Wednesday, April 22nd, 2026

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महाविद्यालयों व तकनीकी संस्थानों की व्यापक समीक्षा, शिक्षा को रोजगारपरक, गुणवत्तापूर्ण व आधुनिक बनाने के निर्देश

Daily Archives: 22/04/2026

महाविद्यालयों व तकनीकी संस्थानों की व्यापक समीक्षा, शिक्षा को रोजगारपरक, गुणवत्तापूर्ण व आधुनिक बनाने के निर्देश

प्रतियोगी परीक्षाओं, प्लेसमेंट, प्रोफेशनल व वोकेशनल कोर्स तथा स्वरोजगार पर विशेष फोकस

दूरस्थ व पर्वतीय क्षेत्रों के महाविद्यालयों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर

बालिका शिक्षा को नयी दिशा, जिलाधिकारी का उच्च शिक्षा के बाद बालिकाओं को रोजगार से जोड़ने पर जोर

पौड़ी। जनपद पौड़ी गढ़वाल में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा को सुदृढ़, व्यवस्थित, गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में समस्त राजकीय महाविद्यालयों एवं राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में उच्च शिक्षा संस्थानों की वर्तमान शैक्षणिक स्थिति, आधारभूत संरचना, परिणाम, प्लेसमेंट, संसाधनों की उपलब्धता तथा विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर गहन एवं बहुआयामी चर्चा की गयी।

जिलाधिकारी ने कहा कि सामान्यतः इंटरमीडिएट स्तर तक के विद्यालयों की नियमित समीक्षा होती है, किन्तु उच्च शिक्षा संस्थानों की इस प्रकार समग्र समीक्षा कम हो पाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह बैठक आयोजित की गयी है, ताकि महाविद्यालयों एवं तकनीकी संस्थानों की वास्तविक स्थिति का आंकलन कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी महाविद्यालयों एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों से उनके परिणाम (रिजल्ट), प्लेसमेंट, विद्यार्थियों की संख्या, शिक्षकों की उपलब्धता, रिक्त पदों की स्थिति, विषयवार संकाय, भवनों की स्थिति एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी संस्थान अपनी अद्यतन सूचनाएं एक व्यवस्थित प्रारूप में नियमित रूप से उपलब्ध कराएं, जिससे योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित किया जा सके।

सभी महाविद्यालयों तथा तकनीकी संस्थानों के प्राचार्यों एवं प्रतिनिधियों द्वारा अपने-अपने संस्थानों की समस्याएं, आवश्यकताएं एवं सुझाव प्रस्तुत किए गए। इस पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद स्तर से जो कार्य संभव होंगे, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाएगा, जबकि अन्य प्रस्तावों को आवश्यकतानुसार शासन स्तर पर प्रेषित कर आवश्यक स्वीकृति दिलायी जाएगी। उन्होंने सभी लंबित प्रस्तावों को सुव्यवस्थित एवं पूर्ण रूप से तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में महाविद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं जैसे स्मार्ट क्लास, डिजिटल लर्निंग संसाधन, फर्नीचर, पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, कक्षाओं की उपलब्धता तथा भवनों की संरचनात्मक स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गयी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी महाविद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट क्लास एवं आईसीटी आधारित शिक्षण व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक, इंटरएक्टिव एवं तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध हो सके। उन्होंने आवश्यकतानुसार स्मार्ट क्लास की स्थापना हेतु प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए, ताकि महाविद्यालयों में आधुनिक, तकनीक आधारित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके और विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से बेहतर अध्ययन संसाधन उपलब्ध हो सकें। साथ ही जिन संस्थानों में फर्नीचर की कमी पायी गयी, वहां से तत्काल मांग पत्र प्रस्तुत करने को कहा गया। जर्जर या मरम्मत योग्य भवनों के संबंध में संबंधित विभागों को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए।

निर्माणाधीन महाविद्यालय भवनों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिन भवनों का निर्माण कार्य मंडी परिषद के अधीन प्रचलित है, उनके संबंध में मंडी परिषद से समन्वय स्थापित कर प्रकरणों पर संज्ञान लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त जिन संस्थानों में अतिरिक्त कक्षों की आवश्यकता है, उनके लिए भी प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

शैक्षणिक गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को सक्षम, आत्मनिर्भर एवं प्रतिस्पर्धी बनाना होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि छात्र-छात्राओं को केवल पारंपरिक पाठ्यक्रमों तक सीमित न रखते हुए उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं, विज्ञान विषयों, प्रोफेशनल एवं वोकेशनल कोर्स तथा स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाए।

उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं को शिक्षा के उपरांत रोजगार से जोड़ने पर बल देते हुए निर्देशित किया कि महाविद्यालयों में समय-समय पर प्रेरणा एवं करियर मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि इन सत्रों में संबंधित विकासखंडों के बीडीओ द्वारा प्रतिभाग किया जाएगा, जो विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं, स्वरोजगार एवं करियर विकल्पों के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

बैठक में कण्वघाटी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक महाविद्यालय को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक माह कम से कम एक करियर काउंसलिंग सत्र आयोजित किया जाए तथा उसके उपरांत विद्यार्थियों के नियोजन (प्लेसमेंट) से संबंधित प्रगति की जानकारी उपलब्ध करायी जाए।

जिलाधिकारी ने रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने हेतु उद्योग विभाग एवं सिडकुल के माध्यम से रोजगार मेलों के आयोजन पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि इच्छुक छात्र-छात्राओं को रोजगार मेलों में प्रतिभाग हेतु प्रोत्साहित किया जाए, ताकि उन्हें स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।

विद्यार्थियों की रुचि के अनुरूप प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि एक समुचित प्रारूप तैयार किया जाए, जिसमें छात्रों की रुचि, करियर विकल्पों एवं कौशल से संबंधित डेटा संकलित किया जाए। इससे रोजगार के रुझानों का विश्लेषण कर विद्यार्थियों को उसी अनुरूप प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जा सकेगा।

उन्होंने सभी संस्थानों को पासआउट विद्यार्थियों की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे उनकी उपलब्धियों का आकलन कर अन्य विद्यार्थियों को प्रेरित किया जा सके। साथ ही दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों के महाविद्यालयों पर विशेष ध्यान देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि इन क्षेत्रों में भी शहरी क्षेत्रों की भांति सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि वहां के छात्र-छात्राएं भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें। उन्होंने सतपुली महाविद्यालय को जाने वाले कच्चे मार्ग के सुधार हेतु जिला योजना के अंतर्गत प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त पुश्तों के निर्माण हेतु भी संबंधित प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा गया।

पॉलिटेक्निक संस्थानों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने तकनीकी शिक्षा को अधिक प्रभावी एवं रोजगारोन्मुख बनाने पर बल देते हुए निर्देशित किया कि पाठ्यक्रमों एवं प्रशिक्षण को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जाए। बैठक में उपस्थित सभी प्राचार्यों से सुझाव एवं फीडबैक भी प्राप्त किए गए, जिन पर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा तथा सभी संस्थानों को अपनी प्रगति की नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

इस अवसर पर जिला शिक्षाधिकारी (माध्यमिक) रणजीत सिंह नेगी, प्रशासनिक अधिकारी मनोज रावत सहित समस्त राजकीय महाविद्यालयों एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों के प्राचार्य, प्रोफेसर एवं प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से बैठक में उपस्थित रहे।


बगहा में दिल दहला देने वाली घटना, पेड़ से लटके मिले प्रेमी युगल के शव

पुलिस जांच में जुटी

बिहार। पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा नगर से बुधवार सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां जुम्मन बाबा मजार के पास स्थित एक आम के बगीचे में प्रेमी युगल के शव एक ही पेड़ से लटके मिले। दोनों के शव आमने-सामने होने की स्थिति ने मामले को और भी रहस्यमय बना दिया। घटना की खबर फैलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई और माहौल गमगीन हो गया।

मृतकों की पहचान वार्ड 33 निवासी असगर अली के 19 वर्षीय पुत्र मो. मुस्तफा और वार्ड 35 के खैराकुट्टी निवासी गुलाब अंसारी की पुत्री सहाबुन नेशा के रूप में हुई है। दोनों के बीच प्रेम संबंध होने की बात सामने आ रही है।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने दोनों शवों को नीचे उतरवाकर कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया। बाद में एसडीपीओ भी मौके पर पहुंचे और परिजनों से पूछताछ की।

परिजनों के मुताबिक, दोनों के निकाह को लेकर मंगलवार देर रात पंचायत हुई थी, जिसमें सहमति बनने की बात कही जा रही है। ऐसे में अगली ही सुबह इस तरह की घटना सामने आने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।

फिलहाल पुलिस आत्महत्या और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। घटना के बाद दोनों परिवारों में शोक की लहर है और पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है।


हैवान बना पिता, पांच साल के बेटे को उतारा मौत के घाट

बांका। बिहार के बांका जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां घरेलू कलह के बीच एक पिता ने अपने ही मासूम बेटे की जान ले ली। आरोपी ने कथित तौर पर पांच वर्षीय बच्चे को जमीन पर पटक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। परिजनों के अनुसार, इसी तनाव और गुस्से में आकर आरोपी ने यह खौफनाक कदम उठाया। मृतक बच्चे की मां पिछले कुछ महीनों से मायके में रह रही थी और परिवार में तनाव बना हुआ था।

घटना मंगलवार की है और बांका थाना क्षेत्र के एक गांव की बताई जा रही है। जिस समय यह वारदात हुई, उस दौरान घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। आरोपी पिता बच्चे को टॉयलेट के बहाने घर से बाहर ले गया और कुछ ही देर बाद बच्चे की हालत गंभीर होने की सूचना मिली।

परिजन जब अस्पताल पहुंचे तो उन्हें बच्चे की मौत की खबर मिली। आरोप है कि आरोपी पिता बच्चे के शव के पास मौजूद था और पूछने पर उसने बताया कि बच्चा अब नहीं रहा। इससे गुस्साए परिजनों ने उस पर हमला भी कर दिया, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। फिलहाल उसे हिरासत में लेकर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और बच्चे की मां के बयान के आधार पर केस दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।

इस हृदयविदारक घटना के बाद परिजनों ने सख्त कार्रवाई की मांग की है और आरोपी को कड़ी सजा दिलाने की अपील की है। घटना ने इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।


पहलगाम में घटित आतंकी हमले ने देश को झकझोर दिया था- मुख्यमंत्री धामी

‘पहलगाम … जब समय थम गया’, संयुक्त निदेशक चौहान ने मुख्यमंत्री को भेंट की पुस्तक

देहरादून। पहलगाम में पर्यटकों पर बर्बर हमले की पहली बरसी पर बुधवार को ‘पहलगाम … जब समय थम गया’ पुस्तक जनता के बीच आ गई । पुस्तक के लेखक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में संयुक्त निदेशक के एस चौहान हैं। जो घटना के दिन सपरिवार पहलगाम में मौजूद थे, चौहान ने अपने अनुभवों को पुस्तक की शक्ल दी है।

चौहान ने बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर पुस्तक की प्रति उन्हें भेंट की। उन्होंने बताया कि पुस्तक में पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को घटना वाले दिन के माहौल और तमाम सारी बातों को शामिल किया गया। इसके अंत में ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया गया है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पहलगाम में एक वर्ष पूर्व घटित आतंकी हमले ने देश को झकझोर दिया था। उन्होंने पहलगाम हमले में मारे गए पर्यटकों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर जिस तरह दुनिया को अपना दम दिखाया, वो ऐतिहासिक है।


सीढ़ियां चढ़ते ही फूलने लगती है सांस? तो डाइट में शामिल करें ये चीजें, मिलेगा फायदा

आजकल कई लोग सीढ़ियां चढ़ते समय जल्दी थकान या सांस फूलने की शिकायत करते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक यह केवल बढ़ती उम्र का संकेत नहीं, बल्कि शरीर में पोषण की कमी, कमजोर मांसपेशियां या कम सहनशक्ति का संकेत भी हो सकता है। ऐसे में खानपान में कुछ जरूरी बदलाव करके शरीर की ऊर्जा और फेफड़ों की क्षमता को बेहतर बनाया जा सकता है।

संतुलित आहार न सिर्फ शरीर को ताकत देता है, बल्कि दिल और फेफड़ों को भी बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है। आइए जानते हैं ऐसे कौन से खाद्य पदार्थ हैं, जिन्हें रोजाना की डाइट में शामिल कर सीढ़ियां चढ़ते समय होने वाली सांस फूलने की समस्या को कम किया जा सकता है।

दूध और डेयरी उत्पाद
दूध, दही और पनीर जैसे डेयरी उत्पाद शरीर को प्रोटीन और कैल्शियम देते हैं। ये हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ मांसपेशियों को भी ऊर्जा प्रदान करते हैं, जिससे जल्दी थकान नहीं होती।

हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, मेथी और सरसों जैसी सब्जियों में आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है, जिससे ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है और सांस फूलने की समस्या कम हो सकती है।

मौसमी फल
केला, सेब, संतरा और पपीता जैसे फल शरीर को तुरंत ऊर्जा देते हैं। इनमें मौजूद विटामिन और मिनरल्स शरीर की कमजोरी दूर करने में मददगार होते हैं।

नट्स और बीज
बादाम, अखरोट, अलसी और सूरजमुखी के बीज शरीर को हेल्दी फैट और प्रोटीन देते हैं। इनके सेवन से शरीर की सहनशक्ति बढ़ती है और दिल भी स्वस्थ रहता है।

प्रोटीन युक्त आहार
अंडे, दालें, सोयाबीन और चिकन जैसे खाद्य पदार्थ मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं। नियमित रूप से प्रोटीन लेने से शरीर ज्यादा एक्टिव रहता है और सीढ़ियां चढ़ते समय कमजोरी कम महसूस होती है।

साबुत अनाज
ओट्स, दलिया और ब्राउन राइस जैसे साबुत अनाज शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देते हैं। ये ब्लड शुगर को संतुलित रखते हैं और शरीर को जल्दी थकने नहीं देते।

पर्याप्त पानी
शरीर में पानी की कमी होने पर भी जल्दी सांस फूलने लगती है। इसलिए दिनभर पर्याप्त पानी और नारियल पानी जैसे हाइड्रेटिंग ड्रिंक लेना जरूरी है।

नोट: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार की गई है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लगातार बने रहने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

(साभार)


“हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ खुले तुंगनाथ मंदिर के कपाट

सैकड़ों श्रद्धालु बने इस पावन क्षण के साक्षी

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट आज विधि-विधान और शुभ मुहूर्त के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरा धाम भक्तिमय वातावरण में डूब गया और सैकड़ों श्रद्धालु इस पावन क्षण के साक्षी बने।

बाबा तुंगनाथ के कपाटोद्घाटन के अवसर पर मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया था, जहां फूलों की आकर्षक सजावट ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। करीब साढ़े सात सौ से अधिक भक्तों ने इस ऐतिहासिक पल को प्रत्यक्ष देखा और भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

कपाट खुलने से पहले भगवान की चल उत्सव डोली चोपता से सुबह धाम के लिए रवाना हुई। कठिन चढ़ाई के बावजूद श्रद्धालु पूरे उत्साह और भक्ति के साथ डोली के साथ चलते रहे। जयकारों और भक्ति गीतों के बीच डोली मंदिर परिसर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।

मंदिर पहुंचने के बाद डोली की परिक्रमा कर उसे पार्वती मंदिर में विराजमान किया गया। इसके बाद हक-हकूकधारी ब्राह्मणों द्वारा गर्भगृह में विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न की गई। परंपरा के अनुसार स्वयंभू शिवलिंग का पूजन कर उसे जागृत किया गया, जिसके बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।

कपाट खुलने के साथ ही भक्तों ने जलाभिषेक और पूजा कर भगवान तुंगनाथ का आशीर्वाद लिया। इस दौरान पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।

इस पावन अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, धार्मिक गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने इस दिव्य आयोजन में भाग लेकर अपनी आस्था प्रकट की।


आईपीएल 2026- लखनऊ सुपर जायंट्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच मुकाबला आज

लखनऊ के इकाना स्टेडियम में होगा मुकाबला 

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में आज लखनऊ सुपर जायंट्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच मुकाबला खेला जाएगा। लखनऊ के इकाना स्टेडियम में होने वाला यह मैच दोनों टीमों के लिए काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पिछली हार के बाद दोनों जीत की पटरी पर लौटने की कोशिश में उतरेंगी।

लखनऊ और राजस्थान के बीच यह मुकाबला भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। दोनों टीमें अपने पिछले मैच हार चुकी हैं, ऐसे में यह मुकाबला उनके लिए वापसी का मौका भी होगा। हालांकि, प्लेइंग-11 में बड़े बदलाव की संभावना कम नजर आ रही है।

अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो राजस्थान रॉयल्स का रिकॉर्ड लखनऊ के खिलाफ बेहतर रहा है। वहीं, इस सीजन में लखनऊ सुपर जाएंट्स का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। टीम ने अब तक खेले छह मुकाबलों में केवल दो जीत हासिल की है, जबकि चार मैचों में हार झेलनी पड़ी है।

लखनऊ की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी बल्लेबाजी रही है। मिचेल मार्श और एडेन मार्करम अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल पा रहे हैं। कप्तान ऋषभ पंत और निकोलस पूरन का बल्ला भी खामोश रहा है। गेंदबाजी में मोहम्मद शमी ने पिछले मैच में महंगे ओवर डाले, हालांकि बाकी मैचों में उनका प्रदर्शन संतुलित रहा है। युवा गेंदबाज प्रिंस यादव ने प्रभावित किया है, लेकिन आवेश खान और मोहसिन खान अपेक्षा पर खरे नहीं उतर पाए हैं।

वहीं, राजस्थान रॉयल्स ने सीजन की शानदार शुरुआत की थी, लेकिन पिछले दो मैचों में टीम को हार का सामना करना पड़ा है। खासकर कोलकाता के खिलाफ मैच में मजबूत स्थिति के बावजूद टीम जीत नहीं सकी। बल्लेबाजी में यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन कप्तान रियान पराग की खराब फॉर्म टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। शिमरॉन हेत्मायर भी अब तक प्रभाव नहीं छोड़ सके हैं।

राजस्थान की गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर और नांद्रे बर्गर की जोड़ी ने अच्छा प्रदर्शन किया है, जबकि स्पिन विभाग में रवि बिश्नोई और रवींद्र जडेजा ने टीम को मजबूती दी है।

मैच से जुड़ी अहम जानकारी:

मैच: लखनऊ सुपर जाएंट्स vs राजस्थान रॉयल्स
तारीख: 22 अप्रैल (बुधवार)
समय: शाम 7:30 बजे (टॉस 7:00 बजे)
स्थान: इकाना क्रिकेट स्टेडियम, लखनऊ
लाइव प्रसारण: स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क
लाइव स्ट्रीमिंग: जियोहॉटस्टार ऐप

यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए सीजन में आगे की राह तय करने में अहम साबित हो सकता है, जहां जीत के साथ आत्मविश्वास भी लौटेगा।


मुरैना बैंक घोटाला: 23 लाख के गबन में 8 बैंक कर्मचारी पर FIR

भोपाल- मध्य प्रदेश के मुरैना में बैंक ऑफ इंडिया की एक शाखा में हुए लाखों रुपये के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 8 बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया है।

यह कार्रवाई बैंक प्रबंधन की शिकायत के बाद की गई, जिसमें बताया गया था कि शाखा में वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। जांच में खुलासा हुआ कि वर्ष 2013 से 2016 के बीच तैनात हेड कैशियर महेंद्र सिंह बाजौरिया समेत अन्य कर्मचारियों ने मिलकर करीब 23 लाख रुपये का गबन किया।

आरोप है कि कर्मचारियों ने ग्राहकों की जानकारी के बिना उनकी पहचान का दुरुपयोग कर फर्जी खाते खोले। साथ ही, कई खाताधारकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडीआर) समय से पहले बंद कर उनकी रकम को जाली खातों में ट्रांसफर कर लिया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि कुल 11 एफडीआर को तोड़कर करीब 23 लाख रुपये फर्जी दस्तावेजों और वाउचरों के जरिए निकाल लिए गए। इस पूरे घोटाले को बेहद संगठित तरीके से अंजाम दिया गया।

ईओडब्ल्यू ने इस मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे और भी खुलासे हो सकते हैं।


अमर कॉलोनी में सनसनी: IRS अधिकारी की बेटी की संदिग्ध मौत, हत्या की आशंका

 नई दिल्ली- दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के अमर कॉलोनी इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक वरिष्ठ आयकर अधिकारी (आईआरएस) की बेटी मृत अवस्था में अपने घर के अंदर पाई गई। प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, युवती के साथ पहले यौन उत्पीड़न किए जाने और बाद में गला घोंटकर हत्या करने की आशंका है। घटनास्थल से मिले संकेतों के आधार पर यह भी शक जताया जा रहा है कि गला घोंटने के लिए मोबाइल चार्जर के तार का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।

जांच में एक पूर्व घरेलू नौकर संदेह के घेरे में है, जिसे कुछ समय पहले ही नौकरी से हटाया गया था। पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने बदला लेने की नीयत से इस वारदात को अंजाम दिया हो सकता है।

फॉरेंसिक टीम ने मौके से अहम सबूत जुटाए हैं, जबकि आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिससे मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सकेगा।

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और संदिग्ध की तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।


मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा, स्वच्छ, हरित और सुरक्षित वातावरण केवल वर्तमान की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य की नींव है

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व पृथ्वी दिवस पर समस्त प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ, हरित और सुरक्षित वातावरण केवल वर्तमान की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य की नींव है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व पृथ्वी दिवस हमें प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का एहसास कराता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस अवसर पर सभी लोग पर्यावरण संरक्षण के लिए संकल्प लें और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित एवं जिम्मेदारी से उपयोग करें।

उन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा को अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि इन संसाधनों के संरक्षण में जनभागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने लोगों से पर्यावरण के प्रति जागरूक रहते हुए हर स्तर पर योगदान देने का आह्वान किया।


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