Thursday, April 30th, 2026

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ऋषिकेश में एमडीडीए का सख्त एक्शन, अवैध बहुमंजिला निर्माणों पर चला सीलिंग अभियान

Monthly Archives: April 2026

ऋषिकेश में एमडीडीए का सख्त एक्शन, अवैध बहुमंजिला निर्माणों पर चला सीलिंग अभियान

सलान गांव से निर्मल बाग तक 10 से अधिक निर्माण सील, प्राधिकरण ने साफ किया-बिना नक्शा पास निर्माण बर्दाश्त नहीं

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए ऋषिकेश क्षेत्र में बड़ा अभियान चलाया। प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत सलान गांव और निर्मल बाग इलाके में किए जा रहे अवैध बहुमंजिला भवनों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। संयुक्त सचिव गौरव चटवाल और एसडीएम ऋषिकेश के निर्देशों के बाद प्रवर्तन टीम ने मौके पर पहुंचकर एक के बाद एक निर्माणों को सील किया। इस कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया है।

सलान गांव में पहली बड़ी कार्रवाई
अभियान की शुरुआत सलान गांव भगवंतपुर से हुई, जहां करन गुप्ता द्वारा बिना अनुमति के बहुमंजिला भवन का निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत मानचित्र के किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह अवैध है और इस पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

निर्मल बाग बना कार्रवाई का केंद्र
इसके बाद टीम ने निर्मल बाग ब्लॉक-बी लेन नंबर 10 में व्यापक स्तर पर अभियान चलाया। यहां एक ही इलाके में कई अवैध निर्माण चिन्हित किए गए थे। अजय चौहान, रवि गुप्ता, विजय रावत और प्रवीन रमन समेत कई लोगों द्वारा किए जा रहे बहुमंजिला निर्माणों को सील किया गया। प्राधिकरण की टीम ने सगुन शर्मा, विजय नायर, अमन नायर, विवेक नायर और अजय नायर के निर्माणाधीन भवनों पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया। अधिकारियों के अनुसार इन सभी निर्माणों में मानचित्र स्वीकृति और निर्माण मानकों का उल्लंघन पाया गया।

प्रवर्तन टीम और पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई
पूरी कार्रवाई एमडीडीए की गठित प्रवर्तन टीम द्वारा की गई, जिसमें सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, सुरजीत सिंह, अवर अभियंता मनीष डिमरी, अमित भारद्वाज, प्रवेश नौटियाल, हर्षित मौठानी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। इसके अलावा सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत और अवर अभियंता सचिन कुमार की निगरानी में सलान गांव की कार्रवाई सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई।

अवैध निर्माण पर जीरो टॉलरेंस
एमडीडीए का यह अभियान साफ संकेत देता है कि प्राधिकरण अब अवैध निर्माणों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति पर काम कर रहा है। तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार के बीच अनियोजित निर्माण न सिर्फ शहर की सूरत बिगाड़ते हैं, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी खतरा बनते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना मानकों के बनाए जा रहे बहुमंजिला भवन भविष्य में बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं। ऐसे में प्राधिकरण की यह कार्रवाई शहर की व्यवस्थित विकास योजना को लागू करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

लगातार जारी रहेगा अभियान
एमडीडीए के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। जिन क्षेत्रों में अवैध निर्माण की शिकायतें मिलेंगी, वहां तत्काल निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम जनता से भी अपील की गई है कि किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले आवश्यक अनुमति जरूर लें।

शहर के विकास और सुरक्षा का सवाल
देहरादून और ऋषिकेश जैसे शहर तेजी से विस्तार कर रहे हैं। ऐसे में अनियंत्रित निर्माण न केवल ट्रैफिक, जल निकासी और बुनियादी सुविधाओं पर दबाव बढ़ाते हैं, बल्कि आपदा के समय जोखिम भी कई गुना बढ़ा देते हैं। एमडीडीए का यह अभियान इसी चुनौती से निपटने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर प्रवर्तन टीम को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जो लोग बिना मानचित्र स्वीकृति के बहुमंजिला भवन बना रहे हैं, उनके खिलाफ सीलिंग, ध्वस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम जनता से अपील की कि निर्माण शुरू करने से पहले सभी आवश्यक अनुमतियां अवश्य लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि ऋषिकेश क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि जिन निर्माणों में मानकों का उल्लंघन पाया जा रहा है, उन्हें चिन्हित कर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की टीम पूरी मुस्तैदी के साथ क्षेत्र में निगरानी कर रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।


पूर्णिया में जमीन विवाद पर बवाल, आरोपियों ने बुजुर्ग पर किया हमला, इलाज के दौरान तोड़ा दम

बिहार। पूर्णिया में जमीन विवाद ने एक बार फिर खून-खराबे का रूप ले लिया, जहां एक बुजुर्ग की जान चली गई और परिवार तबाह हो गया। मधुबनी थाना क्षेत्र के कृष्णापुरी यादव टोला में हुए इस हिंसक झगड़े में 80 वर्षीय सुखदेव यादव गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सिर पर गहरी चोट लगने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए भागलपुर भेजा गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत और शोक का माहौल बना हुआ है।

परिजनों के मुताबिक, विवाद पुश्तैनी जमीन को लेकर लंबे समय से चल रहा था। आरोप है कि बुधवार को विपक्षी पक्ष के रंजीत यादव और चंदन यादव जबरन जमीन पर कब्जा करने की नीयत से पिलर लगवा रहे थे। इसी दौरान जब सुखदेव यादव वहां पहुंचे और उन्होंने इसका विरोध किया, तो दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़कर हिंसक झड़प में बदल गई।

बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान आरोपियों ने मिलकर बुजुर्ग पर हमला कर दिया। इसी बीच एक आरोपी ने मजदूर से लोहे का हथौड़ा छीनकर उनके सिर पर वार कर दिया, जिससे वह मौके पर ही बेहोश हो गए। बीच-बचाव करने पहुंचे उनके बेटे मनोज यादव और पोते सुजल को भी मारपीट में चोटें आईं।

घटना के बाद आनन-फानन में घायल सुखदेव यादव को पूर्णिया जीएमसीएच में भर्ती कराया गया, जहां से हालत गंभीर देखते हुए उन्हें भागलपुर रेफर किया गया। गुरुवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस खबर के बाद परिवार में मातम पसर गया और गांव में भी तनाव की स्थिति बनी हुई है।

मामले की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों रंजीत यादव और चंदन यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


पलवल में अवैध नशा मुक्ति केंद्र का भंडाफोड़, संचालक गिरफ्तार

फरीदाबाद- पलवल में मुख्यमंत्री उड़न दस्ता (सीएम फ्लाइंग) और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में एक अवैध नशा मुक्ति केंद्र का भंडाफोड़ हुआ है। यह केंद्र भाटिया कॉलोनी में योग और मेडिटेशन सेंटर के नाम पर बिना किसी वैध लाइसेंस के संचालित किया जा रहा था।

गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ छापेमारी की। मौके पर संचालक गुरवेंद्र को हिरासत में लिया गया, जो केंद्र से जुड़े कोई वैध दस्तावेज या लाइसेंस पेश नहीं कर सका। कार्रवाई के दौरान केंद्र में 24 लोग मौजूद मिले, जिन्हें नशा छुड़ाने के नाम पर रखा गया था।

जांच में सामने आया कि यहां लोगों को करीब 160 दिन तक रखने की बात कही जाती थी और इसके बदले हर महीने 4 से 5 हजार रुपये तक वसूले जा रहे थे। टीम को मौके से 84 मरीजों की फाइलें, सहमति पत्र और बड़ी मात्रा में दर्द निवारक दवाइयां व एंटीसेप्टिक सॉल्यूशन भी बरामद हुए, जिन्हें सील कर दिया गया है।

हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और बरामद दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।


क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 का जलवा कायम, 16वें हफ्ते भी टीआरपी में नंबर 1

टीवी इंडस्ट्री में एक बार फिर पुराने जादू की वापसी देखने को मिल रही है। ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ ने छोटे पर्दे पर धमाकेदार कमबैक करते हुए टीआरपी की रेस में बाज़ी मार ली है। दर्शकों का भरपूर प्यार इस शो को लगातार नंबर वन बनाए हुए है, जबकि बाकी बड़े सीरियल्स के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। आइए जानते हैं 16वें हफ्ते की टीआरपी लिस्ट में किन-किन शोज़ ने अपनी जगह बनाई।

16वें हफ्ते में क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 को 1.8 की टीआरपी मिली है। हालांकि पिछले हफ्ते के मुकाबले इसमें थोड़ी गिरावट आई है, लेकिन फिर भी यह शो नंबर एक पर कायम है। शो में हाल ही में आकाशदीप सहगल की एंट्री ने कहानी में नया मोड़ ला दिया है, जिससे दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ गई है।

दूसरे स्थान पर वसुधा रहा, जिसे 1.7 की टीआरपी मिली है। वहीं तीसरे नंबर पर गंगा मां की बेटियां ने भी 1.7 की टीआरपी के साथ अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है।
वहीं बात करें अनुपमा की, तो यह शो इस बार थोड़ा पीछे रह गया है। रुपाली गांगुली स्टारर इस सीरियल को 1.6 की टीआरपी मिली है, जिसके साथ यह चौथे स्थान पर पहुंच गया है। पांचवें नंबर पर तुम से तुम तक है, जिसे भी 1.6 की टीआरपी मिली है और इसमें शरद केलकर मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।

कुल मिलाकर इस हफ्ते की टीआरपी लिस्ट में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन “तुलसी” का जादू अब भी दर्शकों के सिर चढ़कर बोल रहा है।

(साभार)


जिले में चिन्हित 64 पूर्णतः निर्जीर्ण विद्यालय भवनों में से 56 ध्वस्त

शेष 8 भवनों को एक माह में हटाने के निर्देश

देहरादून। जिला प्रशासन ने जनपद में वर्षों से जर्जर और निष्प्रयोज्य पड़े विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तेज करते हुए बड़ी पहल की है। मुख्य शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में चिन्हित 64 पूर्णतः निर्जीर्ण विद्यालय भवनों में से 56 का ध्वस्तीकरण किया जा चुका है, जबकि शेष 8 भवनों पर कार्रवाई जारी है और उन्हें एक माह के भीतर हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई के तहत 4 माध्यमिक और 52 प्रारंभिक विद्यालयों के जर्जर भवनों को गिराया गया है। इसके अलावा, विद्यालयों में पूर्ण रूप से निष्प्रयोज्य कक्षा-कक्षों में माध्यमिक विद्यालयों के 7 और प्रारंभिक विद्यालयों के 10 कक्षों में से 14 कक्षों को ध्वस्त किया जा चुका है। शेष 3 कक्षों को भी आगामी एक माह के भीतर हटाया जाएगा।

जिलाधिकारी की सख्ती और स्पष्ट निर्देशों के चलते वर्षों से जर्जर पड़े सैकड़ों विद्यालय भवनों के विरुद्ध पहली बार एक साथ व्यापक कार्रवाई संभव हो पाई है। शिक्षा अधिकारियों और प्रधानाचार्यों की जवाबदेही तय करते हुए जर्जर भवनों के चिन्हीकरण और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाई गई।

विकासखंडवार आंकड़ों के अनुसार, चकराता में 23, कालसी में 17, विकासनगर में 8, सहसपुर में 2, रायपुर में 14 और डोईवाला में 17 विद्यालय भवन चिन्हित किए गए थे। इनमें से कुल 70 विद्यालय भवनों और कक्षा-कक्षों का ध्वस्तीकरण किया जा चुका है। वहीं, 11 आंशिक एवं पूर्ण रूप से जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण के लिए एक माह का अतिरिक्त समय देने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जर्जर भवनों को हटाकर सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनपद के सभी जर्जर विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है और शेष कार्य भी शीघ्र पूर्ण किया जाएगा।


आईपीएल 2026- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच मुकाबला आज

नई  दिल्ली। आईपीएल 2026 में आज एक हाई-वोल्टेज मुकाबला देखने को मिलेगा, जहां गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों के लिए यह मैच प्लेऑफ की दौड़ में बेहद अहम माना जा रहा है, ऐसे में रोमांच अपने चरम पर रहने की उम्मीद है।

आरसीबी इस मुकाबले में जबरदस्त आत्मविश्वास के साथ उतर रही है। पिछले मैच में 200 से अधिक रन का लक्ष्य आसानी से हासिल करने के बाद टीम का मनोबल ऊंचा है। बल्लेबाजी में आक्रामकता के साथ-साथ गेंदबाजी भी संतुलित नजर आ रही है। जोश हेजलवुड शानदार लय में हैं, जबकि भुवनेश्वर कुमार नई और पुरानी दोनों गेंदों से असरदार साबित हो रहे हैं। वहीं क्रुणाल पांड्या टीम को संतुलन देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

दूसरी ओर गुजरात टाइटंस की ताकत उनका टॉप ऑर्डर रहा है। शुभमन गिल, साई सुदर्शन और जोस बटलर ने टीम के लिए लगातार रन बनाए हैं। हालांकि मिडिल ऑर्डर की निरंतरता अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। जेसन होल्डर को शामिल कर संतुलन बनाने की कोशिश की गई है, लेकिन अपेक्षित स्थिरता नहीं मिल पाई है। राहुल तेवतिया का रोल भी अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

गुजरात के लिए सबसे बड़ी चिंता राशिद खान का हालिया फॉर्म है। वह पिछले कुछ मुकाबलों में महंगे साबित हुए हैं और विकेट भी कम ले पाए हैं। टीम को उनसे इस बड़े मैच में वापसी की उम्मीद होगी।

आरसीबी की ओर से जितेश शर्मा पर भी नजरें रहेंगी। विकेटकीपिंग में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन बल्लेबाजी में अभी तक बड़ी पारी का इंतजार है।

पिच की बात करें तो नरेंद्र मोदी स्टेडियम की सतह आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है। हालांकि तेज गर्मी को देखते हुए पिच पर अतिरिक्त नमी रखी गई है, जिससे गेंदबाजों को भी कुछ मदद मिल सकती है।

कुल मिलाकर यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए निर्णायक साबित हो सकता है—जहां जीत आरसीबी को अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंचा सकती है, वहीं गुजरात के लिए यह मैच प्लेऑफ की उम्मीदों को मजबूत करने का सुनहरा मौका है।

मैच से जुड़ी अहम जानकारी

समय: शाम 7:30 बजे (टॉस 7:00 बजे)
लाइव प्रसारण: स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क
लाइव स्ट्रीमिंग: जियोहॉटस्टार ऐप


लक्ष्मणझूला में ऑपरेशन प्रहार के तहत बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, फर्जी पहचान से रह रहा था बांग्लादेशी

देहरादून- लक्ष्मणझूला क्षेत्र में चल रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत पुलिस और अभिसूचना इकाई को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया गया, जो पूछताछ में बांग्लादेश का नागरिक निकला और कई वर्षों से भारत में अवैध रूप से रह रहा था।

पुलिस के अनुसार, रामझूला रोड स्थित काली मंदिर के पास जांच के दौरान पकड़े गए व्यक्ति ने अपनी पहचान सनीउर रहमान (39 वर्ष) के रूप में बताई। वह उत्तराखंड में हिंदू नाम ‘सत्यसाधू’ का इस्तेमाल कर पहचान छिपाकर रह रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी वर्ष 2016 से बिना वैध वीजा भारत में रह रहा था।

तलाशी के दौरान उसके पास से एक्सपायर बांग्लादेशी पासपोर्ट, फर्जी नाम से बना आधार कार्ड और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट और पेन ड्राइव बरामद किए गए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और आरोपी के नेटवर्क व गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।


शराब के दौरान विवाद बना जानलेवा, दोस्त ने ईंट मारकर की हत्या

 रोड़ी (सिरसा)- सिरसा के रोड़ी क्षेत्र में स्थित एक इंटरलॉकिंग टाइल्स फैक्ट्री में बुधवार रात दोस्ती खून में बदल गई। मामूली विवाद ने ऐसा हिंसक रूप ले लिया कि एक युवक ने अपने ही साथी की ईंट मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।

पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद निवासी देवेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो फैक्ट्री परिसर में काम करता था और अपने साथी रवि सिंह के साथ वहीं रहता था। बुधवार रात दोनों ने साथ बैठकर शराब पी, इसी दौरान किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई।

देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी रवि सिंह ने पास पड़ी इंटरलॉकिंग टाइल की ईंट उठाकर देवेंद्र के सिर पर वार कर दिया। हमला इतना घातक था कि देवेंद्र ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वारदात के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।

अगली सुबह जब अन्य कर्मचारी फैक्ट्री पहुंचे, तो कमरे में देवेंद्र का खून से लथपथ शव मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मामले की जांच में जुटी हरियाणा पुलिस ने फोरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी की पहचान हो चुकी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।


धामी कैबिनेट की बैठक में कई प्रस्तावों पर लगी मुहर

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में गुरुवार को कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। खास तौर पर प्रदेश में मौनपालन (मधुमक्खी पालन) नीति को मंजूरी देते हुए सरकार ने इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और रोजगार बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।

सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में कुल 18 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें से कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक के बाद सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगोली ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड मोटरयान संशोधन नियमावली 2026 को मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत प्रवर्तन अधिकारियों के लिए वर्दी अनिवार्य की गई है।

कैबिनेट के मुख्य निर्णय

आबकारी नीति में व्यय दर 6% निर्धारित की गई थी, जिसके अनुरूप वाणिज्य कर विभाग ने अपनी नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी।

परिवहन विभाग के तहत बसों की खरीद को मंजूरी दी गई। पहले 100 बसों की अनुमति थी, लेकिन जीएसटी दर 28% से घटकर 18% होने के बाद अब 109 बसें खरीदी जाएंगी।

उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली 2016 में संशोधन को मंजूरी।वन दरोगा की आयु सीमा 21 से 35 वर्ष तय की गई।

वन आरक्षी की आयु सीमा 18 से बढ़ाकर 25 वर्ष की गई।

जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को अब सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा।

उत्तराखंड अल्पसंख्यक अधिनियम 2025 पहले ही अधिसूचित किया जा चुका है।

कक्षा 1 से 8 तक के 452 मदरसों को अब जिला स्तर से मान्यता मिलेगी।

कक्षा 9 से 12 तक के लगभग 52 मदरसों को उत्तराखंड बोर्ड से मान्यता लेनी होगी। इस संबंध में जल्द अध्यादेश लाया जाएगा।

प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) अब एक वर्ष तक ही वैध मानी जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप विशेष शिक्षा शिक्षकों की अर्हता तय करने वाली नियमावली को मंजूरी।

सहायक अध्यापकों के लिए सेवा नियमावली को स्वीकृति।

लोक निर्माण विभाग (लोनिवि): हाईकोर्ट के आदेश के संदर्भ में जेई भर्ती से जुड़े मामलों की जानकारी कैबिनेट के संज्ञान में लाई गई।

वर्कचार्ज कर्मियों से जुड़े निर्णय पर हाईकोर्ट के स्टे की जानकारी दी गई।

डी श्रेणी के ठेकेदारों को अब 1 करोड़ की जगह 1.5 करोड़ रुपये तक के कार्य मिल सकेंगे।

मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का लाभ अब 21 अशासकीय कॉलेजों तक बढ़ाया गया।

वन सीमा क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए नई नीति को मंजूरी। इससे स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी और मानव-हाथी संघर्ष में कमी आने की उम्मीद है। वन सीमा मौन पालन मधुमक्खी आधारित आजीविका एवं मानव-वन्य जीव संघर्ष नियमावली 2026 को भी स्वीकृति दी गई।


अलकनंदा में डूबे NIT के छात्र का शव बरामद

SDRF और पुलिस की कड़ी मशक्कत के बाद मिला लापता छात्र का शव 

श्रीनगर। अलकनंदा नदी में नहाने के दौरान लापता हुए NIT श्रीनगर के छात्र का शव आखिरकार बरामद कर लिया गया है। घटना के बाद से कई दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद शव मिला, वहीं संस्थान और छात्र के परिजनों में शोक की लहर।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 26 अप्रैल की शाम करीब चार बजे बीटेक थर्ड ईयर (कंप्यूटर साइंस) के छात्र आनंद सोहन, निवासी तेलंगाना, SSB श्रीनगर के पास अलकनंदा नदी में नहाते समय अचानक तेज धारा की चपेट में आ गए थे। देखते ही देखते वह नदी में बह गए, जिसके बाद मौके पर हड़कंप मच गया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और तत्काल सर्च एवं रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। अधिकारियों के अनुसार, श्रीनगर से लेकर मूल्यगांव तक नदी किनारे संभावित स्थानों पर लगातार खोजबीन की गई। इसके अलावा मूल्यगांव से आगे भी एसडीआरएफ की टीमों ने अभियान को विस्तार दिया।

एसडीआरएफ इंस्पेक्टर मंजरी नेगी ने बताया कि तेज बहाव और गहराई के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन टीमों ने समन्वय और सतर्कता के साथ लगातार सर्च अभियान जारी रखा। उन्होंने बताया कि घटना स्थल से करीब 200 मीटर आगे नदी में छात्र का शव बरामद कर लिया गया।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा व पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की तैयार की जा रही है। वहीं, घटना की सूचना छात्र के परिजनों को दे दी गई है।

इस दुखद घटना के बाद NIT श्रीनगर परिसर में शोक का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी-नालों के पास विशेष सावधानी बरतें और तेज धारा वाले क्षेत्रों में न जाने से बचें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।


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