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कमेड़ा गांव पहुंचीं जिलाधिकारी, जन चौपाल में सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

Daily Archives: 22/05/2026

कमेड़ा गांव पहुंचीं जिलाधिकारी, जन चौपाल में सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

ग्रामीण विकास योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण, कृषि-मत्स्य के इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल और महिला कृषकों के प्रयासों की सराहना

कमेड़ा चौपाल में जिलाधिकारी का जनसंवाद, किया पौधरोपण, सड़क-पेयजल से कृषि तक समस्याओं के समाधान के दिए निर्देश

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में विकासखंड पौड़ी के अंतर्गत कमेड़ा गांव में जन चौपाल का आयोजन किया गया, जहां ग्रामीणों की समस्याओं एवं विकास संबंधी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। गांव पहुंचने पर स्थानीय ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी का भव्य स्वागत किया गया।

चौपाल में कुल 17 शिकायतें एवं मांगें प्राप्त हुईं, जिनमें अधिकांश का निस्तारण संबंधित विभागों द्वारा मौके पर ही कर दिया गया। चौपाल में कंडारा गांव के प्रधान द्वारा बताया गया कि क्षेत्र में पेयजल लाइन बार-बार क्षतिग्रस्त की जा रही है। इस पर जिलाधिकारी ने प्रधान को पेयजल लाइन को हानि पहुंचाने वाले व्यक्ति को चिन्हित करने को कहा, साथ ही पहचान होने ही विभागीय अधिकारी को संबंधित के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। वहीं कोलापातल पंपिंग योजना का पानी कमेड़ा तक नहीं पहुंचने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके अलावा क्षेत्र के अन्य गांवों में पेयजल के स्थायी समाधान हेतु जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता को ग्रामवासियों के साथ मौका निरीक्षण कर तकनीकी समस्याओं को चिन्हित करने के निर्देश दिए।

चौपाल में ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क, सिंचाई, कृषि एवं आपदा से जुड़ी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। इस पर जिलाधिकारी ने रैदुल एवं रछुली गांव के आपदा कार्यों को एसडीएमएफ में तत्काल प्रस्तावित करने, मुर्गीबाड़े एवं गौशाला की लंबित धनराशि शीघ्र जारी करने, कंडारा इंटर कॉलेज में पेड़ कटान की कार्रवाई करने तथा दिव्यांग प्रमाण पत्र शिविर के माध्यम से बनवाने के निर्देश दिए। साथ ही घेरबाड़, चेकडैम एवं सोलर पंपिंग योजना को प्राथमिकता से संचालित करने और सुरक्षा बाड़ व सिंचाई व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी संबंधित विभागों को दिए गए।

इस दौरान “समलौंण आंदोलन” के तहत पौधरोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें जिलाधिकारी सहित ग्रामीणों ने सहभागिता की। क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी के ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर समस्याएं सुनने एवं समाधान के प्रयासों की सराहना की। साथ ही जिलाधिकारी ने स्थानीय महिला कृषकों से संवाद कर उनकी कृषि गतिविधियों की जानकारी ली। महिला कृषकों द्वारा फूलों एवं सब्जियों के बीज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने कृषि एवं उद्यान विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पॉलीहाउस, मत्स्य तालाब एवं इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल का अवलोकन किया। प्रगतिशील कृषक प्रमोद खंडूरी ने बताया कि उन्हें मत्स्य विभाग से गिफ्ट तिलापिया प्रजाति की मत्स्य पालन इकाई हेतु सब्सिडी प्राप्त हुई है। उन्होंने जिलाधिकारी को मत्स्य पालन गतिविधियों का प्रदर्शन भी किया। जिलाधिकारी ने चकबंदी आधारित इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल की सराहना करते हुए इसे किसानों के लिए प्रेरणादायक बताया तथा विभागीय अधिकारियों को अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़कर सामूहिक खेती के माध्यम से स्वरोजगार और आयवृद्धि को बढ़ावा देने हेतु निर्देशित किया।

सिंचाई विभाग के चेकडैम निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सोलर पंपिंग योजना को जिला योजना के माध्यम से शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही क्षेत्र पंचायत सदस्य को महिलाओं को समूह आधारित खेती एवं मत्स्य पालन गतिविधियों से जोड़ने तथा कन्वर्जेंस के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु प्रेरित करने को कहा। गांव के पुल पर सुरक्षा की दृष्टि से रेलिंग लगाए जाने की मांग पर जिलाधिकारी ने बीडीओ को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने कृषि निवेश केंद्र का निरीक्षण कर वहां रखे पंजीयों का अवलोकन किया तथा किसानों को वितरित किए जा रहे बीजों, कृषि उपकरणों एवं अन्य कृषि सामग्रियों की जानकारी ली। उन्होंने फार्म मशीनरी बैंक के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे कृषि यंत्रों, उनके उपयोग एवं लाभार्थियों की संख्या की भी समीक्षा की तथा पंजिका में सभी लाभार्थी कृषकों को सम्पूर्ण जानकारी का रखरखाव करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को किसानों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर क्षेत्र पंचायत सदस्य कुसुम खंडूरी, ग्राम प्रधान कंडारा शांति देवी, ग्राम प्रधान कमेड़ा सुमन प्रसाद, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, बीडीओ दृष्टि आनंद, अधिशासी अभियंता विवेक सेमवाल, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, जिला मत्स्य अधिकारी अभिषेक मिश्रा, न्याय पंचायत प्रभारी कुसुम लिंगवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।


“देवभूमि में सड़कों पर नमाज़ नहीं होने देंगे, कानून से ऊपर कोई नहीं” — सीएम धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में सड़कों पर नमाज़ पढ़ने को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि देवभूमि उत्तराखंड में सार्वजनिक सड़कों को धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से बाधित करने की अनुमति किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आस्था का सम्मान सभी को है, लेकिन कानून और व्यवस्था से ऊपर कोई नहीं हो सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश में चारधाम यात्रा चल रही है और लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। ऐसे में राज्य का वातावरण शांत, व्यवस्थित और अनुशासित बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सड़कें आम जनता की आवाजाही के लिए हैं, उन्हें अवरोध या प्रदर्शन का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा।

सीएम धामी ने कहा कि नमाज़ मस्जिदों, ईदगाहों और निर्धारित स्थानों पर ही पढ़ी जानी चाहिए। सार्वजनिक मार्गों को बाधित कर लोगों को परेशानी में डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग वोट बैंक की राजनीति के लिए सड़क पर नमाज़ का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन उत्तराखंड सरकार की नीति पूरी तरह स्पष्ट है।

मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि सार्वजनिक सड़कों को बंधक बनाकर अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि देवभूमि की शांति, संस्कृति और अनुशासन से खिलवाड़ करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी तथा राज्य में कानून का राज सर्वोपरि रहेगा।


CBSE ने बढ़ाई आवेदन की अंतिम तिथि, अब 24 मई तक मिलेगी उत्तरपुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी

दिल्ली- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 12वीं कक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब छात्र 24 मई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इससे पहले आवेदन की अंतिम तिथि 23 मई तय की गई थी।

सीबीएसई ने बताया कि छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। पिछले कुछ दिनों से बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट तकनीकी समस्याओं से जूझ रही थी, जिसके कारण कई छात्रों को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

बोर्ड के अनुसार वेबसाइट पर अत्यधिक ट्रैफिक और अनधिकृत हस्तक्षेप के प्रयासों की वजह से सर्वर प्रभावित हुआ था। इसके चलते कई छात्र समय पर अपनी उत्तरपुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन नहीं कर पाए थे। अब छात्रों को आवेदन के लिए एक अतिरिक्त दिन का मौका दिया गया है।

सीबीएसई ने छात्रों से अपील की है कि वे अंतिम समय का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि किसी प्रकार की तकनीकी समस्या से बचा जा सके।


स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रायपुर का किया औचक निरीक्षण

“डॉक्टर पूरी निष्ठा से निभाएं अपना दायित्व, मरीजों को बाहर से दवा खरीदने की न पड़े आवश्यकता”- मंत्री सुबोध उनियाल

देहरादून। उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रायपुर का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में सभी चिकित्सक उपस्थित मिले। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का भी गहन निरीक्षण किया।

स्वास्थ्य मंत्री ने सबसे पहले पर्चा काउंटर का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने अस्पताल की ओपीडी, दवा वितरण केंद्र, वार्ड, इमरजेंसी वार्ड तथा साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। मंत्री ने अस्पताल पहुंचे मरीजों से भी बातचीत कर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। इसी क्रम में उन्होंने शुक्रवार को संचालित ईसीजी ओपीडी का भी निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि चिकित्सकों को अपने कर्तव्यों का पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करना चाहिए, ताकि मरीजों को बेहतर उपचार और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पतालों में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि मरीजों को दवाइयां बाहर से खरीदने की आवश्यकता न पड़े।

उन्होंने अस्पताल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था को उच्च स्तर पर बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया। मंत्री ने कहा कि मरीजों को सम्मानजनक एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

निर्माणाधीन नई बिल्डिंग का भी किया निरीक्षण
स्वास्थ्य मंत्री ने निरीक्षण के दौरान सीएचसी रायपुर की निर्माणाधीन नई बिल्डिंग का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि नए भवन के निर्माण से क्षेत्रवासियों को आधुनिक एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। अत्याधुनिक संसाधनों और सुव्यवस्थित चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से अस्पताल की कार्यक्षमता में और अधिक सुधार आएगा।

मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर उपचार, दवाइयां तथा आवश्यक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि आमजन को राहत मिल सके।


डेंगू-चिकनगुनिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सभी जिलों को व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश

अस्पतालों में बनाए जाएंगे विशेष डेंगू वार्ड

देहरादून। प्रदेश में डेंगू और चिकनगुनिया के संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. सुनीता टम्टा ने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को रोगों की रोकथाम, नियंत्रण और उपचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में अंतर्विभागीय समन्वय बैठकें आयोजित करने को कहा है। इन बैठकों में स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, नगर निकाय, ग्राम पंचायतों और अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर डेंगू एवं चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए संयुक्त कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

डॉ. टम्टा ने निर्देश दिए हैं कि मच्छरों के पनपने वाले जल जमाव वाले स्थानों को चिन्हित कर उन्हें समाप्त किया जाए। आवश्यकता के अनुसार लार्वीसाइड का छिड़काव किया जाए तथा अन्य निरोधात्मक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित की जाएं। इसके साथ ही बुखार से पीड़ित मरीजों की जल्द पहचान के लिए व्यापक फीवर सर्विलांस अभियान चलाया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि डेंगू के संदिग्ध मामलों में तत्काल जांच सुनिश्चित की जाए। यदि किसी मरीज में डेंगू की पुष्टि होती है तो उसके घर और आसपास के क्षेत्रों में स्पेस एवं फोकल स्प्रे अनिवार्य रूप से कराया जाएगा। वहीं, जनपदीय रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी, फीवर सर्विलांस और स्रोत नियंत्रण अभियान चलाएगी।

निर्देशों में यह भी कहा गया है कि नगर निगम, नगर पालिकाओं और ग्राम पंचायतों के सहयोग से आवश्यकतानुसार फॉगिंग और लार्वीसाइड छिड़काव की कार्रवाई की जाए, ताकि मच्छरों के प्रजनन पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

स्वास्थ्य संस्थानों की तैयारियों को लेकर भी विभाग ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। जिला चिकित्सालयों, बेस अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में डेंगू रोगियों के लिए पृथक आइसोलेशन वार्ड, मच्छरदानी युक्त पर्याप्त बेड, आवश्यक दवाइयों और मानक उपचार सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रत्येक डेंगू वार्ड के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे।

इसके अलावा चिकित्सकों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा गंभीर मरीजों के उपचार के लिए प्लेटलेट्स का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। डेंगू जांच केंद्रों पर एलाइजा (ELISA) जांच किट और अन्य जरूरी जांच सामग्री की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें, जल जमाव न होने दें और डेंगू-चिकनगुनिया से बचाव के उपायों को अपनाएं। साथ ही जनजागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को मच्छरजनित रोगों से बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा।


भिवानी से 35 करोड़ की हेरोइन बरामद, गुरुग्राम STF ने तस्कर को दबोचा

गुरुग्राम – एसटीएफ ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा के भिवानी से एक कथित हेरोइन तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में हेरोइन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 35 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान रोहित के रूप में हुई है। एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि वह भिवानी स्थित अपने घर से बड़े स्तर पर नशीले पदार्थों का कारोबार चला रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके घर से भारी मात्रा में हेरोइन बरामद हुई।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पंजाब से हेरोइन की खेप लाकर हरियाणा के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई करता था। पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क में उसका भाई भी शामिल है, जो फिलहाल फरार है। पुलिस ने उसे भगोड़ा घोषित कर रखा है। बताया जा रहा है कि आरोपी के भाई के खिलाफ पंजाब में भी नशा तस्करी के कई मामले दर्ज हैं।

एसटीएफ अब आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है ताकि नशा तस्करी के इस रैकेट का पूरा खुलासा किया जा सके।


उतार-चढ़ाव के बीच शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त के साथ बंद

नई दिल्ली- सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सकारात्मक रुख देखने को मिला और प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से जुड़े शेयरों में खरीदारी के चलते सेंसेक्स 231.99 अंकों की मजबूती के साथ 75,415.35 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 64.60 अंक चढ़कर 23,719.30 के स्तर पर पहुंच गया।

कारोबार की शुरुआत में भी बाजार में तेजी का माहौल बना रहा। ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव में नरमी की उम्मीद और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी दिखा। एशियाई बाजारों में भी इस दौरान मजबूती देखने को मिली, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा।

शुरुआती सत्र में सेंसेक्स 332 अंकों से अधिक उछलकर 75,500 के पार पहुंच गया था, वहीं निफ्टी भी 23,700 के ऊपर कारोबार करता नजर आया। हालांकि दिनभर के उतार-चढ़ाव के बीच बाजार ने अंत में बढ़त बनाए रखी।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां और डेरिवेटिव्स से जुड़े अनुबंधों की एक्सपायरी को देखते हुए निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहकर निवेश करने की जरूरत है।


‘ऑपरेशन प्रहार’ में बड़ी सफलता, भूमि धोखाधड़ी के मास्टरमाइंड समेत दो आरोपी गिरफ्तार

फर्जी दस्तावेज बनाकर हड़पे लाखों रुपये

देहरादून। दून पुलिस ने जमीन के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी पहाड़ के लोगों, फौजियों और दूसरे राज्यों में रहने वाले उत्तराखंड मूल के लोगों को सस्ते दामों पर जमीन दिलाने का लालच देकर धोखाधड़ी करता था। पुलिस ने 20 हजार रुपये के इनामी आरोपी प्रदीप सकलानी को उसके सहयोगी अजय सजवाण के साथ डालनवाला क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार सहस्त्रधारा रोड निवासी विक्रम सिंह ने थाना रायपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि प्रदीप सकलानी, अभय कुमार और अजय सजवाण ने ग्राम सौंडा सरोली स्थित भूमि को अपना बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और जमीन का सौदा करने के नाम पर उनसे 30 लाख रुपये की अग्रिम राशि ले ली। बाद में जांच में सामने आया कि जमीन के वास्तविक मालिकों ने आरोपियों को भूमि बेचने का कोई अधिकार नहीं दिया था।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने फर्जी अनुबंध पत्र तैयार कर पीड़ित को धोखे में रखा। जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों द्वारा दिए गए चेक भी बाउंस हो गए। मामला दर्ज होने के बाद मुख्य आरोपी प्रदीप सकलानी लगातार फरार चल रहा था, जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

एसएसपी परमेन्द्र डोभाल के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत गठित विशेष पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर एकता विहार, डालनवाला में दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक प्रदीप सकलानी लोगों का विश्वास जीतने के लिए खुद को पहाड़ी मूल का बताता था और कम कीमत पर जमीन दिलाने का लालच देकर दूसरे लोगों की संपत्तियों को अपनी बताकर मोटी रकम वसूल लेता था।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ देहरादून के विभिन्न थानों में भूमि धोखाधड़ी, जालसाजी और अन्य गंभीर धाराओं में 27 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है। वहीं, एनआई एक्ट से जुड़े दो दर्जन से अधिक मामले विभिन्न न्यायालयों में लंबित बताए जा रहे हैं।

पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।


नकली जीवनरक्षक दवाओं का कारोबार करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार

सोशल मीडिया के जरिए चल रहा था नकली दवाओं का कारोबार

देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ ने ऑनलाइन माध्यम से नकली जीवनरक्षक दवाओं का कारोबार करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह देश की नामी दवा कंपनियों के नाम पर नकली दवाएं तैयार कर उन्हें सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए कई राज्यों में बेच रहा था। एसटीएफ की कार्रवाई में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि ये दवाएं बाजार मूल्य से आधे दाम पर बेची जा रही थीं, जिससे लोगों के स्वास्थ्य और जीवन के साथ गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा था।

“ऑपरेशन फेक पिल” के तहत यह कार्रवाई की गई। एसटीएफ की विशेष टीम पिछले दो महीनों से नकली दवाओं के नेटवर्क पर निगरानी रखे हुए थी। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया कि “एसके हेल्थ केयर” नामक फेसबुक पेज के माध्यम से Sun Pharma, Mankind, Zydus, Glenmark, Torrent और Macleods जैसी कंपनियों की नकली दवाएं ऑनलाइन बेची जा रही थीं।

एसटीएफ ने ग्राहक बनकर आरोपियों से दवाएं मंगाईं, जिसके बाद Gudcef Plus और Tydol-100 जैसी नकली दवाएं कोरियर के माध्यम से देहरादून पहुंचीं। जांच में पुष्टि होने पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में संगठित अपराध, धोखाधड़ी, जालसाजी, आईटी एक्ट, कॉपीराइट एक्ट और एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जतिन सैनी निवासी संभल उत्तर प्रदेश तथा गौरव त्यागी निवासी जीएमएस रोड देहरादून के रूप में हुई है। पूछताछ में गौरव त्यागी ने स्वीकार किया कि रुड़की में उसकी नकली दवा फैक्ट्री पहले भी पकड़ी जा चुकी है। वर्तमान में भगवानपुर क्षेत्र में ब्रांडेड कंपनियों के नाम से नकली दवाएं तैयार की जा रही थीं। कोटद्वार सिडकुल क्षेत्र की बंद पड़ी फैक्ट्री का भी जरूरत पड़ने पर उपयोग किया जाता था। एसटीएफ और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने रुड़की और कोटद्वार स्थित फैक्ट्रियों में कार्रवाई शुरू कर दी है।

कोटद्वार स्थित यूनिट को सीज करने की प्रक्रिया जारी है, जबकि फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए भेजा गया है। एसटीएफ के अनुसार, गौरव त्यागी के खिलाफ नकली दवाओं से जुड़े तीन अन्य मुकदमे हरिद्वार, देहरादून और महाराष्ट्र में पहले से दर्ज हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

एसटीएफ ने जनता से अपील की है कि बिना बिल दवाएं न खरीदें, दवा के बैच नंबर का मिलान अवश्य करें और अत्यधिक छूट के लालच में अज्ञात ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से दवा खरीदने से बचें। नकली दवा कारोबार की सूचना एसटीएफ के हेल्पलाइन नंबर 0135-2656202 और 9412029536 पर दी जा सकती है।


स्वाद बढ़ाने वाली टोमैटो सॉस कहीं सेहत के लिए खतरा तो नहीं? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

बर्गर, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज, समोसा और चाउमीन जैसे फास्ट फूड के साथ टोमैटो सॉस का इस्तेमाल लगभग हर घर में होता है। इसका खट्टा-मीठा स्वाद खाने का मजा बढ़ा देता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रोजाना इस्तेमाल होने वाली यह सॉस आपकी सेहत पर क्या असर डाल सकती है? विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में मिलने वाली कई टोमैटो सॉस और केचप में टमाटर के अलावा चीनी, नमक, प्रिजर्वेटिव्स और कृत्रिम रंगों की मात्रा काफी अधिक हो सकती है, जो लंबे समय में स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।

हापुड़ में नकली सॉस बनाने का मामला आया सामने

हाल ही में उत्तर प्रदेश के हापुड़ में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने एक स्थान पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में नकली टोमैटो सॉस बरामद की। जांच के दौरान अधिकारियों ने सैकड़ों बोतलें जब्त कीं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सॉस तैयार करने में गाजर, स्टार्च, अधिक मात्रा में चीनी, नमक, कृत्रिम रंग और अन्य रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार ऐसे उत्पादों का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

अधिक चीनी और नमक बढ़ा सकते हैं जोखिम

पोषण विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में उपलब्ध कई सॉस में चीनी और सोडियम की मात्रा अपेक्षा से ज्यादा होती है। नियमित रूप से अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और फैटी लिवर जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा प्रोसेसिंग के दौरान मिलाए जाने वाले कुछ प्रिजर्वेटिव्स और फ्लेवरिंग एजेंट्स पाचन तंत्र को भी प्रभावित कर सकते हैं।

पाचन और एलर्जी की समस्या

विशेषज्ञों का मानना है कि कम गुणवत्ता वाले सॉस में मौजूद कृत्रिम रंग और रसायन कुछ लोगों में एलर्जी, पेट दर्द, गैस, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। लंबे समय तक ऐसे उत्पादों का सेवन शरीर में सूजन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी बढ़ा सकता है।

बच्चों की सेहत पर ज्यादा असर

बच्चों में टोमैटो सॉस का इस्तेमाल सबसे ज्यादा देखा जाता है। फ्राइज, बर्गर, पिज्जा और अन्य जंक फूड के साथ सॉस खाने की आदत उन्हें अधिक चीनी और नमक का आदी बना सकती है। इससे कम उम्र में ही वजन बढ़ना, ब्लड शुगर असंतुलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही यह आदत बच्चों को पौष्टिक भोजन से दूर भी कर सकती है।

सॉस खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सॉस खरीदते समय उसके लेबल को ध्यान से पढ़ें। ऐसे उत्पाद चुनें जिनमें टमाटर की मात्रा अधिक हो और अतिरिक्त चीनी, नमक तथा कृत्रिम प्रिजर्वेटिव्स कम हों। खुले में बिकने वाले या अत्यधिक चमकीले रंग वाले सॉस से बचना बेहतर है। यदि संभव हो तो घर पर तैयार की गई सॉस का इस्तेमाल अधिक सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प माना जाता है।

नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह और उपलब्ध चिकित्सा रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय के लिए विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

(साभार)


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