Thursday, May 28th, 2026

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युवक हत्या मामले में दो दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट ने सुनाया फैसला

Daily Archives: 28/05/2026

युवक हत्या मामले में दो दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट ने सुनाया फैसला

उन्नाव। सफीपुर क्षेत्र में वर्ष 2021 में हुए युवक हत्या कांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। बुधवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई के दौरान न्यायालय ने दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

मामला उनवां गांव का है, जहां वारिस नामक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि 18 नवंबर 2021 को गांव निवासी चिरकुट और शादाब ने उसके छोटे भाई नासिर की हत्या कर दी थी। नासिर का शव घर से करीब 500 मीटर दूर एक बाग में मिला था।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अंतिम सुनवाई में अभियोजन पक्ष की दलीलों और साक्ष्यों को आधार मानते हुए न्यायाधीश कविता मिश्रा ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

वहीं, एक अन्य मामले में बीघापुर थाना क्षेत्र के अकबरपुर गांव निवासी त्रिलोक पांडेय को किशोरी से छेड़छाड़ के मामले में चार साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। यह मामला वर्ष 2018 का था, जिसमें पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

इसके अलावा अजगैन थाना पुलिस द्वारा वर्ष 2021 में मादक पदार्थ के साथ पकड़े गए राजीव नगर निवासी फिरोज खान के मामले में भी अदालत ने फैसला सुनाया। न्यायालय ने आरोपी पर सात हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।

अदालत के इन फैसलों को लेकर इलाके में चर्चा बनी हुई है और पुलिस अधिकारियों ने इसे न्यायिक प्रक्रिया की बड़ी सफलता बताया है।


बरेली में जेबकतरा गैंग का पर्दाफाश, दो शातिर गिरफ्तार

बरेली –  बारादरी थाना पुलिस ने यक्ष एप और सीसीटीवी कैमरों की मदद से जेबकतरा गैंग का खुलासा करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं गैंग का एक अन्य साथी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।

मामला 31 मार्च का है, जब भुता क्षेत्र के डडिया नवाजिश अली निवासी सलीम बेग शहर किसी काम से आए थे। आरोप है कि सेटेलाइट बस स्टैंड के पास उनकी जेब काटकर 50 हजार रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर बारादरी थाने में अज्ञात जेबकतरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

घटना के खुलासे के लिए एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर पुलिस टीम गठित की गई। सीओ तृतीय के नेतृत्व में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और यक्ष एप की मदद से संदिग्धों की पहचान की। जांच के दौरान एक संदिग्ध पर पुलिस का शक गहराया।

27 मई को मुखबिर से सूचना मिली कि मामले से जुड़े तीन संदिग्ध सेटेलाइट से कैंट जाने वाले रास्ते पर मौजूद हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शाहजहांपुर के गिहार बस्ती निवासी रिंकू और सोनू को गिरफ्तार कर लिया। जबकि उनका साथी अरुण पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 4150 रुपये बरामद किए हैं। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे टेंपो और बस स्टैंड के आसपास आने-जाने वाले लोगों, खासकर बुजुर्गों को निशाना बनाते थे। जेब काटने के बाद उनका तीसरा साथी बाइक से उन्हें मौके से फरार कर देता था। बाद में तीनों आपस में रकम का बंटवारा कर लेते थे।

फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और गैंग से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।


मुख्यमंत्री धामी की पहल से पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण का सत्यापन करना हुआ आसान

डिजिटल व्यवस्था से घर बैठे मिल रही सुविधा, बुजुर्गों को बड़ी राहत

पेंशनरों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की पहल, पेंशनर फैसिलिटेशन हाल में जीवन प्रमाण पत्र पर विशेष प्रशिक्षण जारी

पेंशनर फैसिलिटेशन हाल में डीएलसी के माध्यम से अब तक 1लाख 84 हज़ार से अधिक लोगो का हुआ सत्यापन

पेंशनरों को भा रही डिजिटल व्यवस्था, दून में 22 हजार से अधिक लाभार्थी

आईएफएमएस ऐप से घर बैठे आसानी से डाउनलोड करें पेंशन स्टेटमेंट्स

देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर प्रदेश के पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) का सत्यापन अब पहले से कहीं अधिक सरल और पारदर्शी हो गया है। डिजिटल तकनीक के उपयोग से पेंशनर अब घर बैठे ही अपना जीवन प्रमाण पत्र ऑनलाइन सत्यापित कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है।

प्रदेश में वर्तमान में लगभग 1.5 लाख पेंशनर हैं, जबकि देहरादून में 22 हजार से अधिक पेंशनर निवास करते हैं। इन सभी के सत्यापन को सुगम बनाने के लिए “जीवन प्रमाण” ऐप और “आधार फेस आरडी” तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसके माध्यम से पेंशनर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) आसानी से ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।

देहरादून कचहरी स्थित मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय में स्थापित पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल में भी डीएलसी के माध्यम से लगातार सत्यापन किया जा रहा है। यहां पेंशनरों को आधार अपग्रेडेशन के साथ-साथ डिजिटल प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि 1 अप्रैल 2024 से अब तक इस केंद्र में 1 लाख 84 हजार से अधिक पेंशनरों का डिजिटल सत्यापन किया जा चुका है।

जिलाधिकारी डा.आशीष चौहान ने देहरादून जनपद में कार्यभार संभालने के दिन ही कोषागार का निरीक्षण करते हुए अधिक से अधिक पेंशनरों का डिजिटल माध्यम से सत्यापन कराने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि विरिष्ठ पेंशनरों को घर बैठे ही सुविधा का लाभ मिल सकें।

पेंशनर “जीवन प्रमाण” ऐप के माध्यम से ऑपरेटर आईडी बनाकर घर बैठे भी अपना सत्यापन कर सकते हैं। इसके लिए आधार का अपडेट होना तथा आधार नंबर का मोबाइल नंबर और कोषागार से लिंक होना आवश्यक है।

इसके अतिरिक्त आईएफएमएस (इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) ऐप के जरिए पेंशनर अपनी सत्यापन स्थिति (एक्टिव/इनएक्टिव) ऑनलाइन देख सकते हैं और पेंशन स्टेटमेंट भी डाउनलोड कर सकते हैं।

पेंशनरों की सहायता के लिए निदेशालय कोषागार द्वारा 8899890000 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है, जबकि अधिक जानकारी के लिए treas-fdc-uk@nic.in पर संपर्क किया जा सकता है।

इस डिजिटल पहल से बुजुर्ग पेंशनरों को लंबी कतारों से मुक्ति मिली है और वे सुरक्षित, सरल एवं सुविधाजनक तरीके से घर बैठे सत्यापन कर पा रहे हैं।

दून निवासी पेंशनर श्रीकांत उपाध्याय ने बताया कि उन्हें पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल में डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे अब वे भविष्य में घर बैठे आसानी से अपना लाइफ सर्टिफिकेट नवीनीकरण कर सकेंगे। उन्होंने इस व्यवस्था को वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी बताया।

मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी ने बताया कि पेंशनरों की सुविधा के लिए कोषागार में पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल स्थापित किया गया है, जहां उन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने बताया कि अन्य जनपदों के पेंशनर भी, जो वर्तमान में देहरादून में निवास कर रहे हैं, इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

उन्होंने पेंशनरों से अपील की कि ऑनलाइन सत्यापन के दौरान आधार से प्राप्त ओटीपी किसी भी अनजान व्यक्ति से साझा न करें और केवल अधिकृत एवं विश्वसनीय ऑपरेटर को ही अपनी जानकारी दें।


पहली पत्नी और बच्चों ने रची खूनी साजिश, चार हत्याओं के बाद स्कॉर्पियो में लगाई आग

 अजमेर – जिले के बोराड़ा थाना क्षेत्र के श्रीरामपुरा गांव में सामने आए सनसनीखेज स्कॉर्पियो आगजनी कांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। शुरुआती जांच में हादसा लग रही इस घटना के पीछे चार लोगों की हत्या की साजिश सामने आई है। पुलिस के मुताबिक पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी, उनकी दूसरी पत्नी सुरज्ञान देवी, मां पूसी देवी और भांजी महिमा की हत्या कर शवों को स्कॉर्पियो में रखकर आग लगाई गई थी।

मामले में पुलिस ने पूर्व सरपंच की पहली पत्नी सुनीता, उसकी नाबालिग बेटी और बेटे को हिरासत में लिया है। पुलिस का दावा है कि तीनों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने रात के समय घर के अंदर खेतों में इस्तेमाल होने वाले धारदार हथियार से चारों की गला रेतकर हत्या की। इसके बाद वारदात को दुर्घटना दिखाने के लिए ट्रैक्टर से डीजल निकाला गया और शवों को स्कॉर्पियो गाड़ी में डालकर घर से करीब 500 मीटर दूर ले जाया गया। वहां गाड़ी पर डीजल छिड़ककर आग लगा दी गई।

पुलिस के अनुसार घटनास्थल पर केवल नाबालिग बेटा गया था, जबकि मां और बेटी घर पर ही रहीं। आग लगाने के बाद वह वापस लौट आया और परिवार ने घटना से अनजान बनने की कोशिश की।

घटना गुरुवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे सामने आई, जब लोगों ने श्रीरामपुरा रोड पर एक स्कॉर्पियो को जलते देखा। मौके पर पहुंची पुलिस को गाड़ी पूरी तरह जली हुई मिली। तीन शव वाहन के अंदर मिले, जबकि सुरज्ञान देवी अधजली हालत में सड़क किनारे खेत में पड़ी थीं। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि पूर्व सरपंच दूसरी शादी के बाद पहली पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट और प्रताड़ना करता था। आरोप है कि वह शराब के नशे में अक्सर हिंसक व्यवहार करता था। घटना से एक दिन पहले बेटी के साथ मारपीट हुई थी, जिसके बाद पहली पत्नी और बच्चों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई।

चार लोगों की हत्या और फिर सबूत मिटाने के लिए शवों को जलाने की कोशिश से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस फिलहाल मामले की गहन जांच कर रही है और नाबालिग आरोपी की भूमिका को लेकर कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।


कोट आत्मा राम में चली गोलियां, पार्किंग को लेकर दो पक्षों में खूनी झड़प

अमृतसर– पंजाब के अमृतसर स्थित कोट आत्मा राम इलाके में बुधवार को गाड़ी पार्किंग को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच हुई फायरिंग में आम आदमी पार्टी से जुड़े जयपाल सिंह और नरेंद्र सिंह घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।

घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हो गई है, जिसकी फुटेज पुलिस ने कब्जे में ले ली है।

जानकारी के अनुसार करण और तजिंदर सिंह के बीच वाहन पार्किंग को लेकर कहासुनी हुई थी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और फायरिंग शुरू हो गई। पुलिस के मुताबिक दोनों ओर से गोलियां चलने की बात सामने आई है।

घटना की सूचना मिलते ही थाना बी डिवीजन पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।

घटना के बाद दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही विवाद की वास्तविक वजह स्पष्ट हो पाएगी।

वहीं वार्ड नंबर 47 के काउंसलर वरपाल सिंह बब्बर ने आरोप लगाया कि जयपाल सिंह पर जानलेवा हमला किया गया और उनके बेटे को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। फिलहाल मामले की हर एंगल से जांच जारी है।


एटीएम से एसी का आउटडोर यूनिट और कॉपर वायर चोरी करने वाली महिला गिरफ्तार

गिरफ्तार अभियुक्ता पूर्व में भी चोरी के अभियोग में जा चुकी है जेल

देहरादून। राजधानी देहरादून में बैंक के एटीएम से एयर कंडीशनर का आउटडोर यूनिट और कॉपर वायर चोरी करने वाली महिला को नगर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला के कब्जे से चोरी किया गया सामान भी बरामद किया गया है।

जानकारी के अनुसार, 21 मई 2026 को बैंक ऑफ इंडिया की एस्ले हॉल शाखा की वरिष्ठ शाखा प्रबंधक सुनीता शर्मा ने कोतवाली नगर में तहरीर देकर बताया था कि बैंक के बाहर लगे एटीएम से अज्ञात चोर एयर कंडीशनर का आउटडोर यूनिट और कॉपर वायर चोरी कर ले गए हैं। मामले में पुलिस ने तत्काल मुकदमा अपराध संख्या 187/26 धारा 303(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत पुलिस टीम ने घटना स्थल का निरीक्षण कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए संदिग्धों की तलाश की गई। लगातार प्रयासों के बाद 27 मई 2026 को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कोतवाली नगर क्षेत्र से एक महिला अभियुक्ता को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार महिला की पहचान ललिता देवी पत्नी लुटकुन साहनी निवासी आजाद कॉलोनी गोविंदगढ़ थाना कैंट, देहरादून के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी महिला के कब्जे से कैरियर कंपनी के स्प्लिट एसी का आउटडोर यूनिट और कॉपर वायर बरामद किया है, जिसकी कीमत करीब 50 हजार रुपये बताई गई है।

पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी महिला पूर्व में भी चोरी के कई मामलों में जेल जा चुकी है। उसके खिलाफ राजपुर और कैंट थानों में चोरी और संबंधित धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।


कम नंबर, गायब पन्ने और गलत कॉपियां! CBSE के डिजिटल मूल्यांकन पर विवाद

पूजा भट्ट

सीबीएसई के नए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) को लेकर देशभर में चर्चा और विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक इस नई मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। कई छात्रों का आरोप है कि उन्हें उम्मीद से कम अंक मिले हैं, जबकि कुछ ने दावा किया कि उन्हें किसी दूसरे छात्र की उत्तर पुस्तिका दिखाई गई। वहीं, कुछ विद्यार्थियों ने यह भी शिकायत की कि उनकी कॉपियों के कुछ पन्ने जांच के दौरान मौजूद नहीं थे।

इन बढ़ती शिकायतों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने OSM प्रणाली का समर्थन करते हुए इसे आधुनिक और पारदर्शी व्यवस्था बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई प्रतिष्ठित संस्थान इस तरह की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली का इस्तेमाल कर रहे हैं। मंत्री ने स्वीकार किया कि नई व्यवस्था होने के कारण शुरुआती स्तर पर कुछ दिक्कतें सामने आई हैं, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी छात्र की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा और उसे नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

इस बार सीबीएसई ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए बड़े पैमाने पर ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) लागू किया। इस प्रक्रिया में छात्रों की कॉपियों को स्कैन कर डिजिटल फॉर्मेट में परीक्षकों के पास भेजा गया, जहां ऑनलाइन माध्यम से अंक दिए गए। हालांकि, रिजल्ट जारी होने के बाद कई छात्रों ने दावा किया कि उन्हें अपेक्षा से काफी कम अंक मिले हैं।

इसके बाद जब विद्यार्थियों ने अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं डाउनलोड कीं, तो कई तकनीकी और मूल्यांकन संबंधी शिकायतें सामने आने लगीं। कुछ छात्रों का कहना है कि उनकी कॉपियों की स्कैनिंग स्पष्ट नहीं थी, जबकि कई जगह पन्ने कटे या अधूरे दिखाई दिए। कुछ विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि उन्हें किसी दूसरे छात्र की उत्तर पुस्तिका दिखाई गई। वहीं, कई छात्रों का कहना है कि सही उत्तर लिखने के बावजूद उन्हें अंक नहीं दिए गए।

सीबीएसई के नए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) को लेकर उठे विवाद के बीच बड़ी संख्या में छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच की मांग की है। बोर्ड के अनुसार इस वर्ष करीब 17 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि कुल 98 लाख कॉपियों का मूल्यांकन किया गया, जिनमें औसतन 40 पन्ने थे। इस तरह लगभग 40 करोड़ पन्नों की स्कैनिंग और डिजिटल जांच की गई।

सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि करीब 4 लाख छात्रों ने री-चेकिंग के लिए आवेदन किया है, जिसके तहत लगभग 11 लाख उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा समीक्षा की जा रही है। इतनी बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आने के बाद सीबीएसई और शिक्षा मंत्रालय पर जवाबदेही का दबाव बढ़ गया है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने OSM प्रणाली का बचाव करते हुए कहा कि यह व्यवस्था छात्रों के हित और पारदर्शिता को ध्यान में रखकर लागू की गई है। उन्होंने कहा कि इस सिस्टम से छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिका देखने का अवसर मिलता है। मंत्री ने माना कि पहली बार इतने बड़े स्तर पर इस तकनीक को लागू करने के कारण कुछ विसंगतियां सामने आई हैं, लेकिन हर शिकायत का समाधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि देश के कई विश्वविद्यालय और संस्थान अब डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली की ओर बढ़ रहे हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीएसई ने कई तकनीकी एजेंसियों की मदद लेनी शुरू कर दी है। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, केंद्र सरकार की टेक्निकल जांच एजेंसियां भी पूरे मामले की निगरानी कर रही हैं। यदि जांच में किसी तरह की तकनीकी गलती या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित स्तर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

छात्रों की सहायता के लिए सीबीएसई ने 24 घंटे सक्रिय रहने वाला ‘पोस्ट-रिजल्ट सपोर्ट सिस्टम’ भी शुरू किया है। इसके तहत छात्र रिजल्ट, कॉपी जांच, मानसिक तनाव और अन्य समस्याओं को लेकर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। बोर्ड ने इसके लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-11-8004 जारी किया है। साथ ही छात्र आधिकारिक ईमेल आईडी info.cbse@nic.in और result.cbse2026@cbseshiksha.in पर भी संपर्क कर सकते हैं। बोर्ड का कहना है कि छात्रों की हर शिकायत का जल्द समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।


एनआईटी श्रीनगर के निर्माण कार्यों में लायें तेजी- डाॅ. धन सिंह रावत

समीक्षा बैठक में कहा, स्थानीय लोगों के हक-हकूकों का भी रखें ध्यान

श्रीनगर पाॅलीटेक्निक के भवनों को विभाग को वापस करने के निर्देश

देहरादून – राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) श्रीनगर के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ ही तेजी लाने के निर्देश दिये गये हैं। साथ ही स्थानीय लोगों के साथ पूर्व में किये गये वायदों के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराने को भी कहा गया है। इसके अलावा एनआईटी के अधिकारियों को तकनीकी शिक्षा विभाग के श्रीनगर स्थित पाॅलीटेक्निक काॅलेज के भवनों को वापस विभाग को सौंपने के भी निर्देश दिये गये हैं।

कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास में तकनीकी शिक्षा विभाग, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान व कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने प्रौद्योगिकी संस्थान के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता रखने के साथ ही तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने वायदे के अनुरूप संस्थान को बिजली, पानी व सड़क जैसी आधारभूत सुविधाएं मुहैया करा दी है। संस्थान को बाकी अन्य कार्य स्वयं करने हैं। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि कार्यदायी संस्थाओं की कार्यशैली अनुबंधों के अनुरूप नहीं प्रतीत हो रही है, जिस कारण स्थानीय लोगों में भी आक्रोश बना हुआ है। विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूमि देने वाले एवं आस-पास के ग्रामीणों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार के साथ ही स्वरोजगार के भी अवसर दिये जाय। उन्होंने संस्थान द्वारा राजकीय पाॅलीटेक्निक श्रीनगर में अधिगृहित भवनों को धीरे-धीरे तकनीकी शिक्षा विभाग को वापस करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने प्रौद्योगिकी संस्थान के अधिकारियों को एनआईटी की सीमा में आने वाले ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये।

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स्थानांतरण समय पर करें अधिकारी
तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में विभागीय मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने विभाग के अंतर्गत होने वाले अधिकारियों एवं कार्मिकों के वार्षिक स्थानांतरण नियत समय पर करने के निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर विभाग के अंतर्गत सम्बद्ध एवं प्रतिनियुक्ति पर अन्य विभागों में तैनात समस्त कार्मिकों का प्रतिनियुक्ति एवं सम्बद्धीकरण समाप्त कर उन्हें वापस मूल पदों पर भेजने के निर्देश दिये।

बैठक में अपर सचिव तकनीकी शिक्षा मनुज गोयल, डीन एनआईटी श्रीनगर प्रो. विवेक श्रीवास्तव, निदेशक तकनीकी शिक्षा देशराज, कुलसचिव एनआईटी श्रीनगर एच.एम. आजाद, सचिव यूबीटीआर डाॅ. मुकेश माण्डेय, संयुक्त निदेशक प्राविधिक शिक्षाा आलोक मिश्र, उप निदेशक प्राविधिक शिक्षा एस.के. वर्मा सहित कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


नागपुर-सिमडेगा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 33 किलो से ज्यादा अफीम बरामद

सिमडेगा। महाराष्ट्र और झारखंड पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय अफीम तस्करी के बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। नागपुर ग्रामीण पुलिस की नारकोटिक्स विरोधी टीम और सिमडेगा पुलिस ने मिलकर कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अफीम, नकदी और तस्करी में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया है।

पुलिस के अनुसार, पूरे मामले की शुरुआत 20 मई को हुई, जब नागपुर ग्रामीण पुलिस नियमित पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान एक ट्रक चालक को पकड़कर उसकी तलाशी ली गई, जिसमें उसके पास से करीब 237 ग्राम अफीम बरामद हुई। पूछताछ में चालक ने खुलासा किया कि उसने यह मादक पदार्थ झारखंड के सिमडेगा स्थित एक होटल से खरीदा था।

जानकारी मिलने के बाद नागपुर पुलिस की टीम आरोपी को साथ लेकर 24 मई को सिमडेगा पहुंची। यहां स्थानीय थाना पुलिस के सहयोग से संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी अभियान चलाया गया। जांच के दौरान होटल अंतरा के संचालक मनीष कुमार का नाम सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने उसके घर पर दबिश दी।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने 33.767 किलोग्राम अफीम बरामद की। अधिकारियों के मुताबिक जब्त अफीम की सरकारी कीमत करीब 1.92 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इसकी कीमत पांच करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस को मौके से इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन, पैकिंग सामग्री, रबर बैंड और 23.35 लाख रुपये नकद भी मिले। पुलिस ने आरोपी मनीष कुमार को गिरफ्तार कर लिया है और उससे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।


मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में प्रस्तावित विकास कार्यों की समीक्षा की

कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को सभी कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कैंप कार्यालय में सिंचाई एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ मसूरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में प्रस्तावित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में क्षेत्र में चल रहे एवं प्रस्तावित विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए मंत्री ने अधिकारियों को सभी कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत मसूरी विधानसभा क्षेत्र के संतला देवी में नून नदी पर प्रस्तावित झील निर्माण की कागजी कार्रवाई शीघ्र पूर्ण कर जल्द कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। मंत्री जोशी ने अधिकारियों से कहा कि झील निर्माण के दौरान पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ क्षेत्रवासियों की पेयजल समस्या के समाधान को भी प्राथमिकता दी जाए।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मसूरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मोटर मार्गों के सुधारीकरण, डामरीकरण एवं नए मोटर मार्गों के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सहस्त्रधारा बायपास से बगलाधोरण मोटर मार्ग, क्यारा-धनौल्टी मार्ग, छमरौली से डोमकोट मोटर मार्ग तथा बाटाघाट-पुरकुल-मालसी-सरोना-बोंठा मोटर मार्ग के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मंत्री जोशी ने अधिकारियों को बरसात से पूर्व संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा एवं मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कामाख्या मंदिर क्षेत्र में प्रस्तावित ब्रिज निर्माण कार्य को भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुल निर्माण से स्थानीय लोगों एवं श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान लोक निर्माण विभाग ईई राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई पी.एल नौटियाल, सहायक अभियंता सिंचाई मोहन सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।


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