Friday, May 8th, 2026

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उच्च शिक्षा विभाग में उत्तर-पुस्तिकाओं का होगा डिजिटल मूल्यांकनः डाॅ. धन सिंह रावत

Daily Archives: 08/05/2026

उच्च शिक्षा विभाग में उत्तर-पुस्तिकाओं का होगा डिजिटल मूल्यांकनः डाॅ. धन सिंह रावत

ऑन-स्क्रीन मार्किंग से परीक्षाओं के मूल्यांकन में आयेगी पारदर्शिता

कहा, डिजिटल मूल्यांकन से समय पर घोषित होंगे परीक्षा परिणाम

देहरादून-  उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विश्वविद्यालयों एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों में अब उत्तर-पुस्तिकाओं का ऑनस्क्रीन डिजिटल मूल्यांकन (ऑन-स्क्रीन मार्किंग) किया जायेगा। जिससे परीक्षा मूल्यांकन अधिक पारदर्शी, तेज और त्रुटिरहित होगा। ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली से परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हो सकेंगे, जिसका सीधा लाभ छात्र-छात्राओं को मिलेगा। शासन स्तर से विश्वविद्यालयों में ऑनस्क्रीन डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को वर्तमान सेमेस्टर (जनवरी 2026) से लागू करने के निर्देश जारी कर दिये गये हैं।

सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य विश्वविद्यालयों एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों की परीक्षा प्रणाली में अहम सुधार कर उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है। अब विश्वविद्यालयों में सभी प्रकार की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली के तहत जांची जायेगी, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और त्रुटिरहित हो सकेगी और भौतिक परिवहन के खर्चे में कमी के साथ ही समय पर परीक्षा परिणाम घोषित हो सकेंगे। विभागीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान में विश्वविद्यालयों में पारम्परिक व भौतिक मूल्यांकन व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी, पुनमूल्यांकन में देरी व उत्तर पुस्तिकाओं के समिति संरक्षण जैसी समस्याएं को देखते हुये यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी राज्य विश्वविद्यालयों को ऑनस्क्रीन डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली के माध्यम से वर्तमान सेमेस्टर (जनवरी 2026) से परीक्षाओं का मूल्यांकन को शासन स्तर से निर्देश जारी कर दिये गये हैं।

डाॅ. रावत ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सेमेस्टर प्रणाली लागू होने के बाद विश्वविद्यालयों एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों पर परीक्षा कार्यों का दबाव बढ़ा है, डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से अब आपसी समन्वय की पूरी प्रक्रिया आॅटोमेटेड होगी, जिससे मैन्युअल हस्तक्षेप कम हो जायेगा। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन के डिजिटलीकरण से शिक्षकों की भागीदारी और बढ़ जायेगी और वह अपने-अपने शिक्षण संस्थानों से ही मूल्यांकन कर सकेंगे, जिससे महाविद्यालयों व विश्वविद्यालय परिसरों में नियमित पढ़ाई व्यवस्था बाधित नहीं होगी। इसके अलावा उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल रिकाॅर्ड भी सुरक्षित रहेगा, जिससे भविष्य में छात्रों के पुनर्मूल्यांकन संबंधी समस्याओं का भी समाधान आसानी से हो सकेगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को सरल एवं व्यवहारिक बनाने को विश्वविद्यालयों को आवश्यक तकनीकी संसाधन एवं प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं ताकि नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।


एमडीडीए का बड़ा एक्शन, अवैध निर्माणों पर चला सीलिंग अभियान, पटेलनगर–देहराखास में दो निर्माण सील

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का सख्त संदेश—बिना अनुमति निर्माण पर जीरो टॉलरेंस, एमडीडीए के एक्शन से अवैध निर्माण पर कड़ा प्रहार

देहरादून – मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने राजधानी में अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए दो प्रमुख स्थानों पर सीलिंग अभियान चलाया। प्राधिकरण की टीम ने पटेल नगर सहारनपुर रोड और देहराखास क्षेत्र में नियमों के विपरीत बनाए जा रहे निर्माणों को चिन्हित कर उन्हें सील कर दिया। प्राधिकरण ने यह साफ संदेश गया है कि बिना स्वीकृति के निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इसी क्रम में पटेल नगर सहारनपुर रोड पर मनी गर्ग द्वारा कराए जा रहे अवैध व्यवसायिक निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे सील किया गया। इसी तरह देहराखास क्षेत्र में विपिन कुमार वर्मा द्वारा किए जा रहे अवैध आवासीय निर्माण को भी सील कर दिया गया। जांच के दौरान पाया गया कि दोनों निर्माण बिना स्वीकृत नक्शे और आवश्यक अनुमति के किए जा रहे थे, जो प्राधिकरण के नियमों का सीधा उल्लंघन है। जिस पर संयुक्त सचिव प्रत्यूस सिंह द्वारा नियमानुसार कार्यवाही करते हुये सीलिंग के ओदश पारित किये गये कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता निशान्त कुकरेती, अवर अभियंता जयदीप राणा और सुपरवाइजर की टीम मौजूद रही। एमडीडीए की इस कार्रवाई को शहर में बढ़ते अवैध निर्माण पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा – बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत मानचित्र और अनुमति के किए जा रहे निर्माण न केवल नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि शहर के सुनियोजित और संतुलित विकास के लिए गंभीर चुनौती भी हैं। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और जहां भी अवैध निर्माण की सूचना मिलती है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाती है। तिवारी ने आमजन से अपील की कि वे किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले आवश्यक स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और इस अभियान को और तेज किया जाएगा।

भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी – मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माणों के खिलाफ प्राधिकरण का अभियान लगातार जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी और बिना अनुमति निर्माण करने वालों को किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। शहर के सुनियोजित विकास, ट्रैफिक प्रबंधन और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई बेहद आवश्यक है।


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