Thursday, April 9th, 2026

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मोगा पुलिस ने लूट-ठगी गिरोह का किया पर्दाफाश, चार महिलाएं गिरफ्तार

Daily Archives: 09/04/2026

मोगा पुलिस ने लूट-ठगी गिरोह का किया पर्दाफाश, चार महिलाएं गिरफ्तार

मोगा। जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना सिटी मोगा पुलिस ने लूट और ठगी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार महिलाओं को गिरफ्तार किया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार देर रात करीब 11 बजे गुप्त सूचना के आधार पर जोगिंदर चौक क्षेत्र में विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान मोगा बस स्टैंड के पास से चार महिलाओं को हिरासत में लिया गया, जो गिरोह बनाकर लोगों को झांसे में लेकर लूट और धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम देती थीं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रवीण, सोनिया, सोमा और प्रबीन (सभी निवासी फिरोजपुर) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि ये महिलाएं पहले भी कई वारदातों में शामिल रही हैं और इनके खिलाफ विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं।

पुलिस के अनुसार, गिरोह की महिलाएं आम लोगों को निशाना बनाकर उन्हें बातों में उलझाती थीं और मौका मिलते ही नकदी व सोने के आभूषण लेकर फरार हो जाती थीं। फिलहाल थाना सिटी मोगा में मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ की जाएगी।


कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं

जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की प्राथमिकता है- रेखा आर्या

सोमेश्वर/अल्मोड़ा। सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आगर रोलकुडी, भूलखर्कवाल, बछुराडी, नाकोट और रसियारा गांवों में आयोजित जन मिलन कार्यक्रमों में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने प्रतिभाग कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कई मांगों पर मौके पर ही कार्रवाई करते हुए विकास कार्यों की घोषणाएं कीं।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने सड़क निर्माण, पुलिया निर्माण, खेतों की सुरक्षा के लिए तारबाड़ एवं चारदीवारी, राशन कार्ड बनवाने, सोमेश्वर सब स्टेशन में ग्रिड संख्या बढ़ाने तथा पेयजल टैंक निर्माण जैसी समस्याएं प्रमुखता से रखीं।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास और शौचालय निर्माण के लिए 18 अप्रैल को सोमेश्वर में विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्राप्त आवेदनों का शीघ्र निस्तारण किया जाएगा।

उन्होंने आगर रोलकुडी में पंचायत भवन की चारदीवारी, नदी पर पुलिया निर्माण और मंदिर तक जाने वाले मार्ग के निर्माण के लिए विधायक निधि से 2-2 लाख रुपये देने की घोषणा की। भूलखर्कवाल और बछुराडी में पेयजल टैंक निर्माण के लिए 3 लाख रुपये तथा सीसी मार्ग निर्माण के लिए 3 लाख रुपये देने की घोषणा की गई।

नाकोट गांव में श्मशान घाट पर स्नानागार निर्माण एवं अन्य कार्यों के लिए 2 लाख रुपये तथा सीसी सड़क निर्माण के लिए 2 लाख रुपये स्वीकृत किए गए, साथ ही गोलज्यू देवता मंदिर के स्थल विकास के लिए ढाई लाख रुपये देने का ऐलान किया गया।

इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि सोमेश्वर सब स्टेशन में एक और ग्रिड शुरू करने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों से वार्ता की जाएगी, जिससे क्षेत्र में बिजली कटौती की समस्या से राहत मिल सके।

कार्यक्रम में सुंदर राणा, राजेंद्र कैड़ा, भुवन जोशी, राजेश सिंह रावत, भूपाल मेहरा, शंकर बिष्ट, राजेंद्र खाती, राजू लोहानी, अशोक तिवारी, गीता जोशी, खड़क सिंह नेगी, सुरेश बोरा, बंशीधर जोशी, कमल गिरी, सुनील कुमार, कमल कैड़ा, भारत भाकुनी, हरीश रावल, भारत चंद्र, पवन खाती, कृष्णा भंडारी, रेखा देवी, रंजीत रावत सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।


जिला प्रशासन सख्त- अल्ट्रासाउंड व समस्त रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटर संचालन के कडे मानक तय

पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए प्रशासन ने तय किए कड़े नियम

देहरादून। जिला प्रशासन ने जनपद में संचालित और प्रस्तावित अल्ट्रासाउंड व रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटरों के पंजीकरण और नवीनीकरण को लेकर सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्धारित मानकों का पालन किए बिना किसी भी डायग्नोस्टिक सेंटर को संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

प्रशासन की ओर से पिछले छह माह से लगातार कार्रवाई करते हुए नए केंद्रों का पंजीकरण और पुराने केंद्रों का नवीनीकरण केवल तय मानकों के अनुरूप ही किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और आमजन की सुरक्षा को प्राथमिकता देना है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि सभी अस्पतालों, अल्ट्रासाउंड और रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटरों को क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2010 के प्रावधानों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। साथ ही बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के तहत कचरे के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी। अल्ट्रासाउंड सेवाएं देने वाले केंद्रों के लिए पीसीपीएनडीटी अधिनियम का पालन करना भी जरूरी किया गया है।

पंजीकरण और नवीनीकरण प्रक्रिया के दौरान स्वच्छता, भवन सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र, बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण की वैध व्यवस्था, सीवेज ट्रीटमेंट सिस्टम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी जैसे सभी मानकों की गहन जांच की जाएगी।

प्रशासन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि केवल उन्हीं केंद्रों को अनुमति दी जाए जो सभी मानकों पर खरे उतरते हों। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने दोहराया है कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


पूर्व सैनिकों को मिला तोहफा, सीएम ने किया सीएसडी कैंटीन व सैनिक मिलन केन्द्र का लोकार्पण

मुख्यमंत्री का रोड शो में जनता व जनप्रतिनिधियों ने पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया

खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को खटीमा के खेतलसंडा स्थित सीएसडी कैंटीन में सेवा संकल्प धारिणी फाउंडेशन द्वारा स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी की छठी पुण्यतिथि पर आयोजित गौरव सैनिक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने 715.51 लाख रुपये की लागत से निर्मित सीएसडी कैंटीन एवं 162.26 लाख रुपये से निर्मित सैनिक मिलन केन्द्र का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान अपने पिता स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए तथा शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने शहीदों के परिजनों एवं वीर नारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर उन्होंने 60 वीर नारियों एवं 80 वीर योद्धाओं को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह उनके लिए अत्यंत भावुक क्षण है, क्योंकि यह आयोजन उनके पिताजी की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि 6 वर्ष पूर्व का यह दिन उनके जीवन का सबसे दुखद दिन था, जब उन्होंने अपने पिता को खो दिया। उन्होंने बताया कि उनके पिताजी के विचार, सिद्धांत और संघर्षपूर्ण जीवन आज भी उन्हें प्रेरित करते हैं और हर कदम पर मार्गदर्शन देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पिताजी अपनी वर्दी को अत्यंत सम्मान और सलीके से रखते थे। उनसे उन्हें यह सीख मिली कि एक सैनिक के लिए उसकी वर्दी ही उसका सम्मान और जिम्मेदारी होती है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिताजी ने उन्हें सिखाया कि राजनीति पद प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा का मार्ग है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पिताजी ने 28 वर्षों तक महार रेजिमेंट में सेवा देते हुए 1962 के भारत-चीन युद्ध, 1965 व 1971 के भारत-पाक युद्ध तथा ऑपरेशन ब्लूस्टार और ऑपरेशन रक्षक जैसे महत्वपूर्ण अभियानों में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि बचपन में वे अपने पिताजी से वीर सैनिकों की कहानियां सुनते थे, जिनसे उन्हें देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि भले ही वे स्वयं सेना में नहीं हैं, लेकिन सैनिकों को अपना आदर्श मानते हुए राष्ट्र सेवा के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के रक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। आज भारत रक्षा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014-15 में देश का रक्षा उत्पादन लगभग 46 हजार करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 2024-25 में 1.54 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं रक्षा निर्यात भी बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि आज भारत 80 से अधिक देशों को रक्षा सामग्री उपलब्ध करा रहा है, जो देश की बढ़ती सामरिक शक्ति का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, शहीदों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। शहीदों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि की गई है तथा आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जा रही है। इसके साथ ही वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परमवीर चक्र से सम्मानित सैनिकों को दी जाने वाली राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये किया गया है। इसके अतिरिक्त देहरादून में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की प्रेरणा मिलेगी। राज्य सरकार द्वारा बलिदानियों के परिवारों को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है।

कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने भी अपने संबोधन में कहा कि सैनिकों का सम्मान करना हम सभी के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और भविष्य में भी इस दिशा में और प्रयास किए जाएंगे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की माताजी श्रीमती विशना देवी, एवं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती गीता पुष्कर धामी भी मौजूद थे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित थे।


आईपीएल 2026- कोलकाता नाइट राइडर्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच मुकाबला आज

सुनील नरेन की वापसी से केकेआर को राहत

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में गुरुवार को एक अहम मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स अपनी पहली जीत की तलाश में लखनऊ सुपर जायंट्स से भिड़ेगी। खराब शुरुआत से जूझ रही केकेआर के लिए यह मैच वापसी का सुनहरा मौका है, जबकि लखनऊ जीत के साथ अपने आत्मविश्वास को और मजबूत करना चाहेगी।

मौजूदा सीजन में केकेआर का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है। टीम अब तक जीत का खाता नहीं खोल पाई है, ऐसे में लखनऊ के खिलाफ मुकाबले में टीम संयोजन में बदलाव देखने को मिल सकता है।

केकेआर को इस मैच से पहले बड़ी राहत मिली है, क्योंकि सुनील नरेन पूरी तरह फिट होकर वापसी के लिए तैयार हैं। हालांकि वरुण चक्रवर्ती की चोट टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। नरेन की वापसी से टीम की गेंदबाजी को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

वहीं, कैमरून ग्रीन के इस मुकाबले में गेंदबाजी करने की संभावना है, जिससे टीम को एक अतिरिक्त ऑलराउंड विकल्प मिल सकता है। बल्लेबाजी क्रम में भी बदलाव की चर्चा है, जहां फिन एलेन, टिम सीफर्ट और रचिन रवींद्र जैसे खिलाड़ियों को मौका मिल सकता है।

दूसरी ओर, लखनऊ सुपर जायंट्स पिछली जीत के बाद आत्मविश्वास से भरी हुई है। कप्तान ऋषभ पंत शानदार फॉर्म में हैं और पिछली पारी में नाबाद अर्धशतक जड़ चुके हैं। उनके साथ मिचेल मार्श और एडेन मार्करम जैसे बल्लेबाज टीम की ताकत बढ़ा रहे हैं।

हालांकि, मैच पर मौसम का साया भी मंडरा रहा है। ईडन गार्डन्स में पिछले कुछ दिनों से बारिश हो रही है, जिससे मुकाबले में खलल पड़ने की आशंका बनी हुई है।

यह मुकाबला 9 अप्रैल को शाम 7:30 बजे खेला जाएगा। दर्शक इसे टीवी पर स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और ऑनलाइन JioHotstar ऐप पर लाइव देख सकते हैं।

 


विवाह समारोहों में गैस सिलेंडर आपूर्ति के लिए एसओपी लागू, अधिकतम दो सिलेंडर की अनुमति

पौड़ी।  विवाह समारोहों में गैस सिलेंडरों के सुचारु, पारदर्शी एवं नियंत्रित वितरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की गयी है। इसके अंतर्गत यह निर्धारित किया गया है कि किसी भी विवाह समारोह के लिए अधिकतम 02 व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति ही अनुमन्य होगी।

जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इच्छुक आवेदनकर्ता को संबंधित क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी/पूर्ति निरीक्षक कार्यालय, उपजिलाधिकारी कार्यालय अथवा गोदाम में आवेदन प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। आवेदन के साथ 10 रुपये के स्टाम्प पर शपथ पत्र, विवाह कार्ड एवं आधार कार्ड की प्रति संलग्न करनी होगी। शपथ पत्र उपलब्ध न होने की स्थिति में संबंधित अधिकारी द्वारा आवेदन स्वीकार कर सत्यापन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि प्राप्त आवेदन के आधार पर क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी/पूर्ति निरीक्षक द्वारा अस्थायी कनेक्शन जारी करने हेतु संबंधित गैस एजेंसी को संस्तुति प्रेषित की जाएगी। इसके पश्चात गैस एजेंसी द्वारा आवश्यक अभिलेख प्राप्त कर आवेदनकर्ता को अस्थायी कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा तथा एसओपी के अनुरूप व्यावसायिक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस संबंध में संबंधित अधिकारी को अवगत कराना एवं अभिलेखों का पृथक एवं विस्तृत विवरण संधारित करना भी अनिवार्य होगा।

उन्होंने यह भी बताया कि विवाह समारोह के अगले दिन आवेदक द्वारा उपलब्ध कराए गए गैस सिलेंडरों को संबंधित गैस एजेंसी में वापस जमा कराना अनिवार्य होगा, जिसकी सूचना गैस एजेंसी द्वारा संबंधित क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी/पूर्ति निरीक्षक को उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने समस्त क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों, पूर्ति निरीक्षकों एवं गैस एजेंसियों के प्रबंधकों को निर्देशित किया है कि शासन द्वारा जारी एसओपी एवं कार्यालय आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से सेवाएं उपलब्ध करायी जा सकें।


विजिलेंस की भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, दो रिश्वतखोर कर्मचारी गिरफ्तार

अल्मोड़ा/किच्छा। उत्तराखंड में सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। अल्मोड़ा और किच्छा में हुई इन ट्रैप कार्रवाइयों से सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है।

लमगड़ा ब्लॉक में लेखाकार 15 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार

अल्मोड़ा के विकास खंड लमगड़ा में तैनात लेखाकार हर सिंह बिष्ट उर्फ हरीश सिंह बिष्ट को सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी की ट्रैप टीम ने 8 अप्रैल 2026 को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। अभियुक्त द्वारा शिकायतकर्ता से 3 लाख रुपये के शौचालय निर्माण कार्य की एफडीआर रिलीज कराने के एवज में 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। टीम ने ब्लॉक कार्यालय लमगड़ा में कार्रवाई करते हुए उसे रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।

किच्छा में उद्यान निरीक्षक 12 हजार लेते दबोचा

दूसरे मामले में उद्यान विभाग के ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक बादल पाण्डे को 9 अप्रैल 2026 को किच्छा स्थित उद्यान सचल दल केंद्र से ट्रैप टीम ने गिरफ्तार किया।
आरोप है कि आम के 16 पेड़ों को काटने की अनुमति देने के बदले 12 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायत सत्य पाए जाने पर सतर्कता टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया।


रोमांस और कॉमेडी से भरपूर ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ का ट्रेलर हुआ रिलीज

बॉलीवुड में रोमांटिक-कॉमेडी फिल्मों का क्रेज एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। इसी कड़ी में फिल्म ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ का ट्रेलर रिलीज होते ही दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। नई स्टारकास्ट और फ्रेश कहानी के साथ यह फिल्म दर्शकों को हंसी और रोमांस का नया डोज देने का वादा करती है।

फिल्म गिन्नी वेड्स सनी 2 के ट्रेलर में इस बार एक बिल्कुल अलग अंदाज देखने को मिल रहा है। अविनाश तिवारी सनी के किरदार में एक देसी पहलवान के रूप में नजर आ रहे हैं, जबकि मेधा शंकर गिन्नी के रोल में मॉडर्न और आत्मविश्वासी युवती की भूमिका निभा रही हैं। दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ट्रेलर का मुख्य आकर्षण है।

ट्रेलर में दिखाया गया है कि शादी के इर्द-गिर्द घूमती कहानी में कई मजेदार मोड़ आते हैं, जो रिश्तों की उलझनों और हल्की-फुल्की नोकझोंक के जरिए दर्शकों को बांधे रखते हैं। फिल्म में रोमांस के साथ कॉमेडी का जबरदस्त तड़का लगाया गया है, जिससे यह फैमिली एंटरटेनर बनने की पूरी क्षमता रखती है।

यह फिल्म पहले पार्ट से अलग एक नई कहानी पेश करती है, जिसमें पुराने किरदारों की जगह नई जोड़ी को दर्शाया गया है। फिल्म का निर्देशन प्रशांत झा ने किया है, जबकि सहायक भूमिकाओं में लिलेट दुबे, सुधीर पांडे, गोविंद नामदेव और गोपी भल्ला नजर आएंगे।

फिल्म ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ 24 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है, जिसे Zee Studios और Soundrya Production द्वारा प्रोड्यूस किया गया है।

(साभार)


ग्रेटर नोएडा में पुलिस-मुठभेड़, दो बदमाश घायल, दो गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा- ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो बदमाश गोली लगने से घायल हो गए, जबकि उनके दो अन्य साथी भागने की कोशिश में पकड़े गए।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सूरजपुर टीम मोजर वियर गोलचक्कर के पास चेकिंग कर रही थी। तभी बिना नंबर प्लेट वाली दो मोटरसाइकिलों पर चार संदिग्ध युवक दिखाई दिए। रुकने का इशारा करने पर वे जंगल की ओर भागने लगे। पीछा करने पर उनकी बाइक फिसल गई और उन्होंने झाड़ियों की आड़ से पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दो बदमाश घायल हुए।

घायलों की पहचान मुकेश (32) और आकाश (29) के रूप में हुई है। वहीं उनके साथी देवेंद्र शर्मा (40) और सतपाल (50) को कांबिंग के दौरान गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मौके से तमंचे, कारतूस, चोरी का सामान और दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं।

जांच में सामने आया कि चारों आरोपी सूरजपुर क्षेत्र में दर्ज कई चोरी के मामलों में वांछित थे। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर तिलपता और देवला गांव में हुई चोरी की वारदातों का भी खुलासा किया है। बरामद सामान में फ्रिज, एलईडी टीवी, बैटरी, इन्वर्टर और घरेलू सामान शामिल है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इन बदमाशों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। मुकेश और आकाश पर हत्या के प्रयास, चोरी और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं, जबकि देवेंद्र और सतपाल भी धोखाधड़ी और गैंगस्टर एक्ट में पहले से आरोपी हैं।


चारधाम यात्रा से पहले आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित

चारधाम यात्रा केवल उत्तराखण्ड राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण आयोजन है– कृष्णा एस वत्स

देहरादून। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में चारधाम यात्रा के दौरान संभावित आकस्मिकताओं एवं आपदा की स्थिति में प्रभावी रूप से निपटने हेतु एक विस्तृत टेबल टाॅप एक्सरसाइज का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर एनडीएमए के सदस्य एवं विभागाध्यक्ष कृष्णा एस वत्स ने टेबल टाॅप एक्सरसाइज की अध्यक्षता करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा केवल उत्तराखण्ड राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण आयोजन है। गृह मंत्रालय एवं भारत सरकार का विशेष फोकस इस यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं निर्विघ्न रूप से संपन्न कराना है, जिसके लिए एनडीएमए द्वारा राज्य को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने चारधाम यात्रा के सफल संचालन हेतु राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यात्रा मार्गों पर जोखिम आकलन को और अधिक बहुआयामी बनाया जाना चाहिए। इसके अंतर्गत रूट स्पेसिफिक रिस्क मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा संभावित खतरों के दृष्टिगत एंटीसिपेटरी एक्शन (पूर्वानुमान आधारित कार्यवाही) को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी धामों की कैरिंग कैपेसिटी का समुचित ध्यान रखा जाए तथा माइक्रो लेवल पर विस्तृत रिस्क असेसमेंट किया जाए। संवेदनशील एवं जोखिमयुक्त स्थानों (हॉटस्पॉट्स) की पहचान कर वहां के लिए विशेष एवं ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही यात्रियों तक समयबद्ध एवं प्रभावी एलर्ट पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे स्वयं भी आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठा सकें।

वत्स ने इम्पैक्ट बेस्ड फोरकास्टिंग को अपनाने पर विशेष बल दिया तथा कहा कि इससे संभावित आपदाओं के प्रभाव का बेहतर पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा। उन्होंने क्राउड एवं ट्रैफिक मैनेजमेंट को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए इसके लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर बल देते हुए उन्होंने मोबाइल हेल्थ यूनिट्स की संख्या बढ़ाने को कहा। साथ ही हेली सेवाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने तथा सभी हेलीकॉप्टर सेवा प्रदाताओं द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे किसी भी प्रकार की हेली दुर्घटना को रोका जा सके।

इस अवसर पर सचिव, एनडीएमए एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी भारत सरकार मनीष भारद्वाज ने कहा कि चारधाम यात्रा के प्रबंधन एवं संचालन में उत्तराखण्ड राज्य ने एक बैंचमार्क स्थापित किया है। उन्होंने यात्रा को लेकर राज्य सरकार द्वारा अपनाए जा रहे दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से ही इस प्रकार की बड़ी व्यवस्थाएं सफलतापूर्वक संचालित की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से शून्य मृत्यु के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रियों के मोबाइल फोन में सचेत एप को अनिवार्य रूप से डाउनलोड कराया जाए, ताकि समय पर चेतावनी एवं अलर्ट संदेश प्राप्त हो सकें और किसी भी संभावित जोखिम से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए राज्य सरकार तथा यूएसडीएमए द्वारा चारधाम यात्रा को लेकर की गई तैयारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने एनडीएमए का माॅक अभ्यास कराने के लिए आभार भी जताया। इस अवसर पर एडवाइजर आपरेशन, एनडीएमए, कर्नल कीर्ति प्रताप सिंह, ज्वाइंट एडवाइजर आपरेशंस, ले. कर्नल एसके शाही, लीड कंसलटेंट मेजर जनरल सुधीर कुमार बहल, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन महावीर सिंह चैहान, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओबैदुल्लाह अंसारी, कमाण्डेंट एनडीआरएफ संतोष कुमार आदि मौजूद रहे।

आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में स्टार्टअप्स को मौका दें

कृष्णा वत्स ने छोटे शहरों एवं प्रमुख पड़ाव स्थलों पर भी इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। साथ ही उन्होंने आपदा प्रबंधन में आधुनिक तकनीकों, विशेषकर एआई/एमएल के अधिकाधिक उपयोग को प्रोत्साहित करने की बात कही तथा इस क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप्स को अवसर देने का सुझाव दिया। संचार व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने हेतु उन्होंने कम्युनिकेशन ऑन व्हील्स जैसी मोबाइल संचार तकनीकों के उपयोग पर विशेष जोर दिया, जिससे दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में भी निर्बाध संचार सुनिश्चित किया जा सके।

तैयारियों को परखने का माध्यम है माॅक अभ्यास

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने कहा कि चारधाम यात्रा के दृष्टिगत आयोजित यह माॅक अभ्यास हमारी तैयारियों को परखने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। निरंतर माॅक ड्रिल्स एवं टेबल टाॅप एक्सरसाइज के माध्यम से हम अपनी संस्थागत एवं फील्ड स्तर की क्षमताओं को सुदृढ़ कर रहे हैं। विगत वर्षों में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आयोजित इन अभ्यासों से हमें वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप अपनी रणनीतियों को बेहतर बनाने का अवसर मिला है। इनसे विभिन्न विभागों के बीच समन्वयए त्वरित निर्णय क्षमता एवं संसाधनों के प्रभावी उपयोग में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। हमारा प्रयास है कि चारधाम यात्रा को पूर्णतः सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं निर्विघ्न बनाया जाए। इसके लिए माइक्रो लेवल पर तैयारी, जोखिमों की पूर्व पहचान एवं समयबद्ध प्रतिक्रिया अत्यंत आवश्यक है, जिसमें ऐसे अभ्यास महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

काल्पनिक परिदृश्यों से परखी तैयारियां

टेबल टाॅप एक्सरसाइज के दौरान लीड कंसलटेंट मेजर जनरल सुधीर बहल एवं अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) डीआईजी राजकुमार नेगी द्वारा जनपदों की चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियों को काल्पनिक आपदा परिदृश्यों के आधार पर परखा गया। इस दौरान यह आकलन किया गया कि सूचना प्राप्त होते ही प्रथम प्रतिक्रिया कितनी शीघ्र एवं प्रभावी ढंग से दी गई तथा उपलब्ध संसाधनों का प्रबंधन किस प्रकार किया गया। अभ्यास के दौरान विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय, कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम की प्रभावशीलता, संचार तंत्र की सक्रियता तथा सूचना के आदान-प्रदान की गति पर विशेष ध्यान दिया गया। यह भी परखा गया कि आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, परिवहन एवं अन्य रेखीय विभाग किस प्रकार एकीकृत रूप से कार्य करते हैं और आपसी तालमेल के माध्यम से राहत एवं बचाव कार्यों को किस स्तर तक प्रभावी बनाते हैं।


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