Wednesday, April 1st, 2026

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THE IMMIGRATION GURUS Pvt. Ltd. (TIG) : उत्तर भारत के छात्रों के लिए वैश्विक शिक्षा के द्वार खोलता एक दशक का भरोसा

Monthly Archives: April 2026

THE IMMIGRATION GURUS Pvt. Ltd. (TIG) : उत्तर भारत के छात्रों के लिए वैश्विक शिक्षा के द्वार खोलता एक दशक का भरोसा

करनाल / चंडीगढ़ / पंजाब – विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का सपना देखने वाले हजारों छात्रों के लिए एक विश्वसनीय मार्गदर्शक के रूप में उभरा THE IMMIGRATION GURUS Pvt. Ltd. (TIG) पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से निरंतर सफलता की नई कहानियाँ लिख रहा है। 12,000+ से अधिक छात्रों के सपनों को साकार करने वाली यह संस्था आज उत्तर भारत में विदेशी शिक्षा परामर्श के क्षेत्र में एक प्रमुख नाम बन चुकी है।

करनाल (मुख्यालय), नवांशहर और इंद्री में अपनी सशक्त उपस्थिति के साथ TIG उन छात्रों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है, जो कनाडा, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड और न्यूजीलैंड जैसे देशों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल करना चाहते हैं। संस्थान की “करियर-फर्स्ट” सोच इसे अन्य कंसल्टेंसी से अलग बनाती है, क्योंकि यहाँ फोकस केवल वीजा प्राप्ति तक सीमित नहीं बल्कि छात्रों के दीर्घकालिक अंतरराष्ट्रीय करियर निर्माण पर होता है।

कंपनी के प्रवक्ता धीरज गाँधी ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल छात्रों को विदेश भेजना नहीं, बल्कि उन्हें एक मजबूत और सफल भविष्य की दिशा में मार्गदर्शन देना है। 100+ वैश्विक संस्थानों के साथ हमारे मजबूत संबंध हमें छात्रों को सर्वोत्तम अवसर प्रदान करने में सक्षम बनाते हैं। हम पारदर्शिता, नैतिकता और व्यक्तिगत मार्गदर्शन के सिद्धांतों पर कार्य करते हैं।”

TIG की सबसे बड़ी विशेषता इसकी व्यक्तिगत (1:1) काउंसलिंग प्रक्रिया है, जिसके तहत प्रत्येक छात्र की शैक्षणिक पृष्ठभूमि, रुचियों और करियर लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए उन्हें उपयुक्त विकल्प सुझाए जाते हैं। यही कारण है कि संस्था की सफलता दर लगातार उच्च बनी हुई है और छात्रों व अभिभावकों के बीच इसका भरोसा मजबूत होता जा रहा है।

संस्थान की प्रमुख सेवायें :

स्टडी वीजा परामर्श :
कनाडा, अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड और न्यूजीलैंड जैसे देशों के लिए विशेषज्ञ मार्गदर्शन, जहाँ छात्रों को नवीनतम वीजा नीतियों और आवश्यकताओं के अनुसार सहायता प्रदान की जाती है।

भाषा प्रशिक्षण:
अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के लिए आवश्यक अंग्रेजी दक्षता को मजबूत बनाने हेतु IELTS, PTE और स्पोकन इंग्लिश की विशेष कोचिंग, अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाता है।

संपूर्ण एडमिशन सहायता:
उपयुक्त विश्वविद्यालय और कोर्स चयन से लेकर आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज़ तैयारी और छात्रवृत्ति (Scholarship) के अवसरों की जानकारी तक हर चरण में सहायता।

वीजा फाइलिंग सपोर्ट:
सटीक और त्रुटिहीन वीजा आवेदन सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञ टीम द्वारा संपूर्ण मार्गदर्शन, जिससे वीजा स्वीकृति की संभावना बढ़ती है।

प्रस्थान-पूर्व मार्गदर्शन (Pre-Departure):
छात्रों को विदेश जाने से पहले वहां के संस्कृति, जीवनशैली, आवास, और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में जानकारी देकर उन्हें आत्मविश्वास के साथ नई यात्रा के लिए तैयार किया जाता है।

अन्य वीजा सेवायें :
डिपेंडेंट वीजा और टूरिस्ट वीजा के लिए भी समर्पित सहायता प्रदान की जाती है, जिससे परिवार और व्यक्तिगत यात्राओं की प्रक्रिया आसान हो सके।

पिछले एक दशक में TIG ने न केवल छात्रों को वैश्विक अवसरों से जोड़ा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और वैश्विक नागरिक बनने में भी मदद की है। संस्था की सफलता का आधार इसकी अनुभवी टीम, छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली की गहरी समझ है।

आज के प्रतिस्पर्धी दौर में, सही मार्गदर्शन का होना अत्यंत आवश्यक है। THE IMMIGRATION GURUS Pvt. Ltd. (TIG) इस भूमिका को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभा रहा है। संस्था का उद्देश्य आने वाले वर्षों में और अधिक छात्रों तक पहुँच बनाकर उन्हें विश्वस्तरीय शिक्षा के अवसर प्रदान करना है।

विदेश में पढ़ाई के सपने को साकार करने के इच्छुक छात्रों और अभिभावकों के लिए TIG एक भरोसेमंद साथी के रूप में स्थापित हो चुका है, जहाँ हर सपना एक स्पष्ट दिशा और मजबूत आधार पाता है।


मुख्यमंत्री धामी ने दिवंगत रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी को दी श्रद्धांजलि

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के निधन पर उनके जोहड़ी, देहरादून स्थित आवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान उनके परिजनों से भेंट कर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में शामिल दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम जनता की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। अधिकारियों को प्रदेश में ऑपरेशन प्रहार चलाकर अवांछित और हुड़दंग करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी भी मौजूद थे।


क्या आप भी गर्मियों में पानी पीने के लिए करते हैं पुराने मटके का इस्तेमाल, तो जान लीजिये इसके नुकसान

गर्मियों के मौसम में ठंडा और ताजा पानी पाने के लिए मिट्टी का मटका आज भी लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। यह न केवल पानी को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखता है, बल्कि उसके स्वाद को भी बेहतर बनाता है। हालांकि, हर साल एक नया मटका लेना जरूरी है या पुराने मटके का दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है—यह सवाल अक्सर लोगों के मन में उठता है। विशेषज्ञों की मानें तो बिना सही सफाई और देखभाल के पुराने मटके का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

गर्मी शुरू होते ही घरों में मटके का उपयोग बढ़ जाता है, लेकिन कई लोग पिछले साल के मटके को ही दोबारा इस्तेमाल में ले आते हैं। ऐसा करना कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है, क्योंकि लंबे समय तक रखे रहने से मटके में बैक्टीरिया और फफूंदी पनपने लगती है।

पेट से जुड़ी समस्याएं
पुराने और ठीक से साफ न किए गए मटके में मौजूद बैक्टीरिया पानी के जरिए शरीर में पहुंच सकते हैं, जिससे दस्त, पेट दर्द और अपच जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

फूड पॉइजनिंग का खतरा
गंदे मटके में पनपने वाले हानिकारक सूक्ष्मजीव पानी को दूषित कर देते हैं। ऐसे पानी के सेवन से उल्टी, बुखार और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

एलर्जी और त्वचा संबंधी दिक्कतें
मटके में जमी धूल या फफूंदी कुछ लोगों में एलर्जी का कारण बन सकती है। इससे त्वचा पर खुजली, लाल चकत्ते या अन्य रिएक्शन देखने को मिल सकते हैं, खासकर बच्चों में।

सांस की समस्याएं बढ़ने का खतरा
अगर मटका नम या फफूंदी युक्त है, तो उसके कण हवा में फैल सकते हैं, जिससे अस्थमा, सर्दी-जुकाम या सांस लेने में परेशानी हो सकती है।

लंबे समय में सेहत पर असर
लगातार गंदे मटके का इस्तेमाल करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

क्या करें?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर सीजन नया मटका इस्तेमाल करना बेहतर होता है। अगर पुराना मटका इस्तेमाल करना ही है, तो उसे अच्छी तरह साफ, धूप में सुखाकर और पूरी तरह सूखा होने के बाद ही उपयोग में लाएं।

नोट: यह जानकारी विभिन्न स्वास्थ्य रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार की गई है।

(साभार)


मुख्यमंत्री धामी की मौजूदगी में ITBP और औद्यानिक परिषद के बीच MoU

‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ के तहत स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति को बढ़ावा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ के अंतर्गत भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) की उत्तराखंड में तैनात वाहिनियों के लिए स्थानीय उत्पादों (ताज़े फल एवं सब्जियों) की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल और उत्तराखंड औद्यानिक परिषद के मध्य समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड औद्यानिक परिषद और आईटीबीपी के मध्य हुए इस समझौता ज्ञापन (MoU) को राज्य के किसानों, स्थानीय उत्पादकों एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समझौते के माध्यम से राज्य में तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों को स्थानीय स्तर पर ताज़े फल एवं सब्जियों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इससे एक ओर हमारे जवानों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध होगी, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल “स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा” देने के राज्य सरकार के संकल्प को सशक्त करेगी तथा किसानों को अपनी उपज के विपणन के लिए एक सुदृढ़ एवं स्थायी मंच प्रदान करेगी। इस व्यवस्था के तहत चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ एवं चंपावत जैसे दूरस्थ एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ ही देहरादून में भी स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समझौता सीमांत क्षेत्रों में किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में सहायक होगा और उन्हें बाजार तक पहुँचने में आने वाली कठिनाइयों से भी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा एवं हमारे जवानों के कल्याण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। यह समझौता दोनों पक्षों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।

वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड सरकार और आईटीबीपी के मध्य स्थानीय उत्पादों की खरीद के लिए पहले भी समझौता किया गया, जिसके काफी अच्छे परिणाम रहे हैं। अभी तक आईटीबीपी 14 करोड़ 77 लाख रुपये के स्थानीय उत्पादों की खरीद कर चुका है, जिसे और बढ़ाने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। उत्तराखंड में आईटीबीपी वार्षिक मांग की 25 प्रतिशत फल एवं सब्जियाँ भी खरीदती है, तो इससे स्थानीय किसानों को लगभग 6 करोड़ रुपये की आमदनी होगी।

इस अवसर पर कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, सचिव कृषि एस.एन. पाण्डेय, आईजी आईटीबीपी मनु महाराज, अपर सचिव आनन्द श्रीवास्तव, निदेशक उद्यान एस.एल. सेमवाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखंड औद्यानिक परिषद नरेन्द्र कुमार यादव एवं आईटीबीपी के अन्य अधिकारी मौजूद थे।


पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने राजधानी में “ऑपरेशन प्रहार” चलाने के दिए निर्देश

कानून-व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय बैठक, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश 

देहरादून। हालिया आपराधिक घटनाओं की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय में कानून-व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने बैठक में अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए राजधानी में “ऑपरेशन प्रहार” चलाने के निर्देश दिए। बैठक में आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे, एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल, एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में अधिकारियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट करते हुए डीजीपी ने कहा कि देहरादून में आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को मुस्तैदी, सतर्कता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

आईजी गढ़वाल को देहरादून की कानून-व्यवस्था की दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एसएसपी देहरादून को अधीनस्थ अधिकारियों की स्पष्ट टास्किंग कर उनकी जवाबदेही तय करने तथा क्षेत्र में प्रभावी पुलिसिंग बनाए रखने को कहा गया। क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारियों को फील्ड में सक्रिय रहकर चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में पुलिस की उपस्थिति बढ़ाने, बैरियर पर सघन चेकिंग करने और विशेष रूप से प्रातःकालीन समय में पुलिस बल की सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

सत्यापन अभियान तेज, बार-पब्स पर सख्त कार्रवाई

आईजी एसटीएफ और एसएसपी एसटीएफ को देहरादून में सक्रिय आपराधिक तत्वों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही पीजी और किरायेदारों का सघन सत्यापन कराने तथा होम-स्टे में संचालित गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया। निर्धारित समय के बाद संचालित हो रहे बार और पब्स पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।


मोहनलाल की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘पैट्रियट’ हुई पोस्टपोन, जल्द होगा नई रिलीज डेट का ऐलान

मोहनलाल की बहुप्रतीक्षित फिल्म पैट्रियट को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह बना हुआ है, लेकिन अब इस फिल्म का इंतजार थोड़ा और बढ़ गया है। पहले अप्रैल में रिलीज होने वाली इस बड़ी फिल्म को फिलहाल टाल दिया गया है, जिससे फैंस की उत्सुकता और बढ़ गई है।

मेकर्स ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि कुछ अप्रत्याशित कारणों के चलते फिल्म की रिलीज डेट आगे बढ़ाई गई है। हालांकि, नई रिलीज डेट को लेकर ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि इसकी घोषणा जल्द ही की जाएगी।

फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसकी दमदार स्टारकास्ट है, जिसमें मलयालम इंडस्ट्री के सुपरस्टार ममूटी और मोहनलाल मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। इनके साथ फहाद फासिल और नयनतारा समेत कई बड़े कलाकार अहम किरदार निभा रहे हैं।

स्पाई-थ्रिलर शैली में बनी यह फिल्म दर्शकों को रोमांच और एक्शन से भरपूर अनुभव देने वाली है। फिल्म का निर्देशन महेश नारायणन ने किया है, जो अपनी मजबूत कहानी और निर्देशन के लिए जाने जाते हैं। अब सभी की नजरें फिल्म की नई रिलीज डेट पर टिकी हैं।

(साभार)


ऋषिकेश बाईपास 4 लेन को ₹1105 करोड़ की मंजूरी, डा. नरेश बंसल ने पीएम और केंद्रीय मंत्री का जताया आभार

देहरादून। भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष एवं सांसद राज्यसभा डा. नरेश बंसल ने केंद्र सरकार द्वारा ऋषिकेश बाईपास 4 लेन हेतु ₹1105.79 करोड़ की तकनीकी, प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का सहृदय आभार जताया है।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि यह परियोजना न केवल ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाएगी, बल्कि चारधाम यात्रा के सुचारू एवं सुरक्षित संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे स्थानीय जनता को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी और पर्यटन एवं आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्राप्त होगी।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि मोदी के औजस्वी मार्गदशर्न व मुख्यमंत्री पुष्कर सिहं धामी के नेतृव मे डबल इंजन की सरकार उत्तराखंड के सर्वागीण विकास को संकल्पित है।


मसूरी में अवैध निर्माण पर एमडीडीए का शिकंजा, कैमल बैक रोड स्थित भवन सील

बिना मानचित्र स्वीकृति निर्माण पर कार्रवाई, टीम के साथ पुलिस बल रहा मौजूद

देहरादून – मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण के खिलाफ अपने अभियान को तेज करते हुए मसूरी के प्रमुख क्षेत्र कैमल बैक रोड में एक भवन को सील कर दिया। प्राधिकरण द्वारा की गई इस कार्रवाई से क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण कराने वालों में हड़कंप मच गया है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी कर किए जा रहे निर्माण कार्यों पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी। प्राधिकरण को मिली शिकायतों और नियमित निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि कैमल बैंक रोड स्थित वेलमाउंट कॉटेज के पास, चाह इन्दारा जुबली के पीछे मकान संख्या 2152 में रेनु सिंह पत्नी हरि सिंह द्वारा बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कार्य किया जा रहा है। जांच में यह पाया गया कि निर्माण कार्य प्राधिकरण की निर्धारित नियमावली के विपरीत है और इसके लिए आवश्यक अनुमतियां प्राप्त नहीं की गई थीं।

उक्त प्रकरण में एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर तत्काल प्रभाव से भवन को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अजय मलिक, संबंधित सुपरवाइजर तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। टीम ने आसपास के क्षेत्र का भी निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों को अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त चेतावनी दी।प्राधिकरण ने कहा कि मसूरी जैसे पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में अनियंत्रित और अवैध निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे क्षेत्र की पारिस्थितिकी और प्राकृतिक सौंदर्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए एमडीडीए “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत लगातार कार्रवाई कर रहा है। एमडीडीए ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले विधिवत मानचित्र स्वीकृति और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करें। बिना अनुमति निर्माण करने पर सीलिंग, ध्वस्तीकरण सहित कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। प्राधिकरण ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में मसूरी और देहरादून के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी इसी प्रकार के अभियान जारी रहेंगे, जिससे नियोजित विकास सुनिश्चित किया जा सके।

बिना स्वीकृति निर्माण पर सख्त कार्रवाई तय— बंशीधर तिवारी
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मसूरी जैसे संवेदनशील हिल स्टेशन में नियमों की अनदेखी कर निर्माण करना गंभीर विषय है, जो पर्यावरणीय संतुलन को भी प्रभावित करता है। एमडीडीए द्वारा लगातार निगरानी और निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत चिन्हित अवैध निर्माणों पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि जहां भी बिना स्वीकृति निर्माण कार्य पाया जाएगा, वहां सीलिंग और आवश्यकतानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आम नागरिकों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि निर्माण शुरू करने से पहले प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य है। नियमों के अनुरूप विकास ही सुरक्षित और स्थायी विकास का आधार है। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध निर्माण पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए भविष्य में कार्रवाई को और तेज किया जाएगा।

शिकायत और निरीक्षण के आधार पर हो रही कार्रवाई— मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा अवैध निर्माण के विरुद्ध नियमित अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मसूरी क्षेत्र में प्राप्त शिकायतों और फील्ड निरीक्षण के आधार पर संबंधित भवन में बिना अनुमति निर्माण की पुष्टि हुई, जिसके बाद नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी और ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे प्राधिकरण के नियमों का पालन करें और किसी भी अवैध निर्माण की जानकारी तुरंत एमडीडीए को दें। प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सुव्यवस्थित, सुरक्षित और नियमों के अनुरूप विकास सुनिश्चित करना है।


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