Thursday, April 16th, 2026

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विकास कार्यों में समन्वय और पारदर्शिता पर जोर, आजीविका योजनाओं को गति देने के निर्देश

Daily Archives: 16/04/2026

विकास कार्यों में समन्वय और पारदर्शिता पर जोर, आजीविका योजनाओं को गति देने के निर्देश

क्लस्टर खेती और मनरेगा कन्वर्जेंस से विकास कार्यों को गति देने के निर्देश

पौड़ी। मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने विकास भवन सभागार में आयोजित मासिक स्टाफ बैठक में आजीविका उन्मुख योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय, पारदर्शी लाभार्थी चयन एवं मनरेगा कन्वर्जेंस के माध्यम से विकास कार्यों को गति देने पर विशेष बल दिया। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए जनहित की योजनाओं को धरातल पर तेजी से लागू किया जाए, ताकि ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ कर आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल सके।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आजीविका से जुड़े विभागों कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं मत्स्य के साथ समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि समूह आधारित गतिविधियों के माध्यम से क्लस्टर खेती को बढ़ावा दिया जाए। इसके लिए एक सप्ताह के भीतर विकासखंड स्तर पर संबंधित विभागीय एवं क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर आवश्यक धरातल पर कार्यो को गति प्रदान करना सुनिश्चित करें।

उन्होंने विशेष रूप से ड्रैगन फ्रूट, मशरूम आदि नवाचार आधारित कृषि उत्पादों के उत्पादन हेतु स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने को कहा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि प्रत्येक माह कम से कम दो बार इस प्रकार की समन्वय बैठक आयोजित की जाए तथा बैठक के तीन दिवस के भीतर कार्यवाही विवरण विकास भवन कार्यालय को उपलब्ध कराए जाएं।

बैठक के दौरान आजीविका से जुड़े विभागों द्वारा अपनी-अपनी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गयी, जिससे आपसी समन्वय को और अधिक मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सर्वाेपरि होनी चाहिए और लाभार्थियों का चयन निष्पक्ष एवं सत्यापन के आधार पर किया जाए, ताकि वास्तविक जरूरतमंद एवं मेहनती काश्तकार किसी भी योजना से वंचित न रहें।

उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागों से प्राप्त प्रस्तावों का गहन परीक्षण करने के उपरांत ही अग्रसारित किया जाए, जिससे पात्र व्यक्तियों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा सके। इसके इसके अलावा उन्होंने मनरेगा कन्वर्जेंस के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों को शीघ्र प्रस्तुत करने तथा वार्षिक लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु मासिक प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा बैठक में मनरेगा, एनआरएलएम, यूएसआरएलएम, मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम योजना एवं प्रोजेक्ट उन्नति जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की समीक्षा भी की गयी।

इस अवसर पर परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, एलडीएम किशन रावत, परियोजना प्रबंधक ग्रामोत्थान कुलदीप बिष्ट, मत्स्य अधिकारी अभिषेक मिश्रा सहित सभी खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।


छात्रवृत्ति योजनाओं में किसी भी तरह की त्रुटि बर्दाशत नहीं की जायेगी- खजान दास

समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने विभागीय अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
देहरादून। प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मंत्री ने समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत चल रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि विभाग के समस्त कर्मचारीगण आपसी समन्वय तथा जिम्मेदारी से अपनी योग्यता के अनुसार कार्य करें जिससे विभाग की प्रगति में सुधार लाया जा सके। उन्होंने पेंशन योजनाओं के तहत विधवा एवं दिव्यांग पेंशन को 1500 रूपये से 25 प्रतिशत बढ़ाकर 1875 रूपये कर दी गई है। तथा बौना पेंशन तथा तीलू रौतेली पेंशन को 1200 रूपये से बढ़ाकर 1500 रूपये करने तथा दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान को 700 रूपये को बढ़ाकर 1000 रूपये करने हेतु अधिकारियों को जरूरी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश  दिये।
समाज कल्याण मंत्री ने छात्रवृत्ति योजनाओं से संबंधित सत्यापन के तरीके को सुदृढ़ बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि छात्रवृत्ति योजनाओं में किसी भी तरह की त्रुटि बर्दाशत नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लाभार्थी छात्रवृत्ति योजनाओं से वंचित न रहने पाएं। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित अनुदान योजनाओं के बारे में भी समीक्षा की।
मंत्री ने राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय तथा राजकीय औद्योगिक आस्थानों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राजकीय औद्योगिक आस्थानों में नये ट्रेड शुरू किये जाएं तथा अनुभवी शिक्षकों, प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाए। मंत्री ने डॉ0 बीआर अम्बेडकर अनुसूचित जाति छात्रावास की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में इस तरह के 14 छात्रावास संचालित किये जा रहे हैं।
मंत्री ने गर्लस इण्टर कॉलेज मसूरी के छात्रावास भवन का पुनर्निर्माण 03 माह में पूरा करने तथा माह सितम्बर 2026 तक छात्रावास के संचालन शुरू करने के निर्देश दिये। उन्होंने पेंशन एव अन्य कल्याणकारी योजनाओं में आय सीमा 4000 रूपये से बढ़ाकर 6000 रूपये किये जाने का प्रस्ताव भी तैयार करने के निर्देश दिये। मंत्री ने इंटरकास्ट मैरिज हेतु सामान्य जाति की विधवा एवं एससी-एसटी परिवारों को दिये जाने वाली शासकीय सहायता की समयसीमा वित्तीय वर्ष न रखते हुए 365 दिन (डेट टू डेट) की अवधि किये जाने के भी निर्देश दिये।
मंत्री ने प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अंर्तगत संचालित आदर्श ग्राम योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि इस तरह की योजनाओं को विभाग द्वारा बढ़ावा देना चाहिए जिससे जनकल्याण का हमारा प्रयास पूर्ण हो सके। मंत्री ने अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय वयो श्री योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वरिष्ठ नागरिकों को प्रदान किये जाने वाले निशुल्क सहायक उपकरणों जैसे छड़ी, व्हील चेयर, श्रवण यंत्र, चश्मा आदि का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये।
मंत्री ने राज्य में संचालित 06 वृद्धाश्रमों, एससी-एसटी (अत्याचार निवारण ) अधिनियम के अंर्तगत वित्तीय सहायता, एससी-एसटी के छात्रों हेतु परीक्षा पूर्व निशुल्क कोचिंग, एससी उपघटक योजना के तहत अवस्थापनों का विकास आदि पर विषयों पर विस्तृत चर्चा करते हुए अधिकारियों को उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
मंत्री ने दिव्यांग कल्याण के अंर्तगत किये जा रहे कार्यों पर अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि 13 जनपदों के आधार पर प्रस्ताव तैयार किये जाएं तथा एससी-एसटी बाहुल्य क्षेत्रों को ध्यान में रखकर कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि कार्य गुणवत्तापरक हों तथा ससमय पूर्ण किये जाएं।
मंत्री ने समाज कल्याण विभाग के अंर्तगत बहुउद्देशीय वित्त विभाग निगम द्वारा संचालित स्माईल परियोजना, शिल्पी ग्राम योजना, नमस्ते योजना आदि की समीक्षा करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों को भी समान रूप से इन योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। उन्होंने जनजाति कल्याण की भी समीक्षा की।
इस अवसर पर समाज कल्याण सचिव श्रीधर बाबू, अपर सचिव प्रकाश चन्द्र, निदेशक संदीप तिवारी, निदेशक जनजाति कल्याण संजय टोलिया एवं समस्त जनपदों के जिला समाज कल्याण अधिकारी तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

कांग्रेस का बड़ा हस्तक्षेप: निजी स्कूलों की मनमानी पर लगे रोक, अभिभावकों को राहत दिलाने की मांग

अभिभावकों की शिकायत पर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से की मुलाकात

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता एवं चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसजनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल से मुलाकात कर जनहित से जुड़े एक अत्यंत गंभीर मुद्दे—निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी फीस बढ़ोतरी, महंगी कॉपी-किताबों की अनिवार्यता तथा अभिभावकों के उत्पीड़न—को प्रमुखता से उठाया।

प्रीतम सिंह ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि वर्तमान समय में निजी स्कूल प्रबंधन बिना किसी पारदर्शिता और नियम के फीस में भारी वृद्धि कर रहे हैं। साथ ही, अभिभावकों को विशेष दुकानों से महंगी कॉपी-किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जिससे मध्यम वर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर असहनीय आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

इससे पूर्व, कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि कांग्रेस पार्टी उनके हक की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी।

इस अवसर पर राष्ट्रीय कांग्रेस के संचार सचिव वैभव वालिया ने कहा कि निजी स्कूलों को फीस निर्धारण के लिए राज्य सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए जाएं, मनमानी फीस वृद्धि पर तत्काल रोक लगाई जाए और उसकी जांच कर दोषी स्कूलों पर कार्रवाई की जाए।

कॉपी-किताबों एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री को निर्धारित दुकानों से खरीदने की अनिवार्यता समाप्त की जाए।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अभिभावकों को किसी भी प्रकार से प्रताड़ित या मानसिक रूप से परेशान करने वाले स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

प्रीतम सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मानना है कि शिक्षा कोई व्यापार नहीं, बल्कि समाज का मूल अधिकार है। निजी स्कूलों द्वारा इसे मुनाफाखोरी का माध्यम बनाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रतिनिधि मंडल में कांग्रेस के राष्ट्रीय संचार सचिव वैभव वालिया , पूर्व राज्य मंत्री अजय सिंह , संजय कन्नौजिया , गौतम नौटियाल, आयुष् सेमवाल सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता एवं अभिभावक उपस्थित रहे।


महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के 335 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ, 21 अप्रैल से आवेदन शुरू

उत्तराखंड में स्वास्थ्य विभाग को मजबूती देने के लिए महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भर्ती प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी गई है। Uttarakhand Medical Service Selection Board ने संशोधित विज्ञप्ति जारी करते हुए कुल 335 पदों पर भर्ती की घोषणा की है।

इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 21 अप्रैल से शुरू होगी, जबकि आवेदन करने की अंतिम तिथि 4 मई तय की गई है।

दरअसल, इससे पहले 14 नवंबर 2025 को बोर्ड ने 180 पदों के लिए भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। अब नए पदों को जोड़ते हुए कुल रिक्तियों की संख्या बढ़ाकर 335 कर दी गई है, जिससे अधिक अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा।

बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन उम्मीदवारों ने पहले ही आवेदन कर दिया है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है।

इस भर्ती से प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती मिलने के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।


ओएनजीसी के रिटायर्ड अधिकारी से 1.87 करोड़ की साइबर ठगी, निवेश के झांसे में फंसाया

देहरादून में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां Oil and Natural Gas Corporation (ओएनजीसी) के एक सेवानिवृत्त अधिकारी को निवेश का लालच देकर करीब 1.87 करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई।

राजेंद्र नगर, कौलागढ़ रोड निवासी 70 वर्षीय दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 31 जनवरी 2026 को उनके मोबाइल पर एक व्हाट्सएप मैसेज आया, जिसके बाद खुद को निवेश सलाहकार बताने वाली एक महिला ने उनसे संपर्क किया। महिला ने खुद को Aditya Birla Sun Life से जुड़ा अधिकारी बताते हुए एक आकर्षक निवेश योजना का प्रस्ताव दिया।

शुरुआत में आरोपियों ने उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा, जहां फर्जी मुनाफे के स्क्रीनशॉट दिखाकर विश्वास हासिल किया गया। बाद में उन्हें एक “वीआईपी ग्रुप” में शामिल कर हाई-प्रोफाइल ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाने के लिए प्रेरित किया गया। भरोसा बढ़ाने के लिए जालसाजों ने कथित तौर पर Securities and Exchange Board of India (सेबी) का फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर भी साझा किया।

पीड़ित ने पहले 49 हजार रुपये निवेश किए। खाते में दिख रहे मुनाफे से प्रभावित होकर उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1.17 करोड़ रुपये से अधिक ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने ब्रोकरेज शुल्क के नाम पर करीब 70 लाख रुपये और जमा करा लिए।

जब श्रीवास्तव ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की, तो जालसाजों ने पहले एक करोड़ रुपये ब्रोकरेज और फिर एक करोड़ रुपये आयकर के नाम पर जमा करने का दबाव बनाया। इस पर उन्हें ठगी का एहसास हुआ।

इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और साइबर क्राइम थाना देहरादून में तहरीर दी। शिकायत में दीया मेहरा, अनन्या शास्त्री और खुद को प्रोफेसर ए. बालासुब्रमण्यम बताने वाले व्यक्ति सहित अन्य अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।

मामले की पुष्टि करते हुए एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।


आईपीएल 2026- CSK को लगा बड़ा झटका, तेज गेंदबाज खलील अहमद चोट के कारण पूरे सीजन से बाहर

रिप्लेसमेंट की तलाश में सीएसके, कई खिलाड़ियों पर नजर

नई दिल्ली। आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स को बड़ा झटका लगा है। टीम के तेज गेंदबाज खलील अहमद चोट के कारण पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं। इस नुकसान ने टीम की गेंदबाजी को कमजोर कर दिया है, खासकर तब जब टीम टूर्नामेंट में वापसी की कोशिश कर रही है। चेन्नई सुपर किंग्स के लिए यह झटका ऐसे समय आया है जब टीम अपना प्रदर्शन सुधारने में जुटी है। खलील अहमद ने इस सीजन में अब तक सभी मैच खेले थे और टीम के प्रमुख गेंदबाजों में शामिल थे।

कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले के दौरान उनकी दाहिनी जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया। गेंदबाजी के दौरान दर्द बढ़ने पर उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा था। अब मेडिकल रिपोर्ट में उनकी चोट को गंभीर बताया गया है। सूत्रों के मुताबिक, यह ग्रेड-2 की चोट है, जिससे उबरने में करीब 10 से 12 सप्ताह लग सकते हैं। ऐसे में उनका आईपीएल के बाकी मुकाबलों में खेलना संभव नहीं है।

गेंदबाजी पर पड़ा असर
खलील के बाहर होने से टीम के तेज गेंदबाजी विकल्प सीमित हो गए हैं। अब मुकेश चौधरी जैसे गेंदबाजों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आ सकती है, लेकिन डेथ ओवरों में अनुभव की कमी टीम के लिए चिंता का विषय है।

नए संयोजन की चुनौती
टीम मैनेजमेंट को अब एक बार फिर नया संतुलन बनाना होगा। हाल के मैचों में जो संयोजन बेहतर दिख रहा था, वह खलील के बाहर होने से बिगड़ गया है।

रिप्लेसमेंट की तलाश
फिलहाल टीम ने किसी रिप्लेसमेंट का ऐलान नहीं किया है, लेकिन कई खिलाड़ियों के नाम चर्चा में हैं। भारतीय विकल्पों में आकाश मधवाल और चेतन साकरिया शामिल हो सकते हैं।

वहीं विदेशी विकल्प के तौर पर फजलहक फारूकी, गेराल्ड कोएत्जी और शॉन एबॉट जैसे गेंदबाजों पर भी नजर रखी जा रही है।

आगे की चुनौती
सीएसके को अपने अगले मुकाबलों में सनराइजर्स हैदराबाद और मुंबई इंडियंस से भिड़ना है। ऐसे में टीम के लिए गेंदबाजी संयोजन मजबूत करना सबसे बड़ी चुनौती होगी।


सीएम धामी से “इंडिया डिजिटल इंपॉवरमेंट मीट एंड अवॉर्ड” समारोह के आयोजकों ने की शिष्टाचार भेंट

डिजिटल विकास को नई दिशा देगा “इंडिया डिजिटल इंपॉवरमेंट मीट”- सीएम

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में “इंडिया डिजिटल इंपॉवरमेंट मीट एंड अवॉर्ड” समारोह के आयोजकों ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान आयोजन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में इस प्रकार के आयोजन बेहद आवश्यक हैं, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), टेक्नोलॉजी और साइंस जैसे विषयों पर विशेषज्ञों के बीच विचार-विमर्श हो सके। उन्होंने विश्वास जताया कि इस कॉन्फ्रेंस से निकलने वाले सुझाव भविष्य में सकारात्मक परिणाम देंगे और राज्य व देश के डिजिटल विकास को नई दिशा प्रदान करेंगे।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य होने के साथ-साथ पर्यटन के क्षेत्र में भी अग्रणी है। राज्य में हर वर्ष छह करोड़ से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर पहुंचते हैं, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता के चलते अनेक आकर्षक पर्यटन स्थल मौजूद हैं। यहां फिल्म शूटिंग के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है, जिससे फिल्म उद्योग में नई संभावनाएं खुल रही हैं। साथ ही औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में भी उत्तराखंड तेजी से आगे बढ़ रहा है और सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की भी अपार संभावनाएं हैं। राज्य के सुरम्य स्थल और आधुनिक सुविधाएं इसे डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए उपयुक्त बनाती हैं। सरकार इस दिशा में आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।

इस अवसर पर सचिव नितेश झा, अपर सचिव आलोक पांडे सहित विभिन्न डाटा सेंटर कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


उत्तराखण्ड को औद्यानिकी प्रदेश के रूप में विकसित करने के लिए कार्य कर रही राज्य सरकार- गणेश जोशी

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने हरिद्वार में मखाना की खेती का किया औपचारिक शुभारंभ

हरिद्वार। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने जनपद हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र स्थित गंगदासपुर बालावाली में मणिगाछी एफपीओ द्वारा शुरू किए गए मखाना की खेती के पायलट प्रोजेक्ट के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं मखाना रोपण कर हरिद्वार जनपद में मखाना खेती की औपचारिक शुरुआत की।

गौरतलब है कि बिहार की एक संस्था द्वारा उत्तराखण्ड में पहली बार हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में मखाना खेती का पायलट प्रोजेक्ट प्रारम्भ किया गया है। इस परियोजना का शुभारंभ कृषि मंत्री गणेश जोशी द्वारा किया गया। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने संस्था के पदाधिकारियों को इस प्रयास के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी।

इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2025 में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का गठन किया गया, जो उत्तराखण्ड सहित देश के 11 राज्यों में मखाना उद्योग को सशक्त और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक रुपये 476 करोड़ के परिव्यय के साथ मखाना विकास हेतु केंद्र पोषित योजना संचालित की जा रही है, जिसमें अनुसंधान, गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन, कौशल विकास, मूल्यवर्धन, ब्रांडिंग, विपणन एवं निर्यात को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत वर्ष 2025-26 के अंतिम त्रैमास में उत्तराखण्ड को रुपये 50 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसके माध्यम से कृषि विज्ञान केन्द्र धनौरी (हरिद्वार), ढकरानी (देहरादून) एवं काशीपुर (उधमसिंहनगर) के सहयोग से किसानों को मखाना उत्पादन के लिए प्रशिक्षण, सेमिनार एवं वर्कशॉप आयोजित किए जा रहे हैं, साथ ही प्रदर्शन प्लॉट भी स्थापित किए जा रहे हैं।

कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए रुपये 143.16 लाख की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई है, जिसमें मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न घटकों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखण्ड को औद्यानिकी प्रदेश के रूप में विकसित करने के लिए कार्य कर रही है। सेब की अति सघन बागवानी के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 230 हेक्टेयर क्षेत्र में 30 क्लस्टर विकसित किए गए हैं। इसके अलावा मिलेट्स, कीवी और ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग नीतियां लागू की गई हैं। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विश्वास व्यक्त किया कि इन सभी प्रयासों से प्रदेश के किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

इस अवसर पर उद्यान विभाग से बागवानी निदेशक महेन्द्र पाल, मुख्य उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह, संस्था के अध्यक्ष राजीव रंजन, डॉ. प्रेम कुमार, अजय पैनोली, अनुज प्रधान, दीपक सैनी, अजय शर्मा, कृष्णपाल चौहान, बाबूराम सहित बड़ी संख्या में कृषकगण उपस्थित रहे।


क्या आपको भी पेट में गैस और भारीपन की समस्या है? तो इन घरेलू उपायों से पाएं राहत

आजकल सुबह उठते ही पेट में गैस और भारीपन की शिकायत तेजी से बढ़ रही है। बदलती जीवनशैली और खान-पान की गलत आदतों के कारण बड़ी संख्या में लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसे नजरअंदाज करना आगे चलकर पाचन तंत्र से जुड़ी गंभीर परेशानियों का कारण बन सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह के समय गैस बनना केवल अस्थायी परेशानी नहीं, बल्कि शरीर के पाचन तंत्र में गड़बड़ी का संकेत भी हो सकता है। देर रात भोजन करना, ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना, साथ ही अनियमित दिनचर्या इस समस्या को बढ़ा देती है।

डॉक्टर्स के अनुसार, अगर समय रहते कुछ आसान उपाय और दिनचर्या में बदलाव किए जाएं, तो इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।

गुनगुना पानी फायदेमंद
सुबह उठते ही गुनगुना पानी पीना पाचन क्रिया को सक्रिय करता है और पेट की सफाई में मदद करता है। इससे गैस, कब्ज और अपच की समस्या कम हो सकती है।

अजवाइन और काला नमक असरदार
अजवाइन में मौजूद गुण पाचन को बेहतर बनाते हैं। काला नमक के साथ इसका सेवन करने से पेट की सूजन और गैस से राहत मिलती है।

अदरक से मिलेगा फायदा
अदरक को प्राकृतिक पाचन सुधारक माना जाता है। इसका सेवन गैस बनने की प्रक्रिया को कम करता है और भोजन को जल्दी पचाने में मदद करता है।

नींबू-शहद का मिश्रण उपयोगी
गुनगुने पानी में नींबू और शहद मिलाकर पीने से मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और शरीर से विषैले तत्व बाहर निकलते हैं।

योग और एक्सरसाइज जरूरी
विशेषज्ञों के मुताबिक, नियमित योग और हल्की एक्सरसाइज पेट की गैस को कम करने में मददगार साबित होती है। पवनमुक्तासन, भुजंगासन और प्राणायाम जैसे अभ्यास पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं।

नोट:
यह जानकारी विभिन्न स्वास्थ्य रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है। लगातार समस्या होने पर डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

(साभार)


यदि होर्मुज को बंद करने की कोशिश की गई, तो ईरान अमेरिकी जहाजों को बनाएगा निशाना- रेजाई

अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर, बंदरगाहों की नाकेबंदी से बढ़ा संकट

तेहरान। मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी के बाद हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। इस कदम से अंतरराष्ट्रीय समुद्री गतिविधियों पर असर पड़ा है, वहीं ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिका को सीधी चेतावनी दे दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने अरब सागर और ओमान की खाड़ी में ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी है। अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत लगातार क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं, जिससे किसी भी देश के जहाजों का ईरानी बंदरगाहों तक आना-जाना लगभग ठप हो गया है। इस कार्रवाई को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।

इस घटनाक्रम पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के सर्वोच्च नेता के सैन्य सलाहकार मोहसिन रेजाई ने अमेरिका को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की कोशिश की गई, तो ईरान अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाएगा। उन्होंने दावा किया कि ईरानी मिसाइलें अमेरिकी नौसेना के जहाजों को आसानी से तबाह कर सकती हैं।

रेजाई ने अमेरिका की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अमेरिका खुद को इस क्षेत्र का “पुलिस” बनाना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अमेरिका जमीनी हमला करता है, तो ईरान इसका जवाब और अधिक आक्रामक तरीके से देगा। उन्होंने यहां तक दावा किया कि ईरान अमेरिकी सैनिकों को बंदी बनाकर बदले में भारी कीमत वसूल सकता है।

इस बीच, बढ़ते तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी चिंतित है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात वैश्विक शांति और मानवता के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं।

वहीं, पोप लियो ने भी शांति की अपील करते हुए कहा कि दुनिया को अब युद्ध और हिंसा से दूर हटकर प्रेम, संवाद और न्याय का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संघर्ष से होने वाला विनाश और मानवीय पीड़ा अब और स्वीकार्य नहीं है।


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