Wednesday, April 22nd, 2026

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‘दादी की शादी’ का ट्रेलर रिलीज, 8 मई को सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म

Daily Archives: 22/04/2026

‘दादी की शादी’ का ट्रेलर रिलीज, 8 मई को सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म

कॉमेडी और पारिवारिक मनोरंजन का तड़का लेकर फिल्म ‘दादी की शादी’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। हंसी-मजाक और हल्के-फुल्के ड्रामे से भरपूर यह फिल्म दर्शकों को एक अलग अंदाज में एंटरटेन करने के लिए तैयार है। कपिल शर्मा, नीतू कपूर और रिद्धिमा कपूर साहनी की मौजूदगी फिल्म को खास बना रही है। यह फिल्म 8 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

‘दादी की शादी’ के ट्रेलर ने आते ही दर्शकों का ध्यान खींच लिया है। ट्रेलर में कॉमेडी, पारिवारिक रिश्तों की मिठास और हल्के-फुल्के हंगामे का मजेदार मिश्रण देखने को मिल रहा है। फिल्म का निर्देशन आशीष आर. मोहन ने किया है, जबकि कहानी भी उन्होंने ही लिखी है।

फिल्म में कपिल शर्मा अपने खास कॉमिक अंदाज में नजर आ रहे हैं, वहीं नीतू कपूर की मौजूदगी कहानी में भावनात्मक जुड़ाव भी लाती है। इसके अलावा रिद्धिमा कपूर साहनी इस फिल्म के जरिए अपने नए सफर की शुरुआत कर रही हैं, जिससे यह प्रोजेक्ट उनके लिए बेहद खास बन गया है।

रिद्धिमा ने हाल ही में शूटिंग के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि यह उनके लिए एक यादगार सफर रहा। उन्होंने फिल्म के सेट पर बिताए पलों को खास बताते हुए कहा कि टीम के साथ काम करना उनके लिए सीखने और आनंद लेने का अनोखा अनुभव था।

वहीं फिल्म से जुड़े अन्य कलाकारों और टीम ने भी इस प्रोजेक्ट को एक खूबसूरत अनुभव बताया है। सभी का मानना है कि यह फिल्म दर्शकों को हंसी के साथ-साथ परिवार के साथ बिताए जाने वाले खास पलों की भी याद दिलाएगी।

(साभार)


एनडीएमए सदस्य डाॅ. असवाल ने आपदा की तैयारियों को परखा

आपदा का कारण न बनें विकास कार्य-असवाल

कहा-जीरो डेथ का लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में करें कार्य

देहरादून। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य डाॅ. दिनेश कुमार असवाल ने कहा कि आपदाओं में जीरो डेथ का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है, जब जोखिम के प्रभाव को न्यूनतम किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास आवश्यक है, लेकिन यह सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है कि विकास कार्य किसी नई आपदा का कारण न बनें।

यूएसडीएमए में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में डाॅ. असवाल ने आपदा प्रबंधन विभाग एवं राज्य के सभी 13 जनपदों की तैयारियों का व्यापक आकलन किया। उन्होंने जनपदों की क्षमताओं का परीक्षण करते हुए तैयारियों पर संतोष व्यक्त किया, साथ ही निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन के तहत आपदा जोखिम न्यूनीकरण को केंद्र में रखते हुए कार्य किया जाए तथा आपदा पूर्व तैयारी, जोखिम पहचान और न्यूनीकरण उपायों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने एसडीएमपी और डीडीएमपी की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में आपदा जोखिम न्यूनीकरण में यह मील का पत्थर साबित होंगे।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में लैंडस्लाइड अर्ली वार्निंग सिस्टम का विकास समय की आवश्यकता है। उन्होंने इसके लिए एनडीएमए स्तर पर हर संभव तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग का भरोसा दिलाया। डाॅ. असवाल ने राज्य के सभी जनपदों में मोबाइल कनेक्टिविटी के लिहाज से शैडो एरिया को चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों की सूची एनडीएमए को भेजी जाए। इन क्षेत्रों में संचार सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एनडीएमए टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश देगा।

बैठक के दौरान सचिव विनोद कुमार सुमन ने नदियों के चैनलाइजेशन के लिए ड्रेजिंग कार्यों हेतु एसडीआरएफ फंड में छूट प्रदान किए जाने का अनुरोध किया। इस पर डाॅ. असवाल ने कहा कि राज्य सरकार प्रस्ताव प्रस्तुत करे, जिसे एनडीएमए स्तर पर प्राथमिकता के साथ विचार कर आवश्यक छूट दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यों के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के अनुरोध पर भी उन्होंने सकारात्मक आश्वासन दिया।

युवा आपदा मित्र योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने सामुदायिक सशक्तीकरण को आपदा प्रबंधन की सबसे मजबूत कड़ी बताया और अधिक से अधिक लोगों को प्रशिक्षण से जोड़ने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि उपकरणों, मानव संसाधनों, संवेदनशील क्षेत्रों एवं गांवों की विस्तृत जीआईएस मैपिंग कर उन्हें जिला आपदा प्रबंधन योजना में शामिल किया जाए।

उन्होंने राज्य के सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, मॉल, अपार्टमेंट एवं स्टेडियम के लिए आपदा प्रबंधन योजना की अनिवार्यता पर बल दिया। इस संबंध में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने अवगत कराया कि रेखीय विभागों के प्लान तैयार किए जा चुके हैं तथा अन्य संस्थानों के प्लान तैयार करने की प्रक्रिया तेजी से प्रगति पर है।

डाॅ. असवाल ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक माह कम से कम एक बार सेना, वायु सेना, एसएसबी, बीएसएफ, एनडीआरएफ एवं अन्य अर्द्धसैनिक बलों के साथ समन्वय बैठक अवश्य करें, ताकि आपदा के समय त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। बैठक में सचिव खाद्य आनंद स्वरूप, एसीईओ प्रशासन महावीर सिंह चैहान, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, यूएलएमएमसी के निदेशक डाॅ. शांतनु सरकार आदि उपस्थित रहे।

पिरूल से बनाएं ब्रिकेट, एनडीएमए फंडिंग के लिए तैयार
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य डाॅ. दिनेश कुमार असवाल ने कहा कि उत्तराखण्ड में वनाग्नि की घटनाओं का एक प्रमुख कारण पिरूल है, जिसे यदि सही तरीके से उपयोग में लाया जाए तो यह समस्या के बजाय एक उपयोगी संसाधन बन सकता है। उन्होंने बताया कि पिरूल से ब्रिकेट (ईंधन के ठोस ब्लॉक) बनाने की पहल को बढ़ावा देने के लिए एनडीएमए बड़े स्तर पर फंडिंग करने के लिए भी तैयार है। इस दिशा में उन्होंने सभी जनपदों से प्रस्ताव तैयार कर एनडीएमए को भेजने को कहा। डाॅ. असवाल ने यह भी सुझाव दिया कि पिरूल के प्रभावी और बड़े पैमाने पर एकत्रीकरण के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से रोबोटिक्स जैसी अत्याधुनिक तकनीक अपनाने पर जोर दिया, जिससे कार्य अधिक तेज, सुरक्षित और दक्ष तरीके से किया जा सके।

आपदा सुरक्षित नए गांव और कस्बे बसाए जाएं
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य डाॅ. दिनेश कुमार असवाल ने कहा कि उत्तराखण्ड के अत्यधिक संवेदनशील गांवों से लोगों का चरणबद्ध विस्थापन सुरक्षित स्थानों पर नए गांव और कस्बे बसाकर किया जाए। उन्होंने हर जिले में एक माॅडल गांव/कस्बा बसाने का सुझाव दिया जो हर प्रकार की आपदा के लिहाज से पूर्णतः सुरक्षित हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियां बेहद नाजुक हैं, इसलिए बसावट और निर्माण की योजना उसी के अनुरूप बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में ऐसे निर्माण को प्रोत्साहित किया जाना जरूरी है, जो स्थानीय भौगोलिक संवेदनशीलता के अनुकूल हों और प्राकृतिक संतुलन को प्रभावित न करें। इसके लिए बिल्डिंग बायलॉज में आवश्यक संशोधन किए जाएं और उन्हें सख्ती से लागू किया जाए। डाॅ. असवाल ने निर्देश दिए कि यूएसडीएमए इन मानकों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करे, ताकि नियमों का पालन जमीन पर भी दिखाई दे और भविष्य में आपदा जोखिम को कम किया जा सके।

आपदा प्रबंधन में डिजीटल ट्विन तकनीक अपनाने पर जोर
देहरादून। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य डाॅ. दिनेश कुमार असवाल ने कहा कि आपदा प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाना जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से डिजिटल ट्विन तकनीक को लागू करने का सुझाव दिया, जिससे संभावित आपदाओं का पहले से आकलन कर बेहतर तैयारी की जा सके। साथ ही उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप्स को भी अवसर दिए जाएं, ताकि नई तकनीकों और समाधान का उपयोग कर आपदा प्रबंधन को और मजबूत बनाया जा सके।


पुलिस का बड़ा एक्शन: फायरिंग और रंगदारी गैंग के 4 आरोपी गिरफ्तार

खन्ना /पंजाब – पंजाब के खन्ना में पुलिस ने जबरन वसूली और फायरिंग की घटनाओं में शामिल एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के तार विदेश में बैठे गैंगस्टर डोनी बल और सिद्धू मूसेवाला के पूर्व मैनेजर रहे शगनप्रीत सिंह से जुड़े हैं।

पुलिस के अनुसार, 14 अप्रैल को पायल की दाना मंडी में एक आढ़ती की दुकान पर अज्ञात बदमाशों ने गोलियां चलाई थीं। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को पकड़ लिया, जिसकी पहचान उमेश कुमार के रूप में हुई। पूछताछ में उसने अपने साथी गौरव के साथ मिलकर फायरिंग करने की बात कबूल की।

आगे की जांच में खुलासा हुआ कि इस गिरोह का संचालन विदेश में बैठे शगनप्रीत सिंह और जगप्रीत सिंह कर रहे थे। ये दोनों अपने नेटवर्क के जरिए भारत में रंगदारी और अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिलवा रहे थे।

पुलिस ने बताया कि वारदात से पहले आरोपियों ने इलाके की रेकी की थी और पूरी योजना बनाकर फायरिंग की गई। इस साजिश में गुरविंदर सिंह उर्फ गोल्डी और गौरव उर्फ गोला की भी अहम भूमिका सामने आई है।

फिलहाल पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे गहन पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं।


बच्चों के सामने दरिंदगी करने वाले आरोपी पर कोर्ट का कड़ा रुख, दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा

दिल्ली- दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट ने एक बेहद संवेदनशील मामले में सख्त फैसला सुनाते हुए दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कठोर सजा दी है। अदालत ने आरोपी पर ₹50 हजार का जुर्माना भी लगाया है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रियंका भगत ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि आरोपी की कम उम्र उसे किसी प्रकार की राहत देने का आधार नहीं बन सकती। अदालत ने टिप्पणी की कि जिस तरह से आरोपी ने महिला को उसके बच्चों के सामने डराकर अपराध किया, वह अत्यंत क्रूर और निंदनीय है।

मामला अगस्त 2023 का है, जब पीड़िता को उसके पति ने घरेलू विवाद के बाद बच्चों सहित घर से निकाल दिया था। अगली सुबह एक चाय की दुकान पर बैठी महिला के पास आरोपी पहुंचा और चाकू के बल पर उसे जबरन अपने साथ ले गया।

आरोपी ने बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर महिला को मजबूर किया और सुनसान जगह पर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के दौरान उसके दो नाबालिग साथी भी मौके पर पहुंचे, जिनमें से एक ने भी अपराध में शामिल होकर महिला के साथ दरिंदगी की।

सुनवाई के दौरान अदालत ने पीड़िता की गवाही को विश्वसनीय मानते हुए कहा कि ऐसे मामलों में पीड़ित का बयान ही दोष सिद्ध करने के लिए पर्याप्त होता है। इस फैसले को महिला सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।


विधि-विधान के साथ खुले केदारनाथ धाम के कपाट

“हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंजा बाबा का धाम

सीएम धामी ने धाम पहुंचकर की विशेष पूजा-अर्चना

प्रधानमंत्री मोदी ने श्रद्धालुओं को पांच संकल्प अपनाने का दिया संदेश

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम के कपाट आज सुबह शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरा मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “जय बाबा केदार” के जयघोषों से गूंज उठा। इस पावन अवसर के साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु धाम में मौजूद रहे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी धाम पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली की कामना की, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धालुओं को पांच संकल्प अपनाने का संदेश दिया।

मंदिर को इस वर्ष करीब 51 कुंतल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया, जिसने केदारपुरी को दिव्य आभा से भर दिया। कपाट खुलने से पहले बाबा केदार की पंचमुखी डोली ओंकारेश्वर मंदिर से रवाना होकर कठिन पैदल मार्ग तय करते हुए केदारनाथ पहुंची। जंगलचट्टी, रामबाड़ा, लिनचोली और बेस कैंप होते हुए यह डोली धाम पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा के साथ भव्य स्वागत किया।

डोली के मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद परिक्रमा और विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान सैन्य बैंड की मधुर धुनों और डमरू की गूंज से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस और आईटीबीपी के जवानों की तैनाती के साथ पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

कपाट खुलने के साथ ही केदारनाथ यात्रा का विधिवत आगाज हो गया है। श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए भारी उत्साह के साथ पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए संदेश में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सेवा भावना, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा और यात्रा नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया गया है।

इस अवसर पर बदरी-केदार मंदिर समिति के पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे, जिन्होंने इस ऐतिहासिक क्षण को आस्था और भक्ति के साथ अनुभव किया।


पाकिस्तान से बैठा गैंगस्टर भट्टी भारत में चला रहा रंगदारी रैकेट, 2 आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली – पाकिस्तान से संचालित एक संगठित रंगदारी नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी का नाम सामने आया है। पुलिस के अनुसार, भट्टी भारत में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम का इस्तेमाल कर कारोबारियों से जबरन वसूली कर रहा है।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान मध्य प्रदेश के ग्वालियर निवासी 21 वर्षीय राजवीर और 19 वर्षीय विवेक बंजारा के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने कई अहम खुलासे किए हैं।

जांच में सामने आया कि भट्टी पाकिस्तान से ही फोन कॉल कर व्यापारियों को धमकाता है और वसूली के लिए वीपीएन का इस्तेमाल करता है। उसने पंजाब के जिरकपुर में एक क्लब मालिक से एक करोड़ रुपये की मांग भी की थी।

पुलिस के मुताबिक, आईएसआई के इशारे पर भट्टी ने अपनी रणनीति बदली है और अब वह भारत के गरीब युवाओं को निशाना बना रहा है। उन्हें 5 से 10 हजार रुपये का लालच देकर गैंग में शामिल किया जाता है और फायरिंग जैसी वारदातों को अंजाम दिलवाया जाता है।

आरोप है कि भट्टी पूरे ऑपरेशन को रिमोट तरीके से संचालित करता है। वह पाकिस्तान से लोकेशन और निर्देश भेजता है, जिसके आधार पर भारतीय युवक हथियार हासिल कर वारदात को अंजाम देते हैं। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और दिल्ली-एनसीआर में लगातार छापेमारी की जा रही है।


CBI का बड़ा एक्शन: द्वारका नारकोटिक्स सेल से ₹52 लाख बरामद, हवलदार गिरफ्तार

नई दिल्ली- दिल्ली पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल एक बार फिर विवादों में घिर गई है। मंगलवार रात सीबीआई की कार्रवाई में द्वारका स्थित सेल के दफ्तर से भारी नकदी बरामद होने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के मुताबिक, मादक पदार्थ तस्करी के एक मामले में उत्तम नगर से एक युवती की गिरफ्तारी के बाद उसके परिवार से पैसे की मांग की जा रही थी। युवती की मां ने इस संबंध में सीबीआई से शिकायत की, जिसके आधार पर एजेंसी ने जाल बिछाया।

कार्रवाई के दौरान सीबीआई ने एंटी नारकोटिक्स सेल में तैनात हवलदार अजय को ₹2 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद जब दफ्तर में तलाशी ली गई तो वहां से करीब ₹50 लाख की अतिरिक्त नकदी भी बरामद हुई।

इस मामले के सामने आने के बाद नारकोटिक्स सेल के प्रभारी सुभाष चंद्र को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त ने छापेमारी की पुष्टि की है। इस कार्रवाई के बाद दिल्ली पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और आगे की जांच जारी है।


आगामी नेशनल गेम्स में पदकों की संख्या बढ़ाने पर करें फोकस : रेखा आर्या

विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों के लिए गहन प्रशिक्षण शिविर लगाने पर जोर

आगामी नेशनल चैंपियनशिप जैसे आयोजन उत्तराखंड में कराने की तैयारी

देहरादून । नॉर्थ ईस्ट राज्यों में होने वाले 39 वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के पदकों की संख्या 38वें नेशनल गेम्स के मुकाबले और ज्यादा बढ़ाने पर फोकस किया जाएगा। सचिवालय के एफआरडीसी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या ने इसके निर्देश जारी किए।

बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि उन्होंने 24 घंटे के अंदर अधिकारियों को 39वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारी की पूरी कार्य योजना बनाकर देने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत खिलाड़ियों को गहन प्रशिक्षण दिए जाने, विभिन्न खेल संघों के साथ समन्वय बनाकर तैयारी करने और राष्ट्रीय खेलों से पहले विभिन्न खेलों की नेशनल चैंपियनशिप ज्यादा से ज्यादा संख्या में उत्तराखंड में आयोजित कराने के लिए कहा गया है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों से कहा कि मेघालय व अन्य नॉर्थ ईस्ट राज्यों के पास अगर साइकिलिंग, शूटिंग जैसे खेलों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी हो तो उन्हें इसकी सुविधा उत्तराखंड में देने पर विचार किया जाए।

बैठक में हल्द्वानी की गौलापार में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की तैयारी की भी समीक्षा की गई। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि जुलाई से शैक्षिक सत्र शुरू करने के लिए आवश्यक करिकुलम कमेटी व परिनियमावली कमेटी बना दी गई है और पद सृजित करने की प्रक्रिया को भी तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी के मामले में खेल विभाग चाहता है कि खेल विभाग में ही अधिसंख्य पद सृजित किए जाएं। इसके लिए तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश बैठक में अधिकारियों को दिए गए।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना और संविदा प्रशिक्षक नीति के शासनादेश में भी कुछ संशोधन करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे कि इन योजनाओं के वास्तविक लक्ष्यों को तेजी से प्राप्त करने में मदद मिल सके।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप उत्तराखंड में “एक जनपद एक खेल” नीति का प्रारूप तैयार कर लिया गया है और इस पर जल्द ही अमल शुरू कर दिया जाएगा।

बैठक में विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश मंमगाई, उपनिदेशक शक्ति सिंह आदि उपस्थित रहे।


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