Tuesday, April 7th, 2026

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प्रधानमंत्री का दौरा “विकसित उत्तराखंड” के लक्ष्य को धरातल पर उतारेगा- महाराज

Daily Archives: 07/04/2026

प्रधानमंत्री का दौरा “विकसित उत्तराखंड” के लक्ष्य को धरातल पर उतारेगा- महाराज

देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व संस्कृति, लोक निर्माण सिंचाई एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 14 अप्रैल के दौरे से उत्तराखंड को कई तरह के प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष लाभ होंगे। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण से जहां एक ओर दिल्ली-दून की यात्रा सुगम होने के साथ-साथ मात्र 2.5 घंटे में यात्री अपने गंतव्य तक पहुंच जायेंगे वहीं दूसरी ओर राज्य के पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।

पर्यटन, धर्मस्व संस्कृति, लोक निर्माण सिंचाई एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन उत्तराखंड के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा और उत्तराखंड “विकास मॉडल” के रूप में प्रोजेक्ट होगा। टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट से ऊर्जा सुरक्षा, पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार से हवाई कनेक्टिविटी और बनबसा लैंड पोर्ट से नेपाल-भारत व्यापार ये सभी परियोजनाएं “विकसित उत्तराखंड 2035” के लक्ष्य को धरातल पर उतारेंगी। देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे से चारधाम यात्रा, मसूरी, ऋषिकेश आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी भारी इजाफा होगा।

कैबिनेट मंत्री महाराज ने कहा कि एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, पर्यटन से होटल, ट्रांसपोर्ट, लोकल व्यापार में नए अवसर बढ़ेंगे। बेहतर सड़क-हवाई संपर्क से IT, वेलनेस टूरिज्म, फिल्म शूटिंग, और सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर में निवेश आएगा। हर जिले तक पर्यटक और उद्योग पहुंचेंगे तो पहाड़ से पलायन रुकेगा, स्थानीय युवाओं को यहीं रोजगार मिलेगा।

महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह दौरा सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि “विकसित उत्तराखंड के दशक” का शुभारंभ है। एक्सप्रेसवे से जो रफ्तार मिलेगी, वो 2026-2036 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था, पर्यटन और जीवन-स्तर को नई ऊंचाई देगी।


तहसील दिवस में 95 शिकायतें दर्ज, अधिकांश का मौके पर ही समाधान

जल संस्थान के जेई को सप्ताह में तीन दिन कल्जीखाल में बैठने के निर्देश

पेयजल से लेकर सड़क तक हर मुद्दे पर तुरंत कार्रवाई, त्वरित रूप से सोलर लाइट लगाने के निर्देश

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंडियाल में सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा रेबीज के टीके की उपलब्धता के निर्देश, एक्सरे सेवा होगी शुरू

दिव्यांग बालक के आधार कार्ड में आ रही दिक्कतों को लेकर ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, स्वास्थ्य विभाग तथा समाज कल्याण विभाग को समन्वय कर पेंशन उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश

तहसील दिवस में 95 शिकायतें दर्ज, स्थायी समाधान पर फोकस, आवश्यकता होने पर जिला योजना से समस्याओं के निराकरण की तैयारी

पौड़ी। तहसील पौड़ी के ग्राम घण्डियाल में आयोजित तहसील दिवस में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के लिए सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। कुल 95 शिकायतों में से अधिकांश का मौके पर ही समाधान करते हुए उन्होंने पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, आजीविका, वन्यजीव नियंत्रण एवं आधारभूत सुविधाओं से जुड़े मामलों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने योजनाओं की जमीनी पड़ताल के साथ आमजन से सीधा संवाद स्थापित करते हुए विभागीय समन्वय, क्षेत्रीय निरीक्षण, जवाबदेही एवं स्थायी समाधान पर विशेष बल दिया, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों तक प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो और आमजन को त्वरित राहत मिल सके।

जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद की सबसे बड़ी तहसील होने के कारण तहसील पौड़ी के अंतर्गत दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को प्रशासनिक सेवाओं का लाभ उनके नजदीक ही उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तहसील दिवस का आयोजन घंडियाल में किया गया। उन्होंने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए तहसील मुख्यालय तक लंबी दूरी तय न करनी पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होता है, जिससे शिकायतों का मौके पर ही समाधान संभव हो पाता है।

जिलाधिकारी द्वारा विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए सहकारिता, परिवीक्षा, बाल विकास, उद्यान, कृषि, पशुपालन, शिक्षा, राजस्व, आयुर्वेदिक, समाज कल्याण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त की गई। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से लाभार्थियों को प्रदान की जा रही सुविधाओं के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए आमजन से भी संवाद स्थापित किया। कार्यक्रम के दौरान वंदना को महालक्ष्मी किट प्रदान की गई, जबकि शिवांश, इशिका एवं जयश्री को नेमप्लेट वितरित कर प्रोत्साहित किया गया।

तहसील दिवस के दौरान पेयजल से जुड़ी समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने अनीता रावत की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए जेई को मौके जाने के निर्देश दिए। देवल गांव में क्षतिग्रस्त पेयजल पाइपलाइन एवं नलों के सुधार के लिए दीर्घकालिक समाधान हेतु इसे जिला योजना में शामिल करने तथा तब तक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। भेडुली गांव में पेयजल आपूर्ति को सुचारु बनाने के लिए तकनीकी समस्याओं के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए। वहीं धारी गांव में सड़क निर्माण से प्रभावित पाइपलाइन के संबंध में संबंधित विभागों को तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन पाइपजल योजनाओं को जल जीवन मिशन के अंतर्गत आच्छादित नहीं किया गया है, उनका शीघ्र आकलन तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर उन्हें उपलब्ध कराया जाए। पेयजल समस्याओं के समग्र समाधान के लिए उन्होंने अधीक्षण अभियंता जल संस्थान को अगले तीन दिन क्षेत्र का भ्रमण कर सभी समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही संयुक्त मजिस्ट्रेट पौड़ी को आगामी 20 अप्रैल तक क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर समन्वित कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने जल संस्थान के जेई तथा एई को निर्देश दिए कि वे फोन पर प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत की गंभीरता से सुनें तथा मौके पर जाकर उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की सतत निगरानी बनाए रखने के लिए जेई को सप्ताह में तीन दिन (सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार) कल्जीखाल कार्यालय में अनिवार्य रूप से बैठने तथा कार्यालय के बाहर अपना संपर्क नंबर चस्पा करने के निर्देश भी दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में पेजयल लाईनों को दुरुस्थ रखने के लिए तैनात प्लम्बरों को जिला योजना से दिए जाने वाले मानदेय में देरी की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्लम्बरों को उनके कार्य का भुगतान वार्षिक के स्थान पर त्रैमासिक आधार पर किया जाए, ताकि उन्हें समय पर पारिश्रमिक मिल सके और वे बेहतर तरीके से पेयजल व्यवस्थाओं के रखरखाव एवं त्वरित मरम्मत कार्यों को सुनिश्चित कर सकें।

बेडगांव में वन्यजीवों से सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु जिलाधिकारी ने उरेडा विभाग को गांव में सोलर लाइट स्थापित करने के निर्देश दिए। कुक्कुट पालन से संबंधित प्राप्त आवेदनों पर उन्होंने मुख्य पशुचिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि इन्हें आगामी जिला योजना में शामिल कर पात्र आवेदकों को लाभान्वित किया जाए। सुतार गांव में काश्तकारों की फसलों को वन्यजीवों से बचाने के लिए खेतों की घेराबंदी हेतु सामूहिक प्रस्ताव प्राप्त कर उसे जिला योजना में सम्मिलित करने को कहा।

घंडियाल बाजार में पार्किंग की समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी ने बाजार के आसपास विभिन्न स्थानों पर पॉकेट पार्किंग विकसित करने के लिए राजस्व कर्मियों को उपयुक्त भूमि का चिन्हीकरण करने के निर्देश दिए, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु हो सके और आमजन को बेहतर सुविधा मिल सके। जिलाधिकारी ने सुतारगांव-ढबढेकरी मोटर मार्ग के प्रस्ताव पर शासन स्तर पर अनुश्रवण जारी रखने को कहा। साथ ही दिउसा में डामरीकरण योग्य सड़कों को जिला योजना में प्राथमिकता से शामिल करने, कल्जीखाल-ढाढूखाल मार्ग की शीघ्र मरम्मत और सूला-सुबडा मार्ग के क्षतिग्रस्त पुश्तों के सुधार हेतु त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया गया, ताकि आवागमन सुरक्षित व सुगम हो सके।

न्याय पंचायत घंडियाल, पंचाली एवं बिलखेत में जंगली जानवरों की बढ़ती समस्या को लेकर ग्रामीणों द्वारा पिंजरे लगाए जाने की मांग पर जिलाधिकारी ने वन विभाग को तत्काल टीम भेजकर क्षेत्र में गश्त बढ़ाने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उद्यान विभाग द्वारा पौध वितरण को लेकर प्राप्त शिकायतों पर जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए निर्देश दिए कि यदि वितरित पौधे जीवित नहीं रह पा रहे हैं, तो उनकी गुणवत्ता की तत्काल जांच करायी जायेगी तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई अमल में लायी जायेगी। साथ ही उन्होंने उद्यान विभाग के अधिकारियों को संबंधित न्याय पंचायत में स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करने के भी निर्देश दिए। साथ ही घंडियाल क्षेत्र में घेरबाड़ एवं सोलर लाइट स्थापना की मांग पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि आवश्यक परीक्षण करते हुए प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र में सुरक्षा एवं सुविधाओं को मजबूत किया जा सके।

घण्डियाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रेबीज के टीके की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु जिलाधिकारी ने एसीएमओ को निर्देश दिए कि आवश्यक दवाओं की शीघ्र आपूर्ति कराते हुए आमजन को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाए। सीएचसी घण्डियाल में सोलर स्ट्रीट लाइट, चिकित्सालय तक मोटर मार्ग की मरम्मत एवं भवन सुदृढ़ीकरण से संबंधित शिकायतों पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि सीएचसी घंडियाल सहित जनपद के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में मूलभूत सुविधिओं व भवन सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता को लेकर यथाशीघ्र परीक्षण करवाते हुए प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराए जाएं, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सके। जिलाधिकारी ने घंडियाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं जायजा लेते हुए चिकित्सकों से आवश्यक जानकारी प्राप्त करते हुए अवगत कराया कि एक्स-रे तकनीशियन की व्यवस्था तथा मोबाइल एक्स-रे सेवा आगामी दो दिनों में प्रारंभ कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में रक्त जांच की सुविधा निरंतर संचालित है, जिससे मरीजों को समय पर जांच उपलब्ध हो रही है।

घंडियाल निवासी राजपाल सिंह द्वारा आर्थिक सहायता हेतु दिए गए आवेदन पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रकरण का परीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने हेतु प्रस्ताव प्रेषित किया जाए। ग्राम बिलखेत के अरविंद कुमार के दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाए जाने हेतु जिलाधिकारी ने एसीएमओ को निर्देशित किया कि लाभार्थी को अगले बुधवार को एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल पौड़ी लाया जाए तथा प्राथमिकता के आधार पर दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाकर उन्हें आवश्यक लाभ उपलब्ध कराया जाए। दिव्यांग बालक के आधार कार्ड बनाने में आ रही अड़चनों को संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने ई-डिस्ट्रक्ट मैनेजर व जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिये कि आपसी समन्वय से शीघ्र हीं बालक का आधार कार्ड बनाया जाए, ताकि बालक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले सके। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन लोगों के आधार कार्ड अब तक नहीं बन पाए हैं, उनके लिए इस माह सुपरवाइजर स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किया जाए, जिसमें 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी पात्र व्यक्ति आसानी से अपना आधार कार्ड बनवा सकेंगे, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी।

हॉट मिक्स प्लांट से संबंधित शिकायत पर जिलाधिकारी ने तहसीलदार को निर्देशित किया कि स्थल का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन करें तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

तहसील दिवस में ब्लॉक प्रमुख गीता देवी, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, पुलिस उपाधीक्षक तुषार बोरा, जिला पंचायतराज अधिकारी जितेन्द्र कुमार, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण वर्मा, जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ शैलेन्द्र पाण्डेय, जिला मत्स्य अधिकारी अभिषेक मिश्रा, एसडीओ फॉरेस्ट आईशा बिष्ट, अधिशासी अभियंता विद्युत अभिनव रावत, ग्रामीण निर्माण विभाग विनोद जोशी, सहायक अभियंता लोनिवि अंकिता सक्सेना, अर्चना कोली, पीएम स्वजल दीपक रावत, खण्ड विकास अधिकारी चन्द्रप्रकाश बलूनी सीडीपीओ आशा रावत, सामाजिक कार्यकर्ता जगमोहन डांगी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


सोमेश्वर में देव पूजन वैशी कार्यक्रम में शामिल हुईं मंत्री रेखा आर्या

अल्मोड़ा। सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जीतब स्थित श्री हरज्यू मंदिर में आयोजित देव पूजन वैशी कार्यक्रम में प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ धार्मिक आस्था से जुड़े स्थलों के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि मानसखंड माला योजना के अंतर्गत विभिन्न तीर्थ स्थलों का जीर्णोद्धार एवं विकास किया जा रहा है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संजोना सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

 

इस मौके पर ग्राम प्रधान विनोद बोरा, क्षेत्र पंचायत सदस्य विनोद मेहरा, मंदिर कमेटी संरक्षक नवीन चंद्र सिंह बोरा, उपाध्यक्ष मोहन नाथ, कोषाध्यक्ष हीरा सिंह बोरा, क्षेत्र पंचायत सदस्य दीवान राम, पूर्व ग्राम प्रधान दीवान राम, बृजेश जोशी, कैलाश चंद्र जोशी, प्रकाश सिंह बोरा, सहकारिता बैंक अध्यक्ष सुरेश बोरा, ललित सिंह बोरा, कमल सिंह बोरा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने विभागीय अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

आयुष विभाग को मजबूत बनाने पर सरकार का फोकस

देहरादून। प्रदेश के आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मंत्री ने कहा कि आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग राज्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण विभाग है जिसके अंतर्गत राज्य में 3 राजकीय परिषर 13 जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवा कार्यालय, 21 निजी महाविद्यालय, 13 जिला होम्योपैथिक कार्यालय के साथ अन्य अनेक संस्थाएं संचालित हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय को लेकर कुछ समस्याओं पर आज समीक्षा की गयी है जिसको लेकर महानिदेशक की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर समस्याओं का तत्काल प्रभाव से निवारण हेतु निर्देशित किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि अन्य विभागों के साथ बैठक कर जल्द ही समस्याओं का समाधान किया जायेगा।

मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों में स्थित धर्मशालाओं तथा बड़े होटलों को आयुर्वेद से जोड़ने को लेकर अधिकारियों से योजना बनाने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि विभाग ऐसी नीति बनाये जिससे जनमानस को प्रभावित किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में आयुर्वेद को बड़े संसाधन के तौर पर स्थापित करना हमारा संकल्प है। मंत्री ने कहा कि आयुष विभाग ब्लॉक स्तर तथा न्याय पंचायत स्तर पर वैलनेस तथा योग एवं पंचकर्म जैसी सुविधाओं को जोड़ने हेतु अवधारणा लागू करने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं।

आयुष मंत्री ने आयुर्वेद विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की जिसमें शिक्षा तथा शोध के कार्यों पर चर्चा की गई। मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय से जुड़े हुए सभी प्रकरणों की बिन्दुवार समीक्षा की जाए तथा उचित समाधान निकाला जाए। आयुर्वेद एवं यूनानी सेवा के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 852 चिकित्सालय तथा 5491 आयुर्वेदिक डॉक्टर, 1226 होम्योपैथिक डॉक्टर, 201 यूनानी डॉक्टर, 10 सिद्ध डॉक्टर तथा 18 प्राकृतिक चिकित्सा डॉक्टर उपलब्ध हैं इसके साथ ही फार्मासिस्ट, नर्स एवं सहायक उपलब्ध हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि रिक्त पदों पर अधियाचन भेजें तथा रिक्तियों को पूर्ण करने का कार्य किया जाए।

इस अवसर पर सचिव आयुष रंजना राजगुरू, अपर सचिव/निदेशक विजय कुमार जोगदंडे तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


बंगाल के चुनावी रण में उत्तराखंड के ‘धाकड़’ धामी की एंट्री, बनगांव में दिखा जनसैलाब

बनगांव में धुरंधर धामी का दमदार रोड शो

धामी को सुनने के लिए बनगांव में उमड़ा जनसैलाब

ममता सरकार पर साधा तीखा निशाना

सिंडिकेट के रूप में काम कर रही TMC – धामी

भाजपा आई तो भय और भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम!

देहरादून/बनगांव (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं और इसी के साथ भाजपा ने अपने धाकड़ और धुरंधर स्टार प्रचारक, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को चुनावी मैदान में उतार दिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बनगांव पहुंचे, जहां उन्होंने बनगांव दक्षिण सीट से स्वप्न मजूमदार, बनगांव उत्तर सीट से अशोक कीर्तनिया, बगदा सीट से सोमा ठाकुर और गैघाटा सीट से सुब्रत ठाकुर के नामांकन कार्यक्रम में भाग लिया।

इससे पहले उन्होंने भव्य रोड शो और जनसभा के माध्यम से भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील की। रोड शो और जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ और लोगों का उत्साह इस बात का संकेत दे रहा था कि धामी की लोकप्रियता अब उत्तराखंड की सीमाओं से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी है। लोग उन्हें एक निर्णायक और जननेता के रूप में देख रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहचान आज एक धाकड़, निर्णायक और सख्त फैसले लेने वाले नेता के रूप में स्थापित हो चुकी है। समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्णय हो, अतिक्रमण के खिलाफ सख्त अभियान, नकल विरोधी कानून या भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई—इन फैसलों ने उन्हें एक मजबूत प्रशासक के रूप में स्थापित किया है। उत्तराखंड में लिए गए इन साहसिक निर्णयों के चलते कई लोग उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में देखते हैं जो राज्य की सांस्कृतिक पहचान और मूल स्वरूप को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

यही कारण है कि कर्नाटक, ओडिशा, बिहार, पंजाब और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में भी चुनावों के दौरान भाजपा के स्टार प्रचारकों की सूची में मुख्यमंत्री धामी का नाम प्रमुखता से शामिल रहा है। अब पश्चिम बंगाल में भी भाजपा ने अपने इस धुरंधर प्रचारक को चुनावी रण में उतारा है, जहां उनके कार्यक्रमों में उमड़ रही भीड़ उनकी बढ़ती लोकप्रियता का संकेत मानी जा रही है।

बनगांव की जनसभा में मुख्यमंत्री धामी ने टीएमसी और ममता सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सरकार एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक “सिंडिकेट” के रूप में काम कर रही है। कट और कमीशन इस सरकार की पहचान बन चुके हैं। लोगों को डराना, धमकाना और लूटना इनकी राजनीति का हिस्सा बन गया है।

उन्होंने कहा कि देशभर में डबल इंजन सरकार विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है और पश्चिम बंगाल में भी डबल इंजन सरकार बनने के बाद विकास, समृद्धि और सुशासन का नया दौर शुरू होगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बनगांव की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब इस बात का संकेत है कि इस बार पश्चिम बंगाल में परिवर्तन की लहर है और भारी बहुमत से कमल खिलने जा रहा है। उन्होंने जनता से भाजपा प्रत्याशियों को विजयी बनाने की अपील करते हुए कहा कि कमल खिलेगा तो समृद्धि आएगी, विकास आएगा और कानून का राज स्थापित होगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की छवि एक ऐसे धाकड़ और निर्णायक नेता की बन चुकी है, जो सख्त फैसले लेने से पीछे नहीं हटते—और यही उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभर रही है। पश्चिम बंगाल में उनका यह दौरा भाजपा के चुनाव अभियान को और धार देने वाला माना जा रहा है।


आईपीएल 2026- मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच मुकाबला आज

जीत की राह पर लौटना चाहेगी MI

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में आज क्रिकेट प्रेमियों को एक हाई-वोल्टेज मुकाबला देखने को मिलेगा, जब मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स आमने-सामने होंगी। एक तरफ मुंबई पिछली हार के बाद वापसी की तलाश में है, तो दूसरी ओर राजस्थान की टीम इस सीजन में शानदार फॉर्म में नजर आ रही है। इस मुकाबले में सबकी निगाहें हार्दिक पांड्या की फिटनेस पर टिकी रहेंगी, जिनकी वापसी मुंबई के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

मुंबई इंडियंस के लिए यह मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है। टीम ने सीजन की शुरुआत जीत से की थी, लेकिन पिछले मैच में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हार ने उसकी लय को प्रभावित किया। अब मुंबई को ऐसी टीम से भिड़ना है जो इस सीजन में अब तक अजेय रही है।

हार्दिक की वापसी से मिलेगी मजबूती
पिछले मैच में हार्दिक पांड्या की गैरमौजूदगी ने मुंबई के संतुलन को प्रभावित किया था। उनकी जगह शामिल किए गए दीपक चाहर ने गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन ट्रेंट बोल्ट की जगह कॉर्बिन बॉश को खिलाने का फैसला टीम के लिए महंगा साबित हुआ। हालांकि अब राहत की खबर यह है कि हार्दिक ने अभ्यास शुरू कर दिया है और उनके इस मुकाबले में खेलने की संभावना जताई जा रही है।

जसप्रीत बुमराह अब तक किफायती गेंदबाजी कर रहे हैं, लेकिन विकेट नहीं ले पाए हैं, जबकि शार्दुल ठाकुर को भी अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा। स्पिन विभाग में मिचेल सैंटनर ने अपनी उपयोगिता साबित की है और उनका खेलना लगभग तय माना जा रहा है।

बल्लेबाजी में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं
मुंबई की बल्लेबाजी इकाई फिलहाल संतुलित दिख रही है और इसमें बड़े बदलाव की संभावना कम है। हालांकि राजस्थान के मजबूत टॉप ऑर्डर के सामने मुंबई के गेंदबाजों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।

राजस्थान का आत्मविश्वास चरम पर
राजस्थान रॉयल्स इस सीजन में शानदार लय में है। यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी की ओपनिंग जोड़ी टीम को लगातार मजबूत शुरुआत दे रही है। ध्रुव जुरेल भी मिडिल ऑर्डर में तेजी से रन जोड़ रहे हैं।

कप्तान रियान पराग भले ही बल्ले से बड़ा योगदान नहीं दे पाए हों, लेकिन उनका नेतृत्व टीम के आत्मविश्वास को बनाए हुए है। गेंदबाजी में रवि बिश्नोई और तुषार देशपांडे ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। बिश्नोई दो मैचों में पांच विकेट ले चुके हैं, जबकि देशपांडे ने डेथ ओवरों में अपनी काबिलियत साबित की है।

संभावित प्लेइंग-11
राजस्थान रॉयल्स: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, रियान पराग (कप्तान), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), शिमरॉन हेटमायर, रवींद्र जडेजा, डोनोवन फरेरा, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर, संदीप शर्मा, रवि बिश्नोई।

मुंबई इंडियंस: रोहित शर्मा, रेयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पांड्या, नमन धीर, मिचेल सैंटनर, ट्रेंट बोल्ट/कॉर्बिन बॉश, शार्दुल ठाकुर, दीपक चाहर, जसप्रीत बुमराह।

मैच से जुड़ी जरूरी जानकारी:

तारीख: 7 अप्रैल 2026 (मंगलवार)
स्थान: गुवाहाटी का बारसापारा क्रिकेट स्टेडियम
समय: शाम 7:30 बजे (टॉस 7:00 बजे)
लाइव प्रसारण: स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क
लाइव स्ट्रीमिंग: जियोहॉटस्टार ऐप


जन समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता- मुख्यमंत्री

स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर फोकस करें- मुख्यमंत्री

विकास कार्यों में देरी पर अधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी

चारधाम यात्रा से पहले सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश

देहरादून। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। विधायकगणों द्वारा अपने क्षेत्र की जिन समस्याओं को उठाया जा रहा है, अधिकारी उन्हें गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। जिन योजनाओं का समाधान शीघ्र हो सकता है, यह सुनिश्चित किया जाए कि उनमें अनावश्यक विलंब न हो। कार्यों में अनावश्यक देरी करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय से जन समस्याओं का समाधान करें। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र थराली, कर्णप्रयाग, केदारनाथ, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग की समीक्षा के दौरान ये निर्देश अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनप्रतिनिधियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए अधिकारी आमजन की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। हेली एंबुलेंस की समय पर उपलब्धता और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किए जाएं। निर्माण से संबंधित कार्यों में यदि किसी विभाग द्वारा प्रस्ताव किसी अन्य विभाग को हस्तांतरित किया जाना है, तो उसे शीघ्र भेजा जाए। विलंब करने पर संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय की जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विधायकगणों द्वारा बैठक में उठाई गई समस्याओं का संबंधित विभागीय सचिव प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित वन विभाग के स्तर पर लंबित प्रकरणों की अलग से समीक्षा की जाए। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि मानसून से पहले वर्षाकाल की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। बाढ़ नियंत्रण से संबंधित कार्य समय पर पूर्ण किए जाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी चारधाम यात्रा के दृष्टिगत सभी तैयारियां समय पर पूर्ण कर ली जाएं। वाणिज्यिक सिलेंडरों के संबंध में होटल एसोसिएशन के साथ समय-समय पर बैठक कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। यात्रा के लिए सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाया जाए।

बैठक में कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, विधायक कर्णप्रयाग अनिल नौटियाल, विधायक थराली भूपाल राम टम्टा, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, नितेश झा, दिलीप जावलकर, सचिन कुर्वे, रविनाथ रमन, एस.एन. पांडेय, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, धीराज गर्ब्याल, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से संबंधित जिलाधिकारी उपस्थित थे।


मंत्री खजान दास ने विभागीय अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

क्षेत्रीय बोलियों और भाषाओं के संरक्षण पर जोर, नवाचार बढ़ाने की अपील

देहरादून।  प्रदेश के भाषा विभाग के मंत्री खजान दास ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में मंत्री ने भाषा विभाग के कार्यों की विस्तार से जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित अधिकारियों को विभिन्न बिन्दुओं पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। मंत्री ने कहा कि भाषा विभाग राजभाषा हिन्दी, उत्तराखण्ड की क्षेत्रीय बोलियों को विकसित करने एवं उर्दू, पंजाबी भाषाओं को संवर्द्धित करने, प्राचीन साहित्य को संरक्षित रखते हुए विश्व स्तरीय सम्मानित एवं सर्वाधिक प्रचलित व प्रयोग में लाई जाने वाली भाषाओं के समकक्ष लाने के लिए अच्छा कार्य कर रहा है अधिकारियों को चाहिए कि वे और बेहतर कार्य करें। उन्होंने कहा कि भाषा विभाग प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सपनों के अनुसार नवाचार पर अधिक बल दें। प्रदेश के युवा एवं बाल साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने हेतु विशेष प्रयास किये जाएं।

मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि भाषा विभाग के अंतर्गत किये जाने वाले कार्यों हेतु विभागीय बजट का बढ़ाया जाना अति आवश्यक है लिहाजा विभागीय अधिकारी उत्तराखण्ड भाषा विभाग के ढांचे, विभाग के अंतर्गत होने वाले प्रशिक्षण शिविरों के आयोजन, भाषा अध्ययन केन्द्रों की स्थापना, पुस्तक मेलों के आयोजन, साहित्य ग्राम की स्थापना, साहित्य कल्याण कोष एवं बुजुर्ग साहित्यकारों को पेंशन योजना से आच्छादित करने हेतु बजट प्रस्ताव तैयार करें।

मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश के गढ़वाल, कुमांऊ व जौनसार बावर क्षेत्र में विभिन्न अवसरों पर होने वाले पौराणिक गायनों का अभिलेखिकरण एवं दस्तावेजीकरण अति आवश्यक है लिहाजा अधिकारी जौनसार बावर क्षेत्र में पौराणिक काल से प्रचलित पंडवाणी गायन बाकणा जो विलुप्ति के कगार पर है सहित गढ़वाल व कुमांऊ के प्रचलित पौराणिक गायनों के अभिलेखिकरण एवं दस्तावेजीकरण हेतु संबंधित क्षेत्रों में आयोजित होने वाले मेलों व कार्यक्रमों में जाकर स्थलीय निरीक्षण करें।

मंत्री ने कहा कि दीर्घकालीन साहित्यिक योगदान एवं साहित्य सेवा के लिए साहित्यकारों को दिया जाने वाला दीर्घकालीन साहित्यसेवी सम्मान आगामी समय में प्रदेश के अधिक से अधिक पात्र साहित्यकारों को दिया जाए।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि भाषा संस्थान की साधारण सभा के गठन हेतु प्रदेश के जिन जनपदों से संबंधित जिलाधिकारियों द्वारा साहित्यकारों के नाम नहीं दिये गये हैं उनसे पुनः पत्राचार कर साहित्यकारों के नाम मांगे जाएं।

इस अवसर पर भाषा विभाग से सचिव उमेश नारायण पाण्डेय, अपर सचिव मायावती डकरियाल, निदेशक जसविन्दर कौर एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


दायित्वों का बंटवारा जारी, फिर भी वन निगम बिना मुखिया—दो सूचियों के बाद भी इंतज़ार

प्रदेश में दायित्वधारियों की नियुक्तियों का सिलसिला तेज़ हो गया है। हाल ही में दो अलग-अलग सूचियाँ जारी की गईं, जिनमें पहले 14 और फिर 7 नेताओं को विभिन्न निगमों, बोर्डों और समितियों में जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं। इसके बावजूद, वन निगम अब भी अपने मुखिया के इंतज़ार में है।

वन निगम का अध्यक्ष पद करीब दो वर्षों से खाली पड़ा है। वर्ष 2024 में तत्कालीन अध्यक्ष कैलास गहतोड़ी के निधन के बाद से यह जिम्मेदारी किसी को नहीं सौंपी जा सकी है। उम्मीद जताई जा रही थी कि नई दायित्वधारी सूची में इस पद पर भी नियुक्ति हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।

सिर्फ अध्यक्ष पद ही नहीं, बल्कि वन विकास निगम का पूरा ढांचा ही अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है। जीएम, आरएम और डीएलएम जैसे कई महत्वपूर्ण पद लंबे समय से रिक्त हैं, जिन पर फिलहाल प्रभारी व्यवस्था के सहारे काम चलाया जा रहा है।

इसी तरह कुमाऊं मंडल विकास निगम और गढ़वाल मंडल विकास निगम में भी अध्यक्ष पद खाली हैं। मंडियों की समितियों में भी अब तक अध्यक्षों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। वहीं, बीस सूत्रीय कार्यक्रम में भी उपाध्यक्षों के पद खाली पड़े हैं।

इन परिस्थितियों के बीच पार्टी कार्यकर्ताओं और संबंधित लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में इन सभी पदों पर नियुक्तियाँ की जाएंगी और लंबित दायित्वों का बंटवारा पूरा होगा।


क्या चीनी खाने से बढ़ता है हृदय रोग का खतरा, आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

आज की तेज रफ्तार जिंदगी और बदलती खानपान की आदतों के बीच हृदय रोग एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनकर उभर रहे हैं। अक्सर लोग दिल की सेहत को लेकर नमक और तेल पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन रोजमर्रा की डाइट में शामिल अधिक चीनी भी उतनी ही खतरनाक साबित हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, अनजाने में बढ़ती शुगर की मात्रा दिल समेत पूरे शरीर पर गहरा असर डाल रही है।

वर्तमान समय में हृदय रोग तेजी से बढ़ रहे हैं और इसका दायरा अब हर उम्र वर्ग तक पहुंच चुका है। डॉक्टरों का मानना है कि खराब जीवनशैली, असंतुलित आहार और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। खासतौर पर खानपान में बढ़ती चीनी की मात्रा एक छिपा हुआ खतरा बनती जा रही है, जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।

विशेषज्ञ बताते हैं कि जहां ज्यादा नमक ब्लड प्रेशर बढ़ाकर दिल को नुकसान पहुंचाता है, वहीं अत्यधिक चीनी का सेवन भी हृदय रोगों के जोखिम को कई गुना बढ़ा देता है। आमतौर पर चीनी को डायबिटीज से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इसका असर सीधे दिल की सेहत पर भी पड़ता है।

दरअसल, पैकेज्ड फूड, सॉफ्ट ड्रिंक, मिठाइयों और प्रोसेस्ड चीजों में छिपी अतिरिक्त चीनी शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ाती है, जिससे मोटापा बढ़ता है। मोटापा ही आगे चलकर हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हृदय रोगों का बड़ा कारण बनता है।

अध्ययनों के मुताबिक, ज्यादा चीनी का सेवन शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ाता है, जिससे बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और गुड कोलेस्ट्रॉल कम हो जाता है। यह स्थिति धमनियों में फैट जमा होने का कारण बनती है, जिससे ब्लड फ्लो प्रभावित होता है और हार्ट अटैक व स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि अधिक चीनी शरीर में सूजन (इंफ्लेमेशन) को बढ़ाती है, जो रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाती है। इससे दिल की कार्यक्षमता पर असर पड़ता है और लंबे समय में गंभीर हृदय रोग विकसित हो सकते हैं।

कार्डियोलॉजिस्ट्स की सलाह है कि दिल को स्वस्थ रखने के लिए केवल नमक ही नहीं, बल्कि चीनी का सेवन भी सीमित करना बेहद जरूरी है। खासतौर पर मीठे पेय पदार्थ जैसे कोल्ड ड्रिंक, सोडा और पैकेट वाले जूस से दूरी बनाना चाहिए, क्योंकि इनमें अत्यधिक मात्रा में शुगर मौजूद होती है।

इसके अलावा, ज्यादा मीठे पेय पदार्थ केवल दिल ही नहीं बल्कि लिवर के लिए भी नुकसानदायक होते हैं। इनमें मौजूद फ्रुक्टोज लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे समय के साथ लिवर संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

विशेषज्ञ संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और प्राकृतिक खाद्य पदार्थों को अपनाने की सलाह देते हैं। ताजे फल-सब्जियों का सेवन बढ़ाना और प्रोसेस्ड व मीठी चीजों से दूरी बनाना दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मददगार साबित हो सकता है।

(साभार)


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