Thursday, May 28th, 2026

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सृष्टि की सृजनकर्ता है नारी- रेखा आर्या

Daily Archives: 28/05/2026

सृष्टि की सृजनकर्ता है नारी- रेखा आर्या

विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर कैबिनेट मंत्री ने किया बालिकाओं को जागरूक

किशोरी और महिलाओं को स्वच्छता किट वितरित की

देहरादून। विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर राज्य की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने किशोरी और महिलाओं के जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लिया। इस मौके पर महिलाओं और किशोरियों को स्वच्छता किट वितरित की गई।

सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि भारतीय परंपरा में इस जैविक प्रक्रिया को प्राकृतिक वैज्ञानिक और नारी की सृजन क्षमता का आधार माना गया है। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म महिलाओं को ईश्वर का वह पवित्र आशीर्वाद है जो उन्हें सृष्टि की सृजनकर्ता बनाता है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि इस विषय में समाज में बहुत सारी भ्रांतियां प्रचलित है और इस बारे में सामाजिक सोच को बदलना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के लिए स्वास्थ्यवर्धक खान-पान और मासिक धर्म के दिनों में स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक उपाय अपनाना आवश्यक है।

इस अवसर पर उन्होंने किशोरी और बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता किट वितरित की।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मोदी सरकार ने देशभर में स्थित हजारो जनऔषधि केदो पर मात्र ₹1 में सुरक्षित सेनेटरी पैड वितरित किया जाता है।
इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने मेरी सहेली नैपकिन वेंडिंग मशीन व आंगनबाड़ी बहनों के माध्यम से चल रही नैपकिन वितरण योजना के जरिए ग्रामीण समाज की लाखों महिलाओं को सुरक्षित स्वच्छता उपाय है अपनाने में मदद की है।

कार्यक्रम के दौरान महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर निहारिका ने प्रतिभागियों को मासिक धर्म और उससे जुड़ी समस्याओं के बारे में संवाद के जरिए मार्गदर्शन दिया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह, मोहित चौधरी आदि उपस्थित रहे।


दिल्ली के राजेंद्र नगर में संदिग्ध हालात में दो वृद्ध महिलाओं की मौत, जांच में जुटी पुलिस

दिल्ली। दिल्ली के राजेंद्र नगर इलाके में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक घर के अंदर दो बुजुर्ग महिलाओं के शव बरामद हुए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई।

पुलिस के अनुसार सुबह करीब 10:30 बजे मकान संख्या R-852 से तेज दुर्गंध आने की सूचना मिली थी। घर में सफाई करने वाली घरेलू सहायिका ने पुलिस को बताया कि मकान के सभी दरवाजे बंद थे और अंदर से बदबू आ रही थी। सूचना पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची।

जांच के दौरान घर के एक कमरे में दो बुजुर्ग महिलाएं अचेत अवस्था में मिलीं। उनकी पहचान करीब 80 वर्षीय चंद्र कांता और सरोज बाला के रूप में हुई है। एक महिला का शव बिस्तर पर पड़ा था जबकि दूसरी महिला का शव कमरे के फर्श पर मिला।

प्रारंभिक जांच में मकान के अंदर जबरन प्रवेश या तोड़फोड़ के कोई निशान नहीं पाए गए हैं। स्थानीय लोगों से पूछताछ में पता चला कि दोनों महिलाएं लंबे समय से इस मकान में साथ रह रही थीं। सरोज बाला अविवाहित थीं, जबकि चंद्र कांता उनकी भाभी थीं।

मौके पर पहुंची कैट एम्बुलेंस टीम ने दोनों महिलाओं को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद क्राइम टीम और एफएसएल ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। फिलहाल पुलिस को शुरुआती जांच में किसी साजिश या आपराधिक वारदात के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच जारी है।

दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए आरएमएल अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।


“ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत दून पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 2 लाख की स्मैक के साथ युवक गिरफ्तार

नशा तस्करों के विरुद्ध दून पुलिस की कार्यवाही जारी

देहरादून। मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान को सफल बनाने के लिए दून पुलिस लगातार मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में चेकिंग और सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना सेलाकुई पुलिस ने एक युवक को अवैध स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, 28 मई 2026 को थाना सेलाकुई की पुलिस टीम चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जसवीर सैनी पुत्र जोरावर सिंह निवासी अकबर कॉलोनी, कृष्णा नगर सेलाकुई, देहरादून को गिरफ्तार किया। आरोपी की उम्र 23 वर्ष बताई गई है।

तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 6.85 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना सेलाकुई में मुकदमा अपराध संख्या 64/2026 के तहत धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नशे के कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।


ईद-उल-अजहा पर नमाजियों की भीड़, खास मांग ने खींचा ध्यान

आयुषी

त्याग, बलिदान और इंसानियत का संदेश देने वाला पर्व ईद-उल-अजहा (बकरीद) गुरुवार को राजधानी देहरादून समेत पूरे उत्तराखंड में धार्मिक आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने नमाज अदा कर मुल्क में अमन, खुशहाली और भाईचारे की दुआ मांगी।ईद को लेकर मुस्लिम समुदाय में खासा उत्साह देखने को मिला। बुधवार देर रात तक शहर के बाजारों में खरीदारी की रौनक बनी रही। कपड़े, इत्र, सेवइयां और कुर्बानी के लिए बकरों की खरीदारी को लेकर बाजारों में भारी भीड़ रही। बच्चों और युवाओं में त्योहार को लेकर अलग ही उत्साह नजर आया।

देहरादून की प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में अलग-अलग समय पर ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।मौलानाओं ने अपने संदेश में कहा कि ईद-उल-अजहा केवल कुर्बानी का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग और जरूरतमंदों की मदद का संदेश भी देता है। उन्होंने समाज में शांति और भाईचारे को मजबूत करने की अपील की।

इस बार देहरादून में ईद की नमाज के दौरान एक अलग तस्वीर भी देखने को मिली। मुस्लिम सेवा संगठन से जुड़े लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई।संगठन के सदस्यों ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और सरकार को इसे राष्ट्रीय पशु का दर्जा देना चाहिए। इस पहल ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा और सामाजिक सौहार्द का संदेश भी दिया।

ईद-उल-अजहा को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए दून पुलिस पूरी तरह अलर्ट रही। शहर को 5 जोन और 11 सेक्टर में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था की गई। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा, जबकि सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से भी निगरानी रखी गई।

पुलिस अधिकारियों ने लगातार शहर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। ट्रैफिक को सुचारु बनाए रखने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए थे।
ईद से एक दिन पहले देहरादून के पलटन बाजार, सहारनपुर चौक और अन्य मुस्लिम बहुल इलाकों में देर रात तक खरीदारी का माहौल बना रहा। मिठाइयों, कपड़ों और पारंपरिक सामान की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखने को मिली।

प्रदेशभर में ईद-उल-अजहा का पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ और लोगों ने मिलकर प्रेम, भाईचारे और एकता का संदेश दिया।


वोटर लिस्ट अपडेट अभियान शुरू, BLO करेंगे घर-घर सत्यापन

पूजा भट्ट

उत्तराखंड में चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। प्रदेशभर में 29 मई से एसआईआर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होने जा रहा है, जो 7 जून तक चलेगा। इस दौरान जिलावार बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) और अन्य निर्वाचन अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।अब तक राज्य स्तर पर मास्टर ट्रेनर तैयार किए जा चुके हैं। इसके बाद अब सभी जिलों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को एसआईआर की प्रक्रिया, दस्तावेज सत्यापन, गणना प्रपत्र भरने और अपील संबंधी नियमों की जानकारी दी जाएगी।

चुनाव आयोग के अनुसार 8 जून से बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे। मतदाताओं को यह फॉर्म भरकर वापस बीएलओ को जमा करना होगा। इस प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची में दर्ज जानकारियों का सत्यापन किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक प्रदेश में मतदाताओं की मैपिंग और रिकॉर्ड मिलाने का कार्य तेजी से चल रहा है। अब तक लगभग 89 प्रतिशत रिकॉर्ड का सत्यापन पूरा किया जा चुका है। वहीं, करीब 11 प्रतिशत मतदाताओं का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो पाया है। ऐसे मतदाताओं को अपना वोट सुरक्षित रखने के लिए वर्ष 2003 से संबंधित दस्तावेज या अन्य रिकॉर्ड प्रस्तुत करने होंगे।

अभियान के दौरान बीएलओ के साथ सहायक कर्मचारी भी तैनात रहेंगे, ताकि कोई भी घर और कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए। चुनाव आयोग का लक्ष्य है कि सभी मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंच सके और मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध एवं अद्यतन हो सके।

सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने k कि प्रशिक्षण की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और जिलावार कार्यक्रम के अनुसार अभियान संचालित किया जाएगा।


बॉक्स ऑफिस पर धीमी हुई ‘चांद मेरा दिल’ की रफ्तार, फिल्म ने अब तक कमाए इतने करोड़ रुपये

अनन्या पांडे और लक्ष्य की रोमांटिक ड्रामा फिल्म ‘चांद मेरा दिल’ बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रही है। 22 मई को रिलीज हुई इस फिल्म को शुरुआती दिनों में दर्शकों से मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला। वीकेंड पर फिल्म की कमाई में थोड़ी तेजी जरूर देखने को मिली, लेकिन सप्ताह के दिनों में इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई। ऐसे में फिल्म के लिए आगे का सफर चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है।

फिल्म का निर्देशन विवेक सोनी ने किया है। रिलीज के पहले दिन ‘चांद मेरा दिल’ ने तीन करोड़ रुपये का कारोबार किया था। दूसरे दिन फिल्म की कमाई बढ़कर 3.75 करोड़ रुपये पहुंची, जबकि रविवार को इसने 4.25 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। हालांकि, सोमवार से फिल्म की कमाई में गिरावट दर्ज की गई।

चौथे दिन फिल्म ने 2.25 करोड़ रुपये कमाए, जबकि पांचवें दिन इसका कारोबार 2.10 करोड़ रुपये रहा। वहीं छठे दिन फिल्म लगभग 1.90 करोड़ रुपये ही जुटा सकी है। इसके साथ ही फिल्म का कुल नेट कलेक्शन करीब 17.25 करोड़ रुपये पहुंच गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘चांद मेरा दिल’ का बजट लगभग 30 से 40 करोड़ रुपये के बीच बताया जा रहा है। ऐसे में मौजूदा कमाई के आंकड़े फिल्म के लिए ज्यादा संतोषजनक नहीं माने जा रहे हैं। यह फिल्म करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले बनाई गई है।

बॉक्स ऑफिस पर फिल्म को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। आयुष्मान खुराना, रकुल प्रीत सिंह और वामिका गब्बी की फिल्म ‘पति पत्नी और वो दो’ पहले से सिनेमाघरों में बनी हुई है। वहीं, साउथ फिल्मों ‘दृश्यम 3’ और ‘करुप्पु’ भी दर्शकों को आकर्षित कर रही हैं। आने वाले दिनों में ‘है जवानी तो इश्क होना है’ और ‘पेद्दी’ जैसी बड़ी फिल्मों की रिलीज से ‘चांद मेरा दिल’ की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

(साभार)


मसूरी-देहरादून मार्ग पर दर्दनाक हादसा, खाई में गिरा पानी का टैंकर, चालक की मौत

मसूरी झील से पानी भरकर मसूरी की ओर जा रहा था टैंकर

मसूरी। मसूरी-देहरादून मार्ग पर गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में पानी के टैंकर चालक की मौत हो गई। यह हादसा गज्जी बैंड से कुछ नीचे उस समय हुआ, जब मसूरी झील से पानी भरकर मसूरी की ओर जा रहा टैंकर अचानक अनियंत्रित होकर करीब 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरा।

घटना की सूचना सुबह लगभग 5:53 बजे डायल 112 कंट्रोल रूम के माध्यम से पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही कोतवाली मसूरी पुलिस टीम आपदा राहत एवं बचाव उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने घायल चालक को क्षतिग्रस्त टैंकर से बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के लिए निजी वाहन से सिविल अस्पताल मसूरी पहुंचाया। हादसे की सूचना चालक के परिजनों और टैंकर मालिक को भी दी गई, जिसके बाद टैंकर मालिक मौके पर पहुंचे।

मृतक की पहचान अक्षय असवाल (25 वर्ष), पुत्र प्रेम सिंह असवाल, निवासी ग्राम सभा दुधई, ब्लॉक सहसपुर, जनपद देहरादून के रूप में हुई है। अस्पताल में उपचार के दौरान चालक ने दम तोड़ दिया।

पुलिस के अनुसार हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। साथ ही वैधानिक कार्रवाई और पंचायतनामा की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है।


दतिया मर्डर केस का 48 घंटे में खुलासा, प्रेमी ने चुन्नी से गला घोंटकर की हत्या

दतिया- मध्य प्रदेश के दतिया जिले में महिला की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने महिला के प्रेमी को गिरफ्तार किया है। घटना पंडोखर थाना क्षेत्र की है, जहां कुछ दिन पहले नदी में एक महिला का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था।

मृतका की पहचान उत्तर प्रदेश के जौनपुर निवासी मृदुला उर्फ अंजली के रूप में हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बंटी दोहरे गुजरात के सूरत में एक फैक्ट्री में काम करता था। वहीं उसकी मुलाकात महिला से हुई थी और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए थे।

बताया जा रहा है कि महिला आरोपी पर शादी करने और पत्नी को छोड़ने का दबाव बना रही थी। इसी को लेकर दोनों के बीच लगातार विवाद हो रहा था। पुलिस के अनुसार महिला ने कथित तौर पर फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर आरोपी की पत्नी को आपत्तिजनक संदेश और धमकियां भी भेजी थीं।

23 मई को महिला सूरत से दतिया पहुंची थी। आरोपी उसे बातचीत के बहाने नदी के पुराने पुल पर ले गया। वहां मोबाइल देखने को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। गुस्से में आरोपी ने महिला की चुन्नी से गला घोंट दिया और बाद में शव नदी में फेंक दिया। पुलिस के मुताबिक पानी में डूबने से महिला की मौत हो गई।

हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए महिला के दोनों मोबाइल तोड़कर नदी में फेंक दिए। 25 मई को शव मिलने के बाद पंडोखर पुलिस, साइबर सेल और एफएसएल टीम ने जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंच गई।

दतिया एसपी मयूर खंडेलवाल ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर मृतका का बैग और घटना के समय पहने गए कपड़े भी बरामद कर लिए गए हैं। फिलहाल आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


मुख्यमंत्री धामी ने किया ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ का विमोचन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में काउंसिल ऑन एनर्जी, इन्वायरमेन्ट एण्ड वॉटर (CEEW) द्वारा तैयार की गई ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल एक स्मारिका पुस्तिका का विमोचन नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड के उज्ज्वल, आत्मनिर्भर एवं हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में सामूहिक संकल्प का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संकट एवं पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में सौर ऊर्जा केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत उत्तराखण्ड ने उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं, जो देश के लिए प्रेरणास्रोत बन रही हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने 40 हजार रूफटॉप सोलर संयंत्रों का अपना प्रारंभिक लक्ष्य निर्धारित समय से पूर्व प्राप्त कर लिया है तथा निर्धारित संयंत्रों के लक्ष्य का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तराखण्ड आज देश में शीर्ष राज्यों की श्रेणी में पहुँच चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 से अब तक मात्र दो वर्षों में राज्य ने सौर ऊर्जा क्षमता में लगभग 10 गुना वृद्धि दर्ज की है। उत्तराखण्ड लगभग 290 मेगावाट क्षमता के रेजिडेंशियल रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने में सफल हुआ है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण की दिशा में यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।मुख्यमंत्री ने यूपीसीएल, ऊरेडा, क्षेत्रीय अधिकारियों तथा इस अभियान से जुड़े सभी विभागों एवं संस्थाओं के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता टीम उत्तराखण्ड की सामूहिक प्रतिबद्धता और समर्पण का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित सौर कौथिग व्यापक जन-जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक एवं अधिकारियों के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने प्रदेश में सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता का वातावरण तैयार किया है। उन्होंने CEEW की टीम के सहयोग एवं उल्लेखनीय योगदान की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल सोलर संयंत्र स्थापित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ ऊर्जा क्रांति का सक्रिय भागीदार बनाना है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के व्यापक उपयोग से आम नागरिकों के विद्युत व्यय में कमी आएगी, पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी तथा आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं हरित भविष्य प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में उत्तराखण्ड नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश के समक्ष एक प्रेरणादायक एवं आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित होगा।

इस अवसर पर विधायक सुरेश गड़िया, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव विनय शंकर पांडेय, CEEW के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अरुणाभ घोष, पिटकुल के प्रबंध निदेशक डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक जी. एस बुदियाल एवं संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।


फूलों की घाटी में बिखरी प्रकृति की रंगत, 1 जून से एंट्री शुरू

आयुषी

उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी एक बार फिर रंग-बिरंगे फूलों की खुशबू और प्राकृतिक सौंदर्य के साथ पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। आगामी 1 जून से घाटी आधिकारिक रूप से पर्यटकों के लिए खोल दी जाएगी। खास बात यह है कि घाटी खुलने से पहले ही यहां प्रकृति ने अपनी रंगत बिखेरनी शुरू कर दी है।वन विभाग की टीम हाल ही में घाटी का निरीक्षण कर वापस लौटी है। वन क्षेत्राधिकारी चेताना कांडपाल के नेतृत्व में गए दल ने बताया कि घाटी में इस समय दो दर्जन से अधिक प्रजातियों के फूल खिल चुके हैं, जिससे पूरी घाटी रंगों की चादर ओढ़े नजर आने लगी है।

हर साल लाखों पर्यटक और ट्रेकर्स फूलों की घाटी की खूबसूरती देखने उत्तराखंड पहुंचते हैं। इस बार भी शुरुआती सीजन में ही घाटी का मनमोहक दृश्य पर्यटकों को आकर्षित करने लगा है। घाटी में बर्फ पिघलने के बाद धीरे-धीरे फूलों का खिलना शुरू हो जाता है और जून से अगस्त के बीच यहां का नजारा अपने चरम पर पहुंचता है।

वन विभाग के अनुसार घाटी में इस समय कई दुर्लभ हिमालयी फूल खिल चुके हैं। आने वाले दिनों में फूलों की संख्या और विविधता तेजी से बढ़ेगी। प्राकृतिक सौंदर्य, ठंडी हवाएं और हिमालय की गोद में फैली यह घाटी फोटोग्राफर्स, नेचर लवर्स और ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं मानी जाती।

वन विभाग ने घाटी खुलने से पहले व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। ट्रेक रूट, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं ताकि पर्यटकों को सुरक्षित और बेहतर अनुभव मिल सके।

प्रकृति की गोद में कुछ सुकून भरे पल बिताने की चाह रखने वालों के लिए उत्तराखंड की फूलों की घाटी इस बार भी यादगार अनुभव देने को तैयार है।


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