Tuesday, February 17th, 2026

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आभा आईडी से दून अस्पताल की ओपीडी में भीड़ नियंत्रण, रजिस्ट्रेशन हुआ आसान

Daily Archives: 17/02/2026

आभा आईडी से दून अस्पताल की ओपीडी में भीड़ नियंत्रण, रजिस्ट्रेशन हुआ आसान

लाइन से मुक्ति, घर से अपॉइंटमेंट, आभा आईडी को मरीजों ने बताया सुविधाजनक

जनवरी में शुरू डिजिटल व्यवस्था, दून अस्पताल की ओपीडी में दिखा सकारात्मक बदलाव

आभा आईडी से आसान हुई प्रक्रिया, 60-70 प्रतिशत मरीजों ने अपनाया डिजिटल विकल्प

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया एवं आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लागू की गई डिजिटल आभा आईडी प्रणाली मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। जनवरी माह से संचालित इस व्यवस्था के माध्यम से मरीज घर बैठे आभा आईडी ऐप द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण (पर्चा) बना सकते हैं।

दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ओपीडी मरीजों की आवक को देखते हुए आभा आईडी प्रणाली लंबी कतारों से मुक्ति दिलाने में सहायक बन रही है। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि पंजीकरण प्रक्रिया भी सरल एवं सुव्यवस्थित हुई है। विगत एक माह में अस्पताल में कुल पंजीकरण का लगभग 60 से 70 प्रतिशत आभा आईडी के माध्यम से किया जा रहा है।

दूर-दराज क्षेत्रों से उपचार हेतु आने वाले मरीजों, विशेषकर महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह व्यवस्था अत्यंत सुविधाजनक सिद्ध हो रही है। आभा आईडी के माध्यम से मरीज सीधे संबंधित ओपीडी तक पहुंच रहे हैं, जिससे अनावश्यक प्रतीक्षा एवं असुविधा से राहत मिल रही है। उल्लेखनीय है कि अस्पताल में आभा आईडी के साथ-साथ पूर्व की भांति ऑफलाइन पंजीकरण प्रक्रिया भी संचालित है, जिससे वे मरीज जो अभी आभा आईडी से जुड़े नहीं हैं, पूर्ववत् उपचार सुविधा प्राप्त कर रहे हैं।

जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित यह डिजिटल व्यवस्था न केवल पंजीकरण को सरल बना रही है, बल्कि मरीजों का सम्पूर्ण मेडिकल रिकॉर्ड भी डिजिटल रूप में सुरक्षित कर रही है। इसके परिणामस्वरूप मरीजों को प्रत्येक बार अपनी व्यक्तिगत जानकारी पुनः दर्ज कराने की आवश्यकता नहीं होती। जांच रिपोर्ट एवं दवाइयों का विवरण भी ऐप के माध्यम से सुलभ हो रहा है।

ओपीडी में उपचार कराने आई मरीज संगीता बडोला ने आभा ऐप से मिल रही सुविधा की सराहना करते हुए कहा कि ऑनलाइन पर्चा बनाने की सुविधा से उन्हें समय की बचत हो रही है और वे निर्धारित समय पर उपचार प्राप्त कर पा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन एवं दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि राज्य सरकार की यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आभा आईडी के माध्यम से मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री डिजिटल रूप में संरक्षित की जा रही है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में ओपीडी मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था से सुगमता आई है। विगत एक माह से संचालित इस प्रणाली के अंतर्गत प्रतिदिन 60 से 70 प्रतिशत पंजीकरण आभा आईडी के माध्यम से हो रहे हैं, जिससे मरीजों को त्वरित एवं सुगम उपचार सुविधा उपलब्ध हो रही है।


सतपुली में 44 शिकायतें, पेंशन से लेकर वेतन तक के मामलों का डीएम ने कराया तत्काल निस्तारण

आनंदी देवी को पेंशन और अशोक को स्वरोजगार; सतपुली तहसील दिवस में जिलाधिकारी ने दिखाई संवेदनशीलता

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में मंगलवार को सतपुली में आयोजित तहसील दिवस जनसमस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी मंच बना। तहसील दिवस में कुल 44 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष प्रकरणों के समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों को एक पखवाड़े के भीतर कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक प्रकरण की व्यक्तिगत निगरानी की जाएगी।

तहसील दिवस में विधवा आनंदी देवी का पेंशन प्रकरण सामने आया , जिस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को आज ही केवाईसी पूर्ण कर पेंशन स्वीकृत करने को कहा। इसके अलावा दिव्यांग अशोक कुमार द्वारा स्वरोजगार हेतु आर्थिक सहायता की मांग पर जिलाधिकारी ने जिला उद्योग महाप्रबंधक को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत आज ही आवेदन पत्र भरवाकर योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाय। नगर पंचायत में सुपरवाइजर पद पर तैनात हर्षवर्धन गौड़ को अक्टूबर से जनवरी तक वेतन न मिलने के प्रकरण में जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता को 28 फरवरी तक भुगतान सुनिश्चित करने को कहा तथा अन्यथा आर.सी. के माध्यम से वसूली की चेतावनी दी।

तहसील दिवस में राष्ट्रीय राजमार्ग 534 के चौड़ीकरण से क्षतिग्रस्त हैंडपंप, पाइपलाइन तथा अन्य परिसंपत्तियों से संबंधित शिकायतें प्रमुखता से आईं, जिन पर जिलाधिकारी ने त्वरित संज्ञान लेते हुए ऐसी परिसंपत्तियों को प्राथमिकता से दुरुस्त करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को असुविधा न हो। साथ ही सड़कों के मुआवजे के प्रकरणों पर लोक निर्माण विभाग एवं पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को संबंधित प्रकरणों का व्यक्तिगत संज्ञान लेकर प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने डांडा बग्याली मोटर मार्ग निर्माण से क्षतिग्रस्त जल संस्थान की पाइपलाइन की शिकायत पर संबंधित निर्माणदायी एजेंसी को 15 मार्च तक हर हाल में मरम्मत कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। सार्वजनिक शौचालय सतपुली की नियमित सफाई व्यवस्था के संबंध में ईओ द्वारा अवगत कराया गया कि आज सफाई करवा दी गई है तथा आगे भी इसे सुनिश्चित किया जाएगा। जल निगम को ज्वाल्पा पंपिंग योजना एवं भूमियांडांडा पंपिंग योजना का कार्य 28 फरवरी तक पूर्ण करने तथा नौगांवखाल-तुमाखाल मोटर मार्ग पर उखड़े डामरीकरण को 15 मार्च तक दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। साथ ही रैतपुर मल्ला निवासी पंचम सिंह की कई वर्षों से खराब विद्युत मीटर एवं बिल न आने की शिकायत पर विद्युत विभाग को एक सप्ताह के भीतर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रदीप डोबरियाल के वन पंचायत के माध्यम से पर्यटक भवन निर्माण संबंधी प्रकरण पर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।

खतौनी में नाम परिवर्तन से संबंधित मामलों में राजस्व विभाग को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। राष्ट्रीय राजमार्ग 534 के मलबे से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सतपुली की दीवार का पुश्ता क्षतिग्रस्त होने से अस्पताल की आवासीय कॉलोनी को खतरा होने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने तीन दिन में एनएच श्रीनगर को दीवार मरम्मत कराने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त महिला मिलन केंद्र एकेश्वर को जिला योजना में प्रस्तावित करने तथा सोलर लाइट संबंधी शिकायतों पर पांच सोलर लाइट मौके पर ही स्वीकृत की। साथ ही उन्होंने छोटी मांग आधारित शिकायतों के प्रस्ताव तैयार कर उन्हें जिला योजना में शामिल करने के निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी नगर पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र चौहान, ब्लॉक प्रमुख पंकज बिष्ट, पौड़ी वन प्रभाग महातिम यादव, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, उपजिलाधिकारी सतपुली रेखा आर्य सहित सभी जिला, ब्लॉक तथा तहसील स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।


गलत खानपान और मानसिक तनाव बन रहे हाई ब्लड प्रेशर की बड़ी वजह, समय रहते हो जाएं सावधान

तेज रफ्तार जिंदगी, बढ़ता तनाव और बिगड़ी दिनचर्या आज लोगों को कई गंभीर बीमारियों की ओर धकेल रही है। इन्हीं में से एक है हाई ब्लड प्रेशर, जो बिना किसी स्पष्ट चेतावनी के शरीर को अंदर ही अंदर नुकसान पहुंचाता रहता है। अधिकांश लोग इसे सामान्य थकान या रोजमर्रा का तनाव मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही लापरवाही आगे चलकर जानलेवा साबित हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हाई ब्लड प्रेशर केवल उम्र बढ़ने की बीमारी नहीं है, बल्कि यह हमारी रोजमर्रा की आदतों का नतीजा है। गलत खानपान, शारीरिक निष्क्रियता और मानसिक तनाव धीरे-धीरे रक्तचाप को असंतुलित कर देते हैं। लंबे समय तक बढ़ा हुआ बीपी हृदय, मस्तिष्क और किडनी जैसे अहम अंगों पर गंभीर असर डालता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

शुरुआत में नहीं दिखते लक्षण, इसलिए बढ़ता है जोखिम

हाई ब्लड प्रेशर की सबसे खतरनाक बात यह है कि इसके लक्षण शुरुआती दौर में बेहद सामान्य होते हैं या कई बार दिखाई ही नहीं देते। इसी वजह से इसे ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है। समय रहते अगर जीवनशैली में सुधार नहीं किया गया, तो यह समस्या जीवनभर साथ चलने वाली बीमारी बन सकती है।

ज्यादा नमक और जंक फूड बन रहे दुश्मन

विशेषज्ञों के अनुसार, अधिक नमक का सेवन बीपी बढ़ने की सबसे बड़ी वजहों में से एक है। सोडियम की ज्यादा मात्रा शरीर में पानी को रोकती है, जिससे रक्त की मात्रा बढ़ जाती है और धमनियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। जंक फूड, पैकेट वाले स्नैक्स और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों में नमक छिपे रूप में बहुत ज्यादा होता है। डॉक्टरों की सलाह है कि रोजाना नमक की मात्रा सीमित रखनी चाहिए।

शारीरिक गतिविधि की कमी से बिगड़ता संतुलन

आज की व्यस्त जीवनशैली में घंटों बैठकर काम करना आम हो गया है। शारीरिक गतिविधि की कमी से वजन तेजी से बढ़ता है और दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। खासतौर पर पेट के आसपास जमा चर्बी हाई बीपी को बढ़ावा देती है। रोजाना हल्की एक्सरसाइज, तेज चाल से चलना या योग करने से रक्त प्रवाह बेहतर होता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रहता है।

तनाव और नींद की कमी भी बड़ा कारण

लगातार तनाव में रहना और पूरी नींद न लेना भी हाई ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है। तनाव के कारण शरीर में ऐसे हार्मोन सक्रिय हो जाते हैं जो दिल की धड़कन और रक्तचाप को तेज कर देते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि 7 से 8 घंटे की गहरी नींद और ध्यान-प्राणायाम जैसे उपाय तनाव को कम करने में सहायक होते हैं।

नियमित जांच और सतर्कता ही बचाव का रास्ता

हाई ब्लड प्रेशर से बचने का सबसे कारगर तरीका है समय पर जांच और अनुशासित जीवनशैली। नियमित रूप से बीपी चेक कराना, संतुलित आहार लेना और नशे से दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है। पोटेशियम से भरपूर फल और हरी सब्जियां ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आज बरती गई थोड़ी सी सावधानी भविष्य की बड़ी स्वास्थ्य समस्या से बचा सकती है।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है।

(साभार)


15 साल बाद विस्थापित परिवार को मिला आवासीय भूखंड का कब्जा

जिला प्रशासन की सख्ती से अटकफार्म में हटाया गया अवैध अतिक्रमण

देहरादून। जिला प्रशासन की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से ग्राम अटक फार्म, परगना पछवादून, तहसील विकासनगर में 15 वर्षों से लंबित भूमि विवाद का समाधान हो गया। प्रशासन ने विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत आवंटित आवासीय भूखंड पर पात्र लाभार्थियों को कब्जा दिलाया। भूमि का कब्जा मिलने के बाद लाभार्थी महिला अपने भाई के साथ जिलाधिकारी से मिलीं और प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

यह मामला टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की टिहरी बांध परियोजना के अंतर्गत विस्थापित परिवारों को आवंटित आवासीय भूखंडों से जुड़ा था। अटकफार्म, सेलाकुई, विकासनगर स्थित भूखंड संख्या-29 पर अवैध कब्जे की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी के निर्देशानुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की गई।

संयुक्त जांच के बाद हटाया गया अतिक्रमण

जिलाधिकारी के आदेश पर उप जिलाधिकारी के नेतृत्व में संयुक्त जांच टीम गठित की गई, जिसमें तहसील विकासनगर के सर्वे लेखपाल, सर्व कानूनगो, राजस्व उपनिरीक्षक (पुनर्वास), राजस्व निरीक्षक (पुनर्वास) और सहायक अभियंता (पुनर्वास) शामिल रहे। टीम ने पुनर्वास स्थल अटकफार्म में स्थलीय निरीक्षण कर भूखंड संख्या 15, 16, 17, 27, 28 और 29 का स्वीकृत नक्शों एवं राजस्व अभिलेखों से मिलान किया।

जांच में स्पष्ट हुआ कि ये भूखंड खसरा संख्या 301, 302 और 303 के भाग हैं, जिन्हें टिहरी बांध परियोजना से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास हेतु खरीदा गया था। संयुक्त जांच में यह भी सामने आया कि स्वर्गीय कुंदन लाल जोशी के वारिसों द्वारा भूमि पर अवैध कब्जा कर खेती की जा रही थी।

प्रशासन की सख्ती, लाभार्थियों को मिला हक

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने अवैध कब्जा तत्काल हटाने के निर्देश दिए। प्रशासन की निगरानी में खसरा संख्या 301, 302 और 303 से अतिक्रमण हटवाकर भूखंड संख्या-29 सहित संबंधित भूखंडों पर शिकायतकर्ता सुमेरचंद्र एवं अन्य लाभार्थियों को विधिसम्मत रूप से कब्जा सौंपा गया।

भूमि पर वैध अधिकार मिलने के बाद लाभार्थी दंपति ने जिलाधिकारी से भेंट कर मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का धन्यवाद किया। जिलाधिकारी ने कहा कि पात्र लाभार्थियों के अधिकारों की रक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है और भूमि कब्जाने वालों व भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


बिछडों को अपनों से मिलाकर दून पुलिस ने बिखेरी मायूस चेहरों पर मुस्कान

एसएसपी दून के निर्देशो पर चलाये जा रहे सत्यापन/चैकिंग अभियान के दौरान पुलिस को त्यूनी बाजार में बदहवास हालत में घूमता हुआ मिला था एक बालक

पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही कर मानसिक रूप से अस्वस्थ बालक के परिजनों को ढूंढकर बालक को किया परिजनों के सुपुर्द

लगभग 01 माह पूर्व घर से बिना बताये निकल गया था बालक, सुनने तथा बोलने में है असमर्थ

बालक की सकुशल बरामदगी पर परिजनों ने दून पुलिस का किया आभार व्यक्त

देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशों के क्रम में जनपदभर में चलाए जा रहे सघन चेकिंग एवं सत्यापन अभियान के तहत उत्तराखण्ड पुलिस को एक सराहनीय सफलता मिली है। अभियान के दौरान त्यूनी क्षेत्र में पुलिस टीम को एक 15–16 वर्षीय बालक असहाय और परेशान अवस्था में घूमता हुआ मिला।

पुलिस द्वारा बातचीत का प्रयास किए जाने पर यह सामने आया कि बालक सुनने और बोलने में असमर्थ है, जिससे उसकी पहचान और जानकारी तत्काल प्राप्त नहीं हो सकी। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस टीम बालक को थाना त्यूनी ले आई।

सोशल मीडिया से मिली सफलता

बालक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने उसकी तस्वीर सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की और आसपास के थानों व जनपदों को सूचित किया। लगातार प्रयासों के बाद यह जानकारी मिली कि बालक के परिजन मोड़ा गांव में रहते हैं, जो मोरी थाना क्षेत्र, उत्तरकाशी के अंतर्गत आता है।

परिजनों को सौंपा गया बालक

पुलिस ने परिजनों से संपर्क कर 17 फरवरी 2026 को उन्हें थाना त्यूनी बुलाया, जहां सभी आवश्यक औपचारिकताओं के बाद बालक को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया गया। पूछताछ में परिजनों ने बताया कि बालक मानसिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ नहीं है तथा सुनने-बोलने के साथ-साथ समझने में भी असमर्थ है। वह करीब एक माह पूर्व घर से बिना बताए निकल गया था, जिसकी तलाश परिजन लगातार कर रहे थे।

पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना

बालक को सुरक्षित वापस पाकर परिजनों ने उत्तराखण्ड पुलिस की तत्परता और मानवीय कार्यप्रणाली की खुले दिल से प्रशंसा की तथा दून पुलिस का आभार व्यक्त किया।


अफगानिस्तान के कप्तान राशिद खान ने टी20 क्रिकेट में पूरे किए 700 विकेट

700 टी20 विकेट लेने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बने राशिद

नई दिल्ली। राशिद खान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। टी20 विश्व कप 2026 के दौरान अफगानिस्तान के कप्तान राशिद खान टी20 क्रिकेट में 700 विकेट पूरे करने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बन गए। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने टी20 प्रारूप में अपनी बादशाहत को और मजबूत कर दिया है।

दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए टूर्नामेंट के 28वें मुकाबले में अफगानिस्तान ने संयुक्त अरब अमीरात को पांच विकेट से मात दी। पहले बल्लेबाजी करते हुए यूएई की टीम 20 ओवर में नौ विकेट पर 160 रन ही बना सकी। जवाब में अफगानिस्तान ने 19.2 ओवर में लक्ष्य हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

सुपर-8 की रेस में कायम उम्मीद

ग्रुप डी में शामिल अफगानिस्तान को इस जीत से बड़ी राहत मिली है। शुरुआती दो मुकाबले हारने के बाद यह टीम दबाव में थी, लेकिन यूएई के खिलाफ मिली जीत ने सुपर-8 में पहुंचने की उसकी उम्मीदों को जीवंत रखा है।

राशिद खान का ऐतिहासिक रिकॉर्ड

मैच में राशिद खान ने चार ओवर में 24 रन देकर एक विकेट झटका। मुहम्मद अरफान को आउट करते ही उन्होंने टी20 क्रिकेट में 700 विकेट का ऐतिहासिक आंकड़ा छू लिया। राशिद पहले ही टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। इस सूची में टिम साउदी और ईश सोढ़ी क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।


अवैध घुसपैठ से बिगड़ा राज्य का सामाजिक संतुलन– हिमंत बिस्वा सरमा

सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने अवैध घुसपैठ को बताया बड़ी चुनौती

गुवाहाटी। सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने असम की जनसांख्यिकीय स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि राज्य की मौजूदा परिस्थितियां संतोषजनक नहीं हैं और इसकी एक बड़ी वजह लंबे समय से जारी अवैध घुसपैठ है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस घुसपैठ का सीधा असर राज्य के सामाजिक संतुलन और सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ा है।

अवैध घुसपैठ को बताया बड़ी चुनौती

सीएम सरमा ने आरोप लगाया कि असम में मुस्लिम आबादी का एक बड़ा हिस्सा बांग्लादेश से अवैध रूप से आया है। उन्होंने दावा किया कि यह प्रक्रिया उस दौर में तेज हुई, जब राज्य और केंद्र में कांग्रेस की सरकारें थीं। मुख्यमंत्री का कहना है कि उस समय सीमा प्रबंधन में लापरवाही बरती गई, जिससे समस्या और गंभीर हो गई।

सुरक्षा को लेकर जताई आशंका

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में किसी संभावित संघर्ष की स्थिति में राज्य के कुछ तत्व बाहरी हितों का समर्थन कर सकते हैं, जो आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने अवैध प्रवास को न केवल असम बल्कि पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौती बताया।

सरकार के कदम

सीएम सरमा ने कहा कि उनकी सरकार राज्य की पहचान, जमीन और संसाधनों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसके तहत अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई, सीमा पर निगरानी मजबूत करने और नागरिकता से जुड़े रिकॉर्ड को दुरुस्त करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार ऐतिहासिक भूलों को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है।

विपक्ष का पलटवार

मुख्यमंत्री के बयान पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेताओं ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि इस तरह के बयान समाज में विभाजन पैदा करते हैं और मूल समस्याओं से ध्यान भटकाने का प्रयास हैं। उनका कहना है कि अवैध प्रवास का मुद्दा संवेदनशील है और इसे राजनीतिक बयानबाजी की बजाय संवैधानिक और मानवीय दृष्टिकोण से सुलझाया जाना चाहिए।

दशकों पुराना संवेदनशील मुद्दा

गौरतलब है कि असम में अवैध प्रवास का सवाल दशकों से राजनीतिक और सामाजिक विमर्श का हिस्सा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर हुए आंदोलनों और समझौतों ने राज्य की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई है।


‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ का ट्रेलर हुआ रिलीज, 27 फरवरी को सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म

फिल्म निर्माता विपुल अमृतलाल शाह एक बार फिर अपनी चर्चित फिल्म द केरल स्टोरी के सीक्वल के साथ सुर्खियों में हैं। द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है, जो अपने पहले भाग की तुलना में कहीं अधिक गंभीर और तीखे मुद्दों को उठाता नजर आ रहा है। ट्रेलर समाज में चल रहे कथित धर्मांतरण के नेटवर्क और उससे जुड़े खतरों की ओर इशारा करता है।

ट्रेलर में दिखी चौंकाने वाली कहानी

‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ के ट्रेलर की शुरुआत एक विवादित चेतावनी से होती है, जिसमें भविष्य को लेकर गंभीर आशंका जताई जाती है। इसके बाद कहानी देश के अलग-अलग राज्यों में घटने वाली घटनाओं की ओर बढ़ती है। ट्रेलर में तीन हिंदू युवतियों की कहानियां दिखाई गई हैं, जो प्रेम के नाम पर एक साजिश का शिकार बनती हैं। धीरे-धीरे यह खुलासा होता है कि उनके रिश्तों के पीछे जबरन धर्म परिवर्तन की एक सुनियोजित योजना काम कर रही है।

अलग-अलग राज्यों से जुड़े दृश्य

ट्रेलर में राजस्थान का एक दृश्य भावनात्मक असर छोड़ता है, जहां एक हिंदू परिवार अपनी नाबालिग बेटी के जबरन धर्मांतरण की शिकायत लेकर पुलिस थाने पहुंचता है। वहीं मध्य प्रदेश में एक युवती को शादी का झांसा देकर धोखा दिया जाता है। केरल में दिखाया गया लिव-इन रिलेशनशिप का मामला कहानी को और जटिल बना देता है, जहां धर्म परिवर्तन को लेकर तनाव बढ़ता है। इन घटनाओं के जरिए फिल्म समाज के संवेदनशील पहलुओं को उजागर करने की कोशिश करती है।

कब रिलीज होगी फिल्म

‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ 27 फरवरी 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म का निर्देशन कामाख्या नारायण सिंह ने किया है। इसके निर्माता विपुल अमृतलाल शाह और सह-निर्माता आशिन ए. शाह हैं। सनशाइन पिक्चर्स के बैनर तले बनी यह फिल्म अपने पहले भाग से ज्यादा प्रभावशाली और विचारोत्तेजक बताई जा रही है।

(साभार)


गंगा नदी में डूबे IIT के छात्र का शव बरामद

मोहम्मदपुर झाल क्षेत्र से बरामद हुआ छात्र का शव

हरिद्वार। हरिद्वार जनपद के रुड़की स्थित नगर निगम घाट पर गंगा नदी में डूबे IIT छात्र का शव बरामद कर लिया गया है। यह हादसा 11 फरवरी 2026 को सामने आया था, जिसके बाद राहत एवं बचाव एजेंसियों ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया था।

सूचना मिलते ही SDRF, NDRF तथा जिला पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर गंगा नदी में व्यापक खोज अभियान चलाया। कई दिनों तक चले इस ऑपरेशन के दौरान आधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया।

16 फरवरी को सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी ने स्वयं घटनास्थल और सर्च क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने राहत दलों को आपसी समन्वय के साथ अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। सर्च ऑपरेशन में सोनार सिस्टम, अंडरवाटर ड्रोन और डीप डाइविंग तकनीक का इस्तेमाल करते हुए नदी के गहरे और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में लगातार तलाश की गई।

लगातार प्रयासों के बाद 17 फरवरी 2026 को छात्र का शव मोहम्मदपुर झाल क्षेत्र से बरामद किया गया। शव की शिनाख्त परिजनों द्वारा कर ली गई है। मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जिला पुलिस द्वारा की जा रही है।


सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ आयोजित हुई 5 किमी दौड़

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया फ्लैग ऑफ

मुख्यमंत्री धामी ने प्रतिभागियों को दिलाई सड़क सुरक्षा की शपथ

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सड़क सुरक्षा जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित 5 किलोमीटर दौड़ का फ्लैग ऑफ किया। विभिन्न आयु वर्गों के प्रतिभागियों ने इस दौड़ में भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने सभी प्रतिभागियों को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यातायात के नियमों का पालन करना एवं पर्यावरण की रक्षा प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। सड़क सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, सविता कपूर एवं परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।


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