Monday, February 23rd, 2026

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2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवा निभाएंगे निर्णायक भूमिका- रेखा आर्या

Daily Archives: 23/02/2026

2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवा निभाएंगे निर्णायक भूमिका- रेखा आर्या

देव संस्कृति विश्वविद्यालय में एनएसएस राष्ट्रीय एकीकरण शिविर का शुभारम्भ, 13 राज्यों के युवा हुए शामिल

हरिद्वार। देव संस्कृति विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के राष्ट्रीय एकीकरण शिविर का भव्य शुभारम्भ उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने किया। शिविर में देश के 13 राज्यों एवं 185 विश्वविद्यालयों से आए एक हजार से अधिक युवा प्रतिभाग कर रहे हैं। पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित युवाओं ने भारत की सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता का सजीव चित्र प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेखा आर्य ने कहा कि आज का भारत युवा भारत है। युवा शक्ति में वह सामर्थ्य है जो हर चुनौती को अवसर में बदल सकती है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प हमारे युवाओं के परिश्रम, नवाचार और राष्ट्रनिष्ठा से ही पूर्ण होगा।

उन्होंने आगे कहा कि सच्चा युवा वही है जिसके विचार पवित्र हों, लक्ष्य स्पष्ट हो और कर्म में निष्ठा हो। आज भारतीय युवाओं की प्रतिभा को वैश्विक मंच पर सम्मान मिल रहा है। स्टार्टअप, विज्ञान, तकनीक और खेल के क्षेत्र में हमारे युवाओं ने विश्व पटल पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई है। आने वाले वर्षों में यही युवा भारत को विश्व की अग्रणी महाशक्ति के रूप में स्थापित करेंगे।

मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय एकीकरण शिविर केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि ‘विविधता में एकता’ की भावना को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम है। ऐसे शिविर युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का विकास करते हैं। इससे पूर्व उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर स्थित शौर्य दीवार पर पुष्पांजलि अर्पित कर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि यह शिविर राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या, समरदीप सक्सेना तथा शांतिकुंज के व्यवस्थापक योगेंद्र गिरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


जनता मिलन कार्यक्रम में एक दर्जन से अधिक शिकायतें दर्ज, अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण

जनसमस्याओं के समाधान का नया अध्यायः जनता मिलन में त्वरित कार्यवाही से बढ़ा जनता का भरोसा

लंबित प्रकरणों की समीक्षा के साथ अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

पौड़ी। सोमवार को जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में एक दर्जन से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं। अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष नितिगत प्रकरणों में संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि निर्धारित समयसीमा में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

नई शिकायतों के साथ-साथ पूर्व में दर्ज प्रकरणों एवं सीएम हेल्पलाइन की भी समीक्षा की गई। यमकेश्वर के मोगपुर गांव निवासी रुपेश दत्त शर्मा की भूमि पैमाइश संबंधी शिकायत पर उपजिलाधिकारी यमकेश्वर को निर्देशित किया गया कि अगले ही दिन राजस्व टीम भेजकर शिकायतकर्ता की उपस्थिति में पैमाइश कर आख्या प्रस्तुत करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राजस्व मामलों में पारदर्शिता अनिवार्य है, ताकि ग्रामीणों को न्यायोचित अधिकार समय पर मिल सके और उन्हें अनावश्यक कार्यालयी चक्कर न लगाने पड़ें।

नगर पालिका वार्ड संख्या 04 निवासी अनिल बहुगुणा द्वारा पाइपलाइन से गंदा पानी प्राकृतिक स्रोत में जाने की शिकायत पर संबंधित विभाग को प्राथमिकता के आधार पर जांच कर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि पेयजल स्रोतों की स्वच्छता से कोई समझौता नहीं होगा, क्योंकि यह सीधे जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। तहसील पौड़ी के ग्राम तलसारी निवासी सतीश चन्द्र द्वारा चार्जशीट न्यायालय को प्रेषित न किए जाने संबंधी शिकायत पर पुलिस विभाग को तत्काल वस्तुस्थिति स्पष्ट करने को कहा गया और निर्देशित किया गया कि विधिक प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब न हो।

विद्युत संबंधी समस्याओं में सुरेन्द्र कुमार कठैत की लंबी केबल टूटने की समस्या तथा ग्राम डुंगरी निवासी अनिकेत गुसांई की विद्युत पोल स्थापना संबंधी शिकायत पर अधिशासी अभियंता विद्युत को स्थलीय निरीक्षण कर शीघ्र पोल बदलने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि मूलभूत सुविधाओं में बाधा जनजीवन को प्रभावित करती है, इसलिए ऐसे मामलों में त्वरित कार्यवाही कर आमजन को राहत पहुंचाई जाए। ग्राम प्रधान कोठार मनीष कुमार द्वारा चौपाल आयोजन तथा बीरोंखाल के भिडकोट निवासी पवन सिंह द्वारा पीआरडी नियुक्ति संबंधी शिकायतों पर भी संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार परीक्षण कर समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया।

इसके अलावा पेयजल, शिक्षा, वन व राजस्व, स्वास्थ्य व उरेडा विभाग सम्बन्धी पूर्व शिकायतों पर जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों प्राथमिकता के आधार पर शिकायतों के निस्तारण के निर्देश दिये।

जनता मिलन कार्यक्रम में संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिवमोहन शुक्ला, जिला पंचायतराज अधिकारी जितेन्द्र कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेन्द्र कुमार, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भण्डारी, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबरिया, जिला परीवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग अभिनव रावत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल से की शिष्टाचार भेंट

नमामि गंगे, बाढ़ सुरक्षा और नहर विस्तार परियोजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा

देहरादून/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल से शिष्टाचार भेंट कर वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले महाकुंभ की तैयारियों तथा नमामि गंगे से संबंधित परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने महाकुंभ 2027 के सफल, सुव्यवस्थित और पर्यावरणीय दृष्टि से सतत आयोजन के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अंतर्गत ₹408.82 करोड़ की परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि जनवरी से अप्रैल 2027 तक आयोजित इस महाआयोजन में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में गंगा की निर्मलता, स्वच्छता और अविरलता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए ₹253 करोड़ के प्रस्तावों की स्वीकृति, जल जीवन मिशन के अंतर्गत अतिरिक्त धनराशि जारी करने तथा इकबालपुर, कनखल और जगजीतपुर नहर प्रणाली की क्षमता विस्तार का भी अनुरोध किया। इससे 665 क्यूसेक अतिरिक्त पानी उपलब्ध होगा और भगवानपुर व लक्सर क्षेत्र की लगभग 13 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। साथ ही पेयजल समस्या के समाधान में भी मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से हरिद्वार महाकुंभ 2027 को दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक स्वरूप दिया जाएगा तथा गंगा संरक्षण के प्रयासों को और मजबूत किया जाएगा।


स्थानीय खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा तोहफा, भिलाडू स्टेडियम प्रोजेक्ट पर तेज हुई कार्रवाई

भिलाडू में स्टेडियम के संबंध में खेल विभाग, वन विभाग एवं पेयजल निगम के अधिकारियों के साथ बैठक, मंत्री गणेश जोशी ने दिये आवश्यक दिशा-निर्देश 

देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विधान सभा स्थित कार्यालय कक्ष में अपने विधानसभा क्षेत्र मसूरी स्थित भिलाडू में स्टेडियम के संबंध में खेल विभाग, वन विभाग एवं पेयजल निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की तथा सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।

मंत्री ने कहा कि मसूरी स्थित भिलाडू में स्थानीय जनता द्वारा लम्बी अवधि से स्टेडियम की मांग की जा रही है। स्टेडियम के लिए एक्टेंशन मार्ग हेतु चिहिन्त भूमि वन भूमि होने के करण वन विभाग द्वारा समय-समय पर आपत्ति लगाये जाने के कारण कार्यदायी संस्था पेयजल निगम को हस्तान्तरित नहीं हो पा रही है। जिसके कारण कार्यदायी संस्था पेयजल निगम स्टेडियम निर्माण का कार्य नहीं कर पा रहा है।

मंत्री ने कहा कि बैठक में वन विभाग के अधिकारियों से भूमि हस्तान्तरण की कार्यवाही की प्रगति के सम्बन्ध में जानकारी ली गयी। भूमि हस्तान्तरण सम्बन्धी कार्यवाही नोडल अधिकारी स्तर तक पूर्ण हो गयी है तथा पत्रावली शासन स्तर पर भेजी जानी है। विश्वास है कि आगामी दो माह के भीतर भूमि हस्तान्तरण का कार्य पूर्ण हो जायेगा तथा बच्चों/खिलाड़ियो को स्थानीय स्तर पर स्टेडियम की सुविधा मिल सकेगी।

बैठक में अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मसूरी मीरा सकलानी, सचिव खेल आशीष चौहान, डीएफओ मसूरी वन प्रभाग अमित कंवर तथा अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री धामी का बड़ा फैसला, सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए बनेगी एसओपी

उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री धामी से भेंट की

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकारी कार्यालयों और कार्यस्थलों पर अधिकारी- कर्मचारी और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए मुख्य सचिव को एसओपी बनाने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की। 21 फरवरी को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में निदेशक अजय नौडियाल के साथ मारपीट पर चिंता जताई गई। साथ ही अन्य स्थानों पर सरकारी अधिकारी- कर्मचारियों के साथ हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए, ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कर्मचारी नेताओं की बातों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि सरकार कार्मिकों के मान – सम्मान और सुरक्षा को लेकर हमेशा गंभीर रही है।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को फोन कर, अधिकारी, कर्मचारियों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए एसओपी तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने डीजीपी को भी निर्देश दिए हैं कि सरकारी कार्यालयों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, साथ ही इस तरह की घटनाओं पर त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने एसएसपी को भी शिक्षा निदेशालय में हुई घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।

इस मौके पर राज्य औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रताप सिंह पंवार, उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक मोर्चा के अध्यक्ष राम सिंह चौहान, महामंत्री मुकेश बहुगुणा, पूर्व संयुक्त निदेशक प्रदीप रावत,दीपक जोशी एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।


क्या तेजी से वजन घटना कैंसर का संकेत हो सकता है? आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

कैंसर आज के समय की सबसे तेजी से बढ़ती गंभीर बीमारियों में शामिल हो चुका है। दुनिया भर में यह न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है, बल्कि हर साल लाखों लोगों की जान भी ले रहा है। बदलती जीवनशैली, असंतुलित खान-पान, बढ़ता प्रदूषण और रसायनों के संपर्क ने इस खतरे को और अधिक बढ़ा दिया है। भारत में भी कैंसर के मामलों में लगातार इजाफा देखा जा रहा है, जिसे लेकर विशेषज्ञ चिंता जता रहे हैं।

हालिया रिपोर्ट्स में चेतावनी दी गई है कि आने वाले वर्षों में कैंसर के मामलों में और तेज वृद्धि हो सकती है। अनुमान है कि साल 2040 तक स्थिति और गंभीर हो सकती है, जहां बहुत कम अंतराल में नए मरीज सामने आएंगे। ऐसे में समय रहते इसके संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी हो जाता है। बिना किसी स्पष्ट कारण के तेजी से वजन घटना भी कई बार एक गंभीर बीमारी की ओर इशारा कर सकता है।

कैंसर किन कारणों से होता है?

विशेषज्ञों के मुताबिक कैंसर की शुरुआत शरीर की कोशिकाओं के डीएनए में बदलाव (म्यूटेशन) से होती है। इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं—

तंबाकू और धूम्रपान का सेवन

वायु प्रदूषण और रेडिएशन

अस्वस्थ खान-पान और मोटापा

आनुवंशिक कारण

एचपीवी और हेपेटाइटिस जैसे संक्रमण

भारत में बड़ी संख्या में कैंसर के मामले तंबाकू सेवन से जुड़े पाए गए हैं, जो इसे सबसे बड़ा जोखिम कारक बनाता है।

बिना कारण वजन घटना क्यों हो सकता है खतरनाक?

अचानक और तेजी से वजन कम होना हमेशा सामान्य नहीं होता। कई बार यह शरीर में चल रही गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है। कैंसर के मामलों में यह लक्षण अक्सर देखने को मिलता है, हालांकि हर बार इसका मतलब कैंसर ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है।

कैंसर में वजन क्यों घटता है?

कैंसर के दौरान शरीर के अंदर कई जैविक बदलाव होते हैं, जिनकी वजह से वजन तेजी से कम होने लगता है—

कैंसर कोशिकाएं शरीर की ऊर्जा और पोषण का ज्यादा उपयोग करती हैं

मेटाबॉलिज्म प्रभावित होने से भूख कम हो जाती है

शरीर ऊर्जा के लिए मांसपेशियों और फैट को तोड़ने लगता है

इम्यून सिस्टम की प्रतिक्रिया से सूजन बढ़ती है, जिससे खाने की इच्छा कम होती है

कुछ मामलों में इंसुलिन रेजिस्टेंस भी विकसित हो जाता है

इसके अलावा इलाज के दौरान कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी के कारण मतली, उल्टी और स्वाद में बदलाव जैसे दुष्प्रभाव भी वजन घटने का कारण बनते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बड़ी संख्या में कैंसर मरीजों में वजन कम होने की समस्या देखी जाती है, जो शरीर की कमजोरी और रिकवरी पर भी असर डालती है। इसलिए इसे एक महत्वपूर्ण चेतावनी संकेत माना जाता है।

कैंसर से बचाव के उपाय

कैंसर से बचने के लिए जीवनशैली में सुधार सबसे प्रभावी तरीका है—

तंबाकू और धूम्रपान से पूरी तरह दूरी

संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन

नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रण

शराब का सीमित या शून्य सेवन

प्रदूषण और हानिकारक रसायनों से बचाव

समय-समय पर हेल्थ चेकअप और स्क्रीनिंग

समय पर पहचान और सही जीवनशैली अपनाकर कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी लक्षण की स्थिति में डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

(साभार)


ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर बड़ा हादसा, भारी बोल्डर की चपेट में आया ट्रक, चालक की दर्दनाक मौत

चार घंटे तक रहा यातायात ठप

देवप्रयाग। ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी मार्गों की संवेदनशीलता को उजागर कर दिया। तोताघाटी के पास पहाड़ी से अचानक गिरे भारी बोल्डर की चपेट में आने से एक ट्रक चालक की मौत हो गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के मुताबिक, ऋषिकेश से सीमेंट लेकर श्रीनगर की ओर जा रहा ट्रक जैसे ही तोताघाटी क्षेत्र में पहुंचा, तभी ऊपर से बड़े-बड़े पत्थर गिरने लगे। देखते ही देखते एक विशाल बोल्डर सीधे ट्रक पर आ गिरा, जिससे चालक की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

हादसे के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बाधित हो गया और करीब चार घंटे तक यातायात ठप रहा। मौके पर पहुंची राहत एवं बचाव टीम ने काफी मशक्कत के बाद मलबे और बोल्डर को हटाकर चालक के शव को बाहर निकाला।

मृतक की पहचान मुरारी लाल (55) निवासी कर्णप्रयाग के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर देवप्रयाग स्थित अस्पताल भेज दिया है और परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।

घटना के बाद सुबह तक मार्ग से मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया। प्रशासन ने एक बार फिर चेताया है कि तोताघाटी क्षेत्र भूस्खलन और पत्थर गिरने की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील ब्लैक स्पॉट है, जहां यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।


अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमकी भारतीय फिल्म, ‘बूंग’ ने जीता बाफ्टा अवॉर्ड

लंदन में आयोजित 79वें बाफ्टा अवॉर्ड्स में भारतीय सिनेमा ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने इंटरनेशनल स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाते हुए बेस्ट चिल्ड्रन्स एंड फैमिली फिल्म का खिताब अपने नाम किया। इस जीत ने न सिर्फ फिल्म से जुड़े कलाकारों और निर्माताओं को गौरवान्वित किया, बल्कि भारतीय सिनेमा को भी वैश्विक मंच पर नई मजबूती दी।

‘बूंग’ की इस सफलता ने कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय फिल्मों को पीछे छोड़ते हुए इतिहास रच दिया। यह पहली बार है जब किसी भारतीय फिल्म ने बाफ्टा अवॉर्ड जीता है। फिल्म का निर्देशन लक्ष्मीप्रिया देवी ने किया है, जबकि इसे फरहान अख्तर की प्रोडक्शन कंपनी के साथ अन्य बैनरों ने मिलकर तैयार किया है।

अवार्ड की दौड़ में ‘बूंग’ का मुकाबला फ्रांस और अमेरिका की चर्चित फिल्मों से था, लेकिन अपनी भावनात्मक कहानी और सादगी भरे प्रस्तुतिकरण के चलते इस फिल्म ने निर्णायकों का दिल जीत लिया। फिल्म की कहानी एक छोटे से गांव के लड़के के इर्द-गिर्द घूमती है, जो दर्शकों को गहराई से जोड़ती है।

फिल्म को इससे पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में सराहना मिल चुकी है। 2024 में टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में इसके वर्ल्ड प्रीमियर के बाद से ही ‘बूंग’ को लगातार प्रशंसा मिल रही है, जो अब इस बड़े सम्मान के रूप में सामने आई है।

(साभार)


होली से पूर्व मिलावटखोरी पर सख़्ती, 156 नमूने जांच को भेजे गए

पौड़ी। होली पर्व को देखते हुए जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने विशेष अभियान चलाया है। सहायक आयुक्त (खाद्य संरक्षा एवं औषधि) पी. सी. जोशी ने बताया कि जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में सघन निरीक्षण कर दूध, दुग्ध उत्पाद, खाद्य तेल, नमकीन, मिठाई, कोल्ड ड्रिंक व जूस सहित कुल 156 नमूने जांच हेतु राजकीय प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

सहायक आयुक्त ने बताया कि अब तक प्राप्त 81 जांच रिपोर्टों में 16 नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए हैं। ऐसे मामलों में संबंधित विक्रेताओं एवं निर्माताओं के विरुद्ध अपर जिलाधिकारी न्यायालय में वाद दायर किए गए हैं। शेष नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि खाद्य टीम द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 12 खाद्य वस्तुओं के नमूने जांच के लिए भेजे और खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता व गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।

पी. सी. जोशी ने बताया कि जिन प्रतिष्ठानों की जांच रिपोर्ट मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाएगी, उनके विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

अभियान के दौरान वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कोटद्वार संदीप मिश्रा, पौड़ी रचना लाल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी पौड़ी उपेन्द्र सिंह उपस्थित रहे।


टी20 विश्व कप 2026 में भारत को मिली पहली हार, दक्षिण अफ्रीका ने 76 रनों से हराया

बल्लेबाजी फ्लॉप, भारत 111 रन पर ढेर; दक्षिण अफ्रीका का दमदार प्रदर्शन

नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 में भारत का विजयी रथ आखिरकार थम गया। सुपर आठ के अहम मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय क्रिकेट टीम को 76 रनों से हराकर बड़ा उलटफेर किया। इस हार ने न सिर्फ भारत की लगातार जीत का सिलसिला तोड़ा, बल्कि सेमीफाइनल की राह भी मुश्किल बना दी।

दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 187 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में भारतीय टीम दबाव में बिखर गई और 18.5 ओवर में महज 111 रन पर ऑलआउट हो गई। पूरी पारी के दौरान भारतीय बल्लेबाजी लय में नजर नहीं आई और टीम बड़े लक्ष्य का पीछा करने में पूरी तरह नाकाम रही।

भारतीय टीम की हार की सबसे बड़ी वजह उसकी कमजोर बल्लेबाजी रही। शुरुआत से ही विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहा और पावरप्ले में ही तीन विकेट गंवाने से टीम दबाव में आ गई। मध्यक्रम भी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहा, जिससे वापसी की उम्मीदें खत्म हो गईं। टीम का एक या दो खिलाड़ियों पर अधिक निर्भर रहना भी इस मैच में भारी पड़ा।

इस मुकाबले में भारत की बल्लेबाजी इतनी खराब रही कि चार बल्लेबाज खाता तक नहीं खोल सके। शिवम दुबे ने 42 रन बनाकर कुछ संघर्ष जरूर दिखाया, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई खास समर्थन नहीं मिला। कप्तान सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पांड्या भी छोटी पारियां खेलकर लौट गए।

वहीं, दक्षिण अफ्रीका की ओर से गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। मार्को यानसेन ने चार विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी, जबकि केशव महाराज और अन्य गेंदबाजों ने भी सटीक गेंदबाजी की।

इससे पहले दक्षिण अफ्रीका की पारी की शुरुआत भी खराब रही थी, लेकिन डेविड मिलर और डेवाल्ड ब्रेविस की साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 97 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। मिलर ने 63 रन की तेज पारी खेली, जबकि ब्रेविस ने 45 रन बनाकर अहम योगदान दिया।

यह हार भारत के लिए कई मायनों में झटका है। लंबे समय बाद आईसीसी टूर्नामेंट में टीम को हार का सामना करना पड़ा है, साथ ही टी20 विश्व कप इतिहास में रनों के लिहाज से यह उसकी सबसे बड़ी हार भी बन गई है। अब सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत को अपने अगले मुकाबलों में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।


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