Thursday, February 26th, 2026

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शिक्षा, नवाचार और युवा सहभागिता से साकार होगा विकसित भारत- सुबोध उनियाल

Daily Archives: 26/02/2026

शिक्षा, नवाचार और युवा सहभागिता से साकार होगा विकसित भारत- सुबोध उनियाल

नरेंद्रनगर। धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय, नरेंद्रनगर में आयोजित त्रिदिवसीय इंटरनेशनल सेमिनार ऑन विज़न फॉर विकसित भारत @2047 का शुभारंभ मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर मंत्री सुबोध उनियाल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा निर्धारित विकसित भारत 2047 का लक्ष्य केवल एक संकल्प नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक प्रतिबद्धता है। वर्ष 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध एवं वैश्विक नेतृत्वकर्ता राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि नवाचार, अनुसंधान, स्टार्टअप, कौशल विकास एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित किए बिना विकसित भारत का सपना साकार नहीं हो सकता। इसके लिए शिक्षा संस्थानों, उद्योग जगत एवं समाज के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित करना आवश्यक है। ऐसे सेमिनार ज्ञान, नीति और व्यवहारिक क्रियान्वयन के मध्य सेतु का कार्य करते हैं।

मंत्री उनियाल ने विश्वास व्यक्त किया कि इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में प्रस्तुत शोध पत्र, विचार विमर्श और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से विकसित भारत की दिशा में ठोस सुझाव प्राप्त होंगे, जो नीति निर्माण और जनभागीदारी को सुदृढ़ करेंगे।

कार्यक्रम में प्राचार्य, प्राध्यापकगण, शोधार्थी एवं देश-विदेश से आए विद्वानों की सहभागिता उल्लेखनीय रही।

अंत में मंत्री सुबोध उनियाल ने आयोजकों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों को सफल आयोजन हेतु बधाई देते हुए कहा कि युवाओं की ऊर्जा और संकल्प ही भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करेगा।


टी20 विश्व कप 2026- भारत और जिम्बाब्वे के बीच मुकाबला आज 

दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद वापसी के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया

चेन्नई। टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 चरण में गुरुवार को भारत और जिम्बाब्वे के बीच महत्वपूर्ण मुकाबला खेला जाएगा। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिहाज से दोनों टीमों के लिए यह मैच बेहद अहम माना जा रहा है। भारत को पिछले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका से करारी हार का सामना करना पड़ा था, वहीं जिम्बाब्वे भी वेस्टइंडीज के खिलाफ शिकस्त झेल चुका है। ऐसे में एमए चिदंबरम स्टेडियम में होने वाला यह मैच रोमांचक रहने की उम्मीद है।

भारत का पलड़ा भारी, लेकिन दबाव बरकरार
हेड-टु-हेड आंकड़ों में भारत का पलड़ा भारी रहा है। दोनों टीमों के बीच खेले गए 13 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत ने 10 मैच जीते हैं, जबकि जिम्बाब्वे को सिर्फ तीन में जीत मिली है। हालांकि मौजूदा टूर्नामेंट में दोनों टीमें दबाव में हैं और जीत उनके लिए जरूरी है।

टीम इंडिया में बदलाव के संकेत
कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में भारतीय टीम प्लेइंग-11 में बदलाव कर सकती है। खराब फॉर्म से जूझ रहे अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा की जगह संजू सैमसन को मौका मिलने की संभावना है। शीर्ष क्रम में फेरबदल कर टीम संतुलन बनाने की कोशिश करेगी।

मध्यक्रम और गेंदबाजी पर जिम्मेदारी
मध्यक्रम में हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे और रिंकू सिंह अहम भूमिका निभाते नजर आएंगे। गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह से एक बार फिर दमदार प्रदर्शन की उम्मीद है। स्पिन विभाग में अक्षर पटेल की वापसी संभव मानी जा रही है।

जिम्बाब्वे उलटफेर के इरादे से उतरेगा
जिम्बाब्वे की टीम भी वापसी के इरादे से मैदान में उतरेगी। कप्तान सिकंदर रजा चोट के बावजूद खेलने को तैयार हैं। बल्लेबाजी में ब्रायन बेनेट और मारुमानी पर जिम्मेदारी होगी, जबकि गेंदबाजी में ब्लेसिंग मुजरबानी और रिचर्ड एनगारवा भारत के लिए चुनौती पेश कर सकते हैं।

पिच और मौसम रिपोर्ट
चेन्नई की पिच इस टूर्नामेंट में बल्लेबाजों के लिए अनुकूल रही है और यहां हाई-स्कोरिंग मुकाबले देखने को मिले हैं। हालांकि मैच आगे बढ़ने के साथ स्पिनरों को भी मदद मिलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार मैच के दौरान मौसम साफ रहेगा और बारिश की कोई आशंका नहीं है।

मैच से जुड़ी अहम जानकारी

तारीख: 26 फरवरी (गुरुवार)

समय: शाम 7:00 बजे (टॉस 6:30 बजे)

स्थान: एमए चिदंबरम स्टेडियम, चेन्नई

प्रसारण: स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क

लाइव स्ट्रीमिंग: जियोहॉटस्टार ऐप

भारत के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा है, वहीं जिम्बाब्वे की टीम भी उलटफेर कर टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहेगी।


“सा विद्या या विमुक्तये” के आदर्श पर चल रहा सरस्वती शिशु मंदिर- मंत्री सुबोध उनियाल

मुनि की रेती में वार्षिकोत्सव कार्यक्रम, मंत्री सुबोध उनियाल ने की शिरकत

टिहरी। मुनि की रेती स्थित श्याम कृष्ण पंवार सरस्वती शिशु मंदिर के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में मंत्री सुबोध उनियाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ।

इस अवसर पर मंत्री ने छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर “सा विद्या या विमुक्तये” के आदर्श पर चलते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्या भारती के विद्यालय केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का भी विकास करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय प्रबंधन द्वारा स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर और अन्य शैक्षिक संसाधनों के लिए विधायक निधि से आर्थिक सहयोग का अनुरोध किया गया। इस पर मंत्री ने डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 11 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। इस घोषणा पर विद्यालय परिवार, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने आभार व्यक्त किया।

वार्षिकोत्सव में छात्रों ने लोक संस्कृति पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, वहीं विज्ञान और ग्रामीण जीवन शैली पर आधारित प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। मंत्री ने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर परिश्रम और नैतिकता के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में अध्यक्ष चन्द्रवीर पोखरियाल, प्रधानाचार्य सुरेन्द्र सिंह नेगी, प्रांत सह प्रदेश निरीक्षक विनोद रावत, नगरपालिका अध्यक्ष नीलम बिजल्वाण, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष रोशन रतूड़ी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक और शिक्षक मौजूद रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने किया नयार वैली फेस्टिवल का उद्घाटन

नयार वैली फेस्टिवल: पर्यटन, परंपरा और विकास का ऐतिहासिक संगम

पौड़ी की नयार घाटी से मुख्यमंत्री ने दिया बड़ा संदेश, पर्यटन, रोजगार और विकास को मिलेगी नयी गति

पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जनपद पौड़ी गढ़वाल के बिलखेत में आयोजित नयार वैली फेस्टिवल का शुभारंभ किया। इस महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही नयार घाटी की पर्यटन, संस्कृति एवं साहसिक गतिविधियों की अपार संभावनाओं को नई पहचान मिलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई है।

मुख्यमंत्री ने नयार घाटी में पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना करने, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विकासखंड पोखड़ा में रसलवाँण दीवा मंदिर स्थलीय कार्य, विकासखंड बीरोंखाल में कालिंका मंदिर स्थलीय कार्य, विकासखंड एकेश्वर में एकेश्वर महादेव मंदिर स्थलीय कार्य तथा विकासखंड पाबौ में चम्पेश्वर महादेव मंदिर से जुड़े विकास कार्यों की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की लाभार्थी करिश्मा और सलोनी को महालक्ष्मी किट प्रदान की, योगिता की गोदभराई की रस्म संपन्न कराई तथा समाज कल्याण विभाग के लाभार्थियों तुलसीदास एवं बीरेन्द्र को दिव्यांग उपकरण भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने महिला समूहों एवं स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उनके अनुभव जाने और सरकार की योजनाओं का लाभ अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने पर बल दिया। उन्होंने साइक्लिस्टों तथा एंगलरों से भी संवाद कर उनके साहस और उत्साह की सराहना की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने पैराग्लाइडिंग, पैरामोटरिंग, हॉट एयर बैलून, माउंटेन बाइकिंग, कयाकिंग, एंगलिंग, जिपलाइन, बर्मा ब्रिज, रिवर्स बंजी सहित विभिन्न एडवेंचर गतिविधियों का फ्लैग ऑफ कर औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि नयार वैली क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और साहसिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है तथा ऐसे आयोजनों से स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने सभी को होली की अग्रिम शुभकामनाएं दीं और कहा कि नयार घाटी सहित जनपद पौड़ी गढ़वाल का यह संपूर्ण क्षेत्र अपनी मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और साहसिक संभावनाओं के कारण अत्यंत अद्वितीय है। प्रकृति ने इस क्षेत्र को सौंदर्य और रोमांच का अनुपम संगम प्रदान किया है, जिससे यह साहसिक पर्यटन और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए आदर्श स्थल बनता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार सकारात्मक रूप से कार्य करेगी, ताकि स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में आगे बढ़ने और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना भी है, जिससे प्रत्येक नागरिक विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार, अंत्योदय की भावना के साथ कार्य करते हुए सड़क, बिजली, पेयजल, दूरसंचार, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित सभी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद के समग्र विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। श्रीनगर में 650 करोड़ रुपये की लागत से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का निर्माण प्रगति पर है, जबकि खोह नदी को प्रदूषण मुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए 135 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है। पौड़ी के गड़िया गांव में प्रदेश की पहली एनसीसी अकादमी का निर्माण, कोटद्वार में 11 करोड़ की लागत से सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट और मालन नदी पर पुल निर्माण कार्य जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा पौड़ी के ऐतिहासिक कलेक्ट्रेट भवन को हेरिटेज के रूप में संरक्षित किया जा रहा है तथा सतपुली में सिंचाई निरीक्षण भवन का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोटद्वार में खेल सुविधाओं के विस्तार, 50 बेड वाले आधुनिक चिकित्सालय के निर्माण, सीडीएस पार्क में विशाल तिरंगा, विज्ञान संग्रहालय, ट्राइडेंट पार्क, सतपुली झील, 20 करोड़ की लागत से माउंटेन म्यूजियम एवं तारामंडल जैसी परियोजनाएं भविष्य में पर्यटन और रोजगार के नए अवसर सृजित करेंगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन सभी प्रयासों से क्षेत्र का संतुलित और सतत विकास सुनिश्चित होगा तथा स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार आएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का निरंतर प्रयास शासन-प्रशासन को जन-जन तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से 17 दिसंबर 2025 से “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान शुरू किया गया, जिसके तहत प्रशासन के विभिन्न विभागों की टीमें प्रत्येक न्याय पंचायत में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही हैं और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके द्वार तक पहुंचा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान के माध्यम से लोगों के प्रमाणपत्र और आवश्यक दस्तावेज घर-घर पहुंचाए गए, जिससे आमजन को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य यही है कि हर नागरिक को समय पर सुविधाएं मिलें और उसकी समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान उसके अपने द्वार पर ही सुनिश्चित हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का समग्र सामाजिक विकास सरकार का प्रमुख लक्ष्य और संकल्प है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ राज्य की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ बनाए रखना, लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना तथा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों का संरक्षण करना भी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, जिसके लिए निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि राज्य सरकार, उत्तराखंड को देश-विदेश में प्रमुख पर्यटन एवं एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है और नयार वैली फेस्टिवल इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि यह एक आयोजन नहीं, बल्कि नयार घाटी की अपार प्राकृतिक सुंदरता, हमारी समृद्ध संस्कृति और साहसिक पर्यटन की असीम संभावनाओं का सशक्त परिचय है। इस महोत्सव के माध्यम से पैराग्लाइडिंग, माउंटेन बाइकिंग, कयाकिंग, हॉट एयर बैलून जैसी गतिविधियाँ युवाओं को नए अवसर प्रदान करेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के द्वार खोलेंगी।

पर्यटन मंत्री कहा कि हमारा लक्ष्य उत्तराखंड को देश का अग्रणी एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाना है, जिसके लिए राज्य सरकार आधारभूत संरचना, कनेक्टिविटी और पर्यटन सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से नयार घाटी आने वाले समय में देश-दुनिया के पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगी और विकास, रोजगार तथा सांस्कृतिक पहचान का नया अध्याय लिखेगी।

विधायक राजकुमार पोरी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव जनपद पौड़ी को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा। साथ ही उन्होंने चिनवाड़ी डांडा पेयजल योजना की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए नयार वैली फेस्टिवल को स्थायी रूप से आयोजित किए जाने का अनुरोध किया।

बिलखेत में जिला प्रशासन द्वारा एक अद्वितीय एवं सुव्यवस्थित आयोजन संपन्न किया गया, जिसमें एक ही मंच पर 10 पृथक-पृथक गतिविधियों का सफल संचालन सुनिश्चित किया गया। विविध रोमांचक, सांस्कृतिक एवं जनसहभागिता आधारित कार्यक्रमों से सुसज्जित इस आयोजन ने न केवल प्रतिभागियों और दर्शकों में उत्साह का संचार किया, बल्कि प्रशासन की समन्वित कार्यप्रणाली और उत्कृष्ट व्यवस्थापन क्षमता का भी परिचय दिया। यह आयोजन नवाचार, सुव्यवस्था और बहुआयामी गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पं. राजेद्र अणथ्वाल, जिला पंचायत अध्यक्षा रचना बुटोला, ब्लॉक प्रमुख कल्जीखाल गीता देवी, प्रमुख द्वारीखाल बीना राणा, जिला पंचायत सदस्य महेंद्र राणा, जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।


एनसीईआरटी विवाद- सुप्रीम कोर्ट ने किताब की सभी कॉपियां जब्त करने के दिए आदेश

माफी से काम नहीं चलेगा- सुप्रीम कोर्ट की एनसीईआरटी को कड़ी चेतावनी

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कक्षा 8 की एक पाठ्यपुस्तक में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ से जुड़े विवादित अंश को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए एनसीईआरटी को सख्त निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका की गरिमा से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और जब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, मामले की निगरानी जारी रहेगी।

सुनवाई के दौरान अदालत ने संबंधित किताब के वितरण पर तत्काल रोक लगाने के साथ-साथ उसकी सभी प्रतियों को वापस लेने और डिजिटल संस्करण हटाने के आदेश दिए। पीठ ने कहा कि यह केवल एक शैक्षणिक त्रुटि नहीं, बल्कि गंभीर विषय है, जिसकी गहन जांच जरूरी है। अदालत ने शिक्षा विभाग और एनसीईआरटी के अधिकारियों को नोटिस जारी कर पूछा है कि इस चूक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल माफी मांग लेना पर्याप्त नहीं है। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला आपराधिक अवमानना के दायरे में आता है और इससे न्यायपालिका की विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है। इसलिए पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जाएगी।

इस बीच, केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बिना शर्त माफी जताई, जबकि एनसीईआरटी ने भी विवादित अंश हटाने और संशोधित पाठ्यपुस्तक जारी करने की बात कही है। संस्था ने अपनी ओर से इसे अनजाने में हुई गलती बताते हुए खेद प्रकट किया है।

मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी। अदालत ने दोहराया कि किसी भी संस्था या व्यक्ति को न्यायपालिका की छवि धूमिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती और इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


मजबूत इम्यून सिस्टम के लिए क्या खाएं? जानें एक्सपर्ट की सलाह

मौसम में बदलाव के साथ ही ठंड का असर कम होने लगा है और लोग धीरे-धीरे गर्मी के अनुसार अपनी दिनचर्या बदल रहे हैं। लेकिन इस संक्रमण काल में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं। तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ सकती है, जिससे सर्दी, जुकाम और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे समय में इम्यूनिटी को मजबूत रखना बेहद जरूरी हो जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत इम्यून सिस्टम शरीर को बाहरी संक्रमणों से बचाने के साथ-साथ अंदरूनी कार्यप्रणाली को भी बेहतर बनाए रखता है। इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए किसी एक उपाय पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना जरूरी है। बदलते मौसम में खासतौर पर ऐसे खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना चाहिए, जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करें।

कुशीनगर के एक चिकित्सक, डॉ. रवि कुशवाहा के अनुसार, विटामिन-सी से भरपूर खाद्य पदार्थ इम्यूनिटी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। संतरा, नींबू, आंवला और कीवी जैसे फल शरीर में सफेद रक्त कोशिकाओं के निर्माण को बढ़ावा देते हैं, जो संक्रमण से लड़ने में मददगार होते हैं। इसके साथ ही ये फल शरीर को हाइड्रेटेड रखते हैं और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं। नियमित रूप से आंवला जूस और नींबू पानी का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है।

भारतीय रसोई में मौजूद मसाले भी इम्यूनिटी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अदरक, लहसुन और हल्दी में मौजूद तत्व शरीर की सूजन को कम करने और संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। हल्दी वाला दूध लंबे समय से एक पारंपरिक घरेलू उपाय के रूप में उपयोग किया जाता रहा है, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है।

इसके अलावा, आंतों का स्वास्थ्य भी इम्यून सिस्टम से गहराई से जुड़ा होता है। दही और छाछ जैसे प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं और शरीर में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाते हैं। वहीं बादाम, अखरोट, चिया सीड्स और अलसी जैसे खाद्य पदार्थ शरीर को आवश्यक पोषक तत्व और ओमेगा-3 फैटी एसिड प्रदान करते हैं, जिससे शरीर की रिकवरी क्षमता बेहतर होती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सही खान-पान के साथ पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम भी बेहद जरूरी है। रोजाना 7-8 घंटे की नींद और तनाव से दूरी शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीना शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक होता है।

नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह और सामान्य जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।


33,251 बालिकाओं को मिले 145.93 करोड़, नंदा गौरा योजना का पैसा जारी

मुख्यमंत्री और महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री ने डीबीटी की धनराशि

देहरादून। उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी नंदा गौरा योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश की 33,251 बालिकाओं को कुल 145.93 करोड़ रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में भेजी गई। गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में लाभार्थियों को यह सहायता प्रदान की गई।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नंदा गौरा योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन का सशक्त अभियान है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि वर्ष 2017 से संचालित यह योजना बालिका जन्म को प्रोत्साहित करने, संस्थागत प्रसव बढ़ाने, बाल विवाह पर रोक लगाने तथा बेटियों की उच्च शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी साबित हुई है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत बालिका के जन्म पर 11,000 रुपये तथा 12वीं उत्तीर्ण कर उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने पर 51,000 रुपये की सहायता दी जाती है, जिससे बेटियां आत्मनिर्भर बन सकें और अपने सपनों को साकार कर सकें।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज में लैंगिक असमानता दूर करने और कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। नंदा गौरा योजना इसी सोच का परिणाम है, जो बेटियों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही है।

इस अवसर पर विभागीय निदेशक बंसीलाल राणा, उपनिदेशक मोहित चौधरी, नोडल अधिकारी उदय प्रताप सिंह, जितेंद्र कुमार, नीतू फुलेरा शिखा कंडवाल, शिवप्रसाद भट्ट, सुरेंद्र सिंह चौहान आदि उपस्थित रहे।

किस जिले में कितने लाभार्थी

जनपद   जन्म पर लाभार्थी   12वीं उत्तीर्ण लाभार्थी

अल्मोड़ा   643   2963

बागेश्वर   240   1167

चमोली   196   1761

चम्पावत   285   1410

देहरादून   678   2637

नैनीताल   1012   3196

पौड़ी    227   1990

पिथौरागढ़    243    1936

रुद्रप्रयाग    172   1235

टिहरी    485     2775

ऊधमसिंहनगर   1372    4772

उत्तरकाशी     360    1496

कुल योग    5913    27338

कुल लाभार्थी : 33,251
कुल वितरित धनराशि : ₹145.93 करोड़


कुमाऊँ में नशे पर बड़ा प्रहार, मेडिकल स्टोर से 20 हजार से ज्यादा प्रतिबंधित गोलियां बरामद

स्वास्थ्य सचिव के निर्देश पर चला विशेष अभियान, क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट निरीक्षण से बढ़ी सख्ती, नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा

देहरादून। प्रदेश में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा अभियान छेड़ दिया है। सचिव स्वास्थ्य व आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग सचिन कुर्वे के स्पष्ट निर्देशों के क्रम में प्रदेशभर में औषधि निरीक्षण की विशेष कार्रवाई चल रही है। इसी अभियान के तहत कुमाऊँ मंडल में बड़ी छापेमारी कर नशे के कारोबार पर करारा प्रहार किया गया। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने थाना पुलभट्टा क्षेत्र, जनपद उधम सिंह नगर में एक मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद कीं। यह कार्रवाई स्पेशल ऑपरेशन टास्क फोर्स (SOTF) कुमाऊँ परिक्षेत्र और औषधि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई।

मेडिकल स्टोर से मिला नशीली दवाओं का जखीरा
मुखबिर की सूचना पर की गई छापेमारी में SK मेडिकल स्टोर से प्रतिबंधित ट्रामाडोल (Tramadol) और अल्प्राजोलम (Alprazolam) की कुल 20,142 टैबलेट्स और 50 ट्रामाडोल इंजेक्शन बरामद किए गए। ये दवाएं चिकित्सकीय उपयोग के लिए निर्धारित हैं, लेकिन बिना वैध पर्चे के इनकी बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। मौके पर मौजूद स्टोर संचालक शकूर खान पुत्र सब्बीर खान, निवासी शक्तिफार्म रोड, ग्राम सेदोरा, चौकी बरा, थाना पुलभट्टा के खिलाफ थाना पुलभट्टा में धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाएं कहां से लाई गईं और किन-किन लोगों तक सप्लाई की जानी थीं।

क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट निरीक्षण से बढ़ी सख्ती
स्वास्थ्य विभाग ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस बार निरीक्षण प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। अपर आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा औषधि निरीक्षकों के तीन विशेष दल गठित किए गए हैं। इन दलों को अपने गृह जनपद से बाहर तैनात कर क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर किसी भी प्रकार की मिलीभगत की आशंका को समाप्त करना और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करना है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में प्रदेशभर में औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।

युवाओं को बचाने की मुहिम
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम जैसी दवाओं का दुरुपयोग युवाओं में तेजी से बढ़ा है। इन दवाओं का सेवन नशे के रूप में किया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ रहे हैं। सरकार का मानना है कि मेडिकल स्टोरों के माध्यम से हो रही अवैध बिक्री पर रोक लगाना बेहद जरूरी है। कुमाऊँ में हुई यह कार्रवाई इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है। पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त कार्रवाई से साफ संकेत गया है कि अब नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

नशे के नेटवर्क पर बड़ी चोट
कुमाऊँ में हुई इस कार्रवाई को नशे के नेटवर्क पर बड़ी चोट माना जा रहा है। जिस तरह से स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने समन्वय बनाकर कार्रवाई की है, उससे साफ है कि सरकार अब नशे के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के मूड में है। प्रदेशभर में चल रहे इस अभियान से न केवल अवैध दवा कारोबारियों में हड़कंप है, बल्कि आम जनता में भी भरोसा जगा है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त सचिन कुर्वे का बयान
स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग सचिन कुर्वे ने कहा कि प्रदेश में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम जैसी दवाओं का दुरुपयोग युवाओं को नशे की ओर धकेल रहा है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पारदर्शिता के लिए क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट निरीक्षण व्यवस्था लागू की गई है और विशेष दल लगातार औचक जांच कर रहे हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी का बयान
अपर आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि स्वास्थ्य सचिव के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रदेश में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। इसके लिए तीन विशेष दल बनाए गए हैं, जो अलग-अलग जिलों में निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम जैसी दवाओं की बिना पर्चे बिक्री गंभीर अपराध है और युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलती है। विभाग ऐसे मेडिकल स्टोरों की पहचान कर रहा है जो नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


शाहिद कपूर की ‘ओ रोमियो’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 60 करोड़ के पार

मशहूर निर्देशक विशाल भारद्वाज और अभिनेता शाहिद कपूर की जोड़ी एक बार फिर फिल्म ‘ओ रोमियो’ के जरिए चर्चा में है। इससे पहले दोनों ‘हैदर’ और ‘रंगून’ जैसी फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं। ‘ओ रोमियो’ इस जोड़ी की चौथी फिल्म है, जो रिलीज के बाद से ही बॉक्स ऑफिस पर लगातार प्रदर्शन कर रही है।

फिल्म ने अपने पहले हफ्ते में ठीक-ठाक शुरुआत करते हुए कुल 47.1 करोड़ रुपये का कारोबार किया। शुरुआती तीन दिनों में फिल्म की कमाई मजबूत रही, लेकिन वीकडेज़ में कलेक्शन में गिरावट देखने को मिली। दूसरे हफ्ते में भी फिल्म की रफ्तार धीमी पड़ती नजर आई, हालांकि वीकेंड पर कुछ उछाल दर्ज किया गया।

रिलीज के 13वें दिन फिल्म ने करीब 1.20 करोड़ रुपये की कमाई की। इसके साथ ही ‘ओ रोमियो’ का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन अब 60.25 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। फिल्म का प्रदर्शन स्थिर बना हुआ है, लेकिन तेजी से बढ़त दर्ज नहीं कर पा रहा है।

फिल्म की कहानी एक खतरनाक लेकिन संवेदनशील किरदार हसीन उस्तारा के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे शाहिद कपूर ने निभाया है। वह एक पेशेवर हत्यारा है, जिसकी जिंदगी में तब बदलाव आता है जब उसे अफशा से प्यार हो जाता है। अफशा का किरदार तृप्ति डिमरी ने निभाया है। कहानी में एक्शन, इमोशन और रोमांस का संतुलित मिश्रण देखने को मिलता है।

‘ओ रोमियो’ को साजिद नाडियाडवाला ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म में अविनाश तिवारी, नाना पाटेकर, तमन्ना भाटिया, दिशा पाटनी और फरीदा जलाल जैसे कलाकार सहायक भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं, जबकि विक्रांत मैसी विशेष भूमिका में दिखाई दिए हैं।

(साभार)


सहकारी मेलों में 500 से अधिक महिला समूहों ने अपने उत्पाद बेचकर कमाया अच्छा मुनाफा- डाॅ. धन सिंह

सहकारी मेलों में वितरित किया गया 21 करोड़ से अधिक का ब्याज मुक्त ऋण

देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में आयोजित सहकारिता मेलों में राज्य सरकार द्वारा किसानों, काश्तकारों, युवा उद्यमियों व महिला स्वयं सहायता समूहों को पशुपालन, मछली पालन, फूलों की खेती जैसी अन्य गतिविधियों के लिए 21 करोड़ से अधिक का ब्याज मुक्त ऋण वितरित किया गया। इसके अतिरिक्त मेलों में 500 से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों ने अपने उत्पादों का विक्रय कर अच्छा मुनाफा कमाया है।

सूबे के सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के तहत स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं ग्रामीण आर्थिकी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा प्रदेशभर में सहकारिता मेलों का आयोजन किया जा रहा है। डाॅ. रावत ने बताया कि सहकारिता विभाग के माध्यम से विशेष थीमों पर आधारित इन मेलों का 11 जनपदों में सफल आयोजन किया जा चुका है, जबकि टिहरी जनपद में मेला आयोजित किया गया है। इन मेलों में किसानों, काश्तकारों, कारीगरों एवं महिला स्वयं सहायता समूहों को बाजार उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा मेलों में विभागीय योजनाओं का लाभ आम लोगों का पहुंचाया जा रहा है। डाॅ. रावत ने बताया कि मेलों के माध्यम से अब तक 1038 किसानों व 147 महिला स्वयं सहायता समूहों को रुपये 21 करोड़ से अधिक ब्याज मुक्त ऋण वितरित किया जा चुका है, जिसमें अल्मोड़ा जनपद में 174 लाख का ब्याज मुक्त ऋण किसानों व महिला स्वयं सहायता समूहों को वितरित किया गया। इसी प्रकार बागेश्वर में 115 लाख, पिथौरागढ़ में 211 लाख, चम्पावत 81, नैनीताल 107 लाख, चमोली 155 लाख, रूद्रप्रयाग 177 लाख, पौड़ी 583 लाख, हरिद्वार 71 लाख, देहरादून 98 लाख तथा उत्तरकाशी जनपद में किसानों व महिला स्वयं सहायता समूहों को 56 लाख का ब्याज मुक्त ऋण वितरित किया गया है। टिहरी जनपद में आयोजित मेले में अब तक 270 लाख का ऋण वितरित किया जा चुका है। विभाग द्वारा वितरित किये जा रहे ब्याज मुक्त ऋण प्रदेश के किसानों, काश्तकारों, कारीगरों, युवाओं, महिला स्वयं सहायता समूहों के कृषि विकास, स्वरोजगार, लघु उद्यम एवं आजीविका संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

डाॅ. रावत ने बताया कि सहकारी मेलों में महिला स्वयं सहायता समूहों को सीधा बाजार मिला है। अब तक आयोजित मेलों में 500 से अधिक महिला समूहों ने अपने उत्पादों हस्तशिल्प, स्थानीय खाद्य सामग्री, जैविक उत्पाद सहित पारंपरिक वस्त्रों का विक्रय किया है जिनसे उनको खास मुनाफा हुआ है। डाॅ. रावत ने बताया कि सहकारिता मेलों से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला है और महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता मेले किसानों, महिलाओं एवं ग्रामीण उद्यमियों के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बनकर उभरे हैं। इन आयोजनों ने सहकारिता के मूल सिद्धांतों सहभागिता, आत्मनिर्भरता और सामूहिक विकास को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान की है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से सहकारिता को रोजगार सृजन, वित्तीय समावेशन एवं समावेशी विकास का मजबूत आधार बनाया जाएगा।


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