Thursday, February 5th, 2026

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खेल में करियर बनाएं पहाड़ के युवा- रेखा आर्या

Daily Archives: 05/02/2026

खेल में करियर बनाएं पहाड़ के युवा- रेखा आर्या

सोमेश्वर के गोविंदपुर में क्रिकेट टूर्नामेंट विजेताओं को किया सम्मानित

सोमेश्वर/अल्मोड़ा। खेल मंत्री रेखा आर्या ने गुरुवार को सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के गांव गोविंदपुर में आयोजित मकर संक्रांति क्रिकेट टूर्नामेंट की विजेता और उपविजेता टीमों को सम्मानित किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश में खेल ढांचे का लगातार विस्तार किया जा रहा है और अब दूर दराज की गांव में भी खेल मैदान और मिनी स्टेडियम बनाने पर सरकार का फोकस है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल संस्कृति विकसित हो रही है और ऐसे में पहाड़ी क्षेत्र के युवाओं को खेल को करियर के रूप में अपनाना चाहिए।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने खिलाड़ियों के लिए पदक जीतने पर आउट ऑफ टर्न जॉब और सरकारी नौकरियों में चार प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था कर दी है। जिससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अब अपने करियर को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है।

कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री ने टूर्नामेंट की विजेता और उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को सम्मानित किया । इसके साथ ही पिछले दिनों राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले युवाओं को भी मेडल पहनकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष महेश नयाल, मंडल अध्यक्ष गणेश जलाल, जिला पंचायत सदस्य पुष्पा आर्य, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, गोपाल खोलिया, अशोक जलाल, राहुल खोलिया, गणेश अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

17 गांव के खिलाड़ियों को बांटी क्रिकेट किट

सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के कंडारकुआं मंडल में दीपाधार मंदिर प्रांगण में आसपास के 17 गांवों के युवक मंगल दल एवं क्रिकेट खेलने वाले युवाओं को क्रिकेट किट वितरित की गई। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि युवा जब खेलकूद की गतिविधियों से जुड़ते हैं तो इससे न केवल नई खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है, बल्कि युवाओं का शारीरिक व मानसिक विकास भी बेहतर होता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गांव-गांव तक विकास की योजनाएं पहुंचा रही है और सोमेश्वर क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में विकास कार्य कराए गए हैं।

इस अवसर पर भुवन जोशी, हरीश परिहार, गोपाल सती, भुवन फर्त्याल, दीवान नेगी, जानकी, गोपाल राम, त्रिलोक सिंह रावत, भूपाल परिहार, धन सिंह रावत, तारा सिंह परिहार, विशन सिंह कन्वाल सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।


मंत्री गणेश जोशी ने सैन्य धाम के अंतिम चरणों में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की

समयबद्ध पूर्ण हो सैन्य धाम का निर्माण, मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को दिए निर्देश

देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज अपने शासकीय आवास पर सैन्य धाम के अंतिम चरणों में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से शीघ्र पूर्ण किया जाए।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सचिव सैनिक कल्याण एवं विभागीय अधिकारियों के साथ सैन्य धाम के लोकार्पण की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि सैन्य धाम के निर्माण को रोकने के संबंध में पूर्व में दायर की गई जनहित याचिका (PIL) को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा खारिज कर दिया गया है। माननीय उच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया है कि जिस भूमि पर सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है, वह वन भूमि की श्रेणी में नहीं आती।

इस निर्णय के लिए सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मा. उच्च न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को लोकार्पण की सभी तैयारियों को सुचारु एवं समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शीघ्र समय लेकर सैन्य धाम का भव्य लोकार्पण किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सैन्य धाम प्रदेश के वीर सैनिकों के सम्मान और गौरव का प्रतीक होगा।

इस अवसर पर सचिव सैनिक कल्याण दीपेंद्र चौधरी, उपनिदेशक विंग कमाण्डर (सेनि) निधि बधानी, एमडी उपनल बिग्रेडियर (सेनि) जेएनएस बिष्ट, उपनिदेशक कर्नल (सेनि) योगेन्द्र कुमार सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।


महिला प्रीमियर लीग 2026- दिल्ली कैपिटल्स और आरसीबी के बीच फाइनल मुकाबला आज

दिल्ली चौथी बार फाइनल में, पहली ट्रॉफी की तलाश में उतरेगी कैपिटल्स

नई दिल्ली। महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है। आज टूर्नामेंट का बहुप्रतीक्षित फाइनल मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला जाएगा। यह खिताबी मैच वडोदरा के कोतांबी स्टेडियम में आयोजित होगा, जिस पर क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें टिकी हैं।

स्मृति मंधाना की कप्तानी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु दूसरी बार ट्रॉफी जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी। आरसीबी ने लीग चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए आठ में से छह मैच जीते और अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल कर सीधे फाइनल में प्रवेश किया। टीम ने 2024 में अपना पहला खिताब जीता था और इस बार भी उसे खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।

वहीं, दिल्ली कैपिटल्स महिला टीम लगातार चौथी बार फाइनल में पहुंची है, लेकिन अब तक खिताब जीतने में नाकाम रही है। इस बार टीम की कमान भारतीय ऑलराउंडर जेमिमा रोड्रिग्स के हाथों में है। दिल्ली की नजरें पहली बार ट्रॉफी उठाने पर टिकी हैं। टूर्नामेंट की शुरुआत में उतार-चढ़ाव के बावजूद दिल्ली ने शानदार वापसी करते हुए प्लेऑफ में जगह बनाई और फाइनल तक का सफर तय किया।

दिल्ली की गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों पर भरोसा
दिल्ली कैपिटल्स की गेंदबाजी इस सत्र में उसकी ताकत रही है। चिनेल हेनरी और नंदनी शर्मा ने नई गेंद से प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। नंदनी शर्मा इस सीजन अब तक 16 विकेट चटका चुकी हैं। बल्लेबाजी में शेफाली वर्मा, लिजेल ली और एलिसा वोलवार्ड्ट से टीम को बड़ी उम्मीदें हैं।

आरसीबी की मजबूती संतुलित टीम संयोजन
आरसीबी ने इस सीजन लगातार पांच जीत के साथ अभियान की शुरुआत कर इतिहास रचा। टीम की खासियत यह रही है कि अलग-अलग मुकाबलों में अलग खिलाड़ी ने जिम्मेदारी संभाली है। स्पिन विभाग में श्रेयंका पाटिल और बल्लेबाजी में स्मृति मंधाना व ऋचा घोष टीम की प्रमुख ताकत हैं।

मैच का समय और लाइव प्रसारण
आरसीबी और दिल्ली कैपिटल्स के बीच WPL 2026 का फाइनल मुकाबला आज शाम 7:30 बजे शुरू होगा। टॉस शाम 7 बजे होगा, जबकि 6:30 बजे से प्री-मैच एंटरटेनमेंट आयोजित किया जाएगा।
मैच का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा। वहीं, ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग जियो हॉटस्टार ऐप पर उपलब्ध रहेगी।

हेड टू हेड रिकॉर्ड
WPL इतिहास में अब तक आरसीबी और दिल्ली के बीच 9 मुकाबले खेले गए हैं, जिसमें दिल्ली ने 6 और आरसीबी ने 3 मैच जीते हैं। हालांकि, 2024 के फाइनल में आरसीबी ने दिल्ली को हराकर खिताब अपने नाम किया था।

अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या आरसीबी दूसरी बार चैंपियन बनती है या फिर दिल्ली कैपिटल्स अपने लंबे इंतजार को खत्म करते हुए पहली बार WPL ट्रॉफी पर कब्जा जमाती है।


वनाग्नि रोकथाम को लेकर जिलाधिकारी ने ली बैठक, अधिकारियों को समन्वय व सतर्कता बनाने के निर्देश

पौड़ी- जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में वनाग्नि रोकथाम को लेकर बैठक लेते हुए सभी विभागों को समन्वित, सक्रिय और ज़मीनी स्तर पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि समय से पूर्व की गई तैयारी ही वनाग्नि से होने वाली क्षति को न्यूनतम कर सकती है तथा इसमें जनसहभागिता की अहम भूमिका है।

जिलाधिकारी ने वन विभाग को निर्देश दिये कि वनाग्नि के सभी संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए जनपद स्तर से ग्राम स्तर तक बनी समितियों को सक्रिय रखा जाए। आग की घटनाओं की रोकथाम हेतु उपलब्ध उपकरणों की समुचित जाँच, मानव संसाधन की पर्याप्त उपलब्धता तथा फायर वाचरों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि आग लगाते हुए पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाए। साथ ही सभी वन प्रभागों में वनाग्नि की सूचनाओं के आदान -प्रदान हेतु कंट्रोल रूम की स्थापना कर उनका व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए तथा आपात स्थिति में त्वरित सूचना तंत्र को प्रभावी बनाया जाए।

उन्होने जिला मुख्यालय सहित सभी क्षेत्रीय कार्यालयों संस्थानों के अधिकारियों को निर्देश दिये सभी अधिकारी अपने-अपने कार्यालय के आसपास घास-फूस, कूडा करकट व झाडियों की नियमित सफाई बनाये रखें। वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये वनाग्नि की दृष्टि से संवेदनशीन और अतिसंवेदनशील स्थलों के आसपास की बसावटों यथा गांवों, कसबों की मैपिंग प्राथमिकता के अधार पर करवाना सुनिश्चित करें। उन्होने युवा कल्याण अधिकारी को निर्देश दिये कि ग्राम स्तर पर बने सभी युवा एवं महिला मंगल दलों व ग्राम प्रहरियों को सक्रिय रखें।

बैठक में बताया गया कि जनपद का 61.38 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है। वनाग्नि का सर्वाधिक खतरा 15 फरवरी से 15 जून के मध्य रहता है। जनपद में 5795.50 हेक्टेयर क्षेत्र अति संवेदनशील तथा 70717 हेक्टेयर क्षेत्र संवेदनशील श्रेणी में है। वर्तमान में 260 क्रू स्टेशन स्थापित किये गए हैं।

प्रभागीय वनाधिकारी पौड़ी वन प्रभाग महातिम यादव ने बताया कि वनाग्नि रोकथाम के दृष्टिगत जनपद में कुल 09 कंट्रोल रूम स्थापित किये गये हैं। पर्याप्त संख्या में क्रू स्टेशनों की स्थापना की जा चुकी है तथा फायर वाचरों की तैनाती की प्रक्रिया प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि ग्राउण्ड लेवल पर मॉक ड्रिल, शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसके अलावा वन अग्नि रोकथाम के क्रम में लीसा विदोहन की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिवमोहन शुक्ला, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, जिला युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल अधिकारी रविन्द्र फोनिया सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत उत्तराखंड में 66 हजार से अधिक आवास स्वीकृत

प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी 2.0 से उत्तराखंड को नई रफ्तार, 1 करोड़ नए घरों का लक्ष्य

देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा संसद में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) 2.0 के अंतर्गत उत्तराखंड में आवास निर्माण की प्रगति और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया है।

आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू द्वारा दिए गए लिखित उत्तर में बताया गया कि केंद्र सरकार का लक्ष्य शहरी गरीबों को सभी बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्के आवास उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से 01 सितंबर 2024 से पीएमएवाई-यू 2.0 ‘सभी के लिए आवास’ मिशन प्रारंभ किया गया है, जिसके तहत अगले पाँच वर्षों में देशभर में 1 करोड़ अतिरिक्त शहरी आवास उपलब्ध कराए जाएंगे।

केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि उत्तराखंड में अब तक पीएमएवाई-यू के अंतर्गत कुल 66,577 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 2,972 आवास पीएमएवाई-यू 2.0 के अंतर्गत हैं। इनमें से 63,525 आवासों का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है तथा 51,565 आवास पूर्ण कर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं।

सांसद रावत ने कहा कि पीएमएवाई-यू एक मांग आधारित और पारदर्शी योजना है, जिसमें शहरी स्थानीय निकायों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों का चयन किया जाता है। नागरिक स्वयं भी योजना के एकीकृत पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं, जिससे जरूरतमंदों तक सहायता सीधे पहुँच रही है।

उन्होंने बताया कि पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत लाभार्थी आधारित निर्माण, किफायती आवास साझेदारी, किफायती किराया आवास और ब्याज सब्सिडी जैसी योजनाओं के माध्यम से उत्तराखंड सहित देशभर के शहरी गरीबों को आवासीय सुरक्षा प्रदान की जाएगी।

रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार शहरी गरीबों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
पीएमएवाई-यू 2.0 उत्तराखंड के शहरी परिवारों के लिए आशा की नई किरण है। उत्तराखंड को आवास के क्षेत्र में निरंतर प्राथमिकता दिए जाने को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।


मसूरी में जल्द बनेगा वेंडर जोन और पार्किंग, कागजी प्रक्रिया तेज करने के निर्देश

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी की पार्किंग व्यवस्था एवं वेंडर जोन निर्माण को लेकर की महत्वपूर्ण बैठक

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज अपने शासकीय आवास में मसूरी की पार्किंग व्यवस्था एवं वेंडर जोन निर्माण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी, एसडीएम मसूरी राहुल आनंद, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन सहित जिला प्रशासन एवं नगर पालिका के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मसूरी में पार्किंग समस्या तथा वेंडर जोन से संबंधित सभी कार्यों की कागजी प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाए। उन्होंने कहा कि नगर पालिका और प्राइवेट प्लेयर के सहयोग से मसूरी में जल्द ही वेंडर जोन एवं पार्किंग का निर्माण किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी राहत मिलेगी।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मसूरी की प्रमुख सड़कों का भी शीघ्र जीर्णोद्धार किया जाएगा, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु हो सके और पर्यटन को बढ़ावा मिले। उन्होंने इस संबंध में जिला प्रशासन एवं नगर पालिका के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। कैबिनेट मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार मसूरी के सुव्यवस्थित विकास के लिए प्रतिबद्ध है और सभी योजनाओं को समयबद्ध ढंग से धरातल पर उतारा जाएगा।


क्या आपके जोड़ों में भी है सूजन और असहनीय दर्द? शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ना हो सकता है वजह

आज की बदलती जीवनशैली और गलत खान-पान के कारण शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ना एक आम लेकिन गंभीर समस्या बनता जा रहा है। अगर इसे समय रहते नियंत्रित न किया जाए, तो यही समस्या आगे चलकर गाउट जैसे दर्दनाक गठिया रोग का रूप ले सकती है। मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक खून में यूरिक एसिड का स्तर अधिक रहने की स्थिति को हाइपरयूरिसेमिया कहा जाता है, जो जोड़ों में सूजन और असहनीय दर्द का कारण बनती है।

यूरिक एसिड दरअसल शरीर में मौजूद प्यूरीन नामक तत्व के टूटने से बनने वाला एक अपशिष्ट पदार्थ है। सामान्य स्थिति में किडनी इसे फिल्टर कर पेशाब के जरिए बाहर निकाल देती है, लेकिन जब किडनी ठीक से काम नहीं कर पाती या यूरिक एसिड जरूरत से ज्यादा बनने लगता है, तो यह जोड़ों में क्रिस्टल के रूप में जमा होने लगता है। इसका असर खासतौर पर पैरों के अंगूठे, घुटनों और टखनों में अधिक देखा जाता है, जहां सूजन, लालिमा और जकड़न की शिकायत बढ़ जाती है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि गलत डाइट, मोटापा, पानी की कमी और निष्क्रिय जीवनशैली यूरिक एसिड बढ़ने के प्रमुख कारण हैं। समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह समस्या सिर्फ जोड़ों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि किडनी स्टोन और हृदय रोगों के खतरे को भी बढ़ा सकती है। ऐसे में जरूरी है कि खान-पान और जीवनशैली में सही बदलाव किए जाएं।

किन खाद्य पदार्थों से बनाएं दूरी?

यूरिक एसिड को नियंत्रित रखने के लिए सबसे पहले डाइट पर ध्यान देना जरूरी है।

रेड मीट और कुछ मछलियों में प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इनका सेवन सीमित करें।

राजमा, उड़द, अरहर और काबुली चना जैसी दालों का अत्यधिक सेवन भी यूरिक एसिड बढ़ा सकता है, इन्हें संतुलन में लें।

कोल्ड ड्रिंक्स और सोडा जैसे शुगर-युक्त पेय यूरिक एसिड लेवल तेजी से बढ़ाते हैं, इनसे परहेज करें।

प्यूरीन युक्त भोजन कम करने से भविष्य में जोड़ों की सूजन और दर्द के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

पानी और विटामिन-C की अहम भूमिका

शरीर से अतिरिक्त यूरिक एसिड बाहर निकालने में पानी सबसे अहम हथियार माना जाता है।

दिनभर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीने की सलाह दी जाती है।

पर्याप्त पानी से किडनी को टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद मिलती है।

इसके साथ ही संतरा, नींबू और आंवला जैसे विटामिन-C से भरपूर फल डाइट में शामिल करें। विटामिन-C किडनी के कार्य को बेहतर बनाकर यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में सहायक होता है।

फाइबर और चेरी क्यों हैं फायदेमंद?

फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शरीर में अतिरिक्त यूरिक एसिड को अवशोषित करने में मदद करते हैं।

दलिया, साबुत अनाज और हरी सब्जियां रोजाना आहार में शामिल करें।

चेरी को यूरिक एसिड और गाउट के मरीजों के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है।

चेरी में मौजूद एंथोसायनिन नामक तत्व जोड़ों की सूजन और दर्द को कम करने में मदद करता है।

जीवनशैली में जरूरी बदलाव

नियमित व्यायाम: रोजाना हल्की एक्सरसाइज या वॉक से मेटाबॉलिज्म बेहतर रहता है।

वजन नियंत्रण: बढ़ा हुआ वजन जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव डालता है, इसलिए वजन संतुलित रखना जरूरी है।

समय पर जांच: जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन या लालिमा होने पर सीरम यूरिक एसिड टेस्ट जरूर कराएं।

शुरुआती सावधानी: छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर इस समस्या को गंभीर होने से पहले ही रोका जा सकता है।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी तरह की दवा या उपचार शुरू करने से पहले चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।

(साभार)


पॉड टैक्सी और मसूरी-नैनीताल रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी अध्ययन को लेकर समीक्षा बैठक

देहरादून पीआरटी परियोजना बनेगी ईबीआरटीएस की फीडर, तीन कॉरिडोर पर प्रस्ताव

देहरादून। शहर में प्रस्तावित पीआरटी (पॉड टैक्सी) परियोजना तथा मसूरी एवं नैनीताल में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी अध्ययन को लेकर सचिवालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सचिव, आवास, उत्तराखण्ड शासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने की। बैठक में उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूएमआरसी) सहित संबंधित विभागों एवं परामर्शदात्री संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत में प्रबंध निदेशक, उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन द्वारा देहरादून शहर में प्रस्तावित पीआरटी परियोजना तथा मसूरी एवं नैनीताल शहर में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी अध्ययन की अद्यतन स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। प्रस्तुतीकरण के दौरान परियोजनाओं के तकनीकी, सामाजिक, पर्यावरणीय एवं वित्तीय पहलुओं की जानकारी दी गई।

प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि देहरादून शहर में प्रस्तावित पीआरटी (पॉड टैक्सी) परियोजना को ईबीआरटीएस के फीडर सिस्टम के रूप में विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। इस परियोजना के अंतर्गत तीन प्रमुख कॉरिडोर प्रस्तावित हैं, जिनमें क्लेमेंटाउन से बल्लूपुर चौक, पंडितवाड़ी से रेलवे स्टेशन तथा गांधी पार्क से आईटी पार्क तक के मार्ग शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना शहर में यातायात दबाव को कम करने के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को भी सुदृढ़ करेगी। बैठक में निगम द्वारा तैयार की गई डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) पर विस्तार से चर्चा की गई। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के अनुरूप परियोजना की उपयोगिता को और अधिक स्पष्ट करने पर बल देते हुए निर्देश दिए कि डीपीआर में परियोजना की आवश्यकता, पर्यावरणीय प्रभाव आंकलन (ईआईए), सामाजिक प्रभाव तथा वित्तीय व्यवहार्यता को ठोस रूप में प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने आगामी समीक्षा बैठक में संशोधित डीपीआर के साथ पुनः प्रस्तुतीकरण करने के निर्देश दिए।

आवास सचिव ने देहरादून में प्रस्तावित पीआरटी कॉरिडोर के संरेखण का स्थलीय निरीक्षण किए जाने की भी इच्छा जताई, ताकि जमीनी स्तर पर परियोजना की व्यवहारिकता का प्रत्यक्ष आकलन किया जा सके। इसके अतिरिक्त बैठक में मसूरी एवं नैनीताल शहरों में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी अध्ययन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। प्रबंध निदेशक द्वारा अवगत कराया गया कि रोपवे परियोजनाएं पर्वतीय शहरों में यातायात जाम, पार्किंग समस्या एवं प्रदूषण को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इस पर आवास सचिव ने मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में रोपवे परियोजनाओं के अंतर्गत आने वाली समस्त भूमि का विस्तृत विवरण, स्वामित्व की स्थिति सहित तैयार करने तथा संबंधित विभागों से पत्राचार कर शीघ्र अग्रतर कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी पहलुओं का समयबद्ध समाधान परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक है। बैठक में संयुक्त सचिव आवास धीरेंद्र कुमार सिंह, निदेशक (वित्त) संजीव मेहता, महाप्रबंधक (सिविल) संजय जी. पाठक सहित उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के वरिष्ठ अभियंता, मै. मैकेन्जी एवं मै. सिस्ट्रा के सलाहकार अधिकारी उपस्थित रहे।

पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा– डॉ. आर. राजेश कुमार

आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप राज्य सरकार शहरी परिवहन व्यवस्था को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार विकसित कर रही है। देहरादून में प्रस्तावित पीआरटी परियोजना तथा मसूरी और नैनीताल में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाएं इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। इन परियोजनाओं से यातायात दबाव कम होगा, पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं को पारदर्शी, व्यावहारिक और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।


संघर्ष विराम के बाद भी गाजा में हिंसा जारी, इजरायली गोलीबारी में 24 की मौत

इजरायल ने सैनिकों पर हमले का हवाला देकर की कार्रवाई

गाजा। गाजा पट्टी में घोषित संघर्ष विराम के बाद भी हालात सामान्य होते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा घटनाओं में इजरायली कार्रवाई के दौरान कम से कम 24 फलस्तीनी नागरिकों की मौत की खबर सामने आई है। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। अस्पताल सूत्रों ने मौतों की पुष्टि की है। वहीं इस्राइल का कहना है कि यह कार्रवाई उसके सैनिकों पर हुई गोलीबारी के जवाब में की गई।

इजरायली सेना ने क्या वजह बताई?

इजरायली सेना के मुताबिक, गाजा में तैनात उसके सैनिकों पर उग्रवादियों ने फायरिंग की थी, जिसमें एक रिजर्व सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गया। सेना का कहना है कि इसके बाद हवाई और जमीनी बलों के जरिए जवाबी कार्रवाई की गई। इस्राइल ने इसे संघर्ष विराम का उल्लंघन करार देते हुए कहा कि सैनिकों की सुरक्षा के लिए कार्रवाई करना जरूरी था।

महिलाओं और बच्चों की मौत से बढ़ी चिंता

स्थानीय अस्पताल अधिकारियों के अनुसार, मारे गए लोगों में सात महिलाएं और पांच बच्चे शामिल हैं। मृतकों में एक पांच महीने का बच्चा और मात्र दस दिन की नवजात बच्ची भी शामिल बताई गई है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि संघर्ष विराम लागू होने के बाद से अब तक 530 से अधिक फलस्तीनी इस्राइली हमलों में अपनी जान गंवा चुके हैं, जिससे हालात की गंभीरता साफ झलकती है।

अस्पताल प्रशासन ने जताई नाराजगी

गाजा सिटी के शिफा अस्पताल के निदेशक ने कहा कि संघर्ष विराम के बावजूद आम नागरिकों के लिए हालात युद्ध जैसे ही बने हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर संघर्ष विराम लागू है, तो फिर जमीन पर हिंसा क्यों जारी है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि लगातार हो रहे हमलों से आम लोगों में भय का माहौल है और जनजीवन पटरी पर नहीं लौट पा रहा।

गाजा के अलग-अलग इलाकों में हुए हमले

रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी गाजा के तुफ्फाह इलाके में एक इमारत पर की गई फायरिंग में 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक ही परिवार के कई सदस्य शामिल थे। दक्षिणी शहर खान यूनिस में एक परिवार के टेंट को निशाना बनाया गया, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई, जिनमें एक 12 वर्षीय बच्चा भी था। वहीं गाजा सिटी के ज़ैतून इलाके में टैंक शेलिंग से पति-पत्नी समेत तीन लोगों की मौत हो गई।

अब तक का कुल आंकड़ा क्या कहता है?

गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 71,800 से ज्यादा फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। मंत्रालय आम नागरिकों और लड़ाकों के आंकड़े अलग-अलग जारी नहीं करता, लेकिन संयुक्त राष्ट्र और कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां इन आंकड़ों को विश्वसनीय मानती हैं। बढ़ती मौतों की संख्या ने संघर्ष विराम की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


राम चरण की आगामी फिल्म ‘पेद्दी’ की रिलीज डेट का हुआ ऐलान, इस दिन देगी सिनेमाघरों में दस्तक

साउथ सुपरस्टार राम चरण इन दिनों निजी और प्रोफेशनल दोनों मोर्चों पर सुर्खियों में हैं। हाल ही में पिता बने राम चरण के घर जहां खुशियों ने दस्तक दी है, वहीं अब उनके करियर से जुड़ी एक बड़ी अपडेट भी सामने आई है। उनकी बहुप्रतीक्षित पैन इंडिया फिल्म ‘पेद्दी’ की रिलीज डेट का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है, जिससे फैंस की एक्साइटमेंट और बढ़ गई है।

30 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में उतरेगी ‘पेद्दी’

फिल्म ‘पेद्दी’ के ऐलान के बाद से ही यह लगातार चर्चा में बनी हुई है। सोशल मीडिया पर फिल्म से जुड़ी हर अपडेट को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। अब मेकर्स ने फिल्म का नया पोस्टर जारी करते हुए इसकी रिलीज डेट का खुलासा कर दिया है। मेकर्स के मुताबिक, ‘पेद्दी’ 30 अप्रैल 2026 को वर्ल्डवाइड सिनेमाघरों में रिलीज होगी। रिलीज डेट सामने आते ही फैंस के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है।

रफ-टफ अंदाज में दिखे राम चरण

जारी किए गए नए पोस्टर में राम चरण बेहद दमदार अवतार में नजर आ रहे हैं। लंबे बाल, घनी दाढ़ी, खून से सना चेहरा और धूल में लिपटा लुक उनके किरदार की ताकत और आक्रामकता को दर्शाता है। भीड़ के बीच खड़े राम चरण का यह अवतार एक मजबूत, मास अपील वाले किरदार की झलक देता है। पोस्टर के साथ मेकर्स ने कैप्शन में लिखा, “उसकी आने की तारीख बदल सकती है, लेकिन उसकी ताकत और जज्बा नहीं। ‘पेद्दी’ 30 अप्रैल 2026 को वर्ल्डवाइड रिलीज।”

बुची बाबू सना के निर्देशन में बन रही है फिल्म

‘पेद्दी’ का निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और इसे साल 2026 की सबसे बड़ी पैन इंडिया फिल्मों में शामिल किया जा रहा है। फिल्म में राम चरण के साथ जान्हवी कपूर अहम भूमिका निभाती नजर आएंगी। वहीं जगपति बाबू, शिवा राजकुमार और दिव्येंदु शर्मा जैसे दमदार कलाकार भी फिल्म का हिस्सा हैं। मजबूत स्टारकास्ट और दमदार कहानी के चलते ‘पेद्दी’ से दर्शकों को बड़ी उम्मीदें हैं।

(साभार)


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