाएगी, जिससे वन्यजीव संरक्षण को नई दिशा मिलेगी।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से परिवहन संबंधी आवश्यक अनुमति प्राप्त होने के उपरांत राज्य में पर्याप्त संख्या में उपलब्ध वन्यजीवों को अन्य राज्यों की मांग एवं वहां की पारिस्थितिक आवश्यकताओं के अनुरूप संबंधित नेशनल पार्कों एवं चिड़ियाघरों में स्थानांतरित किया जाएगा। इस पहल से न केवल वन्यजीव संरक्षण को मजबूती मिलेगी, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में जैव-विविधता के संतुलन को बनाए रखने में भी सहायता प्राप्त होगी।

उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीवों के संरक्षण, संवर्धन एवं सुरक्षित आवास सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने देहरादून जू प्रशासन एवं वन विभाग की टीम को इस नवीन बाड़े के निर्माण एवं व्यवस्थाओं के लिए बधाई देते हुए कहा कि इससे पर्यटकों एवं वन्यजीव प्रेमियों को हिमालयी वन्यजीवों के बारे में बेहतर जानकारी प्राप्त होगी।


बॉबी देओल की आगामी फिल्म ‘बंदर’ का दमदार टीजर रिलीज

बॉबी देओल की आगामी फिल्म ‘बंदर’ का दमदार टीजर आखिरकार रिलीज हो गया है। लंबे समय से चर्चा में रही इस फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में पहले ही खूब सुर्खियां बटोरी थीं और अब यह भारतीय दर्शकों के बीच आने के लिए तैयार है। टीजर में अभिनेता बॉबी देओल का अब तक का बेहद अलग और रहस्यमयी अंदाज देखने को मिला है, जिसने फैंस की उत्सुकता और बढ़ा दी है।

करीब 1 मिनट 29 सेकंड के टीजर की शुरुआत बॉबी देओल के स्टेज पर लाइव परफॉर्मेंस से होती है, जहां वह गाते और दर्शकों का मनोरंजन करते नजर आते हैं। लेकिन कुछ ही पलों बाद कहानी अचानक गंभीर मोड़ ले लेती है और उनका किरदार जेल की सलाखों के पीछे दिखाई देता है। टीजर में उनके इमोशनल और इंटेंस लुक ने दर्शकों का ध्यान खींचा है।

टीजर में सान्या मल्होत्रा और सबा आजाद समेत बाकी कलाकारों की भी झलक दिखाई गई है। फिल्म को वास्तविक घटनाओं से प्रेरित बताया जा रहा है, हालांकि मेकर्स ने कहानी को लेकर ज्यादा खुलासा नहीं किया है। यही रहस्य फिल्म को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ा रहा है।

फिल्म की कहानी सुदीप शर्मा और अभिषेक बनर्जी ने लिखी है। फिल्म का निर्माण निखिल द्विवेदी की प्रोडक्शन कंपनी के तहत किया गया है, जबकि इसे 5 जून 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा।

(साभार)


अल्मोड़ा में दर्दनाक हादसा, गहरी खाई में गिरी कार, तीन लोगों की मौत

अल्मोड़ा। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में गुरुवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की जान चल गयी। भतरोंजखान थाना क्षेत्र के रापड़ मोड़ से सोनी रानीखेत जाने वाले मोटर मार्ग पर एक ऑल्टो कार अनियंत्रित होकर करीब 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में कार सवार तीनों लोगों की मौत हो गई।

पुलिस के मुताबिक सुबह करीब चार बजे डायल 112 पर सूचना मिली कि भाटिया-भिकियासैंण मार्ग के पास वाहन संख्या यूके04एफ6683 की नंबर प्लेट सड़क किनारे पड़ी मिली है। मौके पर वाहन नहीं मिलने से उसके खाई में गिरने की आशंका जताई गई। सूचना मिलते ही थाना भतरोंजखान पुलिस, एसडीआरएफ, 108 एंबुलेंस सेवा, आपदा प्रबंधन, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर रवाना हुईं।

संयुक्त रेस्क्यू अभियान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त कार सड़क से करीब 150 मीटर नीचे खाई में क्षतिग्रस्त हालत में मिली। राहत-बचाव कार्य के दौरान वाहन में सवार तीनों लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

मृतकों की पहचान भुवन पुत्र दीवान राम निवासी ग्राम सनेटी, तहसील रानीखेत और कैलाश चंद्र पुत्र बहादुर राम निवासी ग्राम दौड़ाखाल, तहसील रानीखेत के रूप में हुई है। तीसरे मृतक की पहचान के प्रयास जारी हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तीनों युवक जागरी का कार्य करते थे और मंगलवार रात ग्राम चमोली पुसैला में आयोजित जागर कार्यक्रम से लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया।

हादसे की सूचना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से शवों को खाई से बाहर निकाला गया। पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए रानीखेत मोर्चरी भेज दिया है। प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और पहाड़ी मार्ग पर वाहन से नियंत्रण खोना हादसे की वजह माना जा रहा है।


धूम्रपान बन रहा हार्ट अटैक का बड़ा कारण, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

दिल की बीमारियां आज के समय में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल हो चुकी हैं। अनियमित दिनचर्या, तनाव और गलत खान-पान के साथ-साथ धूम्रपान की आदत लोगों के हृदय को गंभीर नुकसान पहुंचा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बीड़ी-सिगरेट का सेवन न सिर्फ फेफड़ों बल्कि दिल और रक्त वाहिकाओं के लिए भी बेहद खतरनाक साबित होता है। लगातार धूम्रपान करने वालों में हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा कई गुना तक बढ़ जाता है।

धूम्रपान बना दिल का सबसे बड़ा दुश्मन

विशेषज्ञों के अनुसार युवाओं में तेजी से बढ़ रही स्मोकिंग की आदत चिंता का विषय बनती जा रही है। तंबाकू और सिगरेट में मौजूद निकोटिन व कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे जहरीले तत्व शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाते हैं। धूम्रपान की हर कश दिल की धड़कनों पर अतिरिक्त दबाव डालती है और रक्त संचार प्रणाली को कमजोर करती है।

डॉक्टर बताते हैं कि निकोटिन शरीर में एड्रेनालिन हार्मोन का स्तर बढ़ा देता है, जिससे हार्ट रेट तेज हो जाती है और ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है। वहीं सिगरेट के धुएं में मौजूद कार्बन मोनोऑक्साइड खून में ऑक्सीजन की मात्रा कम कर देती है। इससे दिल को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और हृदय की कोशिकाएं प्रभावित होने लगती हैं।

रक्त वाहिकाओं पर भी पड़ता है गंभीर असर

धूम्रपान का असर सिर्फ दिल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह रक्त वाहिकाओं को भी नुकसान पहुंचाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक सिगरेट में मौजूद रसायन ब्लड वेसल्स की अंदरूनी परत को कमजोर कर देते हैं, जिससे उनमें कठोरता आने लगती है। इस स्थिति को एथेरोस्क्लेरोसिस कहा जाता है, जो हार्ट अटैक और स्ट्रोक का बड़ा कारण बन सकती है।

लगातार स्मोकिंग करने वालों में खून के थक्के बनने का खतरा भी बढ़ जाता है। ये थक्के रक्त प्रवाह को बाधित कर अचानक हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर सकते हैं।

शरीर को कई दूसरी बीमारियों का भी खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि धूम्रपान पूरे शरीर के लिए नुकसानदायक है। इससे फेफड़ों का कैंसर, सीओपीडी, स्ट्रोक और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर संक्रमण की आशंका भी बढ़ाता है।

डॉक्टरों का कहना है कि समय रहते धूम्रपान की आदत छोड़ना बेहद जरूरी है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर और तंबाकू से दूरी बनाकर दिल की बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

(साभार)


बद्रीनाथ धाम ‘स्प्रिचुअल हिल टाउन’ के रूप में होगा विकसित

बदरीनाथ मास्टर प्लान के कई पहलुओं पर कार्ययोजना बनेगी

देहरादून। बद्रीनाथ धाम में संचालित पुनर्निर्माण कार्यों के साथ ही अब बद्रीनाथ को स्प्रिचुअल हिल टाउन के रूप में विकसित किये जाने की कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है। इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान के अंतर्गत चल रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की। बैठक में सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल द्वारा प्रस्तुतिकरण के माध्यम से बताया गया कि बद्रीनाथ को एक आध्यात्मिक स्मार्ट हिल टाउन के रूप में विकसित करने के लिए बहु-आयामी और चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य तीर्थयात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ दिव्य और व्यवस्थित अनुभव प्रदान करना है।

उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान के तहत क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्थलों को विशेष रूप से विकसित किया जा रहा है। देव दर्शनी पॉइंट को इस प्रकार तैयार किया जा रहा है कि श्रद्धालुओं को यहां से बद्रीनाथ धाम के प्रथम दर्शन एक भव्य और दिव्य रूप में प्राप्त हो सकें। वहीं बद्रीनारायण चौक को एक प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं और आकर्षक सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होंगे।

बद्रीनाथ धाम में आईएसबीटी वॉल पर स्थानीय कला एवं धार्मिक विषयों पर आधारित भित्ति चित्रों के माध्यम से क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जायेगा। वसुधा वाटिका कलाकृति के माध्यम से प्रकृति, आध्यात्मिकता और उत्तराखंड की पारंपरिक कला का समावेश करते हुए आकर्षक लैंडस्केप तैयार किए जायेंगे।

मास्टर प्लान में भगवान विष्णु से जुड़े प्रतीकों को भी प्रमुखता दी गई है, जिनमें पाञ्चजन्य शंख, कौमोदकी गदा, सुदर्शन चक्र, वैकुंठ द्वार जैसी भव्य कलाकृतियों का निर्माण किया जायेगा, जो न केवल धार्मिक महत्व को दर्शायेंगे, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनेंगे। इसके साथ ही शेषनेत्र कलाकृति और पंच तत्व थीम पर आधारित संरचनाएं आध्यात्मिक ऊर्जा और भारतीय दर्शन को दर्शाने का कार्य करेंगी। भगवान राम एवं कृष्ण पर आधारित रामायण एवं महाभारत कालीन प्रतीकों का इसमें समावेश किया गया है। दिया आरती स्थल के विकास की योजना भी तैयार की गई है, ताकि यहां आयोजित होने वाली आरती श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य और अविस्मरणीय अनुभव बने। वहीं पूरे क्षेत्र में स्ट्रीटस्कैप का विकास कार्य किया जाना भी प्रस्तावित है, जिसके तहत आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल तरीके से पैदल मार्ग, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधाएं, साइनेज और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्य कराये जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बद्रीनाथ धाम के दिव्य स्वरूप को और अधिक भव्य एवं आकर्षक बनाने के लिए इस मास्टर प्लान में सभी आवश्यक प्रावधान सुनिश्चित किये जायें। साथ ही स्थानीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि इन सभी कार्यों के माध्यम से बद्रीनाथ में न केवल आध्यात्मिक वातावरण सुदृढ़ होगा, बल्कि पर्यटन को भी नई दिशा दी जा सकेगी। परियोजना के पूर्ण होने पर बद्रीनाथ एक ऐसे आदर्श स्थल के रूप में स्थापित होगा, जहां आस्था, आधुनिकता और प्रकृति का संतुलित संगम देखने को मिलेगा।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, संयुक्त सचिव अनिल जोशी एवं संबंधित अधिकारी मौजूद थे।


बीकेटीसी ने केदारनाथ के तीर्थ-पुरोहितों को बांटे 11 लाख, RTI खुलासे के बाद फंड दुरुपयोग के गंभीर आरोप

सीएम पुष्कर सिंह धामी से उच्चस्तरीय जांच की मांग

10 अक्टूबर को विरोध, 12 अक्टूबर को 11 लाख मंजूर, नोटशीट से लेकर भुगतान तक गड़बड़ी — विकेश नेगी

देहरादून। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) एक बार फिर विवादों में घिर गई है। आरोप है कि धामों में तीर्थ यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं देने में नाकाम समिति, श्रद्धालुओं के दान-चढ़ावे की रकम का मनमाने ढंग से इस्तेमाल कर रही है। सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने एक बार फिर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) को लेकर खुलासा करते हुए फंड दुरुपयोग सहित कई गंभीर आरोप लगाये हैं।

देहरादून कचहरी परिसर स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने दावा करते हुए कहा कि कहा सूचना के अधिकार (RTI) के जरिए सामने आए दस्तावेजों के आधार पर वर्ष 2025 में केदारनाथ के तीर्थ-पुरोहितों की संस्था ‘केदार सभा’ को नियमों को दरकिनार कर 11 लाख रुपये का भुगतान किया गया। यह भुगतान ऐसे समय में हुआ जब केदार सभा ने बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के खिलाफ खुलकर विरोध जताया था, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं।

ढाई महीने बाद अचानक स्वीकृति, नोटशीट में भी कई खामियां
अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने कहा कि आरटीआई में सामने आया है कि केदारनाथ धाम में 25 जुलाई से 1 अगस्त 2025 के बीच श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन हुआ था। लेकिन आयोजन समाप्त होने के करीब ढाई महीने बाद, 12 अक्टूबर 2025 को बीकेटीसी के स्तर पर आनन-फानन में दो अलग-अलग नोटशीट तैयार कर 11 लाख रुपये की स्वीकृति दे दी गई। इन नोटशीट्स पर तत्कालीन मुख्य कार्याधिकारी विजय थपलियाल, उपाध्यक्ष विजय सिंह कप्रवाण और अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के हस्ताक्षर मौजूद हैं।

हैरानी की बात यह है कि पूरे भुगतान प्रक्रिया में वित्त नियंत्रक की कोई सहमति नहीं ली गई, जो वित्तीय नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना जा रहा है। इसके अलावा नोटशीट में यह तक स्पष्ट नहीं किया गया कि केदार सभा ने आर्थिक सहयोग के लिए लिखित आवेदन दिया था या केवल मौखिक अनुरोध किया गया था। संबंधित पत्र भी आरटीआई में उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

विरोध के बाद भुगतान, ‘सेटिंग’ के आरोप
अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी के अनुसार, 10 अक्टूबर 2025 को केदार सभा ने बीकेटीसी अध्यक्ष की कार्यशैली के खिलाफ मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके ठीक दो दिन बाद 12 अक्टूबर को 11 लाख रुपये की स्वीकृति मिलना कई तरह के संदेह पैदा करता है। नेगी का आरोप है कि यह पूरा मामला ‘विरोध शांत कराने’ के लिए धन के दुरुपयोग का संकेत देता है। इतना ही नहीं, कथा की लाइव स्ट्रीमिंग के लिए ‘तीतर मीडिया एंड एडवर्टाइजिंग कंपनी’ को 1.5 लाख रुपये का भुगतान भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि इस कार्य के लिए अपनाई गई कोटेशन प्रक्रिया संदिग्ध थी, तीनों कंपनियों के कोटेशन एक ही तारीख पर और लगभग एक जैसी भाषा में प्रस्तुत किए गए, जिससे मिलीभगत की आशंका और गहरा गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उच्चस्तरीय जांच की मांग
अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड की बात करते हैं लेकिन एक के बाद एक बीकेटीसी में घपले-घोटाले व भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बीकेटीसी में सामने आ रहे घपले-घोटालों व भ्रष्टाचार को लेकर उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला प्रदेश में मंदिर प्रबंधन की विश्वसनीयता पर गंभीर असर डाल सकता है।

पत्रकारों के सवाल व अधिवक्ता विकेश सिंह नेेगी के जवाब
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने कहा सूचना के अधिकार के तहत हमने कई बिंदुओं पर BKTC से जानकारी मांगी थी। उनका बिंदुवार अध्ययन कर हम इसे सार्वजनिक कर रहे हैं। BKTC द्वारा हमें जो दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं उनमें कई चौंकाने वाली जानकारी मिल रही है।

पिछले दिनों खुलासा किया था कि BKTC के एक उपाध्यक्ष विजय सिंह कप्रवाण द्वारा किस तरह से अपनी पत्नी को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दिखा कर प्रतिमाह बारह हजार रूपये लिए जा रहे हैं। बदरीनाथ व केदारनाथ धाम करोड़ों- करोड़ों सनातनियों की आस्था व श्रद्धा के केंद्र हैं। मगर BKTC में श्रद्धालुओं के दान-चढ़ावे के पैसों की बंदरबांट चल रही है। RTI से प्राप्त दस्तावेजों में एक जानकारी यह भी मिली है कि विगत वर्ष 2025 में BKTC ने केदारनाथ के तीर्थ पुरोहितों की संस्था “केदार सभा” को 11 लाख रुपये की धनराशि दे दी। यह पैंसा केदार सभा को 25 जुलाई से 01 अगस्त, 2025 तक केदारनाथ धाम में श्रीमद भागवत कथा के आयोजन के नाम पर दिया गया।

विकेश सिंह नेगी ने कहा सवाल यह उठता है कि BKTC ने इतनी बड़ी धनराशि किस नियम अथवा प्रावधान के तहत तीर्थ पुरोहितों को दे दी? क्या BKTC ने इसके लिए प्रदेश शासन से अनुमति ली थी ? यदि अनुमति ली है तो उसे सार्वजनिक करें। एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि BKTC में वित्त नियंत्रक तैनात हैं। तीर्थ पुरोहितों को ग्यारह लाख रूपये देने की स्वीकृति देने वाली फाइल पर वित्त नियंत्रक की सहमति और स्वीकृति क्यों नहीं ली गई ? बिना वित्त नियंत्रक की सहमति के पैंसा जारी करना अपने आप में बड़ी वित्तीय अनियमितता है।

विकेश सिंह नेगी ने कहा तीर्थ पुरोहितों को मंदिर का पैंसा बांटने के पीछे ऐसा लगता है कि BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी अपना व्यक्तिगत प्रबंधन कर रहे हैं। क्योंकि पिछले वर्ष 10 अक्टूबर को तीर्थ पुरोहितों ने द्विवेदी की कार्यशैली को लेकर आक्रोश व्यक्त किया था और मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर द्विवेदी को हटाने की मांग की थी।

BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के विरोध के दो दिन बाद 12 अक्टूबर को BKTC ने आनन-फानन में तीर्थ पुरोहितों को 11 लाख रूपये देने की पत्रावली चलायी और उसी दिन स्वीकृति भी दे दी गयी। जबकि केदार सभा का भागवत कथा का आयोजन 25 जुलाई से 01 अगस्त, 2025 तक संपन्न हो चुका था। इससे यह आभास होता है कि BKTC अध्यक्ष ने तीर्थ पुरोहितों के विरोध को मैनेज करने के लिए उन्हें यह पैंसे दिए। अच्छा होता कि मंदिर समिति अध्यक्ष यात्री सुविधाओं और मंदिरों के प्रबंधन की ओर ध्यान देते। बजाय कि अपने व्यक्तिगत प्रबंधन पर।

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने कहा जैसा कि अभी कुछ दिन पहले मीडिया व सोशल मीडिया के द्वारा भी जानकारी मिली थी कि BKTC ने केदार सभा के अध्यक्ष समेत एक अन्य तीर्थ पुरोहित को विशेष आमंत्रित सदस्य नियुक्त किया है। मंदिर समिति एक्ट में प्रावधान है कि विशेष आमंत्रित सदस्य नियुक्त करने के लिए पहले शासन नियम बनाएगा। उसके पश्चात BKTC विशेष आमंत्रित सदस्य नियुक्त कर सकती है। मगर BKTC ने नियम विरुद्ध तरीके से सदस्यों की नियुक्ति कर दी। इन सदस्यों की कोई वैधानिक मान्यता नहीं है। प्रदेश सरकार को मामलों का संज्ञान लेना चाहिए। BKTC में जिस प्रकार से नियम कानूनों को ताक पर रख कर कार्य हो रहे हैं सरकार को उनकी उच्चस्तरीय जांच करानी चाहिए।


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